टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड अधिविद्य परिषद के अध्यक्ष डॉ नटवा हांसदा ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। मनरेगा महत्वकांक्षी योजना है। इससे समाज के लोगों को उनके घर पर ही काम करने का अवसर प्राप्त होता है। मनरेगा के कार्यों को आगे बढ़ाने में सभी का सहयोग अपेक्षित है। यह बातें जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिमा देवी ने कही। वे आज मनरेगा सप्ताह के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। समाहणालय के ब्लॉक-सी स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मनरेगा के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मनित किया गया।
इस अवसर पर महिला मेठ सहित 100 मानव दिवस सृजन करने वाले श्रमिकों, वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रखंड स्तर पर मानव दिवस सृजन कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, पंचायत स्तर पर मानव दिवस सृजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले रोजगार सेवक, सबसे ज्यादा बागवानी योजना को आनगोइंग करने वाले प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले बागवानी सखी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद ने कहा कि मनरेगा कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक बदालाव आ रहे हैं। ग्रामीणों क्षेत्रों में रहन-सहन भी बदले हैं। यह सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे लोगों को मिल रहा है। मनरेगा के तहत हर हाथ को काम देने की कोषिष की गयी है। इसके प्रावधानों के अनुसार 100 दिनों का रोजगार, महिलाओं की भागीदारी, ससमय मजदूरी भुगतान कर योजनाओं को क्रायान्वित कराया जा रहा है।
निदेशक, जिला ग्रामीण विकास शाखा, पलामू, रतन कुमार ने मनरेगा सप्ताह के आयोजन एवं उसके प्रमुख उद्देष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनरेगा सप्ताह के माध्यम से मनरेगा में जन भागीदारी एवं लोगों को जानकारी देना है। मनरेगा रोजगार उन्मुख कार्यक्रम है। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किये जाने से मनरेगा में अधिक-से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चत हो सकेगी।
मनरेगा लोकपाल शंकर कुमार ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्राम-पंचायत स्तर पर अच्छे कार्य हो रहे हैं। मनरेगा संबंधी विभिन्न कार्यो से गांव-पंचायत के लोग सीधे जुड़े हैं, इससे उनका आर्थिक समृद्धि आयी है। उन्होंने मनरेगा में सजगता पूर्वक कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कार्य में शिकायत मिलने की स्थिति में उसका निराकरण करते हुए गुणात्मक कार्य पूर्ण कराने की दिशा में पहल की जाते रही है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज पदाधिकारी पलामू विनय कुमार श्रीवास्तव, परियोजना पदाधिकारी उपेन्द्र राम, कार्यालय प्रबंधक धनंजय कुमार, तकनीकी सहायक संजीत कुमार सिंह, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, रोजगार सेवक, महिला मेठ, बागवानी सखी, श्रमिक आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने आज यानी गुरुवार को कोलकाता स्थित कालीघाट शक्तिपीठ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पत्नी संग मंदिर की परिक्रमा कर राज्य की उन्नति, सुख समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
इस दौरान सीएम के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी मौजूद थे। बता दें कि बीते बुधवार को सीएम हेमंत कोलकाता पहुंचे थे। यहां वह आयोजित बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट- 2025 के आठवें संस्करण के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोलकाता में 5 और 6 फरवरी को आयोजित हो रहे बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था।
बता दें कि कालीघाट शक्तिपीठ, जिसे दक्षिण काली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह कोलकाता के सबसे प्रतिष्ठित और प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर देवी काली को समर्पित है, जहां माता सती के दाहिने पैर का अंगूठा गिरने का उल्लेख है। मंदिर में स्थापित देवी काली की प्रचंड प्रतिमा उनकी शक्ति और भक्ति का प्रतीक है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला-2025 का आयोजन 11 एवं 12 फरवरी को दुबियाखांड़ में होगा। पलामू जिला प्रशासन इस दो दिवसीय आयोजन को वृहद रूप देने के प्रयास में जुटी है। मेले में जनजातीय विकास की थीम पर समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक दिखाने की पूरी तैयारी की जा रही है। आदिवासी विकास महाकुंभ मेला में जहां कई जनजातीय सेलिब्रिटी जुटेंगे, वहीं जनजातीय विषयों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का आयोजन होगा।
मेला में जनजातीय वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई देगी। वहीं पारंपारिक वेशभूषा में स्थानीय कलाकार एवं समाज के दूसरे प्रदेशों में निवास कर रहे जनजातीय कलाकार ढोल, नगाड़ा व मांदर की थाप पर थिरकते नजर आयेंगे। राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला के सफल संचालन को लेकर आज मेदिनीनगर नगर निगम के नगर आयुक्त जावेद हुसैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार एवं उपविकास आयुक्त शब्बीर अहमद भी थे।
राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला परिसर में जिला प्रशासन की ओर से वृहद तैयारी प्रारंभ कर दी गयी है। मेला परिसर में 40 से अधिक स्टॉल लगाये जा रहे हैं। यहां जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों को स्टॉल आवंटित किये जायेंगे, जहां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ सीधे लाभुक वर्ग को मिलेगी। मेला में आमजनों को चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाते हुए स्वास्थ्य लाभ दिया जायेगा। इसके लिए मेला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टॉल लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जायेगी।
वहीं जरूरतमंद व्यक्तियों को आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध करायी जायेगी। आई आन विल्स के माध्यम से जरूरतमंदों का नेत्र जांच भी की जायेगी। सामाज कल्याण विभाग की ओर से महिलाओं को गोद भराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन की रस्में पूरी की जायेगी। छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान किये जायेंगे। साथ ही जरूरतमंद व्यक्तियों को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किये जाने की रूपरेखा तय की जा रही है।
मेला आयोजन को लेकर यातायात प्रबंधन, विधि व्यवस्था संधारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यातायात प्रबंधन की ऐसी रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे राहगीरों को किसी तरह की कोई कठिनाई नहीं हो और न ही मेला में आने वाले आगंतुकों को किसी तरह की कोई असुविधा हो। मेला में आने वाले आगंतुकों को पेयजल सुविधा के लिए मेला परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में अवस्थित चापानलों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। मेला के सफल आयोजन में एनसीसी तथा स्काउट एंड गाइड के वोलेंटियर के अलावा मेला आयोजन समिति के वोलेंटियर एवं पुलिस बल लगाये जायेंगे। साथ ही बैरिकेडिंग की जायेगी तथा स्थल चिह्नित करते हुए पार्किंग की पर्याप्त सुविधा मुहैया करायी जायेगी।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ अनिल सिंह, एनडीसी विक्रम आनंद, जिला कल्याण पदाधिकारी सेवा राम साहू, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, सदर अंचल अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह, सचिव हृदयानंद सिंह, उमेश सिंह, भर्दुल कुमार सिंह, अवधेश सिंह चेरो, रविन्द्र सिंह चेरो, उपाध्याय सिंह रामटहल मिस्त्री आदि उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनियाभर के देश डेटा सेफ्टी को लेकर तमाम तरह के कदम उठा रहे हैं। दुनिया जब एआई में एंट्री कर चुकी है तो ऐसे में देश के डेटा को सेफ रख पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। भारत सरकार ने डेटा सुरक्षा के महत्व को समझते हुए फाइनेंस मिनिस्ट्री के कर्मचारियों को चैटजीपीटी और डीपसीक जैसे एआई टूल्स का उपयोग से मना किया है।
फाइनेंस मिनिस्ट्री द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि इन टूल्स का इस्तेमाल सरकारी दस्तावेजों और संवेदनशील डेटा की गोपनीयता में सेंध लगा सकता है। वित्त मंत्रालय की यह एडवाइजरी 29 जनवरी को जारी की गयी है। वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों को सरकारी सिस्टम और उपकरणों पर एआई आधारित ऐप्स के उपयोग से बचने की सलाह दी गयी है।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि भी की है। उनका कहना है कि यह निर्देश वास्तविक है और हाल ही में जारी किया गया था। इसी बीच, भारत अपने स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने की योजना बना रहा है। बता दें कि डीपसीक को आॅस्ट्रेलिया, इटली और नीदरलैंड में भी गोपनीयता चिंताओं के कारण प्रतिबंधित किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने आम लोगों से स्टार्टअप आइडिया आमंत्रित किये हैं। चार फरवरी से यूआरएल http://abvil.jharkhand.gov.in पर जाकर स्टार्टअप आइडिया दिया जा सकता है। स्टेट इवैल्यूएशन बोर्ड की बैठक बुलाकर स्टार्टअप आइडिया का चयन किया जायेगा। चयनित आइडिया पर स्टार्टअप शुरू करने के लिए राज्य सरकार मदद देगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर तैयार की गयी झारखंड स्टार्टअप नीति को कैबिनेट ने दिसंबर 2023 में स्वीकृति दी थी। नीति के संचालन और क्रियान्वयन के लिए एबीवीआइएल का गठन कंपनीज एक्ट 2013 के तहत सेक्शन 8 के रूप में किया गया है। इस एजेंसी का कार्य राज्य में स्टार्टअप का चयन करना और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अगले तीन वर्षों के दौरान राज्य में एक हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। सूचना तकनीक और ई-गवर्नेंस विभाग राज्य में स्टार्टअप के अनुकूल इकोसिस्टम तैयार कर देश के अग्रणी 10 राज्यों में झारखंड को शामिल करने का प्रयास कर रहा है।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। केन्द्र सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) अभियान के तहत झारखंड के पलामू जिले में प्रशासन और समाज कल्याण कार्यालय की ओर से शुरू किये गये 100 दिन संकल्प अभियान के तहत विभिन्न विषयों पर 70 से अधिक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें विभिन्न आय वर्ग के लाखों लोगों को जोड़ा गया।
केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सोमवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीबीबीपी की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पलामू जिले में किशोरियों और महिलाओं, खास तौर पर ग्रामीण समुदायों को प्रभावित करने वाली सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिये विशेष अभियान चलाया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह अभियान महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्रित था।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। जमशेदपुर-चक्रधरपुर रेल मंडल के अधीन वाले 13 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प होगा केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इन स्टेशनों के कायाकल्प का काम तेजी से किया जा रहा है।
चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत आनेवाले स्टेशनों में तेजी से काम चल रहा है। इसी के मद्देनजर आदित्यपुर रेलवे स्टेशन की खूबसूरती देखते ही बन रही है। स्टेशन के सौंदर्यीकरण के साथ ही यात्री सुविधा बढ़ाकर पर्यावरण सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। स्टेशन के कायाकल्प के लिए छह मार्च से एजेंसियों से आवेदन लिये जायेंगे।
पहले फेज में आदित्यपुर रेलवे स्टेशन कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। स्टेशन के चारों ओर कला और संस्कृति से संबंधित भव्य चित्र बनाये गये हैं। आदित्यपुर स्टेशन के सामने पार्क में मां दुर्गा की प्रतिमा, हाथी-हिरण, भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू कानू तथा आदिवासी संस्कृति जुड़ी तरह-तरह की नक्काशी की गयी है।
इसे देखने के लिए स्टेशन के आस-पास हर दिन भीड़ लग रही है। लोग सेल्फी ले रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मार्च तक आदित्यपुर रेलवे स्टेशन में एक से लेकर पांच प्लेटफार्म पर ट्रेनों का ठहराव शुरू हो जायेगा, जिससे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।
डीआरएम ने पूर्व में निरीक्षण के दौरान कहा था कि जून तक टाटानगर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का काम भी शुरू हो जायेगा। इसके बाद आदित्यपुर स्टेशन में ट्रेनों का ठहराव होगा। आदित्यपुर रेलवे स्टेशन पर होने वाले कई काम अभी बाकी हैं।
तीन प्लेटफॉर्म बनाने के अलावा एक नया फुट ओवर ब्रिज बनाया जाना है। सर्कुलेटिंग एरिया को भी विकसित किया जाना है। रेलवे विकास निगम लिमिटेड ने आदित्यपुर रेलवे स्टेशन भवन बनाकर तैयार कर दिया है। प्लेटफॉर्म का निर्माण चल रहा है।
टाटानगर इंड की ओर नया फुटओवर ब्रिज का निर्माण कार्य 30 प्रतिशत ही बचा है। स्टेशन के आगे पार्किंग एरिया, मुख्य सड़क आदि का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। सुंदरता बनाये रखने के लिए सामने सड़क पर लाइटिंग के अलावा पेड़ पौधे भी लगाये गये हैं।
आदित्यपुर में पांच प्लेटफॉर्म बनेंगे। प्लेटफॉर्म पर छह स्टॉल खुलेंगे। स्टेशन के बाहर रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स होगा। आरपीएफ का भवन तैयार हो गया है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है। आइआरसीटीसी का फूड प्लाजा होगा। प्लेटफॉर्म पर फाउंटेन भी लगाया जायेगा। इन-आउट एरिया में बड़ा गेट लगाया जायेगा।
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