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आयुष म्हात्रे को मिली भारतीय अंडर-19 टीम की कमान
Published / 2025-05-22 20:37:43
आयुष म्हात्रे को मिली भारतीय अंडर-19 टीम की कमान

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। इस टीम की कमान मुंबई के युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को सौंपी गयी है, जो खुद भी आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते नजर आये थे। वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे की जोड़ी आईपीएल में भी छायी रही थी और अब ये दोनों खिलाड़ी भारत की अंडर-19 टीम को इंग्लैंड में जीत दिलाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। राजस्थान रॉयल्स की ओर से आईपीएल डेब्यू करने वाले वैभव ने राहुल द्रविड़ के साथ बातचीत में इस दौरे के लिए अपनी तैयारी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि अब फोकस इंडिया अंडर-19 टीम के कैंप और इंग्लैंड में जीतने पर है। इस दौरे से वैभव जैसे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलेगा और भविष्य में भारत की सीनियर टीम के लिए खेलने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकता है। भारत की अंडर-19 टीम इस प्रकार है : आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा, एम चवडा, राहुल कुमार, अभिज्ञान कुंडू (उप-कप्तान, विकेटकीपर), हरवंश सिंह (विकेटकीपर), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, हेनिल पटेल, युद्धजीत गुहा, प्रणव राघवेंद्र, मोहम्मद इनान, आदित्य राणा, अनमोलजीत सिंह।

हरमनप्रीत करेंगी एफआइएच हॉकी प्रो लीग में कप्तानी
Published / 2025-05-22 20:34:52
हरमनप्रीत करेंगी एफआइएच हॉकी प्रो लीग में कप्तानी

एफआइएच हॉकी प्रो लीग के यूरोपीय चरण के लिए 24 सदस्यीय टीम घोषित, हरमनप्रीत को कप्तानी एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हॉकी इंडिया ने गुरुवार को नीदरलैंड के एम्सटेलीवन और बेल्जियम के एंटवर्प में सात से 22 जून तक होने वाली एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2024-25 के यूरोपीय चरण के लिए 24 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा की।  अनुभवी ड्रैगफ्लिकर हरमनप्रीत सिंह कप्तान के रूप में टीम अगुवाई करेंगे। मिडफील्डर हार्दिक सिंह उप-कप्तान होंगे। भारत अपने यूरोपीय चरण की शुरूआत में सात और नौ जून को नीदरलैंड के खिलाफ दो-दो मैचों खेलेगा। इसके बाद 11 और 12 जून को एम्सटेलवीन के वैगनर स्टेडियम में अर्जेंटीना के खिलाफ दो मैच होंगे।  टीम 14 और 15 जून को आस्ट्रेलिया का सामना करने के लिए एंटवर्प जायेगी और फिर 21 और 22 जून को मेजबान बेल्जियम के खिलाफ अपना अभियान समाप्त करेगी। टीम में गोलकीपर के रूप में कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज करकेरा शामिल हैं। सुमित, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, नीलम संजीप जेस, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जरमनप्रीत सिंह, संजय और यशदीप सिवाच टीम की रक्षा पंक्ति में होंगे।  मिडफील्ड में राज कुमार पाल, नीलकांत शर्मा, उप कप्तान हार्दिक सिंह, युवा प्रतिभावान राजिंदर सिंह, मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद और शमशेर सिंह शामिल हैं। गुरजंत सिंह, अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, मंदीप सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, दिलप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह भारतीय टीम के फॉरवर्ड है।  मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि हम इस बार टीम में थोड़ा और अनुभव चाहते थे और मैं टीम चयन से वास्तव में बेहद खुश हूं। टीम अच्छी तरह से अभ्यास कर रही है और हम जितना संभव हो सके उतना प्रयास करने और प्रो लीग जीतने की कोशिश कर रहे हैं।

विराट और उनकी कालजयी विराटता
Published / 2025-05-20 22:02:00
विराट और उनकी कालजयी विराटता

वह विराट, जो चुनौतियों में फला-फूला था और जिसे तगड़ा मुकाबला पसंद था, आखिरकार उसने खुद को यह समझा लिया कि अब मैदान से हटने और जीवन में आगे बढ़ने का समय आ गया है। जीवन में केवल क्रिकेट के अलावा भी बहुत कुछ है। प्रदीप मैगजीन एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हर वह चीज जिसकी शुरुआत है, उसका अंत भी है, चाहे वह जीवन हो या खिलाड़ी का करियर। इन दो छोरों के बीच, सफलता-असफलता, खुशी-गम, जीत-हार के साथ जीवन संघर्ष अपने आप में एक अप्रत्याशित यात्रा है। खेल की दुनिया में, रिटायरमेंट चाहे मजबूरी में हो या स्वेच्छा से, वह अंतिम मुकाम है, जहां पर खेल-यात्रा खत्म हो जाती है। टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की पारी खत्म हो गयी है। कई लोगों का मानना है कि यह समय से पहले लिया गया फैसला है, जबकि कोहली का मानना है उनके पास टेस्ट क्रिकेट की कठिन दरकारों में सफल होने के वास्ते जो ऊर्जा, मानसिक शक्ति और कौशल होना चाहिए, खासकर इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, अब पहले जैसा नहीं रहा। यहां तक कि दस हजार टेस्ट रन का मील का पत्थर, जो कि बहुत करीब था, वह भी इंग्लैंड जाने और क्रिकेट के मैदान पर अपनी ज्वलनशील ऊर्जा को बाहर निकालने का पर्याप्त लालच न बन पाया। कोहली अब 36 वर्ष के हैं, दो बच्चों के पिता हैं। उनकी जीवन संगिनी फिल्म स्टार अनुष्का हैं, जिन्होंने एक व्यक्तित्व के रूप में उनके विकास में बहुत योगदान दिया है। जीवन के बही-खाते में, यह एक ऐसी उम्र है जब पूरी दुनिया आपके आगे होती है, पीछे नहीं। लेकिन एक खिलाड़ी के जीवन में, यह वह उम्र होती है जहां करिअर का अंत सामने नजर आने लगता है। मन चाहे करे, लेकिन शरीर साथ नहीं देता। हालांकि, कोहली के मामले में इसका उल्टा है। टेस्ट क्रिकेट में उनकी फॉर्म भले ही पहले जितनी न रही हो लेकिन उनकी फिटनेस का स्तर किसी किशोर को भी शमिंर्दा कर सकता है। सफेद गेंद वाले क्रिकेट प्रारूप में उनकी सफलता और आईपीएल की फॉर्म के बूते उनकी प्रतिष्ठा जस की तस है, तथापि उनका मानना है कि अब उन्हें उस प्रारूप को अलविदा कर देना चाहिए जिसे वह सबसे ज्यादा प्यार करते हैं, जिसे उन्होंने ह्यखून, पसीने और आंसू से सींचा है। एक ऐसा प्रारूप जिसे वह इश्क करते हैं और जिसने उन्हें एक व्यक्ति के रूप में आकार दिया। पारंपरिक ज्ञान यह कहता है कि आप अपने पास वही रखें जो आपको सबसे ज्यादा पसंद है और जो अधिक महत्त्वपूर्ण न हो और जिसमें सार और अर्थ नहीं है, उसे तज दें। तब क्यों न सफेद टेस्ट क्रिकेट की बजाय सफेद गेंद वाले प्रारूप को छोड़ते लेकिन! समस्या यहीं पर है। अपनी अपार लोकप्रियता और प्रशंसकों के अलावा, कम ओवर वाले क्रिकेट प्रारूप (आईपीएल) को मानसिक और शारीरिक रूप से इसके लघु प्रारूप यानी टी-20 के मुकाबले संभालना ज्यादा आसान है। शायद यह धंधा इस मायने में मजेदार है, जिसमें विफलता बहुत नुकसान नहीं पहुंचाती और न ही सफलता यह महसूस करवाती है कि आप शिखर पर पहुंच गये हैं। और आईपीएल में आप जो करोड़ों कमाते हैं, वह इसे न छोड़ने के लिए एक अतिरिक्त प्रोत्साहन है। यह किसी राष्ट्र के लिए न होकर एक व्यावसायिक उद्यम के लिए प्रतिबद्धता है, जहां विफलता का जोखिम विश्वासघात के बराबर नहीं है। प्रतिबद्धता, अनुशासन और एकाग्रता का प्रतीक विराट, प्रतिद्वंद्वियों का ध्यान अपने शारीरिक हाव-भावों से भंग करने वाली खूबी रखने के साथ खेल के लघु संस्करण में प्रतिद्वंद्वियों को चबाने की ताब रखते हैं। वह बल्लेबाजी, दौड़ने और मानसिक दृढ़ता में उन्हें मात दे सकते हैं। वे अब क्रिकेट के सबसे कठिन प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में ऐसा नहीं कर सकते। उनके पास अपने खेल में रिस चुकी तकनीकी कमियों से पार पाने और पूरे पांच दिनों तक विस्फोटक स्तर को बनाए रखने के लिए पहले जितनी ऊर्जा और ताकत नहीं रही। सही मायने में विराट वीरता का सबसे बढ़िया मूर्त रूप हैं। वह निडर योद्धा, जो अपने विरोधियों को छकाने करने के लिए खुद को महामानव-सी ऊर्जा से भर लेता है। दुनिया के क्रिकेट इतिहास में दुर्लभ और भारत में भी इससे पहले ऐसा कोई नहीं हुआ जिसकी आक्रामकता, यहां तक कि अपनी तीव्र और कठोर अभिव्यक्ति में, जैन मुनियों जैसी एकाग्रता के साथ शानदार प्रदर्शन करने से लैस हो। उनकी कप्तानी का रिकॉर्ड इसी कारण से शानदार है कि उन्होंने मैदान में टीम को बिजली के करंट जैसी ऊर्जा से भर दिया, जिसने उन्हें टेस्ट क्रिकेट का पोस्टर ब्वॉय बना दिया। उन्होंने खुद स्वीकार किया कि इस काम ने उन्हें थका दिया है। जैसे-जैसे समय बीतता गया, उन्हें खुद अपने कुछ पहलू नहीं भाए, फिर भी वे अपनी ही छवि के कैदी बने रहे। उन्हें न चाहते हुए भी प्रदर्शन करना पड़ा। एक बल्लेबाज के रूप में उनकी गिरती सफलता दर के साथ, उन्हें अवसाद का सामना करना पड़ा और इससे पार पाने का रास्ता तलाशने के लिए बेताब रहे। वे अपने भीतर के दानव का सामना करना चाहते हैं और अपने दिमाग को धोकर स्वच्छ करना चाहते हैं। वे हमेशा बदलने, आत्मनिरीक्षण करने और अपने भीतर के नकारात्मक पक्ष का सामना करने के लिए तत्पर रहने वाले इंसान हैं और आध्यात्मिकता की ओर उनका रुख यह दर्शाता है कि वे आंतरिक शांति पाने की तलाश में हैं। उनकी अंतर्राष्ट्रीय यात्रा एक ऐसे युवा लड़के के रूप में शुरू हुई थी, जिसे इस बात की जरा परवाह नहीं हो कि दुनिया उसके बारे में क्या सोचती है। उसने भारत को अंडर-19 विश्वकप में जीत दिलायी। अनुशासन और कड़ी ट्रेनिंग में दुनिया की बेहतरीन चीजों का लुत्फ उठाने की इच्छा बलि चढ़ गई। उन्हें समय रहते अहसास हो गया कि उनका खेल बिगड़ रहा है और उन्हें बदलाव की जरूरत है। इसके वास्ते कठोर अनुशासन और आहार में बदलाव अपनाये, जिसने तराश कर वह विराट कोहली तैयार किया, जिसको दुनिया जानती है और प्रशंसा करती है। डेढ़ दशक में विराट ने वह सब हासिल कर लिया है जिसकी चाहना तमाम खिलाड़ियों को होती है, लेकिन हासिल बहुत कम कर पाते हैं : एक लीजेंड का दर्जा। टेस्ट क्रिकेट का शुभंकर, बल्लेबाजी की लासानी प्रतिभा और एक बेहतरीन कप्तान। खेलना जारी रखूं या नहीं, यही सवाल उनके दिमाग को परेशान और रातों को बेचैन कर रहा होगा। वह विराट, जो चुनौतियों में फला-फूला था और जिसे तगड़ा मुकाबला पसंद था, आखिरकार उसने खुद को यह समझा लिया कि अब मैदान से हटने और जीवन में आगे बढ़ने का समय आ गया है। जीवन में केवल क्रिकेट के अलावा भी बहुत कुछ है। (लेखक वरिष्ठ खेल समीक्षक हैं।)

नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर की लगायी शानदार छलांग
Published / 2025-05-17 21:38:10
नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर की लगायी शानदार छलांग

नीरज चोपड़ा ने पहली बार 90 मीटर की बाधा को तोड़ाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार रात दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर की शानदार छलांग लगाकर अपने करियर में पहली बार 90 मीटर की बाधा को पार किया, लेकिन जर्मनी के जूलियन वेबर ने नाटकीय अंदाज में उन्हें जीत से वंचित कर दिया, जिन्होंने अंतिम दौर में 91.06 मीटर की छलांग लगाकर विश्व में अग्रणी स्थान हासिल किया।टोक्यो 2020 के स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा विश्व रजत पदक विजेता चोपड़ा ने ऐतिहासिक थ्रो के साथ शुरुआत में ही लय बना ली थी जिससे वह 2019 में शिवपाल सिंह द्वारा 90.10 मीटर (हवा की मदद वाली परिस्थितियों में) के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले केवल दूसरे भारतीय बन गए। 26 वर्षीय खिलाड़ी ने थ्रो के बाद जीत की खुशी में अपने हाथ ऊपर उठाए और एक बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि का जश्न मनाया।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के विजेता को मिलेंगे 5.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर
Published / 2025-05-15 22:09:39
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के विजेता को मिलेंगे 5.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतने वाली टीम को मिलेगी बंपर इनामी राशि एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दक्षिण अफ्रीका और आॅस्ट्रेलिया के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए पुरस्कार राशि की घोषणा कर दी गयी है। दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के बीच लॉर्ड्स में होने वाले एकमात्र टेस्ट से एक महीने से भी कम समय पहले आईसीसी ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के 2023-25 संस्करण के लिए एक विशाल पुरस्कार राशि की घोषणा की है। डब्ल्यूटीसी 2023-25 फाइनल के लिए कुल पुरस्कार राशि 5.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो पिछले दो संस्करणों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। चैंपियन को 3.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिलेंगे जो 2021 और 2023 दोनों में दिये गये 1.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर से काफी अधिक है जबकि उप-विजेता को 800,000 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अब 2.16 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। अंतिम टेस्ट के लिए 30 दिन की उल्टी गिनती को चिह्नित करते हुए आइसीसी ने इस मुकाबले के लिए उत्साह बढ़ाने वाला एक प्रचार वीडियो भी जारी किया जिसमें दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा, शीर्ष तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा, प्रोटियाज स्टार एडेन मार्कराम, आॅस्ट्रेलिया के दिग्गज स्टीव स्मिथ और शानदार ट्रैविस हेड के साथ-साथ पूर्व महान खिलाड़ी शॉन पोलक, डेल स्टेन, मैथ्यू हेडन, मेल जोन्स, नासिर हुसैन, शोएब अख्तर और रवि शास्त्री शामिल हैं। इसी के साथ ही दोनों फाइनलिस्टों ने टीमों का भी ऐलान कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका डब्ल्यूटीसी 25 स्टैंडिंग में शीर्ष पर रहा और लॉर्ड्स में फाइनल में जगह बनाने वाली पहली टीम बन गयी, जिसमें पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और श्रीलंका पर जीत और भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज ड्रॉ रही। आस्ट्रेलिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत पर 3-1 की जीत के साथ फाइनल में अपनी जगह पक्की की। उनके मजबूत अभियान में न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ घरेलू और विदेशी सीरीज में पाकिस्तान को 3-0 से हराना भी शामिल है।

डीएवी गांधीनगर में 10 दिवसीय खेलकूद प्रशिक्षण शिविर शुरू
Published / 2025-05-15 21:02:19
डीएवी गांधीनगर में 10 दिवसीय खेलकूद प्रशिक्षण शिविर शुरू

टीम एबीएन, रांची। डीएवी गांधीनगर में गुरुवार से से 10 दिवसीय खेलकूद प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्लास वन से ऊपर के तकरीबन 200 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इसमें योगा, टेबल टेनिस, कबड्डी, खो खो, कराटे, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जुडो आदि खेलों का प्रशिक्षण विभिन्न खेल प्रशिक्षक गोविंद झा, कौशल कुमार, स्वाति शिप्रा, चंदन, कुंदन कुमार आदि खिलाड़ी बच्चों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।इससे पहले विद्यालय के प्राचार्य प्रदीप कुमार झा खिलाड़ियों को खेलकूद की महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि फिट रहने के लिए खेलना बहुत जरूरी है और फिर सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया।

खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में झारखंड जिम्नास्टिक संघ का परचम
Published / 2025-05-14 21:55:34
खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में झारखंड जिम्नास्टिक संघ का परचम

झारखंड के जिम्नास्टिक खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में लहराया परचम एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में झारखंड जिम्नास्टिक संघ के अंतर्गत भाग लेने वाले खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन किया। क्वालिफिकेशन से लेकर फाइनल तक, झारखंड के जिम्नास्टिक खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और तकनीकी निपुणता का अद्भुत उदाहरण पेश किया। प्रमुख उपलब्धियां तुलिन तिवारी ने फ्लोर एक्सरसाइज में 11.433 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए कांस्य पदक जीता। उन्होंने पॉममेल हॉर्स में 10.933 अंक लेकर चौथा स्थान प्राप्त किया। दिबास गायेन ने हाई बार में 10.967 अंक अर्जित कर रजत पदक जीता। क्वालिफिकेशन राउंड में प्रदर्शन तुलिन तिवारी : पॉममेल हॉर्स (11.433), फ्लोर (11.600) सुभ्रज्योति बासु : पॉममेल हॉर्स (11.500), फ्लोर (11.300) दिबास गायेन : हाई बार में क्वालिफिकेशन एवं फाइनल में पदक झारखंड जिम्नास्टिक संघ ने कहा कि झारखंड के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पूरे राज्य में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। यह सफलता केवल खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि संघ द्वारा चलाए जा रहे निरंतर प्रशिक्षण, संरचना विकास और ग्राम स्तर तक प्रतिभा खोज की नीतियों का फल है। विशेष उल्लेख कोच जितेन्द्र कुमार का है, जिनके लगातार समर्पित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा, खेलो इंडिया जैसे राष्ट्रीय मंचों पर झारखंड की उपस्थिति यह दशार्ती है कि हमारा राज्य खेलों में नई ऊंचाइयां छू रहा है। हम जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने खिलाड़ियों को भारत का प्रतिनिधित्व करते देखेंगे। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर झारखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आरके आनंद, कार्यकारी अध्यक्ष शेखर बोस, महासचिव डॉ मधुकांत पाठक, झारखंड जिम्नास्टिक संघ के संरक्षक सह रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा, निदेशक खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग संदीप कुमार, जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार, अध्यक्ष रंजन कुमार, उपाध्यक्ष तूलिका श्रीवास्तव, कार्यकारी सचिव राजीव, प्रशासनिक सचिव डॉ. दीपक साहू, संयुक्त सचिव लक्ष्मण सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष गोविंद झा, धनबाद के सचिव शशिकांत पांडे, जामताड़ा के सचिव सरोज यादव तथा रांची के खेल पदाधिकारी शिवेंद्र सिंह कॉर्डिनेटर चतरा तुषार राय एवं मुक्ति लता खेस ने खिलाड़ियों, कोच जितेन्द्र कुमार और पूरी कोचिंग टीम को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है।

17 से फिर शुरू होगा इंडिया का त्योहार, तीन को फाइनल
Published / 2025-05-13 20:44:46
17 से फिर शुरू होगा इंडिया का त्योहार, तीन को फाइनल

17 मई को फिर से शुरू होगा आईपीएल 2025, फाइनल की तारीख बदली एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत पाक वॉर के दौरान सीजफायर होने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड भी एक्टिव हो गया है। वॉर के कारण आईपीएल को सस्पेंड कर दिया गया था। अब खबर है कि बीसीसीआई आईपीएल को दोबारा शुरू करने जा रहा है। पहला मुकाबला 17 मई को होगा जबकि फाइनल मुकबला 3 जून को खेला जायेगा। मैच को पूरा करने के लिए अब ज्यादा डबल हेडर खेले जायेंगे। बीते दिनों बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा था कि आईपीएल के शेड्यूल के लिए भारत सरकार से दिशा निर्देशों का इंतजार है। यह जैसे ही आयेंगे। वैन्यू को देखते हुए नया शेड्यूल जारी कर दिया जायेगा। अब आईपीएल प्रबंधकों और बीसीसीआई के बड़े अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद शेड्यूल जारी कर दिया गया है। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि बीसीसीआई को टाटा आईपीएल 2025 फिर से शुरू करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों और सभी प्रमुख हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद बोर्ड ने बचे सत्र के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। लीग के फिर से शुरू होने पर पहला मैच 17 मई को बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच होगा। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार लीग मैचों के लिए 6 स्थान बेंगलुरु, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, अहमदाबाद और मुंबई होंगे। 17 मई से शुरू होकर 3 जून को फाइनल में समापन करने के लिए 6 स्थानों पर कुल 17 मैच खेले जायेंगे। संशोधित कार्यक्रम में दो डबल-हेडर शामिल हैं, जो दो रविवार को खेले जायेंगे। प्लेआफ का कार्यक्रम इस प्रकार है: क्वालीफायर 1 - 29 मई एलिमिनेटर - 30 मई क्वालीफायर 2 - 1 जून फाइनल - 3 जून प्लेआफ मैचों के लिए स्थल विवरण बाद में घोषित किये जायेंगे।

हिटमैन के बाद रन मशीन ने भी लिया टेस्ट से सन्यास
Published / 2025-05-12 15:20:48
हिटमैन के बाद रन मशीन ने भी लिया टेस्ट से सन्यास

कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लियाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट को एक हफ्ते के अंदर दो बड़े झटके लगे हैं। रोहित शर्मा के बाद अब विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। सोमवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। पिछले कुछ दिनों से मीडिया में यह बात चल रही थी कि कोहली ने बीसीसीआई को अपने संन्यास के बारे में जानकारी दे दी है, लेकिन बीसीसीआई ने आगामी इंग्लैंड टेस्ट सीरीज को देखते हुए उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था। हालांकि, कोहली ने टेस्ट से संन्यास लेने का ही फैसला किया। भारत के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि बुधवार (सात मई) को नियमित कप्तान रोहित ने भी टेस्ट से संन्यास ले लिया था। एक हफ्ते के अंदर दो दिग्गज खिलाड़ियों के संन्यास से फैंस सदम में हैं। इसी के साथ भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक अध्याय का अंत हो गया। भारत को इंग्लैंड का दौरा अगले महीने करना है। इस दौरान टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी।

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