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डॉ करमा उरांव की 74वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा
Published / 2026-10-25 17:54:48
डॉ करमा उरांव की 74वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा

डॉ करमा उरांव के विचारों जीवन में उतारने की जरूरत : कृषि मंत्री  टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग (टीआरएल) में महान शिक्षाविद् एवं समाजसेवी डॉ. करमा उरांव की 74वीं जयंती धर्मेश उरांव मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनायी गयी। मौके पर डॉ. करमा उरांव के जीवन, संघर्ष, विचारों एवं सामाजिक योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की एवं बंधु तिर्की उपस्थित रहे। साथ ही रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. स्मृति सिंह (विभागाध्यक्ष, रसायन विज्ञान, रांची विश्वविद्यालय), विभिन्न जनजातीय विभागों के विभागाध्यक्ष, डॉ. आरती महतो (निदेशक, आई आई ए आर) तथा फाउंडेशन की निदेशक शांति उरांव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। मौके पर डॉ. करमा उरांव : व्यक्तित्व एवं जीवन संदेश पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसके माध्यम से उनके जीवन दर्शन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक विचारों को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। अपने संबोधन में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डॉ. करमा उरांव के नैतिक विचारों एवं आदर्शों को केवल याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारना आवश्यक है। उन्होंने उनके विचारों को व्यवहार में अपनाकर समाज और आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देने का आह्वान किया।बंधु तिर्की ने जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग (टीआरएल) के निर्माण में डॉ. करमा उरांव के महत्वपूर्ण योगदान एवं संघर्षों को विशेष रूप से याद किया। वहीं रांची विश्वविद्यालय के कुलपति ने डॉ. करमा उरांव के नाम पर फेलोशिप शुरू करने की घोषणा की। साथ ही विभाग का नाम उनके नाम पर रखने की मांग भी उठायी गयी। मौके पर धर्मेश उरांव मेमोरियल फाउंडेशन की निदेशक शांति उरांव ने घोषणा की कि फाउंडेशन डॉ. करमा उरांव के विचारों को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से झारखंड में कृषि, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षाविदों ने डॉ. करमा उरांव के आदर्शों पर चलने तथा उनके सपनों के झारखंड के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

डॉ करमा उरांव की 74वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा
Published / 2026-10-25 17:54:47
डॉ करमा उरांव की 74वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा

डॉ करमा उरांव के विचारों जीवन में उतारने की जरूरत : कृषि मंत्री  टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग (टीआरएल) में महान शिक्षाविद् एवं समाजसेवी डॉ. करमा उरांव की 74वीं जयंती धर्मेश उरांव मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनायी गयी। मौके पर डॉ. करमा उरांव के जीवन, संघर्ष, विचारों एवं सामाजिक योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की एवं बंधु तिर्की उपस्थित रहे। साथ ही रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. स्मृति सिंह (विभागाध्यक्ष, रसायन विज्ञान, रांची विश्वविद्यालय), विभिन्न जनजातीय विभागों के विभागाध्यक्ष, डॉ. आरती महतो (निदेशक, आई आई ए आर) तथा फाउंडेशन की निदेशक शांति उरांव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। मौके पर डॉ. करमा उरांव : व्यक्तित्व एवं जीवन संदेश पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसके माध्यम से उनके जीवन दर्शन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक विचारों को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। अपने संबोधन में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डॉ. करमा उरांव के नैतिक विचारों एवं आदर्शों को केवल याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारना आवश्यक है। उन्होंने उनके विचारों को व्यवहार में अपनाकर समाज और आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देने का आह्वान किया।बंधु तिर्की ने जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग (टीआरएल) के निर्माण में डॉ. करमा उरांव के महत्वपूर्ण योगदान एवं संघर्षों को विशेष रूप से याद किया। वहीं रांची विश्वविद्यालय के कुलपति ने डॉ. करमा उरांव के नाम पर फेलोशिप शुरू करने की घोषणा की। साथ ही विभाग का नाम उनके नाम पर रखने की मांग भी उठायी गयी। मौके पर धर्मेश उरांव मेमोरियल फाउंडेशन की निदेशक शांति उरांव ने घोषणा की कि फाउंडेशन डॉ. करमा उरांव के विचारों को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से झारखंड में कृषि, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षाविदों ने डॉ. करमा उरांव के आदर्शों पर चलने तथा उनके सपनों के झारखंड के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन के लोहरदगा जिलाध्यक्ष बने अनिल गुप्ता
Published / 2026-10-25 17:52:28
वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन के लोहरदगा जिलाध्यक्ष बने अनिल गुप्ता

151 स्थानों पर होगा राष्ट्र रक्षा यज्ञ, 25 अक्टूबर से 15 फरवरी तक चलेगा आयोजन एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले में वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार को बीआईडी स्थित सतीश जायसवाल के आवास पर बैठक आयोजित की गयी। ज्ञान ब्रह्म पाठक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राष्ट्र रक्षा यज्ञ आयोजन समिति का गठन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से सरस चंद आर्य को मुख्य संरक्षक तथा अनिल कुमार गुप्ता को लोहरदगा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गयी।समिति में शिव शंकर सिंह को संयोजक, सतीश जायसवाल को कार्यकारी अध्यक्ष, दीपक कुमार अग्रवाल को महामंत्री, दीपक अंकित एवं जय गोविंद प्रसाद को मंत्री, ओमप्रकाश गुप्ता को यज्ञ आयोजन मंत्री तथा सचिन कुमार को उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं नंदकिशोर महतो और देवेंद्र कुमार मंडल को सदस्य की जिम्मेदारी दी गयी। बैठक में बताया गया कि राष्ट्र रक्षा यज्ञ का उद्देश्य पूरे भारत में 1,51,000 यज्ञ आयोजित कर वातावरण की शुद्धता, पर्यावरण संरक्षण, लोक कल्याण और विश्व शांति का संदेश देना है। इसके तहत लोहरदगा जिले में 151 स्थानों पर यज्ञ आयोजित करने का निर्णय लिया गया। आयोजन 25 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक देशभर में चलेगा। इसके बाद 20 फरवरी 2027 को दिल्ली के छतरपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग ब्यास में भव्य संस्कार परिवार कुंभ के रूप में कार्यक्रम का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार इस अवसर पर परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत का प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

बेहराकुदर में धूमधाम से मनायी जायेगी काली पूजा
Published / 2026-10-25 17:51:35
बेहराकुदर में धूमधाम से मनायी जायेगी काली पूजा

टीम एबीएन, रांची। श्री श्री काली पूजा समिति बेहराकुदर द्वारा पूर्वनिर्धारित एक बैठक आज दिनांक 25-10-2026 को की गयी, जिसमें 08/11/2026 को मां काली की पूजा कैसे भव्य रूप से की जाये। इसके निमित्त सभी सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे और सभी पहलुओं पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया गया कि इस बार मां काली की पूजा बेहद भव्य एवं आकर्षक रूप से मनायी जायेगी। मौके पर अध्यक्ष राजु सिंह सचिव बाबु साहब मिथुन सिंह कोषाध्यक्ष प्रशांत सिंह मुखिया जालिम रजक, सुभाष सिंह, गोपाल महतो, मिथुन सिंह राजपूत, बंटी सिंह, नागेश्वर राय, मंजीत सिंह, शुभम सिंह, साहिल महतो, सागर सिंह, आदित्य सिंह, अंकित सिंह, नीरज सिंह, हेमन्त सिंह, महेश सिंह, प्रेम सिंह, सुंदर लाल सिंह ओर गणमान्य ग्रामीण उपस्थित थे।

कतरास में 26 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा मेले के संचालन पर अब उठने लगे हैं सवाल
Published / 2026-10-25 13:23:24
कतरास में 26 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा मेले के संचालन पर अब उठने लगे हैं सवाल

कतरास में 26 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा मेले के संचालन पर अब उठने लगे हैं सवालपुलिस की नो एंट्री से लोगों को हो रही परेशानी, क्या प्रशासनिक आदेश की 22 तक ?एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिला जनसंपर्क कार्यालय, धनबाद की प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1298 में जारी आदेश के अनुसार दुर्गा पूजा 2026 के मद्देनजर 17 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक कंट्रोल रूम प्रभावी रहने तथा सभी थानों में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती का उल्लेख किया गया है।वहीं कतरास क्षेत्र में विभिन्न पूजा समितियों द्वारा 26 अक्टूबर तक मेले का संचालन किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में मेले की अवधि और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कतरास क्षेत्र में मेले के दौरान रोजाना  लड़ाई-झगड़े की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के बाद पुलिस द्वारा लोगों को पकड़कर थाने ले जाने की भी चर्चा है। इससे मेले में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है।गौरतलब है कि धनबाद, भूली सहित जिले के कई क्षेत्रों में एकादशी के दिन ही दुर्गा पूजा मेले का समापन कर दिया गया। इसके विपरीत कतरास में 26 अक्टूबर तक मेला संचालित किए जाने की बात सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यहां मेले की अवधि बढ़ाने का आधार क्या है और इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही है?अब जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से यह स्पष्ट करने की अपेक्षा की जा रही है कि क्या कतरास में 22 अक्टूबर के बाद मेले के संचालन के लिए कोई अलग अनुमति या आदेश जारी किया गया है। यदि अनुमति दी गई है, तो उसके तहत सुरक्षा, दंडाधिकारी की तैनाती और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई है? जनहित में यह जरूरी है कि प्रशासन इस मामले में स्थिति स्पष्ट करे, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।नो एंट्री बन रहा परेशानी का सबबउल्लेखनीय है कि कतरास पुलिस द्वारा नदी किनारे, स्वास्तिक सिनेमा और गुहीबांध बस पड़ाव के पास नो एंट्री लगाकर स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहीं भी आना जाना दुश्वार हो गया है। आज भी नो एंट्री लगाकर गाड़ियों का शहर में प्रवेश अवरुद्ध कर दिया गया जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।गाड़ियों से शहर से बाहर निकलने में परेशानी नहीं है परन्तु वापस शहर में प्रवेश वर्जित कर दी जाती है जिससे आमजन काफी परेशानी झेल रहे हैं। तीनों बैरिकेडिंग से लोगों को अपने घर तक पैदल आने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। वे नो एंट्री के डर से डॉक्टर या चेकअप के लिए भी घर से नहीं निकल पा रहे हैं।

ईस्ट बसुरिया में युवा कांग्रेस का चक्का जाम स्थगित
Published / 2026-10-24 21:40:46
ईस्ट बसुरिया में युवा कांग्रेस का चक्का जाम स्थगित

दीपावली तक समाधान का मिला भरोसा सत्यम इंफ्रा के खिलाफ युवा कांग्रेस का आंदोलन, चार-पांच घंटे बाद वार्ता से निकला रास्ता स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार समेत पांच मांगों पर अड़े विशाल महतो, दीपावली तक कंपनी को मोहलत मजदूरों के हक में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रबंधन के आश्वासन पर स्थगित हुई बंदी एबीएन न्यूज नेटवर्क, ईस्ट बसुरिया (धनबाद)। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने समेत मजदूर हितों से जुड़ी पांच सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को ईस्ट बसुरिया स्थित सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ युवा कांग्रेस धनबाद ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन शुरू किया। हालांकि, कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता और दीपावली तक समस्याओं के समाधान का प्रयास करने के आश्वासन के बाद महज चार-पांच घंटे में ही आंदोलन स्थगित कर दिया गया। कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई युवा कांग्रेस नेता विशाल महतो के अनुसार, मजदूरों के हितों से संबंधित पांच सूत्री मांगों को लेकर सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी को दो-तीन बार लिखित आवेदन दिया गया था। इन मांगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रमुख था। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन की ओर से आवेदनों पर अपेक्षित पहल नहीं की गई। इससे नाराज होकर विशाल महतो ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का आवेदन दिया और समर्थकों के साथ आंदोलन शुरू कर कंपनी का कामकाज ठप करा दिया। वार्ता के बाद बनी सहमति, दीपावली तक का मिला समय चक्का जाम शुरू होने के करीब चार-पांच घंटे बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से वार्ता की पहल की गयी। इस दौरान सत्यम इंफ्रा के एचआर प्रतिनिधि, साइट इंचार्ज, बीसीसीएल के मैनेजर, युवा कांग्रेस नेता विशाल महतो तथा रोजगार की मांग कर रहे मजदूर मौजूद रहे। वार्ता के दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से विशाल महतो से आग्रह किया गया कि दीपावली तक का समय दिया जाये, ताकि कंपनी के मालिक से बातचीत कर उठायी गयी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जा सके। प्रबंधन के इस आग्रह पर विशाल महतो ने सहमति जताते हुए फिलहाल चक्का जाम स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही आंदोलन समाप्त करने के बजाय समाधान के लिए कंपनी को दीपावली तक का समय दिया गया। अब प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी निगाहें आंदोलन स्थगित होने के बाद अब सभी की निगाहें कंपनी प्रबंधन की अगली पहल पर टिकी हैं। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने और मजदूरों से जुड़ी अन्य मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह दीपावली तक स्पष्ट होने की उम्मीद है। युवा कांग्रेस की ओर से उठाये गये मुद्दों का समाधान नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति तय करने का विकल्प खुला रखा गया है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी प्रबंधन अपने आश्वासन पर कितना खरा उतरता है और मजदूरों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाता है।

ईस्ट बसुरिया में युवा कांग्रेस का चक्का जाम स्थगित
Published / 2026-10-24 20:10:02
ईस्ट बसुरिया में युवा कांग्रेस का चक्का जाम स्थगित

दीपावली तक समाधान का मिला भरोसा सत्यम इंफ्रा के खिलाफ युवा कांग्रेस का आंदोलन, चार-पांच घंटे बाद वार्ता से निकला रास्ता स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार समेत पांच मांगों पर अड़े विशाल महतो, दीपावली तक कंपनी को मोहलत मजदूरों के हक में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रबंधन के आश्वासन पर स्थगित हुई बंदी एबीएन न्यूज नेटवर्क, ईस्ट बसुरिया (धनबाद)। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने समेत मजदूर हितों से जुड़ी पांच सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को ईस्ट बसुरिया स्थित सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ युवा कांग्रेस धनबाद ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन शुरू किया। हालांकि, कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता और दीपावली तक समस्याओं के समाधान का प्रयास करने के आश्वासन के बाद महज चार-पांच घंटे में ही आंदोलन स्थगित कर दिया गया। कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई युवा कांग्रेस नेता विशाल महतो के अनुसार, मजदूरों के हितों से संबंधित पांच सूत्री मांगों को लेकर सत्यम इंफ्रा आउटसोर्सिंग कंपनी को दो-तीन बार लिखित आवेदन दिया गया था। इन मांगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रमुख था। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन की ओर से आवेदनों पर अपेक्षित पहल नहीं की गई। इससे नाराज होकर विशाल महतो ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का आवेदन दिया और समर्थकों के साथ आंदोलन शुरू कर कंपनी का कामकाज ठप करा दिया। वार्ता के बाद बनी सहमति, दीपावली तक का मिला समय चक्का जाम शुरू होने के करीब चार-पांच घंटे बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से वार्ता की पहल की गयी। इस दौरान सत्यम इंफ्रा के एचआर प्रतिनिधि, साइट इंचार्ज, बीसीसीएल के मैनेजर, युवा कांग्रेस नेता विशाल महतो तथा रोजगार की मांग कर रहे मजदूर मौजूद रहे। वार्ता के दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से विशाल महतो से आग्रह किया गया कि दीपावली तक का समय दिया जाये, ताकि कंपनी के मालिक से बातचीत कर उठायी गयी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जा सके। प्रबंधन के इस आग्रह पर विशाल महतो ने सहमति जताते हुए फिलहाल चक्का जाम स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही आंदोलन समाप्त करने के बजाय समाधान के लिए कंपनी को दीपावली तक का समय दिया गया। अब प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी निगाहें आंदोलन स्थगित होने के बाद अब सभी की निगाहें कंपनी प्रबंधन की अगली पहल पर टिकी हैं। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने और मजदूरों से जुड़ी अन्य मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह दीपावली तक स्पष्ट होने की उम्मीद है। युवा कांग्रेस की ओर से उठाये गये मुद्दों का समाधान नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति तय करने का विकल्प खुला रखा गया है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी प्रबंधन अपने आश्वासन पर कितना खरा उतरता है और मजदूरों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाता है।

कतरास मेला : 26 अक्टूबर तक सभी झूले 50 रुपये में ही चलेंगे!
Published / 2026-10-24 20:08:42
कतरास मेला : 26 अक्टूबर तक सभी झूले 50 रुपये में ही चलेंगे!

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। पचगढ़ी बाजार, केशलपुर रोड स्थित श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के मेले को लेकर आ रही अफवाहों पर समिति ने विराम लगा दिया है। समिति ने साफ किया है कि मेले के सभी झूलों का किराया पहले भी ?50 था और अब भी 26 अक्टूबर 2026 तक ?50 में ही चलेगा। कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है। कुछ लोगों ने बताया था कि मेला महंगा हो गया है, जो पूरी तरह गलत है। मेला कमेटी ने बताया कि दर्शकों के प्यार को देखते हुए 26 अक्टूबर तक इसी 50 रुपये वाले रेट पर ही मेला लगातार चलेगा। आइये और अपने परिवार के साथ मेले का आनंद लीजिये।

कतरास : रानी बाजार में दुर्गा पूजा मेला 26 तक जारी, उमड़ रही भारी भीड़!
Published / 2026-10-24 20:08:11
कतरास : रानी बाजार में दुर्गा पूजा मेला 26 तक जारी, उमड़ रही भारी भीड़!

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। रानी बाजार दुर्गा पूजा समिति, स्थापना 1982, द्वारा लगाया गया भव्य मेला एवं मीना बाजार लगातार 26 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। समिति ने बताया कि मेले में सुनामी झूला, जीरो ग्रैविटी, टावर झूला, अजमेरी नाव, ब्रेक डांस, टोरा टोरा, ड्रैगन झूला, जलपरी समेत बच्चों के लिए तरह-तरह के झूले लगाये गये हैं। दशहरा के बाद भी मेले में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मीना बाजार में खरीदारी के साथ-साथ खाने-पीने के स्टॉल भी लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं।

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