टीम एबीएन, रांची। महाराजा अग्रसेन भवन में अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंच के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय बसंत मेले के तीसरे एवं आखिरी दिन 28 मार्च को मेले में सुबह से ही रौनक लगी हुई थी। महिलाओं ने जमकर खरीदारी की।हाथ से बने हुए सामानों की लोगों ने काफी तारीफ की।हाथ का बना बादाम शरबत, पानकेक, मावा केक, चॉकलेट, पॉप्स, पेस्ट्री, बच्चों और महिलाओं को बहुत पसंद आए। मेले में हस्तशिल्प, कांजीवरम और केरल की साड़ियों को महिलाओं ने काफी पसंद किया। सुबह से ही लोगों की काफी भीड़ रही। लोगों ने मेले में लजीज व्यंजनों का भी खूब लुत्फ उठाया। संध्या 4 बजे मेले का समापन हुआ समापन की मुख्य अतिथि डॉ नंदिनी थी। शाखा अध्यक्ष मधु सर्राफ ने मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर की।डॉ नंदिनी ने बसंत मेले की प्रशंसा करते हुए कही कि मातृशक्ति व्यापार के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर आत्मनिर्भर एवं स्वालंबन हो रही है। महिलाएं घरों के कार्यों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों एवं जनसेवा के कार्यों में भी बेहतर कार्य कर रही है। मेले की संयोजिका अलका सरावगी ने मेले की सफलता पर प्रकाश डाला,मेले के समापन में हर साल स्टॉल लगाने वाली स्टॉल धारकों को चार अवार्ड दिए जाते हैं। बेस्ट एक्सक्लूसिव आइटम- पुजा मोदी,बेस्ट सेल्सवूमेनशिप- सीजी कुजूर बेस्ट डिस्पले-सोनल अग्रवाल,बेस्ट हैंडीक्राफ्ट - पूनम बेलिया को दिया गया। स्टॉल धारक बहने काफी संतुष्ट नजर आई एवं वसंत मेले की खूब तारीफ की। कार्यक्रम का मंच संचालन सीमा टाॅटिया ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व प्रादेशिक अध्यक्ष रूपा अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष गीता डालमिया, अनुशुया नेवटिया बीना मोदी, मंजू केडिया, शाखा अध्यक्ष मधु सराफ, उर्मिला पाड़िया, प्रीती बंका, रीना सुरेखा, छाया अग्रवाल, प्रीती पोद्दार, सीमा टांटिया , सरिता मोदी,अर्चना अग्रवाल, कुसुम पटवारी,ललिता नारसरिया, सुनीता सरावगी, कमला विजयवर्गीय, उषा विजयवर्गीय, सीमा पोद्दार, सहित अन्य सदस्यों ने प्रमुख भूमिका निभाई। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा ने दी। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बसंत मेले के सफल आयोजन की भूरि- भूरि प्रशंसा की।
टीम एबीएन, रांची। मुस्लिम समुदाय के पवित्र माह रमजानुल मुबारक महीने के आखरी जुमा की नमाज रांची की सभी मस्जिदों में अपने अपने निर्धारित समय पर अदा की गई। राजधानी रांची के लगभग सभी मस्जिदों में मुसलमानों ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा ए हिंद और इमारत शरिया के आह्वान पर वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ हाथों पर काली पट्टी बांध कर नमाज अदा की। इस महीने का अलविदा जुमा होने के कारण बच्चों में जहां उत्साह था वहीं बड़े बुजुर्ग केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ नज़र आए। सभी ने एक आवाज में कहा हमें वक्फ संशोधन बिल मंजूर नहीं। हम ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा ए हिंद, इमारत शरिया के साथ खड़े हैं।मुस्लिम समुदाय के पवित्र माह रमजानुल मुबारक महीने के आखरी जुमा की नमाज रांची की सभी मस्जिदों में अपने अपने निर्धारित समय पर अदा कराई गई। रमजानुल मुबारक महीने के बारे में विस्तार से जामा मस्जिद के खतीब मुफ्ती तलहा नदवी, हववारी मस्जिद के खतीब मुफ्ती कमर आलम कासमी, राईन मस्जिद के खतीब मुफ्ती अनवर कासमी ने कहा है कि रमजान का महीना बड़े ही रहमतों और बरकतों का महीना होता है। इसमें तीन असरे होते हैं। एक असरा रहमत का, दूसरा मगफिरत का और तीसरा आग से खलासी का जो अभी चल रहा है। इस आखरी असरे में कुरान पाक नाजिल हुआ था। इसलिए यह आखरी असरा काफी अहम और महत्वपूर्ण होता है। इसमें एक रात ऐसी होती है जो हजार महीनों से अफ़ज़ल होती है जिसे हम सबे कदर कहते है। साथ ही जकात, सदका, फितरा के बारे में विस्तार से बताया। कहा हर चीज की गंदगी होती है, माल की गंदगी जकात है। आखिर में हम काली पट्टी क्यूं बांधे इस को भी बताया गया।यहां अदा की गई अलविदा जुमा की नमाजरांची की जामा मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज मुफ्ती तलहा, हववारी मस्जिद में शहर काज़ी मुफ्ती क़मर आलम कासमी, राईन मस्जिद में मुफ्ती अनवर कासमी, मस्जिद जाफरिया में मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिज़वी, पत्थलकुदवा में मुफ्ती अब्दुल्ला अज़हर, मदीना मस्जिद में कारी अंसारुल्लाह, बड़ी मस्जिद में मुफ्ती इमरान नदवी, मक्का मस्जिद में मौलाना तल्हा नदवी, छोटी मस्जिद में कारी एहसान, इकरा मस्जिद में मौलाना मोहम्मद ने अदा कराई। इसके पूर्व अब्दुल्लाह मस्जिद, डोरंडा वाली मस्जिद, हांडा मस्जिद समेत रांची शहर के सभी मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज अपने अपने समय पर मजिस्द के पेश इमाम ने अदा कराई।
सोनू मुंडा, टाइगर अनिल महतो, भूपल साहू लगातार हत्याकांड के बीच पुलिस प्रशासन अवैध खनिज संपदा के ट्रांसपोर्टिंग संरक्षण और तहसीलदारी में व्यस्तटीम एबीएन, रांची। वर्तमान हेमंत सरकार के शासन व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया उठने लगी है। हत्यारो का मनोबल बढ़ते जा रही है। लगातार आए दिन दिनदहाड़े सरेआम मर्डर की घटनाएं घटित हो रही है। अपराधी तत्व का मनोबल हाई है, कानून व्यवस्था लाचार है। आम आदमी भयभीत हैं मौत के साए में जी रहें हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने अपने एक्स ट्विटर पर पोस्ट करते हुए कानून व्यवस्था पर आक्रोश जताया है। मीडिया वार्ता में कहा की राजधानी रांची में जोरार नामकुम निवासी सोनू मुंडा, पूर्व जिला परिषद कांके सदस्य अनिल महतो और अब पुनः पंडरा के व्यवसायी भुपल साहू का निर्मम हत्या किया गया। यह घटना दिनदहाड़े सरेआम घटित हुई है। भरी भीड़ के बीच अवैध हथियार चमकाते हुए उक्त कृत घटनाओं को अंजाम दी जा रही है। वर्तमान हेमंत सरकार जंगलराज को बढ़ावा दे रही है। राजधानी रांची में पुलिस प्रशासन केवल अवैध कोयला,बालू,पत्थर खनिज संपदा के ट्रांसपोर्टिंग संरक्षण और तहसीलदारी में व्यस्त है। हमारे संगठन उक्त घटनाओं के खिलाफ सड़क से सदन तक आंदोलित है।लॉ एंड ऑर्डर के कंट्रोल एवं जनसाधारण की जान माल के रक्षा के लिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए।
कमियों को दूर करने का निर्देशएबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। प्रभारी जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राम नारायण कारक एवं डीपीएम, आयुष डॉ. मृत्युंजय कुमार मेहता ने हरिहरगंज प्रखंड के बिशुनुर एवं अंधेरीबाग स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर के संचालन में कमियों को दूर करने एवं तत्परता के साथ मरीजों का इलाज करने का निर्देश दिया। बिशुनपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य पदाधिकारी के कार्यो के साथ दस्तावेजों/रजिस्टर की समीक्षा की गई। कुछ रजिस्टर में पृष्ठ संख्या अंकित नहीं पाया गया। रजिस्टर को अभिप्रमाणित भी नहीं किया गया था।अंधेरीबाग स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी द्वारा औषधी भंडार पंजी, औषधी वितरण पंजी, ओपीडी, बयोवृद्ध आदि उपस्थापित नहीं किया गया। साथ ही होमियोपैथी औषधी की खपत इलाज किए गए मरीजों की संख्या के अनुरूप नहीं पाई गयी। वहीं 3 मार्च 2025 से ओपीडी रजिस्टर में मरीजों का निबंधन नहीं किया गया।प्रभारी जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राम नारायण कारक ने आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कार्य में तत्परता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी तरह की शिथिलता नहीं बरतें। आरोग्य मंदिर में ससमय उपस्थित रहकर मरीजों का समय से इलाज करें। साथ ही सात दिनों के अंदर सभी रजिस्टर को अद्यतन करने आदि का निर्देश दिया।
निरंतर छापेमारी, संलिप्त लोगों पर प्राथमिकी एवं सख्ती से गिरफ्तार करने की करें कार्रवाईअटैच माइंस से पत्थर उठाव नहीं करने वाले क्रसर संचालकों पर करें कार्रवाई, लगायें अर्थदण्डबालू के अवैध भंडारण पर लगाएं रोकउपायुक्त की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की ऑनलाइन बैठकएबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम में टास्क फोर्स की अहम भूमिका है। सभी टीम भावना व आत्मविश्वास के साथ कार्ययोजना तैयार कर छापेमारी करें। संलिप्त खननकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराने, गिरफ्तार करने एवं अर्थदण्ड लगाने की कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। इसकी रोकथाम हेतु छापेमारी में तेजी लाएं। यह बातें उपायुक्त शशि रंजन ने कही। वे आज खनन टास्क फॉर्स की ऑनलाइन बैठक कर रहे थे।उपायुक्त ने कहा कि अटैच माइंस से पत्थर उठाव नहीं करने तथा अवैध उत्खनन कर पत्थरों को लाने वाले क्रसर संचालकों पर कार्रवाई करना सुनिश्चितत करें। उनके खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराएं साथ ही अर्थदण्ड लगाते हुए वसूली की कार्रवाई करें। उपायुक्त ने अंचल एवं थाना स्तर से अवैध परिवहन, खनन एवं भंडारण के विरूद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सख्ती से इसकी रोकथाम का निदेश दिया। अवैध बालू भंडारण पर रोक लगाने अंचल/थाना स्तर पर ट्रेंच कटिंग, बैरिकेटिंग कर चौकीदार की प्रतिनियुक्ति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ट्रेंच कटिंग से अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैटेगरी-1 बालूघाट मुखिया से टैग हैं। छापेमारी कर इसकी अद्यतन स्थिति का जायजा लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने अवैध ईंट्ठा के संचालन पर भी सख्ती से कार्रवाई का निदेश दिया। उपायुक्त ने खनिज एवं बालू के अवैध भंडारण को लेकर जिला खनन पदाधिकारी को टीम के साथ स्थल निरीक्षण करने का निदेश दिया।55 ईट भट्ठेदारों से दंड स्वरूप 88 लाख रूपये की वसूलीउपायुक्त ने अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरूद्ध फरवरी माह में हुए कार्रवाई की गहणता से समीक्षा की। जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार द्वारा बताया गया कि जिले में फरवरी 2025 में 34 वाहनों को जब्त किया गया है। वहीं 2 प्राथमिकी दर्ज की गई है। दण्ड के रूप में 16.43 लाख रूपये की वसूली की गई है। पत्थर खनिज के रद्द डीलर अनुज्ञपित/क्रसरों की संख्या 13 है। वहीं बालू खनिज के रद्द डीलर अनुज्ञप्ति/भंडारण की संख्या 24 है। 55 ईट भट्ठेदारों से 88 लाख रूपये दंड राशि के रूप में वसूली की गई है। वहीं पत्थर खनिज के पट्टेधारियों से 72,57,471 रूपये की वसूली की गई है। इसके अलावा वन प्रमंडल पदाधिकारी की ओर से अवैध खनन, परिवहन से संबंधित 8 प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं जिला परिवहन कार्यालय की ओर से 14 वाहनों को जब्त करते हुए 770500 रूपये की वसूली की गई है। वहीं अंचल/थाना स्तर पर 57 वाहनों को जब्त करने संबंधी कार्रवाई की गई है।उपायुक्त शशि रंजन, वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार, नगर आयुक्त जावेद हुसैन, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार एवं जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार समाहरणालय सभागार में उपस्थित थे, जबकि जिला परिवहन पदाधिकारी, तीनों अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित थे।
गणगौर पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का एक अद्भुत उदाहरण : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हिंदू धर्म में आस्था का पर्व गणगौर पर्व विशेष महत्व है। गणगौर व्रत चैत माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष 1 अप्रैल को गणगौर पर्व मनाया जायेगा। गणगौर शब्द गण और गौर दो शब्दों से मिलकर बना है। जहां गण का अर्थ शिव और गौर का अर्थ माता पार्वती से है। दरअसल, गणगौर पूजा शिव-पार्वती को समर्पित है। इसलिए इस दिन महिलाओं द्वारा भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की मूर्तियां बनाकर उनकी पूजा की जाती है। इसे गौरी तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से महिलाओं को अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव जैसा पति प्राप्त करने के लिए अविवाहित कन्याएं भी यह व्रत करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती भगवान शिव के साथ सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देने के लिए भ्रमण करती हैं। महिलाएं परिवार में सुख-समृद्धि और सुहाग की रक्षा की कामना करते हुए पूजा करती हैं। गणगौर का त्यौहार फाल्गुन माह की पूर्णिमा (होली) के दिन से शुरू होता है, जो अगले 17 दिनों तक चलता है। तथा हर रोज भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति बनाई जाती है और पूजा व गीत गाये जाते हैं।इसके बाद चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके व्रत और पूजा करती हैं और शाम के समय गणगौर की कथा सुनते हैं। तथा गणगौर की मूर्तियों का नदी व तालाबों में पूरे विधि विधान से विसर्जन करती है।यह पर्व खासकर महिलाओं के लिए अत्यधिक महत्व रखता है और पूरे देश में बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। गणगौर पर्व का मुख्य उद्देश्य गोर या पार्वती जी की पूजा करना है, जो अपने पति भगवान शिव के साथ संपूर्ण विश्व के पालनहार माने जाते हैं। इस दिन महिलाएं विशेष रूप से अपने पति के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। साथ ही वे अपने परिवार की खुशहाली और खुशियों की कामना भी करती हैं। इस पर्व का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष गणराज यानी भगवान गणेश की पूजा है, जो इस दिन आशीर्वाद देने के लिए पूजे जाते हैं। गणगौर पूजा की शुरुआत महिलाएं घरों में ईश्वर की मूर्तियां स्थापित करके करती हैं। महिलाएं विशेष रूप से इस दिन रंग-बिरंगे वस्त्र पहनती हैं और पूजा की सामग्री जैसे- दूब, फल, फूल, पानी, व्रत सामग्री आदि तैयार करती हैं। पूजा के दौरान, महिलाएं गाने-गाने और नृत्य करते हुए गणगौर की मूर्तियों को सजाती हैं। इस दिन खासकर महिलाएं अपने पति के नाम से व्रत रखकर उनका कल्याण करने की प्रार्थना करती हैं। गणगौर के व्रत में महिलाओं को सुहागिन होने का विशेष महत्व होता है। गणगौर पर्व राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का एक अहम हिस्सा है। मारवाड़ी समाज की महिलाएं इस पर्व को अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मनाते हैं। महिलाएं अपने हाथों में रंग-बिरंगे चूड़ियां एवं मेहंदी, झुमके और गहने पहनकर इस पर्व को बहुत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाती हैं। गणगौर पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की स्थिति को भी दर्शाता है। यह पर्व महिलाओं को अपनी आस्था, समर्पण और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाने की प्रेरणा देता है। वहीं, समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देता है। इस दिन महिलाएं न सिर्फ अपने घर-परिवार के लिए प्रार्थना करती हैं, बल्कि एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशी और सुख-संपत्ति की कामना करती हैं। गणगौर पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का एक अद्भुत उदाहरण है, जो हमें जीवन में आस्था, प्रेम, और सौहार्द की महत्वपूर्ण बातें सिखाता है। यह पर्व महिलाओं के लिए विशेष रूप से अपनी आस्था और समर्पण को प्रकट करने का एक अवसर प्रदान करता है। गणगौर की पूजा और परंपराएं न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह भारतीय समाज में सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने में भी योगदान देती हैं।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद श्री सुखदेव भगत सदन में The immigration and foreigners bill (विदेशियों के लिए अप्रवासन) पर चर्चा करते हुए कहा की सदन में The immigration and foreigners bill पर बहुत गंभीर चर्चा हो रही है।यह बहुत ही संवेदनशील विषय है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मसाला भी है। सत्ता पक्ष के लोगों ने चर्चा के दौरान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वाक्यों का प्रयोग किया और वसुधैव कुटुम्बकम की बात की, लेकिन ये बातें सिर्फ बातें ही हैं। इसके व्यवहार में क्या है- आकाश से गिरे खजूर में अटके।मेरा मानना है कि यह बहुत गंभीर मसला है इस बिल पर चर्चा के समय राजनीति कम हो और गंभीरता से विचार हो। इस बिल के बारे में दावा किया गया है कि यह बिल अच्छा है लेकिन इसे लागू करने वाले कितने सच्चे हैं? इस बिल को लेकर मेरी मांगहै कि इसे जेपीसी में भेजा जाए। इसमें बिंदुवार तरीका से हर मुद्दे- नागरिक की सुरक्षा, राष्ट्र की संप्रभुता सुरक्षा -पर चर्चा हो।
कोर्ट में 23 साल की लड़ाई के बाद जमालुद्दीन उर्फ नासिर को मिली राहतआतंकवाद से जुड़ा हाई-प्रोफाइल मामला खत्म!टीम एबीएन, हजारीबाग। 23 साल... 12 गवाह... 1 हाई-प्रोफाइल केस... और आखिरकार, इंसाफ! हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की अदालत ने जमालुद्दीन उर्फ नासिर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। वर्ष 2002 में नासिर पर लश्कर-ए-तैयबा के दो खूंखार आतंकियों को शरण देने का आरोप लगा था। उन पर हजारीबाग के खिरगांव इलाके में आतंकियों को किराए पर कमरा दिलाने का आरोप था। मगर 23 साल चली इस कानूनी जंग के बाद अब अदालत ने नासिर को निर्दोष करार दे दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद उनके परिवार ने राहत की सांस ली और खुशी जाहिर की।कैसे हिला था हजारीबाग और कोलकाता?यह कहानी 22 जनवरी 2002 से शुरू होती है, जब कोलकाता के अमेरिकन इंफॉर्मेशन सेंटर पर आतंकी हमला हुआ। इस हमले को अंजाम देने के बाद दो आतंकी हजारीबाग के खिरगांव इलाके में आकर छिप गए। मगर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी लोकेशन ट्रैक कर ली। इसके बाद, दिल्ली पुलिस और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके को घेर लिया। पुलिस को देखते ही आतंकियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकी मारे गए। मारे गए आतंकियों की पहचान मो. इदरीस उर्फ वाजिद उर्फ जाहिद (पुत्र अब्दुल मजीद) और सलीम के रूप में हुई थी। इस केस में जांच के दौरान नासिर का नाम सामने आया, जिन पर इन आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगा।23 साल की सुनवाई और ऐतिहासिक फैसलासदर थाना प्रभारी कौशल्यानंद चौधरी के बयान पर आईपीसी की धारा 121, 121A, 186, 353, 307, 120B और आर्म्स एक्ट की धारा 25B, 26, 27 तथा विदेशी अधिनियम की धारा 13 और 14 के तहत मामला दर्ज किया गया। मुकदमे के दौरान 12 गवाहों के बयान दर्ज हुए। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत में दलील दी कि नासिर के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और यह मामला सिर्फ संदेह के आधार पर खड़ा किया गया था। अंततः, 23 साल की लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्य के अभाव में नासिर को बरी कर दिया। फिलहाल, नासिर 2015 से कोलकाता की एक जेल में बंद हैं, लेकिन अब इस फैसले के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर नासिर निर्दोष थे, तो उन्हें 23 साल तक जेल में क्यों रखा गया? क्या इस लंबी कानूनी प्रक्रिया ने उनकी ज़िंदगी के अमूल्य वर्षों को बेवजह छीन लिया? या फिर ये न्याय की जीत है, भले ही देर से मिला हो? जो भी हो, इस फैसले ने हजारीबाग की फिज़ा में एक नई बहस छेड़ दी है।
धान का ससमय उठाव होने से अधिक-से-अधिक किसान होंगे लाभान्वित : डीएसओ उप विकास आयुक्त ने धान अधिप्राप्ति योजना से संबंधित की समीक्षा एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद की अध्यक्षता में आज समाहरणालय के ब्लॉक सी स्थित सभागार में धान अधिप्राप्ति योजना से संबंधित समीक्षा की गयी। इस दौरान उप विकास आयुक्त खरीफ विपणन मौसम 2024-25 अंतर्गत धान अधिप्राप्ति योजना अंतर्गत जिले को निर्धारित लक्ष्य, केन्द्रवार निर्धारित लक्ष्य, ई-उपार्जन पोर्टल पर निबंधित किसानों की संख्या, किसानों को भेजे गये एसएमएस, अबतक धान बिक्री करने वाले किसान, अबतक क्रय किये गये धान, मिल को प्रेषित धान, पैक्स गोदामों में अवशेष बचे धान, किसानों को प्रथम एवं किस्त की राशि भुगतान पूर्ण होने आदि की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही राईस मिलवार लंबित एवं जमा एडवांस सीएमआर से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा की। उप विकास आयुक्त ने निर्धारित समयावधि में धान अधिप्राति हेतु निर्धारित लक्ष्य को शत प्रतिशत पूर्ण करने का निदेश दिया। साथ ही प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 10 अप्रैल तक सभी मिलरों को सीएमआर जमा करने एवं सभी मिलर को पैकस से धान का उठाव करने का भी निदेश दिया, ताकि किसानों को द्वितीय किस्त की राशि भुगतान की जा सके। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू ने कहा कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान अधिप्राप्ति किए जाने हेतु 15 अप्रैल तक की तिथि निर्धारित है। इस अवधि में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि धान का ससमय उठाव होने से अधिक-से-अधिक किसान लाभान्वित होंगे। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू, सहकारिता पदाधिकारी उमेश कुमार सिन्हा सहित राइस मिलर, पैक्स अध्यक्ष, क्रय पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
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