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झारखंड : एक सीओ निलंबनमुक्त, एक हुए आरोप मुक्त
Published / 2025-06-27 21:01:41
झारखंड : एक सीओ निलंबनमुक्त, एक हुए आरोप मुक्त

टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने गिरेन्द्र टूटी, झाप्रसे, तत्कालीन अंचल अधिकारी, गम्हरिया, सरायकेला-खरसावां को निलंबन मुक्त किया  है। रविन्द्र कुमार, झाप्रसे (कोटि क्रमांक-241/20), उप नगर आयुक्त, रांची नगर निगम, रांची को भविष्य में सचेत रहने की चेतावनी के साथ आरोप मुक्त किया है। कृष्ण कन्हैया राजहंस, झाप्रसे (कोटि क्रमांक-851/24), तत्कालीन अंचल अधिकारी, रातू, रांची के विरूद्ध गठित आरोप पत्र में प्रतिवेदित आरोपों की जांच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित किया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।

जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता में लें सभी उपायुक्त : मुख्य सचिव
Published / 2025-06-25 21:57:41
जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता में लें सभी उपायुक्त : मुख्य सचिव

जल जीवन मिशन की सफलता में सभी डीसी लीडरशिप दे, मुख्य सचिव अलका तिवारी ने दिए निर्देश टीम एबीएन, रांची। हर घर नल से जल को लेकर चल रहे जल जीवन मिशन की झारखंड में वर्तमान स्थिति को लेकर मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार को समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान मिशन के आड़े आ रही समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश की गयी। वर्चुवल माध्यम से जुड़े तमाम जिले के उपायुक्तों को मुख्य सचिव ने मिशन के सुचारू क्रियान्वयन में लीडरशिप देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मिशन के कार्यों में समन्वय स्थापित करने के लिए सक्रिय सहभागिता निभायें। इसकी नियमित समीक्षा करें। इलाके के मुखिया के साथ नियमित अंतराल पर बैठक करें। इससे इलाके की अच्छी जमीनी जानकारी मिलेगी। इस फीडबैक का उचित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि अधूरा कार्य और पूरा भुगतान का मामला सामने आने पर उसे गंभीरता से लें। उसकी जांच करायें और समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे जब भी किसी काम से फील्ड में जायें, तो वहां के जल जीवन मिशन के कार्यों को जरूर देखें। उसका आकलन करें और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही समस्या का समाधान करें। जल जीवन मिशन की सफलता के लिए सभी उपायुक्तों को दो कमिटेड इंजीनियर दिये जा रहे हैं। वे उपायुक्तों के अधीन कार्य करेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि उनका टेक्निकल सेल बना कर पूरा काम लें। रोज उन्हें काम सौंपे और उसकी रिपोर्ट लें। बताते चलें की 15 अगस्त 2019 को सभी ग्रामीण घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन की शुरुआत हुई थी। दिसंबर 2028 तक इस योजना के तहत कार्य संपन्न करना है। इसके तहत अब तक झारखंड में 97,535 योजनाएं ली गई हैं। उनमें से 56,332 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 24,781 योजनाएं ग्राम समिति को सुपुर्द की जा चुकी ही। बाकी बची योजनाओं को ग्राम समिति को सुपुर्द करने की कार्रवाई की जा रही है। बताते चलें कि झारखंड में 29,398 गांव हैं। उनमें से 6963 गांवों को पूर्णत: नल के जल से जोड़ा जा चुका है। झारखंड के गांवों में 62,54,059 घर हैं। उनमें से 34,42,332 घरों में नलका से पानी आपूर्ति की जा रही है।

रांची एसडीओ ने जारी की बाघ से बचाव की एडवाइजरी
Published / 2025-06-25 20:47:26
रांची एसडीओ ने जारी की बाघ से बचाव की एडवाइजरी

बाघ से बचाव और रेस्क्यू मामले में रांची प्रशासन अनुमंडल पदाधिकारी उत्कर्ष कुमार की ओर से आम लोगों के लिए गाइडलाइन जारी किया गया टीम एबीएन, रांची। रांची जिलान्तर्गत सिल्ली प्रखंड के मारदु पंचायत अंतर्गत कोचो गांव में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मुरी ओपी क्षेत्र के निवासी पूरण चंद महतो के आवासीय परिसर में एक रॉयल बंगाल टाइगर (बाघ) के प्रवेश की सूचना प्राप्त हुई। जानकारी के अनुसार, बाघ परिसर के भीतर घुसने के बाद वहां लॉक हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा तत्काल रेस्क्यू आपरेशन प्रारंभ किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है तथा बाघ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला अत्यंत तकनीकी, संवेदनशील एवं जोखिमपूर्ण है। बाघ की मौजूदगी के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं जिज्ञासावश ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर इकट्ठा होने की संभावना भी बनी हुई है, जिससे रेस्क्यू आॅपरेशन में बाधा उत्पन्न हो सकती है एवं जन-धन की हानि का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसी विशेष परिस्थिति में जन-सुरक्षा एवं रेस्क्यू टीम के निर्बाध कार्य हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, रांची उत्कर्ष कुमार ने बीएनएसएस की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोचो, मुरी ओ०पी० क्षेत्र में पूरण चंद महतो के आवासीय परिसर से 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू की है। जारी आदेशानुसारपांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्रित होना पूर्णत: वर्जित रहेगा (सरकारी कार्य एवं शवयात्रा को छोड़कर)। किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। आम नागरिकों द्वारा अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि) लेकर चलना वर्जित रहेगा। लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि हरवे-हथियारों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन पूर्णत: निषिद्ध रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे संयम बरतें, अफवाहों से बचें एवं रेस्क्यू टीम का सहयोग करें, ताकि इस खतरनाक परिस्थिति का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।

झारखंड : अब जुलूस के दौरान नहीं कटेगी बिजली
Published / 2025-06-25 20:38:28
झारखंड : अब जुलूस के दौरान नहीं कटेगी बिजली

झारखंड में अब शोभायात्रा के दौरान नहीं कटेगी बिजली टीम एबीएन, रांची। झारखंड में त्योहारों की शोभायात्रा के दौरान अब बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। हाईकोर्ट के निर्देश पर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड यानी जेबीवीएनएल ने एसओपी जारी कर दिया है। आमतौर पर रामनवमी, सरहुल और मुहर्रम की शोभा यात्रा के दौरान बिजली काटना जरूरी हो जाता था, क्योंकि बड़े-बड़े और ऊंचे महावीरी पताके, ताजिया और सरना झंडा के बिजली तार के संपर्क में आने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। अब इससे बचने के लिए एसओपी जारी हो गया है, जिसका पालन सभी आयोजकों, समितियों, श्रद्धालुओं और नागरिकों को करना होगा। इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जेबीवीएनएल के एसओपी में क्या-क्या है जुलूस और शोभायात्रा के दौरान झंडे, वाहन, साउंड सिस्टम और झांकियों की ऊंचाई 4 मीटर यानी 13 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। बसों या किसी भी बड़े वाहन की छत पर किसी तरह का झंडा या ऊंची सामग्री लेकर बैठने पर रोक रहेगी, जिसकी कुल ऊंचाई 4 मीटर से अधिक हो। जुलूस के दौरान झंडा खड़ा करने पर इस बात का ध्यान रखना है कि वह किसी भी सूरत में बिजली तार के संपर्क में ना आये, जिससे कोई अप्रिय घटना घट जाए। जुलूस या शोभायात्रा के दौरान समितियों को पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर्स तैनात करने होंगे, जो इस बात का ख्याल रखेंगे कि कोई भी झंडा बिजली तार के संपर्क में ना आये। शोभायात्रा के दौरान विद्युत विभाग की ओर से 24 गुणा 7 चलने वाले विद्युत कंट्रोल रूम का गठन होगा। इसमें पर्याप्त संख्या में पदाधिकारी और कर्मी तैनात रहेंगे। यह लिस्ट आयोजन समितियों और जिला प्रशासन को मुहैया करायी जायेगी। साथ ही अखबारों और अन्य माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार भी किया जायेगा। किसी भी शोभायात्रा से पहले संबंधित रूट पर विद्युत के झुके हुए पोल, झुले हुए तार, ट्रांसफॉर्मर समेत अन्य विद्युत उपकरणों का मेंटेनेंस करवाया जायेगा। जेबीवीएनएल के एसओपी का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए आयोजन समितियों को पूर्व में ही सूचित करते हुए जागरूक किया जायेगा। शोभायात्रा वाले रूट पर पर्याप्त संख्या में विद्युत कर्मी तैनात रहेंगे। शोभायात्रा के रूट में पड़ने वाले ट्रांसफॉर्मर और अन्य विद्युत उपकरणों को चेतावनी वाले साइन के साथ अस्थायी रूप से बैरिकेड किया जायेगा। शोभायात्रा के दौरान ऊंचे वाहनों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। बिजली काटने को लेकर हाईकोर्ट ने क्या कहा दरअसल, त्योहार के दौरान शोभायात्रा की वजह से 10-10 घंटे बिजली काटे जाने पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। इस दौरान आम लोगों को होने वाली परेशानी से निजात के लिए हाईकोर्ट ने वैकल्पिक उपाय को लेकर जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि गर्मी में बिजली कटने से बुजुर्ग, बीमार, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, परीक्षार्थी पर ज्यादा असर पड़ता है। बिजली के अभाव में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद होने से राजस्व का नुकसान होता है। अस्पताल भी प्रभावित होते हैं। तब महाधिवक्ता राजीव रंजन ने साल 2000 में पलामू में हुई घटना का हवाला दिया था, जिसमें 29 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने बताया था कि इसी वजह से रामनवमी, मुहर्रम जुलूस के दौरान बिजली काटनी पड़ती है। इसपर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कहा था कि सड़क पर, ट्रेन से या विमान में यात्रा करते समय दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसके लिए लोगों को सड़क, ट्रेन या विमान का उपयोग करने से नहीं रोका जा सकता है। किसी तरह की दुर्घटना ना हो, इसके उपाय किये जाने चाहिए। जब जुलूस की अनुमति दी जाती है, तब पोल और झंडों की ऊंचाई और लंबाई भी तय की जानी चाहिए। इसी मामले में जेबीवीएनएल ने एसओपी जारी किया है।

रांची : रथ यात्रा में प्लास्टिक के उपयोग पर बैन
Published / 2025-06-23 20:57:16
रांची : रथ यात्रा में प्लास्टिक के उपयोग पर बैन

रांची में रथ यात्रा मेले के दौरान प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध टीम एबीएन, रांची। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि प्रशासन ने 27 जून से शुरू हो रहे 10 दिवसीय रथ यात्रा मेले के दौरान प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। भजंत्री ने बताया कि मेले में सभी स्टॉल संचालकों और दुकानदारों को आदेश का सख्ती से पालन करने और पत्तों से बने उत्पादों, बांस की टोकरी और कागज से बने सामान जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने के निर्देश दिये गये हैं।  अधिकारी ने कहा, इन उपायों से न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि मेले में साफ-सफाई बनाए रखने में भी सहयोग मिलेगा। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, पुलिस उप महानिरीक्षक सह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर में आयोजित होने वाले रथ यात्रा मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।  एसएसपी सिन्हा ने बताया कि मेले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है तथा परिसर में वॉच टावर और सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे। इसके अलावा, प्रमुख स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जायेगी। उपायुक्त ने यह भी बताया कि मेले के दौरान बिजली आपूर्ति, शौचालय, पेयजल, अग्निशमन वाहन और एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था की गई है।

रथ यात्रा को सफल बनाने में जुटी झारखंड पुलिस
Published / 2025-06-22 20:29:54
रथ यात्रा को सफल बनाने में जुटी झारखंड पुलिस

रथ यात्रा में सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, डीसी ने किया रूट का निरीक्षण टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में होने वाले ऐतिहासिक रथ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। रविवार को डीआईजी सह एसएसपी रांची चंदन कुमार सिन्हा और रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने जगन्नाथपुर रथ यात्रा मेला की तैयारी का जायजा लिया। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ-साथ उन्होंने जिला के वरीय पदाधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक भी की। बता दें कि जगन्नाथपुर रथ यात्रा न केवल रांची बल्कि पूरे झारखंड के लिए बेहद अहम होता है। इस दौरान पुरी के भगवान जगन्नाथ की तरह ही सभी पूजा अनुष्ठान और यात्रा होती है। यही वजह है कि सुरक्षा के साथ-साथ दूसरे इंतजामों के लिए डीआईजी सह एसएसपी रांची और डीसी रांची दोनों ही जोर शोर से लगे हुए हैं। रविवार को हुई बैठक में डीसी और एसएसपी ने निर्देश दिया है कि सभी विभाग एवं मेला न्यास समिति टीमवर्क की तरह कार्य करें। सभी सामूहिक जिम्मेदारी के तहत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कार्यों को संपादित करना सुनिश्चित करें। रविवार को डीआईजी सह एसएसपी रांची ने जगन्नाथपुर रथ यात्रा मेला की तैयारी एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ जिला के वरीय पदाधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश जारी किया। रांची डीसी ने बताया कि जगन्नाथपुर रथ यात्रा के दौरान साफ-सफाई के विशेष इंतजाम रखने के निर्देश दिये हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मेला परिसर में प्लास्टिक की थैलियों, डिस्पोजेबल ग्लास, प्लेट्स, चम्मच और अन्य सामग्रियों का उपयोग न करें। इसके साथ ही हर स्टॉल के बाहर डस्टबिन अनिवार्य रूप से रखना होगा।

सिकल सेल एनीमिया पर भी करें नक्सल आॅपरेशन की तरह काम : हेमंत सोरेन
Published / 2025-06-19 21:12:49
सिकल सेल एनीमिया पर भी करें नक्सल आॅपरेशन की तरह काम : हेमंत सोरेन

सीएम हेमंत सोरेन ने दिये आवश्यक दिशा निर्देश टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कई जिले सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावित हैं। इसको लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लिया और सिकल सेल से पीड़ित लोगों से बातचीत की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, वरिष्ठ चिकित्सक, मुख्य सचिव अलका तिवारी समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।कार्यक्रम में हिन्दपीढ़ी निवासी सिकल सेल मरीज अब्दुल हकीम ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि इस बीमारी में अत्यधिक थकान होती है, चलने-फिरने में परेशानी होती है और हीमोग्लोबिन की कमी के कारण अक्सर ब्लड चढ़वाना पड़ता है। कई बार अस्पताल में ब्लड नहीं मिल पाता, ऐसे में ब्लड डोनर खोजने की मजबूरी होती है। हकीम ने बताया कि पहले उन्हें बुखार हुआ, जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई और फिर आगे की जांच में सिकल सेल की पहचान हुई। स्वास्थ्य विभाग के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि राज्य में करीब एक हजार से अधिक लोग सिकल सेल से ग्रसित हैं। आंकड़ों के अनुसार हर 1300 व्यक्तियों में से एक में इसके लक्षण पाये जाते हैं। सबसे अधिक मामले रांची, गुमला, सिमडेगा और चाईबासा जिलों में सामने आए हैं। रांची में 1300, गुमला में 400 मरीज हैं। यह बीमारी आदिवासी और जनजातीय इलाकों में अधिक पायी जाती है। मलेरिया के बाद इसके संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। रांची की विमला कुमारी (28), जो सदर अस्पताल में काउंसलिंग का काम करती हैं, ने बताया कि 2016 में उन्हें इस बीमारी का पता चला। शुरुआत में हाथ-पैर में दर्द और ब्लड की कमी की शिकायत रहती थी। जांच के बाद सिकल सेल की पुष्टि हुई। पंडरा निवासी 15 वर्षीय स्नेहा तिर्की ने भी इस बीमारी से जूझने के अपने अनुभव साझा किये। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अधिकतर बीमारियां गंदगी से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कह कि जब घर में सांप घुसता है, तो लोग लाठी-डंडे लेकर उसे भगाने लगते हैं। उसी तरह, जब शरीर में बीमारी आ जाये तो उसका भी मुकाबला करना होगा। इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए हमें गंभीरता से सोचना होगा। सीएम ने जोर देते हुए कहा कि जिस तरह राज्य में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है, उसी तरह सिकल सेल के खिलाफ भी रणनीतिक और संगठित अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में इस बीमारी के अधिक मरीज हैं, वहां समुचित इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ जागरूकता और स्क्रीनिंग की मजबूत व्यवस्था करनी होगी ताकि यह बीमारी आगे किसी और को न हो। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अलका तिवारी, यूनिसेफ प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और कई अधिकारी मौजूद रहे।

झारखंड : भारी बारिश को लेकर सभी स्कूल बंद
Published / 2025-06-18 20:59:43
झारखंड : भारी बारिश को लेकर सभी स्कूल बंद

टीम एबीएन, रांची। भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर स्कूली छात्राओं के सुरक्षार्थ दिनांक 19.06.2025 को जिला में संचालित सभी कोटि के सरकारी/गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) एवं सभी निजी विद्यालयों में केजी से वर्ग-12 तक के विद्यालय को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत मौसम विज्ञान केंद्र झारखंड, रांची के विशेष बुलेटिन दिनांक 19.06.2025 को भारी बारिश के परिप्रेक्ष्य में रेड जोन की श्रेणी में रांची जिला को चिन्हित करते हुए भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गयी है। जिसके आलोक में जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने पर संबंधित विद्यालय/संस्थान आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की सुसंगत धारा के तहत उत्तरदायी होंगे।  जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, अवर विद्यालय निरीक्षक, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रधानाध्यापक-सह- निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, सभी कोटि के विद्यालय के प्राचार्य/प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक/ संबंधित शिक्षक-शिक्षिका/संबंधित विद्यालय प्रधान एवं गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) प्रारंभिक/माध्यमिक एवं +2 उच्च विद्यालय/ सचिव/प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक को आदेश पालन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है।

15 जून से एफडी और सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर भारी कटौती
Published / 2025-06-16 23:56:52
15 जून से एफडी और सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर भारी कटौती

देश के सबसे बड़े बैंक ने दिया झटकाआम लोगों की कमाई पर पड़ेगा असरएबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय स्टेट बैंक ने 15 जून 2025 से अपनी एफडी और सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाली ब्याज दरों में कटौती कर दी है। बैंक ने सभी अवधि की रेगुलर एफडी पर 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) और सेविंग अकाउंट पर 50 बेसिस पॉइंट (0.50%) तक की कटौती की है। इससे ग्राहकों की जमा पूंजी पर मिलने वाला ब्याज पहले की तुलना में कम हो जायेगा।एसबीआइ की नई एफडी ब्याज दरें: सामान्य और वरिष्ठ नागरिकों के लिएअवधि    सामान्य ग्राहकों के लिए    वरिष्ठ नागरिकों के लिए7 - 45 दिन    3.30% से घटकर 3.05%    3.80% से घटकर 3.55%46 - 179 दिन    5.30% से घटकर 5.05%    5.80% से घटकर 5.55%180 - 210 दिन    6.05% से घटकर 5.80%    6.55% से घटकर 6.30%211 दिन - 1 वर्ष    6.30% से घटकर 6.05%    6.80% से घटकर 6.55%1 - 2 वर्ष    6.50% से घटकर 6.25%    7.00% से घटकर 6.75%2 - 3 वर्ष    6.70% से घटकर 6.45%    7.20% से घटकर 6.95%3 - 5 वर्ष    6.55% से घटकर 6.30%    7.05% से घटकर 6.80%5 - 10 वर्ष    6.30% से घटकर 6.05%    7.30% से घटकर 7.05%बचत खाते की ब्याज दर भी हुई कमएसबीआई ने सेविंग अकाउंट (बचत खाता) की ब्याज दर को अब सभी खातों के लिए एक समान 2.5% कर दिया है। पहले यह दर बैलेंस के आधार पर अलग-अलग थी:10 करोड़ रुपये से कम: 2.7%10 करोड़ रुपये या अधिक: 3.0%अब दोनों को समायोजित कर एक ही दर 2.5% प्रति वर्ष तय कर दी गयी है।

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