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झारखंड

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रांची : झारखंड चेंबर के अंतिम एनुअल जनरल मीटिंग में हंगामा
Published / 2026-09-12 22:04:14
रांची : झारखंड चेंबर के अंतिम एनुअल जनरल मीटिंग में हंगामा

झारखंड चेंबर में जोरदार हंगामा, सीढ़ी पर बहस करते दिखे सदस्य टीम एबीएन, रांची। झारखंड चेंबर में आज शनिवार को मौजूदा कमेटी की अंतिम एनुअल जनरल मीटिंग हुई। मीटिंग में कुछ मुद्दों को एलकार अचानक बहस हो गई। इसके बाद बाहर निकलते वक्त सीढ़ी पर काफी देर तक जोरदार हंगामा हुआ।  जानकारी के अनुसार, एजीएम में केवल मुद्दे का एजेंडा फिक्स होता है नए मुद्दे नहीं रखे जा सकते इसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। 

रांची : मारपीट मामले की जांच करने ट्यूलिप हॉस्पिटल  पहुंची पुलिस
Published / 2026-09-12 22:03:42
रांची : मारपीट मामले की जांच करने ट्यूलिप हॉस्पिटल पहुंची पुलिस

रांची: ट्यूलिप हॉस्पिटल में मारपीट मामले की जांच करने अस्पताल पहुंची जांच कमेटी टीम एबीएन, रांची। रांची के रिंग रोड स्थित ट्यूलिप हॉस्पिटल में बीते दिनों मरीज के परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच हुई मारपीट मामले को लेकर जांच कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी आज शनिवार को ट्यूलिप हॉस्पिटल पहुंची। वहीं रांची सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद भी ट्यूलिप हॉस्पिटल पहुंचे।सिविल सर्जन के नेतृत्व में टीम ट्यूलिप हॉस्पिटल की जांच कर रही है। साथ ही पूरी घटना की जानकारी ले रही है।   बताते चलें मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे मामले में तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री ने दो दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि निजी अस्पताल चाहे किसी बड़े नेता, कारोबारी, पूंजीपति या प्रभावशाली व्यक्ति का ही क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। नियमों का उल्लंघन पाया गया तो जुर्माने से लेकर अस्पताल को सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी। मेरे लिए जनता सर्वोपरि है।

21 से हड़ताल करेगा गुमला-लोहरदगा ट्रक आॅनर एसोसिएशन
Published / 2026-09-12 21:59:58
21 से हड़ताल करेगा गुमला-लोहरदगा ट्रक आॅनर एसोसिएशन

डीएमओ की कार्रवाई के विरोध में ट्रक मालिकों का धरना, 21 सितंबर से 1500 ट्रकों की हड़ताल की चेतावनी माइंस की दूरी कम दिखाकर ट्रकों पर कार्रवाई का आरोप, गलत तरीके से जब्त वाहनों को छोड़ने की मांग एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा-गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन के बैनर तले शनिवार को लोहरदगा पुराना समाहरणालय के सामने ट्रक मालिकों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना के माध्यम से ट्रक मालिकों ने जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) की कार्रवाई और माइंस से ट्रकों के संचालन के लिए निर्धारित दूरी एवं समय को लेकर विरोध जताया। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि माइंस की वास्तविक दूरी कम दर्शाकर ट्रकों को जब्त किया जा रहा है और वाहन मालिकों पर भारी जुमार्ना लगाया जा रहा है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से बॉक्साइट लदे ट्रकों को दूरी और निर्धारित समय के आधार पर जब्त किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कई मामलों में जब्त ट्रकों को छुड़ाने के लिए ढाई से तीन लाख रुपये तक का जुर्माना मांगा जा रहा है। इससे ट्रक मालिकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ट्रक मालिकों के अनुसार ऊपर पाट क्षेत्र के कुजाम माइंस से लोहरदगा के हेसल तक की वास्तविक दूरी करीब 115 किलोमीटर है, जबकि डीएमओ कार्यालय की ओर से इसे लगभग 64 किलोमीटर बताया जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि इसी दूरी को आधार बनाकर ट्रकों के लिए तीन से चार घंटे में माइंस से हेसल तक पहुंचने और खाली होने का समय निर्धारित किया जा रहा है। ट्रक मालिकों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र से लेकर लोहरदगा तक रास्ते में तीन फॉरेस्ट चेकनाका पड़ते हैं, जहां कागजी प्रक्रिया में ही काफी समय लग जाता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कंवलजीत सिंह ने कहा कि इसके अलावा रास्ते में हाट-बाजार, स्कूलों के आसपास यातायात, सड़क जाम, नो-एंट्री, वीआईपी मूवमेंट, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, साइकिल रेस, मेला एवं विभिन्न त्योहारों के दौरान यातायात प्रभावित होता है। ट्रक चालकों को भोजन और विश्राम के लिए भी समय चाहिए। कई बार वाहन खराब होने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भी निर्धारित समय प्रभावित होता है। ऐसे में वास्तविक परिस्थितियों को नजरअंदाज कर कम दूरी और कम समय निर्धारित करना व्यावहारिक नहीं है। ट्रक मालिकों ने दावा किया कि गुरदरी, अमतीपानी, कुजाम, चिरोडीह, भैंसबथान और सेरेंगदाग सहित अन्य माइंसों की दूरी भी वास्तविक दूरी से काफी कम दर्शायी गयी है। एसोसिएशन का आरोप है कि इसी आधार पर वाहनों को जब्त कर ट्रक मालिकों पर आर्थिक दंड लगाया जा रहा है। धरना के दौरान एसोसिएशन ने मांग की कि गलत तरीके से जब्त किये गये ट्रकों को छोड़ा जाए तथा सभी माइंसों की दूरी और ट्रकों के संचालन के लिए निर्धारित समय का वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर पुनर्निर्धारण किया जाये। एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह ने कहा कि ट्रक मालिक नियमों का पालन करते हुए व्यवसाय करना चाहते हैं, लेकिन दूरी और समय निर्धारण में व्यावहारिकता का ध्यान रखा जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 21 सितंबर से ऊपर पाट क्षेत्र से संचालित होने वाले करीब 1500 ट्रक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ट्रक मालिकों के साथ न्याय नहीं होता और संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। धरना में एसोसिएशन के सचिव मुद्रिका यादव, रहमान अंसारी, रोहित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अभय सिंह, सह कोषाध्यक्ष इरफान दानिश, उपाध्यक्ष शशिकांत लाल दास, हरिचरण प्रसाद साहू, जतरू मुंडा, तारकेश्वर महतो, जसबीर एक्का, मुंतजिर आलम, इम्तेयाज उर्फ बबलू, मुमताज आलम, अजमल कुरैशी, इरशाद, मनीष सिंह, शंकर प्रजापति, रफीक अंसारी, महेंद्र प्रसाद साहू, बबलू खान, सह सचिव सुमित विश्वकर्मा, बरज सिंह, रहमत अंसारी, फिरोज राही, महताब आलम, गुड्डू, मनोज कुमार गुप्ता, राजेश विश्वकर्मा, मोहम्मद अमानुल्लाह, संदेश कुमार प्रजापति, संजीव शर्मा, अनिल साहू, मुख्तार अंसारी, मुन्ना खान, बृजेश साहू, अनूप कुमार भारती, मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा, प्रदीप कुमार, संजय साहू, शिवनाथ यादव सहित बड़ी संख्या में ट्रक मालिक मौजूद थे। एसोसिएशन के सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य अवधेश मित्तल सहित राजन खान, मुकेश साहू, विनोद साहू, निरंजन बड़ाईक, दिलीप साहू, मोहम्मद मिनहाज, विशुन प्रजापति, मोहम्मद राशिद, सामू मियां, मंटू साहू, महेंद्र प्रजापति, राजेंद्र प्रजापति, कामेश यादव, सुरेंद्र यादव, दिनेश प्रसाद, किशोर राम, मोहम्मद फिरोज, किशोर किनोडिया, विनोद महतो, विदुल महतो, शंकर उरांव, गजाधर प्रजापति, फुलदेव उरांव, प्रमोद कुमार, हाजी शमशेर कुरैशी, बालेसर प्रजापति, दीपक साहू, मोहम्मद आदिल, शकील खान, शोएब अख्तर, हाशिम अंसारी, जीतू सिंह, मोती सिंह, मजीद अंसारी, पंकज साहू, अनिल उरांव, अरुण साहू, बंटू साहू, विक्रम उरांव, एसके मिश्रा, समीम कुरैशी, जाहिद अख्तर, मोहम्मद रिजवान, साजिद अंसारी, कंचन महतो, आदित्य कुमार यादव, रूपेश चंद्र सिंह, सोहेल अख्तर, रामकिशोर राम, नीरज कुमार, मोहम्मद कैश, पवन सिंह, पंकज कुमार, मुन्ना भगत और जयराम उरांव समेत सैकड़ों ट्रक मालिक उपस्थित रहे। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 21 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लागू किया जायेगा। इससे बॉक्साइट परिवहन और खनन गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना जतायी गयी है। 

चोरों को सारे नजर आते हैं चोर : आलोक साहू
Published / 2026-09-12 21:44:32
चोरों को सारे नजर आते हैं चोर : आलोक साहू

भाजपा नेता भानु प्रताप शाही लोहरदगा की जनता से माफी मांगे वरना मानहानि केस का दंश झेलने के लिए रहे तैयार : साहू भानु प्रताप शाही जो भ्रष्टाचार लूट और अपराध के मामलों में जेल जा चुके है, उनको दूसरे पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा इंटक यूनियन के अध्यक्ष सह जिला के वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार साहू ने लोहरदगा समाहरणालय में भाजपा के धरना प्रदर्शन में पूर्व विधायक भाजपा नेता भानु प्रताप शाही द्वारा  लोहरदगा लोकसभा के लोकप्रिय सांसद सुखदेव भगत पर लगाया गया आरोप कि उन्होंने पैसे लेकर नौकरियां दी हैं। पूरी तरह से तथ्यहीन, बेबुनियाद और राजनीतिक कुंठा से ग्रसित है। इस झूठे आरोप का मैं सिरे से खंडन करता हूं। आलोक साहू ने कहा किभानु प्रताप शाही जैसे व्यक्ति को जो खुद जीवन भर भ्रष्टाचार, लूट और अपराध के मामलों में जेल की हवा खाते रहे हैं, उनको दूसरों पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। लोहरदगा की जनता जानती है कि सांसद हमेशा पारदर्शी और ईमानदारी से काम किया है। भाजपा ने आज एक ऐसे व्यक्ति को आगे किया है जिसका पूरा राजनीतिक जीवन ही घोटालों की कहानी रही है। आलोक साहू ने कहा किसाल 2001 में तत्कालीन मंत्री रामचंद्र केसरी का घर बम से उड़ाने के मामले में ये जेल गए थे, तब इनका नाम नक्सलियों के साथ जुड़ा था। मधु कोड़ा सरकार में ये स्वास्थ्य मंत्री थे, तो झारखंड के इतिहास का सबसे बड़ा 150 करोड़ का दवा घोटाला इन्होंने किया। गरीब आदिवासियों के लिए आने वाली दवाइयों के पैसे को खा गया। इसी मामले में सीबीआई, ईडी और विजिलेंस के केस में ये 2 साल से अधिक रांची जेल में रहे हैं। मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति बनाने के मामले में आज भी इन पर र्ईडी की तलवार लटकी है। सरकारी डॉक्टर और पदाधिकारियों के साथ मारपीट और एसटी/एससी एक्ट में कई एफआईआर इन पर दर्ज हैं। जो व्यक्ति खुद सरकारी दवाओं की चोरी करके गरीबों की जान से खेला हो, जो खुद भ्रष्टाचार में जेल गया हो, वो आज ईमानदार सांसद पर झूठा आरोप लगा रहा है। सांसद सुखदेव भगत का राष्ट्रीय स्तर पर कद बढ़ने से भाजपा यहां हताशा में है।श्री साहू ने कहा कि 2014 से 2019 तक यहां भाजपा रघुवर दास की सरकार था उसे 5 वर्षों में भाजपा की सरकार ने एक भी जेपीएससी का परीक्षा नहीं लेकर यहां के गरीब आदिवासी के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम किया था। मै़भानु प्रताप शाही को चुनौती देता हूं- अगर एक भी व्यक्ति का सबूत ला दें कि कि सांसद द्वारा पैसे लेकर नौकरी दी गई है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। नहीं तो उन्हें लोहरदगा की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, वरना उन पर मानहानि का केस दर्ज कराया जायेगा।

मांगों पर विचार नहीं किया गया तो, 2 दिसंबर को राज्य स्तरीय रिले भूख हड़ताल की जायेगी : एआई पीआरपीए
Published / 2026-09-12 21:43:19
मांगों पर विचार नहीं किया गया तो, 2 दिसंबर को राज्य स्तरीय रिले भूख हड़ताल की जायेगी : एआई पीआरपीए

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 12 सितंबर को शहीद चौक, रांची पर  राष्ट्रीय आह्वान  के  तहत 11सूत्री मांगों के समर्थन में  द्वितीय चरण का राज्य स्तरीय धरना का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता साधन कुमार सिन्हा, पूर्व वरिष्ठ डाक अधीक्षक एवं राज्य अध्यक्ष ने की।  इससे पूर्व 10 अगस्त को मंडलीय स्तर पर  धरना का आयोजन किया गया था तथा 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सचिव डाक विभाग को भेजा गया था। धरना में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो 2 दिसंबर को राज्य स्तरीय रिले भूख हड़ताल की जायेगी। 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सचिव, डाक विभाग को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया। मुख्य मांगें आर टी पी की सेवा अवधि का नियमितीकरण  डाक घरों से पेंशन संबंधित कार्यों को डाक लेखा कार्यालयों को हस्तांतरित करने पर अविलंब रोक लगायी जाय और संबंधित आदेश को वापस लिया जाय  30 जून एवं 31 दिसंबर  को पेंशनर्स को मिलने वाली  वेतन वृद्धि का लाभ  पारिवारिक पेंशनर्स को भी दिया जाय पारिवारिक पेंशन के निपटारे  में अप्रत्याशित विलंब पर रोक लगाई जाय  प्रशासनिक मामले के निपटारे में विलंब के कारण पेंशन भुगतान में अप्रत्याशित विलंब की संभावना को समाप्त किया जाय 10 साल से कम सेवा देने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को सीजी एच एस का लाभ सुनिश्चित किया जाय आदि धरना से पूर्व पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य सचिव एम जेड खान ने कहा कि  केंद्र सरकार वैलिडेशन संशोधन के माध्यम से 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत  कर्मियों के पेंशन का रिवीजन नहीं करने जा रही है। टर्म आॅफ रेफरेंस जो आठवें वेतन आयोग को  18 अगस्त को डिपार्टमेंट आॅफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग द्वारा  भेजा गया है ,उसमें 65 लाख केंद्रीय पेंशनर्स को शामिल नहीं किया है जिसके कारण इन्हें आठवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित कर दिया जायेगा। इस ड्राकनियन संशोधन एवं टर्म आॅफ रेफरेंस में संशोधन ना करने, अंतरिम राहत की मंजूरी,तथा 50% मंहगाई भत्ता/ मंहगाई राहत को मूल वेतन एवं पेंशन में समायोजित करने को लेकर 19 मार्च को शहीद चौक रांची पर 11 सूत्री मांगों के समर्थन में झारखंड के फोरम आॅफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा 3 बजे धरना दिया जायेगा, जिसमें पोस्टल /आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन सहित रेलवे, बीएस एनएल, केंद्रीय पेंशनर्स एसोसिएशन एवं बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन भी शामिल होंगे। 25 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना आयोजित किया जायेगा, जिसमें झारखंड से एक दर्जन  से अधिक  पोस्टल पेंशनर्स भाग लेंगे। आज की बैठक को साधन कुमार सिंहा, के डी राय व्यथित, जी एन शर्मा, त्रिवेणी ठाकुर, बलदेव साहू, हरिराम तिवारी, बिपिन चौधरी, अशोक कुमार एवं नरेश लाल ने संबोधित किया। मुख्य उपस्थिति राजेश तांती, हसीना तिग्गा, अमिता तिर्की, परीक्षित सेठ, रंगनाथ पांडेय, त्रिलोकी नाथ साहू, देव चरण साहू, अख्तर शाह, रमेश दुबे, अवधेश पाठक, दीपक वर्मा, इसाक मिंज, आर बैठा, आर के मिंज, राजेंद्र महतो, पास्कल बोदरा, एस पी मंडल, रामेश्वर प्रसाद, रामचंद्र प्रसाद, बी एन मिश्र, सुशीला कुजूर, के एम सिन्हा, एस पी सिन्हा, मो इजहार, सुमित्रा देवी, राम लखन सिंह आदि। उक्त जानकारी आल इन्डिया पोस्टल आरएमएस पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड रांची के राज्य सचिव एम जेड खान ने दी।

धनबाद भू-धंसान मामले में मुआवजा और पुनर्वास पर सहमति के बाद हुई अंतिम संस्कार की तैयारी
Published / 2026-09-12 18:31:52
धनबाद भू-धंसान मामले में मुआवजा और पुनर्वास पर सहमति के बाद हुई अंतिम संस्कार की तैयारी

सिजुआ भू-धंसान मामले में मुआवजे और पुनर्वास पर बनी सहमति, शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ तीन पटिया में भू-धंसान की घटना में 10 वर्षीय विक्रम की मौत के बाद मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा धरना शुक्रवार को सहमति के बाद समाप्त हो गया। प्रभावित परिवार और स्थानीय लोगों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर सहमति जतायी। हालांकि, वार्ता के दौरान मुआवजे की राशि को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसको लेकर बाद में डुमरी विधायक जयराम महतो और कुछ लोगों के बीच बहस भी हुई। तेतुलमारी थाना परिसर में हुई वार्ता में तेतुलमारी थाना प्रभारी, जोगता थाना प्रभारी, भाटडीह ओपी प्रभारी, बाघमारा अनुमंडल प्रशासन के अधिकारी, बीसीसीएल के अधिकारी व जीएम समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रभावित पक्ष के लोग मौजूद थे। बैठक में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता तथा घायलों के बेहतर इलाज समेत कई मांगों पर सहमति बनी। कांग्रेस नेता अशोक लाला ने बताया कि मृतक विक्रम के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा देने और भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग रखी गयी थी। बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। वहीं, बैठक में मौजूद मनोज भुईया, विशाल वाल्मीकि और समाजसेवी छोटू रवानी ने भी बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने पर सहमति बनने की बात कही। जीएम ने कहा- क्षेत्र भू धसान में पुनर्वास की जिम्मेदारी बीसीसीएल की एरिया-5 के जीएम निर्झर चक्रवर्ती ने बताया कि धरना-प्रदर्शन के दौरान बीसीसीएल के कार्य में बाधा उत्पन्न होने को लेकर प्रबंधन की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। उन्होंने कहा कि मामले को अब न्यायालय में देखा जायेगा। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में अवैध खनन के कारण भू-धंसान की घटना हुई है, वह बीसीसीएल के क्षेत्राधिकार में आता है। प्रभावित लोगों के पुनर्वास के संबंध में उन्होंने कहा कि जो भी संभव होगा, प्रबंधन की ओर से किया जायेगा। जीएम ने यह भी कहा कि मृतक के शव को रखकर प्रदर्शन करने के संबंध में न्यायालयों के आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत देखा जायेगा। एसडीपीओ बोले- समझौते के अनुसार होगी कार्रवाई बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि 8 सितंबर को जोगता थाना क्षेत्र में  भू-धंसान की घटना हुई थी। इसमें कई घर प्रभावित हुए और एक बच्चे की मौत हो गयी थी। इसके बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल के सिजुआ एरिया-5 कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने शव रखकर मुआवजे और पुनर्वास की मांग की। एसडीपीओ के अनुसार, बीसीसीएल प्रबंधन के साथ वार्ता में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए बेहतर व्यवस्था करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग देने, मृतक के पिता को आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम उपलब्ध कराने तथा घायलों का सेंट्रल अस्पताल में बेहतर इलाज कराने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और बैठक में बनी सहमति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। एसडीपीओ ने बताया कि प्रबंधन की ओर से काम बाधित होने को लेकर आवेदन दिया गया है। आवेदन की जांच के बाद यदि प्राथमिकी दर्ज करने योग्य तथ्य पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। मुआवजे की राशि स्पष्ट नहीं होने पर जयराम महतो ने उठाये सवाल धरना समाप्त होने और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की प्रक्रिया के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवार, मृतक के पिता, स्थानीय प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुआवजे की स्पष्ट राशि की जानकारी सार्वजनिक रूप से बताने को कहा। विधायक ने मीडिया और स्थानीय लोगों के सामने यह स्पष्ट करने की मांग की कि मृतक के परिवार को कितनी राशि मुआवजे के रूप में दी जायेगी। हालांकि, मौके पर मौजूद लोग मुआवजे की निश्चित राशि स्पष्ट रूप से नहीं बता सके। इसको लेकर जयराम महतो और कुछ स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी की स्थिति बन गयी। बाद में परिजन और स्थानीय लोग शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गये। अब पूरे मामले में प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा वार्ता में बनी सहमति के अनुपालन पर निगाह बनी हुई है।

धनबाद भू-धंसान मामले में मुआवजा और पुनर्वास पर सहमति के बाद हुई अंतिम संस्कार की तैयारी
Published / 2026-09-12 18:20:44
धनबाद भू-धंसान मामले में मुआवजा और पुनर्वास पर सहमति के बाद हुई अंतिम संस्कार की तैयारी

सिजुआ भू-धंसान मामले में मुआवजे और पुनर्वास पर बनी सहमति, शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ तीन पटिया में भू-धंसान की घटना में 10 वर्षीय विक्रम की मौत के बाद मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा धरना शुक्रवार को सहमति के बाद समाप्त हो गया। प्रभावित परिवार और स्थानीय लोगों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर सहमति जतायी। हालांकि, वार्ता के दौरान मुआवजे की राशि को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसको लेकर बाद में डुमरी विधायक जयराम महतो और कुछ लोगों के बीच बहस भी हुई। तेतुलमारी थाना परिसर में हुई वार्ता में तेतुलमारी थाना प्रभारी, जोगता थाना प्रभारी, भाटडीह ओपी प्रभारी, बाघमारा अनुमंडल प्रशासन के अधिकारी, बीसीसीएल के अधिकारी व जीएम समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रभावित पक्ष के लोग मौजूद थे। बैठक में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता तथा घायलों के बेहतर इलाज समेत कई मांगों पर सहमति बनी। कांग्रेस नेता अशोक लाला ने बताया कि मृतक विक्रम के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा देने और भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग रखी गयी थी। बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। वहीं, बैठक में मौजूद मनोज भुईया, विशाल वाल्मीकि और समाजसेवी छोटू रवानी ने भी बीसीसीएल प्रबंधन और प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने पर सहमति बनने की बात कही। जीएम ने कहा- क्षेत्र भू धसान में पुनर्वास की जिम्मेदारी बीसीसीएल की एरिया-5 के जीएम निर्झर चक्रवर्ती ने बताया कि धरना-प्रदर्शन के दौरान बीसीसीएल के कार्य में बाधा उत्पन्न होने को लेकर प्रबंधन की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। उन्होंने कहा कि मामले को अब न्यायालय में देखा जायेगा। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में अवैध खनन के कारण भू-धंसान की घटना हुई है, वह बीसीसीएल के क्षेत्राधिकार में आता है। प्रभावित लोगों के पुनर्वास के संबंध में उन्होंने कहा कि जो भी संभव होगा, प्रबंधन की ओर से किया जायेगा। जीएम ने यह भी कहा कि मृतक के शव को रखकर प्रदर्शन करने के संबंध में न्यायालयों के आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत देखा जायेगा। एसडीपीओ बोले- समझौते के अनुसार होगी कार्रवाई बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि 8 सितंबर को जोगता थाना क्षेत्र में  भू-धंसान की घटना हुई थी। इसमें कई घर प्रभावित हुए और एक बच्चे की मौत हो गयी थी। इसके बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल के सिजुआ एरिया-5 कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने शव रखकर मुआवजे और पुनर्वास की मांग की। एसडीपीओ के अनुसार, बीसीसीएल प्रबंधन के साथ वार्ता में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए बेहतर व्यवस्था करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहयोग देने, मृतक के पिता को आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम उपलब्ध कराने तथा घायलों का सेंट्रल अस्पताल में बेहतर इलाज कराने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और बैठक में बनी सहमति के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। एसडीपीओ ने बताया कि प्रबंधन की ओर से काम बाधित होने को लेकर आवेदन दिया गया है। आवेदन की जांच के बाद यदि प्राथमिकी दर्ज करने योग्य तथ्य पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। मुआवजे की राशि स्पष्ट नहीं होने पर जयराम महतो ने उठाये सवाल धरना समाप्त होने और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की प्रक्रिया के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवार, मृतक के पिता, स्थानीय प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुआवजे की स्पष्ट राशि की जानकारी सार्वजनिक रूप से बताने को कहा। विधायक ने मीडिया और स्थानीय लोगों के सामने यह स्पष्ट करने की मांग की कि मृतक के परिवार को कितनी राशि मुआवजे के रूप में दी जायेगी। हालांकि, मौके पर मौजूद लोग मुआवजे की निश्चित राशि स्पष्ट रूप से नहीं बता सके। इसको लेकर जयराम महतो और कुछ स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी की स्थिति बन गयी। बाद में परिजन और स्थानीय लोग शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गये। अब पूरे मामले में प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा वार्ता में बनी सहमति के अनुपालन पर निगाह बनी हुई है।

अब राज्य के सुदूरवर्ती और आदिवासी बहुल इलाके में भी मिलेगी आईसीयू की सुविधा
Published / 2026-09-12 17:59:50
अब राज्य के सुदूरवर्ती और आदिवासी बहुल इलाके में भी मिलेगी आईसीयू की सुविधा

हर जिले में आईसीयू की व्यवस्था करना सरकार का लक्ष्य : अजय कुमार सिंह रांची में 14वें ईस्ट जोन क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ एआई और टेली-आईसीयू से गंभीर मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सुदूरवर्ती और आदिवासी बहुल गांवों तक गंभीर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के प्रत्येक जिले में आईसीयू की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेली-मेडिसिन और आधुनिक तकनीक के उपयोग से गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। यह बातें स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को रांची में आयोजित 14वें ईस्ट जोन क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में कहीं। रांची क्रिटिकल केयर सोसाइटी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक सेलिब्रेशंस, करमटोली में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय इंटीग्रेटेड क्रिटिकल केयर : ब्रिजिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड कंपैशन रखा गया है। सम्मेलन में देशभर से क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, चिकित्सक, इंटेंसिविस्ट और एनेस्थिसियोलॉजिस्ट भाग ले रहे हैं। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि क्रिटिकल केयर का उद्देश्य विज्ञान, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। कोविड-19 महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने क्रिटिकल केयर के महत्व को समझा। उस समय वेंटिलेटर, मॉनिटर और आईसीयू बेड की कमी के कारण बड़े शहरों में भी मरीजों को समय पर इलाज मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। गंभीर बीमारियों में समय पर जांच और उपचार मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में बड़ी जनजातीय आबादी निवास करती है। राज्य के कई गांव दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां एंबुलेंस और अन्य वाहनों का पहुंचना भी कठिन होता है। ऐसे में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना और विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने राज्य में आईसीयू सुविधाओं की सीमित उपलब्धता, डॉक्टरों और अस्पतालों में बेड की कमी तथा गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले अधिक खर्च को प्रमुख चुनौतियों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में किसी भी मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी न हो। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में 10 बेड की टेली-आईसीयू सुविधा के माध्यम से जिला स्तर पर गंभीर मरीजों के उपचार में सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग भी स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ाया जायेगा। AI आधारित प्रणाली मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न मापदंडों की निगरानी में मदद करेगी, जबकि उपचार से संबंधित अंतिम निर्णय चिकित्सक ही लेंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से विशेषज्ञ डॉक्टरों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के बीच की दूरी कम होगी। इससे समय पर उपचार सुनिश्चित करने और परिवहन संबंधी कठिनाइयों के कारण होने वाले जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी पर चिंता जताते हुए श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में रिम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पढ़ाई की व्यवस्था है, जहां नौ सीटें उपलब्ध हैं। सरकार अन्य संस्थानों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। अगले तीन से चार वर्षों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य है। इससे राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित कर मजबूत क्रिटिकल केयर इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें आर्थिक स्थिति और भौगोलिक दूरी किसी भी व्यक्ति के इलाज में बाधा न बने। सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक फैकल्टी और 200 से अधिक डॉक्टर भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम की शुरूआत एक दिवसीय हैंड्स-आॅन वर्कशॉप से हुई। सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक सत्रों और विशेषज्ञ चर्चाओं का आयोजन किया जा रहा है। मौके पर आईएससीसीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणबीर सिंह त्यागी और राष्ट्रीय सचिव डॉ. घनश्याम जागोतकर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार अग्रवाल और आयोजन सचिव डॉ. मनोज कुमार के नेतृत्व में सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्य डॉ. विनोद, डॉ. विशाल विनोद, डॉ. तापस साहू, डॉ. जय प्रकाश, डॉ. विजय मिश्रा और डॉ. डीएसएन राव सहित रांची क्रिटिकल केयर सोसाइटी के सदस्यों ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

धनबाद : छाताबाद काजू बगान में फिर बना गोफ
Published / 2026-09-12 13:51:29
धनबाद : छाताबाद काजू बगान में फिर बना गोफ

धनबाद : छाताबाद काजू बगान में फिर बना गोफ तालाब का पानी जमीन में समाया; हजारों लोग दहशत मेंएबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद काजू बगान में शनिवार को एक बार फिर जमीन में गोफ बनने से इलाके में हड़कंप मच गया। गोफ में तालाब का पूरा पानी तेजी से जमीन के अंदर समाने लगा। घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।बताया जाता है कि कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में गोफ बना था, जिसके कारण तालाब का पूरा पानी जमीन में समा गया था। इसके बाद बीसीसीएल की ओर से गोफ की भराई कराई गई थी। इसके बावजूद अब उसी क्षेत्र में दूसरी जगह फिर से गोफ बनने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।ग्रामीणों के अनुसार, नए बने गोफ में लगातार तालाब का पानी समा रहा है। आसपास बड़ी आबादी निवास करती है, ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका को लेकर लोग भयभीत हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और बीसीसीएल प्रबंधन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेने की मांग की है।स्थानीय लोगों का कहना है कि 7 जुलाई और 7 अगस्त को भी छाताबाद के दूसरे छोर पर भू-धंसान की घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं में करीब दो दर्जन घर क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद सैकड़ों लोगों को अपने घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था।लगातार हो रही भू-धंसान और गोफ की घटनाओं ने छाताबाद की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी सर्वेक्षण कराकर खतरे का आकलन किया जाए और संवेदनशील इलाकों में तत्काल स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

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