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सीएम से मिले चैती दुर्गा पूजा महासमिति भुतहा तालाब, रांची के सदस्य
Published / 2023-03-28 23:08:21
सीएम से मिले चैती दुर्गा पूजा महासमिति भुतहा तालाब, रांची के सदस्य

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज श्री चैती दुर्गा पूजा महासमिति भुतहा तालाब, रांची के सदस्यगणों ने मुलाकात कर पूजा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।इस मौके पर महासमिति के अध्यक्ष श्री रवि कुमार पिंकू, महामंत्री श्री गोपाल पारीक, कार्यकारी अध्यक्ष श्री कुमार राजा, वरिष्ठ संरक्षक श्री विशाल कृष्ण, उपाध्यक्ष रूपेश कुमार पप्पू और सह मंत्री श्री राहुल सिंह और श्री मनोज कुमार सिन्हा मौजूद थे।

झारखंड : रांचीवासियों के लिए होल्डिंग टैक्स में भारी कटौती के संकेत
Published / 2023-03-28 22:58:19
झारखंड : रांचीवासियों के लिए होल्डिंग टैक्स में भारी कटौती के संकेत

टीम एबीएन, रांची। रांची के लोगों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। पिछले साल रांची में होल्डिंग टैक्स में 20 से 30% की वृद्धि देखी गयी थी। जिससे आमजन काफी परेशान थे, लेकिन रांची में रह रहे लोगों को अब होल्डिंग टैक्स में अच्छी खासी कटौती मिलेगी। क्योंकि राज्य सरकार के फैसले के बाद राजधानी रांची में नये सिरे से होल्डिंग टैक्स का निर्धारण कर लिया गया है।नगर निगम के नगर उपायुक्त शशि रंजन ने बताया कि इस फैसले से शहर के करीब 75% लोगों को सीधे तौर पर फायदा होगा। वहीं, व्यवसाय भवनों के टैक्स भी नयी प्रणाली से काफी कम होंगे। नगर निगम के नगर उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि टैक्स की गणना की बात की जाये तो, पहले टैक्स का निर्धारण सर्कल रेट पर होता था। अब इसका निर्धारण प्रमंडल स्तर पर कर दिया गया है। यानी दक्षिण छोटानागपुर क्षेत्र में पड़ने वाले रांची, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा, गुमला की जमीन की दर के आधार पर औसत दर निकाली जायेगी। रांची को छोड़कर दूसरे जिले में जमीन की दर काफी कम है, ऐसे में सभी जगह की जमीन की दर को मिलाकर उसका औसत निकाला जायेगा। फिर उसी के आधार पर टैक्स की गणना की जायेगी। शशि रंजन ने बताया कि फिलहाल लोग सर्कल रेट के आधार पर होल्डिंग टैक्स दे रहे हैं।वर्ष 2022 से राज्य में सर्किल रेट पर होल्डिंग टैक्स का निर्धारण हुआ था। इससे आवास भवनों का टैक्स 20 से 30% व व्यवसायिक भवनों का टैक्स 10 गुना बढ़ गया था, लेकिन अब अब लोगों को इससे थोड़ी राहत मिलेगी। बताते चलें, बढ़ी हुए टैक्स के कारण व्यवसाय वर्ग व सत्ताधारी दल के मंत्री तक नाराज हो गये थे। इसे देख टैक्सेशन प्रणाली को बदलकर अब नये सिरे से प्रमंडल स्तर पर टैक्स की गणना की जायेगी। हरमू के रहने वाले प्रशांत कहते हैं कि हमें काफी होल्डिंग टैक्स देना पड़ता था। पिछले साल से हमारा होल्डिंग टैक्स दोगुना हो गया था, जो किसी भी आम इंसान के लिए देना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। सरकार के इस फैसले से हम काफी खुश हैं, इससे हमारा बजट नहीं बिगड़ेगा।

रांची : नगर आयुक्त शशि रंजन से मिले झारखंड चैंबर आफ कॉमर्स के पदाधिकारी
Published / 2023-03-28 21:09:00
रांची : नगर आयुक्त शशि रंजन से मिले झारखंड चैंबर आफ कॉमर्स के पदाधिकारी

टीम एबीएन, रांची। रांची नगर निगम से जुड़ी समस्याओं पर वार्ता के लिए अध्यक्ष किशोर मंत्री के नेतृत्व में आज झारखंड चैंबर आफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त शशि रंजन से मुलाकात की। होल्डिंग टैक्स में कमी करने के कैबिनेट के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त को धन्यवाद दिया और कहा कि कैबिनेट के निर्णय से लोगों में उत्साहजनक स्थिति बनी है।ट्रेड लाइसेंस की जटिल प्रक्रियाओं पर चिंता जताते हुए इसके सरलीकरण का आग्रह किया गया। अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि कागजातों की अधिकता के कारण व्यापारी लाइसेंस लेने अथवा रिन्यूअल से वंचित रह जा रहे हैं। कई मामलों में सभी कागजात उपलब्ध कराने के बाद भी विभागीय प्रक्रिया में विलंब के कारण लाईसेंस के कार्य लंबित हो रहे हैं। रेंट पर संचालित दुकानदारों को इससे अत्यधिक समस्या हो रही है। यह सुझाया गया कि निर्धारित शुल्क के साथ एक साधारण आवेदन, जीएसटी निबंधन, आधार, पैन कार्ड लेकर ट्रेड लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था की जाय। जीएसटी निबंधन नहीं होने की स्थिति में एफिडेविट या किसी सरकारी दस्तावेज (जैसे बिजली बिल, टेलिफोन बिल इत्यादि) का विकल्प दिया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने बाजार टांड़ में आवंटित दुकानों के किराया विवाद के समाधान पर भी वृहद चर्चा की। कहा गया कि आवंटित दुकान में अतिरिक्त संरचना निर्माण के कारण किराया, ब्याज और उसपर फाइन की राशि जुडते-जुडते काफी अत्यधिक हो गई है जिस कारण यह मामला और भी जटिल हो गया है। अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि वर्षों से चले आ रहे इस विवादित मामले के स्थाई समाधान हेतु निगम द्वारा किराया समाधान के रूप में लोकप्रिय योजना लाकर दुकानों को रेगुलराइज किया जाय जिसपर नगर आयुक्त ने कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। यह भी अवगत कराया गया कि लाइसेंसधारी के निधनोपरांत या परिवार के सदस्य के अलग होने की स्थिति में दुकान के नाम हस्तांतरण के साथ ही दुकानदारों की अन्य कठिनाईयां भी हैं, जिसकी समीक्षा जरुरी है। नगर आयुक्त शशि रंजन ने दोनों ही बिंदुओं पर सकारात्मक रूख दिखाते हुए कहा कि ट्रेड लाइसेंस की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जा रहा है। निगम द्वारा इस प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में की जा रही कार्रवाई की विधिवत् जानकारी से व्यापारियों को अवगत कराने हेतु अध्यक्ष किशोर मंत्री ने पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी मांगी जिसपर नगर आयुक्त ने स्वीकार करते हुए इसकी लिखित जानकारी चैंबर को प्रेषित करने के लिए आश्वस्त किया। बकरी बाजार में अस्थाई तर्ज पर पेड पार्किंग की सुविधा विकसित करने के चैंबर के आग्रह पर उन्होंने अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक सकारात्मक कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। बहुबाजार चौक स्थित निगम की दुकानों को ब्रिज निर्माण के लिए खाली करने के दिये गये नोटिसों पर भी वार्ता की गई और दुकानदारों को किसी उचित स्थल पर पुर्नस्थापित करने के उपरांत ही दुकान खाली करने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया। नगर आयुक्त ने उदारता दिखाते हुए वहां की दवा दुकानों को वहां आधा जगह देने और मिठाई की दुकानों के लिए अन्य जगह पर वैकल्पिक व्यवस्था देने के लिए आश्वस्त किया। प्रतिनिधिमण्डल में चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री, उपाध्यक्ष अमित शर्मा, सह सचिव रोहित पोद्दार, आरएमसी उप समिति चेयरमेन अमित किशोर के अलावा बहुबाजार स्थित दुकानों के दुकानदार गौतम केसरी, सुखपाल सिंह, नवनीत सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे। उक्त जानकारी चेंबर के महासचिव डॉ अभिषेक रामाधीन और प्रवक्ता ज्योति कुमारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

चुरचू : बहेरा पंचायत की महिलाओं के साथ राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने किया संवाद
Published / 2023-03-28 21:05:32
चुरचू : बहेरा पंचायत की महिलाओं के साथ राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने किया संवाद

टीम एबीएन, हजारीबाग/ रांची। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने चुरचू प्रखंड के बहेरा पंचायत की महिलाओं के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने सखी मंडल की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए उनके मेहनत, लगन की तारीफ की। उन्होंने महिला सखी मंडल के उत्पादों को पहचान दिलाने का हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। साथ ही महिलाओं की स्वावलंबन के लिए सरकार की योजनाओं से जोड़कर उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए कहा। उन्होंने महिला समूह की प्रशंसा करते हुए समाज के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए कहा। कजरी कॉटन बुनकर सहयोग समिति द्वारा उत्पादित साड़ी के बेहतर डिजाइन एवं तकनीकी अपडेट के लिए दक्षिण भारत से सहयोग तथा आवश्यक तकनीकी मदद दिलाने का भरोसा राज्यपाल ने दिया। संवाद के क्रम में राज्यपाल ने ग्रामीण महिलाओं से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की जानकारी हासिल की तथा प्रशासन को सभी योग्य परिवारों को गैस कनेक्शन से जोड़ने का निर्देश दिया। इस क्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी हासिल की तथा छूटे हुए सभी योग्य परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का मकान दिलाने के लिए कहा। साथ ही महिला मंडलों को अपने आर्थिक गतिविधि बढ़ाने के लिए बैंक लोन लेने में किसी प्रकार परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को बैंक के साथ आवश्यक समन्वय बनाकर लोन दिलाने को कहा। सखी मंडलों को उनके आर्थिक गतिविधि संचालित करने सहित बैठक आदि करने आदि के लिए पंचायत स्तर पर एसएचजी के लिए भवन उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया। इस पर उपायुक्त ने कहा जिला के डीएमएफटी फंड से सभी पंचायतों में एसएचजी समूह के लिए भवन उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही बहेरा पंचायत के गांव को पक्का सड़क से जोड़ने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया। इस दौरान मारसल बुनकर सहयोग समिति के सुनीता देवी पिपरीआदिवासी ट्रस्ट के उर्मिला देवी, लालमुनी कुमारी, संगीता देवी आदि ने सखी मंडल से जुड़कर उनके जीवन में आये बदलाव एवं आर्थिक स्वावलंबन की अपनी कहानी के बारे में राज्यपाल महोदय से अपने अनुभव एवं विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल के द्वारा पेंशन योजना से संबंधित रफी जमा अंसारी, मो कमालुद्दीन, मनरेगा योजना से इंद्री मसोमत, पनबा देवी को जॉब कार्ड वितरित किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के दो लाभुक पानपति देवी, ममता देवी को प्रधानमंत्री आवास का स्वीकृति पत्र दिया गया। जेएसएलपीएस के जरबा आजीविका महिला संकुल संगठन को 1 करोड़ का चेक प्रदान किया गया। अपने भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने बच्चों से मिलकर उन्हें टॉफी वितरित की। भ्रमण के क्रम में राज्यपाल ने सखी मंडलों के द्वारा निर्मित उत्पादों से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं चुरचू नारी फार्मर प्रोड्यूसर ग्रुप के द्वारा की जा रही तरबूज की खेती का अवलोकन किया। इस दौरान राज्यपाल का सखी मंडल की महिलाओं के द्वारा स्वागत परंपरागत तरीके से किया गया।

रांची : सड़क हादसे में युवक की मौत, क्षेत्र में शोक
Published / 2023-03-28 21:03:02
रांची : सड़क हादसे में युवक की मौत, क्षेत्र में शोक

टीम एबीएन, रांची। तुपुदाना ओपी इलाके में सोमवार देर रात सड़क हादसे में मनोज महतो की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि बाइक सवार युवक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया, जिसके बाद युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। मामले की जानकारी मिलने के बाद तुपुदाना ओपी प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया।

रामनवमी : 3500 जवानों की होगी तैनाती, सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
Published / 2023-03-28 19:59:07
रामनवमी : 3500 जवानों की होगी तैनाती, सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से रखी जाएगी पैनी नजर टीम एबीएन, रांची। रांची में रामनवमी को लेकर पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। अल्बर्ट एक्का चौक और डोरंडा सहित अन्य जगहों पर काफी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। अति संवेदनशील क्षेत्र में रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की जायेगी। पूरी सुरक्षा की मॉनिटरिंग एसएसपी किशोर कौशल खुद कर रहे हैं और अधिकारियों को लगातार दिशा निर्देश दे रहे हैं। सुरक्षा में कहीं किसी प्रकार की चूक न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पांच आईपीएस के अलावा 12 डीएसपी, 30 इंस्पेक्टर और 250 दरोगा सहित 3500 पुलिसकर्मी रामनवमी की सुरक्षा की कमान संभालेंगे। इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। एसएसपी किशोर कौशल ने मंगलवार को बताया कि रामनवमी को लेकर रांची में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गयी है। ड्रोन कैमरा और सीसीटीवी कैमरा से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी रहेंगे सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर है। इसके लिए साइबर सेल की टीम लगातार काम कर रही है। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च को सभी अखाड़ा धारी भव्य शोभायात्रा निकालेंगे इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गयी है।

रांची : मेगा ट्रेड फेयर 28 अप्रैल से
Published / 2023-03-28 19:58:11
रांची : मेगा ट्रेड फेयर 28 अप्रैल से

टीम एबीएन, रांची। रांची में 28 अप्रैल से आठ मई तक मोरहाबादी मैदान में इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर का आयोजन होगा। इसमें झारखंड चेंबर व जीएस मार्केटिंग एसोसिएट्स ने राज्य के व्यापारियों से सहभागिता की अपील की। ट्रेड लाइसेंस के नाम पर व्यापारियों का भयादोहन होने की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। निगम की ओर से बहुबाजार चौक स्थित दुकानों को एक सप्ताह में खाली करने के मामले में सरकार से हस्तक्षेप का आग्रह किया गयाा।

रांची : स्वास्थ्य मंत्री ने किया सदर अस्पताल के नये भवन उद्घाटन
Published / 2023-03-28 19:57:19
रांची : स्वास्थ्य मंत्री ने किया सदर अस्पताल के नये भवन उद्घाटन

टीम एबीएन, रांची। रांची के सदर अस्पताल की बिल्डिंग नंबर 2 बन कर पूरी तरह से तैयार है। कई वर्षों से बन रहे इस बिल्डिंग का काम अब जाकर पूरा हुआ। वर्ष 2007 से ही राजधानी के सदर अस्पताल की बिल्डिंग नंबर 2 बन रही थी। बिल्डिंग बनाये जाने के दौरान कई बार ठेकेदार और सदर अस्पताल प्रबंधन के बीच लापरवाही का आलम भी देखने को मिला। लेकिन ठेकेदारों द्वारा हैंडओवर करने की तारीख पर तारीख देने की कड़ी अब समाप्त हो गई है। सदर अस्पताल के बिल्डिंग नंबर 2 के शुभारंभ होने को लेकर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ खेतान बताते हैं कि आज सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने आम लोगों के लिए नये भवन को खोल दिया। बिल्डिंग नंबर 2 में इमरजेंसी, ओपीडी, ब्लड टेस्ट की सुविधा रहेगी।उन्होंने बताया कि इन सबके अलावा कुछ सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी बनाये जायेंगे। क्योंकि सदर अस्पताल में पहले से ही कई विभाग के विशेषज्ञ कार्यरत हैं। वहीं डॉक्टर खेतान ने बताया कि जो पुराने भवन हैं, उनमें इंडोर वार्ड बनाया जायेगा। जहां पर मरीज लंबे समय के लिए भर्ती किये जा सकेंगे।

रामनवमी से कई दशक पुराना है श्रीराम जानकी तपोवन मंदिर का इतिहास
Published / 2023-03-28 19:56:35
रामनवमी से कई दशक पुराना है श्रीराम जानकी तपोवन मंदिर का इतिहास

महंत ओमप्रकाश शरण टीम एबीएन, लोहरदगा/ रांची। रामभक्त हनुमान के प्राचीन तपोवन मंदिर का इतिहास रांची की रामनवमी से कई दशक पुराना है। उत्तर से मध्य भारत में रामनवमी के दिन राम की पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन झारखंड में रामनवमी के दिन रामभक्त हनुमान की पूजा ही नहीं की जाती बल्कि कई जगहों पर विशाल महावीरी झंडों के साथ शोभायात्रा और जुलूस निकाले जाते हैं। शहर के विभिन्न हनुमान मंदिरों और अखाड़ों में सुबह पूजा अर्चना के बाद विशाल महाबीरी पताकाओं के साथ जुलूस निकाले जाते हैं। ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच विभिन्न अखाड़ों के जुलूस एक दूसरे से मिलते हुए विशाल शोभायात्रा के रूप में तपोवन मंदिर पहुंचते हैं। यहां पहली बार 1929 में उस झंडे की पूजा हुई थी, जो महाबीर चौक के प्राचीन हनुमान मंदिर से वहां ले जाया गया था। मंदिर के तत्कालीन महंत रामशरण दासजी ने जुलूस का स्वागत और विधि विधान के साथ महीबीरी झंडे का पूजन किया था। उसी दिन से तपोवन मंदिर रांची की रामनवमी से जुड़ गया। श्री राम जानकी तपोवन मंदिर का निर्माण कब हुआ, यह आज तक रहस्य है। मंदिर के वर्तमान महंत  ओम प्रकाश शरण  की मानें तो मंदिर लगभग 375 साल पुराना है। नाम पर गौर किया जाये तो तपोवन मंदिर की भूमि पहले तप स्थली थी और चारों तरफ दूर दूर तक घना जंगल था। तत्कालीन रांची अपर बाजार और चुटिया तक ही सीमित थी। ऋषि मुनि शांत वातावरण में यहां तपस्या करते थे। यहां के जीव जंतु भी किसी को हानि नहीं पहुंचाते थे। ऐसे ही एक ऋषि बंकटेश्वर दास महाराज जब वह तपस्या में लीन रहते थे, उनके आसपास जंगली जानवर बाघ, चीते, हिरण आदि तक बैठ जाते थे। एक दिन महंतजी जब तप में लीन थे, तो एक अंग्रेज अधिकारी ने उनके पास बैठे बाघ को गोली मार दी। महंत काफी दुखी हुए उन्होंने उस अधिकारी से कहा कि यह तप भूमि है आखेट यहां नहीं किया जाता है और तपोभूमि में आखेट मना है। अपनी गलती मान कर अंग्रेज अधिकारी ने उनसे माफी मांगी और प्रायश्चित का मार्ग पूछा। महंतजी ने कहा कि यहां एक मंदिर बनवा दें, पाप का प्रायश्चित निश्चित है। झारखंड में ख्यातिप्राप्त प्राचीन बैजनाथ धाम में ज्योतिर्लिंग को देखते हुए उस अंग्रेज अधिकारी ने यहां भगवान शंकर का मंदिर बनाने का संकल्प लिया। मंदिर बनाने के लिए जब यहां खुदाई शुरू हुई तो महंत बंकटेश्वर दासजी महाराज को सपने में भगवान राम दिखाई दिये और उन्होंने कहा कि मंदिर स्थल के पास ही वह भूमिगत हैं उन्हें बाहर निकाला जाए। महंत बंकटेश्वर दासजी ने सपने के बारे में अंग्रेज अधिकारी को बताया तो बताई गई जगह पर खुदाई कराने पर वहां से राम जानकी की मूर्तियां निकली। दोनों मूर्तियों को यहां स्थापित कर दिया गया। बाद में जयपुर से लक्ष्मण की मूर्ति मंगवाकर साथ में रखी गई। दोनों मूर्तियों में काफी अंतर है। नदी के किनारे मनोरम स्थल तपोवन का क्षेत्र करीब ढाई एकड़ में फैला है। बाद में यहां भगवान शंकर के अलावा भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा का मंदिर बनवाया गया। रामभक्त हनुमान और बटेश्वर नाथ का मंदिर बनवाया गया। उसके बाद यहां विष्णु, कृष्ण के विराट स्वरूप, माता दुर्गा, शिव और गौरी गणेश, भगवान वामन, लक्ष्मी नारायण, राधाकृष्ण नरसिंह भगवान और बनवासी राम लक्ष्मण और माता शबरी के मंदिर भी बने। मंदिर परिसर में दो समाधियां एक महंत बंकटेश्वर दास की जिसे 1905 में बनवाया गया और दूसरी महंत राम शरण दास की है, जिसे 1945 में बनवाया गया। 1929 में महंत राम शरण दासजी के कारण ही तपोवन मंदिर रामनवमी जुलूस से जुड़ा। यहां के महंत का चयन अयोध्या के श्री राम मंदिर से होता है। अयोध्या के कनक भवन के लाल साहब के दरबार में महंत  की नियुक्ति की जाती है। अयोध्या से सीधा संपर्क होने के कारण महंत जीवन शरणजी के आदेशानुसार ही यहां हर काम होता था और वर्तमान में अभी भी यह परंपरा चल रहा है। महंत वही चुना जाता है जो भगवान श्री लाल साहब दरबार का पुजारी होता है और आजीवन ब्रह्मचारी रहते हैं। अबतक यहां महंत श्रीसीता शरणजी महाराज, महंत श्री रामदास टाटम्बरीजी महाराज, महंत श्री बंकटेश्वर दासजी महाराज, महंत श्री राम दासजी महाराज, महंत श्री जानकी जीवन शरणजी महाराज, महंत श्री राम शरण दासजी महाराज, महंत जानकी शरण दासजी महाराज मंदिर को अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इन सब ने 100 वर्ष से अधिक उम्र में समाधि ली। यहां का विरक्त वैष्णव परंपरा जो आज भी बरकरार है इन सबो का सेवक वर्तमान महंत ओमप्रकाश शरण।तपोवन मंदिर की एक खासियत यह है कि यहां भगवान का पहनावा और ऋंगार अयोध्या शैली पर होता है। वहां के राम मंदिर की तरह ही पूजापाठ के नियम हैं। रामनवमी के एक महीने पहले ही यहां तैयारियां शुरू हो जाती हैं। मंदिर की साफ सफाई और रंग रोगन के अलावा मूर्तियों का ऋंगार भी। राम नवमी के दिन सुबह पूजा पाठ से पहले पूरे मंदिर को धोया जाता है। सुबह 6 बजे भगवान राम की आरती होती है। भगवान का प्रसाद भोग चढ़ना शुरू हो जाता है। जो सुबह 3 बजे से ही भक्तों की कतार लगने लग जाती है। भगवान के जन्म के समय दोपहर 12 बजे महा आरती होती है। ढोल और नगाड़ो की गूंज के बीच भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है। पहली बार यहां एक ही झंडा आया था, जबकि आज इनकी संख्या हजारों में पहुंच गई है। लेकिन पूजा आज भी एक ही उसी पुराने झंडे की होती है पहले महंत श्री रामशरण दासजी पूजा करते थे। अब वर्तमान महंत श्री ओमप्रकाश शरणजी द्वारा पूजा की जा रही है। मंदिर परिसर में कुएं के निकट विधि विधान के साथ पूजन और आरती उतारने के साथ भोग लगाया जाता है। शेष झंडों को सिंहद्वार पर माथा टेकाया जाता है और उनको मंदिर के प्रधान  पुजारी राम विलास दास द्वारा टीका लगाया जाता है। रांची के उत्तरी अंचल और दक्षिण अंचल से आए झंडों का यहां मिलन होता है। राम और हनुमान के गगनभेदी जयकारों से तपोवन छोटी अयोध्या का रूप धारण कर लेता है।

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