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पलामू : स्टोन माइंस में तोड़फोड़ के बाद पुलिस पर हमले का प्रयास
Published / 2023-04-16 11:41:44
पलामू : स्टोन माइंस में तोड़फोड़ के बाद पुलिस पर हमले का प्रयास

टीम एबीएन, पलामू। स्टोन माइंस में तोड़फोड़ के बाद पुलिस पर लाठी डंडों से हमले का प्रयास हुआ है। इस हमले के बाद पुलिस ने कई नेता और ग्रामीणों खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। पूरे मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज किये गये हैं और एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया है। इस घटना में स्टोन माइंस के कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। यह पूरी घटना पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के कुहकुह कला की है। दरअसल, कुहकुहकला में स्टोन माइंस संचालक और स्थानीय के बीच विवाद चल रहा था। इसी बात के बीच वामदल और अन्य संगठन के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक की थी। इस बैठक के बाद माइंस में तोड़फोड़ हुई थी। इस घटना के बाद माइंस संचालक ने स्थानीय ग्रामीण और कुछ नेताओं खिलाफ एफआईआर करवायी थी। एफआईआर के कुछ घंटों के बाद फिर से स्थानीय ग्रामीण एकजुट हुए और स्टोन माइंस पर हमला कर दिया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के साथ ग्रामीणों की हल्की सी झड़प भी हुई है। इस दौरान पुलिस पर लाठी-डंडे से हमला हुआ है।पुलिस ने पूरी घटना का वीडियोग्राफी किया है। इस हमले में पुलिस को कोई नुकसान नहीं हुआ है। नौडीहा बाजार के थाना प्रभारी अमन कुमार ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले में 12 से 15 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की और आगे की कार्रवाई कर रही है। पूरे मामले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के रुचिर तिवारी, केडी सिंह, सूर्यपत सिंह, संतोष विश्वकर्मा, संजय विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा, नथुनी विश्वकर्मा समेत कई लोगों के एफआईआर दर्ज किया गया है। सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 332, 353, 323, 307, 427, 120(बी) की धारा लगायी गयी है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि संचालक ने फर्जी तरीके से उनकी जमीन को लीज लिया है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं।

ट्रांसफार्मर में लगी आग, दो दुकान के लाखों का सामान खाक
Published / 2023-04-16 11:36:54
ट्रांसफार्मर में लगी आग, दो दुकान के लाखों का सामान खाक

टीम एबीएन, रामगढ़। जिले के सौदागर मोहल्ला जाने वाले मोड़ पर लगे ट्रांसफार्मर में अचानक चिंगारी के बाद भीषण आग लग गयी और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। ट्रांसफार्मर से सटे दो दुकान भी आग की चपेट में आ गये और उसमें रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में बिजली काट दी गयी और जब तक इन दोनों ट्रांसफार्मर और केबल को ठीक नहीं किया जाता, तब तक इस पूरे इलाके में बिजली नहीं आयेगी। घटना की जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची और आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन जब तक आग बुझ पाती, तब तक ट्रांसफार्मर सहित दोनों दुकान और आसपास के तार (केबल) बुरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। दुकान के मालिक रुस्तम ने बताया कि मेट्रो टेलर और मदन टेलर में ट्रांसफार्मर के शाॅर्ट सर्किट के कारण आग लग गयी, जिससे पूरा दुकान जलकर राख हो गया।

नामकुम : लापता नाबालिग छात्राओं की जांच में जुटी पुलिस
Published / 2023-04-16 10:56:59
नामकुम : लापता नाबालिग छात्राओं की जांच में जुटी पुलिस

टीम एबीएन, रांची। रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के तेतरीढोली कैलाश नगर में रहनेवाली दो नाबालिग छात्राएं घर से लापता हैं। दोनों की उम्र लगभग 14-15 वर्ष है और लोवाडीह स्थित कार्मेल स्कूल की छात्रा है। पहली छात्रा ने मैट्रिक की परीक्षा इसी वर्ष दी है और दूसरी सातवीं कक्षा में है। दोनों के परिजनों ने थाना में लिखित शिकायत की है। दूसरी नाबालिगं छात्रा अपने घर में रखे जेवर एवं कुछ नगद रुपये भी साथ में ले गई है। पुलिस शिकायत के आधार पर छानबीन में जुटी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अन्य संभावित क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि कुछ सुराग हाथ लग सके। नामकुम थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि दोनों की तलाश की जा रही है।

योगदा सत्संग कॉलेज में कल से खेलकूद प्रतियोगिता
Published / 2023-04-16 10:40:45
योगदा सत्संग कॉलेज में कल से खेलकूद प्रतियोगिता

टीम एबीएन, रांची। रांची के योगदा सत्संग महाविद्यालय में 17 और 18 अप्रैल को वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। विभिन्न खेल स्पद्धाओं में 218 छात्र-छात्राओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

पलामू में शुरू हुई जीवन रक्षक क्लिनिक की सेवा
Published / 2023-04-16 10:38:56
पलामू में शुरू हुई जीवन रक्षक क्लिनिक की सेवा

टीम एबीएन, पलामू/ रांची। कम खर्च में समूचित इलाज करना बहुत बडा़ मानवीय धर्म है और इसके लिए जीवन रक्षक क्लिनिक बधाई की पात्र है। यह कहना है राष्ट्रीय परशुराम युवा वाहिनी के प्रदेश कोर कमेटी सदस्य अरजुन पांडेय का। वे रविवार को स्थानीय रेलवे स्टेशन मार्ग में जीवन रक्षक क्लिनिक के उदघाटन समारोह में बोल रहे थे।मौके पर क्लिनिक के संचालक देवेंद्र तिवारी और प्रवीण पाठक ने बताया कि इस क्लिनिक में देश के सभी सुप्रसिद्ध डाॅक्टर का आनलाईन सुविधा उपलब्ध है, जो विडियो कांफ्रेंस के द्वारा मरीज को अपनी सुविधा देंगे। वहीं सरकारी दर पर जांच की सुविधा भी क्लिनिक में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि क्लिनिक में 350 डाक्टर का पैनल मौजूद है जो विभिन्न रोग के विशेषज्ञ हैं और काफी कम लागत पर 24 घंटे मरिजों की सेवा में उपलब्ध है।उदघाटन समारोह में राष्ट्रीय परशुराम युवा वाहिनी के नवीन तिवारी, संतोष तिवारी, मनीष तिवारी, शैलेश तिवारी, विकास दूबे और नीलकमल सहित कई लोग उपस्थित थे।

अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव ने किया था झारखंड से 1857 के विद्रोह का नेतृत्व
Published / 2023-04-15 23:26:00
अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव ने किया था झारखंड से 1857 के विद्रोह का नेतृत्व

शहादत के 165 वर्ष और आजादी की 75 वर्ष हो गये फिर भी आज तक अमर शहीद के परिवार की जब्त जमीन वापस नहीं की गयीछह माह के लिए छोटानागपुर अंग्रेजों से मुक्त हो गया थाआज भी दर-दर भटक रहे हैं अमर शहीद के वंशजलाल सूरज नाथ शाहदेवटीम एबीएन, रांची। रविवार को अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी का 165वां शहादत दिवस है। इनके नेतृत्व में 1857 का झारखंड विद्रोह से ऐसा लगा था जैसे अंग्रेजी हुकूमत पूरी तरह समाप्त हो गया हो।अंग्रेज भारत में व्यापार करने की नीयत से आये थे लेकिन यहां कि धन संपदा और वैभव को देखते हुए उनकी नियत बदल गयी और वे यहां शाषन करने की योजना बना डाला। तत्कालीन भारतीय राजाओं की भूल और आपसी मदभेद के कारण अंग्रेज यहां लगभग 200  सालों तक भारतीयों पर शाषन करने में सफल हुए। उनके खिलाफ कई युद्ध हुए और विद्रोह भी हुआ। उसी में एक विद्रोह हुआ मंगल सिंह पांडेय के नेतृत्व में सैनिक विद्रोह 1857 में। झारखंड भी वीरों की भूमि रही है इस विद्रोह में कहां पीछे  रहने वाला था। ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव  के नेतृत्व में  अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंक दिया गया। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव  का जन्म  12 अगस्त 1817 को बड़कागढ़ की राजधानी सतरंजी में हुआ था। इनके पिता का नाम रघुनाथ शाहदेव तथा माता का नाम वानेश्वरी कुंवर था। राजा एनी नाथ शाहदेव जी के द्वारा उदयपुर और कुंडा परगना को मिलाकर बड़कागढ़ राज्य की स्थापना की गयी  थी। इन्ही की सातवी पीढ़ी में ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी का जन्म हुआ था। जब ये मात्र 23 वर्ष के थे तब इनके पिता की मृत्यु 1840 में हो जाती है और राज्य का कार्य इन्हें संभालना पड़ा। इस समय विश्वनाथ शाहदेव जी ने अपनी राजधानी हटिया स्थित चिरनागढ़ में बनाया। इन्हें मालूम था कि ये नाम मात्र के राजा है सारी शक्तियां तो अंग्रेजों के पास है। अत: बचपन से ही इनके मन मे अंग्रेजों के खिलाफ घृणा का भाव भर गया था। इनका विवाह उड़ीसा के राज परिवार की राजकुमारी वानेश्वरी कुंवर के साथ हुआ था। 1853 में इनके मन मे अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने की इच्छा शक्ति पूरी तरह से परिपक्व हो चुकी थी। ये अपने सैन्य शक्ति को बढ़ाने लगे थे। इन्हें अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने का एक बहाने की तलाश थी। इधर अंग्रेजों का हस्तक्षेप और अत्याचार लगातार बढ़ता ही जा रहा था। 1855 में इन्होंने सारी आशंकाओं को तोड़कर अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह शुरू कर दिया उन्होंने ब्रिटिश सरकार की आदेशों को मानने से इंकार कर दिया तथा स्वयं को एक स्वतंत्र राजा घोषित कर दिया।  इनकी ऐसी घोषणा से अंग्रजी  प्रशासन तिलमिला उठी एवम उन्हें दंड देने के लिए तुरंत अंग्रेजों की एक फौज भेज दी गई। उस वक्त रामगढ़ बटालियन का मुख्यालय डोरंडा ही था ।वहां से सैनिक भेजकर इनके हटिया स्थित गढ़ पर हमला करवा दिया गया घमासान युद्ध हुआ। अंग्रेजों के काफी सैनिक मारे गए और अंग्रेजों को वहां से मुंह की खानी पड़ी और वापस लौट गए । इस लड़ाई में विश्वनाथ  शाहदेव  विजय हुए और वे काफी खुश थे। अंग्रेज इस घटना के बाद झारखंड़ में चुपी साध ली। इस लड़ाई के अभी दो वर्ष बीते भी नहीं थे कि हजारीबाग में 1857 के सिपाही विद्रोह का प्रभाव पड़ा और वहां के सैनिक छावनी में भी विद्रोह का बिगुल फूंक दिया गया। हजारीबाग छावनी में उस वक्त सातवीं और आठवीं बटालियन की पैदल सेना थी। यह सूचना मिलते ही ग्राहम  के नेतृत्व में रामगढ़ बटालियन का दो दस्ता बंदूकधारी और 30 घुंडसवारी सेना विद्रोहियों से हथियार रखवाने के लिए भेजा गया। किंतु सैनिक वहां विद्रोह करने के बाद उनके सरकारी अधिकारियों को कुचलते हुए, कार्यालयों को तोड़ते और आग लगाते रांची की ओर चल पड़े थे। पिठोरिया के पास कुछ अंग्रेजों के मददगारों  ने इन सैनिकों को रोकने का प्रयास किया तो वे लोहरदगा का मार्ग पकड़ लिए थे। मजेदार बात यह हुई कि ग्राहम जिन सैनिकों को लेकर विद्रोहियों को दबाने निकला था उन सैनिकों को जब इस विद्रोह की सूचना मिली तो उनलोगों ने भी जमादार माधो सिंह के नेतृत्व में तत्काल ग्राहम के खिलाफ ही विद्रोह कर दिया था। यह 1 अगस्त 1857 का दिन था ग्राहम कि निजी संपत्ति को लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया। आगे हजारीबाग ना जा कर पुन: ये लोग तोपों के साथ  रांची की ओर ही लौट गये थे। आगे चलकर इनका साथ दिया राजा टिकैत उमराव सिंह,तथा इनके दीवान शेख भिखारी। 2 अगस्त को 2 तोपों के साथ 2:00 बजे दिन में माधव सिंह एवं उनके साथी सैनिक तोपों से गोले छोड़ते हुए अंग्रेजों में भय पैदा करते हुए रांची में प्रवेश किए। ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी को इन लोगों ने एक संदेश भेजा और उन्हें इस विद्रोह का नेतृत्व करने के लिए कहा क्योंकि ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी भी अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह शुरू कर चुके थे उनकी बातें मान ली और  इसे तत्काल स्वीकार कर लिया। रामगढ़ बटालियन के 600 विद्रोहियों का दल उस वक्त रांची में था फिर उनके साथ ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी की सेना भी जुड़ गयी और एक वक्त ऐसा लगा कि  1770 में स्थापित अंग्रेजी शासन का मानो  1857 में अंत हो गया था। डोरंडा में सभी यूरोपियन के  घरों में आग लगा दी गयी थी फाइलें जला दी गई एवं कुएं में डाल दिए गए थे और एक प्रकार से अंग्रेजों को यहां से भागने के लिए विवश कर दिया गया था। रांची का विद्रोह सफल बनाकर अंग्रेजों को समूल नष्ट कर इन सैनिकों ने 11 सितंबर 1857 को  शेरघाटी के लिए प्रस्थान किया। चतरा में मेजर इंग्लिश ने इन विद्रोहियों पर हमला कर दिया। यहां ये विद्रोही कमजोर पड़ गये और कुछ इनके विद्रोही पकड़े गए तो कुछ वहां से भागने में सफल रहे। ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव और  पांडे गणपत राय भागकर लोहरदगा पहुंच गए तो माधव सिंह के बारे में कोई पता नहीं चला। राजा विश्वनाथ शाहदेव पांडे गणपत राय लोहरदगा पहुंचकर फिर से अंग्रेजों के खिलाफ  विद्रोह  प्रारंभ कर दिया था ।अंग्रेजों की परेशानी बढ़ने लगी थी और इन दोनों को पकड़ना उन लोगों ने अपना लक्ष्य बना लिया था। फिर कुछ अपने ही विश्वासघाती लोगों की मदद से अंग्रेज इनको पकड़ने में सफल हो जाते हैं। 16 अप्रैल 1858 को ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव  को आज के शहीद चौक के कदम पेड़ पर  फांसी पर लटका दिया जाता है उसी के 5 दिनों के बाद यानी कि 21 अप्रैल 1858 को पांडे गणपत राय को भी फांसी दे दी जाती है। फांसी होने के बाद अंग्रेजी हुकूमत  ने ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के 97 गांव को अपने कब्जे में कर लिया।  उनके सतरंजी गढ़ एवं हटियागढ़ के किले को ध्वस्त कर दिया गया उनकी सारी चल अचल संपत्ति को जब्त कर ली गयी। ठाकुर साहब की धर्मपत्नी ठकुरानी बाणेश्वरी कुंवर की गोद में उस समय एकमात्र पुत्र जो 1 वर्ष का था ठाकुर कपिल नाथ शाहदेव को लेकर रानी खोरहा जंगल (गुमला जिला) अपने विश्वस्त जनों के साथ भाग गई। रानी को पता था कि अंग्रेजी सरकार उन्हें एवं उनके पुत्र को मारने के लिए तत्पर हो गई है। रानी (ठकुरानी) बाणेश्वरी कुंवर को खोरहा ग्राम में 12 वर्षों तक निर्वासित जीवन व्यतीत किया। इधर अंग्रेज परेशान से हो गये, उन्हें पता चला कि रानी बाणेश्वरी कुंवर कहीं छिप गई है, वे महल के मलवों में  खोजने पर भी नहीं मिली। रानी के कुछ दासी चिरनागढ़ के समीप स्थित रानी चूआं में छलांग लगाकर चिर निद्रा में सो गयी।इधर, 12 वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद ठकुरानी बाणेश्वरी कुवंर अपने पुत्र जो (हिंदू मिताक्षरी  कानून के तहत  वयस्क हो गया था) को आगे कर अंग्रेजों के समक्ष प्रकट हो गई और अंग्रेजी सरकार से बड़कागढ ईस्टेट को वापस करने की मांग की परंतु अंग्रेजी सरकार ने बड़कागढ़ ईस्टेट का संचालन के लिए एक कमेटी सेक्रेटरी आॅफ स्टेट फॉर इंडिया इन काउंसिल बना दी थी। यह कहते हुए कि जिन जागीरदारों एवं  जमींदारों का कोई बारिश नहीं होगा, वैसे जमीनदारी सीधे काउंसिल के तहत हो जाएगी, परंतु ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव का वारिस था इसलिए अंग्रेजों ने कहा कि काउंसिल बड़कागढ़ ईस्टेट का केयरटेकर के रूप में कार्य करता रहेगा ।अंग्रेजों ने व्यवस्था दिया कि बड़कागढ ईस्टेट से जो लगान सेक्रेटरी आॅफ ईस्टेट फोर  इंडिया इन काउंसिल उगाही करती है, उसी में से जीविकोपार्जन के लिए 30 प्रति माह ठाकुरानी बाणेश्वरी कुंवर को दिया जाएगा और मौजा जगन्नाथपुर में मिट्टी का मकान ?500 की लागत से निर्माण करा दी गयी। 165 वर्ष प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का हो गया, 1880 ईस्वी में रानी को 30 और जगन्नाथपुर में मिट्टी का मकान बनवा दिया गया था, इसी ठाकुर निवास बड़कागढ़ जगन्नाथपुर में इनके छठी पीढी  अपने परिवार जनों के साथ निवास करते हैं। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की जब्त की गयी जमीन आज तक उनके वंशजों को वापस नही की गई है। आज अमर शहीद के वंशज अपने जीविकोपार्जन के लिए दर दर भटक रहें है। मिट्टी और एस्बेस्टस के घर दो कमरों में रहने को विवस है। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी की 165 वीं शहादत दिवस पर कोटि कोटि नमन...। (लेखक बड़कागढ़ रैयत जनमंच के महासचिव हैं।)

रेलवे के जनरल टिकट पर यात्री का नाम अंकित हो : भाजपा
Published / 2023-04-15 23:10:28
रेलवे के जनरल टिकट पर यात्री का नाम अंकित हो : भाजपा

भाजपा नेता ने दिया रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापनटीम एबीएन, रांची। अधिवक्ता सह भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुधीर श्रीवास्तव ने भारत सरकार के केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव जी को ज्ञापन देकर मांग की है कि रेलवे के जनरल टिकट में भी यात्री का नाम, उम्र, लिंग के साथ-साथ आधार नंबर भी अंकित होने चाहिए। सुधीर श्रीवास्तव ने ज्ञापन में लिखा है कि हर हर वर्ष भारतीय रेल को रेलवे दावा न्यायाधिकरण के माध्यम से हर वर्ष लगभग 100 करोड़ रुपए मुआवजा के तौर पर वैसे व्यक्ति को देने होते हैं जिनके साथ हादसा होता है। आश्चर्य की बात है कि लगभग 90% रेलवे दावा न्यायाधिकरण में जो केस आते हैं उसमें ज्यादातर सामान्य दर्जे के टिकट को ही आधार बनाकर वादी द्वारा केस दायर किया जाता है जिससे यह पता नहीं चलता है कि वह टिकट मृतक/ घायल/ सहयात्री का ही था या फिर किसी और का था या फिर कहीं से मुवावजा हेतु जोगा किया गया। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों से यात्रा के दौरान टीटी के द्वारा पहचान पत्र की मांग की जाती है और उस पहचान पत्र से टिकट का मिलान भी किया जाता है परंतु जनरल बोगी में सफर करने वाले यात्रियों के जनरल टिकट में नाम, उम्र, लिंग आदि नहीं रहने के कारण जनरल बोगी में यात्रियों का मिलान नहीं हो पाता है यह भारत के आंतरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी उचित नहीं है। अब जबकि हर जगह आधार नंबर अंकित हो रहा है तो इस परिस्थिति में जनरल टिकट में भी यात्री का आधार नंबर अंकित होना चाहिए यदि आधार नंबर नहीं है तो उसका नाम, उम्र, लिंग, पता, फोन नंबर आदि का उल्लेख होना बहुत जरूरी है। यह सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है साथ ही रेलवे को जो करोड़ों रुपए मुआवजे के तौर पर  देने होते हैं उसमें भी भारी कमी आयेगी। इस ज्ञापन की प्रति मंडल रेल प्रबंधक डीआरएम रांची को भी दी गयी है।

आजसू का मिलन समारोह कल
Published / 2023-04-15 23:05:26
आजसू का मिलन समारोह कल

टीम एबीएन, रांची। कल सुबह 10 बजे से हरमू, रांची स्थित आजसू पार्टी मुख्यालय में अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में मिलन समारोह आयोजित की गयी है, जिसमें न्यायिक जगत से जुड़े कई गणमान्य न्यायविद् आजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।मिलन समारोह में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।मौके पर अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण भी होगा। अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों /सदस्यों से आग्रह है की  निर्धारित समय में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनायें। उक्त जानकारी अखिल झारखंड अधिवक्ता संघ के मीडिया प्रभारी मृत्युंजय प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

आइएएस छवि रंजन की बर्खास्तगी का केंद्र को प्रस्ताव भेजें सीएम : बाबूलाल मरांडी
Published / 2023-04-15 19:37:31
आइएएस छवि रंजन की बर्खास्तगी का केंद्र को प्रस्ताव भेजें सीएम : बाबूलाल मरांडी

सेना जमीन घोटाला, बाबूलाल मरांडी का आरोप, छवि रंजन ने कटवा दी सीएम की नाक, बर्खास्तगी का केंद्र को भेजें प्रस्ताव टीम एबीएन, रांची। ईडी की कार्रवाई के बाद सरकार पर चौतरफा दबाव बनने लगा है। झारखंड भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में एक अच्छा मैसेज देने की उम्मीद जतायी है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि आईएएस छवि रंजन के रांची के डीसी रहते आपके सत्ता संरक्षण में जितने भी जमीन घोटाले हुए हैं, उसमें यह अफसर आपका साझेदार और राजदार भी है। सीएम को संबोधित करते हुए उन्होंने ट्वीट किया। मरांडी ने लिखा है कि सेना जैसी संस्था की जमीन बेचवाने वाले इस अफसर को आप बिना विलंब कठोर दंड देकर देश-दुनिया को एक अच्छा मैसेज देने का काम करें। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि अगर आपकी संलिप्तता के आरोपों में दम है, तो फिर आपका भगवान ही मालिक है। बाबूलाल मरांडी का कहना है कि यह मसला देश की सुरक्षा से संबंधित है। इसका हवाला देते हुए केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग से आईएएस छवि रंजन की संलिप्तता की अलग से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पीएमओ, रक्षा मंत्रालय, आईएएस एसोसिएशन और इनकम टैक्स को भी टैग किया है।

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