एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना ने 15 अगस्त 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था। उससे ठीक कुछ मिनट पहले एमएस धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। हालांकि, दोनों दिग्गज आईपीएल और घरेलू क्रिकेट के लिए उपलब्ध थे, लेकिन अब सुरेश रैना ने इस बात का ऐलान कर दिया है कि वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से संबद्ध किसी भी टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं हैं। सुरेश रैना ने बीसीसीआई और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन यानी यूपीसीए के अधिकारियों को इस बात की जानकारी दे दी है कि वे भारतीय क्रिकेट में नहीं खेलेंगे। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा है कि वे विदेशी लीग खेल सकते हैं और इसकी शुरुआत वो रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज से करने वाले हैं। सुरेश रैना को आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन में किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था। सुरेश रैना बीसीसीआई से एनओसी प्राप्त करने के बाद देश और विदेशी की अलग-अलग लीग्स में खेलने के लिए उपलब्ध होंगे। उनसे पहले युवराज सिंह विदेशी लीग खेल चुके हैं और वे देश में आयोजित होने वाली लीग्स में भी हिस्सा ले सकते हैं। सुरेश रैना ने बताया है कि उन्होंने यूपीसीए से एनओसी ले ली है और इसकी जानकारी बीसीसीआई के सचिव जय शाह और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को दे दी है। रैना ने इस बात की भी पुष्टि की है कि वे 10 सितंबर से शुरू हो रही रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज का भी हिस्सा होंगे। वे पिछले करीब एक सप्ताह से अभ्यास कर रहे हैं। 205 आईपीएल मैच खेलने वाले सुरेश रैना ने इस बात की भी जानकारी दी है कि उनको साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और यूएई की टी20 लीग्स के लिए संपर्क किया गया है। वे साउथ अफ्रीका की नई टी20 लीग में सीएसके की पैरेंट कंपनी इंडिया सीमेंट्स द्वारा खरीदी गई टीम के लिए खेल सकते हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एशिया कप सुपर 4 टी20 मैच में पाकिस्तान के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने वाले विराट कोहली ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि उनके करियर के सबसे निचले दौर में महेंद्र सिंह धोनी के अलावा उनके पास कोई नहीं पहुंचा था। कोहली ने रविवार को यहां मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं आपको एक बात बता सकता हूं, जब मैंने टेस्ट कप्तानी छोड़ी तो मुझे केवल एक व्यक्ति का संदेश मिला। वह महेंद्र सिंह धोनी थे। कई लोगों के पास मेरा नंबर है। टीवी पर बहुत से लोग सुझाव देते हैं। लोगों के पास कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन जिनके पास मेरा नंबर था, उनमें से किसी ने मुझे संदेश नहीं भेजा। उन्होंने कहा, वह सम्मान, वह संबंध जो आपका किसी के साथ है, जब वह वास्तविक होता है तो इस तरह से दिखता है। न तो उन्हें (धोनी) को मुझसे कुछ चाहिए, न ही मुझे उनसे कुछ चाहिए। न ही वह मुझसे असुरक्षित महसूस करते थे और न ही मैं उनसे असुरक्षित महसूस करता था। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि अगर मैं किसी से कुछ कहना चाहता हूं, तो मैं व्यक्तिगत रूप से उस व्यक्ति तक पहुंचता हूं। कोहली ने यह टिप्पणी तब की जब उनसे पूछा गया कि वह पिछले दो वर्षों में उथल-पुथल वाले दौर से कैसे निपटे, जहां वह न केवल बड़े रन बनाने में असफल रहे, बल्कि महत्वपूर्ण पदों को भी खो दिया। स्टार भारतीय बल्लेबाज ने आईपीएल और टी20 कप्तानी छोड़ दी थी और आश्चर्यजनक रूप से एक चयन बैठक से कुछ घंटे पहले अपनी एकदिवसीय कप्तानी भी खोई थी। इसके बाद कोहली ने सभी को चौंकाते हुए टेस्ट कप्तानी छोड़ने की घोषणा की थी। कोहली ने पूर्व क्रिकेटरों और कमेंटेटरों पर अप्रत्यक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि दुनिया के सामने सुझाव देना उनके लिए कोई मायने नहीं रखता, लेकिन उनके साथ आमने-सामने बात करना बहुत मायने रखता है, जिससे उनके खेल में सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा, अगर आप दुनिया के सामने सुझाव देते हैं, तो मेरे लिए इसका कोई मूल्य नहीं है। अगर यह मेरे सुधार के लिए है तो आप मुझसे प्रत्यक्ष रूप से बात कर सकते हैं कि मैं वास्तव में चाहता हूं कि आप अच्छा करें। मैं बहुत ईमानदारी के साथ जीवन जीता हूं, इसलिए मैं ऐसी चीजें देखता हूं। कोहली एशिया कप 2022 के तीन मैचों में 126.22 के स्ट्राइक रेट से 154 रन बना चुके हैं। पांच हफ्ते के लंबे विश्राम के बाद टीम में शामिल हुए कोहली ने कहा कि व्यस्त क्रिकेट से ब्रेक लेना कोई बुरा विचार नहीं है। कोहली ने कहा, मैंने नहीं सोचा था कि मैं अपने बल्ले को छुए बिना एक महीना रहूंगा, लेकिन स्थिति ऐसी हो गई कि मुझे एक ब्रेक लेना पड़ा। खेल के लिए उस मानसिकता और आनंद को फिर से खोजना महत्वपूर्ण था। जब मैं खुश हूं तब मुझे पता है कि मैं टीम के लिए क्या कर सकता हूं। उन्होंने कहा, मेरा खराब स्थान पर होना न तो टीम के लिए अच्छा है और न ही मेरे लिए। मुझे लगता है कि किसी को भी इससे दूर नहीं भागना चाहिए, अगर कोई नकारात्मक या कमजोर महसूस कर रहा है, तो ब्रेक लेना कोई बुरी बात नहीं है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। क्रिकेट में एक कहावत बड़ी प्रचलित है। पकड़ो कैच, जीतो मैच। एशिया कप की दूसरी टक्कर में पाकिस्तान और भारत के खिलाड़ियों के बीच यही बड़ा फर्क नजर आया। पाकिस्तान ने जहां मुश्किल कैच को भी छोड़ा नहीं। वहीं अहम मौके पर आसान कैच भी भारत के अर्शदीप सिंह छोड़ते नजर आये। मैच के नाजुक मोड़ पर छूटे उस कैच का खामियाजा भारत को हार के साथ भुगतना पड़ा। हालांकि, भारत की हार के लिए सिर्फ उस एक कैच को ही दोष नहीं दिया जा सकता। हां, ये जरूर कहा जा सकता है कि वो कैच भी एक वजह बना। भारत की हार के बाद विराट कोहली जब प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए तो मैच के अंतिम लम्हों में अर्शदीप सिंह से छूटे कैच पर उनसे सवाल हुआ। इसके जवाब में विराट कोहली ने जो कहा वो अपने आप में बड़ी बात है। वो एक तरह से अर्शदीप के बचाव में खड़े नजर आये। साथ ही अपने साथ हुआ पाकिस्तान के ही खिलाफ मैच का एक पुराना किस्सा भी सुनाया। विराट कोहली ने अर्शदीप के बचाव में सुनाई आपबीती विराट कोहली ने कहा, अर्शदीप सिंह से जिस तरह की गलती हुई वो करियर के शुरुआती दौर में मुझसे भी हुई थी। पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले में मैं भी शाहिद अफरीदी की गेंद पर एक खराब शॉट खेलकर आउट हुआ था। उसके बाद मैं पूरी रात सो नहीं सका था। नींद उड़ गई थी। मैंने समझ लिया था कि अब करियर खत्म हो गया। उन्होंने आगे कहा कि यही वो मौके होते हैं, जिससे आप सीखते हैं और जब आप सीखते हैं तो चाहते हैं कि अगली बार फिर से वैसी परिस्थिति सामने हो, तब आपको दिखाना होता है। उम्मीद है अर्शदीप के सामने भी आगे जब वैसे मौके आएंगे तो वो उन्हें जाया नहीं जाने देंगे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खिलाड़ियों की चोट की समस्या गहराती जा रही है और टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी मुश्किल स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की फिटनेस बन गई है। रवींद्र जडेजा घुटने की चोट के कारण एशिया कप 2022 से बाहर हो गए हैं और जो जानकारी निकल कर आ रही है, उसके मुताबिक वह अगले महीने से ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो रहे टी20 विश्व कप में भी नहीं खेलेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के हवाले से बताया है कि जडेजा को सर्जरी से गुजरना होगा, जिसके चलते वह लंबे समय के लिए मैदान से बाहर रहेंगे। रवींद्र जडेजा हाल ही में टीम इंडिया के साथ यूएई में थे, जहां वह एशिया कप 2022 में खेल रहे थे। जडेजा ने टूर्नामेंट में पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ पहले दो मैचों में खेले थे। पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में जडेजा ने 35 रन बनाकर टीम इंडिया को जिताया था, जबकि दूसरे मैच में उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए एक बड़ा विकेट भी हासिल किया था। ऐसे में स्टार ऑलराउंडर की अनुपस्थिति रोहित शर्मा की टीम के लिये बड़ा झटका होगी। रिपोर्ट में बीसीसीआई अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि जडेजा की की चोट काफी गंभीर है और उनकी वापसी को लेकर फिलहाल कोई समय तय नहीं किया जा सकता बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जडेजा की दाहिने पैर के घुटने की चोट काफी गंभीर है। उन्हें एक बड़ी सर्जरी करानी होगी और वह अनिश्चित समय तक क्रिकेट से बाहर रहेंगे। इस समय अगर नेशनल क्रिकेट एकेडमी की मेडिकल टीम के आकलन को देखा जाये तो उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी के लिये कोई समयसीमा नहीं दी जा सकती।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एबभारत और पाकिस्तान एशिया कप 2022 में रविवार को एक हफ्ते बाद दोबारा आमने-सामने होंगे और पाकिस्तान पिछली हार का बदला लेने के लिए पूरा दमखम लगा देगा जबकि भारत अपनी जीत के क्रम को आगे बढ़ाते हुए अपने पड़ोसी प्रतिद्वंदी को इस बार करारी मात देने की पूरी कोशिश करेगा। दोनों टीमों के बीच सुपर-4 मुकाबला रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जायेगा। पाकिस्तान ने पहले मैच में भारत से पांच विकेट से हारने के बाद शुक्रवार के मैच में हॉन्ग कॉन्ग को 155 रन से मात देकर जोरदार तरीके से सुपर-4 में प्रवेश किया। इस जीत के साथ बाबर आजम की टीम ने अपना खोया हुआ आत्मविश्वास भी हासिल कर लिया है और अब वह एक बार फिर दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत से पिछली हार का बदला लेने के लिये तैयार है। यदि टीम संयोजन की बात करें तो दोनों ही टीमों के कप्तान इस टूनार्मेंट में विकेट पर संघर्ष करते हुए नजर आये हैं। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने जहां दो मैचों में क्रमश: 10 और नौ रन बनाये हैं, वहीं भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा का स्कोर 12 और 21 रन रहा है। ऐसे में दोनों ही टीमों को इस मैच में कप्तानी पारी खेलकर टीम के मजबूत शुरुआत देनी होगी। भारतीय प्रशंसकों की नजरें लोकेश राहुल पर भी होंगी जो चोट से उभरने के बाद कोई बड़ा स्कोर नहीं बना सके हैं। यदि लोकेश एशिया कप के बाकी मैचों में रन नहीं बनाते तो अगले महीने आॅस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप 2022 के लिये टीम में उनकी जगह पर प्रश्न चिह्न लग सकता है। भारत की विराट कोहली से बहुत ज्यादा उम्मीदें होंगी, जो पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने एशिया कप के दो मैचों में 35 और 59 नाबाद के स्कोर के साथ अपने फॉर्म में वापस आने का संकेत भी दिया है। हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ 261.54 के स्ट्राइक रेट से 68 रन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव भी पाकिस्तान के खिलाफ अपनी काबिलियत दिखाना चाहेंगे। चोट के कारण एशिया कप से बाहर हुए रवींद्र जडेजा की भरपाई भारत को करनी होगी। बाएं हाथ के बल्लेबाज जडेजा ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में 29 गेंदों पर 35 रन बनाये थे और विकेट पर उनकी उपस्थिति के कारण कप्तान बाबर ने बाएं हाथ के गेंदबाज मोहम्मद नवाज को गेंदबाजी नहीं सौंपी थी। विकेट पर 11 ओवर गुजारने वाले जडेजा भारत की जीत का बड़ा कारक रहे थे और इस बार बाएं हाथ के हरफनमौला अक्षर पटेल को टीम में उनकी स्थान पर उतार सकते हैं। दूसरी ओर, हॉन्ग कॉन्ग को 38 रन पर आॅलआउट करने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा और वह भारत के खिलाफ भी अपने इसी प्रदर्शन को जारी रखना चाहेंगे। दुबई में रविवार को होने वाले मैच में शादाब खान और मोहम्मद नवाज पर सबकी नजरें होंगी। युवा गेंदबाज शाहनवाज दहानी को अब तक टूर्नामेंट में सिर्फ एक विकेट मिला है, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों को उनकी सटीक गेंदबाजी के आगे सचेत रहना होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच सुपर-4 मुकाबला रविवार को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे से खेला जायेगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। क्रिकेट जगत में कंगारुओं की धाक किसी से छुपी नहीं है। लेकिन अब अपने घर में ही वे मात खाते दिख रहे हैं। जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला जिम्बाब्वे ने तीन विकेट से जीत लिया है। यह पहला मौका है, जब जिम्बाब्वे की टीम ऑस्ट्रेलिया में कोई मैच जीती है। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 141 रन बनाए थे और जिम्बाब्वे ने सात विकेट खोकर 11 ओवर रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने इतिहास रच दिया। हालांकि, वनडे सीरीज ऑस्ट्रेलिया ने 2-1 से अपने नाम की। जिम्बाब्वे के लिए पांच विकेट लेने वाले रेयान बर्ल ने बल्ले के साथ भी 11 रन का अहम योगदान दिया और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 33 वनडे मैच हुए हैं और इनमें से सिर्फ तीन मैच ही जिम्बाब्वे की टीम जीत पाई। यह पहला मौका है, जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराया है। वहीं, 2014 के बाद जिम्बाब्वे ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को हराया है। इससे पहले 2014 में हरारे के मैदान पर जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला वनडे मैच 1983 में खेला गया था और नॉटिंघम में जिम्बाब्वे ने 13 रन के अंतर से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2014 में हरारे में ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हराया और अब तीसरी बार इतिहास दोहराया है। डेविड वॉर्नर ने ऑस्ट्रेलिया को 100 के पार पहुंचाया जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया और हालातों का भरपूर फायदा उठाया। रेयान बर्ल ने तीन ओवर में 10 रन देकर पांच विकेट लिए। ब्रैड इवांस ने दो विकेट झटके। नगरवा, न्याउची और सीन विलियम्स को एक-एक विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया के लिए डेविड वॉर्नर के अलावा कोई बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। उनके अलावा 19 रन बनाने वाले मैक्सवेल ही सिर्फ दहाई का आंकड़ा छू पाए। डेविड वॉर्नर 94 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 14 चौके और दो छक्के लगाये। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान फिंच पांच रन, स्टीव स्मिथ, एक रन, एलेक्स कैरी चार रन, मार्कस स्टोइनिस तीन रन और कैमरून ग्रीन तीन रन बनाकर आउट हुए। एडम जैम्पा एक रन बनाकर नाबाद रहे। कप्तान चकाबवा ने जिम्बाब्वे को जिताया : मुश्किल पिच पर 142 रन का लक्ष्य जिम्बाब्वे के लिए आसान नहीं था, लेकिन जीत की संभावना साफ दिख रही थी। काइटानो और मरुमानी की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़े। छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए यह अच्छी शुरुआत थी। काइटानो 19 रन बनाकर आउट हुए और एक छोर पर विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। 77 रन के स्कोर पर टीम के पांच विकेट गिर चुके थे। मरुमानी भी 35 रन बनाने के बाद टीम का साथ छोड़ गए। इसके बाद कप्तान रेजिस चकाबवा और टोनी मुनयोंगा ने पारी संभाली। दोनों ने छठे विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी कर टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। 115 के स्कोर पर टोनी आउट हो गए। उन्होंने 17 रन बनाए। सातवें विकेट के लिए कप्तान चकाबवा और रेयान बर्ल ने 22 रन की साझेदारी की बर्ल 11 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक टीम का स्कोर 137 रन हो चुका था और जीत तय हो चुकी थी। अंत में रेजिस चकाबवा ने ब्रैड इवांस के साथ मिलकर टीम को तीन विकेट रहते जीत दिलाई। कप्तान रेजिस चाकबवा 37 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली क्रिकेट के मैदान में वापसी करने वाले थे लेकिन अब उनकी ये वापसी नहीं हो पायेगी। पूर्व भारतीय कप्तान ने लीजेंड्स क्रिकेट लीग में से नाम वापस ले लिया है। गांगुली ने आज तक को बताया है कि उन्होंने निजी कारणों और समय न रहने के कारण इस मैच में न खेलने का फैसला किया है। आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर 16 सितंबर को इंडिया महाराज और वर्ल्ड जाएंट्स के बीच होना है। ये मैच गांगुली के घर कोलकाता के ईडन गार्डंस स्टेडियम में खेला जाना है। गांगुली के फैंस उम्मीद लगाए थे कि वह 10 साल बाद बाएं हाथ के बल्लेबाज की वापसी देखेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सकेगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एशिया कप 2022 में भले ही भारतीय टीम शान से सुपर-4 में पहुंच गई है, लेकिन खिलाड़ियों की चोटें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले ही चोट के कारण जसप्रीत बुमराह और हर्षल पटेल एशिया कप में नहीं खेल रहे। अब इस लिस्ट में रविंद्र जडेजा का भी नाम जुड़ गया है। जडेजा को चोट लगने के कारण एशिया कप से बाहर होना पड़ रहा है। उनकी जगह पर भारतीय आॅलराउंडर अक्षर पटेल टीम इंडिया में एंट्री लेंगे। अखिल भारतीय वरिष्ठ चयन समिति ने मौजूदा एशिया कप में रवींद्र जडेजा की जगह अक्षर पटेल को चुना है। बताया जा रहा है कि रवींद्र जडेजा को दाहिने घुटने में चोट लगी है। वह वर्तमान में बीसीसीआई के मेडिकल की देखरेख में हैं। बीसीसीआई ने एक बयान में कहा अक्षर पटेल पहले से स्टैंडबाय थे। अब जल्द ही वह दुबई में टीम से जुड़ेंगे। बता दें कि जडेजा ने पाकिस्तान के खिलाफ महत्वपूर्ण 35 रनों की पारी खेलकर टीम इंडिया की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। हांगकांग के खिलाफ खेले गए मैच में भी जडेजा ने एक विकेट निकाला था। भारतीय टीम ने अब आगामी 4 सितंबर को संभवत: पाकिस्तान, 6 को अफगानिस्तान तो 8 को श्रीलंका के साथ भिड़ा है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एशिया कप के दूसरे मैच में भारत का मुकाबला पाकिस्तान के साथ है। दोनों टीमें लगभग 10 महीने बाद कोई मैच खेल रही हैं। इस मुकाबले में टीम इंडिया पिछले साल 10 विकेट से मिली हार का बदला लेना चाहेगी। दोनों टीमों के प्रमुख गेंदबाज चोट की वजह से यह टूर्नामेंट नहीं खेल रहे हैं। इसके बावजूद यही दोनों टीमें खिताब जीतने की सबसे प्रबल दावेदार हैं। दुबई के मैदान में यह मैच जीतने वाली टीम चैंपियन बनने की दिशा में एक कदम बढ़ा देगी। भारत-पाकिस्तान के बीच मैच से पहले संजगना गणेशन के साथ बातचीत के दौरान रिकी पोंटिंग ने कहा कि भारत यह मैच जीतेगा। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड मैच का दबाव एक समान होता है, लेकिन फिलहाल भारतीय टीम ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। मैच से पहले रोहित शर्मा ने कहा है कि हम यही सोचकर मैदान में उतरेंगे की यह एक सामान्य टीम है, जिसे हमें हराना है। हम भारत-पाकिस्तान मैच का दबाव अपने ऊपर नहीं लेंगे। भारत के सभी खिलाड़ी मैच के लिए तैयार हो चुके हैं। बीसीसीआई ने भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें सूर्यकुमार यादव खास शॉट लगाते दिख रहे हैं। बई की गर्मी खिलाड़ियों को परेशान कर सकती है। मैच वाले दिन तापमान 40 से 31 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। रात के समय तापमान कम होगा और खिलाड़ियों को राहत मिलेगी। भारत और पाकिस्तान दोनों टीमों के खिलाड़ी इस तापमान में खेलने के अभ्यस्त हैं। मैच के दौरान हवा की गति 17 किलोमीटर के करीब रहेगी। दर्शकों से भरे मैदान में खिलाड़ियों को परेशानी हो सकती है।
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