टीम एबीएन, रांची। झारखंड हॉकी को सम्मान मिला है। खूंटी के बिरसा कॉलेज में निर्मित हॉकी टर्फ मैदान को एफआईएच फील्ड सर्टिफिकेट मिल गया है। हर पैमाने पर मैदान की गुणवत्ता परखने के बाद यह सर्टिफिकेट मिलता है। इस दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और संसाधन का आंकलन होता है। अब खूंटी के हॉकी टर्फ ग्राउंड पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैच भी हो सकता है। इन मानदंडों को पूरा करने के बाद ही एफआईएच फील्ड सर्टिफिकेट प्रदान करने की अनुमति दी जाती है। सर्टिफिकेट प्राप्ति के बाद अब जिला के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान में अभ्यास कर अपनी प्रतिभा को और निखार सकेंगे। दरअसल, झारखंड को हॉकी की नर्सरी कहा जाता है। इस क्षेत्र को सबसे पहले जयपाल सिंह मुंडा ने अंतरार्ष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी थी। वह भी खूंटी के ही रहने वाले थे। उनके नेतृत्व में टीम ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। बाद के वर्षों में इस राज्य ने एक से बढ़कर एक हॉकी खिलाड़ी दिये। आज भी भारतीय महिला हॉकी टीम में झारखंड का दबदबा है। फिलहाल, भारतीय महिला हॉकी टीम में झारखंड की सलीमा टेटे, निक्की प्रधान और संगीता के अलावा ब्यूटी डुंगडुंग अहम भूमिका निभा रही हैं। पिछले ओलंपिक की झारखंड की तीन बेटियां अपना जौहर दिखा चुकी हैं। हाल के दिनों में फुटबॉल में भी झारखंड की लड़कियों ने लोहा मनवाया है। पिछले दिनों ओड़िशा में हुए अंडर 17 फीफा फुटबॉल में भारतीय टीम में झारखंड की छह लड़कियां शामिल थी। टीम का नेतृत्व झारखंड की अष्टम उरांव ने किया था। टूर्नामेंट के बाद रांची लौटने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफजाई की थी। मुख्यमंत्री का बार-बार कहना है कि वह झारखंड के खिलाड़ियों को संसाधन के अभाव में हुनर को मरने नहीं देंगे। इसी का नतीजा है कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम में खेलने के अनुकूल भी बनाया जा रहा है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी टर्फ मैदान के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। फिलहाल सिमडेगा, चाईबासा समेत अन्य जिलों में हॉकी टर्फ फील्ड का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल की फॉर्म चिंता का विषय थी। कोहली लंबे समय से आउट ऑफ टच थे, रोहित जल्दी आउट हो रहे थे और राहुल कुछ समय बाद क्रिकेट में वापसी करने के बाद पहले जैसे नहीं लग रहे थे। अब विराट कोहली की बैटिंग ने तो वो कर दिखाया है जिसके बाद उनको कोई सपने में भी फॉर्म से बाहर नहीं मान सकता। राहुल ने वॉर्म अप मैचों में ठीक बैटिंक की थी लेकिन बड़े मैचों में उनका चलना बाकी है। रोहित अभी उसी ढर्रे पर हैं जैसे वर्ल्ड कप से पहले थे और भारत के पूर्व बल्लेबाज सुनील गावस्कर का कहना है कि वर्ल्ड कप में कप्तान की फॉर्म भारत की एकमात्र चिंता है। पाकिस्तान के खिलाफ रोहित भी फेल हुए और राहुल भी। हार्दिक पांड्या एक बार फिर कूल थे भले ही वे फिनिशिंग नहीं कर सके लेकिन उन्होंने कोहली के लिए रास्ता तैयार किया और विराट ने भारत को मंजिल दिलाई। नीदलैंड्स के खिलाफ मुकाबले से पहले बात करते हुए गावस्कर ने कहा कि रोहित का टच से गायब होना ही एकमात्र चिंता का विषय है और इस पर तुरंत ध्यान देना होगा। बस एकमात्र चिंता यही है कि रोहित शर्मा उस तरह से स्कोर नहीं कर रहे हैं जिसके लिए हम उनको जानते हैं। अगर वे रन बनाते हैं जो चीजें वाकई में काफी आसान हो जाती हैं। गावस्कर ने कहा कि पहले छह ओवर में थोड़ा संभलकर खेल लो और कोई विकेट ना गंवाओ। जबकि पाकिस्तान के खिलाफ भारत का स्कोर 4 विकेट पर 31 रन हो चुका था। एक बातचीत में गावस्कर कहते हैं कि आप एक अच्छा प्लेटफॉर्म बनाओ ताकि अच्छी शुरुआत के बाद बाकी बल्लेबाजों का काम आसान हो जाये। पाकिस्तान के खिलाफ आप 31 पर 4 थे। अगर आपने कम ही विकेट गवांए होते तो स्कोर 40 पर 1 होता जो ज्यादा बेहतर था। टीम इंडिया को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में 27 अक्टूबर को अगला मुकाबला नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलना है। इसके बाद अगला बड़ा मैच पर्थ में होगा जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा। अगर भारत ये मैच जीत जाता है तो इस बात की पूरी संभावना है कि वो ग्रुप-2 में टॉप करता हुआ शान से सेमीफाइनल पहुंचेगा क्योंकि अगले दो मैच बांग्लादेश और जिम्बॉब्वे के खिलाफ जिनके खिलाफ थोड़ी सतर्कता ही टीम इंडिया को आसानी से मैच जिता देगी। हालांकि टी20 में सावधानी हटी और दुर्घटना घटी कभी भी हो सकता है इसलिए भारत को उसी तर्ज पर शुरुआत करनी होगी जैसी सलाह सुनील गावस्कर ने दी है। शुरुआत में विकेट बचाकर बाद में तेज रन बनाये जा सकते हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। ग्लेन मैक्सवेल... वो बल्लेबाज जिसके सामने आते ही गेंदबाज ये सोचता है कि आखिर बचा कैसे जाए? क्योंकि दाएं हाथ का ये आॅस्ट्रेलियाई बल्लेबाज अपने तूफानी अंदाज के लिए मशहूर है। लेकिन मंगलवार को आईसीसी टी20 विश्व कप-2022 में पर्थ की उछाल और तेज पिच पर श्रीलंका के लाहिरू कुमारा ने मैक्सवेल को बहुत परेशान किया। सिर्फ परेशान ही नहीं किया बल्कि उनके शरीर पर गेंदें तक मारी। मैक्सवेल ने कुमारा पर बड़े शॉट्स लगाने की कोशिश की लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाज ने अपनी तेजी और उछाल के मिश्रण के साथ मैक्सवेल को परेशान किया और उनका रन बनाना मुश्किल कर दिया। इसके अगले ओवर में मैक्सवेल आउट भी हो गये। 12वां ओवर लेकर आये कुमारा ने पहली ही गेंद मैक्सवेल के हाथ में मार दी। कुमारा की छोटी गेंद को मैक्सवेल ने पुल करने का प्रयास किया लेकिन अतिरिक्त उछाल से मात खा गए और गेंद लगी उनके दस्तानों पर। ये गेंद इतनी जोर से लगी की मैक्सवेल ने तुरंत उस से अपना बल्ला छोड़ा और अपना हाथ झटकने लगे। कुछ देर तक यही करने के बाद वह दोबारा बल्लेबाजी के लिए तैयार हो गए। अगली गेंद बाउंसर थी जिस पर मैक्सवेल चूक गये। तीसरी गेंद कुमारा ने फिर शॉर्ट फेंकी इस बार भी मैक्सवेल ने शफल कर पुल करने की कोशिश की लेकिन इस बार भी वह चूक गए और गेंद उनके गले में जाकर लगी। मैक्सवेल ने तुरंत अपना बल्ला छोड़ दिया और कुछ दूर भागकर घुटनों पर बैठ गये।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम के कोच फिल सिमंस ने टी20 विश्व कप 2022 के पहले ही दौर में टीम के बाहर होने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सिमंस ने क्रिकेट वेस्ट इंडीज की ओर से सोमवार रात जारी बयान में कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि केवल टीम ही नहीं बल्कि उन राष्ट्रों को भी दुख पहुंचा है जिनका हम प्रतिनिधित्व करते हैं। यह निराशाजनक कि हम सही मौके पर प्रदर्शन ही नहीं कर पाए। वेस्ट इंडीज टी20 विश्व कप के पहले दौर में अपने ग्रुप की सबसे निचली टीम होने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। उसने अपने दूसरे मैच में जिम्बाब्वे को हराया लेकिन पहले और तीसरे मैच में उन्हें क्रमश: स्कॉटलैंड और आयरलैंड से शिकस्त मिली थी। उन्होंने कहा, हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और अब हमें एक टूर्नामेंट को अपनी आंखों के सामने घटते हुए देखना होगा जिसका हम हिस्सा नहीं हैं। मैं यह सोच भी नहीं सकता था और इसके लिए मैं अपने प्रशंसकों से माफी मांगता हूं। यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि एक ऐसा कदम है जिस पर मैं कुछ समय से विचार कर रहा हूं। आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद मैं वेस्ट इंडीज के कोच का पद छोड़ दूंगा। सिमंस ने अक्टूबर 2019 में वेस्ट इंडीज कोच का पदभार संभाला था। इससे पहले वह विंडीज को 2016 में टी20 विश्व कप जिता चुके थे। उनके दूसरे कार्यकाल के दौरान टीम ने टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन टी20 की कहानी अलग रही। टी20 विश्व कप 2021 में विंडीज को पांच में चार मैचों में हार मिली जबकि पिछले सप्ताह वह तीन में से दो मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। सिमंस ने कहा कि वह पद छोड़ने से पहले टी20 विश्व कप में हुईं गलतियों की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेंगे। सिमंस ने कहा, यह उम्मीद से पहले हुआ, लेकिन अब मैं अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल आॅस्ट्रेलिया में टेस्ट टीम की उत्कृष्ट प्रगति को आगे बढ़ाने के लिये करूंगा क्रिकेट वेस्ट इंडीज के अध्यक्ष रिकी स्केरिट ने सिमंस को उनकी मेहनत के लिये धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके आदर्शों ने युवा खिलाड़ियों को खेल के मैदान पर और बाहर मार्गदर्शन दिया। स्केरिट ने कहा, सिमंस परिवर्तन के एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौर में टीम में मूल्यवान अनुभव और स्थिरता लेकर आए। हम उनके भविष्य के प्रयासों में उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम ने आईसीसी विश्व कप 2022 के सुपर 12 मुकाबले में रविवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में पाकिस्तान को 4 विकेट से हरा दिया। पाकिस्तान की टीम ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाये और टीम इंडिया को जीत के लिए 160 रनों का लक्ष्य दिया। इसके जवाब में भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाये। यह मैच पैसा वसूल रहा, क्योंकि भारत ने आखिरी ओवर में 16 रनों की जरूरत होने पर अंतिम गेंद में मैच जीता। जीत के हीरो विराट कोहली रहे, जिन्होंने 53 गेंदों में नाबाद 82 रनों की पारी खेली, जिसमें 6 चाैके व 4 छक्के शामिल रहे। इस पारी के दम पर जहां उन्होंने सचिन तेंदुलकर को एक खास मामले में पछाड़ा तो वहीं जीत में भारत ने खास उपलब्धि हासिल की। आइये इस मैच में बने बड़े रिकाॅर्ड्स पर एक नजर डालें : सचिन को पछाड़ा : कोहली ने वर्ल्ड कप में 24 बार 50 से ज्यादा रन का स्कोर बनाया है। इससे पहले भारत के लिए 23 बार सचिन तेंदुलकर ने वर्ल्ड कप में 50 से ज्यादा स्कोर बनाया है। वहीं दोनों के प्रदर्शन की बात करें तो सचिन के आईसीसी टूर्नामेंट्स में 7 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं, तो कोहली ने 2 शतक और 22 अर्धशतक लगा दिये हैं। टी20 वर्ल्ड कप में मैच में आखिरी तीन ओवर में भारत ने सर्वोच्च लक्ष्य हासिल किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 2010 में ग्रोस आइलेट में पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी तीन ओवरों में 48 रन बटोरते हुए जीत हासिल की थी। अब भारत ने भी 48 रन बनाकर जीत हासिल की है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप में आज भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला होना है। ऐतिहासिक मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर दोनों टीमें करीब एक लाख दर्शकों के सामने खेलेंगी। भारत और पाकिस्तान का मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में यह पहला मैच होगा। दोनों टीमें जीत के साथ शुरुआत करना चाहेंगी। भारतीय टीम पिछले टी20 वर्ल्ड कप में मिली हार का बदला लेने के लिए उतरेगी। भारत बनाम पाकिस्तान मैच रविवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर एक लाख समर्थकों के सामने होगा। कोहली ने कहा कि वह इतनी बड़ी भीड़ के सामने खेलने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, खेल से ज्यादा, मैं उस पल का इंतजार कर रहा हूं (एक लाख समर्थकों के सामने खेलना)। पिछली बार मैंने ईडन गार्डन्स में ऐसे पल का अनुभव किया था, जहां मुझे लगता है कि लगभग 90,000 प्रशंसक थे। वह एक खचाखच भरा स्टेडियम था। जब मैं ड्रेसिंग रूम से बाहर निकला तो खेल के दिग्गज सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, कपिल देव, वसीम अकरम और वकार यूनिस को देखा था। माहौल जबरदस्त था, लेकिन मुझे ध्यान केंद्रित करने की जरूरत थी क्योंकि आप उस माहौल में खींच सकते हैं। विराट ने कहा, वर्ल्ड कप में मोहाली में भी ऐसा ही था। वर्ल्ड कप मैचों के दौरान एक अलग माहौल बनता है। यह एक अलग एहसास है और आप उसे अनुभव करते हैं। चारों तरफ इसे लेकर बात होती है। मैं इन पलों से प्यार करता हूं। वास्तव में ये क्षण हैं जो पूरे अनुभव का हिस्सा हैं। आप वास्तव में इन पलों को जीने के लिए खेलते हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईसीसी विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ कभी ना हारने का रिकॉर्ड पिछली बार टूटने से आहत भारतीय क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप के अपने पहले सुपर 12 चरण के मुकाबले में रविवार को चिर प्रतिद्वंद्वी को हराकर देश को दीवाली का तोहफा देने के इरादे से उतरेगी। इस मैच पर बारिश की गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन यहां के मौसम के जानकारों के अनुसार पूरा मैच रद्द होने की संभावना कम है। दोनों देशों के हजारों क्रिकेटप्रेमी इस मैच को देखने यहां जुटे हैं। स्टेडियम के सारे टिकट बिक चुके हैं। रोहित शर्मा और बाबर आजम की टीमों के लिये यह एक आम मैच है लेकिन दोनों देशों के लाखों क्रिकेटप्रेमियों के लिये बस यही मैच है। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम आईसीसी टूनार्मेंटों में पाकिस्तान से कभी नहीं हारी और धोनी बार बार कहते आये हैं कि क्रिकेट के मैदान पर बदले जैसा कोई शब्द नहीं होता। लेकिन पिछले एक साल में बहुत कुछ बदल गया। शाहीन शाह अफरीदी की खतरनाक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने पहली बार विश्व कप के किसी मैच में भारत को हराया। अफरीदी ने 31 रन देकर तीन विकेट लिये और पाकिस्तान को न सिर्फ जीत दिलाई बल्कि आधुनिक क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाजों को निरूत्तर भी किया। रोहित, विराट कोहली और केएल राहुल दुबई में पिछले साल मिली हार को भूले नहीं होंगे। उस पर एशिया कप खेलने पाकिस्तान नहीं जाने के बीसीसीआई के बयान और अगले साल भारत में होने वाले वनडे विश्व कप से हटने की पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की धमकी ने आग में घी डालने का काम किया है। भारतीय टीम के लिये चिंता का सबब टीम संयोजन है। पिछले कुछ समय से भारत को स्थिर टीम संयोजन नहीं मिल सका है। भारत को एक अतिरिक्त गेंदबाज को उतारने के लिये विशेषज्ञ विकेटकीपर ऋषभ पंत को बाहर करना पड़ सकता है। बल्लेबाजी क्रम को अफरीदी के अलावा नसीम शाह और हारिस रऊफ का भी सामना करना है। भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाज अफरीदी को पावरप्ले में कैसे खेलते हैं, इससे ही मैच की दशा और दिशा तय होगी। ऐसे में टी20 प्रारूप में भारत के नंबर एक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव पर बहुत कुछ निर्भर होगा जो हर हालात में अपना स्वाभाविक खेल दिखाने के लिये मशहूर हैं। बारिश होने पर रोहित टॉस जीतकर गेंदबाजी करना पसंद करेंगे। भारत के पास तीन विशेषज्ञ स्पिनर हैं लेकिन मौसम के हिसाब से उन्हें उतारने के बारे में फैसला लिया जायेगा। बारिश होने पर हर्षल पटेल को मौका मिल सकता है जो बल्लेबाजी में भी माहिर हैं। पाकिस्तान के पास तीन खब्बू बल्लेबाज शान मसूद, मोहम्मद नवाज और खुशदिल शाह हैं लिहाजा रविचंद्रन अश्विन के खेलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बराबरी के इस मुकाबले में पाकिस्तान का पलड़ा तनिक भारी लग रहा है तो उसकी एकमात्र वजह है शाहीन शाह अफरीदी। एमसीजी पर 37 साल बाद भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हो रहा है। आखिरी बार 1985 बेंसन एंड हेजेस विश्व चैम्पियनशिप में दोनों टीमें खेली थी। वह सुनील गावस्कर का भारत के कप्तान के तौर पर आखिरी मैच था और रवि शास्त्री ने अपने शानदार प्रदर्शन से आडी कार जीती थी। भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, दिनेश कार्तिक, ऋषभ पंत, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, हर्षल पटेल, दीपक हुड्डा। पाकिस्तान : बाबर आजम (कप्तान), मोहम्मद रिजवान, फखर जमां, शान मसूद, मोहम्मद नवाज, खुशदिल शाह, आसिफ अली, हैदर अली, इफ्तिखार अहमद, हारिस रऊफ, नसीम शाह, शाहीन शाह अफरीदी, मोहम्मद वसीम, शादाब खान, मोहम्मद हसनैन।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को वर्ल्ड कप का मैच खेला जाना है। इस मैच से पहले पाकिस्तान टीम के लिए एक बुरी खबर सामने आयी है। पाकिस्तान के टॉप आॅर्डर बल्लेबाज शान मसूद नेट प्रैक्टिस के दौरान चोटिल हो गये हैं। चोट लगने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। शान मसूद को लेकर अभी तक पाकिस्तान की टीम की तरफ से कोई अपडेट नहीं दी गई है। ट्रेनिंग सेशन के दौरान मोहम्मद नवाज ने एक शॉट मारा और गेंद जाकर सीधे मसूद के सिर पर लग गई। इसके बाद बायें हाथ का यह बल्लेबाज चोटिल होने के बाद 5-7 मिनट तक जमीन पर लेटा रहा। फिजियो टीम के मैदान पर आने के बाद शान मसूद को नेट्स से निकालकर बाहर ले जाया गया, फिलहाल वह अस्पलाल में भर्ती हैं। शान मसूद चोट लगने के तुरंत बाद जमीन पर गिर पड़े थे, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें काफी गहरी चोट लगी होगी। डॉक्टर्स की टीम बल्लेबाज की जांच में जुटी हुई है। अस्पताल से उनके हालात को लेकर अभी कोई अपडेट सामने नहीं आई है। अगर शान मसूद की चोट गहरी होती है तो वह भारत के खिलाफ रविवार को होने वाले मैच से बाहर हो सकते हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (अभय कुमार सिंह)। फीफा विश्व कप के इतिहास में अब तक 14 शुभंकर रहे हैं। शुभंकर, लंबे समय से फीफा वर्ल्ड कप का अहम हिस्सा रहा है। खासतौर पर बच्चों में यह काफी लोकप्रिय रहता है। शुभंकर ना सिर्फ वर्ल्ड कप का प्रचार करता है बल्कि लोगों का मनोरंजन भी करता है। हर वर्ल्ड कप के लिए शुभंकर का चयन प्रशंसकों की वोटिंग के आधार पर होता है। साल 1966 में इंग्लैंड में हुए फीफा विश्व कप से शुभंकर की शुरुआत हुई और फीफा विश्व कप के इतिहास में तब से लेकर अब तक 14 शुभंकर रहे हैं। --------- फीफा वर्ल्ड कप 2022 का शुभंकर है लाइब : फीफा वर्ल्ड कप 2022 के लिए लाइब को आधिकारिक शुभंकर बनाया है। लाइब एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ होता है, विशेष गुण और क्षमता वाला खिलाड़ी। फीफा ने एक बयान में कहा कि लाइब सभी को खुद पर आत्मविश्वास बनाये रखने के लिए प्रेरणा देना का काम करता है। फुटबॉल फैंस को पसंद आयेगा लाइब : टूर्नामेंट के उप महानिदेशक खालिद अली अल मावलवी का कहना है कि शुभंकर-कविता से आता है, एक ऐसा स्थान जो अवर्णनीय है। हम सभी को यह कल्पना करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं कि यह कैसा दिखता है। हमें यकीन है कि प्रशंसकों को यह मजेदार और चंचल चरित्र पसंद आएगा। लाइब इस फीफा को रोमांचक बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा क्योंकि इस वर्ल्ड कप को देखने के लिए हर उम्र के लोग आते हैं। ---------- 1. शुभंकर की शुरुआत 1966 में इंग्लैंड की मेजबानी में खेले गए वर्ल्ड कप से हुई। इसके बाद से यह परंपरा आज तक चल रही है। इस विश्व कप के शुभंकर का नाम "विली" था। -------- 2.मैक्सिको में 1970 में खेले गए फीफा विश्व कप के शुभंकर का नाम "जूनिटो" था। यह एक आम मैक्सिकन लड़का था, जो हैट पहना हुआ था। ---------- 3. साल 1974 में जर्मनी में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप का शुभंकर "टिप और टैप" थे। इसमें जर्मनी टीम की किट पहने दो स्थानीय लड़कों को दिखाया गया। -------- 4. साल 1978 में अर्जेंटीना में फीफा विश्व कप का आयोजन हुआ। नेशनल टीम की ड्रेस पहने इस शुभंकर में ठेठ अर्जेंटीनी लड़के "गोचिटो" को प्रसन्न मुद्रा में दिखाया गया। यह इंसान के रूप में बनाया गया अंतिम शुभंकर था। --------- 5.स्पेन में 1982 में खेले गये फीफा वर्ल्ड कप का शुभंकर "नारंगजिटो" एक फल संतरा था। यह फल स्पेन में काफी प्रसिद्ध है। -------- 6. साल 1986 में आयोजित फीफा विश्व कप में मैक्सिको ने "पीक" को शुभंकर बनाया। यह यहां की एक प्रसिद्ध मिर्च है, जिसका इस्तेमाल मैक्सिकन खाने में बहुत किया जाता है। --------- 7. साल 1990 में इटली में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप में शुभंकर "सियोओ" था। एक स्टिक खिलाड़ी बनाया गया था, जिसका सिर फुटबॉल के रूप में था। ----------- 8. साल 1994 में फीफा विश्व कप का आयोजन अमेरिका में हुआ। अमेरिकी लोगों को कुत्ते पालना बहुत पसंद है और इसी की तर्ज पर यहां खेले गये वर्ल्ड कप का शुभंकर "स्ट्राइकर" बनाया गया। --------- 9. साल 1998 में फीफा विश्व कप का आयोजन फ्रांस में हुआ। फ्रांस का राष्ट्रीय चिह्न मुर्गा है। इसी की शक्ल के आधार पर यहां खेले वर्ल्ड कप का शुभंकर "फूटिक्स" बना। यह फ्रांस की किट के रंग नीले में रंगा था। --------- 10. साल 2002 में जापान और कोरिया की मेजबानी में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप में तीन शुभंकर थे। इसमें एटो "कोच, जबकि "काज" और "निक" खिलाड़ी थे। --------- 11.साल 2006 में जर्मनी में खेले गये फीफा वर्ल्ड कप का शुभंकर गोल और लियो से मिलकर "गोलियो" बना। इसमें एक शेर जर्मनी टीम की टी-शर्ट पहने था। -------- 12. साल 2010 में फीफा विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। तेंदुआ दक्षिण अफ्रीका में काफी पाया जाता है। इसी पर आधारित शुभंकर बनाया गया। इसका नाम "जाकूमी" था। ---------- 13. साल 2014 में ब्राजील में हुए फीफा विश्व कप में वहां की विलुप्त होती कई देशी प्रजातियों को शुभंकर के रूप में दर्शाया गया, जिसका नाम "फूलेको" था। ब्राजील में घने जंगल हैं। इनमें कई दुर्लभ जीव-जंतु मिलते हैं। -------- 14. साल 2018 में रूस में होने में आयोजित किये गये फीफा वर्ल्ड कप में चश्मा पहने भेड़िया को शुभंकर के रूप में चुना गया है। स्पेस सूट पहने इस शुभंकर को जाबीवाका नाम दिया गया था। रूसी भाषा में जाबीवाका का अर्थ होता है, जो स्कोर कर सके। (लेखक एबीएन के स्पोर्ट्स स्पेशलिस्ट सह स्पोर्ट्स एडिटर हैं।)
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