धुर्वा डैम में 14 वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत, परिवार के साथ गयी थी घूमने टीम एबीएन, रांची। रांची के हटिया स्थित धुर्वा डैम में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। डैम के फाटक के पास पैर फिसलने से 14 वर्षीय बच्ची गहरे पानी में गिर गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी। मृतका की पहचान हटिया निवासी श्रेया गाड़ी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, श्रेया अपने परिवार के साथ धुर्वा डैम घूमने गयी थी। इस दौरान वह डैम के फाटक के निचले हिस्से की ओर चली गयी। बताया जाता है कि अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह सीधे गहरे पानी में जा गिरी। घटना के बाद परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह पानी में डूब गयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और लोगों की मदद से बच्ची को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया। इस हादसे के बाद मृतका के परिवार में मातम पसरा है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर धुर्वा डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी बरतने की आवश्यकता को लेकर सवाल खड़े कर दिये हैं।
एचआईवी पॉजिटिव महिला ने पहचान छिपाकर कराया सिजेरियन, खुलासा होने पर अस्पताल में हड़कंप एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले में मेदिनीनगर के सदर प्रखंड की एक एचआईवी पॉजिटिव महिला ने पहचान छिपाकर मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव (सिजेरियन) कराने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। महिला और उसके साथ आये पति ने डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों से एचआईवी संक्रमित होने की बात पूरी तरह छिपाये रखी, जबकि दोनों लंबे समय से एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) की दवा ले रहे थे और उनका इस संबंध में ग्रीन कार्ड भी बना हुआ था। इस खुलासे के बाद अस्पताल के डॉक्टर और सहयोगी स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह महिला का आॅपरेशन हुआ। संयोगवश, प्रसव से पहले अस्पताल में की गयी जांच में भी महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आयी थी। इस संबंध में एआरटी सेंटर के कर्मियों ने बताया कि कभी-कभी लंबे समय तक नियमित रूप से दवा का सेवन करने के कारण (वायरल लोड कम होने से) रिपोर्ट नेगेटिव आ जाती है। मामले का खुलासा शनिवार शाम करीब 5 बजे हुआ, जब एआरटी सेंटर की एक महिला कर्मी को उक्त मरीज के प्रसव की जानकारी मिली। अलर्ट मोड पर आया अस्पताल प्रबंधन इसके बाद जब सख्ती से पूछताछ की गयी, तो शाम करीब साढ़े 5 बजे मरीज के अटेंडेंट (पति) ने एचआईवी पीड़ित होने की बात स्वीकार की। बात सामने आते ही अस्पताल प्रबंधन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। जन्म लेने वाले बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए तत्काल नेब्रापिन दवा दी गयी, जो संक्रमित माताओं से बच्चों मंं वायरस के प्रसार को रोकने के लिए दी जाती है। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। गाइनोकोलॉजिस्ट विभाग के आॅपरेशन थिएटर (ओटी) प्रभारी अनूपा ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजकर 9 मिनट पर इस महिला का सिजेरियन प्रसव कराया गया था।आॅपरेशन के दौरान महिला या उसके परिजनों ने संक्रमित होने की कोई जानकारी नहीं दी। इस वजह से डॉक्टरों और सहयोगी स्टाफ ने सामान्य सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ही प्रसव कराया। उन्होंने कहा कि अगर महिला ने यह बात पहले बतायी होती, तो अस्पताल कर्मी विशेष सुरक्षा मानकों (पीपीई किट व अन्य अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों) को बढ़ाकर आॅपरेशन करते, जिससे स्टाफ की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती। मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल इस घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे थे, जिस पर प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट की है। मेट्रन शिला कुमारी ने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव महिला के सिजेरियन आॅपरेशन में जिन उपकरणों का प्रयोग किया गया था, उन्हें पूरी तरह अलग रखा गया है और उनका किसी दूसरे मरीज पर इस्तेमाल नहीं हुआ है। अस्पताल के आॅपरेशन थिएटर में प्रत्येक टेबल के साथ उपकरण भी अलग-अलग होते हैं। जिस वक्त इस महिला का आॅपरेशन चल रहा था, उसी दौरान दो अन्य टेबल पर भी दो मरीजों का आॅपरेशन हो रहा था, लेकिन सभी के लिए पूरी तरह अलग और सुरक्षित उपकरणों का उपयोग किया गया था, इसलिए संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एमएमसीएच के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि जैसे ही इस संवेदनशील मामले की जानकारी मिली, तुरंत गाइनोकोलॉजिस्ट विभागाध्यक्ष, मेट्रन और एआरटी विभाग के काउंसलर को स्थिति पर कड़ी नजर रखने और समस्या का त्वरित व सुरक्षित समाधान करने का कड़ा निर्देश जारी किया गया। अस्पताल प्रशासन मरीज और बच्चे की सेहत के साथ-साथ स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व महासागर दिवस प्रत्येक वर्ष 8 जून को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य महासागरों के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा उनके संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना है। महासागर पृथ्वी के लगभग 71 प्रतिशत भाग को आच्छादित करते हैं और मानव जीवन, जैव विविधता तथा वैश्विक जलवायु संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्व महासागर दिवस की अवधारणा वर्ष 1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत की गयी थी। इसके बाद वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आधिकारिक रूप से 8 जून को विश्व महासागर दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की। तब से यह दिवस पूरी दुनिया में विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों, जागरूकता अभियानों और पर्यावरणीय गतिविधियों के माध्यम से मनाया जा रहा है। महासागर पृथ्वी के सबसे बड़े प्राकृतिक संसाधन हैं। वे मानवता को भोजन, आॅक्सीजन, ऊर्जा, औषधीय संसाधन और रोजगार प्रदान करते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी के वायुमंडल में उपलब्ध लगभग 50 प्रतिशत आॅक्सीजन का उत्पादन महासागरों में रहने वाले सूक्ष्म जीवों द्वारा किया जाता है। इसके अलावा महासागर वैश्विक तापमान को नियंत्रित करने तथा कार्बन डाइआॅक्साइड को अवशोषित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्व महासागर दिवस का प्रमुख उद्देश्य समुद्री प्रदूषण, प्लास्टिक कचरे, अत्यधिक मत्स्य दोहन, जलवायु परिवर्तन और समुद्री जैव विविधता के क्षरण जैसी समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है। यह दिवस सरकारों, वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और आम नागरिकों को महासागरों के संरक्षण के लिए एकजुट होने का अवसर प्रदान करता है। इस दिवस की विशेषता यह है कि यह केवल समुद्री क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है। प्लास्टिक के उपयोग में कमी, जल स्रोतों की स्वच्छता, समुद्री जीवों की सुरक्षा और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाकर महासागरों को सुरक्षित बनाया जा सकता है। आज जब समुद्री प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन वैश्विक चिंता का विषय बने हुए हैं, तब विश्व महासागर दिवस हमें यह संदेश देता है कि महासागरों की रक्षा करना मानवता के भविष्य की रक्षा करना है। स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित महासागर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध और संतुलित पृथ्वी का आधार बन सकते हैं। अत: हमें महासागरों के संरक्षण को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानते हुए सतत प्रयास करने चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। सेवा भारती, रांची भाग- 3 का समर कैंप सह नगर वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मौके पर रांची महानगर के अंतर्गत भाग- 3 के तीन नगरों के बाल संस्कार केंद्र के बच्चे, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की महिलाओं सहित 310 की संख्या रही। यह कार्यक्रम चुटिया के साईं कॉलोनी स्थित श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत माता के चित्र के समक्ष अतिथियों ने पुष्पार्पण कर किया। इस अवसर पर बच्चों ने सामूहिक ब्रह्मानाद, गायत्री मंत्रोच्चार एवं मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीता श्लोक, भजन-नृत्य के साथ सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की बहनों ने स्वागत गान प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। मौके पर नृत्य मास्टर शुभम कुमार ने बच्चों को भिन्न-भिन्न मुद्रा में नृत्य कला सीखाकर आनंदित कर दिया। मौके पर श्रीराम नगर में संचालित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र की प्रशिक्षित आठ बहनों को अतिथियों ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। मौके पर सेवा भारती के हितचिंतक व समाज सेवी सी ए विनोद बांका ने अपने उद्बोधन में कहा कि सेवा भारती बच्चों को बाल मन से ही संस्कारित करने का कार्य कर रही है एवं अभावग्रस्त महिलाओं को स्वावलंबन का प्रशिक्षण देकर समाज का नवनिर्माण कर रही हैं। इस अवसर पर समाजसेवी रोहित प्रसाद ने कहा कि ऐसे सेवा के पवित्र कार्य में समाज को आगे आकर अधिक सहयोग करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में पूर्व अपर आयुक्त, कोयला खान भविष्य निधि के एके सिन्हा एवं जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली, रांची के पूर्व उप प्राचार्य संजय कुमार ने भी अपने महत्वपूर्ण विचारों से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन किशोरी विकास आयाम की महानगर प्रमुख सपना सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन रांची भाग-3 के अध्यक्ष परमानंद कुजारा ने किया। कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों को कॉपी-कलम, बिस्किट प्रदान किया गया। इस अवसर पर भाग-3 के उपाध्यक्ष सुमित कुमार सिंह, ओम प्रकाश जलान, रश्मि मिश्रा, महावीर प्रसाद सहित नगर निरीक्षिका, शिक्षिकाओं व स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। गुमला समाहरणालय परिसर में कैनोपी आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो, पुलिस अधीक्षक हरीश बिन जमा, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बिलाल अनवर, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अपार समाहर्ता राजीव रंजन, सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी की मौजूदगी में लोहरदगा लोकसभा सांसद सुखदेव भगत ने किया। मौके पर सांसद ने कहा कि गुमला जिला में किसानों और महिला स्वयं सहायता समूह को बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय उत्पादकों के विपणन को नयी गति देने का प्रयास किया गया है। इस पहल से किसानों को बिचौलियों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी और अपने उत्पादक को बेहतर मूल्य मिलेगा। इस स्टॉल का संचालन जेएसएलपीएस द्वारा सुपोषित गुमला रायडीह फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के द्वारा किया जायेगा। मौके पर राजनील तिग्गा, रमेश कुमार चीनी, संतोष गुप्ता गुड्डू, अकील अहमद, आलोक कुमार साहू, शाहिद अहमद बेलू, राजेश रूद्रा, संगीता जायसवाल, मोती चौबे, जाकिर अंसारी, सन्नी सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
2029 में फिर पुराने स्वरूप में खिलेगा कमल : नितिन नबीन झारखंड में भाजपा का भविष्य उज्ज्वल : भाजपा अध्यक्ष टीम एबीएन, रांची। भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने झारखंड दौरे के दूसरे दिन पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में भाजपा का कमल फिर से पुराने स्वरूप में खिलेगा। 2029 में झारखंड में फिर से कमल खिलेगा। प्रदेश कार्यालय में हुई अहम बैठक दो दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचे नितिन नबीन ने रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों, मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में नितिन नबीन ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा, झारखंड में भाजपा का कमल फिर से पुराने स्वरूप में खिलेगा। उन्होंने याद दिलाया कि झारखंड का गठन भाजपा ने किया था और अब पार्टी का ही कोई नेता-कार्यकर्ता इसे संवारेगा। नितिन नबीन ने कहा, रांची हमारा दूसरा घर है और यहां कमल पुराने स्वरूप में खिलें, यह संकल्प लेने का दिन है। नितिन नबीन ने बैठक में पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकतार्ओं को ऊर्जावान बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में वापसी तभी करेगी जब हर कार्यकर्ता ऊर्जावान होगा। पूर्व विधायक और पार्टी प्रवक्ता अमित मंडल ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि हर भाजपा कार्यकर्ता अपने व्यवहार और आचरण से पार्टी को जन-जन तक पहुंचा सकता है।
हजारीबाग में भीषण सड़क हादसा: बाइक सवार युवक-युवती की दर्दनाक मौत; परिजनों में मचा कोहराम एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में रांची-पटना मुख्य मार्ग पर गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गयी। हादसा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोरांगी के समीप हुआ, जहां तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ट्रक की चपेट में आ गयी।मृतकों की पहचान केशुरा घुघलिया निवासी तौफिक अंसारी (पिता- रियासत अंसारी) और रेशमा (पिता- जेनुअल) के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गयी और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गये। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक तेज गति से हजारीबाग की ओर जा रही थी। मोरांगी के पास अचानक संतुलन बिगड़ने से बाइक ट्रक से टकरा गयी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सवार सड़क पर गिरकर ट्रक के नीचे आ गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। परिजनों के मुताबिक, रेशमा हजारीबाग के केबी महिला महाविद्यालय में पढ़ाई कर रही थी और अपनी बहन के घर रह रही थी। वहीं तौफिक अंसारी अपने पिता के इलाज के सिलसिले में हजारीबाग आया था। बताया जाता है कि दोनों किसी काम से मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। मुफस्सिल थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
भागवत कथा में श्रद्धालु भक्ति रस में हुए सराबोर टीम एबीएन, रांची। महाराजा अग्रसेन भवन अपर बाजार रांची में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह के दिव्य प्रसंग का श्रवण कर भक्ति भाव में डूब गये। कथा व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक आचार्य पंडित अश्विनी मिश्र ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय एवं भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम और अध्यात्म का संदेश दिया। कथा के दौरान आचार्य ने रास पंचाध्यायी का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि महारास के पांच अध्यायों में निहित पंचगीत भागवत के पंचप्राण हैं। जो भी श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के इन दिव्य गीतों का श्रद्धा और भावपूर्वक गान करता है, वह भवसागर से पार हो जाता है तथा उसे वृंदावन की भक्ति सहज ही प्राप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति ही जीवन का परम लक्ष्य है और रासलीला जीव तथा परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीक है। आचार्य ने कथा में भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा प्रस्थान, अत्याचारी कंस के वध, महर्षि संदीपनि के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने, कालयवन वध, उद्धव-गोपी संवाद, गोपियों की अनन्य भक्ति तथा उद्धव द्वारा गोपियों को अपना गुरु स्वीकार करने जैसे प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। इसके साथ ही द्वारका नगरी की स्थापना एवं श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह के प्रसंग को संगीतमय शैली में प्रस्तुत किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथावाचक ने कहा कि महारास के समय भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी मधुर बांसुरी की धुन से गोपियों का आह्वान किया था। महारास लीला के माध्यम से जीवात्मा और परमात्मा का मिलन हुआ, जिसे सनातन धर्म में सर्वोच्च आध्यात्मिक अवस्था माना गया है। उन्होंने कहा कि जीव और ब्रह्म के मिलन को ही महारास कहा जाता है और यह भक्ति, प्रेम तथा समर्पण की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग के दौरान भजनों एवं जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन समिति कि पद्ममा देवी एवं समस्त मंगल परिवार के सदस्यों ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जायेगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आज रविवार को आयोजित रुक्मिणी विवाह में विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र बिंदु रही। पूजा अर्चना में सुमन अरविंद कुमार मंगल, मेघा अर्पित मंगल मुख्य रूप से शामिल हो रहे हैं।
सुदामडीह के मोहलाबानी दामोदर नदी से बड़े पैमाने पर हो रहा बालू की तस्करी, रत्नेश कुमार ने पर सरकार और प्रशासन से की कार्रवाई की मांग एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड पुलिस, झरिया विधायक रागिनी सिंह, विधायक सरयू राय, धनबाद पुलिस एवं धनबाद उपायुक्त को टैग करते हुए सुदामडीह क्षेत्र में कथित अवैध बालू तस्करी का मामला उठाया है। अपने ट्वीट में रत्नेश कुमार ने आरोप लगाया कि सुदामडीह क्षेत्र अंतर्गत मोहलाबानी दामोदर नदी से खुलेआम बालू तस्करी का खेल जारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। रत्नेश कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा खनिज संपदा पर रोक लगाया गया है, लेकिन सुदामडीह क्षेत्र खुलेआम सरकार की आदेशों की धजिया उड़ाई जा रही है सुदामडीह क्षेत्र में बालू माफिया खुलेआम बालू की तस्करी कर रहे हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई करते हैं, लेकिन बालू माफिया उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अवैध बालू खनन और तस्करी पर सख्त कार्रवाई कर क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं खनिज संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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