अनुमंडल क्षेत्र के लोगों ने दी बधाई और शुभकामनाएं टीम एबीएन, बरही (हजारीबाग)। झारखंड क्रिकेट अंडर-15 महिला टीम में बीएसए बरही की महिला खिलाड़ी रितिका कुमारी ने जगह बनाने में सफलता पाई है। बता दे कि कुछ दिनों पूर्व चयनित खिलाडियों में हजारीबाग जिला के तीन खिलाड़ियों को झारखंड क्रिकेट महिला अंडर-15 टीम में शामिल किया गया था। जिसमें बीएसए बरही की खिलाड़ी वर्षा कुमारी को मुख्य टीम में तो बीएसए बरही की रितिका कुमारी व हजारीबाग की विशाखा कुमारी को स्टैंडबाय में शामिल किया गया था। कुछ दिन पश्चात झारखंड क्रिकेट बोर्ड ने रितिका कुमारी के खेल प्रतिभा को देखते हुए स्टैंडबाय से हटाकर झारखंड क्रिकेट अंडर-15 महिला टीम के मुख्य टीम में वर्षा के साथ रितिका को भी शामिल कर लिया गया है। इस प्रकार अब बरही बीएसए की दो महिला क्रिकेटर वर्षा कुमारी एवं रितिका कुमारी दोनो झारखंड अंडर-15 महिला टीम के मुख्य टीम में जगह बनाने में सफलता हासिल की है। उक्त दोनों खिलाड़ियों के सफलता पर बरही के विभिन्न सामाजिक संस्थाओं व राजनीतिक कार्यकतार्ओं ने बधाई एवं शुभकामनाएं दिया है। जिसमें बरही विधायक उमाशंकर अकेला, बीएसए संरक्षक अब्दुल मनान वारसी, व्यवसाय संघ के अध्यक्ष कपिल केशरी, विधायक प्रतिनिधि छट्ठू गोप, प्रखंड विधायक प्रतिनिधि सुनील साव, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज केशरी, अमित कुमार केशरी, बीएसए अध्यक्ष नौशाद अहमद, सचिव बलराम केशरी, गाजो यादव, राणा समाज के अध्यक्ष सिकंदर राणा, धर्मपाल केशरी, शिवकुमार ठाकुर, अनिल रजक, मनितोष कुमार यादव सहित अन्य लोग शामिल है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। यूनाईटेड वर्ल्ड रेस्लिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने घोषणा की है कि 2023 सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन नई दिल्ली में 28 मार्च से दो अप्रैल तक किया जाएगा। साथ ही अगले साल से होने वाली रैंकिंग सीरीज प्रतियोगिताओं के दौरान पहलवानों को उनके वजन में दो किलोग्राम तक की छूट दी जायेगी। नई दिल्ली में एशियाई चैंपियनशिप का आयोजन तीन साल के दो बार होगा। भारतीय राजधानी ने फरवरी 2020 में भी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी की थी। दो किग्रा छूट को यूडब्ल्यूडब्ल्यू ब्यूरो ने सोमवार को स्वीकृति दी जब इसने 2023 के कैलेंडर को अंतिम रूप देने के लिए बैठक की। यूडब्ल्यूडब्ल्यू की वेबसाइट के अनुसार,ह्यह्यब्यूरो के समक्ष भार वर्ग में दो किग्रा की छूट का प्रस्ताव रखा गया जिसे स्वीकार कर लिया गया। इस कदम से पहलवान भविष्य की रैंकिंग सीरीज प्रतियोगिताओं में अधिक भार वर्ग की जगह अपनी पसंद के भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा पेश कर पायेंगे।
दूसरे टेस्ट से पहले चोटिल हुए कप्तान केएल राहुल एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टेस्ट टीम के कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले चोटिल हो गए। वह अभ्यास सत्र के दौरान अपने हाथ में चोट लगा बैठे हैं। अगर राहुल गुरुवार (22 दिसंबर) से शुरू होने वाले दूसरे मुकाबले में नहीं खेल पाते हैं तो उपकप्तान चेतेश्वर पुजारा टीम की कमान संभाल सकते हैं। नियमित कप्तान रोहित शर्मा के बाहर होने के बाद राहुल कप्तान और पुजारा उपकप्तान बने थे। राहुल के चोट के बारे में भारतीय टीम के बल्लेबाजी विक्रम राठौर ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राहुल को चोट लगी है, लेकिन यह ज्यादा गंभीर नहीं है। माना जा रहा है कि राहुल के अगले मुकाबले में खेलने को लेकर अंतिम फैसला मैच से पहले लिया जायेगा। भारतीय टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। टीम इंडिया ने चटगांव में पहला टेस्ट 188 रन से अपने नाम किया था। विक्रम राठौर ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि राहुल की चोट गंभीर नहीं लग रही है। ऐसा लगता है कि वह ठीक हैं। उम्मीद है कि वह ठीक हो जाएंगे। डॉक्टर उनकी चोट को देख रहे हैं। राहुल अगर चोटिल होते हैं तो पुजारा को कप्तानी मिलेगी और अभिमन्यु ईश्वरन को डेब्यू करने का मौका मिलेगा। उन्हें अंगूठे की चोट के कारण बाहर हुए रोहित शर्मा की जगह दल में शामिल किया गया था। टेस्ट में राहुल का फॉर्म हाल के दिनों में खराब रहा है। वह पिछली पांच पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। राहुल ने पिछला अर्धशतक जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जनवरी में लगाया था। उसके बाद वह पांच पारियों में क्रमश: आठ, 12, 10, 22 और 23 रन ही बना सके हैं। राहुल के करियर की बात करें तो 44 मैचों में 35.02 की औसत से 2592 रन बनाए हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। इंग्लैंड ने बेन डकेट (82 नाबाद) के अर्द्धशतक के दम पर मंगलवार को तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान को आठ विकेट से रौंदकर तीन मैचों की शृंखला 3-0 से जीत ली। पाकिस्तान ने इंग्लैंड को 167 रन का लक्ष्य दिया था, जिसे इंग्लैंड ने मैच के चौथे दिन दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। इंग्लैंड ने 112/2 के स्कोर से दिन की शुरूआत करते हुए लक्ष्य तक पहुंचने के लिये सिर्फ 38 मिनट का समय लिया। कप्तान बेन स्टोक्स ने 43 गेंदों पर तीन चौकों के साथ नाबाद 35 रन बनाये। डकेट ने 78 गेंदों पर 12 चौकों के साथ 82 रन बनाये और 29वें ओवर में मोहम्मद वसीम जूनियर को चौका लगाकर इंग्लैंड को जीत दिलाई। ब्रेंडन मैकुलम के कोच और बेन स्टोक्स के कप्तान बनने के बाद यह पिछले 10 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की नौवीं जीत है, जबकि इससे पहले 17 टेस्ट में उन्हें सिर्फ एक जीत मिली थी। इस विजय के साथ इंग्लैंड पाकिस्तान को उसके घर में क्लीन स्वीप करने वाली पहली टीम भी बन गयी। स्टोक्स ने जीत के बाद कहा कि हम यहां की परिस्थितियों में अच्छी तरह ढल गये, चाहे वह बल्ले से हो या गेंद से। हर खिलाड़ी का खुद पर और अपने आसपास के लोगों में जो विश्वास है वह अविश्वसनीय है। हर खिलाड़ी ने किसी न किसी मौके पर मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि हम जानते थे कि पाकिस्तान में क्रिकेट का क्या मतलब है। हमें यहां अविश्वसनीय समर्थन मिला है। हमें ऐसा लगा कि यहां क्रिकेट को त्योहार की तरह मनाया गया। हम यहां जीतने के अलावा रोमांचक क्रिकेट खेलने भी आये थे। घरेलू टीम को हराना बहुत खास एहसास था।
टीम एबीएन, रांची। 30 दिसम्बर से 2 जनवरी 2022 तक केरल में 57वां राष्ट्रीय जूनियर कलात्मक जिमनास्टिक चैंपियनशिप का आयोजन होना है। इस प्रतियोगिता को लेकर 19 से 23 दिसंबर तक चक्रधरपुर में कंडीशनिंग कैप आयोजित किया गया है। राज्य भर से भाग लिये जिम्नास्ट को उनके अच्छे प्रदर्शन के आधार पर कंडीशनिंग कैम्प के चुना गया है। लिए कुल 14 जिम्नास्ट आज चक्रधरपुर पहुंचकर जितेंद्र कुमार और देव पूजन के देखरेख में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के अंत में अच्छे प्रदर्शन आधार पर जूनियर मेन्स कलात्मक जिमनास्टिक और जूनियर वुमन कलात्मक जिमनास्टिक के लिए पांच-पांच खिलाड़ी का चयन कर झारखंड टीम का गठन किया जायेगा।जूनियर मेन्स कलात्मक जिमनास्टिक : 1. टोनु गोपाल 2. विट्टु कुमार 3. प्रवेश कुमार 4. पवन कुमार 5. अमर कुमार महतो 6. प्रेमेश्वर राय 7. अयुश स्वान्सी जूनियर वुमन कलात्मक जिमनास्टिक : 1.सपना कुमारी 2. विरिन्दा तिर्की 3. सपना कुमारी 4. रिधिमा कोसिक 5. मुस्कान गुप्ता 6. तनुश्री कुमारी 7. खुशी कुमारीइस कंडीशनिंग कैंप का संचालन रेलवे के प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार और देव पूजन के देख रेख में किया जायेगा। यह जानकारी झारखंड जिम्नास्टिक संघ के कार्यकारी सचिव राजीव रंजन ने दी है।
कोडरमा का प्रियेश बना मैन ऑफ द मैचटीम एबीएन, झुमरी तिलैया। जेएससीए के द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे दिन चंदवारा पुलिस लाइन में कोडरमा ने जामताड़ा को 2 विकेट से हराकर जीत का सिलसिला जारी रखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए जामताड़ा की टीम ने 184 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसमें अंकित बाउरी 14, रोहित कुमार 47, अनिकेत कुमार 59, तौसिफ 21, मोहम्मद मुदस्सर 13 और गौरव कुमार ने 6 रनों की पारी खेली। कोडरमा की ओर से गेंदबाजी करते हुए अभिषेक, विशाल, अंकित, रूहान कुशवाहा ने एक-एक विकेट लिए। जवाबी पारी खेलने उतरी कोडरमा के टीम ने 2 विकेट पहले मैच को जीत लिया। इसमें साकिब ने 24, प्रियेश वर्णवाल ने 49, धीरज कुमार ने 21, कुश कुमार ने एक, सुमित कुमार ने 10, सागर कुमार ने 4, अमन कुमार ने 21, अंकित यादव ने 19 और रुहान कुशवाहा ने 7 रनों की पारी खेली। प्रदर्शन के आधार पर कोडरमा के प्रियेश वर्णवाल को मैन आॅफ द मैच का खिताब दिया गया। उमेश पाठक और अमित हाजरा ने अंपायर की भूमिका निभाई। जबकि स्कोरर के रूप में गजेंद्र कुमार और रेफरी के रूप में शब्बीर हुसैन मौजूद थे। मौके पर केडीसीए के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, सचिव दिनेश सिंह, आलोक पांडेय, सुधांशु शेखर्र सुरेंद्र प्रसाद समेत कई खेल प्रेमी मौजूद थे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कतर के दोहा में फीफा विश्व कप-2022 के फाइनल मुकाबले में फ्रांस की हार से फुटबाल प्रेमियों के दिल टूट गये। हारने का यह गम हिंसा में तब्दील हो गया। गुस्साये लोगों ने तमाम वाहनों को फूंक दिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में दंगे जैसे हालात हैं। अर्जेंटीना के हाथों मिली करारी हार के बाद पेरिस में गुस्साये लोग सड़कों पर आ गये। उल्लेखनीय है कि लियोनेल मेस्सी के कमाल से अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर फीफा वर्ल्ड 2022 का खिताब अपने नाम कर लिया है। अर्जेंटीना पेनल्टी शूटआउट में फ्रांस को 4-2 से हराकर 36 साल बाद विश्व चैम्पियन बना। खिताब जीतने पर अर्जेंटीना सहित मेस्सी की टीम को जीत की बधाई दी।
फ्रांस से लिया 2018 का बदलाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। अर्जेंटीना की टीम फीफा विश्व कप 2022 की चैंपियन बन गई है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चर्चाओं का बाजार गर्म था कि इस बार यूरोपियन दबदबा टूटेगा या नहीं। पिछले 16 सालों से यूरोपीय देशों ने फीफा विश्व कप पर अपना एकाधिकार जमा रखा था। 2002 में अंतिम बार यूरोप से बाहर दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील विश्व चैंपियन बना था और 2006 विश्व कप तक चैंपियन रहा था। 2006 से लेकर 2022 तक यूरोपीय देश ही फीफा विश्व कप चैंपियन रही। तब से यूरोपीय देशों ने हर विश्व कप में खिताब के प्रबल दावेदार बनने के बावजूद ब्राजील और अर्जेंटीना को फीफा विश्व ट्रॉफी से दूर रखा था। कतर में जब नेमार और लियोनल मेसी की अगुआई में ब्राजील और अर्जेंटीना अपनी दावेदारी पेश करने उतरी थी तो दोनों देशों के सामने 16 साल से चले आ रहे यूरोपियन दबदबे को तोड़ने की चुनौती थी। ब्राजील की टीम तो क्वार्टर फाइनल में क्रोएशिया से हारकर बाहर हो गई, लेकिन मेसी ने इस उम्मीद को टूटने नहीं दिया। उन्होंने एक दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना को चैंपियन बनाकर ही दम लिया। अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराने के साथ ही 2018 की हार का बदला ले लिया। 2018 फीफा वर्ल्ड कप के प्री क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने अर्जेंटीना को 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। सर्वाधिक पांच बार (1958, 1962, 1970, 1994, 2002) के विश्व चैैंपियन ब्राजील और इस विश्व कप से पहले दो बार खिताब जीतने वाले अर्जेंटीना (1978, 1986) इस बार भी जीतने के प्रबल दावेदारों में थी। हालांकि, तेज तर्रार और आक्रामक फुटबॉल खेलने वाली अर्जेंटीना की टीम रक्षात्मक और तकनीकि फुटबॉल खेलने वाले यूरोपीय देशों से आगे निकल गई और तीसरी बार खिताब अपने नाम किया।ब्राजील और अर्जेंटीना के अलावा उरुग्वे तीसरा दक्षिण अमेरिकी देश है, जिसने फीफा विश्व कप जीता है। फीफा विश्वकप का पहला विजेता भी उरुग्वे 1930 में बना था। 1950 में भी उसने मेजबान ब्राजील को एक लाख 45 हजार दर्शकों के बीच मरकाना स्टेडियम में 2-1 से हराकर न सिर्फ विश्व खिताब जीता बल्कि उस दौरान का सबसे बड़ा उलटफेर भी किया। हालांकि, इस बार उरुग्वे की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। 2002 तक यूरोप और दक्षिण अमेरिकी देशों में खिताब को लेकर कांटे की टक्कर रहा करती थी। 2002 तक हुए 17 विश्व कप में नौ खिताब दक्षिण अमेरिकी देशों ने और आठ खिताब यूरोपीय देशों ने जीते थे, लेकिन इसके बाद बाजी पलट गई है। 2022 से पहले तक 12 बार यूरोपीय देश विश्व चैंपियन बन चुके हैं, जबकि दक्षिण अमेरिकी देश नौ फीफा ट्रॉफी पर ही लटके हुए थे। अब लियोनल मेसी और अर्जेंटीना ने दक्षिण अमेरिकी देशों को 10वीं बार खिताब दिलाया है। 2002 के बाद से हुए पांच विश्व कप में सिर्फ दूसरी बार दक्षिण अमेरिकी टीम फाइनल में जगह बना पाई। दोनों बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम अर्जेंटीना ही रही। 2014 में जर्मनी ने मेसी की मौजूदगी में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था। वहीं, 2022 में अर्जेंटीना की टीम 2018 के चैंपियन फ्रांस को हराकर खिताब अपने नाम किया। 2010 में उरुग्वे और 2014 में ब्राजील सेमीफाइनल में पहुंचे थे। दोनों देश चौथे स्थान पर रहे। मेसी और अर्जेंटीना ने 2002 के बाद से फीफा विश्व कप पर यूरोपियन फुटबॉल के दबदबे को खत्म कर दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। मेस्सी की टीम जीत गई। समर्थक खुश हैं । लेकिन चंद मिनट पहले तक एम बापे की टीम भी दौड़ में थी। उस फ्रांस की टीम के खिलाड़ी कहीं जज्बात को रोक कर अर्जेंटीना की हर्ष ध्वनि को सुनते हुए टकटकी लगाए उल्लास के गवाह बन गए। लेकिन इस पूरे खेल में फ्रांस की टीम का एक खिलाड़ी अपने खेल की बदौलत छा गया। उसकी पैरों की चपलता देखकर दर्शक भी मंत्रमुग्ध रह गये।मेस्सी अगर जादूगर हैं तो एम बापे नये बादशाह हैं। अभी तो हमें बापे की कई पारी देखनी है। शायद अगले विश्व कप में फिर उनका रोमांच दिखे। वैसे जीत के साथ हार की चर्चा भी होनी चाहिए। सबसे बड़ी बात है कि आप हारे कैसे। आपने किस स्तर की लड़ाई लड़ी। अर्जेंटीना भी दिल के किसी कोने में अपनी जीत के लिए ईश्वर के चमत्कार पर भरोसा कर रहा होगा। क्योंकि जीत के लिए ऐसा संघर्ष इतिहास में कम ही देखने को मिलता है। रोमांच और तनाव का ऐसा मिलन कम होता है। इस बार का मैच कोई साधारण मैच नहीं था। यह दो टीमों के बीच उनके किलर इंस्टिंक्ट का भी इम्तिहान था। जिसमें शायद फ्रांस के खिलाड़ी अपनी एकाग्रता को कायम नहीं रख सके। अर्जेंटीना ने अपने सही मूव के कारण विजेता बनकर इतिहास रच दिया। आनेवाले समय में भी जब मैच की चर्चा होगी तो इन खिलाड़ियों की कहानी को हम गर्व से सुना सकेंगे। आज का मैच यादगार बन गया। (वरिष्ठ पत्रकार प्रभात गोपाल झा के फेसबुक वॉल से साभार)
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