टीम एबीएन, रांची। रांची में महाशिवरात्रि को लेकर सुरक्षा के साथ-साथ सुगम ट्रैफिक व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किये गये हैं। राजधानी रांची में सभी शिवालयों के बाहर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं। वहीं राजधानी के ट्रैफिक रूट में भी 26 फरवरी को कई बदलाव किये गये हैं।
26 फरवरी को राजधानी रांची में महाशिवरात्रि धूमधाम के साथ मनायी जायेगी। इसके लिए रांची पुलिस की ओर से एक दर्जन प्रमुख शिवालयों में सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किये गये हैं। साथ ही संभावित भीड़ को लेकर जगह-जगह जवानों की तैनाती की गयी है।
रांची के सिटी एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि 500 से ज्यादा अतिरिक्त बलों की रांची में तैनाती की गयी है। शहर के प्रमुख शिवालय पहाड़ी मंदिर की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किये गये हैं। सिटी एसपी ने बताया कि रांची में बेहद भव्य तरीके से शिवरात्रि मनायी जाती है। इस दौरान शिव बारात भी निकाली जाती है। ऐसे में सभी थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिये गये हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के थानेदारों को संवेदनशीन इलाकों पर विशेष फोकस रखने को कहा गया है। साथ ही थानेदारों को खुद अपने-अपने क्षेत्र में गश्ती लगाने का निर्देश दिया गया है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी प्रकार की सूचना मिलने के बाद अपने आसपास से सटे थाना प्रभारी और डीएसपी से संपर्क स्थापित कर सुरक्षा सुनिश्चित करें।
इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने पीसीआर, टाइगर पुलिस और बीट पुलिस से भी लगातार संपर्क स्थापित करते रहने का निर्देश दिया गया है। शिव बारात के दौरान सुरक्षा के लिए मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल प्रदान किया गया है, जिनकी तैनाती की जायेगी। शिव बारात के दौरान उस रूट पर सभी तरह के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगायी गयी है। पूरे मार्ग की घेराबंदी की जायेगी।
शिव बारात को लेकर शनि मंदिर से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर, दुर्गा मंदिर से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर, मीनाक्षी गली से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर, सुखदेवनगर जाने वाले मार्ग पर, बालाजी मंदिर के पास सुलभ शौचालय से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर और गोशाला कटिंग से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राशन धारियों के लिए गुड न्यूज है। अब राज्य के 61,03,667 परिवार 31 मार्च 2025 तक अपने राशन कार्ड का ई-केवाइसी करा सकते हैं। क्योंकि केंद्र सरकार ने राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराने की तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी है।
ऐसे में राज्य के भी राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय मिल जायेगा। इससे पहले झारखंड सरकार ने राज्य में ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 28 फरवरी तक की तिथि तय की थी।
झारखंड में 61,03,667 परिवार के 2,63,86,726 सदस्यों का ई-केवाईसी कराना है। अब तक लगभग 65 प्रतिशत राशन कार्डधारियों की ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में श्री शिव बारात आयोजन महासमिति, पहाड़ी मंदिर रांची के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आगामी 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पूजा के अवसर पर आयोजित शिव बारात में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया।
मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल से महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाले शिव बारात के आयोजन को लेकर महासमिति द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। मौके पर श्री शिव बारात आयोजन महासमिति पहाड़ी मंदिर के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से सपरिवार शिवबारात में सम्मिलित होने का विनम्र आग्रह किया।
इस अवसर पर श्री शिव बारात आयोजन महासमिति पहाड़ी मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष राजेश साहू सहित दयाशंकर शर्मा, राजकुमार तनेजा, दीपक नंदा, राजीव वर्मा, शुभाशीष चटर्जी, राम सिंह, बादल सिंह एवं अन्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। विपक्ष ने अब तक नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं किया है। इसी बीच, रविवार (23 फरवरी) को विपक्षी दलों ने विधायक दल की बैठक बुलायी है।
इसमें बजट सत्र की रणनीति तैयार की जायेगी। नेता प्रतिपक्ष का चयन भी इस बैठक में हो सकता है। बजट सत्र के दौरान सदन में जैक पेपर लीक और जैक अध्यक्ष की नियुक्ति पर हंगामा होने के आसार हैं।
विपक्ष की अनुपस्थिति पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष दोनों ही जरूरी हैं। उन्होंने सदन के संचालन में विपक्ष के सहयोग की अपील की है। स्पीकर ने कहा कि बिना नेता प्रतिपक्ष सदन चलाना एक पहिये से गाड़ी चलाने के सामान है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का षष्ठम झारखंड विधानसभा का द्वितीय (बजट) सत्र 24 फरवरी से 27 मार्च 2025 तक चलेगा। बजट सत्र के सफल और सुचारु संचालन को लेकर शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में विधायक दल के नेताओं और प्रतिनिधियों की अहम बैठक आयोजित की गयी। इस बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित सत्तारूढ़ दल के कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे।
झारखंड विधानसभा में बजट सत्र से पहले की यह बैठक बेहद अहम मानी जाती है। इस बैठक में चर्चा की गई कि कैसे सभी दलों के सहयोग से इस सत्र को सुचारु रूप से चलाया जाये। सरकार चाहती है कि बजट पर सार्थक बहस हो और राज्य के विकास के लिए ठोस निर्णय लिये जायें।
झारखंड में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की बड़ी जीत के बाद यह हेमंत सरकार का पहला बजट सत्र है। सत्र को लेकर सत्तारूढ़ दल के विधायक और मंत्री काफी उत्साहित हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बजट ऐसा हो जो झारखंड के समग्र विकास के लिए समर्पित हो और हर तबके के लिए कुछ विशेष प्रावधान रखे जायें।
इस बार झारखंड सरकार ने बजट बनाने से पहले जनता और विशेषज्ञों से सुझाव लिये थे। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के निर्देश पर अबुआ बजट के तहत आम जनता से उनकी जरूरतों और प्राथमिकताओं पर राय ली गई। सरकार का दावा है कि इस बजट को पूरी तरह समावेशी और विकासोन्मुखी बनाया गया है, जिससे राज्य का हर वर्ग लाभान्वित हो सके।
इस अहम बैठक में राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विधायक अनुपस्थित रहे। भाजपा ने अब तक अपने नेता प्रतिपक्ष का एलान नहीं किया है, जिसके चलते पार्टी की ओर से इस बैठक में कोई प्रतिनिधित्व नहीं किया गया। भाजपा की इस दूरी को लेकर सियासी गलियारों में कई कयास लगाये जा रहे हैं।
जहां सरकार इस बजट सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए तत्पर है, वहीं विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा खासतौर पर मंईयां सम्मान योजना की राशि को लेकर सरकार पर हमला बोलने की रणनीति बना रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव के समय महागठबंधन सरकार ने वादा किया था कि प्रत्येक महिला के खाते में 2500 रुपये की सहायता राशि दी जायेगी, लेकिन अभी तक इस योजना का क्रियान्वयन नहीं हुआ है।
विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को वादा-खिलाफी के आरोप में घेरने की तैयारी कर रहा है। बजट सत्र में केवल आर्थिक प्रावधानों पर ही नहीं, बल्कि कई अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी तीखी बहस होने के आसार हैं। विपक्षी दल सरकार को रोजगार, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर घेर सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (चेन्नई/रांची)। फिक्की (एफआइसीसीआई) द्वारा 21 और 22 फरवरी को चेन्नई में आयोजित मीडिया एंड एंटरटेनमेंट बिजनेस कॉनक्लेव में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड ने भी भाग लिया है। इस कॉनक्लेव में झारखंड, महाराष्ट्र और गुजरात पार्टनर स्टेट की भूमिका में हैं। कॉनक्लेव का उद्घाटन तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा किया गया। मौके पर साउथ के प्रसिद्ध फिल्मकलाकार श्री कमल हसन, तृषा कृष्णन सहित दक्षिण भारत के कई फिल्मकार और कलाकारों ने भाग लिया।
कॉनक्लेव में झारखंड की ओर से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक बीरू कुशवाहा और जेएफडीसीएल के सहायक कंपनी सचिव अमन कुमार ने भाग लिया। बीरू कुशवाहा ने बताया कि नॉलेज सीरीज सेशन के दौरान उपस्थित सभी फिल्मकारों को झारखंड में फिल्म की शूटिंग के लिए आमंत्रित किया गया।
बताया गया कि झारखंड में फिल्म की शूटिंग करने का काफी अनुकूल माहौल है। झारखंड की खूबसूरत वादियां और कई मनमोहक पर्यटक स्थल है जो फिल्म की शूटिंग के लिए बेहतरीन हैं। इस दौरान झारखंड के पर्यटक स्थल, कला संस्कृति, माइंस सहित झारखंड की विशेषताओं पर आधारित एक वीडियो डाक्यूमेंट्री भी दिखायी गयी।
श्री कुशवाहा ने बताया कि मीडिया एंड एंटरटेनमेंट बिजनेस कॉनक्लेव में उपस्थित फिल्मकारों को जेएफडीसीएल द्वारा फिल्मकारों को दिए जाने वाले अनुदान के संबंध में जानकारी दी गई । उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार, झारखंड में फिल्म को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है।
झारखंड में फिल्म के बनाने के लिए सरकार अनुदान भी दे रही है । झारखंड में फिल्म और फिल्मकारों एवं कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (जेएफडीसीएल) की स्थापना की गयी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड राज्य में वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन हेतु विशेष बल झारखण्ड जगुआर (एसटीएफ) का गठन वर्ष 2008 में किया गया। आज दिनांक-21.02.2025 को झारखण्ड जगुआर प्रांगण, टेन्डर ग्राम में 17 वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर अनुराग गुप्ता पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक, झारखण्ड ने भव्य परेड की सलामी ली। साथ ही इस अवसर पर झारखण्ड जगुआर के कमांडो दस्ते द्वारा नक्सलियों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई का प्रदर्शन भी किया गया।
राज्य में उग्रवाद उन्मूलन की दिशा में सफलतापूर्वक कार्रवाई करते हुए झारखण्ड जगुआर ने विगत 17 वर्षों में एक नई बुलंदी हासिल की है। इन 17 वर्षों के सफर में कई वीर जवानों को खोया है। राज्य में शांति और उन्नति का माहौल बनाए रखने में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीद जवानों को पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड ने अपनी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड ने अपने संबोधन में झारखण्ड जगुआर के द्वारा राज्य में उग्रवाद उन्मुलन के लिये उग्रवादियों संगठनों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई की सराहना की। राज्य में कार्यरत अर्द्ध सैनिक बलों के साथ मिलकर इस बल ने अत्यंत दुर्गम एवं संवेदनशील बूढ़ा पहाड़ के क्षेत्र, ट्राई जंक्शन एवं अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने में अपना अप्रतिम योगदान दिया है। नक्सलियों की संख्या एवं नक्सल हिंसा में जो कमी आई है, वह झारखंड जगुआर के उच्च नेतृत्व व उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिचायक है। आज झारखण्ड जगुआर राज्य में उग्रवादी गतिविधियों में शामिल सभी संगठनों का मुंहतोड़ जवाब देने और उन्हें जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
अनुप बिरथरे पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर, ने अपने संबोधन में झारखण्ड जगुआर के विगत 17 वर्षों में उग्रवाद उन्मूलन की दिशा में उपलब्धियों को साझा किया है। चाहे पारसनाथ की ऊंची पहाड़ियां हो या सारंडा के घने जंगल, चाहे बूढ़ा पहाड़ का दुरूह इलाका हो अथवा पारसनाथ पहाड़ का दुर्गम क्षेत्र, झारखण्ड जगुआर ने अपनी शौर्यपूर्ण उपस्थिति सभी जगह दर्ज कराई है। पिछले 17 वर्षों में इस बल नें अनेकानेक अभियानों में सफलताएँ पाई है जिसमें झारखंड जगुआर के विभिन्न वर्गों द्वारा 297 नक्सलियों की गिरफ्तारी की गई है और विभिन्न अभियानों के दौरान 34 दुर्दान्त उग्रवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया है।
झारखण्ड जगुआर के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अब तक 02 अत्ति उत्कृष्ट सेवा पदक, 07 उत्कृष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा के लिए 56 पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए 02 राष्ट्रपति पुलिस पदक, वीरता के लिए 17 राष्ट्रपति पुलिस पदक, 54 आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक, वीरता के लिए 76 झारखण्ड मुख्यमंत्री पदक, सराहनीय सेवा के लिए 63 झारखण्ड पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए 03 झारखण्ड राज्यपाल पदक तथा 04 केन्द्रीय गृहमंत्री विशिष्ट आपरेशन पदक से सम्मानित किया जा चुका है। आज झारखण्ड जगुआर राज्य में उग्रवादी गतिविधियों में शामिल सभी संगठनों का मुंहतोड़ जवाब देने और उन्हें जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। झारखण्ड राज्य को देश में एक उग्रवाद राज्य मुक्त बनाने की दिशा में झारखण्ड जगुआर अहम भूमिका निभा रही है।
स्थापना दिवस के इस अवसर पर झारखण्ड जगुआर के 23 शहीद पुलिस पदाधिकारी / कर्मियों के शहादत को नमन करते हुए उनके गृह जिला जाकर उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। साथ ही इस अवसर पर झारखण्ड जगुआर मुख्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर में पुलिस पदाधिकारी/कर्मियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
राज्य से उग्रवादी संगठनों का सफाया सुनिश्चित करने हेतु झारखण्ड जगुआर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। झारखण्ड पुलिस और झारखण्ड जगुआर के प्रयास से राज्य में नक्सली घटनाओं में काफी कमी आई है। इस प्रकार झारखंड जगुआर निरंतर अपनी कर्तव्यपरायणता का प्रदर्शन करते हुए अपने आदर्श वाक्य जीत ही लक्ष्य को चरितार्थ कर रही।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनुराग गुप्ता, पुलिस महानिदेशक, झारखंड के अतिरिक्त विशिष्ट अतिथि के तौर पर एमएस भाटिया, पुलिस महानिदेशक, डॉ संजय आनन्दराव लाठकर अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान, झारखंड, सुमन गुप्ता, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशि० एवं आधु, झारखंड, प्रिया दुबे, अपर पुलिस महानिदेशक, झा०स०पु०, रांची, पुलिस मुख्यालय एवं रांची में पदस्थापित झारखण्ड पुलिस के वरीय पुलिस पदाधिकारी, राज्य/केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों के वर्तमान कार्यरत एवं सेवानिवृत वरीय पुलिस पदाधिकारी सहित पुलिस परिवार के अन्य सदस्य की उपस्थिति रही।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, इटखोरी/ चतरा। राजकीय इटखोरी महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति हुई। बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायकों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, नृत्य, नाटक और संगीतमय कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया।
महोत्सव की शुरूआत सुप्रीम कुमारी एंड ग्रुप, चतरा के स्कूली बच्चों द्वारा योगासन पर आधारित नृत्य प्रस्तुति से हुई। इसके बाद उभरती हुई शास्त्रीय, भजन, सूफी और गजल गायिका साक्षी प्रिया दुबे ने अपनी मधुर आवाज में एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी गायकी को खूब सराहना मिली और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा।
बॉलीवुड गायक रवि त्रिपाठी ने मंच पर आते ही अपने लोकप्रिय गीतों से माहौल को और भी संगीतमय बना दिया। उन्होंने इंडिया से आया मेरा दोस्त सलाम करो... और ऐ जी ओ जी सुनो जी...जैसे गीत गाकर उपस्थित दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने बच्चों को भी मंच पर बुलाकर उनके साथ नृत्य किया, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।
इसके बाद सुप्रसिद्ध गायक जॉली मुखर्जी ने अपनी शानदार प्रस्तुति देते हुए गोरिया रे... गोरिया रे मेरा दिल चुरा के ले जा..., तिनक धिन तिन... और ये शहर है अमन का...जैसे गानों से दर्शकों का मन मोह लिया। इसके अलावा, उन्होंने अपनी साथी गायिका के साथ आज हम और तुम सनम मिलके ये वादा करें... और रंग भरे बादल से, दो नैनों के काजल से... जैसे सदाबहार गीत गाए, जिससे पूरा माहौल संगीतमय हो गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन द्वारा सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। महोत्सव में उमड़ी भारी भीड़ ने इस रंगारंग संगीतमय संध्या का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
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