एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन लोहरदगा गुमला लोहरदगा गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन की एक आम बैठक आज लोहरदगा बक्सीडीपा कार्यालय के समीप हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह ने की। बैठक में लोहरदगा डीएममो (जिला खनन पदाधिकारी) के तानाशाही रवैया के खिलाफ एसोसिएशन ने आंदोलन की घोषणा की। बैठक में चर्चा करते हुए कहा गया कि पिछले महीनों से लोहरदगा डीएममो गलत तरीके से बॉक्साइट ट्रकों को पकड़कर जब्त कर ले रहे हैं और उस ट्रक पर ढाई से तीन लाख फाइन लगा रहे हैं। लोहरदगा डीएमओ का कहना है कि जो माइंस ऊपर पाट कुजाम से हेसल तक की दूरी लगभग 115 किलोमीटर है लेकिन डीएमओ उसको 64 किलोमीटर बता करके ट्रक मालिकों को 3 से 4 घंटे में ट्रकों को खाली करने को कहा जा रहा है। जबकि पहाड़ से लेकर लोहरदगा हेसल तक तीन फॉरेस्ट चेक नाका पडते हैं, जहां पर इंट्री कराने में एक ट्रक को आधा से एक घंटा लगता है। हाट बाजार, स्कूल सड़क जाम, नो एंट्री, वीआईपी मूवमेंट में नो एंट्री, धरना, प्रदर्शन, जुलूस साइकिल रेस, मेला, त्योहार, ड्राइवर का भोजन, गाड़ी का खराब होना यह संभव ही नहीं है, लेकिन डीएमओ कुछ सुनने को तैयार ही नहीं हैं। इसी तरह गुरूदरी, अमतीपानी, कुजाम, चिरोडीह, भैंसबथान, सेरंगदाग सभी माइंसों की दूरी को लगभग आधा करके दिखाया गया है। और इस दूरी को आधार मानकर डीएमओ गलत तरीके से ट्रकों को जब्त कर रहे हैं और जानबूझकर ट्रक मालिकों को परेशान कर रहे हैं। इस संदर्भ में लोहरदगा उपायुक्त एवं डीएमओ लोहरदगा को मिलकर पूर्व में भी लिखित आवेदन दिया गया था कि आप दूरी को सुधार करें और इस तरह से ट्रकों को न पकड़ें। किंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है और दो ट्रकों को अभी तक जब्त करके रखा गया है। इसी के विरोध में एसोसिएशन 12 सितंबर को लोहरदगा उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना देगी। इसके बाद भी दोनों जब्त ट्रकों को अगर प्रशासन नहीं छोड़ती है और इस तरह से दूरी गलत बता कर फाइन लेना बंद नहीं करती है तो 21 सितंबर से ऊपर पाट बॉक्साइट माइन्स में चलने वाले 1500 ट्रकों का परिचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जायेगा। जब तक जिला प्रशासन ट्रक मालिकों के साथ न्याय नहीं करती है। वहीं दूसरी ओर एसोसिएशन ने हिंडाल्को कंपनी के प्रति भी आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि जब चालान में दूरी कम लिखकर डीएमओ इस तरह से मनमानी कर रहे हैं और हिंडाल्को हाथ में हाथ देकर बैठी हुई है, तो हिंडाल्को को भी एसोसिएशन दो दिनों के अंदर ज्ञापन सौंपेगा कि आप दोनों जब्त ट्रकों को छुड़ायें और जब तक हिंडालको कंपनी जिला प्रशासन से मिलकर इस समस्या का समाधान नहीं करती है, तब तक ट्रकों का परिचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगा। 12 से 21 सितंबर के बीच में गुमला जिला प्रशासन से भी मिला जायेगा और लिखित दिया जायेगा। इस बीच में मशाल जुलूस, नुक्कड़ सभा, धरना प्रदर्शन जारी रहेंगे। आज की बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह, सचिव मुद्रिका यादव, रहमान अंसारी, रोहित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अभय सिंह, सह कोषाध्यक्ष इरफान दानिश, उपाध्यक्ष शशिकांत लाल दास, हरिचरण साहू, जतरू मुंडा, तारकेश्वर महतो, जसबीर एक्का, मुंतजिर आलम, इम्तेयाज उर्फ बबलू, मुमताज आलम, अजमल कुरैशी, इरशाद, मनीष सिंह, शंकर प्रजापति, रफीक अंसारी, महेंद्र साहू, बबलू खान, सह सचिव सुमित विश्वकर्मा, बरज सिंह, रहमत अंसारी, फिरोज राही, महताब आलम गुड्डू, मनोज गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, मोहम्मद अमानुल्लाह, संदेश प्रजापति, संजीव शर्मा, अनिल साहू, मुख्तार अंसारी, मुन्ना खान, बृजेश साहू, अनूप भारती, मीडिया प्रभारी राजेश शर्मा, प्रदीप कुमार, संजय साहू, शिवनाथ यादव, सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य अवधेश मित्तल, राजन खान, मुकेश साहू, विनोद साहू, निरंजन बडाईक, दिलीप साहू, बृजेश साहू, मोहम्मद मिनहाज, विशुन प्रजापति, मोहम्मद राशिद, सामू मियां, अनुप भारती, मंटू साहू, महेंद्र प्रजापति, राजेंद्र प्रजापति, कामेश यादव, सुरेंद्र यादव, शिवनाथ यादव, दिनेश प्रसाद, किशोर राम, मुकेश साहू, मोहम्मद फिरोज, किशोर किनोडिया, विनोद महतो, विदुल महतो, शंकर उरांव, गजाधर प्रजापति, फुलदेव उरांव, प्रमोद कुमार, हाजी शमशेर कुरैशी, बालेसर प्रजापति, गजाधर प्रजापति, शंकर प्रजापति, दीपक साहू, मोहम्मद आदिल, शकील खान, शोएब अख्तर, प्रमोद, हाशिम अंसारी, जीतू सिंह, मोती सिंह, विनोद साहू, मजीद अंसारी, पंकज साहू, अनिल उरांव, अरुण साहू, बंटू साहू, विक्रम उरांव, संजय साहू, एसके मिश्रा, समीम कुरेशी, जाहिद अख्तर, मोहम्मद रिजवान, रफीक अंसारी, साजिद अंसारी, कंचन महतो, आदित्य यादव, रूपेश चंद्र सिंह, सोहेल अख्तर, रामकिशोर राम, नीरज कुमार, मोहम्मद कैश, पवन सिंह, पंकज कुमार, मुन्ना भगत, जयराम उरांव, विनोद साहू सहित सैकड़ों ट्रक मालिक उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। भारतीय जनता पार्टी लोहरदगा के दुबराज वर्मा की बेटी किरण को सदर अस्पताल लोहरदगा में भर्ती कराया गया है। जिसका आॅपरेशन किया जायेगा। उसे तत्काल एक यूनिट ब्लड की सख्त जरूरत है। लोगों से आग्रह है कि सदर अस्पताल में आकर एक यूनिट ब्लड देना की अपील की गयी है। संपर्क करें : दुबराज वर्मा (9431918342) लोहरदगा।
आकाशकिनारी कांटा के समीप होटल में जुआ अड्डा चलाने का आरोपबिहार-बंगाल से पहुंच रहे भीआईपी खिलाड़ीएबीएन न्यूज नेटवर्क, बाघमारा (धनबाद)। कतरास थाना क्षेत्र के आकाशकिनारी कांटा के समीप स्थित एक होटल में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जुआ का जमावड़ा चल रहा है,जुआ अड्डा संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि होटल में प्रतिदिन लाखों रुपये का जुआ खेला जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए बिहार, बंगाल समेत आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जुआ खेलने के लिए पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति से कथित तौर पर एक से दो हजार रुपये तक लिए जाते हैं। आरोप है कि होटल में जुआ खेलने वालों को किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने का भरोसा भी दिलाया जाता है। इससे होटल संचालक को प्रतिदिन हजारों रुपये की कथित आमदनी होने की चर्चा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जुआ गतिविधियों के कारण कई परिवारों पर आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। जुआ खेलने वाले लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि इसके संचालन से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचने की बात कही जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि होटल संचालक की कुछ अधिकारियों से कथित नजदीकी है, जिसके कारण वह बेखौफ होकर गतिविधियां संचालित कर रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो होटल में चल रहे कथित जुआ अड्डे वाले होटल मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
सिजुआ 10 नंबर मोड़ के तीन पटिया टोला में जोरदार भू-धंसानएक की मौत चार घायल से दहशत का माहौलएबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। जोगता थाना क्षेत्र अंतर्गत बीसीसीएल कतरास क्षेत्र IV के सिजुआ मोड़ स्थित तीन पटिया टोला में मंगलवार अहले सुबह को जोरदार भू-धंसान की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद आसपास में रहने वाले लोगों में भय का माहौल है।बताया जा रहा है कि भू-धंसान की चपेट में आने से गुड्डू भुइयां के पुत्र की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। भू-धंसान की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में लगा बिजली का पोल और बड़ा पीपल का पेड़ करीब 10 से 15 फीट नीचे धंस गया है। इससे आसपास के लोगों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि जमीन के नीचे की स्थिति कभी भी भयावा रूप ले सकती है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने इसके लिए बीसीसीएल प्रबंधन, प्रशासन और स्थानीय छिटपुटिया नेता को जिम्मेदार ठहराया है।लोगों का कहना है कि कोयला खनन के कारण क्षेत्र में लगातार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं से लोगों में सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक इलाके के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर रहेंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। गुस्साए ग्रामीणों ने कतरास धनबाद मुख्य मार्ग को बंद कर रोड पर बैठ गए हैं और सुरक्षित स्थानों पर बसाने की मांग कर रहे हैं।
धनबाद : भयानक भू-धंसान से कई घर जमींदोजग्रामीणों ने मलबे से लोगों को निकाला, सड़क जामएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर इलाके में मंगलवार को अचानक हुए भीषण भू-धंसान से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई घर जमींदोज हो गए, जबकि मलबे में दबे लोगों को स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य चलाकर बाहर निकाला।स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से हो रहे अवैध खनन के कारण यह भयावह भू-धंसान हुआ है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में जोगता थाना, स्थानीय नेताओं तथा एरिया-4 में तैनात सीआईएसएफ की भूमिका और कथित मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुटे हुए हैं। भू-धंसान से प्रभावित लोगों के नुकसान और मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के संबंध में प्रशासन और संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
संघर्ष और संगठन की एकता को कमजोर करने का प्रयास : देवेंद्र नाथ महतो टीम एबीएन, रांची। छात्र-युवा हितों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की लड़ाई को कमजोर करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक और मनगढ़ंत जानकारी फैलाने की साजिश की जा रही है। देवेंद्र नाथ महतो के फेसबुक प्रोफाइल को एडिट कर पदनाम एवं अन्य जानकारियों में मनगढ़ंत बदलाव करते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। इस मामले पर देवेंद्र नाथ महतो ने आज बयान जारी करते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत रूप से उन्हें बदनाम करने की कोशिश नहीं है, बल्कि संघर्षशील साथियों और संगठन की एकता को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें जनता के बीच वर्षों से बने विश्वास को तोड़ने तथा छात्रों, युवाओं और आम जनता की आवाज को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नौकरी खरीद-बिक्री जैसी भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ हमारी लड़ाई लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि हाल के आंदोलनों—भूख हड़ताल, सत्याग्रह आंदोलन और भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा—को जिस प्रकार व्यापक जनसमर्थन मिला, उसने सरकार और व्यवस्था को कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया। संघर्ष के परिणामस्वरूप भर्ती व्यवस्था से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें लगभग 32 लोगों की गिरफ्तारी, 45 विवादित परीक्षाओं पर कार्रवाई, 22 परीक्षाएं रद्द, 17 परीक्षाओं की जांच तथा 6 परीक्षाओं पर रोक जैसी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों और युवाओं को न्याय मिलने की दिशा में उठाए गए इन कदमों से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है। यही कारण है कि अब व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने, सोशल मीडिया प्रोफाइल को एडिट करने और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर आंदोलन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि ऐसे षड्यंत्रों से न तो छात्रों की आवाज दबेगी और न ही संघर्ष कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि मेरी सोशल मीडिया प्रोफाइल को एडिट कर कोई मेरी पहचान नहीं बदल सकता। हमारी पहचान हमारे संघर्ष, त्याग और जनता के विश्वास से बनी है। यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि लाखों छात्रों, युवाओं और झारखंड के भविष्य की लड़ाई है। साजिशें चाहे जितनी हों, हम शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार की आवाज को कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने अपने समर्थकों एवं आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी एडिटेड स्क्रीनशॉट अथवा भ्रामक जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें और अफवाह फैलाने वालों के षड्यंत्र से सावधान रहें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संघर्ष जारी रहेगा, एकता बरकरार रहेगी और छात्रों-युवाओं के न्याय की आवाज किसी भी साजिश के सामने झुकेगी नहीं। सच की आवाज को दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी। संघर्ष जारी है, जारी रहेगा। आरोपों की भाषा को सावधान बनाइये।
झारखंड में बड़ा हादसा : दुमका में चेक डैम में नहाने गये दो किशोरों की डूबने से मौत, इलाके में पसरा मातम एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आयी है। हंसडीहा थाना क्षेत्र में धोबे नदी पर बने चेक डैम में नहाने गये दो किशोरों की पानी में डूबने से मौत हो गयी। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही दोनों मृत किशोरों के परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक यह घटना रविवार को हंसडीहा थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों की पहचान हंसडीहा थाना क्षेत्र के भाटिन गांव निवासी उमेश कुमार (18) और टेटरियाडीह गांव निवासी अभिजीत कुमार (16) के तौर पर हुई है। इस मौके पर हंसडीहा थाना के प्रभारी अजीत कुमार यादव ने बताया स्थानीय गोताखोरों की मदद से फिलहाल शवों को बाहर निकाला गया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मुन्नार में कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय समिति की अहम बैठक एबीएन न्यूज नेटवर्क, मुन्नार/ लोहरदगा। केरल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुन्नार में कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी स्थायी संसदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक समिति के अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में लोहरदगा लोकसभा के सांसद एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत ने समिति के सदस्य के रूप में सक्रिय भागीदारी निभायी। बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं समुचित उपयोग, औद्योगिक विकास को गति देने, क्रिटिकल मिनरल्स की उपलब्धता, पर्यावरण संरक्षण तथा अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति के सदस्यों ने खनन एवं खनिज क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग, पारदर्शिता बढ़ाने तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाये रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।बैठक को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और औद्योगिक विकास में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में इनके दोहन और उपयोग के बीच संतुलन कायम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, खनिज संसाधनों के संरक्षण एवं उनके समुचित उपयोग तथा औद्योगिक विकास को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर समन्वित प्रयास जरूरी हैं। सांसद भगत ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि खनन गतिविधियों में आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।बैठक में कोयला मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), मेकॉन लिमिटेड तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड समेत संबंधित संस्थानों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सांसद सुखदेव भगत की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया।उनके द्वारा ऊर्जा, खनिज, पर्यावरण और औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाये जाने से झारखंड सहित खनिज संपदा वाले राज्यों के हितों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। झारखंड सरकार के मंत्री सह गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद सोमवार को उनके पुत्र श्रेयश ने बराकर नदी में उनके पिता की अस्थियों का विसर्जन किया। पूरे विधि-विधान और भावुक माहौल के बीच श्रेयश ने अपने पिता को अंतिम विदाई दी। अस्थि विसर्जन के दौरान परिवार के करीबी सदस्य और शुभचिंतक भी मौजूद रहे। माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। पिता की अस्थियों को नदी में प्रवाहित करते समय श्रेयश भावुक नजर आये। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गयीं। सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से गिरिडीह समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर है। रविवार को उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार उनके गृह क्षेत्र गिरिडीह में किया गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए और नम आंखों से उन्हें विदाई दी। सोमवार को बराकर नदी में अस्थि विसर्जन के साथ ही उनके अंतिम संस्कार की धार्मिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। परिवार के लिए यह बेहद भावुक और पीड़ादायक क्षण रहा। समर्थकों और शुभचिंतकों ने दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी स्मृतियों को याद किया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.