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धनबाद : मासूम विक्रम की मौत के 48 घंटे बाद भी मुआवजे का इंतजार
Published / 2026-09-10 14:21:57
धनबाद : मासूम विक्रम की मौत के 48 घंटे बाद भी मुआवजे का इंतजार

मासूम विक्रम की मौत के 48 घंटे बाद भी मुआवजे का इंतजारशव के साथ धरने पर बैठा परिवार; पुनर्वास की मांग तेजएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर, तीन पटिया भुइंया पट्टी में मंगलवार अहले सुबह करीब पांच बजे हुए भयावह भू-धंसान ने एक परिवार से उसका मासूम चिराग छीन लिया। मलबे में दबने से 10 वर्षीय विक्रम कुमार की मौत हो गई। हादसे के बाद से परिवार में मातम है, वहीं प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित आशियाने और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।मंगलवार को हादसे के बाद परिजन और स्थानीय लोग शकलदेव सिंह चौक पर धरने पर बैठे थे। देर रात करीब आठ बजे विक्रम के शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेजा गया। बुधवार दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद शव को वापस लाया गया। इसके बाद परिजन मासूम के शव को लेकर तेतुलमारी महाप्रबंधक कार्यालय, सिजुआ क्षेत्र संख्या-5 के मुख्य द्वार पर दूसरे दिन भी धरने पर बैठ गए।परिजनों की मुख्य मांग मृतक बच्चे के परिवार को उचित मुआवजा, प्रभावित परिवारों का समुचित पुनर्वास तथा सुरक्षित आवास की व्यवस्था है। परिजनों का कहना है कि हादसे ने उनके घर और परिवार की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों के लिए ठोस राहत और पुनर्वास की कार्रवाई जरूरी है।धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि हादसे के करीब 36 घंटे बीत जाने के बावजूद मुआवजे अथवा पुनर्वास को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है। इसी को लेकर परिवार और स्थानीय लोग शव के साथ धरने पर डटे हुए हैं।धरने में कांग्रेस नेता ओमप्रकाश लाल और समाजसेवी छोटू रवानी भी शामिल हुए। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर प्रबंधन और प्रशासन से तत्काल मानवीय पहल करते हुए उचित मुआवजा एवं पुनर्वास की व्यवस्था कराने की मांग की।परिवार को सिर्फ मुआवजा नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिएभू-धंसान की घटना में एक मासूम की जान चली गई है। ऐसे में प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के साथ-साथ सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास, रहने के लिए आवास और नियमानुसार मिलने वाली अन्य राहत उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी प्रभावित परिवार को दोबारा उसी खतरे के बीच रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन को घटनास्थल का गंभीरता से आकलन कर प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।प्रशासन और प्रबंधन से उठे अहम सवालमासूम की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पीड़ित परिवार को राहत कब मिलेगी? क्या प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाएगा? क्या मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी?परिजनों की मांग है कि बातचीत के जरिए तत्काल समाधान निकाला जाए और लिखित रूप से राहत एवं पुनर्वास की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए, ताकि परिवार को अपने बच्चे के अंतिम संस्कार के साथ-साथ भविष्य की चिंता से भी राहत मिल सके।फिलहाल शव के साथ धरना जारी है और सभी की निगाहें प्रशासन एवं बीसीसीएल प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। वीडियो में सुनिए—धरने पर बैठे कांग्रेस नेता ओमप्रकाश लाल एवं समाजसेवी छोटू रवानी ने क्या कहा।

धनबाद : भू-धंसान में बच्चे की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन, 30 लाख मुआवजे की मांग
Published / 2026-09-10 14:17:32
धनबाद : भू-धंसान में बच्चे की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन, 30 लाख मुआवजे की मांग

धनबाद : भू-धंसान में बच्चे की मौत के बाद परिजनों का प्रदर्शन, 30 लाख मुआवजे की मांगसिजुआ 10 नम्बर मोड़ के तीन पटिया टोला में हादसे के बाद दहशत, प्रभावित परिवारों को स्टेडियम के बरामदे में रहने को मजबूरएबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। जोगता थाना क्षेत्र अंतर्गत सिजुआ 10 नंबर मोड़ स्थित तीन पटिया टोला में मंगलवार सुबह को हुए जोरदार भू-धंसान की घटना के बाद बुधवार को मृत बच्चे के परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद बीसीसीएल एरिया-5 कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन मृतक के आश्रित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग को लेकर कार्यालय के बाहर बैठे हुए हैं।बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह हुए भू-धंसान की चपेट में आने से गुड्डू भुइयां के पुत्र की मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया।भू-धंसान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल के समीप लगा बिजली का पोलऔर एक बड़ा पीपल का पेड़ करीब 10 फीट नीचे जमीन में धंस गया। इससे स्थानीय लोगों में यह आशंका बनी हुई है कि जमीन के नीचे की स्थिति अभी भी खतरनाक बानी हुई है।प्रभावित परिवारों को स्टेडियम में ठहराया गयाघटना के बाद भू-धंसान प्रभावित परिवारों को उनके घरों से हटाकर सिजुआ स्टेडियम के बरामदे में पर्दे लगाकर रहने को मजबूर किए जाने की बात सामने आई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें सुरक्षित और स्थायी स्थान पर पुनर्वास की जरूरत है। बरामदे में रहने से बच्चों और बुजुर्ग को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से कोयला खनन के कारण जमीन के धंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके बावजूद प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास और सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव में वोट के लिए आते हैं। 30 लाख मुआवजा और पुनर्वास की मांगमृतक के परिजन और स्थानीय लोग बीसीसीएल प्रबंधन से मृत बच्चे के आश्रित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा, प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास तथा भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराने की मांग कर रहे हैं।लोगों का कहना है कि जब तक प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां रह रहे लोगों की जान पर खतरा बना रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई की मांग की है।भू-धंसान की लगातार हो रही घटनाओं के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यहाँ का विधायक बीजेपी और सांसद भी बीजेपी है और दोषी जेएमएम l आखिर कब तक बाघमारा में सिजुआ, सोनारडीह और छाताबाद के आसपास के इलाकों के लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर रहेंगे?

धनबाद : फरार वारंटी प्रकाश डोम गिरफ्तार
Published / 2026-09-10 14:11:52
धनबाद : फरार वारंटी प्रकाश डोम गिरफ्तार

फरार वारंटी प्रकाश डोम गिरफ्तार, न्यायालय में पेशी के बाद भेजा गया जेलएबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में फरार वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर चलाए जा रहे विशेष छापेमारी अभियान के तहत पुलिस ने एक फरार वारंटी को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, GR Case No. 269/14 के फरार वारंटी प्रकाश डोम उर्फ ओम प्रकाश, पिता–हीरालाल डोम, निवासी–खास गोविंदपुर, थाना कतरास को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात उसे मंडल कारा, धनबाद भेज दिया गया। कतरास थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार एवं वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में 10 सितंबर को उमंग और भक्तिभाव से मनेगा श्रीकृष्ण छठी महोत्सव
Published / 2026-09-09 22:07:10
श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में 10 सितंबर को उमंग और भक्तिभाव से मनेगा श्रीकृष्ण छठी महोत्सव

टीम एबीएन, रांची। परमहंस संत डॉ. सदानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का छठी महोत्सव 10 सितंबर, दिन गुरुवार को हर्षोल्लास, उमंग एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया जायेगा। महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की जा रही है। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि छठी महोत्सव के अवसर पर श्री राधा-कृष्ण का जड़ित एवं आकर्षक आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया जायेगा। भगवान श्रीकृष्ण को सुंदर झूले में विराजमान कर झूलन उत्सव भी मनाया जायेगा। श्रद्धालु भक्ति एवं श्रद्धा के साथ भगवान के मनोहारी स्वरूप के दर्शन करेंगे। महोत्सव के क्रम में भगवान श्री राधा-कृष्ण को विभिन्न प्रकार के दिव्य एवं स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया जायेगा। इसमें विशेष रूप से केसरिया खीर, पेड़ा, माखन-मिश्री, पंजीरी, फल एवं नारियल शामिल रहेंगे। मंदिर के पुजारी द्वारा विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान को भोग अर्पित किया जायेगा। इसके पश्चात भगवान की विशेष आरती की जायेगी। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में भाव-विभोर होकर भजन एवं संकीर्तन करेंगे। पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण में सजाया जाएगा।ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल एवं उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि श्रीकृष्ण छठी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम, सेवा और सामूहिक आनंद का पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण करते हुए यह उत्सव श्रद्धालुओं को वात्सल्य, प्रेम, समर्पण एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।महोत्सव के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। ट्रस्ट की ओर से रांची एवं आसपास के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की गयी है।

जिला राजी पड़हा व्यवस्था को अनदेखा कर पेसा कानून एवं ग्राम सभा चयन में अनियमितता का आरोप
Published / 2026-09-09 22:06:19
जिला राजी पड़हा व्यवस्था को अनदेखा कर पेसा कानून एवं ग्राम सभा चयन में अनियमितता का आरोप

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा जिला प्रशासन द्वारा जिला राजी पड़हा व्यवस्था को अनदेखा करते हुए पत्रांक 379, दिनांक 10.06.2026 के माध्यम से जारी सूची तथा पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के चयन/ गठन की प्रक्रिया में कथित अनियमितता के संबंध में आदिवासी संगठनों ने आज दिनांक 08.09.2026 को उपायुक्त, लोहरदगा को मांग-पत्र सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराया। आदिवासी संगठनों का कहना है कि लोहरदगा जिले में आदिवासी समाज की पारंपरिक सामाजिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के रूप में जिला राजी पड़हा व्यवस्था लंबे समय से अस्तित्व में है। इसके बावजूद ग्राम सभा एवं ढएरअ से संबंधित प्रक्रिया में इस पारंपरिक व्यवस्था की भूमिका और स्थानीय सामाजिक संरचना को नजरअंदाज किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। संगठनों ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा जारी पत्रांक 379 दिनांक 10.06.2026 के आधार पर तैयार सूची एवं उसके तहत की गयी पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित ग्राम सभाओं के चयन/गठन में किन नियमों, प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। आदिवासी संगठनों ने उपायुक्त महोदय से मांग की है कि  पत्रांक 379 दिनांक 10.06.2026 के आधार पर जारी सूची एवं उससे संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया की जांच कराई जाए। पेसा कानून के प्रावधानों के अनुरूप ग्राम सभा की प्रक्रिया की पारदर्शी समीक्षा की जाए। ग्राम सभा के गठन/चयन में रूढ़ी जन्य पारंपरिक ग्राम व्यवस्था एवं स्थानीय आदिवासी सामाजिक संरचना की भूमिका को स्पष्ट किया जाए। जिला राजी पड़हा व्यवस्था को अनदेखा किए जाने के कारणों को सार्वजनिक किया जाए। यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रक्रिया/सूची को निरस्त कर नियमानुसार पुन: प्रक्रिया शुरू की जाए। भविष्य में पेसा एवं ग्राम सभा से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में स्थानीय आदिवासी समाज की संवैधानिक एवं पारंपरिक रूढ़ी जन्य व्यवस्थाओं की उपेक्षा न की जाए। संगठनों ने कहा कि ढएरअ कानून आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा को अधिकार एवं भागीदारी प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसलिए ग्राम सभा से संबंधित किसी भी प्रक्रिया को केवल प्रशासनिक औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि स्थानीय समुदाय की वास्तविक भागीदारी और अधिकारों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आदिवासी संगठनों ने उपायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट की जाए और संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी दी जाए। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर समयबद्ध एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे की कार्रवाई करने पर विचार किया जाएगा। इस अवसर पर जिला राजी पडहा व्यवस्था के वेल लक्ष्मी नारायण भगत,जिला राजी सरना प्रार्थना सभा के अध्यक्ष सोमदेव उरांव,आदिवासी समन्वय के अध्यक्ष अरविंद उरांव, सोमे उरांव, वन्दे उरांव, बुधेश्वर उरांव, नारायण उरांव, वीरेंद्र उरांव, जोंक वेल मंजन उरांव, राजु उरांव , गोसाई उरांव आदि ग्रामीण उपस्थित थे।

धनबाद : भं-धंसान में मृत मासूम की मुआवजा को लेकर बीसीसीएल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
Published / 2026-09-09 22:05:07
धनबाद : भं-धंसान में मृत मासूम की मुआवजा को लेकर बीसीसीएल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

भू-धंसान ने छीनी मासूम की जिंदगी, अब 30 लाख मुआवजे की मांग को लेकर बीसीसीएल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन सिजुआ के तीन पटिया टोला में मातम और दहशत का माहौल, बेघर हुए परिवार स्टेडियम के बरामदे में रहने को मजबूर एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद/कतरास। धनबाद के कोयलांचल में भू-धंसान का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिजुआ मोड़ स्थित तीन पटिया टोला में मंगलवार को हुए भीषण भू-धंसान ने एक मासूम बच्चे की जिंदगी छीन ली। अब इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद मृत बच्चे के परिजन बीसीसीएल एरिया-5 कार्यालय के समक्ष पहुंच गये और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन मृतक के आश्रित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं। तीन पटिया टोला में हुए भू-धंसान की भयावहता ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। घटनास्थल के समीप लगा बिजली का तार और एक विशाल पीपल का पेड़ जमीन के साथ करीब 10 फीट नीचे धंस गया। इस भयावह दृश्य को देखकर आसपास के लोगों में डर है कि जमीन के नीचे की स्थिति अभी भी बेहद खतरनाक हो सकती है। लोगों को आशंका सता रही है कि कहीं फिर से जमीन न धंस जाए और कोई दूसरा बड़ा हादसा न हो जाए। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को उनके घरों से हटाकर सिजुआ स्टेडियम के बरामदे में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। बताया जा रहा है कि परिवार पर्दे लगाकर बरामदे में रहने को मजबूर हैं। एक तरफ लोगों ने अपना आशियाना छोड़ा, तो दूसरी तरफ अब उनके सामने भविष्य और स्थायी ठिकाने का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित परिवारों का सवाल है कि आखिर वे कब तक इस तरह अस्थायी व्यवस्था में जीवन गुजारेंगे? मृतक बच्चे के परिजन और स्थानीय लोग बीसीसीएल प्रबंधन के समक्ष कई मांगें रख रहे हैं— मृतक के आश्रित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा दिया जाये। भू-धंसान प्रभावित सभी परिवारों का सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास किया जाये। प्रभावित इलाके की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराई जाये। खतरे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये। आखिर कब खत्म होगा भू-धंसान का यह सिलसिला? स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से भू-धंसान की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावित लोगों की सुरक्षा और स्थायी पुनर्वास को लेकर अपेक्षित ठोस कदम नहीं उठाये गये। एक मासूम की मौत के बाद अब सवाल सिर्फ मुआवजे का नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा और भविष्य का है। आखिर कब तक कोयलांचल के लोग डर के साये में जीने को मजबूर रहेंगे? कब तक धरती धंसती रहेगी और लोगों के आशियाने उजड़ते रहेंगे? और क्या एक और बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? अब सभी की निगाहें प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं।

नीलांबर-पीतांबर की धरती पर पहुंची देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
Published / 2026-09-09 22:02:26
नीलांबर-पीतांबर की धरती पर पहुंची देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा

यात्रा के 17वें दिन गढ़वा जिले में हुआ व्यापक जनसंपर्क टीम एबीएन, गढ़वा/ रांची। जेपीएससी एवं जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित अनियमितता एवं धांधली के खिलाफ छात्रों द्वारा राज्यव्यापी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा जारी है। यात्रा के 17वें दिन बुधवार को गढ़वा जिले में व्यापक जनसंपर्क एवं जनसंवाद कार्यक्रम चलाया गया। यात्रा की शुरुआत बाबा धाम, बंशी नगर में राधा-कृष्ण के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद हनुमान चौक पहुंचकर महापुरुष डॉ. राममनोहर लोहिया को माल्यार्पण किया गया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया गया। इस दौरान यात्रा का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि गढ़वा की धरती वीर नीलांबर-पीतांबर जैसे महान क्रांतिकारियों की धरती है। यहां के वीरों और वीरांगनाओं ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ प्रत्यक्ष संघर्ष किया है। आज इसी धरती के युवा राज्य की नियुक्ति प्रक्रियाओं में व्याप्त अनियमितता एवं धांधली के खिलाफ आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए नियुक्ति प्रक्रियाओं की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच करानी चाहिए तथा पारदर्शी और विश्वसनीय भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके बाद दोपहर को गढ़ देवी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की गयी। वहां से पैदल यात्रा करते हुए रंका मोड़ पहुंचा गया, जहां बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को माल्यार्पण किया गया। इसके पश्चात रंका मोड़ से भव्य रोड शो के माध्यम से टाउन हॉल मैदान पहुंचकर जनसभा आयोजित की गयी। रोड शो एवं जनसभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, युवाओं, छात्रों एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही। आज की यात्रा में कमलेश चौधरी, पंकज कुशवाहा, सुनील कुमार यादव, राजीव कुशवाहा, खुशबू कुमारी, अमित कुमार, प्रीति महतो सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा एवं अभिभावक उपस्थित रहे। बताते चलें कि 11 सितंबर को राजधानी रांची पहुंचकर यात्रा का विधिवत समापन किया जायेगा।

खास सिजुआ दलाहीटांड़ में कथित अवैध कोयला कारोबार बेखौफ
Published / 2026-09-09 22:01:31
खास सिजुआ दलाहीटांड़ में कथित अवैध कोयला कारोबार बेखौफ

दिन के उजाले में खुलेआम चलाया जा रहा अवैध कोयला कारोबार एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड डीजीपी को पत्र लिखकर कहा कि तेतुलमारी क्षेत्र अंतर्गत खास सिजुआ दलाहीटांड में कथित तौर पर अवैध कोयला कारोबार जोर-शोर से चलाया जा रहा है, अवैध मुहाने बनाकर मजदूरों के जरिए कोयला निकाला जा रहा है और दिनभर निकाले गए कोयले को रात होते ही ट्रकों में लोड कर विभिन्न भट्ठों तक पहुंचाया जा रहा है। यह गतिविधि खुलेआम चल रही है लेकिन कोई कार्यवाई तक नहीं होती है । इस कथित कोयला कारोबार को आखिर किसका आशीर्वाद प्राप्त है जो दिन के उजाले में अवैध कोयला कारोबार धड़ले से चला रहे है । वहीं, लगातार अवैध कारोबार की चर्चा से थाना प्रभारी की भी छवि धूमिल हो रही है। धनबाद के एसएसपी की भी छवि को धूमिल की जा रही है। धनबाद के एसएसपी लगातार अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने में लगे रहते है लेकिन कुछ कोयला माफिया प्रशासन को गुमराह करके अवैध कोयला कारोबार संचालित कर रहे है। कि लगातार अवैध कोयला कारोबार के वजह से आये दिन भू धसान जैसे घटनाएं घट रही है लेकिन फिर भी कोयला तस्करी थामने का नाम नहीं ले रहा है जोरो शोरो से दिलाहीटांड खास सिजुआ में चल रहा है अवैध कोयला कारोबार।

धनबाद : सीआईएसएफ कैंप के सामने क्वार्टर में चोरी, पांच लाख के जेवरात ले उड़े चोर
Published / 2026-09-09 22:00:00
धनबाद : सीआईएसएफ कैंप के सामने क्वार्टर में चोरी, पांच लाख के जेवरात ले उड़े चोर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। अंगारपथरा ओपी क्षेत्र अंतर्गत कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग स्थित सीआईएसएफ कैंप के समीप बीसीसीएल क्वार्टर में चोरों ने आधी रात को धावा बोलकर तकरीबन पांच लाख रुपये मूल्य के जेवरात चोरी कर ले उड़े। घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।जानकारी के अनुसार, स्वामी राधेश्याम पासवान के बीसीसीएल क्वार्टर में बीती रात चोरों ने अलमारी तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। सुबह करीब 4 बजे गिरीश स्वामी की नींद खुली, तो उन्होंने घर का सामान इधर-उधर बिखरा हुआ देखा। जांच करने पर अलमारी खुली मिली और उसमें रखे जेवरात गायब थे। परिजनों को आशंका है कि चोरी के दौरान चोरों ने किसी प्रकार के स्प्रे का इस्तेमाल किया, जिसके कारण घर में मौजूद लोगों को भनक तक नहीं लगी और वे गहरी नींद में सोते रहे। घटना की सूचना अंगार पथरा ओपी पुलिस को दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर चोरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। 

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