आयुष्मान भारत से सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए बड़ी खबर 2-3 दिनों में मिल जायेगी बकाया राशि टीम एबीएन, रांची। आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत कुल 565 सूचीबद्ध अस्पताल हैं। इनमें से 240 सरकारी अस्पताल एवं 325 निजी अस्पताल हैं। इसमें से 14 अस्पताल वर्तमान में निलंबित हैं। नाफू ट्रिगर्ड होने के कारण 26 सरकारी और 85 निजी यानी कुल 111 अस्पतालों के दावों की जांच की जा रही है। इस समस्या के निराकरण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण नई दिल्ली के दिशा निर्देश के आलोक में कार्यवाही की जा रही है तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण से लगातार संपर्क किया जा रहा है। दिनांक 10 फरवरी 2025 से झारखंड में टीएमएस 2.0 लागू हो गया जिसमें कई तकनीकी समस्याएं सामने आयीं जैसे कि डायलिसिस की सिंगल साइकिल हो जाना, कैंसर के मरीजों के केमों एवं रेडिएशन का पैकेज एक साथ बुक ना हो पाना, हेम 2.0 में अस्पतालों द्वारा अपने अस्पताल से संबंधित विवरण को अपलोड ना कर पाना जैसी समस्याओं का एनएचए के साथ समन्वय स्थापित कर उनका निराकरण कर लिया गया है।झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के द्वारा राज्य स्तर पर दो बार निजी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अस्पतालों को प्रशिक्षण दिया गया। तकनीकी कारणों से 193 निजी अस्पतालों का भुगतान नहीं किया जा पा रहा था लेकिन समस्या का समाधान किया जा चुका है और अगले दो से तीन दिनों के अंदर लंबित दावों का भुगतान कर दिया जायेगा। फिलहाल 200 सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों का भुगतान किया जा रहा है। शेष 33 अस्पतालों का सीईए यानी क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का दस्तावेज प्राप्त होने के बाद नियम के अनुसार कार्रवाई की जायेगी।
मोदी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बरगद का पौधा लगायेंगे एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को यहां एक विशेष वृक्षारोपण अभियान के तहत बरगद का पौधा लगायेंगे। प्रधानमंत्री यहां भगवान महावीर वनस्थली पार्क में एक विशेष वृक्षारोपण पहल के तहत वृक्षारोपण करेंगे। श्री मोदी एक पेड़ मां के नाम पहल के अंतर्गत बरगद का पौधा लगायेंगे। यह अरावली ग्रीन वॉल परियोजना का हिस्सा होगा, जिसका उद्देश्य 700 किलोमीटर लंबी अरावली श्रृंखला को फिर से वनों से परिपूर्ण करना है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहला दौरा करने जा रहे हैं, जिसको लेकर जम्मू कश्मीर में जोरों पर तैयारियां चल रही हैं। मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही श्रीनगर और कटरा के बीच 2 स्पेशल वंदे भारत ट्रेनों को वर्चुअली हरी झंडी देंगे। इसी के चलते अब श्रीनगर और कटरा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के चलाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बेहद ही अच्छी खबर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीएम मोदी 6 जून को कटरा स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसी के साथ पहलगाम हमला और आपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री मोदी का ये पहला जम्मू कश्मीर का दौरा होगा। प्रधानमंत्री की जम्मू कश्मीर को लेकर कटरा रेलवे स्टेशन पर भी तैयारियां जोरों से जा रही है। मंगलवार को जर्नल मैनेजर नॉर्थन रेलवे अशोक वर्मा ने आधिकारिक टीम के साथ कटरा रेलवे स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जरूरी दिशा निर्देश भी दिये।
सरकार की तिजोरी में आये 2.01 लाख करोड़एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने मई 2025 के लिए वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रहण के आंकड़े जारी कर दिये हैं। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने कुल GST कलेक्शन 2.01 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 16.4 फीसदी की सालाना वृद्धि को दिखाता है। हालांकि मासिक आधार पर इसमें कमी दर्ज की गई है, क्योंकि अप्रैल 2025 में यह आंकड़ा 2.37 लाख करोड़ रुपये था, जो अब तक का ऑल टाइम हाई रहा है। यानी अप्रैल की तुलना में मई में GST कलेक्शन में करीब 36,000 करोड़ रुपये की गिरावट आयी है।राज्य सरकारों को कितना राजस्व मिलासरकारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में केंद्र सरकार को 35,434 करोड़ रुपये, जबकि राज्य सरकारों को 43,902 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके अलावा 1.09 लाख करोड़ रुपये का इंटीग्रेटेड GST (IGST) और 12,879 करोड़ का उपकर (cess) संग्रहित हुआ है। कुल मिलाकर यह संग्रहण भारत के कर प्रणाली की मजबूती और आर्थिक गतिविधियों में निरंतर सुधार का संकेत देता है।इस बार GST रेवेन्यू में घरेलू लेनदेन से प्राप्त राशि 13.7 फीसदी की वृद्धि के साथ 1.50 लाख करोड़ रुपये रही है, जबकि आयात से मिलने वाला राजस्व 25.2 फीसदी की भारी बढ़ोतरी के साथ 51,266 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि घरेलू खपत और आयात दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे कर संग्रह बढ़ा है।हालांकि इस दौरान रिफंड की राशि में कमी देखी गयी है। मई 2025 में कुल 27,210 करोड़ रुपये का GST रिफंड जारी किया गया, जो सालाना आधार पर 4 फीसदी कम है। रिफंड को घटाकर देखें तो नेट GST कलेक्शन 1.74 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 20.4 फीसदी अधिक है।सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन किस राज्य में हुईराज्यों के स्तर पर बात करें तो महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों में GST कलेक्शन में 17 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। वहीं, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में यह वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही और करीब 6 फीसदी रही। मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में औसतन 10 फीसदी की वृद्धि देखी गई है।इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों में अंतर बना हुआ है। कुछ राज्य जहां तेजी से उबरते दिख रहे हैं, वहीं कुछ राज्यों की रिकवरी थोड़ी धीमी है। हालांकि, कुल मिलाकर देश के लिए यह संग्रहण एक सकारात्मक संकेत है।एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले महीनों में केंद्र और राज्य सरकारों के पास विकास योजनाओं और अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही यह भी देखा जाना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले बजट में केंद्र सरकार इस बढ़ते राजस्व का उपयोग कैसे करती है।बढ़ रहा है टैक्स बेस GST संग्रह के ये आंकड़े न केवल आर्थिक रिकवरी को दिखाते हैं, बल्कि टैक्स बेस के बढ़ने और कर अनुपालन में सुधार की दिशा में भी संकेत करते हैं। वित्त मंत्रालय की ओर से इसे कर प्रशासन की दक्षता और तकनीकी सुधारों का परिणाम बताया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में और अधिक पारदर्शिता और कुशलता की उम्मीद की जा सकती है।
आम जनता को राहत, सरकार ने लिया बड़ा फैसलाएबीएन सेन्ट्रल डेस्क। मई खत्म होने से पहले केंद्र सरकार ने आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कच्चे पाम ऑयल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% कर दिया है। इस कदम से खाने के तेल की खुदरा कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है।नया आयात शुल्कअब इन कच्चे तेलों पर कुल प्रभावी शुल्क (Basic + अन्य शुल्क मिलाकर) 27.5% से घटकर 16.5% रह गया है। वहीं रिफाइंड तेलों पर प्रभावी शुल्क 35.75% बना रहेगा।तुरंत लागूइस संबंध में जारी अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। भारत अपनी खाने के तेल की जरूरत का 50% से ज्यादा आयात करता है, इसलिए यह फैसला काफी असरदार माना जा रहा है।उद्योग संगठनों की प्रतिक्रियासॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) और इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। इन संगठनों का कहना है कि इससे घरेलू रिफाइनरियों को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं को सस्ता तेल मिलेगा। भारत कहां से करता है पाम ऑयल आयात?भारत मलेशिया और इंडोनेशिया से पाम ऑयल आयात करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्क अंतर बढ़ने से कच्चे तेल का आयात बढ़ेगा और घरेलू उद्योग को मजबूती मिलेगी। पिछले साल सितंबर में सरकार ने कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी की थी, जिससे कच्चे तेल पर शुल्क 0% से बढ़कर 20% और रिफाइंड तेलों पर 12.5% से बढ़कर 32.5% हो गया था।
अब रांची में शादी का रजिस्ट्रेशन हुआ बेहद आसान, नगर निगम दे रहा ऑनलाइन सुविधाटीम एबीएन, रांची। अब रांची के लोगों को शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए न तो रजिस्ट्रार ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही वकीलों पर निर्भर रहने की। रांची नगर निगम ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को आसान और किफायती बना दिया है। लोग अब महज 50 रुपये में अपनी शादी का पंजीकरण करवा सकते हैं और उन्हें विवाह प्रमाण पत्र भी तुरंत जारी कर दिया जाएगा।नगर निगम द्वारा शुरू की गई इस सुविधा के तहत दंपती अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मैरिज सर्टिफिकेट सीधे आवेदक को सौंपा जाएगा। इस सुविधा का उद्देश्य है नागरिकों को कोर्ट और रजिस्ट्रार कार्यालय की लंबी प्रक्रिया से राहत देना। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इस पहल की शुरुआत होते ही लोगों ने मैरिज रजिस्ट्रेशन में बढ़-चढ़कर रुचि दिखाई है। अब तक सैकड़ों दंपती अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं और उन्हें विवाह प्रमाण पत्र भी प्राप्त हो चुका है। रांची नगर निगम इस योजना के प्रति लोगों को लगातार जागरूक कर रहा है, ताकि वे इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठा सकें। हालांकि अब तक लोगों को इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि रांची नगर निगम से भी अब विवाह पंजीकृत किया जा सकता है। इस दिशा में निगम द्वारा जागरुकता भी बढ़ाई जा रही है। मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए दूल्हे और दुल्हन का आधार कार्ड, दोनों की पासपोर्ट साइज फोटो, दोनों के हस्ताक्षर, राजपत्रित अधिकारी के सिग्नेचर वाला पत्र, शादी की तीन फोटो (जिसमें दंपती साथ हो), तीन गवाहों का आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर। इन दस्तावेजों को ऑनलाइन आवेदन के दौरान अपलोड करना अनिवार्य है।
सभी पंचायत बने टीवीमुक्त पंचायत : अजय कुमार सिंह टीम एबीएन, रांची। सभी जिले आने वाले चार दिनों में अपने जिले के सभी टीबी मरीजों को निश्चय पोषण योजना के तहत पोषाहार राशि का भुगतान कर दें। चार दिनों के बाद फिर इसकी समीक्षा की जायेगी। उपर्युक्त बातें अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को संबोधित वीसी में कहीं। उनके साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक अबु इमरान उपस्थित थे।समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जन को संबोधित करते हुए कहा कि सभी पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत बनाना है। कोशिश होनी चाहिए की अतिशीघ्र सभी पंचायत टीबी मुक्त हो जाएं। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि टीबी मरीज को मिलने वाली पोषाहार की राशि का भुगतान चार दिनों के अंदर डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में करें। 6 महीने की राशि एक साथ मिली चाहिए। हम आपको बता दें कि यह राशि पहले 500 प्रतिमाह थी लेकिन उसे बढ़ाकर 1000 प्रति माह कर दिया गया है। इस प्रकार प्रति मरीज को 6 महीने की राशि यानी 6000 राशि पोषाहार के रूप में मिलेगी। वीसी के दौरान मिजल्स रूबेला पर चर्चा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने अब तक हुए टीकाकरण की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने सभी को कवरेज बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही एमआर वन और टू के बीच अंतर कम करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने पीएम अभीम एवं 15वें वित्त आयोग के तहत सभी स्ट्रक्चर को पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में जल्द रिपोर्ट भेजें ताकि राशि की मांग की जा सके। इस निमित्त उन्होंने सभी सिविल सर्जन को अपने जिले के उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक कर समीक्षा करने का निर्देश दिया। अपर मुख्य सचिव ने कोविड की तैयारी की भी समीक्षा की। समीक्षा के दौरान बेड की उपलब्धता, आक्सीजन की स्थिति, पीएसए प्लांट की कार्यशीलता और दवाओं की उपलब्धता आदि विषयों पर समीक्षा गई। उन्होंने कहा कि अपने स्तर से समीक्षा करें ताकि कहीं कोई कमी नहीं रहे और किसी मरीज को कोई परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि कोविड को हराना है। इस निमित्त सारे सकारात्मक कार्य किए जाने चाहिए। वीसी में संयुक्त सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज के साथ कई अधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने आलोक कुमार, झा0प्र0से0(कोटि क्रमांक- 832/03), तत्कालीन अंचल अधिकारी, पाटन/पड़वा, पलामू के विरूद्ध संचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित किया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में संकल्प जारी किया है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को निलंबित किया है। सुधीर कुमार तत्कालीन महाप्रबंधक संचालन सह वित्त झारखंड राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड रांची को 21/5/25 की तिथि से अगले आदेश तक निलंबित किया है।सुधीर कुमार दास महाप्रबंधक वित्त झारखंड राज्य बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड रांची को 21 मई 2025 के प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित किया है।इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी की है।
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