टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 मई 2025 को मंत्रिपरिषद की बैठक की गयी। जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।Jharkhand Professional Educational Institutions (Regulation of Fee) Bill, 2025 की स्वीकृति दी गई।झारखण्ड सरकारी माध्यमिक (Secondary, Class 9-12) आचार्य, प्रधानाचार्य एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति एवं सेवाशर्त्त नियमावली, 2025 की स्वीकृति दी गई।झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटो के शिविरों के दौरान भोजन भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।कानु राम नाग, झा०प्र०से० (द्वितीय बैच) के विरूद्ध विभागीय संकल्प सं0-27614(HRMS), दिनांक 04.10.2024 द्वारा अधिरोपित दण्ड सेवा से हटाया जाना, जो सरकार के अधीन आगामी नियोजन के लिए निरर्हता नहीं होगी, को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।मधुपुर शहरी जलापूर्ति योजना हेतु कुल रू० 76,63,95,178/- (छिहत्तर करोड़ तिरसठ लाख पन्चानवे हजार एक सौ अठहत्तर रूपये) के पुनरीक्षित तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन पर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।विश्व बैंक संपोषित झारखण्ड म्युनिसिपल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (JMDP) अंतर्गत Selection of Consultant for Revenue Augmentation Across Various ULBs in Jharkhand योजना की लागत राशि 10,70,70,160/-(दस करोड़ सत्तर लाख सत्तर हजार एक सौ साठ) (GST सहित) रूपये मात्र पर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद यथा 1. WPS No. 3836/2022, नागेश्वर प्रसाद सिंह बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य, 2. WPS No. 3710/2022, राज कुमार दास एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य तथा 3. WPS No. 3839/2022, जय प्रकाश सिंह बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में संयुक्त रुप से पारित न्यायादेश दिनांक-28.11.2023 के अनुपालन हेतु संबंधित छह (06) वादीगणों (सेवानिवृत लिपिको) की सेवा नियमित करते हुए उन्हें अनुमान्य वित्तीय लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।झारखंड उच्च न्यायालय मे दायर वाद WP (s) No 3511/2021 (सुनील कुमार बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य) संग WP (s) No 2825/2021 (सुनील कुमार बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य) मे दिनांक-04.04.2024 को पारित आदेश तथा उक्त से उद्भूत अवमानना वाद संख्या-530/2024 (सुनील कुमार बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य) संग अवमानना वाद संख्या-559/2024 (सुनील कुमार बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य) मे दिनांक-07.03.2025 को पारित आदेश के क्रम मे सुनील कुमार, पिता शिव शंकर प्रसाद एवं सुनील कुमार, पिता हनुमान सिंह की सेवा नियमित किए जाने की स्वीकृति दी गई।राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के निमय-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति की स्वीकृति दी गई।गिरिडीह जिलान्तर्गत बड़कीटांड-तीनपलली-डोकीडीह-गिरनिया मोड़ पथ (कुल लंबाई-11.065 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन एवं Plantation सहित) हेतु रू० 55,20,63,400/-(पचपन करोड़ बीस लाख तिरसठ हजार चार सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजनान्तर्गत 70 वर्ष की आयु से अधिक आयु वाले झारखण्ड राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना योजना से आच्छादित करने हेतु स्वीकृति दी गई।शेख भिखारी चिकित्सा महाविद्यालय, हजारीबाग, फूलो-झानो चिकित्सा महाविद्यालय, दुमका तथा मेदिनीराय चिकित्सा महाविद्यालय, पलामू में पूर्व से अधिष्ठापित लिफ्टों के वार्षिक रख-रखाव एवं संचालन (AMC) हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रवधानों को शिथिल करते हुए नियम-245 के अंतर्गत Schindler India Pvt. Ltd. के मनोनयन की स्वीकृति दी गई।झारखण्ड राज्य में व्यापार की सुगमता के तहत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा तैयार किये गये " Labour Reforms" के अनुपालन हेतु कारखाना अधिनियम, 1948 के केन्द्रीय अधिनियम संख्या 63 में संशोधन हेतु कारखाना (झारखण्ड) संशोधन विधेयक, 2025 की स्वीकृति दी गई।केन्द्र प्रायोजित मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत् पूरक पोषाहार कार्यक्रम अंतर्गत लाभार्थियों को Take Home Ration (THR) स्वरूप Micronutrient Fortified Food and/or Energy Dense Food (MFEDF) के निर्बाध वितरण सुनश्चित करने निमित्त एतद् सामग्रियों की आपूर्ति इसके वर्तमान निर्माणकर्त्ता-सह-आपूर्तिकर्त्ता से प्राप्त करने की अवधि दिनांक-31.05.2025 तक विस्तारित करने संबंधी प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।पथ प्रमंडल, धनबाद अंतर्गत Widening and Existing RUB (Rail Under Bridge) Bridge No.-1, Gaya Bridge of Railway at Km 12.00 of NH-32 in Dhanbad Under DMFT Fund For The Year of 2023-24 कार्य की निविदा में निविदाकार द्वारा निगोशिएटेड राशि, जो परिमाण विपत्र की राशि से 17.895 प्रतिशत अधिक है, के निस्तार हेतु मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग (गो० को०) के संकल्प सं0-948 अनु०, दिनांक- 16.07.198 द्वारा एक वर्ष से अधिक कार्यावधि के लिए निविदा निस्तार हेतु दस प्रतिशत की निर्धारित (अधिसीमा) को शिथिल करते हुए उपर्युक्त निविदा के निष्पादन हेतु विभागीय निविदा समिति को परिमाण विपत्र की राशि से 17.895 प्रतिशत अधिक राशि तक निविदा निस्तार की शक्ति विस्तार का प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई।संप्रति लागू बिहार कारा हस्तक (झारखण्ड सरकार द्वारा अंगीकृत) को repeal कर नये झारखण्ड कारा हस्तक-2025 (Jharkhand Jail Manual-2025) के प्रारूप पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।
30% सब्सिडी पर करें 7 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, रेलवे और आईआरसीटीसी की अनूठी पहल एबीएन सेंट्रल डेस्क। अपना देश और एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत रेल मंत्रालय और आईआरसीटीसी की ओर से भारत गौरव पर्यटन ट्रेन की शुरुआत की जायेगी। यह ट्रेन 31 मई को धनबाद से खुलेगी और कोडरमा के रास्ते बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों का भ्रमण कराते हुए पर्यटकों को 7 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करायेगी। इसके लिए एक आकर्षक पैकेज तैयार किया गया है, जिसमें रेल मंत्रालय की ओर से 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। यह पर्यटन ट्रेन इसलिए शुरू की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग एक साथ देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देख और अनुभव कर सकें। आईआरसीटीसी के उप महाप्रबंधक एस गेराल्ड सोरेग ने बताया कि 13 दिनों की इस यात्रा के लिए आकर्षक टूर पैकेज तैयार किया गया है, जिसमें पर्यटकों को कन्फर्म ट्रेन टिकट से लेकर यात्रा, ठहरने और खाने-पीने की सारी सुविधाएं मुहैया करायी जायेंगी। आईआरसीटीसी के झारखंड के पर्यटन अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि यह ट्रेन भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को प्रदर्शित करने का एक बेहतर माध्यम है। 13 दिन के स्टोर पैकेज में लोगों को उज्जैन के महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर, द्वारका के नागेश्वर, सोमनाथ, नासिक के त्रयंबकेश्वर, पुणे के भीमाशंकर और औरंगाबाद के घृष्णेश्वर के अलावा शिरडी के साईं मंदिर और द्वारकाधीश के दर्शन कराये जायेंगे।
झारखंड सरकार का बड़ा फैसला टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने मॉनसून के पहले गरीबों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सरकार ने फैसला लिया है कि 2.88 करोड़ राशन कार्डधारकों को जून, जुलाई और अगस्त के लिए राशन एक साथ दिया जायेगा। यह फैसला मॉनसून और बारिश-बाढ़ की आशंका को देखते हुए लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि आपदा के समय भी कोई गरीब भूखा न सोये। सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि राशन वितरण में कोई लापरवाही न हो और लाभुकों को समय पर और सुरक्षित ढंग से राशन मिले। खाद्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी खुद वितरण कार्यों की निगरानी करेंगे और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और हर प्रकार की आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी की है। मंत्री ने सभी डीएसओ और एफसीआई अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाने का निर्देश दिया है, जिसमें अनाज की व्यवस्था, गोदामों की उपलब्धता और राशन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर चर्चा होगी।
यूएनएससी में पाकिस्तान के खिलाफ सबूत पेश करेगा भारत एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 प्रतिबंध समिति की आगामी बैठक में पाकिस्तान की आतंकवाद में संलिप्तता के नवीनतम सबूत प्रस्तुत करने की योजना बनायी है। यह बैठक अगले सप्ताह होने वाली है, जिसमें भारत की एक उच्च स्तरीय टीम भाग लेगी। इसका उद्देश्य पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना है, जो भारत में कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार रहे हैं। भारत की चिंताभारत ने पहले भी पाकिस्तान को आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बताया है, जो 20 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सूचीबद्ध आतंकवादी संस्थाओं को पनाह देता है और सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करता है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद में संलिप्तता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चीन की भूमिकाभारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए कई प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं, लेकिन चीन ने बार-बार इन प्रस्तावों को रोक दिया है। उदाहरण के लिए, चीन ने 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को रोक दिया था।
रोज सामने आ रहे इन नये-नये शब्दों का मतलब जान लीजिये भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर लगातार नये अपडेट सामने आ रहे हैं। सेना और विदेश मंत्रालय की ओर से समय-समय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ताजा हालात की सूचना दी जा रही है। इस बीच प्रेस ब्रीफिंग हो या खबर, अपने ऐसे कई शब्द सुने या पढ़े होंगे जिनका मतलब बहुत कम लोग जानते होंगे। आइए ऐसे शब्द और उनका अर्थ समझते हैंएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति लगातार बढ़ रही है। आॅपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान भारत की सीमा से सटे इलाकों में भारी गोलाबारी कर रहा है। भारत भी पाकिस्तान का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। भारतीय सैन्य और विदेश मंत्रालय द्वारा प्रेस ब्रीफिंग के जरिए ताजा हालात की जानकारी दी जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंग से जुड़ी खबरों में अपने कई शब्द शायद पहली बार सुने होंगे। आइए ऐसे शब्द और उनका मतलब जानते हैं। एलएसी क्या है : एलएसी (लाइन आॅफ एक्चुअल कंट्रोल), भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर से अधिक लंबी अनौपचारिक सीमा है, जिसे वास्तविक नियंत्रण रेखा कहा जाता है। यह पश्चिम में लद्दाख से पूर्व अरुणाचल प्रदेश तक फैली हुई है। हालांकि चीन इसे करीब 2000 किलोमीटर लंबा ही मानता है। 2020 में गलवान घाटी में एलएसी पर भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। एलओसी क्या है : एलओसी (लाइन आॅफ कंट्रोल), यह भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा है, जो 1971 के युद्ध के बाद सिमला समझौते के तहत स्थापित हुई। एलओसी एक अस्थायी सैन्य सीमा है, जो दोनों देशों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को अलग करती है। यह सियाचिन ग्लेशियर से लेकर जम्मू तक फैली है। अंतरराष्ट्रीय सीमा क्या है : अंतरराष्ट्रीय सीमा यह भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त सीमा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत दोनों देशों द्वारा स्वीकार की गयी है। यह पंजाब, राजस्थान और गुजरात में फैली है और रेडक्लिफ रेखा पर आधारित है। इसे स्थायी और स्पष्ट सीमा माना जाता है। वाघा-अटारी सीमा अंतरराष्ट्रीय सीमा का हिस्सा है, जहां परेड होती है। एलएसी, एलओसी, अंतरराष्ट्रीय सीमा में क्या अंतर है : एलएसी भारत-चीन के बीच, एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा भारत-पाकिस्तान के बीच है। एलएसी अनौपचारिक और अस्पष्ट है, जबकि एलओसी अस्थायी लेकिन परिभाषित है, और अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थायी और कानूनी रूप से मान्य है। भारतीय इंटीग्रेटेड अनआर्म्ड एरियल सिस्टम : भारतीय इंटीग्रेटेड अनआर्म्ड एरियल सिस्टम (सी-यूएएस) एक उन्नत रक्षा प्रणाली है, जो अनधिकृत ड्रोन्स का पता लगाने, ट्रैक करने और निष्क्रिय करने के लिए डिजाइन की गयी है। यह रडार, रेडियो फ्रीक्वेंसी सेंसर, आॅप्टिकल कैमरे और ध्वनिक डिटेक्टरों का उपयोग करता है। आॅपरेशन सिंदूर में इसने पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को निष्प्रभावी किया है। यह प्रणाली भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत करती है और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में महत्वपूर्ण है। वायु रक्षा रडार : वायु रक्षा रडार भारत की हवाई सुरक्षा का आधार हैं, जो विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स जैसे हवाई खतरों का पता लगाते हैं। स्वदेशी रडार जैसे राजेंद्र, स्वॉर्डफिश और रोहिणी सटीक ट्रैकिंग और लक्ष्य पहचान में सक्षम हैं। ये रडार एस-400, आकाश और बराक-8 जैसे वायु रक्षा सिस्टम के साथ मिलकर कई स्तर पर सुरक्षा करते हैं। ऊफऊड द्वारा विकसित ये सिस्टम आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देते हैं। टेक्निकल इंस्टॉलेशन : यह सैन्य उपकरणों, जैसे रडार, संचार प्रणाली, या ड्रोन लॉन्च सिस्टम को स्थापित करने और संचालित करने की सुविधाएं हैं। जैसे आपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस रडार साइट्स को नष्ट किया, जो टेक्निकल इंस्टॉलेशन का हिस्सा हैं। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर : सैन्य मुख्यालय को कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कहा जाता है, जहां से युद्ध की रणनीति बनाई जाती है, आदेश दिये जाते हैं और मिलिट्री एक्टिविटीज को कंट्रोल किया जाता है। भारत ने स्पष्ट किया कि उसने आॅपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के किसी कमांड सेंटर को निशाना नहीं बनाया। रडार साइट : यह ऐसी जगह है जहां रडार सिस्टम स्थापित किये जाते हैं, जो दुश्मन के विमानों, मिसाइलों या ड्रोन्स का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ट्यूब ड्रोन सिस्टम : यह एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें ड्रोन को ट्यूब या कैनिस्टर से लॉन्च किया जाता है। ये ड्रोन निगरानी, हमले, या इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए उपयोगी हैं। भारत ने आॅपरेशन सिंदूर में हारोप ड्रोन का उपयोग किया, जो ट्यूब-लॉन्च सिस्टम से संचालित होता है। आर्टिलरी गन सिस्टम : एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम एक स्वदेशी तोप है, जो लंबी दूरी तक सटीक हमले करने में सक्षम है। यह इलेक्ट्रिक ड्राइव से संचालित होती है और भविष्य में लंबी दूरी की गाइडेड म्यूनिशन्स को फायर कर सकती है। अन सब का विकास किया जा रहा है और यह युद्ध में गेमचेंजर साबित हो सकता है। आर्टिलरी रेजिमेंट : युद्ध में तोपों, रॉकेट्स, और मिसाइलों का उपयोग करने वाली सेना की शाखा। यह दुश्मन की रक्षा को तोड़ने में मदद करती है। इन्फेंट्री : सेना का वह हिस्सा जो पैदल युद्ध लड़ता है और सीधे दुश्मन से मुकाबला करता है। एयर डिफेंस सिस्टम : दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को रोकने के लिए रडार और मिसाइलों का सिस्टम, जैसे एस-400। स्वार्म ड्रोन : कई ड्रोन जो एक साथ समन्वित रूप से हमला करते हैं, जैसे भारत का न्यूस्पेस स्वार्म यूएवी। लॉइटरिंग म्यूनिशन : ऐसे ड्रोन जो टारगेट के ऊपर मंडराते हैं और सही समय पर हमला करते हैं, जैसे हारोप। पिनाका रॉकेट सिस्टम : स्वदेशी रॉकेट सिस्टम, जो 90 किमी तक हमला कर सकता है। प्रलय मिसाइल : जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल, जो 10 मीटर की सटीकता के साथ टारगेट को नष्ट करती है। बराक-8 मिसाइल : लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, जो नौसेना और सेना में उपयोगी है। एएसएटी मिसाइल : एंटी-सैटेलाइट मिसाइल, जो दुश्मन के सैटेलाइट्स को नष्ट कर सकती है। के9 वज्र : स्वदेशी सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी गन, जो 36 किमी तक हमला कर सकती है। धनुष तोप : बोफोर्स तोप के डिजाइन पर स्वदेशी संस्करण, जिसकी रेंज 27-36 किमी है। धनुष तोप भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित 155 मिमी, 45 कैलिबर की आधुनिक तोप है। धनुष तोप भारतीय सेना की आर्टिलरी मोडराइजेशन प्रोग्राम का हिस्सा है और इसे 2019 में सेवा में शामिल किया गया। बोफोर्स गन : बोफोर्स गन एक 155 मिमी, 39 कैलिबर की स्वीडिश निर्मित तोप है, जिसे 1980 के दशक में भारतीय सेना ने खरीदा था। यह अपनी सटीकता, विश्वसनीयता और 30 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के लिए जानी जाती है। कारगिल युद्ध में इसकी प्रभावशीलता ने इसे भारतीय सेना का महत्वपूर्ण हथियार बनाया। रेजिमेंट : सेना की एक इकाई, जिसमें विशिष्ट क्षेत्र या समुदाय के सैनिक शामिल होते हैं, जैसे राजपुताना राइफल्स। युद्ध घोष : रेजिमेंट का नारा, जो सैनिकों का उत्साह बढ़ाता है, जैसे मराठा लाइट इन्फैंट्री - बोला श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की जय!, राजपूत रेजिमेंट: राजा रामचंद्र की जय!, सिख रेजिमेंट: जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल! और गोरखा रेजिमेंट: जय महाकाली, आयो गोरखाली! गनर : आर्टिलरी रेजिमेंट का सैनिक, जो तोप या मिसाइल संचालित करता है। सर्विलांस : दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने की प्रक्रिया, जैसे ड्रोन या रडार से। डिसइंगेजमेंट : सैनिकों को सीमा से पीछे हटाने की प्रक्रिया, जैसे एलएसी पर भारत-चीन समझौता। पैट्रोलिंग : सीमा पर गश्त करना, ताकि घुसपैठ या हमले का पता लगाया जा सके।
पोलपोल में पूर्नवासित लोगों से मिली झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा गांव : उपायुक्त पलामू व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्रों से 79 परिवारों को बसाये जाने की हुई पहल पोलपोल में बसा दिये गये 57 परिवार एबीएन न्यूज नेटवर्क, पोलपोल/ मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी आज पलामू जिले के पोलपोल गांव पहुंचकर पलामू व्याघ्र परियोजना से पुनर्वासित लोगों से मिली। उनसे बातचीत की और उन्हें मिली आवास एवं सुविधाओं से अवगत हुईं। पुनर्वासित लोगों ने मुख्य सचिव को बताया कि यह स्थान उनके लिए काफी उपयुक्त है। सरकार व स्थानीय प्रशासन की ओर से सुविधायुक्त आवास मिला है। जहां आवासन से उन्हें आनंद की अनुभूति हो रही है। सभी खुश हैं। मुख्य सचिव ने लोगों को आश्वस्त किया कि सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने पुनर्वासित लोगों को संपत्ति में दस्तावेजी अधिकार देने की बातें कही। उन्होंने आवंटित भूमि, मकान का मालिकाना हक प्रदान करने की पहल करने का निदेश दिया। मालिकाना हक प्रदान करने के लिए उन्होंने प्रावधान के अनुरूप आवंटित संपत्ति/भूमि के रजिस्टर-2 में नाम दर्ज कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर राज्य को भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसे माडल ग्राम के रूप में विकसित करने में राज्य से सहयोग प्रदान किया जायेगा। उन्होंने सभी परिवारों का आधार कार्ड बनवाने एवं बने आधार कार्ड में पत्ता बदलवाने तथा सभी पुनर्वासित परिवारों को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, सिंचाई विभाग आदि विभिन्न विभागों की योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र से जोड़कर शिक्षा ग्रहण कराने का निर्देश दिया।पलामू उपायुक्त शशि रंजन ने पुनर्वासित लोगों को सुविधा मुहैया कराये जाने से संबंधित योजनाओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बिजली, पानी एवं अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधायुत आवास लाभुकों को उपलब्ध कराये गये हैं। साथ ही कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं से लाभुकों को लाभ देने का प्रयास जारी है। नाहर के माध्यम से यहां सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि सभी कार्डधारियों को राशन मुहैया करायी जा रही है। इसकी और सुगम व्यवस्था होगी। उन्होंने पुनर्वासित लोगों के आवंटित आवासों पर सोहराई पेंटिंग या पुनर्वासित लोगों के पसंद के अनुरूप पेटिंग बनवाने, पाथवे, कम्यूनिटी सेंटर आदि बनाकर मॉडल गांव के रूप में विकसित किये जाने की पहल की जायेगी। उन्होंने गांव में व्यापक सुविधा बहाल करने को लेकर राज्य से सहयोग की अपेक्षा जतायी। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। विदित हो कि व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को जीवन परिवर्तित करने, वन्य जीवों से सुरक्षा प्रदान करने एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ बिजली, पानी की सुविधा एवं पक्का मकान का सपना साकार करने को लेकर पलामू व्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्रों से वन विभाग के पुनर्वास योजना के तहत सुरक्षित स्थान पोलपोल में बसाया जा रहा है। इसके तहत वन विभाग के कोर क्षेत्र गारू प्रखंड के कुजरूम से 57 एवं जयगीर से 22 परिवारों को बसाया जा रहा है। इसमें जयगीर से 22 एवं कुजरूम से 35 परिवार बसाये जा चुके हैं। इससे ग्रामीणों को फायदा हो रहा है। ग्रामीणों को प्रति लाभुक बड़ी नगद राशि भी प्रदान की जा रही है।पोलपोल में मुख्य सचिव के आगमन कार्यक्रम में वन व कृषि विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्धिकी, जल संसाधन के सचिव प्रशांत कुमार, पलामू उपायुक्त शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन, गढ़वा उपायुक्त शेखर जमुआर, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडेय, लातेहार उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, पलामू ब्याघ्र परियोजना के निदेशक एस.आर. नटेश, उप निदेशक कुमार आशीष, पलामू के उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद, पलामू के वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, अनुमंडल, प्रखंड-अंचल स्तरीय व वन विभाग एवं पलामू ब्याघ्र परियोजना के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
SBI, PNB समेत इन बैंकों ने कहा, ATM और डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू, अफवाहों पर ध्यान न देंएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और कई अन्य बैंकों ने शुक्रवार को कहा कि उनके एटीएम पूरी तरह से चालू हैं, उनमें पर्याप्त नकदी है और डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। सोशल मीडिया पर आई उन खबरों की पृष्ठभूमि में यह बयान जारी किया गया जिनमें दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच आने वाले दिन में एटीएम बंद हो सकते हैं। बैंकों ने यह भी कहा कि उनकी सभी डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, हमारे सभी एटीएम, सीडीएम/एडीडब्ल्यूएम और डिजिटल सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं और जनता के लिए उपलब्ध हैं। भारत के सबसे बड़े ऋणदाता ने अपने ग्राहकों को असत्यापित जानकारी पर भरोसा न करने की सलाह भी दी है। बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब एंड सिंध बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने भी इसी तरह के संदेश जारी किये। पंजाब नेशनल बैंक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, हमारी सभी डिजिटल सेवाएं भी सुचारू रूप से चल रही हैं, जिससे आपको घर बैठे सहज बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित हो रहा है। इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम को बैंकों और वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर समीक्षा बैठक करेंगी।
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को जारी किये निर्देशएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सख्त निर्देश जारी किये हैं। युद्ध के हालात के बीच भारत पूरी तरह से तैयार है। आज सुबह भी पाकिस्तान द्वारा भेजे गए कई ड्रोन व मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किये हैं।राज्यों को नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों को सक्रिय करने, मॉक ड्रिल आयोजित करने और आवश्यक सेवाओं की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों मुख्य सचिवों और प्रशासकों को पूरी तरह से तैयार रहने की सलाह दी है। इसके अलावा, मंत्रालय ने युद्ध के दौरान जरूरी सामग्री जैसे रसद आदि की खरीदारी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि जब जरूरत पड़े, ये सामग्रियां सभी को उपलब्ध कराई जा सकें। आपात स्थितियों के लिए नागरिकों को तैयार करने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित कर रहे हैं तथा उन्हें हवाई हमलों, ब्लैकआउट और आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके अलावा एम्स दिल्ली जैसे अस्पतालों को भी हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है और आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति और स्टाफ तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके बाद पंजाब सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर दी गई हैं तथा हवाई अड्डों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
साउथ ब्लॉक में राजनाथ सिंह कर रहे सुरक्षा बैठकएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह साउथ ब्लॉक में CDS जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और रक्षा सचिव आरके सिंह के साथ स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.