मुस्लिम दोस्त की बहन से लड़ाया इश्क़, दुनिया परिवार से लड़कर की शादी, लोगों ने दी गालियां...एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। अजीत अगरकर, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान बीसीसीआई मुख्य चयनकर्ता, ने अपनी प्रेम कहानी से कई लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने अपने सबसे अच्छे दोस्त मझर घडियाली की बहन फातिमा घडियाली से शादी की, जो एक मुस्लिम परिवार से हैं। अजीत, जो एक मराठी ब्राह्मण परिवार से हैं, ने 2000 में फातिमा से मुलाकात की, जब वह एक निजी कंपनी में मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में काम करती थीं।दोनों की मुलाकात मझर के माध्यम से हुई, जो मुंबई में घरेलू क्रिकेट खेलता था। फातिमा अक्सर अपने भाई के साथ क्रिकेट मैच और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में जाती थीं, जहां अजीत भी मौजूद होते थे। यहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई और जल्द ही यह दोस्ती प्यार में बदल गई। हालांकि, उनके अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण, दोनों को परिवार और समाज से काफी विरोध का सामना करना पड़ा और आलोचकों ने खूब बुरी भली बाते कहीं।फिर भी, अजीत और फातिमा ने हार नहीं मानी और 2 फरवरी, 2002 को मुंबई में एक सादगी भरे समारोह में शादी कर ली, जिसमें केवल करीबी दोस्त और परिवार शामिल थे। इस जोड़े का एक बेटा है, जिसका नाम राज है। फातिमा एक शिक्षाविद् हैं और मुंबई में बच्चों के लिए खेल शिक्षा से संबंधित एक स्टार्टअप, केए एडु असोसिएट्स की सह-संस्थापक हैं। उन्होंने सिडेनहम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से बी.कॉम और यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम से स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट और मार्केटिंग में एमबीए किया है। अजीत और फातिमा की प्रेम कहानी को अक्सर एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जाता है, जहां प्यार ने धार्मिक और सामाजिक बाधाओं को पार किया।
यशस्वी-केएल राहुल नहीं, बेन स्टोक्स ने इस भारतीय बल्लेबाज को बताया सबसे खतरनाक खिलाड़ी एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत-इंग्लैंड के बीच दो जुलाई से दूसरे टेस्ट मैच की शुरुआत होने जा रही है। पांच मुकाबलों की सीरीज का पहला मैच पांच विकेट से गंवाने के बाद टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। फिलहाल टीम इंडिया सीरीज में 0-1 से पिछड़ चुकी है और अगले मुकाबले में जीत ही उसे सीरीज में 1-1 से बराबरी पर ला सकती है। दोनों टीमें एजबेस्टन में आमने-सामने होंगी, जिसमें मेहमान टीम प्लेइंग इलेवन में बदलाव के साथ उतर सकती है। भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह के स्थान पर कुलदीप यादव को मौका दिया जा सकता है। वहीं, इंग्लैंड ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। इस बीच इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की बल्लेबाजी शैली की जमकर तारीफ की है। स्टोक्स ने कहा कि उन्हें पंत का आक्रामक खेलने का अंदाज बेहद पसंद है, खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे प्रारूप में। स्टोक्स ने कहा, रिषभ पंत जैसी बल्लेबाजी टेस्ट क्रिकेट में कम ही देखने को मिलती है। वो जिस तरह आत्मविश्वास के साथ खेलते हैं और मुश्किल हालातों में भी अटैक करने से नहीं डरते, वो काबिल ए तारीफ है। मुझे उनका अंदाज बहुत पसंद आता है। बेन स्टोक्स खुद भी आक्रामक खेल के पक्ष में रहे हैं और बैजबॉल की आक्रामक रणनीति के तहत इंग्लैंड टीम को नई पहचान दी है। ऐसे में पंत जैसा खिलाड़ी, जो टेस्ट में भी सीमाएं तोड़ने से नहीं कतराते हैं, ये अंदाज स्टोक्स को पसंद आया। गौरतलब है कि ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में खेले गये पहले टेस्ट मुकाबले की दोनों पारियों में शतक लगाया था इसके साथ ही वो इंग्लैंड के बैजबॉल को उन्ही के अंदाज में अब तक जवाब भी देते नजर आये हैं। रिषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में कई यादगार पारियां खेली हैं, जिनमें उन्होंने स्पिनरों और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाया है। उनके इसी बेखौफ अंदाज ने दिग्गजों को भी प्रभावित किया है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) ने पुरुषों के टी-20 क्रिकेट मैचों के नियमों में किये गये महत्वपूर्ण बदलाव के तहत वर्षा प्रभावित मैचों में पावरप्ले का निर्णय ओवर के आधार पर होगा। आईसीसी ने अगर बारिश या किसी अन्य वजह से मैच के ओवर कम किये जाते हैं तो पावरप्ले के ओवर भी उसी आधार पर तय किये जायेंगे। वर्तमान नियमों के अनुसार 20 ओवर की पारी में शुरुआती छह ओवर पावरप्ले के होते हैं। नये नियम के तहत वर्षा प्रभावित मैचों में पांच ओवर के मैच के लिए 1.3 ओवर का पावरप्ले होगा। छह ओवर के लिए 1.5, सात ओवर के लिए 2.1, आठ ओवर के लिए 2.2, 9 ओवर के लिए 2.4, दस ओवर के लिए तीन ओवर, 11 ओवर के लिए 3.2, 12 ओवर के लिए 3.4, 13 ओवर के लिए 3.5, 14 ओवर के लिए 4.1, 15 ओवर के लिए 4.3, 16 ओवर के लिए 4.5, 17 ओवर के लिए 5.1, 18 ओवर के लिए 5.2 तथा 19 ओवर के लिए 5.4 ओवर पावरप्ले के होंगे। इस दौरान ओवर के बीच हुए बदलाव को लेकर अंपायर संकेत देंगे। ये नियम जुलाई से लागू होंगे। यह नियम इंग्लैंड के टी- 20 ब्लास्ट टूर्नामेंट में कई सालों से उपयोग किया जा रहा है, जहां ओवर के बीच में पावरप्ले समाप्त होने से खिलाड़ियों या मैच अधिकारियों को कोई परेशानी नहीं होती है। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में ओवर-रेट पर नियंत्रण के लिए स्टॉप क्लॉक का उपयोग, नो-बॉल पर भी कैच की वैधता जांचना, घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खिलाड़ी स्थानांतरण की मंजूरी देना तथा पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने की शर्तों में किये गये कुछ अन्य प्रमुख बदलाव हैं। इनमें से कुछ नये नियम विश्व टेस्ट टेस्ट चैंपियनशिप (2025-27) के नये चक्र में पहले से लागू हो चुके हैं। सफेद गेंद क्रिकेट से संबंधित नियम दो जुलाई से प्रभावी होंगे। टी-20 प्रारूप में पावरप्ले के दौरान केवल दो खिलाड़ी ही 30 गज के बाहर होते हैं। इसके बावजूद टी 20 मैचों को और स्पष्ट और निष्पक्ष बनाने के लिए इसे सख्ती से लागू करने की बात कही गयी है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज दिलीप दोशी का दिल का दौरा पड़ने से लंदन में निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी कालिंदी, बेटा नयन, और बेटी विशाखा है। क्रिकेट करियर के बाद दोशी हिंदी कॉमेंटेटर के तौर बेहद लोकप्रिय रहे।दोशी ने भारत के लिए 33 टेस्ट मैचों में 114 विकेट लिये। उन्होंने छह बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया। इसके अलावा उन्होंने 15 एकदिवसीय मैचों में महज 3.96 की इकॉनमी के साथ 22 विकेट लिए। 238 प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैचों में उन्होंने 898 विकेट झटके। प्रथम श्रेणी मैचों में उन्होंने 43 बार पांच विकेट लिए तथा छह बार एक मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा किया। 1979 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में पदार्पण किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और सौराष्ट्र क्रिकेट संघ ने दोशी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।बीसीसीआई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दिलीप दोशी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, बीसीसीआई पूर्व भारतीय स्पिनर दिलीप दोशी के दुखद निधन पर शोक व्यक्त करता है। लंदन में उनका निधन हो गया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और इंग्लैंड के बीच लीड्स में खेले जा रहे टेस्ट के पहले दिन भारतीय बल्लेबाजों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। टीम ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में तीन विकेट गंवाकर 359 रन बना लिए हैं। यह इंग्लैंड में पहले दिन भारत द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं। भारत ने इंग्लैंड में जून 1932 में पहला टेस्ट खेला था। तब से लेकर गुरुवार तक इंग्लैंड में किसी टेस्ट के पहले दिन भारत का सर्वश्रेष्ठ टोटल सात विकेट पर 338 रन का था, जो टीम इंडिया ने 2022 में एजबेस्टन टेस्ट के पहले दिन बनाए थे। 93 साल में पहली बार भारत ने इंग्लैंड में किसी टेस्ट के पहले दिन 350 रन का आंकड़ा पार किया। वहीं, ऋषभ पंत ने टेस्ट में 3000 रन भी पूरे कर लिए, लेकिन एडम गिलक्रिस्ट का एक रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए। वहीं, यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल दोनों ने शतक लगाया और खुद को एक खास क्लब में शामिल कर लिया।359/3 इंग्लैंड में किसी टेस्ट के पहले दिन भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। वहीं, 2003 के बाद भारत के अलावा किसी मेहमान टीम ने इंग्लैंड में पहले दिन 350 का आंकड़ा पार नहीं किया है। 2003 में पिछली बार किसी मेहमान टीम ने इस आंकड़े को पार किया था। तब दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट के पहले दिन चार विकेट गंवाकर 362 रन बनाए थे। यह भारत का किसी विदेशी दौरे पर टेस्ट के पहले दिन तीसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। इससे पहले टीम इंडिया ने 2017 में गॉल टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ पहले दिन 399/3 और 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ब्लोमफोंटेन टेस्ट के पहले दिन 372/7 का स्कोर बनाया था।यशस्वी इंग्लैंड में शतक लगाने वाले दूसरे सबसे युवा भारतीययशस्वी जायसवाल ने विदेशी जमीन पर तीन टेस्ट शतक बनाए हैं। उन्होंने 2023 में रोसेउ में 171, 2024 में पर्थ में 161 और अब लीड्स में 101 रन बनाए। तीनों शतक इन देशों में उनके पहले टेस्ट में आए हैं। यशस्वी से पहले वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में किसी अन्य खिलाड़ी ने अपने पहले टेस्ट में शतक नहीं लगाए हैं। इतना ही नहीं, यशस्वी इंग्लैंड में टेस्ट शतक जड़ने वाले दूसरे सबसे युवा भारतीय भी हैं। जब उन्होंने लीड्स में शतक लगाया तो उनकी उम्र 23 वर्ष 174 दिन की रही। सिर्फ सैयद मुश्ताक अली ने उनसे कम उम्र में इंग्लैंड में टेस्ट शतक बनाया था। 1936 में ओल्ड ट्रैफर्ड में जब सैयद मुश्ताक ने 112 रन बनाए थे, तब उनकी उम्र 21 वर्ष और 221 दिन थी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला आज लीड्स में दोपहर 3.30 बजे (भारतीय समयनुसार) से खेला जाएगा। नया कप्तान, दृढ़ निश्चयी कोच, कुछ पुराने और कुछ नए चेहरे अगले 45 दिनों में एक दिलचस्प कहानी गढ़ने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।भारत अभी तक इंग्लैंड में केवल तीन बार टेस्ट श्रृंखला जीत पाया है। उसने 1971 में अजीत वाडेकर, 1986 में कपिल देव और 2007 में राहुल द्रविड़ की अगुवाई में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब शुभमन गिल इस सूची में अपना नाम लिखवाने के लिए बेताब होंगे। लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा क्योंकि विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन के संन्यास लेने के कारण भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। इससे वह अनुभव के मामले में थोड़ा कमजोर नजर आती है।हेड टू हेडकुल मैच - 136भारत - 35 जीतइंग्लैंड - 51 जीतड्रॉ - 50पिच रिपोर्टऐतिहासिक रूप से, हेडिंग्ले में मैच की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है। पिछले छह टेस्ट मैचों में यहां पहली पारी का औसत स्कोर सिर्फ 213 रहा है, जिससे शुरुआती विकेट जल्दी गिरने की संभावना है। पिच के खराब होने पर स्पिनरों को खेलने का मौका मिल सकता है।
इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतना IPL ट्रॉफी जीतने से भी बड़ा : शुभमनएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और इंग्लैंड के बीच लीड्स के हेडिंग्ले में खेले जाने वाले टेस्ट मैच से पहले टीम इंडिया के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर बात की और हर सवाल का भरपूर जवाब दिया।जब उनसे ये पूछा गया कि आप के लिए आईपीएल ट्रॉफी जीतना बड़ा है या सेना देशों में ट्रॉफी उठाना। तो उन्होंने बिला झिझक कहा कि SENA देशों- दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में जीत उनके लिए आईपीएल ट्रॉफी जीतने से कहीं अधिक मायने रखती है। इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतना IPL ट्रॉफी जीतने से भी बड़ा : गिल ने कहा, एक कप्तान के तौर पर आपको इंग्लैंड आने के कई मौके नहीं मिलते।आपको शायद दो मौके मिलें - अगर आप अपनी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, तो शायद तीन। लेकिन आईपीएल हर साल आता है। आपको हर साल इसमें मौका मिलता है। मेरी राय में, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना निश्चित रूप से बड़ा और अधिक प्रतिष्ठित है।बता दें कि भारत ने 2007 के बाद से इंग्लैंड में कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। महज 25 साल की उम्र में गिल भारत के सबसे युवा टेस्ट कप्तानों में से एक बन गए हैं, लेकिन स्टार बल्लेबाज शांत आत्मविश्वास के साथ ऊंची उड़ान भरने का लक्ष्य बना रहे हैं।इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवनबेन स्टोक्स (कप्तान), जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्से, जोश टंग, शोएब बशीरइंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवनशुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव इंग्लैंड रवाना हुए हैं, जहां वह स्पोर्ट्स हर्निया के इलाज के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेंगे। बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर उनकी सर्जरी भी हो सकती है। सूर्यकुमार यादव ने आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन किया था और मुंबई इंडियंस के लिए 700 से अधिक रन बनाये थे। इस टूर्नामेंट के खत्म होने के बाद उन्होंने मुंबई प्रीमियर लीग टी-20 टूर्नामेंट में भी हिस्सा लिया था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सूर्यकुमार को मुंबई टी-20 लीग के दौरान दर्द उठा था या नहीं। एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, सूर्यकुमार पेट के निचले हिस्से में दाहिनी तरफ स्पोर्ट्स हर्निया से पीड़ित हैं। वह परामर्श के लिए इंग्लैंड गये हैं। यदि आवश्यक हुआ तो वह सर्जरी करवायेंगे। अपने करियर में दर्द के साथ कई मैच खेलने वाले सूर्यकुमार आईपीएल और मुंबई टी-20 लीग की अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करना चाहते थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्र ने कहा, अगस्त-सितंबर से पहले कोई टी-20 मुकाबला नहीं है, इसलिए सूर्यकुमार ने सोचा कि यह यही समय है जब वह अपनी चोट का इलाज करा सकते हैं और बेंगलुरू के सेंटर आॅफ एक्सीलेंस में इससे उबरने के लिए उन्हें पर्याप्त समय भी मिल जायेगा।
बीसीसीआई मुझे टेस्ट कप्तान बनाना चाहता था, मैंने इनकार कर दिया, जसप्रीत बुमराह ने पुष्टि की एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास के बाद भारत की टेस्ट कप्तानी जसप्रीत बुमराह को मिलने की खबरें थी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट दौरे के लिए शुभमन गिल को कप्तान बनाया गया है। क्या इस बारे में बुमराह से पूछा गया, इस बारे में अटकलें लगायी जा रही थी और अब इस पर खुद बुमराह ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि बीसीसीआई उन्हें टेस्ट कप्तान बनाना चाहता था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिनेश कार्तिक के साथ बातचीत में जसप्रीत बुमराह ने बताया कि वह टेस्ट कप्तान क्यों नहीं बने। पीठ की बार-बार चोट लगने के कारण बुमराह पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेल सकते हैं। वह इंग्लैंड में केवल तीन मैच ही खेल पाए थे। इसलिए उन्होंने इस दौड़ से बाहर होने का फैसला किया ताकि टीम इंडिया को नुकसान न हो। जसप्रीत बुमराह ने एक इंटरव्यू में दिनेश कार्तिक को बताया, इसमें कोई आकर्षक कहानी नहीं है, कोई विवाद नहीं है या कोई हेडलाइनिंग बयान नहीं है, या मुझे बर्खास्त कर दिया गया या मेरी देखभाल नहीं की गयी। आईपीएल के दौरान रोहित और विराट के रिटायर होने से पहले मैंने बीसीसीआई से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में अपने कार्यभार के बारे में बात की थी। मैंने बीसीसीआई को फोन किया और उनसे कहा कि मैं नेतृत्व की भूमिका में नहीं देखा जाना चाहता। बुमराह ने कहा, मैंने उन लोगों से बात की थी जिन्होंने मेरी पीठ (चोट) का इलाज किया था, जिसमें सर्जन भी शामिल थी। उन्होंने हमेशा मुझे बताया था कि मुझे कार्यभार के बारे में कितना होशियार रहना है। इसलिए, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि मुझे थोड़ा होशियार होना होगा। मैं सभी टेस्ट मैच नहीं खेल पाऊंगा। फिर बीसीआई मुझे नेतृत्व की भूमिका के लिए देख रहा था। लेकिन मैंने कहा कि यह टीम के लिए उचित नहीं है। आप पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए एक कप्तान और तीन या दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अलग कप्तान नहीं रख सकते।
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