भारत पर मंडराया सीरीज गंवाने का खतरा, गेंदबाजी के बाद बल्लेबाजी भी फ्लॉप; द.अफ्रीका को बड़ी बढ़त एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज गंवाने का खतरा बढ़ गया है। भारतीय टीम का प्रदर्शन गुवाहाटी टेस्ट में गेंदबाजी के बाद बल्ले से भी खराब रहा जिस कारण दक्षिण अफ्रीका ने मैच में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। दक्षिण अफ्रीका के पहली पारी में 489 रनों के जवाब में भारत की पहली पारी तीसरे दिन 201 रनों पर सिमटी। दिन के खेल की समाप्ति तक दक्षिण अफ्रीका ने दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के 26 रन बना लिए हैं और उसकी कुल बढ़त 314 रन की हो गयी है। स्टंप्स के समय रेयान रिकेल्टन 13 और एडेन मार्करम 12 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। दक्षिण अफ्रीका ने नहीं दिया फॉलोआन भारत को केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने अच्छी शुरुआत दिलायी थी, लेकिन इस साझेदारी के टूटने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गयी। भारत पहले ही दो मैचों की सीरीज में 0-1 से पीछे चल रहा है और उस पर सीरीज गंवाने का खतरा मंडरा रहा है। टीम की बल्लेबाजी बेहद खराब रही और टीम फॉलोआन तक नहीं बचा सकी। उसे 289 रन बनाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा ने भारत को फॉलोआन नहीं खिलाने का और फिर से बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। दक्षिण अफ्रीका ने इस तरह पहली पारी में 288 रनों की बढ़त ली। भारत को पहली पारी में आलआउट करने के बाद मार्करम और रिकेल्टन ने दक्षिण अफ्रीका को अच्छी शुरुआत दिलायी है। भारतीय गेंदबाजों को अब तक एक भी सफलता नहीं मिली। भारत इस स्थिति में अब कम से कम मैच ड्रॉ कराने की सोचेगा, लेकिन सीरीज बचाने के लिए उसके पास एकमात्र विकल्प जीत ही है। भारत की पारी भारत के लिए यशस्वी जायसवाल ने सबसे ज्यादा 58 रन बनाये, जबकि सुंदर ने 48 रन की पारी खेली। इसके अलावा कोई बल्लेबाज नहीं चला। केएल राहुल 22 रन, साई सुदर्शन 15 रन, कप्तान ऋषभ पंत सात रन, रवींद्र जडेजा छह रन और नीतीश रेड्डी 10 रन बनाकर आउट हुए। 95 पर एक विकेट के बाद 122 रन तक आते आते भारत ने सात विकेट गंवा दिये। ध्रुव जुरेल खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद सुंदर ने कुलदीप यादव के साथ 72 रन की साझेदारी निभायी। सुंदर के आउट होते ही टीम 201 रन पर सिमट गयी। कुलदीप 19 रन और बुमराह पांच रन बनाकर आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से यानसेन ने छह विकेट लिये, जबकि साइमन हार्मर को तीन विकेट मिले। केशव महाराज ने एक विकेट लिया।
टीम एबीएन, रांची। रविवार को झारखंड जिम्नास्टिक एसोसिएशन के संरक्षक एवं रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने कजाखिस्तान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में तीन पदक (स्वर्ण पदक 1 रजत पदक 1 कांस्य पदक 1) जीतकर लौटे खिलाड़ियों तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मौके पर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का पूरा वातावरण गर्व, उत्साह और खेल भावना से भरा रहा। सम्मान समारोह के दौरान डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का उज्ज्वल प्रदर्शन कर रहे हैं। इन पदक विजेताओं ने राज्य का गौरव बढ़ाया है। जिम्नास्टिक में झारखंड की संभावनाएं अत्यंत उज्ज्वल हैं और हम खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ सुविधा व मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम में नेहरू युवा केंद्र संगठन के पूर्व डायरेक्टर हनी सिन्हा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि इन जिम्नास्ट खिलाड़ियों की उपलब्धियां झारखंड की युवा शक्ति के अनुशासन और समर्पण का प्रतीक हैं। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर इनकी सफलता पूरे राज्य के लिए प्रेरणा है। मैं इनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। तूलिका श्रीवास्तव ने कहा कि खिलाड़ियों की ये उपलब्धियां जिम्नास्टिक खेल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होंगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी। मौके पर झारखंड जिम्नास्टिक संघ के डॉ निशिकांत पाठक, तूलिका श्रीवास्तव, डॉ दीपक साहू, दीप कुमारी मांझी सहित कई लोग उपस्थित रहे।सम्मानित खिलाड़ी : अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता विकास कुमार गोप, अमित गोप,अनुराग कुमार, टोनू गोपाल, सूरज कुमार केशरी, आकाश कुमार महतो, कुमारी ऋष्टि राज, चंदा कुमारी राष्ट्रीय पदक विजेता निधि कुमारी, प्रिया यादव, परमेश्वर राय, चाहत कुमार केरकेट्टा, नयन कछप, आयुष लोहरा, हेमा कुमारी, दीपिका लामा, श्रेयांश चक्रबर्ती, दिवास ज्ञान, तुलीन तिवारी
IND vs SA ODI: चोटिल शुभमन गिल का वनडे सीरीज में भी खेलना मुश्किलएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कोलकाता टेस्ट में चोटिल होकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज से बाहर हुए भारतीय कप्तान शुभमन गिल का वनडे सीरीज में भी खेलना मुश्किल है। दोनों टीमों के बीच फिलहाल दूसरा टेस्ट मैच गुवाहाटी में खेला जा रहा है, जिसका गिल हिस्सा नहीं हैं। वहीं, 30 नवंबर से भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी जिसमें भी दाएं हाथ के बल्लेबाज का खेलना संदिग्ध माना जा रहा है। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ऋषभ पंत और केएल राहुल में से किसी को एक बल्लेबाज को कप्तानी का जिम्मा सौंप सकता है।बीसीसीआई के सूत्र के हवाले से बताया, गिल की चोट सिर्फ गर्दन में ऐंठन तक ही सीमित नहीं है। उन्हें काफी आराम की जरूरत होगी और इसलिए भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें जल्दबाजी में वापस लाने का रिस्क नहीं लेना चाहेगा। वह अभी मुंबई में हैं जहां चोट कितनी गंभीर है, यह पता लगाने के लिए उनके मेडिकल टेस्ट हो रहे हैं, जिसमें एमआरआई भी शामिल है। सूत्र ने कहा, यह पता लगाने के लिए सभी टेस्ट किए जा रहे हैं कि यह मसल्स की चोट है या नर्व टिशू से जुड़ी कोई दिक्कत है जिसके लिए कुछ और आराम की जरूरत होगी। अभी के लिए, चयनकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए फिट हो जाएं। गुवाहाटी टेस्ट से गिल के बाहर होने के बाद ऋषभ पंत को टीम प्रबंधन ने नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर गिल वनडे सीरीज में भी अनुपलब्ध रहते हैं तो विकेटकीपर बल्लेबाज पंत को ही कप्तान बनाया जा सकता है। इस दौड़ में एक नाम केएल राहुल का भी सामने आ रहा है, क्योंकि पंत ने पिछले एक साल में सिर्फ एक वनडे मुकाबला खेला है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बीआईटी क्रिकेट लीग का मुकाबला मेसरा पोलटेक्निक मैदान में रॉयल चैलेंजर्स लीजेंड्स और अवेंजर वारियर्स के बीच खेला गया। लीजेंड्स के कप्तान डॉ चंचल मिश्रा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। अवेंजर की बल्लेबाजी की शुरुआत में ही जोरदार झटका देते हुए मैच अपने पाले में कर लिया था, पर अनुपम दास, प्रमोद कुमार और ब्रजेश मिश्र ने पारी को संभाल कर टीम को सम्मानित स्थिति में लाया और टीम अवेंजर वारीरियर्स ने 117 रन का लक्ष्य रॉयल को दिया। जो उनके लिए पहाड़ साबित हुआ। प्रारंभिक जोड़ी जल्द ही आउट हो गयी और पूरी टीम लड़खड़ाते हुए 89 रन ही बना सकी। जीतेंद्र और कादिर ने बड़ी साझेदारी निभायी पर टीम को हार से बचा नहीं सके। अवेंजर वारियर्स ने 27 रनों से मैच जीत लिया। अवेंजर वारियर्स के अनुपम दास को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन आॅफ द मैच का पुरस्कार वरिष्ठ शिक्षक डॉ राकेश चंद्र झा ने प्रदान की।
दूसरे टेस्ट से गिल की गैरमौजूदगी पर बोले रोड्स, भारत के पास कई विकल्पएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स का मानना है कि भारत को शनिवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच में शुभमन गिल की कमी खलेगी लेकिन मेजबान टीम के पास नियमित कप्तान की कमी पूरी करने के लिए कई मजबूत विकल्प मौजूद है। गिल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार से गुवाहाटी में शुरू हो रहे दूसरे मैच से पहले शुक्रवार को टीम से रिलीज कर दिया गया था। वह कोलकाता में पहले टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए गर्दन में ऐंठन से पूरी तरह उबर नहीं पाए थे। रोड्स ने शुक्रवार को यहां फिक्की टर्फ 2025 15वें वैश्विक खेल शिखर सम्मेलन के मौके पर कहा, कभी-कभी भारत की ताकत भी उसके लिए मुश्किलें खड़ी करती है। उनके पास कई बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी हैं। ऐसे में टीम में किसे शामिल किया जाए और किसे बाहर रखा जाए, यह तय करना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, यह एक बड़ी समस्या है और यह साफ दिखाई देता है। जब भी किसी एक खिलाड़ी की जगह लेने की बात आती है तो भारत के पास ढेरों विकल्प होते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस खिलाड़ी को मौका मिलता है। इस 56 साल के पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि गिल की जगह जिसे भी मौका मिले उसे अपनी काबिलियत तुरंत साबित करनी होगी क्योंकि भारतीय टीम में जगह के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने कहा, टीम में आने वाले खिलाड़ी के सामने बड़ा सवाल यही होगा कि क्या वे इस मौके का फायदा उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है क्योंकि भारत की इस मजबूत प्रणाली के साथ बड़ा मुद्दा यही है कि आपको शायद एक ही मौका मिले। अपने समय के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक रहे रोड्स ने कहा, आप अगले टेस्ट में गिल को बाहर नहीं बिठा सकते तो ऐसे में उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ी को सिर्फ एक टेस्ट में खेलने का मौका मिलेगा और यह मानसिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में वे जिस खिलाड़ी का भी चयन करेंगे, उसके कौशल में कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऐसे में एकादश का चयन करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। रोड्स ने हाल ही में पहली बार वनडे विश्व कप जीतने के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, उम्मीद है, वे (भारतीय प्रशंसक) महिलाओं के मैचों में भी दिलचस्पी दिखाना शुरू कर देंगे। भारत में महिला क्रिकेट आसमान छूने वाला है। मैं महिला टीम के लिए भी ऐसा ही समर्थन देखना चाहता हूं।
भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच : टिकट की आनलाइन बिक्री 21 से, कीमत 1200 से 12000 तक एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले रोमांचक वनडे मैच को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। स्टेडियम को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने बताया कि आयोजन को यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किये जा रहे हैं। दोनों टीमें 27 नवंबर को पहुंचेंगी दोनों टीमें 27 नवंबर को चार्टर्ड प्लेन से रांची पहुंचेगी। एयरपोर्ट से खिलाड़ियों को सीधे होटल ले जाया जायेगा। सुरक्षा के लिए विशेष रूट और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जायेगी। टिकट बिक्री की पूरी व्यवस्था तैयार आनलाइन टिकट : 21 नवंबर से टिकट Genieticket साइट पर आनलाइन टिकट मिलना शुरू होगा।आफलाइन टिकट : 25 नवंबर से सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्टेडियम टिकट काउंटर पर आफलाइन टिकट बिक्री शुरू होगी। बच्चों का टिकट अनिवार्य : किसी भी उम्र के बच्चे को प्रवेश के लिए अलग टिकट लेना अनिवार्य होगा। टिकटों की कीमतें विंग ए (निचला): 1,600 विंग बी (ऊपरी): 1,300 विंग सी (ऊपरी): 2,200 विंग डी (निचला): 2,000 स्पाइस बॉक्स: 1,900 ईस्ट/वेस्ट हिल (ओपन एरिया): 1,200 अमिताभ चौधरी पवेलियन (प्रीमियम टैरेस): 2,400 प्रेसिडेंट्स एनक्लोजर: 12,000 (आतिथ्य सहित) हॉस्पिटैलिटी बॉक्स: 7,000 (आतिथ्य सहित) कॉर्पोरेट बॉक्स: 6,000 (आतिथ्य सहित) कॉर्पोरेट लाउंज: 10,000 (आतिथ्य सहित) एमएस धोनी पवेलियन (लक्जरी सीट): 7,500 डोनर्स एनक्लोजर: 1,600
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025 में अबतक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हमारी तीरंदाजी टीम को बधाई। उन्होंने 6 स्वर्ण सहित 10 पदक जीते हैं। इनमें से उल्लेखनीय है 18 साल बाद पुरुषों का रिकर्व स्वर्ण पदक। साथ ही, व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन और कंपाउंड स्पर्धाओं में भी सफलतापूर्वक खिताब का बचाव किया। यह वास्तव में एक विशेष उपलब्धि है, जो कई उभरते एथलीटों को प्रेरित करेगी।
SA: साउथ अफ्रीका ने ईडन गार्डन्स में तोड़ा 53 साल पुराना रिकॉर्ड, रच डाला ये इतिहासएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच मात्र तीन दिनों में ही समाप्त हो गया। साउथ अफ्रीका ने इस मुकाबले में भारतीय टीम को करारी शिकस्त देते हुए दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की अहम बढ़त बना ली है। इस जीत के साथ ही मेहमान टीम ने ईडन गार्डन्स के मैदान पर 53 साल पुराना एक बड़ा रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया है।53 साल पुराना टूटा रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका ने भारत के सामने जीत के लिए केवल 124 रन का छोटा लक्ष्य रखा था। यह लक्ष्य भले ही छोटा था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के लिए इसे हासिल करना पहाड़ चढ़ने जैसा साबित हुआ। अगर भारतीय टीम यह लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज कर लेती, तो वह 21 साल पहले कायम किए गए अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसके उलट, साउथ अफ्रीका ने 124 रन का यह मामूली स्कोर सफलतापूर्वक डिफेंड करके ईडन गार्डन्स पर सबसे कम स्कोर का बचाव करने का 53 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले, ईडन गार्डन्स पर सबसे कम स्कोर को डिफेंड करने का रिकॉर्ड 1972 में बने 192 रन का था, जिसे अब साउथ अफ्रीका ने 124 रन बचाकर पीछे छोड़ दिया है।भारत में 15 साल बाद मिली टेस्ट जीत124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी में 100 रन भी नहीं बना सकी। कप्तान शुभमन गिल की अनुपस्थिति का झटका तो टीम को पहले ही लगा था, लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने भी निराश किया। भारतीय टीम के 9 विकेट महज 93 रन पर गिर गए। परिणामस्वरूप, साउथ अफ्रीका ने यह मुकाबला 30 रन से जीत लिया। यह साउथ अफ्रीका की भारत में 15 साल बाद पहली टेस्ट जीत भी है।
पहले टेस्ट में भारत के सामने दक्षिण अफ्रीका के स्पिन आक्रमण की चुनौतीएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दक्षिण अफ्रीका के बेहतरीन स्पिन आक्रमण के सामने भारत के सितारा बल्लेबाजों के कौशल की असली परीक्षा होगी जब दोनों टीमें दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में शुक्रवार से यहां आमने सामने होंगी। भारत को पिछले साल न्यूजीलैंड ने भारत में ही 3-0 से हराया था और कीवी स्पिनरों ऐजाज पटेल, मिचेल सेंटनेर और ग्लेन फिलिप्स ने मिलकर तीन टेस्ट में 36 विकेट चटकाए थे। दक्षिण अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण इस समय स्पिनरों पर निर्भर है और ऐसे में मेजबान टीम को धीमे गेंदबाजों के खिलाफ अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। मौजूदा विश्व टेस्ट चैम्पियन दक्षिण अफ्रीका आम तौर पर अच्छे तेज गेंदबाजों के लिए जानी जाती रही है लेकिन इस समय उसके पास धुरंधर स्पिनर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में उसने श्रृंखला 1-1 से ड्रॉ खेली। इसमें केशव महाराज, साइमन हार्मर और सेनुरान मुथुस्वामी ने 39 में से 35 विकेट लिए। भारत के सहायक कोच रियान टेन डोइशे ने दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी आक्रमण को उपमहाद्वीप की शैली वाला बताया। उन्होंने कहा, उनके पास चार स्पिनर हैं जिनमे से वे तीन को उतार सकते हैं। ऐसा लग रहा है कि हम उपमहाद्वीप की किसी टीम के खिलाफ खेलने वाले हैं। उन्होंने कहा, हमने इस पर बात की है। हमने न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला से सबक लिया है। 36 वर्ष के हार्मर 1000 प्रथम श्रेणी विकेट ले चुके हैं और भारत के हालात से अनभिज्ञ नहीं हैं। दस साल पहले हाशिम अमला की कप्तानी में उन्होंने मोहाली और नागपुर में दो टेस्ट खेलकर चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा और रिधिमान साहा के विकेट लिए थे। एक दशक बाद भी वह उतने ही चतुर गेंदबाज हैं। उन्होंने रावलपिंडी में पिछले महीने टेस्ट में 8 विकेट चटकाकर दक्षिण अफ्रीका को जीत दिलाई और श्रृंखला ड्रॉ भी कराई। वहीं महाराज आधुनिक क्रिकेट के सबसे सटीक और आक्रामक स्पिनरों में से एक हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों और दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों के बीच मुकाबला रोचक रहने वाला है। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और कप्तान शुभमन गिल कई बार पिच का मुआयना कर चुके हैं। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आश्वासन दिया है कि यह टर्निंग पिच नहीं होगी। इससे जसप्रीत बुमराह जरूर आहलादित होंगे जो आम तौर पर शुरूआत में मूवमेंट और बाद में रिवर्स स्विंग देने वाली पिच पर भारत के ट्रंपकार्ड साबित हो सकते हैं। भारत दो तेज गेंदबाजों को उतार सकता है और घरेलू हालात की जानकारी होने से आकाश दीप को तरजीह मिल सकती है। पिछले 15 साल में तेज गेंदबाजों ने यहां टेस्ट में 61 प्रतिशत विकेट लिए हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने इस साल इंग्लैंड में श्रृंखला 2-2 से ड्रॉ खेली लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार उसे अभी भी कचोट रही होगी। वेस्टइंडीज की कमजोर टीम को 2-0 से हराने पर उसे WTC चक्र में ज्यादा मदद नहीं मिलेगी। ऋषभ पंत की वापसी और ध्रुव जुरेल के बतौर बल्लेबाज खेलने से भारत का मध्यक्रम संतुलित लग रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में 16 विकेट लेने वाले वॉशिंगटन सुंदर भी उपयोगी साबित होंगे। दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जाएगा। टीमें : भारत : शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साइ सुदर्शन, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रविंद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, देवदत्त पडिक्कल दक्षिण अफ्रीका : तेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन माक्ररम, रियान रिकेलटन, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरेने , डेवाल्ड ब्रेविस, जुबैर हमजा, टोनी डि जोर्जी, कोर्बिन बोश, वियान मूल्डर, मार्को यानसेन, केशव महाराज, सेनुरान मुथुस्वामी , कैगिसो रबाडा, साइमन हार्मर समय : सुबह 9.30 बजे से।
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