रांची : व्यवसायी एवं समाजसेवी मातादीन अग्रवाल के निधन पर समाज में शोकटीम एबीएन, रांची। व्यवसायी एवं समाजसेवी मातादीन अग्रवाल के आकस्मिक निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन, अग्रवाल सभा रांची एवं मारवाड़ी सहायक समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन, संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष मनोज चौधरी तथा मारवाड़ी सहायक समिति के अध्यक्ष पवन शर्मा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि 80 वर्षीय मातादीन अग्रवाल विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े रहकर समाजसेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहे। वे सरल, सहज, मिलनसार एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उनके निधन से समाज ने एक समर्पित एवं सेवाभावी व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि मातादीन अग्रवाल, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल के ताऊजी के पुत्र थे। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में ओम प्रकाश अग्रवाल, ललित कुमार पोद्दार, सज्जन पाड़िया, निर्मल बुधिया, पवन पोद्दार, ललित कुमार केडिया, अशोक नारसरिया, राजेंद्र केडिया, कौशल राजगढ़िया, अनिल अग्रवाल, ओमप्रकाश प्रणव, कमलेश संचेती, प्रमोद सारस्वत, सुभाष पटवारी, प्रमोद बगड़िया, रमन वोडा, किशन पोद्दार, सहित अन्य शामिल हैं।
सुदर्शन भगत का प्रयास रंग लाया, गुमला को रेल का तोहफा मिलने से क्षेत्र में खुशी : कृष्णा मोदीएबीएन न्यूज नेटवर्क, कुड़ू। गुमला जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब साकार होती दिखाई दे रही है। इस उपलब्धि को लेकर गुमला और लोहरदगा जिले के लोगों में खुशी की लहर है। भाजपा कुड़ू मंडल अध्यक्ष कृष्णा मोदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार और पूर्व केंद्रीय मंत्री सह लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत को बधाई दी है।कृष्णा मोदी ने कहा कि गुमला को रेल से जोड़ने की मांग को संसद तक पहुंचाने और लगातार रेल मंत्रालय के समक्ष उठाने में पूर्व सांसद सुदर्शन भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि 13 मार्च 2013 को सुदर्शन भगत ने लोकसभा में गुमला को रेल संपर्क से जोड़ने की आवश्यकता उठाई थी तथा लोहरदगा–गुमला–जशपुर–कोरबा रेल मार्ग की मांग को प्रमुखता से रखा था।उन्होंने कहा कि इसके बाद 12 जुलाई 2019 को रेलवे मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान तथा 23 जुलाई 2019 को नियम 377 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से भी सुदर्शन भगत ने रांची–लोहरदगा–गुमला–जशपुर–कोरबा नई रेल लाइन की मांग संसद में रखी। इसके अलावा 10 फरवरी 2020 को भी उन्होंने लोकसभा में गुमला को रेल सेवा से जोड़ने का विषय उठाया था।कृष्णा मोदी ने कहा कि सुदर्शन भगत ने लगातार संसद में इस मांग को उठाकर क्षेत्र की जनता की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम किया। रेल संपर्क से गुमला सहित आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, रोजगार और आवागमन के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी।उन्होंने कहा कि आज जब गुमला को रेलवे का तोहफा मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सामने आया है, तो इसका स्वागत होना चाहिए। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तथा इस मांग को वर्षों तक संसद में उठाने वाले पूर्व सांसद सुदर्शन भगत बधाई के पात्र हैं।कृष्णा मोदी ने वर्तमान सांसद सुखदेव भगत द्वारा इस उपलब्धि का श्रेय लेने के प्रयास पर तंज कसते हुए कहा कि “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना” वाली स्थिति जनता के सामने स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि जनता यह भी देख रही है कि किसी मांग को जमीन से संसद तक पहुंचाने में किसने लगातार प्रयास किया और किसने इसे केवल उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया।उन्होंने कहा कि गुमला को रेल से जोड़ने की दिशा में पूर्व सांसद सुदर्शन भगत के वर्षों के प्रयास अब रंग लाते दिखाई दे रहे हैं। यह लोहरदगा और गुमला दोनों जिलों के लिए विकास की नई शुरुआत है। भाजपा इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार और पूर्व सांसद सुदर्शन भगत का आभार व्यक्त करती है।
लोहरदगा शहरी क्षेत्र के वार्ड नंबर आठ कि जनता नरक जैसा जिंदगी जीने के लिए मजबूर : सूरज अग्रवालएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 8 में इन दिनों नाली का पानी खाली पड़े जमीन पर जमा हो रही है पूर्व में नाली का पानी खेतों के रास्ता बाहर निकल जाती थी। लेकिन जिन रैयतो का जमीन नाली के रास्ते में पड़ती थी वह सभी वहां पर बाउंड्री वॉल कर चुके हैं अब जरा सोचिए पावरगंज चौक से लेकर बाबा मठ तक के लोगों का नाली का गंदा पानी वार्ड नंबर 8 में बहती है नाली का पानी का निकासी नहीं होने के कारण पानी धीरे-धीरे सड़ रही है और बदबू के साथ मच्छरों का प्रकोप अगल-बगल में बढ़ता जा रहा है।वहां रहने वाले लोग काफी परेशान हैं परंतु नरक पालिका इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है क्या लोग बड़ी-बड़ी बीमारी के चपेट में आ जाएंगे तब कहीं जाकर लोहरदगा नरक पालिका नाली निर्माण कराएगी अभी सनातनियों का लगातार पितृपक्ष,दुर्गा पूजा,दीपावली,छठ पूजा आदि शुद्धता का पर्व है और ऐसी स्थिति में नाली का पानी जमना बड़े बीमारी को आमंत्रित कर रही है। नरक पालिका तुरंत इस पर ध्यान देते हुए उचित कार्रवाई करें अगर मुहल्ले में बसने वाले किसी भी व्यक्ति को गंभीर बीमारी होती है तो इसकी सारी जवाब देह लोहरदगा नरक पालिका का होगा, नगर पालिका में बैठे अफसर शाह ए सी रूम से बाहर निकलकर थोड़ा वहां का दुर्दशा देख ले मेरी गारंटी है की उस बदबू में लोग ज्यादा देर खड़ा नहीं हो सकेंगे, भारत माता की जय।
स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान के तहत कार्तिक उरांव महाविद्यालय में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजनएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान के तहत कार्तिक उरांव महाविद्यालय, गुमला के शिक्षा संकाय (B.Ed.) द्वारा गुरुवार को विभिन्न जागरूकता एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समुद्री पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत पेंटिंग प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिताओं में B.Ed. के प्रशिक्षु शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से स्वच्छ समुद्र, सुरक्षित पर्यावरण तथा प्लास्टिक मुक्त जीवन का संदेश प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ने प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सुविधा-भोगी जीवनशैली के कारण प्लास्टिक का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि अक्सर हम यह सोचते हैं कि समुद्र से दूर रहने के कारण समुद्री प्रदूषण में हमारी कोई भूमिका नहीं है, जबकि वास्तविकता यह है कि हमारे द्वारा उपयोग किया गया प्लास्टिक नालियों, नदियों एवं जलस्रोतों के माध्यम से अंततः समुद्र तक पहुंचता है और समुद्र की तलहटी में जमा होकर समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है।उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से आह्वान किया कि वे स्वयं प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचें और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि समुद्री जीव-जंतुओं के संरक्षण के साथ-साथ अपने आसपास के पर्यावरण को सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।विभागाध्यक्ष नीलम प्रतिमा मिंज ने भी प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामूहिक जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान शिक्षा संकाय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिताओं के परिणाम आने वाले दिनों में घोषित किए जाएंगे। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष नीलम प्रतिमा मिंज, मंती कुमारी, सरिता टोप्पो, डॉ. राकेश प्रसाद, डॉ. दीपक प्रसाद, डॉ. सिलास डंहगा, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. शैलेंद्र कुमार, मनोज कुमार, शिल्पी सहित शिक्षा संकाय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभाग के समन्वयक अभिनय कुमार की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन अनुतलान मिंज ने किया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षु शिक्षकों ने यह संदेश दिया कि समुद्र भले ही हमसे दूर हो, लेकिन उसे स्वच्छ और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सभी की है। प्लास्टिक का कम उपयोग, जलस्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार ही स्वच्छ सागर और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रंजीत कुमार सिंह ने किया।
श्रद्धेय अशोक सिंहल जी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर कई कार्यक्रमएबीएन सोशल डेस्क। श्रद्धेय अशोक सिंहल जी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा वर्षभर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं सेवा-आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष एवं आजीवन संरक्षक, प्रखर राष्ट्रभक्त, हिंदुत्व के प्रतीक तथा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन के प्रणेता श्रद्धेय अशोक सिंहल जी का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। 27 सितंबर 1926 को आगरा के एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्मे श्रद्धेय सिंहल जी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं धर्म की सेवा में समर्पित कर दिया। वर्ष 1950 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक बने। वर्ष 1982 में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री का दायित्व संभाला और तत्पश्चात महामंत्री, अध्यक्ष तथा जीवन पर्यंत संरक्षक के रूप में संगठन को दिशा दी। उन्होंने सामाजिक समरसता, गोरक्षा, धर्मांतरण रोकने तथा वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु वेद विद्यालयों की स्थापना में अनवरत योगदान दिया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाकर समाज के सभी वर्गों को जोड़ने में उनकी केंद्रीय भूमिका रही। उनका दृढ़ विश्वास था कि श्रीराम मंदिर बनेगा तो देश का मस्तक ऊंचा होगा। झारखंड में शताब्दी समारोह एवं प्रांतीय कार्यक्रमश्रद्धेय अशोक सिंहल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा पूरे देश में एक वर्ष तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत सेवा कार्यों का विस्तार, वैदिक शिक्षा, गोरक्षा, धर्मांतरण पर रोक तथा मंदिर मुक्ति जैसे कार्यों को विशेष गति दी जाएगी।उद्घाटन स्थलझारखंड में इस शताब्दी समारोह का भव्य उद्घाटन धुर्वा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में होगा। मुख्य अतिथिः समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक सच्चिदानंद अग्रवाल होंगे। विशिष्ट वक्ताकार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं केन्द्रीय विशेष संपर्क प्रमुख सह पटना क्षेत्र के पालक अधिकारी माननीय अम्बरीष जी होंगे। विशेष अतिथिः इस अवसर पर प्रसिद्ध लोक कवि एवं गायक पद्मश्री मुकुंद नायक जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस समारोह में पूरे प्रांत से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं सनातन समाज के प्रबुद्धजन एकत्र होकर श्रद्धेय अशोक सिंहल जी का स्मरण करेंगे तथा उनके द्वारा प्रारंभ किए गए अधूरे कार्यों को पूर्ण करने का संकल्प लेंगे। प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत के अध्यक्ष चन्द्रकांत रायपत उपस्थित रहे।उनके साथ झारखंड प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रान्त संयोजक रंगनाथ महतो, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, प्रांत प्रचार प्रमुख प्रकाश रंजन, अमरनाथ ठाकुर,अनिल तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उक्त जानकारी विहिप के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रमुख प्रकाश रंजन (9334433338) ने दी।
धनबाद : बरोरा में दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति की बैठकबरोरा (धनबाद)। बरोरा थाना परिसर में बुधवार को दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति की बैठक कतरास इंस्पेक्टर रूस्तम अंसारी की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने पूजा समितियों के सदस्यों से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में पूजा संपन्न कराने की अपील की। बैठक में बरोरा, मुराइडीह, हरिणा, बेहराकुदर, टुंडू, खोनाठी समेत अन्य क्षेत्रों की दुर्गा पूजा समितियों के सदस्यों ने पूजा आयोजन से संबंधित अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। पुलिस अधिकारियों ने आवश्यक सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिया।मौके पर थानेदार अभय कुमार, सचिव मिथिलेश कुमार, उपप्रमुख रंजीत सिंह, मुखिया विनोद नापित, दयाल महतो, महेंद्र सिंह, देवानंद राजभर, विनय पांडे, देवानंद साव, भोला रवानी, आजाद कुम्हार, छोटन अंसारी, मुन्ना अंसारी, भीमलाल रवानी, गोपाल सिंह, नागेश्वर सिंह, गौतम सिंह, शशि यादव और संतोष चौहान आदि मौजूद थे।
धनबाद : जमीन धोखाधड़ी मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, 42.80 लाख रुपये ठगी का आरोपसरायढेला पुलिस ने 112 की सूचना पर प्लॉट से पकड़ा आरोपी, सरकारी जमीन की फर्जी खरीद-बिक्री का भी आरोपएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जमीन के फर्जी सौदे के जरिए 42.80 लाख रुपये की ठगी और गैरमजरुआ सरकारी जमीन की कथित खरीद-बिक्री से जुड़े मामले में सरायढेला पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई उस समय की, जब आरोपी कथित तौर पर विवादित जमीन पर घेराबंदी कराने पहुंचा था। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।पीड़ित उमेश कुमार सिंह के अनुसार, वर्ष 2022 में उन्होंने करीब 6.21 लाख रुपये प्रति कट्ठा की दर से जमीन का सौदा किया था। इसके एवज में उन्होंने बैंक खाते के माध्यम से कुल 42.80 लाख रुपये का भुगतान किया। भुगतान के बाद स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट भी किया गया।
गुमला को रेल से जोड़ने की मांग को संसद तक पहुंचाने में लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत की अहम पहलएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। जिले को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की मांग लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख आकांक्षाओं में शामिल रही है। इस मांग को संसद के पटल तक मजबूती से पहुंचाने और रेल मंत्रालय के समक्ष बार-बार उठाने में पूर्व सांसद सुदर्शन भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।सुदर्शन भगत ने 13 मार्च 2013 को लोकसभा में गुमला को रेल संपर्क से जोड़ने की आवश्यकता उठाई थी। उन्होंने लोहरदगा–गुमला–जशपुर–कोरबा रेल मार्ग की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि इस क्षेत्र में रेल संपर्क होने से विकास की संभावनाओं को गति मिल सकती है। इसके बाद 12 जुलाई 2019 को रेलवे मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान उन्होंने एक बार फिर गुमला को रेल नेटवर्क से जोड़ने का विषय उठाया। 23 जुलाई 2019 को नियम 377 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से उन्होंने रांची–लोहरदगा–गुमला–जशपुर–कोरबा नई रेल लाइन की मांग संसद में रखी। उस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि इस विषय को लेकर वे पहले रेल मंत्रालय के समक्ष कई बार आवेदन कर चुके हैं। 10 फरवरी 2020 को भी सुदर्शन भगत ने लोकसभा में गुमला जिले को रेल सेवा से जोड़ने की मांग उठाई। उन्होंने रेल संपर्क को क्षेत्र के शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।गुमला में रेलवे की मांग केवल आवागमन का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास से भी जुड़ी हुई है। संसद में लगातार इस मुद्दे को उठाए जाने से यह मांग राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी। जिसका असर हुआ कि गुमला जिला को रेलवे का तोहफा मिल रहा है। इसके लिए समस्त गुमला और लोहरदगा वासियों में खुशी की लहर है। इसके लिए मोदी सरकार एवं पूर्व सांसद सुदर्शन भगत बधाई के पात्र हैं।
गुमला को आजादी के 78 साल बाद मिलेगा रेल का तोहफाभूमि अधिग्रहण करने से संबंधित कार्य प्रारंभ- सांसद सुखदेव भगत के प्रयास रंग लायेगुमला में 41 और लोहरदगा में 14 गांवों को रेल मंत्रालय द्वारा किया जाएगा अधिग्रहणलोहरदगा से भाया गुमला-s पत्थलगांव- धरमजयगढ़ तक 291.881 KM नई रेल लाइन का भूमि अधिग्रहण शुरू, गुमला में 41 गांवों की 439.040 हेक्टरऔर लोहरदगा में 14 गांवों की 122.437 हेक्टर जमीन ली जाएगीएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। जिला जो आजादी के बाद से आज तक रेलवे लाइन से नहीं जुड़ सका था, अब रेल मानचित्र पर आने जा रहा है। लोहरदगा के सांसद सह छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत के लगातार प्रयासों का परिणाम है कि केंद्र सरकार ने लोहरदगा-गुमला-पत्थलगांव-धर्मजयगढ़ (291.881 किलोमीटर) नई रेल लाइन को मंजूरी देकर इसे Special Railway Project घोषित कर दिया है। इसका गजट नोटिफिकेशन भारत सरकार के गजट No. 2764 दिनांक 04.06.2026, S.O. 2858(E) के तहत हो चुका है।सांसद श्री भगत ने सांसद बनने के बाद से लगातार संसद में इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाया था और रेल मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर गुमला को रेल से जोड़ने की मांग की थी।रेल मंत्रालय ने अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर महाबल प्रसादने दिनांक उपायुक्त, गुमला और उपायुक्त, लोहरदगा को अलग-अलग पत्र भेजकर आग्रह किया है कि रेल अधिनियम 1989 की धारा 7A के तहत जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार के एक नोडल अधिकारी को सक्षम प्राधिकारी के रूप में नामित किया जाए। इस संबंध में सांसद के निजी सचिव श्री आलोक कुमार साहू ने प्रोजेक्ट मैनेजर से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि कुल 561.477 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण होगा गुमला जिला में - 439.040 हेक्टेयर (41 गांव)-लोहरदगा जिला में - 122.437 हेक्टेयर (14 गांव)श्री साहू ने दोनों उपायुक्तों से भी वार्ता की। गुमला उपायुक्त ने नोडल पदाधिकारी-सह-सक्षम प्राधिकारी नामित कर रेल विभाग को भेज दिया गया है। वहीं लोहरदगा उपायुक्त ने कहा कि जल्द ही नोडल पदाधिकारी का चयन कर रेल विभाग को भेज दिया जाएगा।प्रोजेक्ट मैनेजर ने यह भी बताया कि वे शीघ्र ही सांसद श्री सुखदेव भगत से मिलकर गुमला और लोहरदगा में जमीन अधिग्रहण में सहयोग का आग्रह करेंगे। यह सांसद सुखदेव भगत की बहुत बड़ी उपलब्धि है कि गुमला जिला को रेलवे लाइन से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य धरातल पर शुरू हो गया है।जमीन अधिग्रहण का पूरा विवरण संलग्न -A. गुमला जिला - कुल 439.040 Ha - 41 गांव1 रायडीहअंचल (9 गांव): कटकला 10.245 Ha, केराडीह 5.51 Ha, सिरिंगाबरटोली 5.445 Ha, पोगरा 23.945 Ha, ऊंचाडीह 9.425 Ha, रघुनाथपुर 3.77 Ha, परसा 14.275 Ha, बांसडीह 3.20 Ha, तेलगांव 13.50 Ha2. गुमला अंचल (17 गांव): चाहा 27.00 Ha, पहरपनारी 1.395 Ha, सोसो 5.945 Ha + 11.010 Ha, जोरादानर 8.12 Ha, निमटोली 12.345 Ha, चंदाली 19.545 Ha, कसिटोली 12.665 Ha, फाथी 13.010 Ha, मोकड़ो 13.085 Ha, बरकलोरो 8.66 Ha, ईरो फाटकपुर 19.72 Ha, सवरिया 26.74 Ha, खरका 13.215 Ha, बेलागरा 12.67 Ha, तोताम्बी 10.70 Ha3. घाघरा अंचल (14 गांव): डोडांग 8.19 Ha, कस्पोरेया 1.36 Ha + 1.55 Ha, अनाध्राडीह 2.925 Ha, माकरा 4.11 Ha, ढेरहौली 8.17 Ha, पतागैन 27.39 Ha, टंगारसिकवार 16.945 Ha, नौडीहा 5.77 Ha, खाटंगा 5.65 Ha, नौडीहा 4.64 Ha, हप्पामुनि 2.85 Ha, गम्हारिया 24.525 Ha, बुटी 13.22 Ha4. सिसई अंचल (1 गांव):*केन्द्रा 2.265 HaB. लोहरदगा जिला - कुल 122.437 Ha (12,24,374 वर्ग मीटर) - 14 गांवसभी गांव सेन्हा और लोहरदगा अंचल के हैं - कुंदगरी 13.150 Ha, कल्हेपाट 9.695 Ha, अर्रू 14.445 Ha, सेन्हा 31.525 Ha, बदला 10.445 Ha, अरहासा 4.705 Ha, चांदकोपा 7.290 Ha, निगनी (सेन्हा) 3.830 Ha, बागरू 1.150 Ha, निगनी (लोहरदगा) 4.365 Ha, बामंदीहा 5.865 Ha, कुटमू 6.500 Ha, लोहरदगा 7.370 Ha, हरमू 2.102 Ha
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