कोडरमा का प्रियेश बना मैन ऑफ द मैचटीम एबीएन, झुमरी तिलैया। जेएससीए के द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे दिन चंदवारा पुलिस लाइन में कोडरमा ने जामताड़ा को 2 विकेट से हराकर जीत का सिलसिला जारी रखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए जामताड़ा की टीम ने 184 रनों का स्कोर खड़ा किया। इसमें अंकित बाउरी 14, रोहित कुमार 47, अनिकेत कुमार 59, तौसिफ 21, मोहम्मद मुदस्सर 13 और गौरव कुमार ने 6 रनों की पारी खेली। कोडरमा की ओर से गेंदबाजी करते हुए अभिषेक, विशाल, अंकित, रूहान कुशवाहा ने एक-एक विकेट लिए। जवाबी पारी खेलने उतरी कोडरमा के टीम ने 2 विकेट पहले मैच को जीत लिया। इसमें साकिब ने 24, प्रियेश वर्णवाल ने 49, धीरज कुमार ने 21, कुश कुमार ने एक, सुमित कुमार ने 10, सागर कुमार ने 4, अमन कुमार ने 21, अंकित यादव ने 19 और रुहान कुशवाहा ने 7 रनों की पारी खेली। प्रदर्शन के आधार पर कोडरमा के प्रियेश वर्णवाल को मैन आॅफ द मैच का खिताब दिया गया। उमेश पाठक और अमित हाजरा ने अंपायर की भूमिका निभाई। जबकि स्कोरर के रूप में गजेंद्र कुमार और रेफरी के रूप में शब्बीर हुसैन मौजूद थे। मौके पर केडीसीए के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, सचिव दिनेश सिंह, आलोक पांडेय, सुधांशु शेखर्र सुरेंद्र प्रसाद समेत कई खेल प्रेमी मौजूद थे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कतर के दोहा में फीफा विश्व कप-2022 के फाइनल मुकाबले में फ्रांस की हार से फुटबाल प्रेमियों के दिल टूट गये। हारने का यह गम हिंसा में तब्दील हो गया। गुस्साये लोगों ने तमाम वाहनों को फूंक दिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में दंगे जैसे हालात हैं। अर्जेंटीना के हाथों मिली करारी हार के बाद पेरिस में गुस्साये लोग सड़कों पर आ गये। उल्लेखनीय है कि लियोनेल मेस्सी के कमाल से अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर फीफा वर्ल्ड 2022 का खिताब अपने नाम कर लिया है। अर्जेंटीना पेनल्टी शूटआउट में फ्रांस को 4-2 से हराकर 36 साल बाद विश्व चैम्पियन बना। खिताब जीतने पर अर्जेंटीना सहित मेस्सी की टीम को जीत की बधाई दी।
फ्रांस से लिया 2018 का बदलाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। अर्जेंटीना की टीम फीफा विश्व कप 2022 की चैंपियन बन गई है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले चर्चाओं का बाजार गर्म था कि इस बार यूरोपियन दबदबा टूटेगा या नहीं। पिछले 16 सालों से यूरोपीय देशों ने फीफा विश्व कप पर अपना एकाधिकार जमा रखा था। 2002 में अंतिम बार यूरोप से बाहर दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील विश्व चैंपियन बना था और 2006 विश्व कप तक चैंपियन रहा था। 2006 से लेकर 2022 तक यूरोपीय देश ही फीफा विश्व कप चैंपियन रही। तब से यूरोपीय देशों ने हर विश्व कप में खिताब के प्रबल दावेदार बनने के बावजूद ब्राजील और अर्जेंटीना को फीफा विश्व ट्रॉफी से दूर रखा था। कतर में जब नेमार और लियोनल मेसी की अगुआई में ब्राजील और अर्जेंटीना अपनी दावेदारी पेश करने उतरी थी तो दोनों देशों के सामने 16 साल से चले आ रहे यूरोपियन दबदबे को तोड़ने की चुनौती थी। ब्राजील की टीम तो क्वार्टर फाइनल में क्रोएशिया से हारकर बाहर हो गई, लेकिन मेसी ने इस उम्मीद को टूटने नहीं दिया। उन्होंने एक दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना को चैंपियन बनाकर ही दम लिया। अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराने के साथ ही 2018 की हार का बदला ले लिया। 2018 फीफा वर्ल्ड कप के प्री क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने अर्जेंटीना को 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। सर्वाधिक पांच बार (1958, 1962, 1970, 1994, 2002) के विश्व चैैंपियन ब्राजील और इस विश्व कप से पहले दो बार खिताब जीतने वाले अर्जेंटीना (1978, 1986) इस बार भी जीतने के प्रबल दावेदारों में थी। हालांकि, तेज तर्रार और आक्रामक फुटबॉल खेलने वाली अर्जेंटीना की टीम रक्षात्मक और तकनीकि फुटबॉल खेलने वाले यूरोपीय देशों से आगे निकल गई और तीसरी बार खिताब अपने नाम किया।ब्राजील और अर्जेंटीना के अलावा उरुग्वे तीसरा दक्षिण अमेरिकी देश है, जिसने फीफा विश्व कप जीता है। फीफा विश्वकप का पहला विजेता भी उरुग्वे 1930 में बना था। 1950 में भी उसने मेजबान ब्राजील को एक लाख 45 हजार दर्शकों के बीच मरकाना स्टेडियम में 2-1 से हराकर न सिर्फ विश्व खिताब जीता बल्कि उस दौरान का सबसे बड़ा उलटफेर भी किया। हालांकि, इस बार उरुग्वे की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। 2002 तक यूरोप और दक्षिण अमेरिकी देशों में खिताब को लेकर कांटे की टक्कर रहा करती थी। 2002 तक हुए 17 विश्व कप में नौ खिताब दक्षिण अमेरिकी देशों ने और आठ खिताब यूरोपीय देशों ने जीते थे, लेकिन इसके बाद बाजी पलट गई है। 2022 से पहले तक 12 बार यूरोपीय देश विश्व चैंपियन बन चुके हैं, जबकि दक्षिण अमेरिकी देश नौ फीफा ट्रॉफी पर ही लटके हुए थे। अब लियोनल मेसी और अर्जेंटीना ने दक्षिण अमेरिकी देशों को 10वीं बार खिताब दिलाया है। 2002 के बाद से हुए पांच विश्व कप में सिर्फ दूसरी बार दक्षिण अमेरिकी टीम फाइनल में जगह बना पाई। दोनों बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम अर्जेंटीना ही रही। 2014 में जर्मनी ने मेसी की मौजूदगी में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था। वहीं, 2022 में अर्जेंटीना की टीम 2018 के चैंपियन फ्रांस को हराकर खिताब अपने नाम किया। 2010 में उरुग्वे और 2014 में ब्राजील सेमीफाइनल में पहुंचे थे। दोनों देश चौथे स्थान पर रहे। मेसी और अर्जेंटीना ने 2002 के बाद से फीफा विश्व कप पर यूरोपियन फुटबॉल के दबदबे को खत्म कर दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। मेस्सी की टीम जीत गई। समर्थक खुश हैं । लेकिन चंद मिनट पहले तक एम बापे की टीम भी दौड़ में थी। उस फ्रांस की टीम के खिलाड़ी कहीं जज्बात को रोक कर अर्जेंटीना की हर्ष ध्वनि को सुनते हुए टकटकी लगाए उल्लास के गवाह बन गए। लेकिन इस पूरे खेल में फ्रांस की टीम का एक खिलाड़ी अपने खेल की बदौलत छा गया। उसकी पैरों की चपलता देखकर दर्शक भी मंत्रमुग्ध रह गये।मेस्सी अगर जादूगर हैं तो एम बापे नये बादशाह हैं। अभी तो हमें बापे की कई पारी देखनी है। शायद अगले विश्व कप में फिर उनका रोमांच दिखे। वैसे जीत के साथ हार की चर्चा भी होनी चाहिए। सबसे बड़ी बात है कि आप हारे कैसे। आपने किस स्तर की लड़ाई लड़ी। अर्जेंटीना भी दिल के किसी कोने में अपनी जीत के लिए ईश्वर के चमत्कार पर भरोसा कर रहा होगा। क्योंकि जीत के लिए ऐसा संघर्ष इतिहास में कम ही देखने को मिलता है। रोमांच और तनाव का ऐसा मिलन कम होता है। इस बार का मैच कोई साधारण मैच नहीं था। यह दो टीमों के बीच उनके किलर इंस्टिंक्ट का भी इम्तिहान था। जिसमें शायद फ्रांस के खिलाड़ी अपनी एकाग्रता को कायम नहीं रख सके। अर्जेंटीना ने अपने सही मूव के कारण विजेता बनकर इतिहास रच दिया। आनेवाले समय में भी जब मैच की चर्चा होगी तो इन खिलाड़ियों की कहानी को हम गर्व से सुना सकेंगे। आज का मैच यादगार बन गया। (वरिष्ठ पत्रकार प्रभात गोपाल झा के फेसबुक वॉल से साभार)
पेनल्टी शूटआउट में फ्रांस को 4-2 से हरायाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कतर में विश्व कप के फाइनल में अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया। वह 36 साल बाद विश्व कप जीतने में सफल रहा है। उसने 1978 और 1986 के बाद अब तीसरी बार खिताब को अपने नाम कर लिया है। निर्धारित 90 मिनट तक मुकाबला 2-2 की बराबरी पर रहने के बाद एक्स्ट्रा टाइम में मैच पहुंच गया। वहां लियोनल मेसी ने एक गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 से आगे कर दिया, लेकिन किलियन एम्बाप्पे के मन में कुछ और ही था। उन्होंने 117वें मिनट में गोल कर मैच को 3-3 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने मैच को अपने नाम कर लिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने बांग्लादेश को पहले टेस्ट में हरा दिया। वहीं, दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने भी घरेलू टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका को दो दिनों में हरा दिया। इससे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव हुआ है। ऑस्ट्रेलिया की जीत से टीम इंडिया को काफी फायदा पहुंचा है, जबकि खुद ऑस्ट्रेलियाई टीम का भी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना लगभग तय हो चुका है। इस पूरे सीजन ऑस्ट्रेलियाई टीम शानदार फॉर्म में दिखी है। फाइनल मुकाबला अगले साल जून में ओवल में खेला जायेगा।भारत ने बांग्लादेश को चटगांव टेस्ट में 188 रन से हरा दिया। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को छह विकेट से हराया। इन दोनों मैच से पहले भारतीय टीम चौथे और दक्षिण अफ्रीका की टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर थी। वहीं, दोनों मैचों के नतीजे के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम 76.92 पॉइंट पर्सेंटेज के साथ शीर्ष पर काबिज है। वहीं, भारतीय टीम 55.77 पॉइंट पर्सेंटेज के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई। भारत ने बांग्लादेश को चटगांव टेस्ट में 188 रन से हरा दिया। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को छह विकेट से हराया। इन दोनों मैच से पहले भारतीय टीम चौथे और दक्षिण अफ्रीका की टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर थी। दोनों मैचों के नतीजों के बाद अंक तालिका में बड़ा बदलाव हुआ है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बांग्लादेश की दूसरी पारी 324 रन पर सिमट गई। अक्षर पटेल ने तैजुल इस्लाम को क्लीन बोल्ड करके बांग्लादेश की पारी समाप्त की। इसके साथ ही भारत ने यह मैच 188 रन के बड़े अंतर से जीत लिया है। बांग्लादेश में रनों के लिहाज से यह भारत की सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को यह मैच जीतना जरूरी था और भारत ने जीत के साथ टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की तरफ एक कदम बढ़ा दिया है। अब भारत को अपने बाकी पांच टेस्ट में से चार में जीत हासिल करनी है।मैच की खास बातेंभारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 404 रन का स्कोर बनाया। पुजारा 90, श्रेयस अय्यर 86 और रविचंद्रन अश्विन 58 रन बनाकर आउट हुए। पंत और कुलदीप ने भी अच्छा योगदान दिया। बांग्लादेश के लिए तैजुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज ने चार-चार विकेट लिए। इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 150 रन ही बना पाई। मुश्फिकुर रहीम ने सबसे ज्यादा 28 और मेहदी हसन ने 25 रन बनाए। भारत के लिए कुलदीप यादव ने पांच और मोहम्मद सिराज ने तीन विकेट लिए।दूसरी पारी में शुभमन गिल के 110 और चेतेश्वर पुजारा के 102 रन की बदौलत भारत ने दो विकेट पर 258 रन बनाए। पुजारा के शतक के साथ ही कप्तान राहुल ने पारी घोषित कर दी। दूसरी पारी में बांग्लादेश के खालेद अहमद और मेहदी हसन ने एक-एक विकेट लिया। भारत ने कुल 512 रन की बढ़त के साथ दूसरी पारी घोषित की और जीत के लिए बांग्लादेश के सामने 513 रन का लक्ष्य रखा। इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 324 रन ही बना पाई और 188 रन के अंतर से यह मैच हार गई। बांग्लादेश के लिए जाकिर हसन ने शतक लगाया, शाकिब ने 84 और शान्तो ने 67 रन बनाए। भारत के लिए अक्षर पटेल ने चार और कुलदीप यादव ने तीन विकेट लिए। बाकी सभी गेंदबाजों को एक-एक विकेट मिला।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा विश्वकप- 2022 का असली रोमांच आज (रविवार) को कतर के लुसैल स्टेडियम में देखने को मिलेगा। आज अर्जेंटीना और फ्रांस खिताबी मुकाबले के लिए आमने-सामने होंगे और जिसमें होगी दम उसके हाथों में होगी 144 करोड़ रुपये की ट्रॉफी। दिलचस्प यह है कि अर्जेंटीना की टीम की नजर 36 साल बाद ट्रॉफी जीतने पर होगी। अर्जेंटीना इससे पहले दो बाद खिताब अपने नाम कर चुका है।पहली बार अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप 1978 में जीता था उसके बाद 1986 में भी खिताब पर कब्जा किया था। अगर अर्जेंटीना ट्रॉफी जीतने में कामयाब रहता है, तो सर्वकालिक सूची में चौथे स्थान पर पहुंच जायेगा। इसके अलावा माराडोना के मेक्सिको में 1986 प्रदर्शन के बाद टीम का 36 साल का इंतजार खत्म हो जायेगा। मेस्सी ने जिस तरह से अर्जेंटीना को फाइनल में पहुंचाया, उससे उनकी तुलना माराडोना से की जा रही है। मेस्सी ने इस बार अबतक पांच गोल दागे हैं। मेस्सी की नजर 6 बड़े रिकॉर्ड्स पर होगी। मेस्सी ने अबतक फीफा वर्ल्ड कप में 16 मुकाबले जीते हैं और वर्ल्ड रिकॉर्डधारी जर्मन खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोस के 17 जीत से केवल एक पीछे हैं। इसके अलावा फ्रांस के खिलाफ फाइनल मुकाबले में मैदान पर उतरते ही मेस्सी सबसे अधिक वर्ल्ड कप खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे और जर्मन खिलाड़ी लोथर मैथॉस के 25 मैच के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे। अगर इस वर्ल्ड कप में भी मेस्सी को गोल्डन बॉल का अवॉर्ड दिया जाता है, तो वह दो बार यह खिताब जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। मेस्सी ने पहली बार 2014 में गोल्ड बॉल का खिताब जीता था। इसके अलावा मेस्सी के पास गोल्डन बूट जीतने का भी बड़ा मौका है।अर्जेंटीना की खिताबी जीत के आगे चैम्पियन फ्रांस की टीम और उसका स्टार फुटबॉलर किलियान एमबापे खड़ा है। एमबापे फुटबॉल के महान खिलाड़ियों के तौर पर मेस्सी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर बढ़त बनाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। एमबापे 80,000 दर्शकों की क्षमता वाले लुसैल स्टेडियम में होने वाले मैच में इतिहास रचने की ओर बढ़ रहे हैं। फ्रांस का यह 23 साल का फॉरवर्ड अपने पहले ही दो विश्व कप में चैम्पियन बनकर पेले का अनुकरण करना चाहता है और तीसरे खिताब की संभावना भी बनाना चाहता है और यह उपलब्धि केवल ब्राजील के इस महान खिलाड़ी के नाम ही है जिन्हें 2022 टूर्नामेंट के दौरान अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एमबापे जब 19 वर्ष थे तो उन्होंने फ्रांस को 2018 में दूसरा विश्व कप खिताब दिलाया था। 1958 में 17 वर्षीय पेले के बाद फाइनल में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे।फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी दुनिया की सबसे महंगी स्पोर्ट्स ट्रॉफी है। इसकी कुल कीमत लगभग 144 करोड़ रुपये है। इसकी खासियत ये है कि ये 18 कैरेट सोने से बनी है और इसका वजन लगभग 6 किलोग्राम (13 पाउंड) है। इसकी ऊंचाई 37 सेंटीमीटर (14 इंच) से कम है इसमें ग्लोब को ऊपर उठाए हुए दो मानव आकृतियों को दर्शाया गया है। निर्माण के समय इसकी कीमत 50 हजार डालर थी। अब इसकी कीमत 144 करोड़ रुपये आंकी गई है।तीन बार टूर्नामेंट जीतने के बाद ब्राजील को पिछली ट्रॉफी रखने की अनुमति मिलने के बाद, मिलान में एक कलाकार सिल्वियो गजानिगा ने इस प्रसिद्ध ट्राफी को 1971 में बनाया था। इसे फीफा के तीसरे अध्यक्ष के सम्मान में जूल्स रिमेट ट्रॉफी का नाम दिया गया है। उन्होंने पहले विश्व कप का नेतृत्व किया था।
क्या मेसी को मिलगी परीकथा सरीखी विदाई?एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फुटबॉल वर्ल्ड कप अपने अंतिम पड़ाव पर आ गया है जहां पर अर्जेंटीना या फ्रांस में कोई एक विजेता के तौर पर उभरना है। आज इस प्रतियोगिता का महामुकाबला है जहां फैंस का दिल मेसी के साथ है तो वहीं फ्रांस के पास लगातार दूसरी बार वर्ल्ड चैम्पियन बनने का मौका है। ब्राजील पहले ऐसा कर चुका है और कतर 2022 ने भी साबित किया है कि यहां कुछ भी हो सकता है।हालांकि अर्जेंटीना की टीम का प्रदर्शन बढ़िया रहा है लेकिन सऊदी अरब ने पहले ही मैच में जैसे उनको मात दी थी उसने फुटबॉल को भी अनिश्चितता का खेल साबित किया है। मजेदार बात ये है कि इस खेल के कई जानकारों ने ब्राजील पर दांव लगाया था तो किसी को स्पेन फाइनल में जाता लगा था। लेकिन अब मेसी की वजह से कई लोगों का कहना है अर्जेंटीना वर्ल्ड कप ले उड़ेगा। ये सिर्फ प्रदर्शन की बात नहीं है, फुटबॉल विश्व कप फैंस और खिलाड़ियों के सपनों की उड़ान सरीखे होते हैं, किसी परीकथा की तरह उनको ट्रीट किया जाता है, सामने जब मेसी हो तो कम ही लोग उनको हारते देखना चाहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि मेसी और अर्जेंटीना की किस्मत उनकी जीत की ओर जा रही है। मेसी वैसे भी कह चुके हैं स्वर्ग से माराडोना उनकी टीम को देख रहे हैं।ऐसा नही कि मेसी को अपनी महानता साबित करने के लिए ये वर्ल्ड कप जीतना जरूरी है, वे पहले ही महान है लेकिन डिएगो माराडोना और पेले की जमात में जिक्र पाने के लिए ये कप उठाना जरूरी है। ऐसा हुआ तो वे अपनी पीढ़ी के रोनाल्डो से एक कदम आगे साबित होंगे। मेसी जानते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता को केवल एक व्यक्ति के प्रयासों से नहीं जीता जा सकता है। आज रात, पूरी टीम को डिलीवर करना होगा।इस टूर्नामेंट में लुसैल स्टेडियम में अर्जेंटीना का यह पांचवां मैच (कुल सात मैचों में से) होगा। यह वही स्थान है जहां ये टीम अपने शुरुआती मैच में सऊदी अरब से हार गई थी। यह वही स्थान भी है जहां ये खिलाड़ी तब से विजयी रहे हैं। अपना पहला मैच हारने के बाद विश्व कप फाइनल जीतने वाली एकमात्र अन्य टीम 2010 में स्पेन थी।फ्रांस इस टूर्नामेंट में पहली बार लुसैल स्टेडियम में खेलेंगे और इसे यादगार बनाने की कोशिश करेंगे। वे मोरक्को के खिलाफ 2-0 की जीत की बदौलत विश्व कप फाइनल में भाग लेने वाले 24 साल में पहले डिफेंडिंग चैंपियन होंगे। फ्रांस के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि उनके स्टार खिलाड़ी एमबाप्पे और ओलिवियर गिरौद जबरदस्त फॉर्म में हैं यहां कि दोनों के पास फाइनल में स्कोर करके गोल्डन बूट जीतने का मौका है। हेड टू हेड रिकॉर्ड 1978 के बाद से, फ्रांस ने कभी भी दक्षिण अमेरिकी टीम के खिलाफ विश्व कप मैच नहीं हारा है। कुल मिलाकर, अर्जेंटीना और फ्रांस ने अब तक 12 मैच खेले हैं, और अर्जेंटीना ने उनमें से आधे जीते। फ्रांस ने तीन जीते जबकि तीन मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए। ओवरऑल हेड टू हेड रिकॉर्ड में भी पलड़ा अर्जेंटीना का ही भारी है। कौन जीत सकता है मुकाबला जैसा की विशेषज्ञों का दिल भी अर्जेंटीना के साथ और आंकड़े भी दिमाग में मेसी एंड कंपनी को सपोर्ट कर रहे हैं तो माराडोना की ये टीम ही खिताब जीतने के लिए फेवरेट है। इस टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2022 के हर खेल में एक से ज्यादा गोल करने में कामयाबी दर्ज की लेकिन फ्रांस के खिलाफ भी इस बार कोई टीम एक से ज्यादा बार गोल नहीं कर सकी। मुकाबला जानदार होगा जहां मेसी को परीकथा सरीखी विदाई मिलने की पूरी संभावना है। ऐसा लगता है अर्जेंटीना मुकाबला जीतने जा रहा है।
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