खेल दिवस पर लोगों ने किया हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन..जन्म की तारीख और समय: 29 अगस्त 1905, प्रयागराजमृत्यु की जगह और तारीख: 3 दिसंबर 1979, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज दिल्ली, नई दिल्लीपुरस्कार: पद्म भूषणमाता-पिता: समेश्वर दत्त सिंह, श्रद्धा श सिंहभारतीय हॉकी के सबसे दिग्गज खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक माना जाता है जिन्होंने भारत के लिए हॉकी खेला है।दूसरे विश्व युद्ध से पहले के वर्षों में हॉकी के खेल पर अपना वर्चस्व कायम करने वाली भारतीय हॉकी टीम के स्टार खिलाड़ी ध्यानचंद एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी थे। जिन्होंने 1928, 1932 और 1936 में भारत को ओलंपिक खेलों में लगातार तीन स्वर्ण पदक जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ध्यानचंद को इस खेल में महारत हासिल थी और वो गेंद को अपने नियंत्रण में रखने में इतने निपुण थे कि वो हॉकी जादूगर और द मैजिशियन जैसे नामों से प्रसिद्ध हो गये।ध्यानचंद ने तत्कालीन ब्रिटिश भारतीय सेना के साथ अपने कार्यकाल के दौरान हॉकी खेलना शुरू किया और 1922 और 1926 के बीच, उन्होंने कई सेना हॉकी टूर्नामेंट और रेजिमेंटल खेलों में भाग लिया। ध्यान सिंह का जन्म इलाहाबाद में हुआ था, उन्हें उनके दोस्त चंद कहकर पुरारते थे। ये नाम इसलिए पड़ा क्योंकि वो अक्सर अपने ड्यूटी के बाद कई घंटे चाँदनी रात में अभ्यास करते थे।उन्होंने सेना में रहते हुए खेल को समझने वाले लोगों को प्रभावित किया था और जब नवगठित भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ने एम्स्टर्डम में 1928 ओलंपिक के लिए एक टीम भेजने का फैसला किया, तो ध्यानचंद को ट्रायल के लिए बुलाया गया।मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है क्योंकि वे अविश्वसनीय रूप से गेंद पर नियंत्रण रखते थे, उनकी स्टिक-वर्क और बॉल कंट्रोल अद्भुत था, और वे अपनी शानदार ड्रिबलिंग और गोल करने की क्षमता से दर्शकों को चकित कर देते थे। उनके इस जादुई खेल प्रदर्शन के कारण उन्हें यह उपाधि मिली।
खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर, 16 टीमें लेंगी हिस्सा विजेता को मिलेगा तीन लाख रुपये नकद और बड़ी ट्रॉफी उप विजेता को मिलेगा 2.21 लाख और बड़ी ट्रॉफी इस बार टूर्नामेंट में उड़ीसा, पश्चिम बंगाल की टीमें भी होंगी शामिल टूर्नामेंट का फाइनल पांच सितंबर को दिन के दो बजे से होगाएबीएन न्यूज नेटवर्क, मांडर/ रांची। शहीद एतवा उरांव स्मारक न्यास और युवा विकास क्लब, बूढ़ाखुखरा, (मांडर) के संयुक्त तत्वावधान में छह दिनी शहीद एतवा उरांव फुटबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन 31 अगस्त को दिन के 10 बजे से होगा। खेल प्रभारी फ्रांसिस जेवियर खलखो और मो शाकिब ने बताया कि रांची जिला अंतर्गत मांडर प्रखंड के बूढ़ाखुखरा स्थित खेल मैदान में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि इस बार टूर्नामेंट में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा राउरकेला, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल की भी हिस्सा ले रहीं हैं। फ्रांसिस जेवियर खलखो (मोबाइल- 9661904995) और मो. शाकिब (मोबाइल- 9572104027) ने बताया कि टूर्नामेंट के विजेता टीम को तीन लाख रुपये नकद और एक बड़ी ट्रॉफी तथा उपविजेता को 2.21 लाख रुपये नकद और बड़ी ट्रॉफी प्रदान की जायेगी। वहीं तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करनेवाली टीमों को क्रमश: 51-51 हजार रुपये नकद पुरस्कार और ट्रॉफी से सम्मानित किया जायेगा। इस बार टूर्नामेंट में 31 अगस्त को उद्घाटन मैच सहित कुल तीन मैच खेले जायेंगे। वहीं पांच सितंबर को फाइनल के अतिरिक्त महिलाओं का एक फैंसी जिला स्तरीय मैच होगा।
कल से शुरू होगा हॉकी का महामुकाबला, आठ टीमें लेंगी हिस्सा एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। मेजर ध्यानचंद की जयंती और राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर कल यानी 29 अगस्त से बिहार के राजगीर में हीरो पुरुष एशिया हॉकी कप 2025 की शुरुआत होने जा रही है। दस दिनों तक चलने वाला यह टूर्नामेंट 7 सितंबर तक चलेगा। यह एशिया कप का 12वां संस्करण है जिसमें एशिया की आठ शीर्ष टीमें भारत, जापान, चीन, कजाकिस्तान, मलेशिया, कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमें राजगीर पहुंच चुकी हैं और खिलाड़ियों के लिए ठहरने तथा सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। भारतीय टीम को खेल परिसर में ठहराया गया है। यह टूर्नामेंट 2026 एफआईएच हॉकी विश्व कप का क्वालीफायर भी है, इसलिए हर मैच और अधिक अहम और रोमांचक हो गया है। अब तक खेले गए 11 संस्करणों में दक्षिण कोरिया सबसे सफल टीम रही है जिसने पांच बार खिताब जीता है। भारत और पाकिस्तान ने तीन-तीन बार कप अपने नाम किया है। कुल 24 मैच खेले जायेंगे और पहले दिन चार मुकाबले होंगे। मेजबान भारत पूल ए में जापान, चीन और कजाकिस्तान के साथ है। भारत का पहला मुकाबला 29 अगस्त को चीन से होगा, जबकि 31 अगस्त को जापान और 1 सितंबर को कजाकिस्तान से भिड़ेगा। पूल बी में मलेशिया, कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे की टीमें शामिल हैं। टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच मलेशिया और बांग्लादेश के बीच खेला जायेगा। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह सीईओ रवींद्रन शंकरन ने कहा कि पहली बार पुरुष एशिया कप का आयोजन बिहार के राजगीर में हो रहा है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। यह आयोजन न केवल बिहार की अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की क्षमता को प्रदर्शित करेगा बल्कि पर्यटन, कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी राज्य की वैश्विक छवि को मजबूत करेगा। राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का विश्वस्तरीय हॉकी स्टेडियम इस आयोजन को और भव्य बनायेगा। इससे पहले भी बिहार ने महिला एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2024 और खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 जैसे बड़े आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न किये हैं। पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में इस वर्ष सेपक टकराव विश्व कप का भी आयोजन हुआ था। एशिया कप 2025 का आयोजन बिहार के लिए ऐतिहासिक साबित होगा और यह राज्य को खेल, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने का काम करेगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आस्ट्रेलिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क इन दिनों जिंदगी की सबसे कठिन पारी खेल रहे हैं। क्लार्क एक बार फिर स्किन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से जूझ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए बताया कि आस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह घातक बीमारी कोई अफवाह नहीं बल्कि सच है। उन्होंने बताया कि उनकी नाक से एक और कैंसर हटाने के लिए सर्जरी हुई है और उन्होंने फैंस को सावधानी बरतने और समय पर जांच कराने की अपील भी की।
टीम एबीएन, रांची। डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल गांधीनगर में डी ए वी स्पोर्ट्स के तहत राज्य स्तरीय चेस एवं टेबल टेनिस प्रतियोगिता का समापन हुआ। इस दो दिवसीय खेल स्पर्धा में राज्य के विभिन्न जिलों के डी ए वी विद्यालयों से आये 400 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें 14, 17 और 19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में व्यक्तिगत स्पर्धा के साथ जोड़ी खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया था। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सफल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर डी ए वी पब्लिक स्कूल क्षेत्र बी के क्षेत्रीय पदाधिकारी सह प्राचार्य डी ए वी कपिलदेव एम के सिन्हा, क्षेत्र ए के क्षेत्रीय सह प्राचार्य एस के मिश्रा ने विजयी प्रतियोगियों को मेडल और शील्ड प्रदान किये। इस अवसर पर श्री सिन्हा ने अपने वक्तव्य में कहा कि यहां की स्पर्धाओं में सफल प्रतियोगियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेना होगा। कठिन परिश्रम, लगन और समर्पण की भावना होने से असाध्य भी साध्य हो जाता है। उम्मीद है झारखंड के हमारे ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने में सफल होंगे। वहीं प्राचार्य प्रदीप कुमार झा ने कहा कि जीत हार जीवन के दो पक्ष होते हैं। जीत से अधिक उत्साहित और हार से कभी विचलित नहीं होना चाहिए। किसी स्पर्धा में हिस्सा लेना ही बड़ी बात होती है। खेल से अनुशासन, सहिष्णुता और निर्णय लेने की क्षमता की वृद्धि होती है। चेस में बुद्धि कौशल और निर्णय क्षमता तो टेबल टेनिस जैसे खेल बुद्धि के साथ स्फूर्ति देखी जाती है। इस अवसर पर डी ए वी गोविंदपुर के प्राचार्य एस के पाठक, खलारी के प्राचार्य कमलेश कुमार, बचरा की प्राचार्या श्रीमती रिशु चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों ने अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस आयोजन को सफल बनाने में खेल प्रशिक्षक गोविंद झा, कौशल कुमार और स्वाति शिप्रा के साथ निराकार आचार्या, ब्रजेशजी सिन्हा, अमित दत्ता, ए के सिंह, परितोष दुबे,मनोज कुमार, जया जायसवाल, के के प्रसाद, गिरिजा प्रसाद आदि की सराहनीय भूमिका रही। परिणाम इस प्रकार हैं टेबल टेनिस बालिका वर्ग 14 वर्ष प्रथम डी ए वी बिस्टुपुर द्वितीय डी ए वी गुमला 17 वर्ष प्रथम डी ए वी गिरिडीह द्वितीय डी ए वी गोविंदपुर 19 वर्ष डी ए वी गिरिडीह द्वितीय डी ए वी गांधीनगर टेबल टेनिस बालक वर्ग 14 वर्ष प्रथम डी ए वी गांधीनगर द्वितीय डी ए वी भंडारकोला 17 वर्ष प्रथम डी ए वी गांधीनगर द्वितीय डी ए वी गिरिडीह 19 वर्ष डी ए वी बिस्टुपुर द्वितीय डी ए वी गिरिडीह टेबल टेनिस बालिका वर्ग व्यक्तिगत 14 वर्ष प्रथम डी ए वी बिस्टुपुर द्वितीय डी ए वी स्वांग 17 वर्ष प्रथम डी ए वी बिस्टुपुर द्वितीय डी ए वी गिरिडीह 19 वर्ष प्रथम डी ए वी गिरिडीह द्वितीय डी ए वी कोयलानगर टेबल टेनिस बालक वर्ग व्यक्तिगत 14 वर्ष प्रथम डी ए वी बिस्टुपुर द्वितीय डी ए वी गोविंदपुर 17 वर्ष प्रथम डी ए वी गांधीनगर द्वितीय डी ए वी हजारीबाग 19 वर्ष प्रथम डी ए वी बिस्टुपुर द्वितीय डी ए वी गिरिडीह शतरंज बालिका वर्ग 14 वर्ष प्रथम डी ए वी बरियातू द्वितीय डी ए वी रजरप्पा 17 वर्ष प्रथम डी ए वी चाइबासा द्वितीय डी ए वी सरिया 19 वर्ष प्रथम डी ए वी रजरप्पा द्वितीय डी ए वी मुनीडीह शतरंज बालक वर्ग 14 वर्ष प्रथम डी ए वी भंडारकोला द्वितीय डी ए वी हेहल 17 वर्ष प्रथम डी ए वी चाइबासा द्वितीय डी ए वी भंडारकोला 19 वर्ष प्रथम डी ए वी डी ए वी हेहल द्वितीय डी ए वी धोरी
ड्रीम-11 ने तोड़ा भारतीय क्रिकेट टीम से नाता बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर समाप्त किया अनुबंध एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को ड्रीम-11 के साथ अपने संबंध आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिये। यह फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म अब भारतीय क्रिकेट टीम को प्रायोजित नहीं करेगा। यह कदम पिछले गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में आनलाइन गेमिंग के प्रचार और नियमन विधेयक के पारित होने के बाद उठाया गया है। यूएई में होने वाले एशिया कप में अब केवल दो सप्ताह बचे हैं और भारतीय टीम फिलहाल बिना किसी टाइटल प्रायोजक के है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस बात की पुष्टि की और कहा कि बोर्ड भविष्य में ऐसे संगठनों के साथ साझेदारी नहीं करेगा। उन्होंने कहा, आनलाइन गेमिंग के प्रचार और नियमन विधेयक, 2025 के पारित होने के बाद बीसीसीआई और ड्रीम11 अपने करार समाप्त कर रहे हैं। बीसीसीआई यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसे किसी भी संगठन के साथ कोई संबंध न हो। इससे पहले एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ड्रीम11 के प्रतिनिधियों ने मुंबई स्थित बीसीसीआई कार्यालय का दौरा किया और बोर्ड के सीईओ को सूचित किया कि वे अब भारतीय टीम को प्रायोजित नहीं करेंगे। इसमें आगे कहा गया है कि भारतीय बोर्ड जल्द ही एक नया टेंडर जारी कर सकता है। एक अन्य अधिकारी ने पुष्टि की कि अनुबंध में एक प्रावधान के कारण प्रायोजक के हटने के फैसले पर कोई कार्रवाई होने की संभावना नहीं है। इस प्रावधान में कहा गया है कि अगर प्रायोजक का मुख्य व्यवसाय भारत सरकार द्वारा लागू कानून में बदलाव से प्रभावित होता है, तो वे क्रिकेट बोर्ड को कुछ भी भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।गौरतलब हो कि 18 साल पहले स्थापित 8 अरब डॉलर की वैल्यू वाला ड्रीम11 जुलाई 2023 में बीसीसीआई का प्रमुख प्रायोजक बना जिसने एडटेक फर्म बायजूज की जगह 358 करोड़ के तीन साल के सौदे के साथ ली। भारतीय टीम के अलावा उन्होंने आईपीएल में भी कदम रखा, जहां उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह जैसे कई शीर्ष खिलाड़ियों को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया। 2020 में वे चीनी फर्म वीवो की जगह आईपीएल के ट्रॉफी प्रायोजक भी बन गये।ड्रीम-11 भारत के अलावा कैरेबियन प्रीमियर लीग के आधिकारिक फैंटेसी पार्टनर और सुपर स्मैश के टाइटल प्रायोजक हैं। आॅस्ट्रेलियाई घरेलू टी20 प्रतियोगिताओं, बिग बैश लीग और महिला बिग बैश लीग में भी उनकी उपस्थिति है। गौरतलब है कि उन्होंने 2018 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के साथ भी साझेदारी की थी। ड्रीम11 इंडियन सुपर लीग और प्रो कबड्डी लीग और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ का आधिकारिक फैंटेसी पार्टनर भी है।
मीराबाई चानू ने की शानदार वापसी, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में जीता गोल्ड एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एक साल के लंबे अंतराल के बाद वापसी करने वाली मीराबाई चानू ने अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए यहां राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में नये रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता।तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने महिलाओं के 48 किग्रा वजन वर्ग में कुल 193 किग्रा (84 किग्रा + 109 किग्रा) वजन उठाकर राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में कुल, स्नैच और क्लीन एंड जर्क के रिकॉर्ड तोड़कर पहला स्थान हासिल किया।यह 31 वर्षीय खिलाड़ी इससे पहले 49 किग्रा में भाग लेती थी लेकिन यह वजन वर्ग अब ओलंपिक में शामिल नहीं है। मीराबाई पिछले साल अगस्त में पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार किसी प्रतियोगिता में भाग ले रही है। पेरिस ओलंपिक में वह चौथे स्थान पर रही थी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के 2036 ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा के बीच केंद्र सरकार इस बार राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) को भव्य रूप से मना रही है। देशभर में 29 से 31 अगस्त तक तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। इस दिशा में झारखंड भी पीछे नहीं है। राजधानी रांची सहित राज्यभर में खेल एवं फिटनेस गतिविधियों को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हर साल मनाया जाता है। लेकिन इस बार का आयोजन विशेष महत्व रखता है। केंद्र सरकार ने नागरिकों और खिलाड़ियों से अपील की है कि वे प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल और व्यायाम को समय दें, ताकि फिट इंडिया मूवमेंट को जन आंदोलन का रूप दिया जा सके। झारखंड, जो खुद को हॉकी की नर्सरी के रूप में स्थापित कर चुका है, इस आयोजन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राज्य सरकार और खेल मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से राजधानी रांची में कई बड़े आयोजन होने जा रहे हैं। खेल विभाग, हॉकी झारखंड और विभिन्न खेल संगठनों की सक्रिय भागीदारी से खेल को जन-जन तक पहुंचाने का खाका तैयार किया गया है। रांची के खेलगांव, बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में फिटनेस कार्निवल, वाद-विवाद प्रतियोगिता, संगोष्ठी, रन फॉर फिटनेस और प्रदर्शनी मैच आयोजित होंगे। खासकर हॉकी से जुड़े विभिन्न वर्गों, महिला, पुरुष, जूनियर और सब-जूनियर के लिए अलग-अलग टूर्नामेंट की योजना बनायी गयी है। इस आयोजन का मकसद मेजर ध्यानचंद की स्मृति को जीवंत करना और झारखंड में मौजूद प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है। हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने बताया कि 29 अगस्त इस बार झारखंड के लिए ग्रैंड होगा। हमारे लिए मेजर ध्यानचंद सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि प्रेरणा के स्रोत हैं। उनकी जयंती को यादगार बनाने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। राज्यभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम न सिर्फ खिलाड़ियों को बल्कि आम नागरिकों को भी खेल से जोड़ेंगे। हॉकी झारखंड के पदाधिकारी रजनीश कुमार ने कहा कि राजधानी रांची इन तीन दिनों में खेलों का केंद्र बनने जा रही है। हम चाहते हैं कि खेल दिवस सिर्फ औपचारिकता न रहकर एक उत्सव बने। इसके लिए स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और पंचायत स्तर तक सक्रियता दिखायी जायेगी। 29 अगस्त (उद्घाटन दिवस) मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राजधानी रांची में भव्य उद्घाटन समारोह होगा। बिरसा मुंडा स्टेडियम में फिट इंडिया रन, योग और फिटनेस एक्टिविटी और स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। स्टेडियम में हॉकी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इस दिन ह्यखेल विमर्श और वाद-विवाद प्रतियोगिता भी आयोजित की जायेगी। 30 अगस्त (प्रतियोगिता दिवस) दूसरे दिन विभिन्न हॉकी वर्गों के टूर्नामेंट खेले जायेंगे। महिला और जूनियर हॉकी मैचों के अलावा स्कूल और कॉलेज स्तर पर भी एथलेटिक्स, कबड्डी, फुटबॉल और इंडोर खेलों की प्रतियोगिताएं होंगी। फिट इंडिया कार्निवल और स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगया जायेगा। 31 अगस्त (समापन दिवस) अंतिम दिन पुरुष हॉकी टूर्नामेंट का फाइनल मैच आकर्षण का केंद्र होगा। इसके अलावा खेल और फिटनेस पर आधारित प्रदर्शनी, निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण और फिट इंडिया संकल्प समारोह होगा। समापन अवसर पर खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया जायेगा। झारखंड में होने वाले आयोजन का सीधा संदेश है कि खेल केवल मैदान तक सीमित न रहकर जीवनशैली का हिस्सा बने। केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि 2036 ओलंपिक की तैयारी सिर्फ खेल सुविधाओं तक सीमित न रहकर आम नागरिकों के जीवन में खेलों की संस्कृति स्थापित करे।29 से 31 अगस्त तक झारखंड में होने वाले इन आयोजनों से यह उम्मीद की जा रही है कि खेल दिवस को एक बड़े जन उत्सव के रूप में मनाया जायेगा। राज्य सरकार, खेल संगठनों और नागरिकों की साझा भागीदारी से यह कार्यक्रम झारखंड को राष्ट्रीय खेल आंदोलन में अग्रणी राज्य के रूप में पहचान दिलायेगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई ने Dream 11 से अपना नाता तोड़ लिया है। ये फैसला प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल के पास होने के बाद लिया गया। ड्रीम इलेवन से नाता टूटने के बाद बीसीसीआई ने एक बड़ा फैसला भी ले लिया है।बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि वो अब इस तरह की कंपनियों के साथ कभी नाता नहीं जोड़ेंगे। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने ड्रीम इवेन से नाता टूटने के बाद कहा, हम भविष्य में ऐसी कंपनियों के साथ काम नहीं करेंगे।
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