विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला इस बार होगा और भव्य, सीएम हेमंत सोरेन ने अफसरों को दिए खास निर्देश टीम एबीएन, देवघर/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 11 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2025 की तैयारियों को लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम- बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकार एवं वरीय पदाधिकारियों के साथ आज शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। श्री लोक कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने राजकीय श्रावणी मेले से जुड़ी सारी तैयारियां ससमय पूरी करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने श्रावणी मेले की चल रही तैयारियों की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला हमारी आस्था का एक बड़ा केंद्र है। श्रावणी मेले से झारखंड को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान मिली है। हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा नगरी आते हैं।हर वर्ष इस विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को काफी बेहतर तरीके से आयोजित करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में वे यहां से बेहतर अनुभव लेकर जायें, इसके लिए श्रावणी मेले में नई कड़ियों को जोड़ने के साथ इसे और भी भव्य स्वरूप देने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए जो भी जरूरतें होंगी, उसे उपलब्ध कराया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेले में सुरक्षा, स्वच्छता, विश्राम, पेयजल, बिजली, पानी, शौचालय, स्नानागार, यातायात और स्वास्थ्य से संबंधित सारी व्यवस्थाएं पुख्ता होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर तैयारियों को अंतिम रूप दें। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि वे श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर विभागों द्वारा की जा रही व्यवस्था की मॉनिटरिंग करें।
रांची जिला में सर्वजन पेंशन योजना के पेंशनधारियों को मई तक की पेंशन राशि का भुगतान टीम एबीएन, रांची। रांची जिला में सर्वजन पेंशन योजना अंतर्गत पेंशनधारियों को मई महीने तक के पेंशन राशि का भुगतान कर दिया गया है। राज्य संपोषित सर्वजन पेंशन योजना अंतर्गत जिले में कुल 2 लाख 14 हजार 350 लाभुकों के बैंक खाते में राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की गयी है। इनमें मुख्यमंत्री राज्य आदिम जनजाति पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना, एचआईवी/एड्स पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (थर्ड जेंडर) के लाभुक शामिल हैं। सर्वजन पेंशन योजना अंतर्गत लाभुकों की संख्या निम्न हैं, जिनके बैंक खाते में पेंशन राशि ट्रांसफर की गयी है:-मुख्यमंत्री राज्य आदिम जनजाति पेंशन योजना - 335मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना - 47424मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना - 166180एचआईवी/एड्स पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना - 404मुख्यमंत्री राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (थर्ड जेंडर) - 07सभी 2 लाख14 हजार 350 लाभुकों के बैंक खाते में एक-एक हजार की पेंशन राशि ट्रांसफर की गयी है।
मदरसा छात्रों को मिलेगी निःशुल्क पाठ्य सामग्री, झारखंड कैबिनेट ने दी मंजूरीटीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में 10 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में राज्य के अल्पसंख्यक, शिक्षा और कर्मचारी हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।राज्य सरकार ने मदरसे, संस्कृत विद्यालय और अन्य गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के नवमी और दसवीं कक्षा के छात्रों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें और कॉपियां देने का फैसला किया है। इस योजना से राज्य के कुल 41,755 छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। इसके लिए सरकार हर साल 4.84 करोड़ रुपये खर्च करेगी। झारखंड मैनपॉवर आउटसोर्सिंग रेगुलेशन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत अब किसी भी कर्मी को न्यूनतम 5 वर्षों के लिए आउटसोर्स पर नियुक्त किया जाएगा और 3 वर्षों का अतिरिक्त विस्तार (एक्सटेंशन) भी मिल सकेगा। कर्मचारियों को सालाना 3% इंक्रीमेंट मिलेगा और सर्विस प्रोवाइडर को न्यूनतम वेतन देना अनिवार्य होगा।इसके लिए अलग से वेतन निर्धारण कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही आरक्षण नीति का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और जैप-आईटी में गिरिवांस सेल का गठन भी किया जाएगा। आउटसोर्स कर्मियों को 4 लाख रुपये तक का एक्सीडेंटल ग्रुप इंश्योरेंस प्रदान किया जाएगा।सरकारी स्कूलों में नवमी से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को विज्ञान की पत्रिका और 11वीं 12वीं कक्षा के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मासिक पत्रिका दी जाएगी।राज्य सरकार ने झारखंड जल संरक्षण आयोग के गठन को भी मंजूरी दी है। इसका कार्यकाल 2 वर्ष होगा। विकास आयुक्त इसके अध्यक्ष होंगे जबकि विभागीय सचिव सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे। आयोग में अन्य तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
झारखंड में नकली दवा बेचने वालों पर सख्तीबिना QR कोड वाली दवाएं नहीं बिकेंगीटीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने राज्य में नकली दवाओं के कारोबार पर नकेल कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने ऐलान किया है कि अब राज्य में कुछ खास दवाएं केवल QR कोड के साथ ही बेची जाएंगी। इनमें दर्द निवारक, विटामिन सप्लीमेंट्स, डायबिटीज की दवाएं, गर्भनिरोधक गोलियां, थायरॉयड, एंटी एलर्जी और एंटीप्लेटलेट दवाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि QR कोड से मरीज दवा की असली जानकारी जैसे मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस और बैच नंबर आसानी से मोबाइल से स्कैन कर प्राप्त कर सकेंगे। इससे नकली और असली दवा की पहचान करना आसान होगा। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने दवा दुकानदारों को चेतावनी दी है कि अगर कोई दुकान बिना रजिस्ट्रेशन के पाई गई तो उसे तुरंत सील कर दिया जाएगा और लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि जो अधिकारी तीन साल या उससे ज्यादा समय से एक ही पद पर जमे हुए हैं, उनका तबादला किया जाएगा। उन्होंने ऐसे अफसरों को भ्रष्टाचार का कारण बताया और कहा कि अब स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दवाओं और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए सरकार दुमका, जमशेदपुर और पलामू में नई फूड व ड्रग टेस्टिंग लैब बनाएगी। रांची की मौजूदा लैब को भी अत्याधुनिक बनाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्यभर के मॉल, होटल और रेस्टोरेंट में बिक रहे खाद्य उत्पादों की भी जांच की जायेगी। मिलावट पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जायेगी।
सीएम हेमंत सोरेन ने दी आदिवासी छात्रों को सौगात, 26.24 करोड़ की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक छात्रावास का किया शिलान्यास टीम एबीएन, रांची। राज्य के अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते अब और अधिक सुलभ और सुविधाजनक होगा। रांची के करमटोली स्थित आदिवासी कॉलेज परिसर में लगभग 26.24 करोड़ रुपये की लागत से 520 बेड वाले आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जायेगा। गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसको लेकर विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। मौके पर मुख्यमंत्री के अलावे विभागीय मंत्री चमरा लिंडा भी शामिल हुए। समारोह में राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अलका तिवारी समेत कई गणमान्य शामिल हुए। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अब खुशी तब होगी जब बच्चे हॉस्टल में शिफ्ट होंगे। उन्होंने कहा कि यह हॉस्टल 2027 तक बन कर तैयार हो जायेगा। हमारी कोशिश है कि आपकी परेशानियों को कम किया जा सके। झारखंड के लोगों को कई परेशानियों से जूझना पड़ता है, लेकिन हमारी सरकार उन सभी समस्याओं को एक-एक कर समाधान करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य के सभी कल्याण विभाग के छात्रावास में सरकार की तरफ से भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। अब छात्रों और उनके अभिभावकों को बोरा में गांव से ढोकर चावल लाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कैंपस बहुत बड़ा है। हमलोगों का प्रयास होगा कि यहां हम बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकें। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के हर जिले में भीमराव अंबेडकर के नाम पर पुस्तकालय बनाने की भी घोषणा की।उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूल अब बेहतर कर रहे हैं। 80 सीएम उत्कृष्ट विद्यालय के विद्यार्थियों ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए सरकार गुरुजी क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 15 लाख से अधिक लोन की व्यवस्था की है।
आयुक्त के आगमण पर दिया गया गार्ड आफ आनर आयुक्त के सचिव सहित कार्यालय के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों ने किया स्वागत पलामू के अपर समाहर्ता एवं नजारत उप समाहर्ता ने की शिष्टाचार मुलाकात एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर, (पलामू)। अंजनी कुमार मिश्रा (भा.प्र.से.) आज पलामू के प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय पहुंचकर प्रभारी प्रमंडलीय आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया। वे दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, रांची के प्रमंडलीय आयुक्त के रूप में पदस्थापित हैं। इसके साथ ही कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना से श्री मिश्रा को पलामू प्रमंडल के प्रभारी प्रमंडलीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। श्री मिश्रा को आयुक्त कार्यालय पहुंचने के उपरांत कार्यालय परिसर में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा गार्ड आफ आनर दिया गया। पदभार ग्रहण करने के साथ ही आयुक्त के सचिव बिजय वर्मा, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के सचिव मनीष कुमार एवं अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों ने गुलदस्ता भेंट कर आयुक्त का स्वागत किया। इधर, पलामू के अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, नजारत उप समाहर्ता विक्रम आनंद आयुक्त से शिष्टाचार मुलाकात की और गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय के सभाकक्ष में झारखंड जनजातीय परामर्शदातृ परिषद् (टीएसी) की बैठक संपन्न हुई। बैठक में गहन विचार-विमर्श एवं चर्चा के उपरान्त कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर स्वीकृति मिली। बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श के उपरांत राज्य में आदिवासी हितों की रक्षा, सभ्यता-संस्कृति के संरक्षण एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए झारखंड जनजातीय परामर्शदातृ परिषद् (टीएसी) द्वारा लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं :झारखण्ड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली, 2025 के गठन संबंधित प्रस्तावित अधिसूचना प्रारूप के नियम 20 (iii) पर गहन विचार-विमर्श एवं चर्चा के उपरान्त राज्य के भीतर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के वैसे ग्राम पंचायत, जिसमें 50% या उससे अधिक जनजातीय आबादी हो और यदि स्थल झारखण्ड सरकार के पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के विभिन्न अधिसूचनाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महत्व, राष्ट्रीय महत्व, राजकीय महत्व एवं स्थानीय महत्व के पर्यटन स्थल (धार्मिक मान्यता के स्थल को छोड़कर) घोषित हो, तो पर्यटन को बढ़ावा देने, राजस्व हित एवं अवैध मदिरा पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से उक्त प्रक्षेत्र में ऑफ प्रकृति की खुदरा उत्पाद दुकानों की बंदोबस्ती किए जाने संबंधित प्रस्ताव पर सहमति बनी।झारखण्ड उत्पाद होटल, रेस्तराँ, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) (संशोधन) नियमावली, 2025 के गठन संबंधी संलेख एवं प्रस्तावित अधिसूचना प्रारूप की कंडिका-2 के नियम 21 पर सहमति दी गई। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के वैसे ग्राम पंचायत, जिसमें 50% या उससे अधिक जनजातीय आबादी हो और यदि ऐसे स्थल झारखण्ड सरकार के पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के विभिन्न अधिसूचनाओं द्वारा अंतराष्ट्रीय महत्व, राष्ट्रीय महत्व, राजकीय महत्व एवं स्थानीय महत्व के पर्यटन स्थल (धार्मिक मान्यता के स्थल को छोड़कर) घोषित हो, तो पर्यटन को बढ़ावा देने, राजस्वहित एवं अवैध मदिरा पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से उक्त प्रक्षेत्र में उत्पाद प्रपत्र 8, 9 एवं 10/9 एवं 10/7 क में क्रमशः होटल, रेस्तरां एवं बार/रेस्तरां एवं बार/क्लब की अनुज्ञप्ति स्वीकृत करने पर सहमति बनी।सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजनान्तर्गत पश्चिमी सिंहभूम जिला में खरकई नदी में प्रस्तावित ईचा बाँध के निर्माण कार्य को पुनर्बहाल करने पर चर्चा हुई। झारखण्ड जनजातीय परामर्शदातृ समिति के गहन विचार-विमर्श के उपरांत ईचा खरकई बाँध से हो रहे विस्थापित जनजाति समुदाय सहित अन्य व्यक्तियों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रभावित ग्रामों की वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन करते हुए फोटो, वीडियो के साथ एक जांच प्रतिवेदन तैयार कर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने हेतु सहमति बनी। उक्त प्रतिवेदन के आलोक में आगे की कार्यवाही पर निर्णय लिया जाएगा।वन अधिकार योजना अंतर्गत अबुआ बीर दिशोम अभियान के क्रियान्वयन पर चर्चा के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि यह अबुआ बीर दिशोम व्यापक रूप से लगातार चलाई जाती रहे।यह सुनिश्चित किया जाए कि हर 2 माह में वनपट्टा का वितरण अनिवार्य रूप से हो । वनपट्टा हेतु प्राप्त आवेदनों के अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए स्वीकृति प्रक्रिया अविलंब पूरी किए जाने पर सहमति बनी।छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम की धारा 46 के अंतर्गत थाना क्षेत्र की परिभाषा में स्पष्टता लाने हेतु प्रस्ताव पर बिंदुवार चर्चा हुई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा 1938 के निर्धारित थाना क्षेत्र के आधार पर छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के कार्यान्वयन हेतु विभाग एक प्रस्ताव तैयार कर उपस्थापित करे एवं उपरोक्त के संबंध में एक आयोग गठन करने के संबंध में सहमति बनी। उक्त गठित आयोग 6 महीने के भीतर सभी पहलुओं का अध्ययन करते हुए एक प्रतिवेदन समिति को समर्पित करेगी।इन विषयों पर हुई चर्चा...बोकारो जिला के ललपनिया में आदिवासी धार्मिक स्थल लगुबुरु में डीवीसी (DVC) द्वारा पनबिजली परियोजना पर कार्य किए जाने के संबंध में चर्चा की गई। इस संबंध में माननीय सदस्यों को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार द्वारा आदिवासी धर्म स्थल लगुबुरु को संरक्षित रखने की मंशा से डीवीसी एवं भारत सरकार को अवगत कराया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व में ही डीवीसी के इस परियोजना को स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है।वनपट्टा आच्छादित परिवारों के विद्यार्थियों एवं बच्चे-बच्चियों के आवासीय एवं जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में जो व्यवधान अथवा कठिनाइयां उत्पन्न हो रही है ,उसका समाधान सुनिश्चित की जाए।बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री-सह-उपाध्यक्ष टीएसी श्री चमरा लिंडा, विधायक-सह-सदस्य टीएसी प्रो० स्टीफन मरांडी, श्रीमती लुईस मरांडी, श्री सोनाराम सिंकू, श्री दशरथ गागराई, श्री राजेश कच्छप, श्री नमन विक्सल कोनगाड़ी, श्री जिगा सुसारन होरो, श्री संजीव सरदार, श्री आलोक कुमार सोरेन, श्री सुदीप गुड़िया, श्री जगत मांझी, श्री राम सूर्या मुण्डा, श्री रामचन्द्र सिंह तथा टीएसी के मनोनीत सदस्य श्री नारायण उराँव एवं श्री जोसाई मार्डी उपस्थित रहे।
डोरंडा के शौर्य सभागार में मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन, नशे से बचाव पर दिया जोर टीम एबीएन, रांची। उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोच है कि झारखंड को नशामुक्त बनाया जाये। इसी सोच के साथ नशा रोकने के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के मास्टर ट्रेनरों को नशे के दुष्प्रभाव समझाए जा रहे हैं ताकि वे अपने-अपने जिलों में जाकर लोगों को जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि हमें झारखंड के युवाओं को नशे से बाहर निकालना है। यह बातें उन्होंने डोरंडा स्थित शौर्य सभागार में नशा रोकने के लिए चल रहे मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण के दूसरे दिन बुधवार को कही। इस कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, रांची के इंटेलिजेंस आफिसर कुमार मनोहर मंजुल ने बताया कि अफीम, कोकीन, हेरोइन, गांजा, कफ सिरप, व्हाइटनर, डेंड्राइट जैसे नशे की आदतें युवाओं की जिंदगी खराब कर रही हैं। हमें समझना होगा कि ड्रग्स का सेवन कैसे होता है और युवाओं को इसके नुकसान से अवगत कराना होगा। उन्होंने बताया कि शहरी इलाकों में सिंथेटिक ड्रग्स जैसे कफ सिरप, नेल पेंट की खुशबू, डेंड्राइट आदि का उपयोग ज्यादा हो रहा है। खूंटी जिले में अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती गैरकानूनी है और किसानों को अन्य फसल उगाने के लिए मुफ्त बीज भी दिये जा रहे हैं। हमें भी ऐसे प्रयास करने होंगे। रिनपास के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सजल आशीष नाग ने बताया कि युवाओं का नशे की तरफ बढ़ना कई कारणों से होता है जैसे गलत संगत, तनाव और नशा आसानी से मिलने की वजह से। उन्होंने कहा कि नशा करने से पढ़ाई पर असर पड़ता है, व्यवहार बदल जाता है और अकेलापन बढ़ता है। रिनपास में नशे के आदी लोगों का मुफ्त इलाज किया जाता है जिससे उन्हें नशा छुड़ाने में मदद मिलती है। सीआईपी के डॉ अनिरुद्ध मुखर्जी ने नशा करने के कारण और इससे बचने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यूनिसेफ के मृत्युंजय नायक ने कहा कि नशा रोकने के लिए संचार और सामुदायिक सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारत ने दिखाया है कि मिलकर काम करने से बेहतर नतीजे मिलते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे खुलकर बात करें और उन्हें यह विश्वास हो कि प्रशासन उनकी मदद करेगा। हर वर्ग के लोगों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बताना होगा। सिनी के सुभादीप अधिकारी ने बताया कि नशा रोकने के लिए कई विभागों का सहयोग जरूरी है। शिक्षा, महिला-बाल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेलकूद, पुलिस, आजीविका प्रोत्साहन, वन और पर्यावरण विभाग एक साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम बनायेंगे। साथ ही लोगों को नशे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बारे में भी बताया जायेगा।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुुर्मु ने शुक्रवार को यहां एक समारोह में संस्कृत के विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया।श्रीमती मुर्मु ने इस अवसर पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी के साथ-साथ ज्ञानपीठ पुरस्कार वाले गीतकार गुलज़ार को भी बधाई दी जो अस्वस्थ होने के कारण पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जिससे कि वह कला, साहित्य, समाज और देश के लिए अपना योगदान देते रहें।राष्ट्रपति ने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ता और जागृत करता है। उन्होंने कहा कि 19वीं सदी के सामाजिक जागरण से लेकर 20वीं सदी के स्वतंत्रता संग्राम तक, कवियों और लेखकों ने लोगों को जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम गीत लगभग 150 वर्षों से भारतीयों को जागृत कर रहा है और हमेशा करता रहेगा। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि, व्यास और कालिदास से लेकर रवींद्रनाथ टैगोर जैसे शाश्वत कवियों की रचनाओं में हम जीवंत भारत की धड़कन महसूस करते हैं जो भारतीयता की आवाज है।श्रीमती मुर्मु ने 1965 से विभिन्न भारतीय भाषाओं के उत्कृष्ट साहित्यकारों को पुरस्कृत करने के लिए भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों को पुरस्कृत करने की प्रक्रिया में भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार के चयनकर्ताओं ने सर्वश्रेष्ठ साहित्यकारों का चयन किया है और इस पुरस्कार की गरिमा को बनाए रखा है। राष्ट्रपति ने कहा कि आशापूर्णा देवी, अमृता प्रीतम, महादेवी वर्मा, कुर्रतुल-ऐन-हैदर, महाश्वेता देवी, इंदिरा गोस्वामी, कृष्णा सोबती और प्रतिभा रे जैसी ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता महिला लेखकों ने भारतीय परंपरा और समाज को विशेष संवेदनशीलता के साथ देखा और अनुभव किया है और हमारे साहित्य को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि हमारी बहनों और बेटियों को इन महान महिला लेखकों से प्रेरणा लेकर साहित्य सृजन में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए और सामाजिक सोच को और अधिक संवेदनशील बनाना चाहिए। राष्ट्रपति ने श्री रामभद्राचार्य के बारे में कहा कि उन्होंने उत्कृष्टता का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने उनके बहुमुखी योगदान की प्रशंसा की और कहा कि शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद उन्होंने अपनी दिव्य दृष्टि से साहित्य और समाज की असाधारण सेवा की है। उन्होंने कहा कि श्री रामभद्राचार्य ने साहित्य और समाज सेवा दोनों ही क्षेत्रों में व्यापक योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके गौरवशाली जीवन से प्रेरणा लेकर आने वाली पीढ़ियाँ साहित्य सृजन, समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण के सही मार्ग पर आगे बढ़ती रहेंगी।
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