टीम एबीएन, गिरिडीह। गिरिडीह में एक बार फिर से रफ्तार का कहर देखने को मिला है। तेज गति ने इस कदर कहर बरपाया कि रोड किनारे खड़े एक युवक की जान ही चली गयी। बगोदर थाना क्षेत्र के अटका में सोमवार को सुबह में सड़क दुर्घटना हुई है। बगोदर में सड़क हादसा को लेकर बताया जा रहा कि तेज रफ्तार से जा रही पिकअप वैन ने खड़ी ऑटो को टक्कर मार दी। इस घटना में रोड किनारे खड़े एक युवक की मौत हो गयी। पुलिस द्वारा शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेजने की तैयारी की जा रही है।गिरिडीह में सड़क दुर्घटना की जानकारी के अनुसार अटका मस्जिद के पास जीटी रोड के किनारे एक ऑटो खड़ी थी। इसी दौरान तेजी से आ रही पिकअप वैन ने खड़ी ऑटो को जोरदार ठोकर मार दी। इस टक्कर की चपेट में रोड किनारे ऑटो के पास खडा संजीत नामक युवक आ गया। इस हादसे में युवक को गंभीर चोट लगी। स्थानीय लोगों की मदद से आनन-फानन में जख्मी युवक को बगोदर ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गयी। इस घटना की सूचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मिलकर पूरी जानकारी ली और उन्हें ढाढस बंधायी। इस टक्कर के बाद पिकअप वैन सड़क पर ही पलट गयी। इस घटना की सूचना मिलने पर लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गयी। पुलिस ने इस पिकअप वैन को अपने कब्जे में ले लिया है। इस हादसे के बाद वैन का ड्राइवर फरार हो गया है, वैन में सब्जी लदी हुई थी। बता दें कि इस हादसे के 12 घंटे यानी रविवार रात को भी जीटी रोड गोपालडीह मोड़ के पास भी एक सड़क दुर्घटना हुई थी। जिसमें 20 की संख्या में लोग घायल हुए। एक अनियंत्रित ट्रक के द्वारा सवारी गाड़ी में टक्कर मार दी गयी थी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के चतरा जिले से सटे सीमा पर सुरक्षाबलों और भाकपा माओवादियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। सुरक्षा बलों ने पलामू-चतरा सीमा पर माओवादियों के खिलाफ अभियान शुरू किया था। लावालौंग थाना क्षेत्र में पुलिस बल ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पांच नक्सलियों को मार गिराया है। इस अभियान में सीआरपीएफ कोबरा बटालियन, जैप, आईआरबी के साथ-साथ पलामू और चतरा के जिला बल को लगाया तैनात किया गया था।
रांची-जमशेदपुर समेत अन्य शहरों के मौसम का हाल यहां जानेंटीम एबीएन, रांची। झारखंड में कई दिनों से सुबह-शाम तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश की वजह से तापमान में बड़ी गिरावट आयी है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गयी है। मौसम विभाग की ओर से रविवार को यह जानकारी दी गयी है। रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित मौसम केंद्र ने प्रभात खबर को बताया कि 2 अप्रैल 2023 (रविवार) को रांची और डालटेनगंज के उच्चतम तापमान में मामूली वृद्धि दर्ज की गयी है। लेकिन, राज्य की दो लौहनगरी जमशेदपुर और बोकारो के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है। रांची, जमशेदपुर, डालटेनगंज और बोकारो के न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गयी है।झारखंड में न्यूनतम तापमान की बात करें, तो रविवार को रांची का न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री बढ़कर 16.6 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम है। जमशेदपुर का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री बढ़कर 19.2 डिग्री होने के बावजूद यह सामान्य से 2.5 डिग्री कम है। राजधानी रांची में सबसे गर्म इलाका हिनू रहा, जहां का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि कांके का न्यूनतम तापमान सबसे कम 13.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हिनू का न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। टाटीसिल्वे का अधिकतम पारा 30 डिग्री और न्यूतनम तापमान 17.2 डिग्री दर्ज किया गया। कांके का अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।
टीम एबीएन, जामताड़ा/ रांची। जामताड़ा में झारखंड सरकार की शिक्षा व्यवस्था बिना पटरी के चल रही है। इसकी बानगी नारायणपुर प्रखंड में हर ओर दिखाई दे रहा है, जहां 60 से 70 प्रतिशत छात्र विद्यालय नहीं आते हैं। वहीं, रमजान के मौके पर तो छात्र स्कूल के यूनिफॉर्म में विद्यालय नहीं आ रहे हैं। इस पर पदाधिकारी जहां बचाव मोड में हैं, वहीं भाजपा हमलावर है। यह जामताड़ा के नारायणपुर प्रखंड का पोखरिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय का हाल है, जहां रमजान पर स्कूल ड्रेस से छात्रों ने तौबा कर लिया है। यहां रंग-बिरंगे वस्त्र में छात्र पढ़ने आते हैं। इसे जिला शिक्षा पदाधिकारी अज्ञानता बता कर बात को टाल रहे हैं। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष सोमनाथ सिंह ने इस पर शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक इरफान अंसारी को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने सरकार से राष्ट्रहित में पहल करने की मांग की है। पोखरिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 612 छात्र नामांकित है। बावजूद इसके कि यहां मात्र 100 के आस-पास छात्रों की उपस्थिति है। ऐसे में सरकार की कल्याणकारी योजनाएं का लाभ सभी छात्रों को नहीं मिल रहा है। लिहाजा ग्रामीण और बीजेपी नामांकन में बंदरबांट करने का आरोप लगा रहे हैं, जिस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी विभाग के बचाव में उतरे हैं। स्कूल जो विद्या का केंद्र होता है, जहां बच्चे सामाजिक और नैतिक ज्ञान की प्राप्ति करते हैं, अगर वहां भी नियमों का उल्लघंन होता रहेगा तो इससे छात्र क्या सीखेंगे। आखिर कब तक ऐसे ही स्कूलों के नाम पर, सरकारी योजनाओं के नाम पर लोग भ्रष्टाचार करते रहेंगे और अपनी रोटी सेकते रहेंगे। जामताड़ा के इस विद्यालय का हाल देखने के बाद यह सवाल लाजमी है। फिलहाल, पदाधिकारी किसी भी तरह के बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। नियोजन नीति को लेकर राज्य के विभिन्न छात्र संगठनों ने 10 अप्रैल को झारखंड बंद बुलाया है। इससे पहले आठ अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इस बात का निर्णय रविवार को छात्र संगठनों की मोरहाबादी के ऑक्सीजन पार्क में हुई बैठक में लिया गया।बैठक के बाद बताया गया कि मुख्यमंत्री आवास घेराव और झारखंड बंद का झारखंड यूथ एशोसिएशन, झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन, आदिवासी-मूलवासी सामाजिक संगठन सहित तमाम छात्र संगठन भी समर्थन करेंगे।बैठक के बाद छात्र नेता इमाम सफी ने कहा कि हमारा आंदोलन 60/40 वाली नियोजन नीति के खिलाफ है। हम चाहते हैं कि इस पर सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए।उन्होंने कहा कि हमलोग आठ अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास घेराव व 10 अप्रैल को झारखंड बंद करेंगे। यह दोनों आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक रहेगा। आंदोलन में गैर जिम्मेदाराना बयान या अन्य गतिविधि करने वाले असामाजिक तत्वों को आंदोलन से बाहर किया जायेगा। साथ ही कहा कि राज्य बने 22 साल हो गये। इसके बाद भी एक स्थानीय नीति, नियोजन नीति नहीं बनी है। अगर कोई नीति बना भी तो न्यायालय द्वारा रद्द हो गई। नीति के कारण नियुक्ति रूकी हुई है।सफी ने कहा कि वर्ष 2017 से कोई प्रतियोगिता परीक्षा नहीं हो सकी है। कुछ हुई वो भी विवादों में रही। झारखंड में बेरोजगारों की फौज तैयार हो गयी है। बेरोजगारी से पलायन व आत्महत्या की संख्या बढ़ गई है। लाचार- बेबस छात्र आन्दोलन करने को मजबूर हैं। छात्र लाठीचार्ज व फर्जी केस-मुकदमा की चक्कर में फंसते जा रहे हैं। झारखंड के युवाओं का भविष्य अंधकारमय है। इसी वजह से छात्र झारखंड बंद करने को मजबूर हैं। बैठक में छात्र नेता मनोज यादव, झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के देवेंद्र नाथ महतो, युगल भारती आदि मौजूद थे।
टीम एबीएन, खूंटी। तोरपा में रविवार को प्रखंड स्तरीय सरहुल महोत्सव पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रखंड मुख्यालय स्थित सरना स्थल पर पाहनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद सरहुल की भव्य शोभा यात्रा निकाली। शोभायात्रा प्रखंड मैदान से शुरू होकर मेेन रोड होते हुए हिल चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा स्थल तक गयी।सरहुल महोत्सव की विशेषता रही कि इसमें न सिर्फ सरना धर्मावलंबी शामिल हुए, बल्कि अपना पारंपरिक धर्म छोड़कर ईसाई बन चुके लोगों ने भी बड़ी संख्या में सरहुल पूजा में पारंपरिक आदिवासी पोशाक में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समारोह के मुख्य अतिथि विधायक कोचे मुंडा ने कहा कि सरहुल सिर्फ आदिवासियों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता का पर्व है। उन्होंने कहा कि सरहुल मानव और प्रकृति के अटूट संबंध को और प्रगाड़ करने और प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है। साथ ही कहा कि हमें किसी भी हाल में अपने धर्म, संस्कृति और परंपरा को बचाकर रखना है।कार्यक्रम में संतोषी टोपनो, विनोद धान, दीपक तिग्गा, सुशीला कंडुलना, श्रेया कंडुलना, रोशन कंडुलना, रेडा पाहन, रामध्यान सिंह, संतोष जायसाल, विनोद भगत, चोंगे पाहन, मोगला पाहन सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
टीम एबीएन, गुमला। जिले के बसिया थाना क्षेत्र के लुंगटु पंडरा टोली में हुए तिहरे हत्याकांड का बसिया पुलिस ने उद्भेदन करते हुए हत्यारोपित एनोस कंडुलना को गिरफ्तार कर रविवार को गुमला जेल भेज दिया।इस संबंध में बसिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद लागुरी ने बसिया थाने में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि आरोपित देवर एनोस कंडुलना ने एलआईसी से मिले पैसे के बंटवारे को लेकर भाभी एवं दो भतीजों की हथौड़े से मारकर हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि मृतका पूनम कंडुलना के पति नुवेल कंडुलना की 2017 में मृत्यु हुई थी, जिसको एलआईसी में एक पॉलिसी से कुल 11 लाख रुपये मिले थे। पूनम अपने दो बेटों के साथ रहती थी, जिनका देखरेख उसका देवर विश्राम कंडुलना करता था।घटना के दिन 29 मार्च को भी पैसे के बंटवारे को लेकर दोनों में नोकझोंक हुई थी। एनोस ने हथौड़े से पूनम पर वार कर दिया। उसके बेटे पवन कंडुलना ने घर में रखे चाक़ू से चाचा एनोस कंडुलना पर वार कर दिया। तब एनोस ने भाभी पूनम कंडुलना, भतीजे पवन कंडुलना एवं अर्पित कंडुलना तीनों को मौत के घाट उतार दिया और तीनों शवों को गोबर गड्ढे में डालकर ढंक दिया।दो दिनों तक जब पूनम एवं उसके बच्चों का कहीं पता नहीं चला तब उसके मायके वाले शनिवार को लुंगटु पंडराटोली गांव पहुंचे, जहां गोबर गड्ढ़े से आ रही दुर्गंध से उन्हें शक हुआ। इसी बीच आरोपित एनोस भागने लगा। ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़ कर कड़ाई से पूछताछ की गयी तो वह टूट गया एवं हत्या करने की बात कबूल कर लिया। घटना की सूचना बसिया पुलिस को दी गयीं।सूचना पर पहुंचे बसिया थानेदार छोटु उरांव, एसआई प्रदीप रजक, एसआई मंटू गुप्ता, एसआई अजय रजक, एसआई विनोद टोप्पो सहित सशस्त्र बल ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुदाली, हथौड़ा एवं खून लगे कपड़े तथा तीनों मृतकों के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेज दिया।
टीम एबीएन, रामगढ़। शाश्वत इंस्टीच्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन, हुटूप, इरबा, रांची में त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आज दूसरा दिन है, जिसमें देश और विदेश के विभिन्न प्रतिभागियों ने मंच पर और ऑनलाईन व्यवस्था से अपनी उपस्थिति दर्ज की, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में शिक्षकों की भूमिका पर अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न के द्वारा स्वागत किया गया। आज के संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ एके सज्जन, जमशेदपुर, अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ एमके सिन्हा, प्राचार्य, डीएवी हेहल, रांची। संगोष्ठी में विशिष्ट उद्गार डॉ चमन सिंह ठाकुर, जम्मू, डॉ आरके शर्मा, डीएसडब्ल्यू रांची, डॉ सुनिता कुमारी, हिवि रांची, डॉ अजित सिंह, (गया) विदेशी वक्ताओं में नीलू गुप्ता (कैलिफॉर्निया), डॉ कंचना झा, नेपाल, डॉ मिक्को विता माक्की, फिनलैंड, श्री अमित कुमार झा फिनलैंड, मैडम अर्चना पाण्डेय, फिनलैंड, डॉ इला प्रसाद (यूएसए) डॉ विवेक मणि त्रिपाठी, (हांगकांग, चीन) ने अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ कमल कुमार बोस, रांची के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ जंग बहादुर पाण्डेय, कॉलेज के अध्यक्ष श्री अनिल शर्मा, कॉलेज प्रबंधक डॉ आनंद जी, प्राचार्य डॉ विनोद कुमार राय तथा कॉलेज के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षणेतर कर्मचारियों तथा छात्र एवं छात्राओं ने सहभागिता प्रस्तुत की।
टीम एबीएन, कर्रा। लोधमा बिनगांव आरसी चर्च में फादर सोलोमन बरवा ने पवित्र मिस्सा बलिदान के द्वारा खजूर एतवार पर ख्रीस्त विश्वासी अपने हाथों में खजूर की डालियां लेकर यीशु मसीह का जय- जयकार किया। पवित्र बाइबल के अनुसार प्रभु यीशु की आराधना 2000 वर्ष पहले येरूसालेम में यहूदियों लोग रास्ते में खजूर की डालियां बिछाकर और कपड़े बिछाकर गधे में बैठकर आये प्रभु यीशु की जय जयकार किये थे कि प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाया जायेगा और वह 3 दिन के बाद मृत्यु से जी उठेंगे।येरेमेयस नबी के द्वारा भविष्यवाणी किया गया था और वही हुआ। प्रभु तीसरे दिन जी उठे। उसी की याद में आज विश्व भर में ख्रीस्त समुदाय प्रभु यीशु की जय-जयकार खजूर की डलिया लेकर करते हैं कि यीशु ही जीवन और पुनरुत्थान है।
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