एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और विंडीज के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला पोर्ट ऑफ स्पेन के क्वींस पार्क मैदान में खेला गया। अक्षर पटेल के तूफानी अर्धशतक की बदौलत भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में 2 विकेट से जीत दर्ज की। उन्होंने 35 गेंद पर नाबाद 64 रन बनाकर टीम इंडिया को दो विकेट से रोमांचक जीत दिलाई। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में छह विकेट पर 311 रन बनाए थे। जवाब में टीम इंडिया ने 49.4 ओवर में आठ विकेट पर 312 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया। अक्षर ने 27 गेंद पर अपना पहला वनडे अर्धशतक लगाया। टीम इंडिया को जीत के लिए आखिरी ओवर में आठ रन बनाने थे। अक्षर ने चौथी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिला दी। इसके साथ ही भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली है। भारतीय टीम ने कैरेबियन टीम को लगातार 12वें सीरीज में मात दी है। विंडीज (पहली पारी) : विंडीज की ओर से शे होप के साथ काइल मायर्स ओपनिंग पर आए। दोनों ने भारतीय गेंदबाज आवेश खान की खूब खबर ली। आवेश का यह डैब्यू मैच है लेकिन उन्होंने अपने पहले तीन ओवर में ही 36 रन लुटा दिए। दोनों स्कोर को 71 तक ले गए जब दीपक हुड्डा ने मायर्स की विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। मायर्स ने 23 गेंदों में 39 रन बनाए। • विंडीज के लिए शमरह ब्रूक्स ने 36 गेंदों में 35 रन बनाए लेकिन ब्रैंडन किंग शून्य पर ही पवेलियन लौट गए। इसी बीच शे होप ने अपना अर्धशतक पूरा किया और स्कोर को 200 के पार ले गए। पूरण इस दौरान पूरे रंग में नजर आए। उन्होंने लंबे लंबे शॉट लगाकर विंडीज की औसत ठीक की। उन्होंने ठाकुर की गेंद पर बोल्ड होने से पहले 77 गेंदों में एक चौके और छह छक्कों की मदद से 74 रन बनाए। • वहीं, शे होप ने 125 गेंदों पर 8 चौके और एक छक्के की मदद से अपना शतक पूरा किया। होप का यह वनडे करियर में 13वां शतक है। वह 100वां वनडे भी खेल रहे हैं। होप ने 135 गेंदों में 8 चौके और 3 छक्के की मदद से 115 रन बनाए। रोवमैन पॉवेल ने इस दौरान 13 तो रोमारियो शेफर्ड ने 15 रन बनाकर स्कोर 311 पर ला खड़ा किया। भारत (दूसरी पारी) : टीम इंडिया के लिए ओपनिंग पर शुभमन गिल के साथ कप्तान शिखर धवन आए। दोनों ने टीम को सधी हुई शुरूआत दी। मैच जब 9.4 ओवर तक पहुंचा, तो बारिश आ गई। तब शुभमन 30 तो धवन 11 रन बनाकर खेल रहे थे। हालांकि थोड़ी ही देर बाद मैच दोबारा शुरू हो गया तभी धवन की विकेट गिर गई। उन्होंने 31 गेंदों में महज 13 रन बनाए। मायर्स ने बाऊंड्री रोप के पास डाइव लगाकर उनकी शानदार कैच पकड़ी। • पहले मैच की तरह शुभमन ने दूसरे वनडे में भी अच्छी शुरूआत की। उन्होंने विकेट के चारों ओर शॉट लगाए। उन्हें मायर्स ने अपनी ही गेंद पर लपका लेकिन तब तक वह 49 गेंदों में 45 रन बना चुका था। सूर्यकुमार यादव ने आते ही एक बड़ा शॉट लगाया लेकिन जल्दी ही मायर्स की गेंद पर वह भी बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने 9 रन बनाए।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेक्टिस चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया है। नीरज ने अपने चौथे प्रयास में 88.13 मीटर का थ्रो किया, जो उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए काफी था। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल ग्रेनेडा एंडरसन पीटर्स ने 90.54 मीटर थ्रो के साथ जीता। नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन नीरज ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरे नंबर पर रहते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने जीता।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम रविवार को जब दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज से भिड़ेगी तो कार्यवाहक कप्तान शिखर धवन फिर दूसरी कतार में खड़े खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे, ताकि तीन मैचों की सीरीज उनके नाम हो जाए। भारतीय टीम ने पहला वनडे तीन रन से जीता था और एक और जीत से भारत कैरेबियाई सरजमीं पर लगातार दूसरी वनडे सीरीज जीत लेगा। भारतीय टीम ने शुक्रवार को पहले वनडे में हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बनाई, जिसमें धवन और वापसी करने वाले शुभमन गिल के बीच आक्रामक सलामी साझेदारी तथा मोहम्मद सिराज का अनुभवी मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में गेंदबाजी आक्रमण की सुघड़ता से अगुआई करना शामिल है। गिल 19 से ज्यादा महीने के समय बाद वनडे टीम में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाकर 64 रन से अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली. रूतुराज गायकवाड़ और ईशान किशन पर तरजीह देकर चुने गए गिल जब क्वींस पार्क ओवल की पिच पर बल्लेबाजी कर रहे थे तो यह काफी आसान दिख रही थी, जबकि ज्यादातर खिलाड़ी इस पर जूझते दिख रहे थे। पूरी पारी के दौरान उन्होंने जितनी गेंद खेलीं, उतने ही रन जुटाए और छह बाउंड्री के अलावा दो छक्के भी लगाए, लेकिन उनकी पारी का अंत रन आउट से हुआ। अब गिल पर निर्भर करता है कि वह शानदार शुरूआत को बड़ी पारियों में बदल पाते हैं या नहीं और वह टीम में अपना स्थान पक्का करने के लिए निश्चित रूप से ऐसा करना चाहेंगे। धवन ने भी दूसरे जोड़ीदार की भूमिका बेहतरीन ढंग से निभाई, उन्होंने और गिल ने 106 गेंद में 119 रन की साझेदारी बनाई। लेकिन सीनियर बल्लेबाज अपने 18वें शतक से चूक गया। श्रेयस अय्यर ने भी अर्धशतक जमाकर फॉर्म में वापसी की, जिससे भारतीय टीम में शीर्ष तीन खिलाड़ियों ने परफेक्ट शुरुआत दिलाई। लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने से भारतीय टीम सात विकेट पर 308 रन ही बना सकी, जबकि एक समय वह 350 रन से आगे पहुंचने की ओर बढ़ रही थी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत की अन्नू रानी विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 61.12 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ महिला भाला फेंक फाइनल में 7वें स्थान पर रही। इस स्पर्धा में लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रतिस्पर्धा करते हुए अन्नू ने अपने दूसरे प्रयास में दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन उनके अन्य पांच थ्रो 60 मीटर की दूरी को पार करने में विफल रहे। अन्नू ने अपने छह प्रयास में भाले को क्रमश: 56.18 मीटर, 61.12 मीटर, 59.27 मीटर, 58.14 मीटर, 59.98 मीटर और 58.70 मीटर दूर फेंका। इस 29 साल की खिलाड़ी का सत्र और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 63.82 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। अन्नु इस स्पर्धा में अगर अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड को हासिल करती तो उन्हें पदक मिल जाता लेकिन उन्होंने यहां अपने पूरे अभियान के दौरान संघर्ष किया। इस राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी ने 59.60 मीटर के थ्रो के साथ क्वालीफिकेशन दौर में आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह पक्की की थी। गत चैंपियन आॅस्ट्रेलिया की केल्सी-ली बार्बर ने 66.91 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। अमरीका की कारा विंगर ने अंतिम प्रयास में 64.05 मीटर की दूरी के साथ रजत अपने नाम किया, जबकि जापान की हारुका कितागुची ने 63.27 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य जीता। ओलिम्पिक चैम्पियन चीन की शियिंग लिउ 63.25 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथे स्थान पर रही। वह 2019 में दोहा में पिछली विश्व चैंपियनशिप में 61.12 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ फाइनल में आठवें स्थान पर रही थी। लंदन 2017 में वह फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी। सभी की निगाहें अब सुपरस्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा पर होंगी जो पिछले साल टोक्यो ओलिम्पिक में जीते गए स्वर्ण पदक के प्रदर्शन को विश्व चैंपियनशिप में दोहराना चाहेंगे। 24 बरस के चोपड़ा रविवार (भारतीय समयानुसार सुबह 07:05 बजे) को अगर फाइनल में जीत जाते हैं, तो वह नॉर्वे के एंड्रियास थोरकिल्डसन (2008-09) और विश्व रिकॉर्डधारी चेक गणराज्य के धारक यान जेलेजनी (2000-01 और 1992-93 में) के बाद ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण को एक साथ जीतने वाले भाला फेंक के तीसरे पुरुष खिलाड़ी बन जाएंगे। चोपड़ा के साथ इस स्पर्धा में रोहित यादव भी भारतीय चुनौती को पेश करेंगे। रोहित क्वालीफिकेशन में 80.42 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ 11वें स्थान पर रहे थे। चोपड़ा के स्पर्धा से पहले त्रिकूद खिलाड़ी एल्डोस पॉल भी विश्व चैम्पियनशिप के अपने पहले फाइनल (सुबह 6:30 बजे) में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि पुरुषों की 4 गुणा 400 मीटर रिले टीम हीट रेस में भारतीय टीम (सुबह 6:10 बजे) चुनौती पेश करेगी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर कमाल किया है। उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। अमेरिका के यूजीन में चल रही प्रतियोगिता में नीरज ने अपने पहले ही प्रयास में 88.39 मीटर की दूरी तय की और फाइनल में जगह बनाई। नीरज के अलावा भारत के रोहित यादव ने भी फाइनल में जगह बना ली है। रोहित ने 80.42 मीटर की दूरी तय की। इस प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रविवार को होगा। भारत की अन्नू रानी पहले ही महिला वर्ग के फाइनल में जगह बना चुकी हैं। इस प्रतियोगिता में 24 साल के नीरज के अलावा 34 अन्य एथलीट शामिल हुए थे। सभी को दो ग्रुप में रखा गया था। नीरज पहले ग्रुप में थे और रोहित को ग्रुप बी में रखा गया था। नीरज ने अपने करियर का तीसरा बेस्ट थ्रो करते हुए फाइनल में जगह बनाई है। नीरज और रोहित सहित कुल 12 खिलाड़ियों ने जैवलिन थ्रो के फाइनल में जगह बनाई है। चेक गणराज्य के जाकुब वादलेज्च ने भी पहली ही कोशिश में 85.23 मीटर दूर भाला फेंककर फाइनल में जगह बनाई है। अन्नू रानी भी फाइनल में : भारत की अन्नू रानी पहले ही महिला वर्ग के फाइनल में पहुंच चुकी हैं। उन्होंने लगातार दूसरी बार जैवलिन थ्रो में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई है। क्वालीफाइंग राउंड में अन्नू ने शुरुआत में साधारण प्रदर्शन किया था और प्रतियोगिता से बाहर होने की कगार पर थीं, लेकिन अपने आखिरी प्रयास में उन्होंने 59.60 मीटर की दूरी तय की और फाइनल में जगह बना ली। दूसरे ग्रुप के क्वालीफिकेशन राउंड में अन्नू पांचवें स्थान पर रहीं और दोनों ग्रुप के शीर्ष आठ एथलीट में रहकर फाइनल में जगह बनाई। 29 साल की अन्नू का इस सीजन सर्वश्रेष्ठ स्कोर 63.82 मीटर रहा है। नीरज के लिए शानदार रहा है यह सीजन : नीरज चोपड़ा के लिए यह सीजन शानदार रहा है। उन्होंने जैवलिन में सर्वश्रेष्ठ थ्रो के मामले में दो बार अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा है। उन्होंने 14 जून को फिनलैंड में पावो नुर्मी खेलों में 89.30 मीटर की दूरी तय की थी। इसके बाद 30 जून को स्टॉकहोम डायमंड लीग प्रतियोगिता में 89.94 मीटर दूर भाला फेंका। वह 90 मीटर की दूरी हासिल करने से महज महज छह सेंटीमीटर दूर रह गए। डाइमंड लीग में ग्रेनेडा के विश्व चैम्पियनशिप एंडरसन पीटर्स के बाद नीरज दूसरे स्थान पर रहे थे। पीटर्स ने 90.31 मीटर दूर भाला फेंकने के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी है; क्योंकि इस बार रांची के झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के जेएससीए स्टेडियम को दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच होने वाले मैच की मेजबानी का अवसर मिला है। टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला वनडे मुकाबला रांची के जेएससीए स्टेडियम में अक्टूबर महीने में आयोजित होगा। इसी साल आईसीसी T20 वर्ल्ड कप भी होना है। इससे पहले टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो T20 सीरीज खेलना है। इसके अलावा टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के साथ तीन वनडे सीरीज भी खेलेगी। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक 6 अक्टूबर को रांची में भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच का आयोजन होगा। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच के इस सीरीज के अलावे तीन टी-20 मैच का भी आयोजन होगा, जो त्रिवेंद्रम में 28 सितंबर गुवाहाटी में 1 अक्टूबर को और इंदौर में 3 अक्टूबर को होंगे। तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला वनडे रांची में खेला जाएगा। वहीं लखनऊ में 9 अक्टूबर को और दिल्ली में 11 अक्टूबर को मैच का शेड्यूल तय किया गया है। इस सीरीज के वनडे मैच को लेकर मेजबान झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन तैयारियों में जुटा है। जानकारी मिल रही है कि जल्द ही इसे लेकर आधिकारिक रूप से घोषणा भी की जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रमंडल खेल 2022 के लिये चुनी गयी भारतीय टीम के खिलाड़ियों से बात करते हुए कहा कि उन्हें दबाव लिये बिना अच्छा और दमदार खेल खेलना है। श्री मोदी ने कहा, आने वाले 10-15 दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए दुनिया पर हावी होने का सुनहरा मौका है। मैं सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देता हूं। जमकर खेलें, पूरी ताकत से खेलें और बिना किसी तनाव के खेलें। आपने वो डायलॉग तो सुना ही होगा- कोई नहीं है टक्कर में, कहां पड़े हो चक्कर में। आपको इसी रवैये के साथ खेलना है। श्री मोदी ने राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार हिस्सा ले रहे 65 खिलाड़ियों पर विश्वास जताते हुए कहा कि वह भी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब होंगे। उन्होंने कहा, जो 65 से ज्यादा एथलीट पहली बार इस टूनार्मेंट में हिस्सा ले रहे हैं, मुझे विश्वास है कि वो भी अपनी जबरदस्त छाप छोड़ेंगे। आप लोगों को क्या करना है, कैसे खेलना है, इसके आप एक्सपर्ट हैं। श्री मोदी ने कहा, ह्लआज आप जैसे खिलाड़ियों का हौसला भी बुलंद है, ट्रेनिंग भी बेहतर हो रही है और खेल के प्रति देश में माहौल भी जबरदस्त है। आप सभी नए शिखर चढ़ रहे हैं, नए शिखर गढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस है, और इत्तेफाक से 28 जुलाई को जब बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेल शुरू होंगे तब भारत के महाबलीपुरम में शतरंज ओलंपियाड की शुरूआत भी होगी। इस दौरान खिलाड़ियों ने भी श्री मोदी से अपना अनुभव साझा किया। अविनाश साबले ने श्री मोदी को बताया कि भारतीय सेना में उनके प्रशिक्षण ने उन्हें स्टीपलचेज के लिये तैयार होने में मदद की। पश्चिम बंगाल के अंचिता शुली ने कहा कि योगा से उन्हें शांत रहने में और भारोत्तोलन में मदद मिलती है। बैडमिंटन में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली त्रीसा जॉली ने बताया कि किस तरह उनके पिता ने उन्हें बैडमिंटन खेलने के लिये प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने झारखंड की सलीमा टेटे के टोक्यो ओलंपिक में प्रदर्शन के लिये उनकी तारीफ की और उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों में भी इसी तरह खेलने के लिये प्रोत्साहित किया। हरियाणा की पैरा-एथलीट शमीर्ला ने देश के लिये खेलने तक के अपने सफर में आने वाली अड़चनों को याद किया। श्री मोदी ने उनके हौसले और दृढ़ निश्चय के लिये उनकी सराहना की। दूसरी ओर अंडमान और निकोबार के डेविड बेखम ने बताया कि प्रधानमंत्री ने जब मन की बात में उनका जिक्र किया तो उन्हें बहुत प्रेरणा मिली। बेखम ने भारतीय खिलाड़ियों के समर्थन में खेलो इंडिया के महत्व पर भी रोशनी डाली। श्री मोदी ने खिलाड़ियों से अंत में कहा, आज का ये समय भारतीय खेलों के इतिहास का एक तरह से सबसे महत्वपूर्ण कालखंड है। भारतीय एथलीट नए रिकॉर्ड हासिल कर रहे हैं और तोड़ रहे हैं। राष्ट्रमंडल खेलों की टीम अद्वितीय है क्योंकि इसमें अनुभव और युवा उत्साह का अनूठा संयोजन है। सभी एथलीट न्यू इंडिया के ब्रांड एंबेसडर हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलेटिक टीम के चार गुणा 100 मीटर रिले में पदक जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। पिछले वर्ष दुती चंद और बीते माह हिमा दास को 100 और 200 मीटर में हराकर सुर्खियां बटोरने वाली तमिलनाडु की स्प्रिंटर एस धनलक्ष्मी डोप में फंस गई हैं। वह वर्ल्ड एथलेटिक्स की एथलीट इंटीग्रिटी यूनिट (एआईयू) की ओर से कराई गई टेस्टिंग में पकड़ी गई हैं। एआईयू ने धनलक्ष्मी का देश से बाहर आउट ऑफ कंपटीशन सैंपल लिया था। उनके सैंपल में एनाबॉलिक स्टेरायड पाया गया है। उन्हें अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्हें युगेन (अमेरिका) में चल रही विश्व चैंपियनशिप में खेलने से रोक दिया गया। टोक्यो ओलंपिक की चार गुणा चार सौ मीटर रिले टीम में शामिल धनलक्ष्मी को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 100 मीटर और चार गुणा चार सौ मीटर रिले की टीम में हिमा दास, दुती चंद के साथ शामिल किया गया था। विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम युगेन रवाना हो गई, लेकिन धनलक्ष्मी नहीं गईं। बताया गया कि उनका वीजा नहीं लगा है, लेकिन आयोजकों ने चैंपियनशिप से उनकी एंट्री ही हटा दी। वहीं इस चैंपियनशिप में 100 मीटर मीटर में केन्याई एथलीट को रेस शुरू होने से दो घंटे पहले एंट्री दी गई। वह भी वीजा नहीं लगने के चलते युगेन नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन उनकी एंट्री नहीं हटाई गई। धनलक्ष्मी को डोप में फंसने के चलते रोका गया था। सूत्र बताते हैं कि उनका सैंपल भारतीय एथलीटों की विदेश में तैयारियों के दौरान लिया गया। हालांकि इसके बाद देश में हुई नाडा की टेस्टिंग में वह निगेटिव निकलीं। पिछले कुछ माह के दौरान यह तीसरा मामला है, जब एआईयू की ओर से भारतीय एथलीट को डोपिंग में पकड़ा गया है। इससे जेवेलिन थ्रोअर राजिंदर सिंह, टोक्यो ओलंपिक में छठे स्थान पर रहने वाली डिस्कस थ्रोअर कमलप्रीत कौर भी एआईयू की टेस्टिंग में पॉजिटिव आई थीं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान और शीर्ष आॅल-राउंडर बेन स्टोक्स ने सोमवार को एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। वह मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना आखिरी एकदिवसीय मुकाबला खेलेंगे। स्टोक्स ने ट्वीट किया, मैं इंग्लैंड के लिए वनडे क्रिकेट में अपना अंतिम मैच मंगलवार को डरहम में खेलूंगा। मैंने इस प्रारूप से सन्यास लेने का निर्णय लिया है। यह मेरे लिए एक बेहद मुश्किल निर्णय रहा है। मैंने अपने साथियों के संग इंग्लैंड के लिये खेलते हुए हर मिनट का आनंद लिया है। हमारा सफर शानदार रहा है। स्टोक्स ने कहा कि वह इस प्रारूप में 100 प्रतिशत योगदान नहीं दे सकते इसलिए उन्होंने यह मुश्किल फैसला लिया है। उन्होंने कहा, यह फैसला बेहद मुश्किल था लेकिन इतना मुश्किल नहीं था जितना यह महसूस करना था कि मैं इस प्रारूप में अपने टीम के साथियों को अपना 100 प्रतिशत नहीं दे सकता। इंग्लैंड की जर्सी पहनने वाले को टीम के लिए इससे कम कुछ नहीं करना चाहिए। स्टोक्स ने बताया कि अब तीन प्रारूपों में खेलना उनके लिए बेहद मुश्किल है। न सिर्फ उनका शरीर निरंतर मैचों के कारण उन्हें निराश कर रहा है, बल्कि उनका मानना है कि वह किसी अन्य खिलाड़ी की जगह ले रहे हैं जो जॉस और टीम के लिये बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि कोई अन्य खिलाड़ी एक क्रिकेटर के रूप में प्रगति करे और उनके 11 साल के करियर जैसी बेहतरीन यादें बनाए। स्टोक्स ने कहा, मैं अपना सब कुछ टेस्ट क्रिकेट को दूंगा। इस फैसले के साथ, मेरा मानना है कि मैं टी20 प्रारूप पर भी ध्यान केंद्रित कर सकता हूं। उन्होंने कहा, मैं जॉस बटलर, मैथ्यू मॉट, अन्य खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सफलता की कामना करता हूं। हमने पिछले सात सालों में सीमित ओवर क्रिकेट में बड़ी छलांगें लगाई हैं, और भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है। स्टोक्स ने अपने एकदिवसीय करियर पर नजर डालते हुए कहा, मैंने अपने सभी 104 मैचों का आनंद लिया है। मुझे एक और मैच खेलना है और अपना आखिरी मैच डरहम में अपने घरेलू मैदान में खेलना अद्भुत एहसास है। उन्होंने कहा, हमेशा की तरह इंग्लैंड के प्रशंसक मेरे साथ रहे हैं और आगे भी रहेंगे। आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रशंसक हैं। मुझे उम्मीद है कि हम मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच जीत सकते हैं और सीरीज में बढ़त हासिल कर सकते हैं। स्टोक्स ने 2011 में आयरलैंड के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया और 104 मैच खेलकर 39.45 की औसत से 2919 रन बनाए हैं। वह एकदिवसीय मैचों में 102 के सर्वश्रेष्ठ स्कोर के साथ तीन शतक और 21 अर्द्धशतक लगा चुके हैं। उन्होंने इस दौरान 74 विकेट भी लिए। स्टोक्स 2019 में इंग्लैंड की विश्व कप जीत के नायक रहे थे और उनकी 84 रन की नाबाद पारी दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों की याददाशत में छपी हुई है।
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