एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दुनिया के महान फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक लियोनल मेसी ने अपनी टीम अर्जेंटीना को एक बार फिर से विश्व कप के फाइनल में पहुंचा दिया। अर्जेंटीना ने मंगलवार रात पिछली बार की उप-विजेता टीम क्रोएशिया को 3-0 से हरा दिया। इस मैच में मेसी ने एक गोल किया और एक गोल असिस्ट किया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अर्जेंटीना की टीम अब 18 दिसंबर को होने वाले फाइनल में गत विजेता फ्रांस या मोरक्को के खिलाफ खेलेगी।मेसी ने अपनी कप्तानी में अर्जेंटीना को दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया है। पिछली बार 2014 में उनकी टीम अंतिम बाधा पार नहीं कर सकी थी। उसे जर्मनी ने फाइनल में हराया था। मेसी तब भी टीम के कप्तान थे। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था और इसके लिए मेसी को गोल्डन बॉल मिला था। तब वह मायूस होकर इस ट्रॉफी को लेने गये थे। इस बार भी मेसी इसके दावेदार हैं और वह चाहेंगे कि इसके साथ-साथ विश्व कप ट्रॉफी को भी जीत लें।मेसी ने मैच में जादुई प्रदर्शन किया। उन्होंने 34वें मिनट में पेनल्टी पर शानदार किया। उसके बाद 69वें मिनट में अपने पैरों का कमाल दिखाते हुए जूलियन अल्वारेज के लिए एक गोल असिस्ट किया। मेसी ने क्रोएशियाई खिलाड़ियों को बीच मैदान में छकाना शुरू किया और गोलपोस्ट तक पहुंच गये। फिर गोलपोस्ट के पास खड़े जूलियन अल्वारेज को पास दे दिया। अल्वारेज ने बिना कोई गलती किये गेंद को गोलपोस्ट में मार दिया। उन्होंने इससे पहले 39वें मिनट में भी एक गोल किया था। मेसी द्वारा 69वें मिनट में किये गये असिस्ट की तारीफ दुनिया भर के फुटबॉल फैंस और एक्सपर्ट कर रहे हैं। इस विश्व कप का सबसे बेहतर असिस्ट इसे ही माना जा रहा है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फुटबॉल के महासमर में कदम दर कदम शहसवारों को मात देती आई मोरक्को की टीम के सामने विश्व कप सेमीफाइनल में गत चैम्पियन फ्रांस की चुनौती है और इस तिलिस्म को तोड़ना उसके लिए कतई आसान नहीं होगा। ग्रुप चरण में दूसरी रैकिंग वाली बेल्जियम के बाद यूरोपीय दिग्गज स्पेन और पुर्तगाल को नॉकआउट चरण में हराने वाली मोरक्को टीम ने अपने देश के फुटबॉल का सबसे सुनहरा अध्याय लिखा है। विश्व कप सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली अफ्रीका की पहली टीम मोरक्को पर 1912 से 1956 के बीच फ्रांस का शासन रहा है लिहाजा इस मैच की सांस्कृतिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। फ्रांस के पास काइलियान एमबाप्पे जैसा स्टार स्ट्राइकर है जो लियोनेल मेस्सी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे सितारों के दौर में अपनी चमक बिखेरने में कामयाब रहा है। इस विश्व कप में अब तक सर्वाधिक पांच गोल करके वह गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे है। फ्रांसीसी मूल के मोरक्को के कोच वालिद रेग्रागुइ ने कहा कि मुझे पूछा गया था कि क्या हम विश्व कप जीत सकते हैं तो मैने कहा कि क्यो नहीं। हम सपना देख सकते हैं और सपने देखने में कोई हर्ज नहीं।उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश ही विश्व कप जीतते आये हैं और हमने शीर्ष टीमों के खिलाफ खेला है। यह आसान नहीं था। अब हर टीम हमसे डरी हुई होगी। दूसरी ओर इंग्लैंड के खिलाफ कठिन सेमीफाइनल मैच जीतकर यहां तक पहुंची फ्रांस के लिये मोरक्को के खिलाफ गोल करना आसान नहीं होगा। मोरक्को ने अभी तक इस विश्व कप में एक भी गोल नहीं गंवाया है। एकमात्र गोल कनाडा के खिलाफ ग्रुप चरण में आत्मघाती गोल था। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैन्युअल मैकरोन भी यह मैच देखने अल बायत स्टेडियम पहुंच सकते हैं। मोरक्को के प्रशंसक हजारों की तादाद में यहां पहुंचे हुए हैं यानी मैदान हरे और लाल रंग से भरा होगा। फ्रांस के सेंटर बैक रफेल वराने ने कहा कि उनकी टीम आत्ममुग्धता की शिकार नहीं है और विरोधी को कतई हलके में नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि मोरक्को यहां तक तकदीर के सहारे नहीं पहुंची है। वह शानदार टीम है और हम इस जंग के लिए तैयार हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कतर के लुसैल स्टेडियम में रविवार को आयोजित होने वाला फीफा विश्व कप 2022 का फाइनल अल हिल्म बॉल से खेला जायेगा। विश्व कप के आधिकारिक बॉल आपूर्तिकर्ता एडिडास ने बताया कि यह बॉल बुधवार और गुरुवार को होने वाले सेमीफाइनलों में भी इस्तेमाल की जायेगी। अरबी के शब्द अल हिल्म का हिन्दी में अर्थ ख्वाब है। अल हिल्म को बनाने में उसी कनेक्टेड बॉल तकनीक का प्रयोग किया गया है जिसे टूर्नामेंट की पिछली बॉल अल रिहला (सफर) में शामिल किया गया था। यह तकनीक मैच अधिकारियों को तेजी से और अधिक सटीक निर्णय लेने में मदद करने में अमूल्य साबित हुई है। अल हिल्म को तैयार करने में पर्यायवरण का ध्यान रखा गया है और यह फाइनल में प्रयोग होने वाली पहली बॉल है जिसे केवल स्याही और गोंद का उपयोग करके बनाया गया है। एडिडास के महाप्रबंधक निक क्रैग्स ने बॉल के अनावरण पर कहा कि अल हिल्म दुनिया को एक साथ लाने की खेल और फुटबॉल की शक्ति दिखाता है। दुनिया के लगभग हर देश से लाखों लोग फुटबॉल के लिए अपने जुनून के कारण एकजुट होकर मुकाबलों का आनंद लेंगे। हम टूर्नामेंट के अंतिम चरण में शामिल सभी टीमों को फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर खेलने के लिये शुभकामनाएं देते हैं।
अपने फैन के लिए धोनी ने किया कुछ ऐसा, हर भारतीय का सीना हुआ फख्र से चौड़ाएबीएन सेंट्रल डेस्क। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हुए काफी ज्यादा समय हो गया है। लेकिन इसके बाद भी उनके फैंस कम नहीं हुए हैं। हाल में ही एक सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें धोनी के फैन ने अपनी टीशर्ट पर ही उनका ऑटो ग्राफ ले रहा है। ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है।हाल में ही धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमे वो अपने एक फैन को उनकी टीशर्ट पर ही ऑटोग्राफ दे रहे हैं। इस वीडियो में धोनी के फैन ने सफेद कलर की टीशर्ट पहन रखी है। धोनी आईपीएल 2022 के बाद से ही क्रिकेट के मैदान से दूर हैं। वो आईपीएल 2023 में एक बार फिर से वापसी कर सकते हैं। इस बार आईपीएल में खिलाड़ियों की नीलामी 23 दिसंबर को होनी है। पिछले सीजन में चेन्नई का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा था। इसके अलावा धोनी ने आईपीएल की शुरुआत में टीम की कप्तानी भी नहीं की थी। उनकी जगह पर जडेजा को टीम का कप्तान बनाया गया था। हालांकि टीम के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें एक बार फिर से कप्तान बना दिया था। फैंस को उम्मीद है कि धोनी इस बार भी टीम की कप्तानी करेंगे। इसके अलावा खुद सीएसके के खिलाड़ी भी उन्हें एक बार फिर से आईपीएल का खिताब उठाता हुए देखना चाहेंगे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। इंग्लैंड ने सऊद शकील (94) के जुझारू अर्द्धशतक के बावजूद पाकिस्तान को दूसरे टेस्ट में सोमवार को 26 रन से हराकर तीन मैचों की शृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 355 रन का लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में पाकिस्तान टेस्ट के चौथे दिन 328 रन पर आॅलआउट हो गयी। इंग्लैंड ने 22 साल बाद पाकिस्तान में टेस्ट शृंखला जीती है। इससे पहले उन्होंने 2000 में नासिर हुसैन की कप्तानी में मेजबान टीम को 1-0 से हराया था। शकील ने चौथे दिन की शुरुआत 54 रन के स्कोर से की, जबकि पाकिस्तान जीत से 157 रन पीछे था। फहीम अशरफ (10) के आउट होने के बाद शकील ने मोहम्मद नवाज के साथ 80 रन की साझेदारी की। शकील ने 213 गेंदें खेलकर आठ चौकों के साथ 94 रन बनाये, जबकि नवाज ने 62 गेंदों पर सात चौके लगाकर 45 रन की पारी खेली। शकील-नवाज की यह साझेदारी पाकिस्तान को जीत की ओर ले जा रही थी, लेकिन मार्क वुड लंच से पहले दोनों बल्लेबाजों को आउट करके इंंग्लैंड को मैच में वापस ले आये। अबरार अहमद (17) ने चार चौके लगाकर पाकिस्तान की कुछ उम्मीदें जगाईं, हालांकि वह बड़ा योगदान दिये बिना जेम्स एंडरसन का शिकार हो गये। अबरार के आउट होने के बाद पाकिस्तान को जीत के लिये 45 रन चाहिये थे, जबकि इंग्लैंड जीत से सिर्फ दो विकेट दूर था। आगा सलमान (20 नाबाद) ने कुछ अच्छे शॉट खेले लेकिन आखिरी दो बल्लेबाजों के शून्य पर आउट होने के कारण पाकिस्तान 26 रन से हार गयी। इंग्लैंड के लिये मार्क वुड ने दूसरी पारी में सर्वाधिक चार विकेट लिये। ओली रॉबिनसन और एंडरसन ने दो-दो विकेट लिये जबकि जैक लीच और जो रूट को एक-एक विकेट हासिल हुआ। इससे पूर्व, इंग्लैंड ने पहली पारी में 79 रन की बढ़त लेने के बाद दूसरी पारी में 275 रन बनाये। हैरी ब्रूक ने सीरीज में अपना दूसरा शतक जड़ते हुए 149 गेंदों पर 14 चौकों और एक छक्के के साथ 108 रन बनाये, जबकि कप्तान बेन स्टोक्स ने 41 रन का योगदान दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। पुर्तगाल का फीफा विश्व कप जीतने का सपना शनिवार को टूट गया, जब टीम को क्वार्टर-फाइनल में मोरक्को से 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। मैच का एकमात्र गोल मोरक्को के युसुफ एन-नेसरी ने 42वें मिनट में हैडर से किया जो अंतत: दोनों पक्षों के बीच अंतर बना रहा। पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो को लगातार दूसरे मैच में बेंच पर बैठाया गया और बाद में वह सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान पर आए। हालांकि, वह कोई गोल करने और टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे।विश्व कप से टीम के बाहर होने के बाद रोनाल्डो अकेले मैदान से बाहर गए और रोते हुए देखे गए। अब एक दिन बाद रोनाल्डो ने विश्व कप से बाहर होने और अनुभव को लेकर पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लंबा सा नोट लिखा है। 37 वर्षीय स्टार फुटबॉलर अपने पूर्व क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के साथ-साथ पुर्तगाली राष्ट्रीय टीम में खेलने को लेकर भी विवादों में रहे। हालांकि, उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि पुर्तगाल के प्रति उनका समर्पण एक पल के लिए भी नहीं बदला।रोनाल्डो ने लिखा- पुर्तगाल के लिए विश्व कप जीतना मेरे करियर का सबसे बड़ा और सबसे महत्वाकांक्षी सपना था। सौभाग्य से मैंने पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिताब जीते, लेकिन अपने देश का नाम दुनिया में सबसे ऊंचे पायदान पर लाना मेरा सबसे बड़ा सपना था। मैं इसके लिए लड़ा। इस सपने के लिए कड़ा संघर्ष किया। 16 वर्षों में विश्व कप के पांच संस्करणों में मैंने हमेशा महान खिलाड़ियों के साथ और उनके समर्थन और लाखों पुर्तगालियों द्वारा समर्थन में खेला। मैंने टीम के लिए अपना सब कुछ मैदान पर न्योछावर कर दिया। मैंने हमेशा लड़ाई की और उससे मुंह नहीं मोड़ा। अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा। अफसोस कल सपना टूट गया।रोनाल्डो ने लिखा- उन विवादों पर प्रतिक्रिया देने लायक नहीं है। मैं बस इतना चाहता हूं कि आप सभी यह जान लें कि बहुत कुछ कहा जा चुका है, बहुत कुछ लिखा जा चुका है, बहुत कुछ अनुमान लगाया जा चुका है, लेकिन पुर्तगाल के प्रति मेरा समर्पण एक पल के लिए भी नहीं बदला है। मैं हमेशा सभी के उद्देश्य के लिए लड़ रहा था और मैं अपने सहयोगियों और अपने देश से कभी मुंह नहीं मोड़ूंगा। रोनाल्डो ने आगे पुर्तगाल को धन्यवाद दिया, यह कहते हुए कि सपना जब तक नहीं टूटा तब तक सबकुछ अच्छा था। रोनाल्डो ने लिखा- अभी ज्यादा कुछ नहीं कहना है। धन्यवाद पुर्तगाल। धन्यवाद कतर सपना अच्छा था, जब तक यह चला... अब यही उम्मीद कर रहा है कि मौसम अच्छा सलाहकार होगा और हर किसी को अपने निष्कर्ष निकालने की अनुमति देगा। रोनाल्डो के इस क्रिप्टिक पोस्ट ने फैन्स को परेशानी में डाल दिया है। इस पोस्ट से ऐसा लग रहा कि रोनाल्डो पुर्तगाल से अपना आखिरी मैच खेल चुके हैं और अब वह दोबारा खेलते नहीं दिखेंगे, क्योंकि उन्होंने लिखा सपना टूट चुका है। यानी रोनाल्डो ने उम्मीद छोड़ दी है।रोनाल्डो ने इस विश्व कप में कुल एक गोल दागे। वह विश्व कप के पांच संस्करणों में गोल दागने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गये। मोरक्को के खिलाफ मैच में रोनाल्डो ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उन्होंने सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच के रिकॉर्ड की बराबरी की। यह रोनाल्डो का 196वां अंतरराष्ट्रीय मैच है। उन्होंने कुवैत के बदेर अल मुतावा के रिकॉर्ड की बराबरी की।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले से बाहर हो गए हैं। बीसीसीआई ने रविवार शाम कप्तान के चोट पर अपडेट देते हुए बताया कि वह फिलहाल अंगुठे में लगी चोट का इलाज करा रहे हैं। उनकी जगह बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट में केएल राहुल कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।बीसीसीआई ने 14 दिसंबर से बांग्लादेश के खिलाफ खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच से पहले बड़ा अपडेट दिया है। कप्तान रोहित के चोटिल होने के बाद से ही उनको टेस्ट सीरीज में खेलने पर संशय बन गया था। कोच राहुल द्रविड़ ने भी दूसरे वनडे के बाद रोहित के चोट पर बात करते हुए कहा था वह भारत लौट रहे हैं। बीसीसीआई ने अपटेड देते हुए बताया रोहित पहले टेस्ट मैच में नहीं खेलेंगे। उनकी चोट पर मेडिकल टीम नजर बनाए हुए हैं। बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में उनके खेलने पर फैसला फिटनेस को देखते हुए लिया जायेगा। टेस्ट में उनकी जगह पर अभिमन्यू ईश्वरन को टीम में शामिल किया है।
सातवीं बार सेमीफाइनल में पहुंची फ्रांस की टीमएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फ्रांस ने रोमांचक मैच में इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ फ्रांस की टीम लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही। अब उनका सामना सेमीफाइनल में मोरक्को से होगा। मोरक्को ने क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल को 1-0 से हराया था। वहीं, अर्जेंटीना की टीम दूसरे सेमीफाइनल में क्रोएशिया से भिड़ेगी।फ्रांस अब इतिहास रचने से बस दो कदम दूर है। फ्रांस की टीम अगर टाइटल डिफेंड करने में कामयाब रहती है तो पिछले 60 साल में लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जायेगी। पिछली बार ऐसा ब्राजील ने किया था। उसने 1958 और 1962 में लगातार दो वर्ल्ड कप जीते थे। इसके बाद से कोई टीम लगातार दो वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी है। फ्रांस की टीम सातवीं बार फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। 1982 और 1986 के बाद फ्रांस की टीम पहली बार लगातार दो संस्करणों के सेमीफाइनल में पहुंची है। इंग्लैंड की टीम सातवीं बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल राउंड में हारकर बाहर हुई है। यह किसी दूसरी टीम से ज्यादा है। इसके बाद दूसरे हाफ में 54वें मिनट में फ्रांस के लिए गोल दागने वाले चुआमेनी ने बॉक्स के अंदर इंग्लैंड के बुकायो साका पर फाउल किया। इस पर रेफरी ने पेनल्टी शूट ऑफर किया। हैरी केन ने इस पर गोल दाग इंग्लैंड की वापसी कराई। हैरी केन ने साथ ही इंग्लैंड के लिए संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गये हैं। उन्होंने वेन रूनी के रिकॉर्ड की बराबरी की। यह हैरी केन का इंग्लैंड के लिए 53वां गोल रहा। रूनी ने 120 मैचों में इतने गोल किये थे। वहीं, केन का यह 80वां मैच था।
बांग्लादेश के खिलाफ हासिल की वनडे की सबसे बड़ी जीत वनडे कैरियर के पहले ही शतक में ईशान किशन ने लगायी डबल सेंचुरीएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने तीन वनडे मैचों की सीरीज के तीसरे मुकाबले में बांग्लादेश को 227 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही वह सीरीज में क्लीन स्वीप होने से बच गया। बांग्लादेश ने सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया। तीसरे मुकाबले में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने 50 ओवर में आठ विकेट पर 409 रन बनाये। जवाब में बांग्लादेशी टीम 34 ओवर में 182 रनों पर सिमट गयी। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज के आखिरी मुकाबले में 227 रन से जीत हासिल की। बांग्लादेश के खिलाफ टीम इंडिया की वनडे में यह सबसे बड़ी जीत है। उसने इससे पहले 11 अप्रैल 2003 को उसके खिलाफ ढाका में 200 रन से जीत दर्ज की थी। मुकाबले में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने 50 ओवर में आठ विकेट पर 409 रन बनाये। जवाब में बांग्लादेशी टीम 34 ओवर में 182 रनों पर सिमट गयी। भारत की जीत के हीरो ईशान किशन और विराट कोहली रहे। किशन ने 210 रन की पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का पहला शतक है। अनुभवी विराट कोहली ने 113 रन की पारी खेली। वॉशिंगटन सुंदर ने आखिरी ओवरों में 27 गेंद पर 37 रन बनाए। गेंदबाजी में टीम इंडिया के लिए शार्दुल ठाकुर ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए। मोहम्मद सिराज, अक्षर पटेल और उमरान मलिक को 1-1 सफलता मिली। बांग्लादेश की बात करें तो उसके लिए शाकिब अल हसन ने 50 गेंद पर 43 रन बनाये। कप्तान लिटन दास 29, यासिर अली 25 और महमूदुल्लाह 20 रन बनाकर आउट हुए। उसके लिए गेंदबाजी में तस्कीन अहमद, एबादत हुसैन और शाकिब अल हसन ने दो-दो विकेट लिए। मुस्तफिजुर रहमान और मेहदी हसन मिराज को एक-एक सफलता मिली।
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