टीम एबीएन, रांची। सुबह से ही रांची बंद का असर भरपूर दिखा। इस दौरान राजधानी के कई चौक और चौराहों पर आदिवासी संगठन के लोग नजर आ रहे थे। इसके अलावा उन्होंने रोड जाम कर आवागमन बाधित कर दिया गया था। बता दें कि सरना झंडा के अपमान के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने रांची बंद का आह्वान किया था, जिसका व्यापक असर देखा गया। झारखंड पाहन महासंघ और अन्य आदिवासी संगठनों ने 8 अप्रैल को प्रस्तावित बंद को लेकर संगठन के लोग सड़क पर उतरे थे। जिस कारण राजधानी में सुबह में खुली दुकानों को उन्होंने बंद कराया। बिरसा चौक बायपास रोड के पास आदिवासी संगठन के लोगों ने भारी संख्या में आकर जाम कर दिया, जिस वजह से आम लोगों को काफी परेशानी हुई।इससे पहले शुक्रवार शाम को ही आदिवासी संगठनों ने मशाल जुलूस निकालकर बंद करने की घोषणा की थी। जिसको लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे। केंद्रीय सरना समिति, राजी प्रार्थना महासभा सहित विभिन्न आदिवासी संगठनों ने रांची बंद का आह्वान किया था। इसको लेकर रांची पुलिस की तरफ से 40 मजिस्ट्रेट और 800 पुलिसकर्मियों को पूरे शहर में तैनात किया। इतना ही नहीं प्रोफेशनल फोटोग्राफरों को भी मौके पर तैनात कर उनसे वीडियोग्राफी कराई जा रही थी। जिससे उपद्रव करने वालों से बाद में निपटा जा सके। लालपुर थाना अंतर्गत लोअर करमटोली में लगे एक जमीन पर लगे सरना झंडा का अपमान किया था। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान को अपमानित करने की कोशिश की गयी थी। इसको लेकर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।
शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद छात्रों का आंदोलन स्थगितटीम एबीएन, रांची। झारखंड में नियोजन नीति के विरोध में छात्रों का झारखंड बंद अब 10 अप्रैल के बजाय 19 अप्रैल को होगा। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के निधन की वजह से फिलहाल इस आंदोलन को टालने का छात्रों ने निर्णय किया है।नियोजन नीति को लेकर 10 अप्रैल को होने वाला झारखंड बंद स्थगित कर दिया गया है। राजधानी के मोरहाबादी मैदान में छात्रों ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का असमय निधन से झारखंड के मूलवासी छात्र शोकाकुल हैं। जगरनाथ महतो एक ऐसे नेता थे जो 1932 खतियान आधारित स्थानीय और नियोजन नीति के पक्षधर थे। उनके सम्मान में 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास घेराव और 10 अप्रैल का झारखंड बंद स्थगित करते हुए 17 अप्रैल से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही वो 19 अप्रैल को झारखंड बंद कर छात्र राज्य सरकार के 60-40 नियोजन नीति का विरोध करेंगे।मीडिया के साथ बात करते हुए छात्र नेता मनोज यादव और देवेंद्र नाथ महतो ने इसकी घोषणा की। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार की इस नियोजन नीति से छात्र बेहद नाराज हैं और जब तक 1932 खतियान आधारित स्थानीयता लागू नहीं हो जाती हमारा आंदोलन जारी रहेगा। बता दें कि छात्र इससे पहले सोशल मीडिया पर आंदोलन और बजट सत्र के दौरान विधानसभा घेराव कर अपनी नाराजगी का इजहार कर चुके हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 : जानें कैसी है नगर निगम की तैयारीटीम एबीएन, रांची। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 का आयोजन आगामी 3 महीनों में होने वाला है। देशभर में होने वाले सर्वेक्षण में राजधानी रांची एक बार फिर फिसड्डी साबित हो सकती है। आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 को लेकर निगम का रवैया उदासीन है। शहर के गली मोहल्लों में कचरे का अंबार जमा हुआ है। वहीं डोर टू डोर कचरा उठाने वाली कंपनी का अब तक चयन नहीं हो पाया है।कचरे के निस्तारण को लेकर उठाये गये कदम बेहद धीमी है। यूज वाटर या कहे के गंदे जल को लेकर सीवरेज ड्रेनेज एवं फिल्ट्रेशन का निर्माण ठंडे बस्ते में है। इस बार होने वाला स्वच्छता सर्वेक्षण कुल 9500 अंको का है। जहां सबसे पहले सिटीजन फीडबैक लिये जायेंगे, जो पुल 2475 अंकों का है। जिसमें कचड़े के उठाव से लेकर उसका निस्तारण, गीला कचरा सूखा कचरा के साथ-साथ प्लास्टिक को अलग करना, गंदे जल का निकासी और उसका फिल्ट्रेशन लेकिन राजधानी की तस्वीर ठीक उलट है। कचरे के उठाव से लेकर वॉटर फिल्ट्रेशन तक की व्यवस्था अब तक नहीं हुई है। राजधानी के झिरी डंपिंग यार्ड में पिछले 20 सालों के अंदर लगभग 40 एकड़ में 600 टन से भी ज्यादा कचड़ा जमा हो गया है। मालूम हो कि झिरी में कूड़ा निष्पादित करने की योजना पिछले 10 वर्षों से बन रही है। जिसकी शुरुआत में 2010-11 में ए टू जेड कंपनी ने काम लिया था, लेकिन बाद में उसे टर्मिनेट कर दिया गया।2014-15 में एस्सेल इंफ्रा नाम की कंपनी में काम लिया पर उसने काम छोड़ दिया फिर जाकर सीडीसी नाम की कंपनी आयी लेकिन 1 साल के बाद ही वह निकल गयी। अब गेल कंपनी इसे बना रही है, जिसे दिसंबर 2022 में ही पूरा हो जाना था लेकिन काम इतना धीमा चल रहा है अभी इस समय 4 से 5 साल और लगेंगे। बता दें कि सफाई के मामले में 2019 से पहले रांची तीसरे नंबर पर थी फिर यह खिसक कर 38 पहुंच गये और 34 नंबर पर है।
टीम एबीएन, रांची। साहिबगंज जिले में कथित रूप से एक हजार करोड़ के अवैध पत्थर खनन मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय रांची (ईडी) की टीम दो दिनों तक अवैध खनन से संबंधित पत्थर खदानों की ड्रोन कैमरा के माध्यम से जांच-पड़ताल करने के बाद तीसरे दिन डीसी रामनिवास यादव एवं एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा को पत्र देकर वापस रांची लौट गयी है।जाते-जाते ईडी की टीम ने अवैध खनन जारी रहने का पुख्ता सबूत देकर उपायुक्त एवं एसपी को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ईडी की 4 सदस्य टीम रांची प्रवर्तन निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर देवव्रत झा के नेतृत्व में बीते-दिनों बुधवार को साहिबगंज आई थी, जो शुक्रवार को लगभग 11 बजे वापस रांची लौट गयी है।ईडी की टीम बुध वार को साहिबगंज पहुंचकर मांडरो अंचल के नींबू पहाड़, डिब्बा पहाड़ आदि मौजा में जाकर फिर एक बार खनन क्षेत्रों का दौरा किया था। दौरे के क्रम में मंडरो अंचल स्थित सिमरिया मौजा के नींबू पहाड़ पर प्लॉट नंबर 69 पी70 पी71 पी73 में अवैध खनन जारी पाया है। वहीं ईडी के पदाधिकारियों के अनुसार पूर्व में ईडी की टीम साहिबगंज आयी थी, तो उक्त प्लॉट का सर्वे किया था। फिर एक बार अवैध खनन किये जाने की सूचना पर इस की जांच के लिए ड्रोन से मापी की गयी अवैध खनन के कई सबूत ईडी को यहां पर मिले हैं। इतना ही नहीं अवैध खनन में विस्फोटक के इस्तेमाल का भी सबूत ईडी को मिला है। अवैध खनन के लिए बारूद का इस्तेमाल-सबसे पहले अवैध खनन की जांच कर रही ईडी की टीम 25 जुलाई 2022 से 29 जुलाई 2022 के बीच अवैध खनन का सर्वे किया था। फिर एक बार बुधवार को साहिबगंज पहुंची ईडी की टीम को करीब 8 माह बाद भी सिमरिया मौजा के नींबू पहाड़ी इलाके में अवैध खनन के सबूत मिले हैं। इतना ही नहीं, अवैध खनन में विस्फो टक इस्तेमाल का भी सबूत मिला है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में आज (शनिवार) तड़के मंडा पूजा में नाच-गाना के दौरान की गई फायरिंग से अफरातफरी मच गयी। गोली लगने से दो युवक घायल हो गए। यह वारदात इटकी थाना क्षेत्र में हुई है।इटकी पुलिस के मुताबिक गोली लगने से रवि नायक और अमन लकड़ा घायल हो गये। इनमें से एक इलाज रिम्स और दूसरे का बेड़ों अस्पताल में चल रहा है। गोली दोनों युवकों के पैरों में लगी है। गोली चलाने वाला हथियारबंद व्यक्ति फरार है। घटना की जांच की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम खुशगवार बना हुआ है। मौसम विभाग की माने तो 10 अप्रैल के बाद से पारा चढ़ने लगेगा और लोगों को गर्मी का अहसास होने लगेगा। ऐसे में ईटीवी भारत ने रांची को पानी सप्लाई करने वाले तीन डैमों में से एक कांके डैम की स्थिति जानने की कोशिश की।यहां एबीएन की टीम को बताया गया कि पिछले वर्ष अप्रैल के पहले सप्ताह की अपेक्षा इस वर्ष 01 फीट पानी कम जरूर है, लेकिन जितना पानी अभी है वह अगले 200 दिन यानि साढ़े छह महीने तक निर्बाध जलापूर्ति के लिए पर्याप्त है।कांके डैम के संदीप कुमार ने बताया कि 28 फीट की क्षमता वाले कांके डैम में अभी 19.9 फीट पानी है, जबकि पिछले वर्ष इसमें 20.9 फीट पानी था। उन्होंने बताया कि वाटर लेवल 07 फीट तक जाने तक पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में 12.9 फीट पानी उपयोग के लायक है। उन्होंने एबीएन से बातचीत में बताया कि यह पानी अगले 200 दिनों तक जलापूर्ति के लिए पर्याप्त है।कांके डैम जलापूर्ति योजना के पदाधिकारी संदीप के द्वारा दी गयी जानकारी इसलिए राहत देने वाली है, क्योंकि झारखंड में 10 से 20 जून के बीच में मानसून का आगमन हो जाता है। ऐसे में राज्य में मानसून आने में ज्यादा से ज्यादा ढाई तीन महीना ही है। ऐसे में कहा जा सकता है कि कांके डैम में पानी की कोई कमी नहीं होने वाली है। पिछले वर्ष मानसून के शुरुआती दिनों में बारिश कम होने से डैम में पानी कम भरा था, लेकिन अंतिम समय में हुई जोरदार बारिश की वजह से डैम 2022 में लबालब भर गया, जिसके बाद बल्कि सुरक्षा कारणों से तीन-चार बार डैम का गेट खोलकर डैम का पानी निकाला गया।इसलिए पिछले वर्ष की अपेक्षा एक फीट कम होने के बावजूद अगले 200 दिनों के लिए पर्याप्त पानी कांके डैम में है।
जगरनाथ महतो का पार्थिव शरीर लाया गया था विधानसभासीएम सहित अन्य विधायकों ने दी श्रद्धांजलि टीम एबीएन, रांची। संसार को अलविदा कह राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो "टाइगर" ने सबसे विदा ले लिया। टाइगर कहे जाने वाले राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का शुक्रवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट पहुंच गया था। वहां से सीधा पार्थिव शरीर झारखंड विधानसभा लाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। जगरनाथ महतो के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ तिरंगे में लपेटकर लाया गया। जगरनाथ महतो को याद करके सभी गमगीन हो गये। जहां विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता, चंपई सोरेन, आलमगीर आलम, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी, विधायक सरयू राय, विनोद सिंह, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, विधायक अनूप सिंह समेत कई विधायक और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।विधानसभा से जगरनाथ महतो का पार्थिव शरीर हरमू स्थित झामुमो के केंद्रीय कार्यालय में अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए ले जाया गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित अलार्म गांव ले जाया गया, जहां दोपहर 1 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में सीएम हेमंत सोरेन भी शामिल रहे। मुखाग्नि उनके पुत्र अखिलेश महतो उर्फ राजू महतो ने दी।
पहाड़ी मंदिर को विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी समेत मिला 9 लाख कैशटीम एबीएन, रांची। रांची के पहाड़ी मंदिर पूरे झारखंड में काफी प्रसिद्ध है। लोग यहां सालभर दूर-दूर से पूजा अर्चना करने आते हैं। साथ ही दान पेटी में भी अच्छी खासी रकम दान देते हैं। इस बीच मंदिर कमेटी ने दान पेटी को खोलने का निर्णय लिया। बता दें कि यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।पहाड़ी मंदिर समिति कोषाध्यक्ष उत्तम ने abnnews24.com को बताया कि हमने मंगलवार को पहाड़ी मंदिर की दान पेटी को खोला, जिसमें अच्छी खासी नगदी, सोने और चांदी के आभूषण समेत कई चीजें मिली हैं। यह रकम गरीबों के कल्याण और मंदिर के मेंटेनेंस में खर्च होती है।उत्तम कुमार ने बताया कि दान पेटी में विदेशी मुद्रा के साथ साथ सोने चांदी के 12 नाग मिले हैं। इसके अलावा सफेद धातु की एक अंगूठी, एक बिछिया, 9 बजरंगबली, एक बेलपत्र, एक नेत्र और एक नथुनी भी मिली है। इसके अलावा दान पेटियों से नोटों की गिनती के दौरान 9,17,600 रुपये नगद भी मिले हैं, जिसमें 1,30,100 के सिक्के शामिल हैं।उत्तम कुमार ने बताया कि एसडीओ के निर्देश पर कार्यपालक दंडाधिकारी साधना जयपुरिया और कोषाध्यक्ष के नेतृत्व में दान पेटी में रखे पैसे की गिनती की गयी। गिनती के बाद सिक्के और नोटों को कार्यालय में रखे बक्से में सील कर दिया है।
हमारे जीवन में सब कुछ ईश्वर की इच्छा से होता है : फादर थॉमसटीम एबीएन, लोहरदगा। उपनगरीय क्षेत्र पतराटोली स्थित संत बरनादेत चर्च परिसर में पुण्य शुक्रवार के मौके पर क्रूस रास्ता का आयोजन किया गया। मौके पर मुख्य अनुष्ठाता फादर थामस पावथिल, सहायक फादर वीरेंद्र खलखो, फादर जॉर्ज टोप्पो, फादर लुक्स रुंडा व फादर देवनीश एक्का ने अनुष्ठान संपन्न कराया।मौके पर फादर थॉमस पावथिल ने कहा कि आज के ही दिन प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया जाता है। आज के ही दिन प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया था और वह दिन शुक्रवार का ही दिन था। मौके पर क्रूस रास्ता के साथ धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। क्रूस रास्ता की झांकी युवा संघ ने निकाली। क्रूस रास्ता के दौरान यीशु के दुख और वेदना को याद किया गया, मौके पर युवा संघ ने गीत का संचालन किया। मसीही विश्वासियों को संबोधित करते हुए फादर थामस पावथिल ने कहा कि ईश्वर ने संसार को इतना प्यार किया है कि अपने इकलौते पुत्र को दुनिया में भेजा। आज हमने प्रभु यीशु के क्रूस यात्रा को याद किया। हमारे जीवन में सब कुछ ईश्वर की इच्छा से होता है। प्रभु अपने पिता की इच्छा के अनुसार अपना जीवन हमारे लिए त्यागे। प्रभु यीशु ने अपने दुख को स्वीकारा और सहा। हम अपने जीवन को प्रभु यीशु को चढ़ायें। प्रार्थना करते रहें हमारी अच्छाई एवं भलाई को नहीं त्यागी सत्य के साथ रहे। हमें ईश्वर की इच्छा पूरी होने के लिए इंतजार करना है। हमें ईश्वर जीना सिखाते हैं। हमें अपने दिल में दया और करुणा रखें, विश्वास रखें। मौके पर परम प्रसाद का वितरण भी किया गया। आज के कार्यक्रम में राजू बर्नाड कुजूर, राजन कुजुर, सुनील खाखा, कुलदीप किंडो, अगुस्तिना टोपनो, फ्रेडी कुजूर, नरेंद्र मिंज, अशोक तिग्गा, रिमिजुइस केरकेटा, प्रदीप खेस, इग्नासीयूस, फ्रांसिस भेंगरा, अरविंद कुजूर, आश्रिता ठिथियो, अंजली सुधा मिंज, बसंती, रूबी कुजूर, आभा, रश्मि कुजूर, रंजीत किंडो, जेवियर लकड़ा, अजय कुजुर, अनूप तिर्की, विकास लाकड़ा, अंसल भेंगरा, अमित कुजुर क्रूस यात्रा झांकी में यीशु की भूमिका में विनीत तिग्गा, सैनिक की भूमिका में अतुल कछप, रेमंड खलखो, आदित्य खेस, उत्कर्ष पोल कुजूर, राज रोशन, सिमोन होरो, शौर्य वैभव, अमन कुजूर, माता मरिया के रूप में रश्मि कुजूर, सिरिणी सिमोन के रूप में रितेश लकड़ा, सहायक के रूप में अमन टोपनो, अमित कुजूर, अरविंद तिर्की, वेरोनिका के रूप में आभा वहीं झांकी के निर्देश के रूप में जेवियर लकड़ा शामिल थे।वहीं मौके पर मेरी नीति मोहन, श्रीनि सी मोर, हेनरी सिमोन, रितेश लगड़ा, सहायक अमर शोपनो, अमित कुमार, अरविंद तिर्की, वेरोनिका के रूप में आभा जबकि निर्देशक के रूप में जेब्रा शामिल थे।
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