कोडरमा : वामदलों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार का पुतला फुंकाएसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांगएबीएन न्यूज नेटवर्क, झुमरीतिलैया। वामपंथी पार्टियों और आम आदमी पार्टी ने देशव्यापी अभियान के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत हटाए जाने की मांग पर झंडा चौक पर ज्ञानेश कुमार का पुतला फुंका. इससे पूर्व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भाकपा माले और आम आदमी पार्टी के संयुक्त बैनर तले वैशाली प्रेस से विरोध मार्च निकाला गया। मार्च में ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने के अलावा एसआइआर की प्रक्रिया को तत्काल रोके जाने और गलत तरीके से काटे गए सभी मतदाताओं को मताधिकार फिर से बहाल करने, चुनाव आयोग की स्वतंत्र और निष्पक्ष कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की वर्तमान व्यवस्था को खत्म कर निष्पक्ष नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की तीन सदस्य कमेटी द्वारा नियुक्त किए जाने की मांग की गई।सीपीएम के जिला सचिव असीम सरकार की अध्यक्षता में हुई सभा को महादेव राम, संजय पासवान, इब्राहिम अंसारी, दामोदर यादव, प्रेम पांडेय आदि नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा है कि जिस प्रकार मुख्य चुनाव आयुक्त ने दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार कर, उनकी उपेक्षा कर मनमाने ढंग से निर्णय किए हैं। वह निर्णय गैर संवैधानिक और गैर कानूनी हैं। इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पूरी तरह प्रभावित हुई है। पूरी प्रक्रिया को केंद्रित कर चुनाव आयोग का पूरा जोर मतदाताओं को शामिल करने की मुख्य जिम्मेदारी से हट कर मतदाता सूची से मतदाताओं को बाहर करने और सत्ताधारी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने तक सीमित हो गया है। विरोध प्रदर्शन में अर्जुन यादव, राजेन्द्र मेहता, प्रेम प्रकाश, विजय पासवान, दिनेश रविदास, नागेश्वर दास, अनंत मेहता, शैलेन्द्र कुमार, रविन्द्र भारती, अशोक यादव, मुन्ना यादव, संदीप कुमार, विरेन्द्र यादव, सकिन्दर कुमार, तुलसी राणा सहित सैकड़ों की संख्या में वाम दल और आप कार्यकर्ता शामिल थे।
कोडरमा : शिक्षकों की कमी पर छात्रों का प्रदर्शनप्रखंड मुख्यालय का किया घेराव, 2900 छात्रों के लिए मात्र 8 शिक्षकएबीएन न्यूज नेटवर्क, कोडरमा। जिले के सतगावां में शिक्षकों की कमी सहित विद्यालय में विभिन्न सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांगों को लेकर राज्य संपोषित +2 उच्च विद्यालय बासोडीह के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बुधवार को विद्यालय परिसर से प्रखंड मुख्यालय तक पैदल मार्च किया।प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के बाद विद्यार्थियों ने प्रखंड मुख्यालय का घेराव करते हुए धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इस दौरान धरने में विद्यालय के करीब 1500 छात्र-छत्राएं शामिल हुईं।छात्र-छात्राओं का कहना है कि विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं रहने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई विषयों की नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।छात्र सच्चिदानंद ने बताया कि इस विद्यालय में करीब 2900 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन 2900 छात्राओं के लिए शिक्षा विभाग द्वारा महज 8 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। उसने बताया कि 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में महज 4 महीने बचे हुए हैं। ऐसे में विद्यालय में गणित, रसायन शास्त्र और हिंदी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं है।सच्चिदानंद ने कहा कि विद्यालय के छात्रों ने कई बार इस समस्या से शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारियों को अवगत कराया है। बावजूद इसके विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति के बजाय यहां के शिक्षकों का दूसरे विद्यालयों में डेपुटेशन कर दिया जा रहा है।इधर, छात्रों ने कहा कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन को आगे भी जारी रखने पर विचार किया जायेगा।धरने की सूचना के बाद प्रखंड प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों की समस्याओं एवं मांगों को सुना। छात्रों ने प्रशासन से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति के साथ विद्यालय की अन्य शैक्षणिक एवं मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग की।
कोडरमा : मरकच्चो के जामू में मध्याह्न भोजन खाकर करीब चार दर्जन बच्चे बीमारमरकच्चो के जामु उत्क्रमित प्राथमिक में मिड-डे मील खाते ही बिगड़ी बच्चों की तबीयत, जांच शुरूएबीएन न्यूज नेटवर्क, कोडरमा। मरकच्चो प्रखंड स्थित जामु के हरिजन टोला उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद करीब चार दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ गयी। खाना खाने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की। कुछ बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने पर स्कूल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी।62 बच्चे थे स्कूल में मौजूदजानकारी के अनुसार, बुधवार को विद्यालय में कुल 62 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों को मध्याह्न भोजन में चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसी गयी थी। भोजन करने के थोड़ी देर बाद बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख स्कूल प्रबंधन ने ग्रामीणों की मदद ली और बीमार बच्चों को अलग-अलग वाहनों से मरकच्चो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।अस्पताल में कराया गया इलाजस्वास्थ्य केंद्र में सभी बच्चों को भर्ती कर चिकित्सकों की निगरानी में उपचार शुरू किया गया। करीब एक घंटे तक इलाज के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य बतायी गयी। घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल रहा। हालांकि उपचार के बाद बच्चों की हालत सामान्य होने की जानकारी मिलने पर राहत मिली।अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजाघटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधीक्षक, अंचल अधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा होने की आशंका जतायी गयी है। हालांकि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।भोजन की गुणवत्ता को लेकर जांचमामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर जांच शुरू कर दी गयी है। जांच में यह देखा जायेगा कि बच्चों को परोसे गये भोजन की गुणवत्ता कैसी थी और भोजन के बाद एक साथ इतने बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह क्या रही? फिलहाल सभी प्रभावित बच्चों की हालत सामान्य बतायी जा रही है।
धनबाद : छाताबाद के 83 भू-धंसान प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में मिला नया आशियानालगाये गये शिविर का जीएम ने किया उद्घाटन,15 ने जमा किये कागजातएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। कतरास छाताबाद में भू-धंसान के बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है। बीसीसीएल प्रबंधन ने छाताबाद के 83 प्रभावित परिवारों को बेलगड़िया में क्वार्टर आवंटित कर दिया है। प्रबंधन के अनुसार प्रभावित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से बेलगड़िया शिफ्ट किया जा रहा है। बुधवार को भी वाहनों की व्यवस्था कर प्रभावित लोगों को बेलगड़िया भेजा जायेगा। इसी क्रम में मंगलवार को न्यू आकाशकिनारी कोलियरी कार्यालय में जेआरडीए व बीसीसीएल की ओर से बचाव एवं पुनर्वास शिविर लगाया गया। शिविर का उद्घाटन गोविंदपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यकाम आनंद ने किया। छाताबाद, कैलूडीह समेत अन्य भू-धसान प्रभावित क्षेत्रों के 15 परिवारों ने अपने दस्तावेज जमा किये। अधिकारियों ने बताया कि रैयत और गैर-रैयत दोनों प्रभावित परिवार शिविर में कागजात जमा कर सकते हैं। शिविर के बाद जीएम सत्यकाम आनंद और पीओ एके झा ने छाताबाद फुटबॉल मैदान स्थित भू-धसान स्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने ट्रेंच कटिंग कर बालू से भराई कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए, तो आंदोलन किया जायेगा।जीएम ने तकनीकी कारणों से बालू भराई संभव नहीं होने की बात कही और ग्रामीणों से अपनी मांगें लिखित रूप में देने को कहा। मौके पर कार्मिक प्रबंधक आलोक रंजन राय समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से पार्षद मो शहाबुद्दीन भी मौजूद रहे।
मरकच्चो के जामु उत्क्रमित प्राथमिक में मिड-डे मील खाते ही बिगड़ी बच्चों की तबीयत, जांच शुरूएबीएन न्यूज नेटवर्क, कोडरमा। मरकच्चो प्रखंड स्थित जामु के हरिजन टोला उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद करीब चार दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। खाना खाने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की। कुछ बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने पर स्कूल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।62 बच्चे थे स्कूल में मौजूदजानकारी के अनुसार, बुधवार को विद्यालय में कुल 62 बच्चे उपस्थित थे. बच्चों को मध्याह्न भोजन में चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसी गई थी। भोजन करने के थोड़ी देर बाद बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख स्कूल प्रबंधन ने ग्रामीणों की मदद ली और बीमार बच्चों को अलग-अलग वाहनों से मरकच्चो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।अस्पताल में कराया गया इलाजस्वास्थ्य केंद्र में सभी बच्चों को भर्ती कर चिकित्सकों की निगरानी में उपचार शुरू किया गया। करीब एक घंटे तक इलाज के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य बताई गई। घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल रहा। हालांकि उपचार के बाद बच्चों की हालत सामान्य होने की जानकारी मिलने पर राहत मिली।अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजाघटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधीक्षक, अंचल अधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. अधिकारियों ने बच्चों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली. चिकित्सकों के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा होने की आशंका जताई गई है। हालांकि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।भोजन की गुणवत्ता को लेकर जांचमामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि बच्चों को परोसे गए भोजन की गुणवत्ता कैसी थी और भोजन के बाद एक साथ इतने बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह क्या रही। फिलहाल सभी प्रभावित बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
धनबाद : कोल कर्मी की मौत आश्रित को नियोजन की मांगएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। बीसीसीएल बरोरा एरिया की एएमपी कोलियरी में कार्यरत कोलकर्मी मुराइडीह कॉलोनी निवासी ईश्वरी बेलदार (57) की मंगलवार को डुमरा स्थित बीसीसीएल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। फीटर पद पर कार्यरत था।परिजनों के अनुसार, सोमवार को जनरल पाली में ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी थी। ड्यूटी समाप्त करने के बाद किसी तरह घर पहुंचे। मंगलवार सुबह तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें बीसीसीएल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। मृतक की पत्नी फुलवा देवी ने मुराइडीह परियोजना पदाधिकारी को पत्र देकर घटना की सूचना दी तथा छोटे पुत्र लक्ष्मण बेलदार को आश्रित नियोजन देने की मांग की। सूचना मिलने पर मजदूर नेता संतोष गोराई, मंगल हेंब्रम, देवानंद राजभर, आशीष राय, एनडी पांडेय, अनुप चौहान, मनोज मोदी, ब्रजेश कुमार, गणेश सिंह, कैलाश चौहान, अनिल चौहान व राम इकबाल प्रसाद अस्पताल पहुंचे। नेताओं ने परिजनों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि आश्रित को नियोजन नहीं मिला, तो आंदोलन किया जायेगा। शव को अस्पताल से कालोनी स्थित आवास पर ले आया है। ईश्वरी बेलदार के परिवार में पत्नी के अलावा दो पुत्र व एक पुत्री हैं. सभी शादीशुदा हैं। उनका पैतृक गांव गया जिले के चेरकी में है।
फुलारीटांड में तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू में आया आक्रामक सांडले चुका कई लोगों की जान, कर चुका है कि कईयों पर हमलाएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। कतरास के फुलारीटांड में दहशत का पर्याय बने आक्रामक सांड को मंगलवार को ग्रामीणों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ लिया। सोमवार को रंजन यादव और राहुल भुइयां पर हमले के बाद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल में उतरे और घेराबंदी कर सांड को फुलारीटांड खटाल की ओर खदेड़ा। रस्सियों से उसे काबू में किया गया।ग्रामीणों के अनुसार सांड के हमले में चार सितंबर को 80 वर्षीय चांदो भुइयां और इससे पहले सेवानिवृत्त कर्मी सियाराम सोनार की मौत हो चुकी थी। कई अन्य लोग भी घायल हुए थे। सांड पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। कतरास गोशाला ने उसे रखने से इनकार किया, जिसके बाद ग्रामीण उसे वाहन से गिरिडीह क्षेत्र की ओर ले जाकर छोड़ आये। ग्रामीणों में जय प्रकाश यादव, रंजीत यादव, मनु यादव, राजेश यादव, चंदन यादव, भोलू यादव, शिव चौहान, दयानंद यादव, संजीत यादव, अशोक यादव, मंतोष यादव, प्रवीण गुप्ता, राजेंद्र मिस्त्री समेत अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभायी।
बाघमारा में अवैध कोयले का महाखेल, सीआईएसएफ की रेड से खुली पोलबाघमारा थाना प्रभारी को भनक तक नहीं! केसरगढ़ में छापेमारी से मचा हड़कंपहजारों टन कोयला व जनरेटर बरामद; स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवालएबीएन न्यूज नेटवर्क, बाघमारा/धनबाद। धनबाद जिले के बाघमारा अनुमंडल क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। केसरगढ़ इलाके में CISF की अचानक हुई छापेमारी के दौरान खुले स्थान पर बड़ी मात्रा में कोयला भंडारित पाया गया। मौके से जनरेटर समेत अन्य सामान भी जब्त किए जाने की बात सामने आई है।कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जिस इलाके में बड़े पैमाने पर कोयला भंडारण और अवैध गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई, वहां स्थानीय थाना पुलिस को इसकी जानकारी थी या नहीं यह जांच का विषय बन गया है।CISF की कार्रवाई से खुली अवैध कारोबार की परकेसरगढ़ क्षेत्र में CISF की टीम ने छापेमारी कर खुले स्थानों पर रखे भारी मात्रा में कोयले को चिह्नित किया। कार्रवाई के दौरान एक बड़ा जनरेटर भी बरामद किया गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि वहां लंबे समय से गतिविधियां संचालित थीं, तो स्थानीय स्तर पर इसकी निगरानी कैसे होती रही। हालांकि, पूरे मामले में बरामद कोयले की वास्तविक मात्रा, उसके स्रोत और इसके पीछे शामिल लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।स्थानीय पुलिस की मौजूदगी पर भी सवाल CISF की कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस के सहयोग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि छापेमारी में स्थानीय पुलिस की मौजूदगी या सहयोग नहीं था, तो इसके कारणों को लेकर भी जांच की जरूरत है। मामले में थाना स्तर पर निगरानी और गश्ती व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की मांग उठ सकती है।धनबाद एसएसपी द्वारा थानों और ओपी की गश्ती व्यवस्था मजबूत करने के लिए नई गाड़ियां उपलब्ध कराए जाने के बावजूद यदि इस तरह की गतिविधियां चलने की शिकायत सामने आती है, तो यह पुलिस की निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है।अब बड़ा सवाल यह है कि केसरगढ़ में इतनी बड़ी मात्रा में कोयला आखिर आया कहां से? इसका मालिक कौन है? इसे कहां भेजा जाना था? और यदि गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं तो स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?पूरे मामले में CISF की कार्रवाई के बाद अब जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की जांच पर लोगों की नजर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस कथित अवैध कारोबार के पीछे कौन लोग थे और उनकी गतिविधियों का वास्तविक नेटवर्क कितना बड़ा था।
खूंटी जिले में हो रहा विकास कार्य : विधायकएबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। जिला परिषद एजेंसी के द्वारा जिला योजना अनाबद्ध निधि से पांच योजनाओं का शिलान्यास संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया, जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया, सांसद प्रतिनिधि नईमुद्दीन खान, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, मौके पर जिप अध्यक्ष ने कहा जिले का हो रहा है संपूर्ण विकास। पंचायती राज का पहली प्राथमिकता गांव का विकास करना शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के लिए जिले का प्रत्येक जर्जर स्कूल भवन का मराम्मति व निर्माण कार्य किया जा रहा है। डाहु जराटोली में अतिरिक्त 02 क्लास का निर्माण कार्य,रंगरोड़ी में अतिरिक्त 02 क्लास का निर्माण कार्य , लोवा चंदुका टोली में सबन कण्डुलना जी के घर से सोहराई कण्डुलना जी के घर तक पीसीसी पथ का निर्माण कार्य, मनाहातु में अतिरिक्त 02 क्लास का निर्माण कार्य, खटंगा चुरदा में अतिरिक्त 02 क्लास का निर्माण कार्य होने हैं। कार्यक्रम में विकास गोप, घूरन नायक, अजय गुप्ता, जोन कन्डुलना, उज्जवल चौधरी, प्रवीण गुप्ता, जितेन सोए ग्रामीण मौजूद थे।
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