रामायण के माध्यम से विश्व को दिया सत्य, धर्म और मर्यादा का संदेश : संजय सर्राफ टीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतीय संस्कृति और साहित्यिक परंपरा में महर्षि वाल्मीकि का स्थान अत्यंत गौरवपूर्ण है। संस्कृत साहित्य के आदिकवि एवं महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती प्रतिवर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनायी जाती है। इस वर्ष बाल्मीकि जयंती 26 अक्टूबर दिन सोमवार को मनाया जायेगा। इस अवसर पर देशभर में पूजा-अर्चना, रामायण पाठ, भजन-कीर्तन, शोभायात्राओं तथा सामाजिक सेवा के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना कर भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, माता सीता के त्याग, भ्रातृप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और धर्मपालन की महिमा को जन-जन तक पहुंचाया। रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, पारिवारिक मर्यादा और आदर्श जीवन का अनुपम मार्गदर्शक भी है। इसकी शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, न्याय, करुणा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि का पूर्व नाम रत्नाकर था। कहा जाता है कि वे प्रारंभ में लूटपाट करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक दिन उनकी भेंट देवर्षि नारद से हुई। नारद जी ने उनसे पूछा कि जिन परिजनों के लिए वे पापकर्म कर रहे हैं, क्या वे भी उनके पापों में भागीदार बनेंगे? इस प्रश्न ने रत्नाकर को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। अपने कर्मों का बोध होने पर उन्होंने तपस्या का मार्ग अपनाया। दीर्घकालीन साधना के दौरान उनके चारों ओर दीमकों ने बाँबी बना ली। संस्कृत में बांबी को वाल्मीकि कहा जाता है, इसी कारण वे महर्षि वाल्मीकि के नाम से प्रसिद्ध हुए। महर्षि वाल्मीकि की जीवनगाथा आत्मपरिवर्तन, ज्ञान, तपस्या और सदाचार की अनुपम प्रेरणा देती है। परंपरागत मान्यता के अनुसार, माता सीता ने उनके आश्रम में आश्रय लिया था, जहां लव-कुश का जन्म हुआ और महर्षि ने उन्हें शिक्षा प्रदान की। यह जयंती हमें संदेश देती है कि मनुष्य अपने विचारों और कर्मों में परिवर्तन लाकर महानता प्राप्त कर सकता है। सामाजिक समरसता,शिक्षा, मानवता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना इस पर्व का प्रमुख उद्देश्य है। महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाकर ही हम एक सुसंस्कृत, सद्भावपूर्ण और आदर्श समाज के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
नवयुवक काली पूजा समिति का पांच दिवसीय महोत्सव; विशेष पूजा, भव्य जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण डॉ. धीरज सिंह सूर्यवंशी (बिनु) टीम एबीएन, रांची। मां काली की आराधना, भारतीय संस्कृति की गरिमा और सामाजिक एकजुटता का संदेश लेकर नवयुवक काली पूजा समिति, धुर्वा एक बार फिर भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने जा रही है। 7 से 11 नवंबर 2026 तक सेक्टर 2, साईट 5, महावीर मंदिर के निकट पांच दिवसीय आयोजन भक्ति, शक्ति उपासना, संगीत और सांस्कृतिक उल्लास का केंद्र बनेगा। वर्ष 2003 में स्थापित समिति की यह निरंतर परंपरा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है। प्रेस वार्ता के बाद आयोजित कोर कमेटी की बैठक में कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा पदाधिकारियों के दायित्वों पर चर्चा की गयी। समिति का संकल्प आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाना है। पांच दिन, पांच रंग—भक्ति, साधना और संस्कृति का संगम 7 नवंबर: मां काली की प्रतिमा स्थापना के साथ महोत्सव का शुभारंभ। 8 नवंबर: काली पूजा का विशेष धार्मिक अनुष्ठान। 9 नवंबर: भव्य जागरण में भक्ति और आराधना की स्वरमयी प्रस्तुति। 10 नवंबर: सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारतीय परंपरा और प्रतिभाओं का उत्सव। 11 नवंबर: प्रतिमा विसर्जन के साथ पाँच दिवसीय महोत्सव का समापन। आस्था ही शक्ति, एकजुटता ही पहचान डॉ. संजय सिंह, संरक्षक ने कहा कि मां काली की आराधना शक्ति, साहस और धर्मनिष्ठा का प्रतीक है। वर्ष 2003 से निरंतर चली आ रही समिति की परंपरा समाज को आस्था और एकजुटता के सूत्र में जोड़ती है। यह आयोजन धार्मिक चेतना को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। मुन्ना सिंह, अध्यक्ष ने कहा कि समिति इस वर्ष भी मां काली की पूजा को भव्यता, श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पांच दिवसीय महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठान, जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण होंगे। क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं की सहभागिता से यह आयोजन सामाजिक सौहार्द, सामूहिक सहयोग और भक्ति का यादगार उत्सव बनेगा। डॉ. धीरज सिंह सूर्यवंशी उर्फ बिनु सिंह, मीडिया प्रभारी ने कहा कि मां काली की उपासना भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में शक्ति, आत्मविश्वास और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश देती है। समिति का यह महोत्सव आस्था के संरक्षण, सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच देने और समाज को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ने का सुंदर माध्यम है। समर्पित टीम, भव्य आयोजन की तैयारी समिति के प्रमुख पदाधिकारियों में अध्यक्ष मुन्ना सिंह, संरक्षक डॉ. संजय सिंह, संस्थापक मनीष कुमार सिंह, सचिव अर्चित आनंद (अनु भैया), उपाध्यक्ष संतोष गुप्ता, पिंटू सिंह एवं अनुरंजिता सिंह, संयुक्त सचिव पुरुषोत्तम राठौड़, व्यवस्थापक संतोष कुमार सिंह एवं मनीष कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी डॉ. धीरज सिंह सूर्यवंशी उर्फ बिनु सिंह, समिति सलाहकार श्याम किशोर सिंह, सांस्कृतिक सचिव गिरिजा शंकर एवं हरीश उर्फ लला तथा कार्यसमिति सदस्य प्रवीण सिंह एवं अंकित सिंह शामिल हैं। नवयुवक काली पूजा समिति का यह पांच दिवसीय महोत्सव धुर्वा में भक्ति, शक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का उत्सव बनेगा। मां काली की आराधना के साथ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति और सांस्कृतिक उल्लास से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
33 साल के बलदेव कुमार की घर में संदिग्ध मौत, क्वार्टर नंबर 554 में मिला शव हनुमान मंदिर के पास पसरा सन्नाटा, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार एबीएन न्यूज नेटवर्क, भूली (धनबाद)। धनबाद के भूली टाउनशिप से इस वक्त की बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। ई-ब्लॉक सेक्टर-3, हनुमान मंदिर के पास स्थित क्वार्टर नंबर 554 में रहने वाले 33 वर्षीय युवक बलदेव कुमार की अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार सुबह जब घर से कोई हलचल नहीं निकली तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई और दरवाजा खोलने पर अंदर का दृश्य देख सभी के होश उड़ गये। कौन थे बलदेव कुमार मृतक की पहचान बलदेव कुमार, पिता स्वर्गीय कालीचरण भुइया, उम्र 33 वर्ष के रूप में हुई है। बलदेव अपने परिवार के साथ भूली के ई-ब्लॉक सेक्टर-3, क्वार्टर नंबर 554, हनुमान मंदिर के समीप रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, बलदेव के पिता स्वर्गीय कालीचरण भुइया भी इसी क्षेत्र के जाने-माने व्यक्ति थे। पिता की मृत्यु के बाद बलदेव ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शनिवार सुबह कैसे चला पता बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह काफी देर तक बलदेव के घर का दरवाजा नहीं खुला। रोजाना सुबह टहलने और लोगों से मिलने-जुलने वाले बलदेव जब नहीं दिखे, तो पड़ोस के लोगों ने उनके घर जाकर आवाज लगायी। अंदर से कोई जवाब नहीं आने पर लोगों ने खिड़की से झांक कर देखा तो बलदेव जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गये। परिजनों को सूचना दी गई और तुरंत भूली ओपी पुलिस को मामले की जानकारी दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस, पंचनामा कर भेजा शव सूचना मिलते ही भूली ओपी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर के अंदर प्रवेश कर स्थिति का जायजा लिया। किसी भी तरह की छेड़छाड़ के निशान नहीं मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच), धनबाद भेज दिया गया है। पुलिस ने घर से कुछ दवाइयां और अन्य सामान भी जब्त किया है, जिसकी जांच की जा रही है। बेहद मिलनसार था बलदेव : पार्षद प्रतिनिधि बलदेव की मौत की खबर सुनकर पूरे ई-ब्लॉक में शोक की लहर दौड़ गयी। स्थानीय समाजसेवी एवं पार्षद प्रतिनिधि ने कहा कि बलदेव बहुत ही नेक दिल और मिलनसार लड़का था। वह हमेशा सामाजिक कार्यों में आगे रहता था। मंदिर की साफ-सफाई हो या मोहल्ले का कोई भी काम, वह बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था।उसकी असमय मौत से हम सभी स्तब्ध हैं। यह पूरे भूली के लिए बड़ी क्षति है। हनुमान मंदिर के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि बलदेव हर शाम मंदिर में दिया जलाने आता था। शनिवार को उसके नहीं आने पर ही लोगों को शक हुआ। पुलिस क्या कह रही है? मौत का कारण अभी रहस्य फिलहाल इस मामले में पुलिस ने किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि मौत कैसे हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है।भूली ओपी प्रभारी ने बताया प्रथम दृष्टया शरीर पर किसी भी तरह के चोट या जख्म के निशान नहीं मिले हैं। घर का सामान बिखरा नहीं है, जिससे लूटपाट या हत्या की आशंका कम लग रही है। बीमारी, हार्ट अटैक या अन्य प्राकृतिक कारणों से मौत हो सकती है। असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रेरणास्रोत पंडित मांगे राम शर्मा जी की जयंती पर विशेष स्मरणीय पल : प्रदीप शर्माएबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। विश्व ब्राह्मण संघ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष के दिशा अनुसार विश्व ब्राह्मण संघ के संस्थापक व अध्यक्ष परम् श्रधेय स्वर्गीय पंडित श्री मांगे राम शर्मा की जयंती पर उनके द्वारा की गई उत्कृष्ट देश भक्ति व सामाजिक जनहित भावना को मध्य रखते हम उनको सदैव स्मरण करते हैं।हम सदैव उनकी कर्तव्य निष्ठा समाजहित की भावना का स्नेहमय प्रशंसा करते हैं जिस पर हम सभी को गर्व है। उनके द्वारा समाजहित को समर्पित कार्यशैली हमें सदा प्रेरित करती रहती है और हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। पंडित मांगे राम शर्मा सदैव कहा करते रहते थे कि खुद पर भरोसा रखो, आपके सपने आपकी मेहनत से ही सच होंगे। प्रेरणा एक आंतरिक स्थिति है जो व्यक्तियों को लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार में संलग्न होने के लिए प्रेरित करती है। आत्म-विश्वास वह ताकत है जो हमें अपने आप पर विश्वास करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की प्रेरणा देती है। आत्म-विश्वास हमें किसी भी मुश्किल स्थिति में आगे बढ़ने का हौसला देता है।चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों ।पंडित जी का कथन था कि सभ्यता और भाईचारा मानव समाज के दो सबसे महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं, ये दोनों मिलकर एक सुसंस्कृत और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करते हैं भाईचारा लोगों के बीच आपसी प्रेम, सहयोग और आत्मीयता का गहरा संबंध है।पंडित जी का विश्वास था कि आपसी भाईचारे में हम सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ देना और समाज के हर व्यक्ति की भलाई के लिए मिलकर काम करते हैं सभ्यता अगर किसी समाज का शरीर (ढांचा, शहर और तकनीक) है , तो भाईचारा उसकी आत्मा है, एक उच्च और सच्ची सभ्यता वही है जहाँ भौतिक प्रगति के साथ-साथ लोगों के दिलों में एक-दूसरे के लिए भाईचारा, प्रेम और सद्भावना हो। इसलिए अगर हम उपरोक्त विषयों पर ध्यान केंद्रित कर आपसी द्वेष भावना व जाति धर्म से ऊपर उठकर अपने समाज व क्षेत्र के विकास कार्यों में लगेंगे तो अवश्य ही हम एक न एक दिन ऊंचाई की बुलंदियों को छू सकेंगे तथा यही उनके प्रति सद्धभाव पूर्ण सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए याद करते हुए , उनकी जयंती पर, ओम कार मिशन स्कूल रामगढ़ के प्रांगण में बच्चों के बीच कंबल एवं फल, जैसे सेव, केला इत्यादि का वितरण भी किया गया l मौके पर मुख्य रूप से रामगढ़ जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष महेंद्र दूबे, महासचिव अरुण बनर्जी, जिला कोषाध्यक्ष गोकुल शर्मा, विवेक शर्मा, विकास पांडेय, विजय ओझा,मुना मिश्रा इत्यादि लोग उपस्थित थे l इस आशय की जानकारी झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने दी।
धनबाद : कतरास क्षेत्र में शांतिपूर्ण मां दुर्गा की प्रतिमा का किया गया विसर्जनएबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। कतरास एवं आसपास के क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमा का गाजे-बाजे के साथ विसर्जन किया गया। श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी नदी किनारे कतरास, कतरास राजबाड़ी, बंगाल पाड़ा पचगढ़ी, डॉक्टर पाड़ा कतरास, मलकेरा सोनारडीह, धर्माबांध आदि क्षेत्रों में शांतिपूर्ण विसर्जन की गई। नदी किनारे दुर्गा पूजा विसर्जन में कतरास थानेदार प्रवीण कुमार दलबल के साथ विसर्जन में शामिल हुए।मौके पर कमेटी अध्यक्ष बिमल तिवारी, उपाध्यक्ष अशोक भारती, सचिव सुदर्शन तिवारी, कोषाध्यक्ष संजय जायसवाल, सदस्य अंकित जायसवाल, आदर्श तिवारी, सुजीत रवानी, परवीन शर्मा, बबलू शर्मा, आयुष जायसवाल, दीपक शर्मा, गौतम गोस्वामी आदि शामिल थे।
आरयू : आर्यभट्ट सभागार में कार्यशाला का आयोजन टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं यूनिवर्सिटी स्कूल आॅफ एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को मोराबादी परिसर स्थित आर्यभप्त सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न महाविद्यालयों के लगभग 450 प्रशिक्षु शिक्षकों एवं 50 प्राध्यापकों ने भाग लिया।कार्यशाला का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय कुलगीत से हुआ। कुलपति प्रो सरोज शर्मा, विशिष्ट अतिथि रसायन विज्ञान के प्रोफेसर प्रो गुलशन धमीजा, डीएसडब्ल्यू प्रो सुदेश कुमार साहु, डॉ अनिल कुमार डेल्टा तथा विशेषज्ञ वक्ताओं डॉ पूजा एवं डॉ नीतू शर्मा ने दीप प्रज्वलित हुआ। डॉ सुनीता गुप्ता ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। सीवीएस की निदेशक डॉ स्मृति सिंह ने कार्यशाला के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कुलपति प्रो सरोज शर्मा ने कहा कि तकनीक सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाती है। लेकिन विद्यार्थियों की भावनाओं को समझना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और उन्हें संवेदनशील नागरिक बनाना शिक्षक की विशिष्ट भूमिका है। उन्होंने शिक्षकों से डिजिटल तकनीक का उपयोग मानवीय मूल्यों के साथ करने तथा शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा को अपनी शिक्षण प्रक्रिया का आधार बनाने का आहवान किया। विशेषज्ञ वक्ता डॉण् पूजा ने डिजिटल युग में आत्म-जागरूकता के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक सफल शिक्षक में विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता, सहानुभूति तथा उनकी भावनाओं और आवश्यकताओं को समझने की क्षमता होनी चाहिये। शिक्षक केवल विषय का ज्ञाता ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का मार्गदर्शकए प्रेरक और सहयोगी भी होता है। डॉ नीतू शर्मा ने मोबाइल फोन एवं लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से होने वाले संभावित मानसिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपयोग के व्यावहारिक सुझाव दिये। वीडियो एवं स्लाइड शो के माध्यम से उन्होंने विषय को सरलता से समझाया तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग के लिये उपयुक्त भाषा और स्पष्ट निदेर्शों के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के प्रभारी प्राचार्य, विभागाध्यक्षए प्राध्यापक एवं प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सचिन कुमार तथा मंच संचालन डॉ दीपाली ने किया।
रांची : आर्चरी मस्कट प्रताप का कांटाटोली चौक पर यातायात जागरूकता अभियानटीम एबीएन, रांची। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कांटाटोली चौक, रांची में यातायात पुलिस द्वारा यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने आम नागरिकों तथा दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनकर वाहन चलाने, यातायात संकेतों एवं सड़क चिह्नों का पालन करने, निर्धारित दिशा में वाहन चलाने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने के संबंध में जागरूक किया। इस अवसर पर पुलिस के शुभंकर प्रताप के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन का संदेश प्रसारित किया गया।यातायात पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई कि वे यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें और सड़क सुरक्षा को अपने दैनिक व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाएं। यातायात नियमों का पालन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।यातायात पुलिस की अपीलसुरक्षित चलें, सतर्क रहें। हेलमेट पहनें, यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा को अपनी आदत बनाएं।— यातायात पुलिस, रांची
कोडरमा : राँची-पटना मुख्य मार्ग पर घाटी के नौवां माइल में ट्रक पलटा, सारा कोयला बिखराएबीएन न्यूज नेटवर्क, कोडरमा। राँची-पटना मुख्य मार्ग पर कोडरमा घाटी के नौवां माइल में शुक्रवार सुबह कोयला लदा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे ट्रक पर लदा सारा कोयला सड़क पर बिखर गया।हादसे के कारण कुछ देर के लिए मुख्य मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा। घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा पीसीआर पेट्रोलिंग पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया। हादसे में ट्रक चालक कलाम मियां को हल्की चोटें आई हैं, वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया जा रहा है।चालक ने बताया कि वह हल्दिया से कोयला लोड कर बिहार के पटना जा रहा था। इसी दौरान कोडरमा घाटी के तीखे मोड़ और ढलान पर ट्रक अनियंत्रित हो गया और पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है।
नैनो उर्वरकों एवं जैविक उर्वरकों के उपयोग से टिकाऊ खेती का प्रोत्साहनटीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 23 अक्टूबर को इफको लोहरदगा के द्वारा कुडू प्रखंड के बंटी होटल में नैनो उर्वरकों एवं जैविक उर्वरकों के उपयोग एवं लाभ विषयक बिक्री केंद्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।सभा में मुख्य अतिथि के तौर में इफको झारखंड के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ शशिभूषण समदर्शी ने प्रमुख वक्ता के तौर पर भाग लिया, विशिष्ट अतिथि में जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो, इफको रांची के क्षेत्र अधिकारी सुशील कुमार, कृषि स्नातक प्रशिक्षु प्रवल कुमार सिन्हा, इफको MC से रितेश श्रीवास्तव, महेश कुमार के अलावा 40 बिक्री केंद्र प्रभारी एवं 30 किसानों ने भाग लिया।सभा को संबोधित करते हुए डॉ शशिभूषण समदर्शी ने मृदा के भौतिक , जैविक एवं रासायनिक क्षरण के बारे में बताते हुए किसानों को जैविक उर्वरकों जैसे कि NPK कंसोर्टियम, बायोडीकंपोजर , जैविक खाद के साथ नैनो उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी उन्होंने किसानों को नैनो डीएपी एवं NPK कंसोर्टियम के उपयोग एवं उसके लाभ की जानकारी दी। आधुनिक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने नैनो डीएपी के विभिन्न उपयोगों जैसे बीज शोधन, जड़ शोधन एवं पत्तियों पर छिड़काव के बारे में बताया। साथ ही इफको नेचुरल पोटाश के उपयोग, इसकी विशेषताओं तथा पारंपरिक MOP के विकल्प के रूप में इसके महत्व की जानकारी दी और बताया कि इसके माध्यम से पौधों को पोटाश के साथ अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के उपयोग एवं लाभ की जानकारी दी।किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं सागरिका के संयुक्त उपयोग एवं छिड़काव की विधि के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त नैनो कॉपर (Nano Cu) के उपयोग एवं फसल में इसकी भूमिका पर भी चर्चा की गई।FO सुशील कुमार ने किसानों को इफको के विभिन्न जल घुलनशील उर्वरकों (Water Soluble Fertilizers) के बारे में जानकारी दी तथा रबी फसलों में फसल की आवश्यकता एवं अवस्था के अनुसार इफको के उत्पादों के उचित उपयोग के बारे में बताया। कालेन खलखो ने खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी करके जैविक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही , उन्होंने किसानों को मृदा की स्वास्थ की जानकारी के लिए निरंतर मिट्टी जांच करने की बात कही साथ ही स्वाइल हेल्थ कार्ड के अनुरूप ही उर्वरकों के उपयोग की सलाह दी।कार्यक्रम के अंत में इफको एमसी के रितेश श्रीवास्तव ने फसलों में लगने वाले प्रमुख रोगों एवं कीटों की पहचान तथा उनके प्रभावी प्रबंधन के बारे में किसानों को जानकारी दी और फसल सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले आवश्यक उपायों पर चर्चा की। प्रवल कुमार सिन्हा ने मृदा जांच के लिए नमूना लेने की विधि की जानकारी दी, और धन्यवाद ज्ञापन के बाद सभा का समापन किया।
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