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निकहत दूसरी और नीतू पहली बार विश्व चैंपियन बनने से बस एक कदम दूर
Published / 2023-03-24 12:05:28
निकहत दूसरी और नीतू पहली बार विश्व चैंपियन बनने से बस एक कदम दूर

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। निकहत जरीन लगातार दूसरी बार और हरियाणा की नीतू पहली बार विश्व चैंपियन बनने से एक कदम दूर हैं। निकहत ने बृहस्पतिवार को ओलंपिक पदक विजेता और पिछली विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतने वाले कोलंबिया की विक्टोरिया वेलेंसिया इंगरित को 5-0 से हराया तो नीतू ने एशियाई चैंपियन और पिछली विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतने वाली कजाखस्तान की अलुआ बालकिबेकोवा 5-2 से हराकर फाइनल में जगह बनायी। नीतू ने अलुआ से बीते वर्ष विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में मिली हार का बदला लिया। निकहत के लिए यह चैंपियनशिप खास बन गयी है। उन्होंने बताया कि उनकी मां पहली बार किसी चैंपियनशिप में उन्हें पहली आंखों के सामने खेलने देखने आयी हैं। निकहत कहती हैं कि पहले तो मां रिंग में उतरने की बात पर ही परेशान हो जाती थीं, लेकिन पिछली विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण के बाद वह थोड़ा मजबूत हुई हैं। यही कारण है कि वह इस चैंपियनशिप में उन्हें खुद खेलते देखने आयी हैं। मार पड़ती है तो मां थोड़ा परेशान होती हैं, लेकिन अब वह समझ गयी हैं। निकहत कहती हैं कि वह चाहती हैं कि यहां स्वर्ण जीतकर एक बार फिर इसे अपनी मां के गले में डालें।चार साल पहले की रणनीति अपनायी : निकहत कहती हैं कि यह उनका टूर्नामेंट में अब तक सर्वश्रेष्ठ बाउट था। इंगरित को वह 2019 में बिग बाउट में हरा चुकी हैं। उन्होंने उसके खिलाफ अपना चार साल पहले की रणनीति यहां अपनाई जो एक बार फिर काम कर गयी। यह चैंपियनशिप उनकेलिए एशियाई खेलों की तैयारियों का बड़ा हिस्सा है। निकहत फाइनल में एशियाई चैंपियन न्यून थी ताम से खेलेंगी।हर हाल में अलुआ को हराने की ठान कर आयीं नीतू : सेमीफाइनल में उतरने से पहले नीतू के दिमाग में बीते वर्ष इस्तांबुल (तुर्किए) में हुई विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल रह-रहकर घूम रहा था। उन्हें याद आ रहा था कि बुखार में तपने के बावजूद वह इसी कजाखस्तान के अलुआ बालकिबेकोवा से बेहद नजदीकी मुकाबले में हार गयी थीं। वरना विश्व चैंपियनशिप का पदक उसी वक्त उनके हाथ में होता। नीतू को कोचेज ने उस दौरान खेलने से भी मना किया था, लेकिन वह खेलीं और जीत के कगार पर पहुंचकर हार गयी। नीतू यहां ठान कर आयी थीं, उन्हें यह मुकाबला हर हाल में जीतना है।प्रशिक्षकों की रणनीति के अनुसार उन्होंने फैसला लिया कि बालकिबेकोवा से वह दूर होकर नहीं खेलेंगी। उसके नजदीक जाकर हमले करेंगीं। नीतू कहती हैं कि बालकिबेकोवा दूर से खेलने में माहिर हैं। वह भी दूर से खेलती हैं, लेकिन आज उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिसका फायदा उन्हें मिला।फाइनल में मंगोलियाई बॉक्सर से खेलेंगी नीतू : पहला दौर 2-3 से हारने के बाद नीतू ने दूसरे दौर में जबरदस्त वापसी कर 4-1 से जीत हासिल की। तीसरे दौर में भी वह अलुआ के नजदीक जाकर उन पर आक्रमण करती रहीं। वह रिंग में पांच गिरी भीं, लेकिन उन्होंने अलुआ से पिछली हार का बदला ले ही लिया। नीतू फाइनल में मंगोलिया की लुतसाइखान से भिड़ेंगी।

निकहत, नीतू, लवलीना और स्वीटी फाइनल में पहुंचीं, देश के चार रजत पदक पक्के
Published / 2023-03-23 23:36:47
निकहत, नीतू, लवलीना और स्वीटी फाइनल में पहुंचीं, देश के चार रजत पदक पक्के

महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिपएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। निकहत जरीन, नीतू घणघस, लवलीना बोरगोनहेन और स्वीटी बोहरा ने फाइनल में जगह बना ली है। 50 किलोग्राम भारवर्ग में निकहत जरीन ने सेमीफाइनल मैच में कोलंबिया की इनग्रिड वैलेंसिया को हराया।वहीं, नीतू घणघस ने कजाखस्तान की अलुआ बल्किबेकोवा को मात दी। लवलीना ने 75 किग्रा भारवर्ग के सेमीफाइनल में चीन की ली कुआन को मात दी। स्वीटी ने 81 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया की एमा ग्रीनटी को पराजित किया।इस प्रतियोगिता में कम से कम चार भारतीय मुक्केबाजों ने अपने पदक पक्के कर लिए हैं। निकहत, लवलीना नीतू और स्वीटी ने फाइनल में जगह बनाकर कम से कम रजत पदक पक्का किया है। नीतू घणघस 48 किग्रा भारवर्ग, निकहत जरीन 50 किग्रा भारवर्ग, लवलीना बोरगोनहेन 75 किग्रा और स्वीटी बूरा 81 किग्रा भारवर्ग में भाग ले रही हैं।

महिला विश्व चैंपियनशिप में भारत के चार पदक पक्के
Published / 2023-03-23 18:24:33
महिला विश्व चैंपियनशिप में भारत के चार पदक पक्के

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। निखत जरीन, लवलीना बोरगोहेन, नीतू घंघास और स्वीटी बूरा की दमदार चौकड़ी ने बुधवार को महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने-अपने क्वार्टरफाइनल मुकाबले जीतकर भारत के लिए चार पदक सुनिश्चित कर लिये। इंदिरा गांधी स्टेडियम पर जारी प्रतियोगिता में लवलीना (75 किग्रा) ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए पिछले साल की कांस्य पदक विजेता मोजांबिक की रेडी ग्रामाने को 5-0 से हराया।निखत ने 50 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में थाईलैंड की छूतामत रक्षत को 5-2 से मात दी। नीतू ने 48 किग्रा वर्ग में जापान की मदोका वाडा को आरएससी (रेफरी द्वारा मैच को रोका जाना) पद्धति से हराया, जबकि स्वीटी (81+ किग्रा) ने बेलारूस की विक्टोरिया केबिकावा को 5-0 की करारी शिकस्त दी।

तीसरा वनडे 21 रन से जीत ऑस्ट्रेलिया, सीरीज 2-1 से जीती
Published / 2023-03-22 23:28:45
तीसरा वनडे 21 रन से जीत ऑस्ट्रेलिया, सीरीज 2-1 से जीती

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमें चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आमने-सामने हैं। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 270 रन का लक्ष्य रखा है। भारत की नजर सीरीज जीतने पर है। उसने मुंबई में पहला वनडे पांच विकेट से जीता था। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने विशाखापट्टनम में दूसरा वनडे 10 विकेट से अपने नाम किया था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला ऑस्ट्रेलिया ने 21 रन से जीत लिया है। इसके साथ ही कंगारू टीम ने सीरीज भी 2-1 से अपने नाम की। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 270 रन का लक्ष्य रखा। इसके जवाब में टीम इंडिया 248 रन पर सिमट गयी और मुकाबला गंवा दिया।

भारत की नीतू ने सेमीफाइनल में बनायी जगह, मेडल पक्का
Published / 2023-03-22 23:22:50
भारत की नीतू ने सेमीफाइनल में बनायी जगह, मेडल पक्का

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भारत के लिए अच्छी खबर है। स्पर्धा में अब भारत का एक मेडल पक्का हो गया है। इवेंट भारत में ही आयोजित किया जा रहा है। नीतू घणघस ने 48 किलोग्राम भाग वर्ग में सेमीफाइनल तक का सफर तय कर लिया है। इसका मतलब यही है कि भारत को अब निश्चित रूप से एक मदक मिलेगा। क्वार्टर फाइनल में नीतू ने रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट के जरिये जापान की मुक्केबाज मडोका वाडा को पराजित करते हुए बाहर कर दिया। भारतीय बॉक्सर ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए विपक्षी मुक्केबाज पर ताबड़तोड़ पंच बरसाये और कोई मौका नहीं दिया। नीतू के पंच इतने मजबूत और भारी थे कि रेफरी को बीच में आना पड़ा। रेफरी ने आकर इस बाउट को रुकवा दिया। इसके बाद नीतू को विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह के निर्णय को ही रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट कहा जाता है। भारत से कुछ और मुक्केबाज भी अंतिम चार में जगह बनाने की दौड़ में शामिल हैं। उनमें निकत जरीन, और साक्षी चौधरी क्रमशः 50 और 52 किलोग्राम भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में हैं। मनीषा मौन 57 किलोग्राम भार वर्ग में हैं। लवलीना बोरगोहेन भी 75 किलोग्राम भार वर्ग में खेलेंगी। जैसमीन लाम्बोरिया, स्वीटी बूरा, नुपुर श्योराण आदि मुक्केबाज भी टॉप चार में जाने के लिए प्रयास करेंगे।

नांदल ने जीता 38वां प्रीमियर सारावाक कप
Published / 2023-03-21 22:14:49
नांदल ने जीता 38वां प्रीमियर सारावाक कप

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। राउंडग्लास टेनिस अकादमी (आरटीजीए) के एथलीट युवान नांदल ने मलेशिया के सारावाक में हुए जूनियर 300 टूनार्मेंट 38वें प्रीमियर सारावाक कप जीत लिया है। नांदल ने फाइनल में तीसरी वरीयता प्राप्त आर्यन शाह को सीधे सेटों में 6-3, 6-4 से हराकर लड़कों का एकल खिताब जीता। यह टूर्नामेंट 13 से 19 मार्च के बीच आयोजित किया गया जिसमें दुनिया भर के कुछ सर्वश्रेष्ठ जूनियर खिलाड़ी शामिल हुए। नांदल ने अपने अभियान में कोरिया के डोंघ्युन ह्वांग, जापान के रेया हतोरी और आस्ट्रेलिया के चार्ली कैमस और पावले मरिंकोव को हराया। इस जीत के साथ नांदल ने अपनी उपलब्धियों की सूची में एक और प्रतिष्ठित खिताब जोड़ लिया है। नांदल फिलहाल प्रतिष्ठित कोच और राउंडग्लास टेनिस अकादमी के तकनीकी निदेशक आदित्य सचदेवा के अधीन ट्रेनिंग ले रहे हैं।कोच सचदेवा ने नांदल की जीत पर कहा कि राउंडग्लास टेनिस अकादमी में हर कोई युवान की जीत से बहुत खुश है और यह जीत दीर्घकालिक एथलीट विकास के हमारे द्दष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें हम एटीपी दौरे के लिए युवा खिलाड़यिों के विकास पर जोर देते हैं। आरजीटीए में हम कोर्ट के अंदर और बाहर दोनों जगहों पर अपने एथलीटों के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हैं। हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत एथलीटों के मनोवैज्ञानिक कल्याण और खुशी पर विचार करना है, जो कोर्ट पर उनके प्रदर्शन के साथ-साथ हमारी योजनाओं का अभिन्न अंग है।

तीसरा वनडे : निर्णायक मुकाबले के लिए कैसी होगी चेन्नई की पिच...
Published / 2023-03-21 19:48:28
तीसरा वनडे : निर्णायक मुकाबले के लिए कैसी होगी चेन्नई की पिच...

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है। इसका पहला मुकाबला टीम इंडिया ने शानदार तरीके से अपने नाम किया था। दूसरे मुकाबले में आस्ट्रेलिया ने पलटवार करते हुए भारतीय टीम को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी थी।अब सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला कल यानी 22 मार्च को खेला जाएगा। मैच चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम पर होगा। उम्मीद की जा रही है कि भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर टेस्ट मैचों के जैसे यह सीरीज भी अपने नाम कर ले जाएगी। चेन्नई के मैदान की बात करें तो यहां पर भारतीय गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। जैसा आप जानते हैं कि यहां की पिच स्पिनर को फायदा देती है। इसलिए भारतीय टीम अपने साथ दो से ज्यादा स्पिनर अपनी प्लेइंग इलेवन में शामिल कर सकती है। चेन्नई का यह मैदान पहले तेज गेंदबाजों को काफी ज्यादा रास आता था लेकिन अब पूरी कहानी बदल गई है। अब जब स्पिनर को मदद मिलेगी तो आस्ट्रेलिया के लिए मुश्किल वाली बात हो जाएगी। हालांकि ऐसा नहीं है कि टीम इंडिया के स्पिनर इस मैदान पर कमाल करते हैं तो टीम बड़ी आसानी से जीत जाएगी। जिस तरीके से आस्ट्रेलिया ने अपना दूसरा मुकाबला खेला है उसको देखकर तो यही लगता है कि टीम बिल्कुल तैयार है और यह बात आस्ट्रेलिया को भी पता है कि आखिरी मुकाबले में उन्हें भारतीय स्पिनर से टक्कर लेनी है।

छह साल बाद चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया से वनडे खेलेगी टीम इंडिया
Published / 2023-03-20 23:33:16
छह साल बाद चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया से वनडे खेलेगी टीम इंडिया

इस मैदान पर ऐसा है टीम इंडिया का रिकॉर्डएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला बुधवार (22 मार्च) को चेन्नई में खेला जाएगा। टीम इंडिया छह साल बाद एमए चिदंबरम स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतरेगी। पिछली बार 2017 में दोनों टीमें यहां आमने-सामने हुई थीं। भारत ने तब ऑस्ट्रेलिया को 26 रन से मुकाबले में हरा दिया था। टीम इंडिया इस बार कंगारू टीम को परास्त कर सीरीज को अपने नाम करना चाहेगी।भारत सीरीज का पहला वनडे मुंबई में पांच विकेट से जीता था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने विशाखापट्टनम में वापसी करते हुए 10 विकेट से मुकाबले को अपने नाम कर लिया था। अब तीसरा मैच एक तरह से फाइनल होगा। इसके अलावा भारत घरेलू मैदान पर लगातार आठवीं सीरीज जीतने उतरेगा। उसे पिछली बार 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही 2-3 से हार मिली थी। उसके भारत ने सात सीरीज में जीत हासिल की और एक सीरीज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोरोनावायरस के कारण पूरा नहीं हो सका था।चेन्नई में कैसा है भारत का रिकॉर्ड : भारत एमए चिदंबरम स्टेडियम में पहला वनडे नौ अक्तूबर 1987 को खेला था। इस मुकाबले में टीम इंडिया को एक रन से हार मिली थी। चेन्नई में अब तक भारत ने 13 वनडे खेले हैं। वह इस दौरान सात मुकाबलों में जीत हासिल करने में सफल रहा। पांच में हार मिली और एक मैच में नतीजा नहीं निकला। भारतीय टीम 2019 में जब पिछली बार यहां खेली थी तब उसे वेस्टइंडीज ने आठ विकेट से हराया था।एमए चिदंबरम स्टेडियम के आंकड़े : इस मैदान पर टॉस का काफी महत्व है। टॉस जीतने वाली टीमों में 15 मैच जीते हैं। वहीं, हारने वाली टीम को सिर्फ छह में जीत मिली है। यहां सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड एसीसी एशियन इलेवन के नाम दर्ज है, उसने 2007 में अफ्रीका इलेवन के खिलाफ सात विकेट पर 337 रन बनाये थे। वहीं, न्यूनतम स्कोर केन्या का है। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ 2011 में 69 रनों पर सिमट गयी थी। इस मैदान पर व्यक्तिगत उच्चतम स्कोर बनाने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के सईद अनवर के नाम दर्ज है। अनवर ने 1997 में भारत के खिलाफ 194 रन बनाये थे।

वनडे में सूर्यकुमार से समझौता बेकार, छठे नंबर पर आजमायें : : दिनेश कार्तिक
Published / 2023-03-20 23:21:23
वनडे में सूर्यकुमार से समझौता बेकार, छठे नंबर पर आजमायें : : दिनेश कार्तिक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक का मानना है कि सूर्यकुमार यादव का वनडे में खेलना गैर-परक्राम्य है, जबकि वह दाएं हाथ के बल्लेबाज को छठे नंबर के बल्लेबाज के रूप में आजमाते हुए देखना चाहेंगे।भारत और आस्ट्रेलिया के बीच दोनों एकदिवसीय मैचों में, सूर्यकुमार को मुंबई और विशाखापत्तनम में सामना की गई पहली ही गेंद पर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क की इनस्विंगरों ने पगबाधा आउट कर दिया। एकदिवसीय मैचों में अपनी पिछली नौ पारियों में, सूर्यकुमार ने केवल 110 रन बनाए हैं, इस बात पर संदेह है कि क्या वह 50 ओवर के प्रारूप में अपने टी20 ब्लिट्जक्रेग को दोहरा सकते हैं। वह टी20 में भी उन दो गेंदों पर आउट हो जाते। ऐसा नहीं है क्योंकि यह वनडे है, वह आउट हो रहा है। आपको यह समझना होगा कि यह प्रारूप के बावजूद उच्च गुणवत्ता वाली गेंदबाजी है।कार्तिक ने क्रिकबज के हवाले से कहा कि उन्होंने अब दो वनडे खेले हैं और इससे पहले वह लगातार नहीं खेले थे। श्रेयस अय्यर पसंदीदा नंबर चार थे और सही भी थे और सूर्या बैकअप विकल्प थे। जहां हमें सूर्या के साथ रहने की जरूरत है। कार्तिक ने सुझाव दिया कि वह सूर्यकुमार को छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते देखना चाहेंगे और हार्दिक पांड्या को नंबर चार का स्थान देना चाहेंगे, श्रेयस अय्यर की उपलब्धता पर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है, जो पीठ की चोट से जूझ रहे हैं।चाहे सर्कल के अंदर पांच या चार फील्डर हों, वह अपनी मर्जी से बाउंड्री मार सकता है। सवाल यह है कि क्या भारत हार्दिक को चौथे और सूर्य को छठे नंबर पर बल्लेबाजी करा सकता है। हार्दिक को पहले बल्लेबाजी करने में मजा आता है, कुछ ऐसा जो हमने आईपीएल और यहां तक कि टी20 अंतरराष्ट्रीय में गुजरात टाइटंस के साथ उन्हें देखा। जब आप सूर्या को कम ओवर, 14-18 ओवर देते हैं, तो वह अपनी घातक बल्लेबाजी का रूप दिखाते हैं। यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में टीम इंडिया और राहुल द्रविड़ विचार कर सकते हैं। एकदिवसीय टीम का हिस्सा होना गैर-परक्राम्य है और उसके पास कौशल है।

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