एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का आगाज रविवार 16 से अक्टूबर से किया जा चुका है। नामीबिया और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का पहला मुकाबला खेला गया। टी20 वर्ल्ड कप का पहला मुकाबला नामीबिया ने 55 रनों से अपने नाम किया। नामीबिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 163 रन बनाए। जिसके जवाब में श्रीलंका 108 रनों पर ऑल आउट हो गई। पहले क्वालीफायर राउंड में होने वाले मुकाबले 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक खेले जायेंगे। जिसके बाद 22 अक्टूबर से सुपर 12 के मैच होंगे। जिसमें भारत सहित बड़ी टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। टी 20 विश्व कप में हिस्सा लेने वाली 16 टीमों के कप्तानों के पारम्परिक कप्तानों के दिन एक साथ आने के साथ विश्व कप का बिगुल बज चुका है। दुनिया भर में एक अरब से ज्यादा क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें लगभग एक महीने तक होने वाले क्रिकेट एक्शन पर लगी रहेंगी। प्रतियोगिता के पहले दिन श्रीलंका का मुकाबला पहले राउंड के ग्रुप ए में नामीबिया से और संयुक्त अरब अमीरात का मुकाबला हॉलैंड से होगा। टूर्नामेंट में 28 दिनों में 45 मैच खेले जायेंगे। फाइनल 13 नवंबर को मेलबोर्न में होगा जहां चैंपियन का फैसला होगा। 2014 में ट्रॉफी जीतने वाला श्रीलंका हाल में यूएई में एशिया कप की अपनी सफलता से उत्साहित होगा। टीम की नजरें सुपर 12 में जगह बनाने पर लगी होंगी ताकि वह फिर विश्व खिताब के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सके। श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद हम विश्वास से भरे हुए हैं। यहां मौसम अच्छा है। हमारा ध्यान अपनी बल्लेबाजी पर केंद्रित है। टी20 में यह दिन विशेष पर निर्भर करता है। मुझे लगता है कि बेहतर टीम जीत हासिल करेगी। रविवार को श्रीलंका के प्रतिद्वंद्वी नामीबिया ने पिछले साल अपने पदार्पण में विश्व कप के सुपर 12 में जगह बनाकर अपना प्रभाव छोड़ा था। इस बार भी वे कुछ वैसा ही असर छोड़ना चाहेंगे। आरोन फिंच की कप्तानी वाली मेजबान ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी पिछली खिताबी सफलता को दोहराने के लिए बेताब होगी। उसका सुपर 12 में पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ सिडनी में होगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की टीम 20 ओवर में नौ विकेट गंवाकर 65 रन ही बना सकी। जवाब में भारत ने 8.3 ओवर में दो विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत की ओर से रेणुका सिंह ने घातक गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके। भारत ने महिला एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को आठ विकेट से हरा दिया है। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सातवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। बांग्लादेश के सिलहट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की टीम 20 ओवर में नौ विकेट गंवाकर 65 रन ही बना सकी। जवाब में भारत ने 8.3 ओवर में दो विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत की ओर से पहले रेणुका सिंह ने घातक गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके। इसके बाद स्मृति मंधाना ने नाबाद 51 रन बनाकर मैच जिता दिया। इस तरह महिलाओं ने भारत की पुरुष टीम को पिछले महीने श्रीलंका के खिलाफ सुपर-फोर में मिली हार का बदला भी ले लिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप 2022 में हिस्सा ले रही सभी 16 टीमों के कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस 15 अक्टूबर को मेलबर्न में हुई। हर कप्तान ने अपनी-अपनी टीम की बात रखी। उनकी बातों से उनकी टीम के इरादों का भी पता चलता है। और अगर आप भी इन 16 कप्तानों के बयानों को बारी-बारी से पढ़ेंगे तो एक अनुमान लगा सकते हैं कि उनकी सोच क्या है और वो कितना दम रखते हैं? मेलबर्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत न्यूजीलैंड के कप्तान के साथ हुई और फिर बारी-बारी से इसमें दूसरे सारे कप्तान जुड़कर कारवां बनाते गये। खास बात ये रही कि सभी कप्तान प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक साथ बैठे थे, ना कि अलग-अलग आइये एक नजर डालते हैं हर एक की कही सबसे बड़ी बात पर 16 कप्तानों की 16 बातें : केन विलियमसन (न्यूजीलैंड)- लोग हमें अंडरडॉग समझते हैं तो समझें। हमारी तरह हर टीम के साथ अलग टैग जुड़ा है और ये साल दर साल बदलता भी है। हमने पिछले साल फाइनल खेला था। इस बार भी हमारी टीम में कई मैच विनर्स हैं। मोहम्मद नबी ( अफगानिस्तान)- हमारे देश में राजनीतिक हालात जैसे हैं, उससे हर कोई परिचित है। हम अपने परफॉर्मेन्स से अपने देशवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं। दसुन शनका (श्रीलंका)- हम आत्मविश्वास से लबरेज हैं। हमारा फोकस टी20 वर्ल्ड कप जीतना है। लाहिरू कुमारा और दुष्मंता चामीरा की वापसी से हमारा जोश बढ़ा है। एरॉन फिंच (ऑस्ट्रेलिया)- सही वक्त पर चीजों का क्लिक करना सबसे जरूरी है। हमारी टीम में बैलेंस है। सभी को अपना रोल पता है। एक टीम के तौर पर हम अच्छा फील कर रहे हैं। जोस बटलर (इंग्लैंड)- आम तौर पर मेजबान देश हमेशा फेवरेट होता है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया डिफेंडिंग चैंपियन भी है। लेकिन फिर टी20 ऐसा गेम है जिसमें छोटा मार्जिन भी बड़ा मायने रखता है। सीपी रिजवान ( यूएई)- हमारा लक्ष्य पहले सुपर 12 के लिए क्वालिफाई करने का है। फिर उसके बाद टूर्नामेंट के आगे के सफर के बारे में हम सोचेंगे। निकोलस पूरन (वेस्ट इंडीज)- हम ज्यादा दबाव नहीं ले रहे। हम बस बेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं। ताकि क्वालिफाइंग राउंड क्लियर कर अगले दौर में जा सकें। रोहित शर्मा ( भारत)- पाकिस्तान से मैच बड़ा है पर हम हमेशा उसके बारे में बात नहीं करते। शमी के आने से गेंदबाजी में अनुभव बढ़ा है। हम बुमराह को जरूर मिस करेंगे। पर इंजरी एक ऐसी चीज है जिस पर आप कंट्रोल नहीं कर सकते। बाबर आजम (पाकिस्तान)- पाकिस्तान को हमेशा उसकी तेज गेंदबाजी के लिए जाना गया है। शाहीन अफरीदी की वापसी से हमारी गेंदबाजी ताकत बढ़ी है। हारिस रउफ भी अच्छा कर रहे हैं। हमारे पास ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जिससे बेहतर कॉम्बिनेशन बनाने में मदद मिलेगी। टेंबा बावुमा (साउथ अफ्रीका)- बेशक हम थोड़े दबाव में हैं लेकिन महत्वपूर्ण ये रहेगा कि हम अपने खेल का भरपूर आनंद लें। शाकिब अल हसन (बांग्लादेश)- हमारी टीम नई है। मुझे लगता है कि जितने खिलाड़ी हैं वो सब ऑस्ट्रेलिया में पहली बार T20 मैच खेलेंगे। एंड्रयू बालबर्नी (आयरलैंड)- पिछले साल के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, नये कोच की कमान में हमने काफी तैयारी की है। टीम में कई सीनियर खिलाड़ी भी आ गये हैं। स्कॉट एडवर्ड्स (नेदरलैंड्स)- हमने कभी एमसीजी पर क्रिकेट नहीं खेली। लेकिन टूर्नामेंट के किसी मोड़ पर वहां खेलने को लेकर उत्साहित हूं। रिची बेरिंग्टन (स्कॉटलैंड)- इस साल हमने जो बेहतरीन प्रदर्शन किया है, उससे हमारा आत्मविश्वास पिछले साल खेले टी20 वर्ल्ड कप की तुलना में बढ़ा है। हम अच्छी शुरुआत के लिए तत्पर हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के शूटर रूद्राक्ष पाटिल ने शुक्रवार (14 अक्तूबर) को काहिरा में शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया। वह 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चैंपियन बने। रुद्राक्ष पाटिल महान शूटर अभिनव बिंद्रा के साथ ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय निशानेबाज हैं। पाटिल ने इस जीत के साथ ही पेरिस ओलंपिक का भी टिकट हासिल कर लिया। यह भारत का दूसरा ओलंपिक कोटा है। 18 साल के रूद्राक्ष पाटिल ने इटली के डानिलो डेनिस सोलाजो को 17-13 से हराया। एक समय वह फाइनल मुकाबले में पीछे चल रहे थे, लेकिन फिर शानदार वापसी की और मैच को जीत लिया। इस साल वर्ल्ड चैंपियनशिप से ओलंपिक के लिए चार कोटा उपलब्ध हैं। भारत ने हाल ही में क्रोएशिया में शॉटगन विश्व चैम्पियनशिप में पुरुष ट्रैप स्पर्धा में भौनीश मेंदीरत्ता के जरिए अपना पहला कोटा हासिल किया था। रूद्राक्ष ने पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है। वह मैच में एक समय 4-10 से पीछे चल रहे थे। इटली के निशानेबाज ने फाइनल में ज्यादातर मौकों पर बढ़त बनाए रखी, लेकिन रुद्राक्ष ने अंत में जबरदस्त वापसी की और विजेता बने। रुद्राक्ष ने क्वालिफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया था और रैंकिंग राउंड में दूसरे स्थान हासिल करने के बाद उन्होंने ओलंपिक कोटा पक्का कर लिया था। बीजिंग ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा ने 2006 में क्रोएशिया के जाग्रेब में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में विश्व चैम्पियनशिप का स्वर्ण जीता था।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए मोहम्मद शमी को टीम इंडिया में शामिल किया गया है। बीसीसीआई ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। शमी को अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जगह टीम में लिया गया है। बुमराह चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। शमी के अलावा मोहम्मद सिराज और शार्दुल ठाकुर को स्टैंडबाय खिलाड़ियों को सूची में रखा गया है। दीपक चाहर के चोटिल होने और शमी के मुख्य टीम में शामिल होने के बाद सिराज और शार्दुल की जगह बनी है। सिराज और शार्दुल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। सिराज वनडे सीरीज में प्लेयर आॅफ द टूर्नामेंट चुने गये थे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने अपने क्रिकेट आइडल का खुलासा कर दिया है। जिस तरह विकेटकीपर एमएस धोनी की तरह बनना चाहते हैं, उसी तरह एमएस धोनी भारतीय टीम के पूर्व ओपनर और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की तरह खेलना चाहते थे और वही उनके क्रिकेट आइडल हैं। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी ने एक इवेंट में कहा, मेरे क्रिकेट आइडल हमेशा सचिन तेंदुलकर रहे हैं। हर एक भारतीय की तरह, जब भी मैं सचिन की बल्लेबाजी देखता था तो मैं हमेशा उनकी तरह खेलना चाहता था, लेकिन बाद मैं मैंने पाया कि मैं उनकी तरह नहीं खेल सकता। हालांकि, मेरे दिल में हमेशा यही था। मैं हमेशा उनकी तरह खेलने का सपना देखता था। गौरतलब है कि हाल ही में एमएस धोनी और सचिन तेंदुलकर को टेनिस कोर्ट पर एकसाथ देखा गया था। हालांकि, वे टेनिस नहीं खेल रहे थे, बल्कि एक एड शूट के लिए पहुंचे थे। वहीं, उनके करियर की बात करें तो धोनी आईपीएल 2023 में नजर आयेंगे, जबकि सचिन तेंदुलकर रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज का हिस्सा थे और कप्तान के तौर पर इंडिया लीजेंड्स को ट्रॉफी दिलाई थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नया अध्यक्ष मिलने वाला है। सौरव गांगुली का इस पद से हटना तय हो गया है। गुरुवार को एक इवेंट के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कई संकेत दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार के बोर्ड अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए गांगुली ने नामांकन भी नहीं भरा है। वहीं, पूर्व क्रिकेटर रोजर बिन्नी के नए अध्यक्ष बनने की चचार्एं भी जोरो पर हैं। मंगलवार को बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने अपने बयान में कहा था कि बिन्नी निर्विरोध चुने जा सकते हैं। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी खबरें आई थीं कि गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहते थे, लेकिन बोर्ड के मौजूदा पदाधिकारियों ने इस पर हामी नहीं भरी। बाद में उन्हें आईपीएल चेयरमैन के पद की भी पेशकश की गई, लेकिन गांगुली ने इसे यह कहकर ठुकरा दिया कि बोर्ड के शीर्ष पद पर रहने के बाद वह इसके सब-कमेटी के हेड के तौर पर नहीं काम करना चाहते। अब इन सभी मामलों पर गांगुली ने बयान दिया है और उन्होंने कहा है कि वह कुछ बड़ा करने की सोच रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं। एक इवेंट में गांगुली ने कहा कि वह लंबे समय से प्रशासक रहे हैं और अब कुछ और करना चाहते हैं। गांगुली ने कहा- मैं एक प्रशासक रहा हूं और मैं कुछ और काम के लिए आगे बढ़ूंगा। आप जीवन में चाहे जो कुछ भी करते हैं, लेकिन जब आप भारत के लिए खेलते हैं तो वह सबसे अच्छा दिन होता है। मैं बीसीसीआई का अध्यक्ष रहा हूं और मैं आगे भी बड़ी चीजें करता रहूंगा। आप हमेशा के लिए खिलाड़ी नहीं हो सकते, आप हमेशा के लिए प्रशासक नहीं हो सकते। दोनों काम करके बहुत अच्छा लगा। ऐसे में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि गांगुली आईसीसी अध्यक्ष पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। आईसीसी के मौजूदा अध्यक्ष ग्रेगर बार्कले का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। गांगुली इस रोल में दिख सकते हैं। गांगुली ने कहा- आप एक दिन में अंबानी या नरेंद्र मोदी नहीं बनते। आपको वहां पहुंचने के लिए महीनों और सालों तक काम करना पड़ता है। गांगुली ने कप्तान के रूप में भारतीय टीम का नेतृत्व करने के अपने अनुभव के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा- टीम का नेतृत्व करने वाले छह कप्तान थे। मैं राहुल द्रविड़ के साथ खड़ा हुआ था जब उन्हें वनडे टीम से लगभग हटा दिया गया था। मैंने टीम चुनने में उनके सुझाव लिये। टीम के माहौल में इन चीजों पर ध्यान नहीं दिया जाता है। लोग सिर्फ आपके द्वारा बनाए गए रन से नहीं याद रखते, वह दूसरी बातें भी याद करते हैं। यह वो काम हैं जो एक लीडर के तौर पर आप उनके लिये करते हैं। रोजर बिन्नी 18 अक्तूबर को बीसीसीआई के एजीएम में निर्विरोध अध्यक्ष चुने जा सकते हैं। वहीं, जय शाह बोर्ड के सचिव बने रहेंगे। बीसीसीआई में कुछ अन्य बदलाव भी किए जाने की उम्मीद है, क्योंकि शीर्ष अधिकारियों में फेरबदल किया जा रहा है। बीसीसीआई के मौजूदा कोषाध्यक्ष अरुण धूमल बृजेश पटेल की जगह आईपीएल के चेयरमैन बन सकते हैं। वहीं, आशीष सेलार बीसीसीआई के नए कोषाध्यक्ष बन सकते हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आखिरकार वही हुआ जिसकी उम्मीद थी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशिया कप के फाइनल में पहुंच गई है। सिलहट में खेले गए पहले सेमीफाइनल मैच में टीम इंडिया ने थाईलैंड को करारी मात दी। भारत की जीत की नायिका दीप्ति शर्मा बनीं, जिन्होंने कमाल की गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में महज 7 रन देकर 3 विकेट लिये। वहीं बल्ले से शेफाली वर्मा ने 28 गेंदों में 42 रन ठोक जीत में बड़ा योगदान दिया। कप्तान हरमनप्रीत ने भी 36 रनों की पारी खेली। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 148 रन बनाये। गेंदबाजों की मुफीद पिच पर भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने में पाबंदी लगा दी। भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। स्मृति मांधना सिर्फ 13 रन बनाकर आउट हो गयी। इसके बाद जेमिमा रॉड्रिग्स ने विकेट पर खूंटा गाड़ा लेकिन वो तेजी से रन नहीं बना सकीं। उनके बल्ले से 26 गेंदों में 27 रन ही निकले। दूसरी ओर शेफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। इस बल्लेबाज ने 5 चौके और एक छक्के की मदद से रन ठोके। साथ ही उनका स्ट्राइक रेट 150 रहा। हरमनप्रीत ने 30 गेंदों में 36 रन ठोके। वो अंतिम ओवरों में तेजी से बल्लेबाजी करने में नाकाम रहीं। स्पिन फ्रेंडली विकेट पर भारतीय गेंदबाजों ने थाईलैंड पर कहर ढा दिया। पावरप्ले में दीप्ति शर्मा ने कमाल की गेंदबाजी की। दायें हाथ की इस ऑफ स्पिनर ने 4 ओवर में महज 7 रन देकर 3 विकेट लिये। उनके साथ राजेश्वरी गायकवाड़ ने भी महज 10 रन देकर 2 विकेट लिये। रेणुका सिंह, स्नेह राणा ने भी थाईलैंड को खुलकर नहीं खेलने दिया। अंत में थाईलैंड की टीम 20 ओवर में 74 रन ही बना सकी और उनके 9 विकेट गिर गये।
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