Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

झारखंड

View All
राजहरा : रेल हादसे में मालगाड़ी के 16 डिब्बे बेपटरी
Published / 2026-06-04 20:49:40
राजहरा : रेल हादसे में मालगाड़ी के 16 डिब्बे बेपटरी

रात 12 बजे तक लाइन क्लियर होने की उम्मीद, कई ट्रेनें रद्द एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। पलामू जिले के राजहरा रेलवे स्टेशन के समीप हुए रेल हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने आधिकारिक बुलेटिन जारी कर स्थिति की जानकारी दी है। हादसे में मालगाड़ी के कुल 16 डिब्बे पटरी से उतर गये, जिससे रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना के बाद युद्धस्तर पर राहत एवं मरम्मत कार्य चलाया जा रहा है। भारी मशीनों और तकनीकी टीमों को मौके पर लगाया गया है ताकि क्षतिग्रस्त ट्रैक को जल्द दुरुस्त किया जा सके। रेलवे का दावा है कि रात 12 बजे तक लाइन क्लियर कर परिचालन बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। हादसे के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। रेलवे ने एहतियातन रांची-सासाराम एक्सप्रेस तथा डेहरी आॅन सोन पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया है। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेनों के मार्ग एवं समय में भी बदलाव किए जाने की संभावना जतायी गयी है।रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी लगातार घटनास्थल की निगरानी कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि अब तक इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि रेल परिचालन प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। वहीं स्थानीय लोगों और यात्रियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कब तक ट्रैक पूरी तरह बहाल होकर रेल परिचालन सामान्य हो पाता है।

बोकारो : रेलवे पटरी पर मिले तीन शव, सनसनी
Published / 2026-06-04 20:47:43
बोकारो : रेलवे पटरी पर मिले तीन शव, सनसनी

रेल की पटरियों पर मिले 3 युवकों के क्षत-विक्षत शव, इलाके में मचा हड़कंप एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। जिले में गुरुवार सुबह रेल की पटरियों पर तीन क्षत-विक्षत शव मिले। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, शव रांची-बोकारो रेलखंड पर स्थित राधागांव रेलवे स्टेशन के निकट मिले।  एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आशंका है कि बुधवार रात किसी ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई होगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। अधिकारी के अनुसार, मृतकों में से एक की पहचान बोकारो जिले के महुआटांड़ गांव के निवासी बबलू सोरेन के रूप में हुई है।  बोकारो स्टील सिटी रेल थाने के प्रभारी अमरेंद्र पतवार ने बताया कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए चास सदर अस्पताल भेज दिया गया है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से एक मोटरसाइकिल और शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं।

मां शारदे मंच ने वार्षिकोत्सव पर पौधरोपण और नेत्र जांच शिविर लगाया
Published / 2026-06-04 20:45:51
मां शारदे मंच ने वार्षिकोत्सव पर पौधरोपण और नेत्र जांच शिविर लगाया

मानव सेवा ईश्वर सेवा के समान है : नीतू सिन्हा  मां शारदे मंच का वार्षिकोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न  टीम एबीएन, रांची। मां शारदे मंच का वार्षिकोत्सव नामकुम के रामपुर गांव के धूमकुड़िया पंचायत में उत्साहपूर्वक मनाया गया। मां शारदे मंच एवं गरुड़ आई हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। मां शारदे मंच की सहभागिता से अनेक लोगों ने नेत्र जांच शिविर का लाभ उठाया। 100 से अधिक लोगों ने शिविर में पहुंचकर अपने आंखों का इलाज करवाया। जांच के दौरान लोगों में मोतियाबिंद, अंधेपन, पास की वस्तुओं को देखने में कठिनाई, चश्मा या कांटेक्ट लेंस जैसी समस्याओं की जांच की गयी। कार्यक्रम के दौरान मां शारदे मंच के सदस्यों ने पौधारोपण कर प्रकृति को हरा भरा बनाने का संकल्प लिया। मां शारदे मंच की अध्यक्ष नीतू सिन्हा ने कहा कि प्रकृति को स्वच्छ और सुंदर बनाकर ही हम स्वस्थ रह सकते हैं। सेवा ही धर्म है और सेवा ही संकल्प है।  मानव सेवा ईश्वर सेवा के समान सभी को इस पुनीत कार्य में आगे आकर सहयोग करना चाहिए। प्रकृति को स्वच्छ बनाकर ही हम अपने परिवेश और पर्यावरण की सुरक्षा कर सकते हैं। नीतू सिन्हा ने बताया कि ऐसे कार्य मंच के माध्यम से हमेशा आयोजित किये जाते हैं।मां शारदे मंच का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वह समाज को एक नया आयाम प्रदान करें। मौके पर रामपुर की मुखिया सरस्वती देवी एवं मंच की सदस्य शिखा प्रिया, सीमा श्रीवास्तव, रजनी बक्शी, रेनू वर्मा, पुष्पा सिंह, समीर सिन्हा, मनोज सिन्हा, शशांक श्रीवास्तव एवं मार्ग्रेट आदि उपस्थित थे।

रामगढ़ : बर्थडे के दिन दो दोस्तों की मौत, परिवार में मातम
Published / 2026-06-03 17:58:06
रामगढ़ : बर्थडे के दिन दो दोस्तों की मौत, परिवार में मातम

जन्मदिन के दिन मिली मौत: दोस्त के साथ केक काटा, जश्न मनाया और फिर सड़क हादसे ने छीन ली दोनों की जिंदगी एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। जिले के बासल थाना क्षेत्र स्थित सियारी टोला में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गयी। मृतकों की पहचान सौंदा डी निवासी 28 वर्षीय अभिषेक कुमार शर्मा और 30 वर्षीय राहुल कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गयी है।  पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक कुमार शर्मा का जन्मदिन था। जन्मदिन के मौके पर वह अपने मित्र राहुल कुमार के साथ बाइक से पतरातू डैम घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने एक रेस्टोरेंट में जन्मदिन का जश्न मनाया और देर रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान सियारी टोला के पास उनकी बाइक तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित हो गयी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बाइक सड़क किनारे बनी बाउंड्री को तोड़ते हुए करीब 100 फीट अंदर तक चली गयी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गये। अंधेरा और सुनसान इलाका होने के कारण दुर्घटना की जानकारी किसी को नहीं मिल सकी और दोनों घंटों तक घटनास्थल पर ही पड़े रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सहायता मिल जाती तो शायद उनकी जान बचायी जा सकती थी। देर रात तक दोनों युवकों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।  काफी खोजबीन के बाद बुधवार सुबह दुर्घटनास्थल से दोनों के शव बरामद किये गये। घटना की सूचना मिलते ही बासल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। बासल थाना प्रभारी कैलाश ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेज दिया गया है।प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण बाइक की तेज रफ्तार माना जा रहा है। घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक जन्मदिन का जश्न कुछ ही घंटों में दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।

धनबाद : शादी के पर्दे के पीछे फल-फूल रहा अवैध कोयला कारोबार!
Published / 2026-06-03 17:18:51
धनबाद : शादी के पर्दे के पीछे फल-फूल रहा अवैध कोयला कारोबार!

रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर की कार्रवाई की मांग एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड सरकार, विधायक सरयू राय, झरिया विधायक रागिनी सिंह, झारखंड पुलिस एवं धनबाद पुलिस को टैग करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर ट्वीट कर ईस्ट बसुरिया क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है। रत्नेश कुमार ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया है कि ईस्ट बसुरिया क्षेत्र अंतर्गत चेक पोस्ट के पीछे स्थित ग्राउंड के समीप बड़े पैमाने पर अवैध कोयला कारोबार संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व सीआईएसएफ द्वारा छापेमारी की गयी थी, इसके बावजूद कोयला तस्करों ने पुन: अपना अवैध कारोबार शुरू कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसे तस्करों को किसका संरक्षण प्राप्त है कि कार्रवाई के बाद भी कोयला तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कोयला तस्करों ने अपने कारोबार को छिपाने के लिए नया तरीका अपनाया है। ग्राउंड के समीप चारों ओर शादी-विवाह में इस्तेमाल होने वाले रंगीन पर्दे एवं तिरपाल लगाकर ग्राउंड के समीप घेर दिया गया है। दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो वहां कोई सामाजिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा हो, जबकि पर्दे के भीतर कथित रूप से अवैध कोयले का भंडारण एवं अवैध कोयला कारोबार चलाया जा रहा है। रत्नेश कुमार ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है तथा क्षेत्र के थाना प्रभारी की छवि भी धूमिल हो रही है। उन्होंने झारखंड सरकार एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

विश्व साइकिल दिवस स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत विकास का देता है संदेश : संजय सर्राफ
Published / 2026-06-03 14:03:45
विश्व साइकिल दिवस स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत विकास का देता है संदेश : संजय सर्राफ

विश्व साइकिल दिवस स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत विकास का देता है संदेश : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व साइकिल दिवस प्रत्येक वर्ष 3 जून को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य साइकिल के महत्व को बढ़ावा देना, लोगों को इसके उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत विकास में इसकी भूमिका को रेखांकित करना है। वर्ष 2018 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने एक प्रस्ताव पारित कर 3 जून को विश्व साइकिल दिवस घोषित किया था। इसके बाद से विश्वभर में यह दिवस उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है।साइकिल मानव जीवन के लिए सबसे सरल, सुलभ, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन साधनों में से एक है। यह न केवल ईंधन की बचत करती है, बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बढ़ते वायु प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच साइकिल एक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही है। विश्व साइकिल दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि नियमित रूप से साइकिल चलाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। साइकिलिंग हृदय को मजबूत बनाती है, मोटापा कम करती है, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के जोखिम को घटाती है तथा शरीर की कार्यक्षमता को बढ़ाती है। साथ ही यह तनाव कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है। यह दिवस समाज में समानता और समावेशन का भी संदेश देता है। साइकिल एक ऐसा साधन है जो अमीर-गरीब, ग्रामीण-शहरी सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपयोगी है। विकासशील देशों में लाखों लोग आज भी शिक्षा, रोजगार और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए साइकिल पर निर्भर हैं। इसलिए साइकिल केवल एक वाहन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी है।विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर विभिन्न देशों में साइकिल रैलियां, जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक साइकिल अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया जाता है।आज जब पूरी दुनिया स्वच्छ पर्यावरण और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है, तब साइकिल का महत्व और भी बढ़ जाता है। विश्व साइकिल दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि हम अपने दैनिक जीवन में साइकिल को अधिक स्थान दें, स्वस्थ रहें, पर्यावरण की रक्षा करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर एवं स्वच्छ भविष्य का निर्माण करें।

ईटखोरी : चर्चित उद्योगपति अभय और शिवकुमार सिंह को पितृशोक
Published / 2026-06-03 11:03:28
ईटखोरी : चर्चित उद्योगपति अभय और शिवकुमार सिंह को पितृशोक

पूर्व प्रमुख ऋषिबाला के ससुर, नवादा पंचायत के मुखिया विकास सिंह, समाजसेवी योगेन्द्र सिंह, उद्योगपति शिवकुमार सिंह एवं अभय सिंह के पिता का निधनइटखोरी में शोक की लहर, आज कंजिया मुक्तिधाम में होगा अंतिम संस्कारएबीएन न्यूज नेटवर्क, इटखोरी। क्षेत्र के सम्मानित बुजुर्ग, पूर्व प्रमुख ऋषिबाला के ससुर, समाजसेवी योगेन्द्र सिंह, उद्योगपति शिवकुमार सिंह तथा अंतरराष्ट्रीय होटल व्यवसायी अभय सिंह के पिता का आज प्रातः लगभग 4 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही इटखोरी सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई।दिवंगत अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वे अपने सरल व्यक्तित्व, सामाजिक सरोकारों और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन को समाज और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे कंजिया मुक्तिधाम में किया जाएगा। उनके निधन पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायिक जगत से जुड़े लोगों एवं शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।

धनबाद : एसएसपी प्रभात कुमार ने सिखाये प्रोफेशनल पुलिसिंग के गुर
Published / 2026-06-02 21:32:29
धनबाद : एसएसपी प्रभात कुमार ने सिखाये प्रोफेशनल पुलिसिंग के गुर

धनबाद पुलिस की विशेष कार्यशाला : एसएसपी प्रभात कुमार ने दिये प्रोफेशनल पुलिसिंग के गुर बेहतर कार्य करने वालों को मिलेगा सम्मान, लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। धनबाद पुलिस केंद्र धनबाद में मंगलवार को वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारियों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सिटी एसपी रित्विक श्रीवास्तव एवं ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब भी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस अवर निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) स्तर के पदाधिकारियों को पुलिस कार्यप्रणाली, अनुसंधान, अपराध नियंत्रण एवं जनसंपर्क से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है जिसके माध्यम से जिले के 329 पुलिस अवर निरीक्षक एवं 561 सहायक अवर निरीक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार लाना, अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाना तथा अपराध नियंत्रण के साथ आम नागरिकों को बेहतर कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। कार्यशाला के दौरान एसएसपी प्रभात कुमार ने सभी पदाधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कांडों के उद्भेदन में तेजी लाते हुए समय पर चार्जशीट न्यायालय में समर्पित की जाए तथा अनुसंधान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों का अधिकतम संकलन किया जाए। इसके अलावा वारंट और कुर्की के निष्पादन में भी तेजी लाने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आपराधिक घटना की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों एवं कंट्रोल रूम को दी जाए। पुलिस पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें तथा क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर पेट्रोलिंग करें। रात के समय संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सत्यापित करने, पहचान पत्रों की जांच करने तथा देर रात बाहर रहने के कारणों की जानकारी लेने का भी निर्देश दिया गया। एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि क्षेत्र में सूचना तंत्र को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। यदि पुलिस को समय रहते हर गतिविधि की जानकारी मिलेगी तो अपराधों की रोकथाम में अधिक सफलता मिलेगी। उन्होंने एंटी क्राइम चेकिंग अभियान, वाहन जांच एवं संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी को नियमित रूप से संचालित करने पर बल दिया। थाना स्तर पर शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी फरियादी को अनावश्यक परेशान न किया जाये। पुलिस पदाधिकारी असामाजिक एवं दागी तत्वों से दूरी बनाये रखें तथा आम नागरिकों के साथ मित्रवत एवं मानवीय व्यवहार कर पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करें। एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि जिस दिन उनके कार्यालय में फरियादियों की संख्या न्यूनतम हो जायेगी, उसी दिन यह माना जायेगा कि थाना स्तर पर लोगों को समय पर न्यायिक एवं कानूनी सहायता मिल रही है। उन्होंने अड्डाबाजी के विरुद्ध प्रतिदिन अभियान चलाने तथा क्षेत्र में संचालित नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार करने का निर्देश दिया ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। कार्यशाला के अंत में एसएसपी ने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को सम्मानित किया जायेगा, जबकि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जायेगी। मौके पर सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने भी पुलिस पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

परिसीमन के बहाने आदिवासी अधिकार से छेड़छाड़ पर होगा आंदोलन : सुखदेव भगत
Published / 2026-06-02 21:29:47
परिसीमन के बहाने आदिवासी अधिकार से छेड़छाड़ पर होगा आंदोलन : सुखदेव भगत

परिसीमन के नाम पर आदिवासियों के राजनीतिक अधिकारों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं : सांसद सुखदेव भगत एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। देश में प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में चिंताओं का माहौल लगातार गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि परिसीमन के नाम पर अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में कमी की गयी, तो यह आदिवासी समाज का राजनीतिक विस्थापन साबित होगा। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में राजनीतिक प्रतिनिधित्व केवल चुनावी व्यवस्था का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का सबसे मजबूत माध्यम है। ऐसे में यदि परिसीमन के दौरान जनसंख्या के आधार पर आदिवासी आरक्षित सीटों को कम करने का प्रयास किया जाता है, तो इससे आदिवासी समुदाय की राजनीतिक भागीदारी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उसकी प्रभावी भूमिका कमजोर हो जायेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज पहले से ही अपने अस्तित्व, पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है। ऐसे समय में यदि उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी को कम किया जाता है, तो इसका दूरगामी और गंभीर प्रभाव पड़ेगा। यह केवल सीटों की संख्या घटने का मामला नहीं होगा, बल्कि आदिवासियों की आवाज को लोकतांत्रिक संस्थाओं से कमजोर करने का प्रयास माना जायेगा। आदिवासी समाज में बढ़ रही चिंता सुखदेव भगत ने कहा कि परिसीमन को लेकर जो चर्चा है उससे आदिवासी समाज के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है। लोगों को यह आशंका सता रही है कि कहीं राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कटौती कर उन्हें निर्णय लेने की मुख्यधारा से दूर न कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड के विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों से लगातार इस विषय पर लोगों की चिंताएं सामने आ रही हैं और समाज के बुद्धिजीवी, सामाजिक संगठन तथा जनप्रतिनिधि भी इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान निमार्ताओं ने अनुसूचित जनजातियों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के पीछे एक स्पष्ट सोच रखी थी, ताकि उनकी समस्याएं और मुद्दे लोकतांत्रिक मंचों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। यदि इस व्यवस्था को कमजोर किया जाता है तो यह संविधान की मूल भावना के भी विपरीत होगा। राहुल गांधी से जतायी उम्मीद प्रेस वार्ता के दौरान सांसद सुखदेव भगत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश के वंचित, शोषित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाने का काम राहुल गांधी लगातार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी आदिवासी समाज की भावनाओं, उनकी समस्याओं और उनके संघर्षों को गहराई से समझते हैं। हम अपनी सभी चिंताओं और जमीनी हकीकत को उनके समक्ष रखेंगे। हमें विश्वास है कि वे इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाएंगे और आदिवासी समाज के साथ किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ खड़े होंगे। सुखदेव भगत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा। सड़क से सदन तक लड़ाई की चेतावनी सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान आदिवासी आरक्षित सीटों में कटौती का कोई प्रयास किया गया, तो इसका व्यापक विरोध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने संवैधानिक अधिकारों से समझौता करने वाला नहीं है और जरूरत पड़ने पर संसद से लेकर सड़क तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के भविष्य, अधिकार और राजनीतिक अस्तित्व का प्रश्न है। इसलिए सभी सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को इस विषय पर जागरूक और एकजुट रहने की आवश्यकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज सुखदेव भगत के इस बयान के बाद झारखंड के राजनीतिक गलियारों में परिसीमन को लेकर बहस तेज हो गई है। विभिन्न आदिवासी संगठनों और सामाजिक समूहों ने भी इस विषय पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आदिवासी समाज की राजनीतिक भागीदारी को कमजोर करने वाले किसी भी कदम का विरोध किया जायेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में परिसीमन का मुद्दा झारखंड सहित आदिवासी बहुल राज्यों की राजनीति में एक महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से इस विषय पर स्पष्टता और सभी पक्षों के साथ संवाद की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सांसद सुखदेव भगत ने अंत में कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर उनके संवैधानिक हकों में कटौती स्वीकार नहीं की जायेगी। कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, दयामणि बारला, शशि पन्ना, रमा खलखो, नेशनल, हाई कोर्ट के कानूनविद सहित काफी संख्या में आदिवासी नेता उपस्थित थे।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 81,780