योग्य लाभुकों को मिले जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ योजनाओं का लाभ देने में बरतें पारदर्शिता योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करायें सुनिश्चित जिला समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त ने दिए कई महत्वपूर्ण निदेश एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उपायुक्त समीरा एस0 की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, पंचायती राज विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग संचालित विभिन्न योजनाओं के कार्य प्रगति की सूक्षमता से समीक्षा की। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि काम हो जायेगा, इन कारणों से प्रगति नहीं हुई, कुछ दिन पहले ही प्रभार लिया हूं, कार्य में प्रगति लाने की कोशिश करूंगा आदि भिन्न-भिन्न टालनेवाली प्रवृति बैठक में नहीं चलेगी। अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार करें और कार्यों में प्रगति सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने जिले में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे आमजनों तक पहुंचाने का निदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत दी। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने में पारदर्शिता बरतने का सख्त निदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग्य लाभुकों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने में शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। आवेदकों से प्राप्त आवेदनों की अस्वीकृत के कारणों का उन्हें स्पष्ट जानकारी देना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने विभिन्न योजनाओं में कम प्रगति वाले प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को तत्परता के साथ कार्य करने, योजनाओं की कार्य लंबित नहीं रखने एवं प्राथमिकता के तहत कार्यो में प्रगति लाने का स्पष्ट निदेश दिया। उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उपायुक्त ने लंबित कार्ययोजनाओं को पूर्ण करने करते हुए कार्य निष्पादन करने एवं लंबित आकड़ों को कम करने का निर्देश दिया। ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, अबुआ आवास योजना, भीम राव अंबेडकर आवास योजना, मनरेगा योजना 15वें वित्त आयोग में प्राप्त आवंटन के विरूद्ध स्वीकृत योजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उप विकास आयुक्त को कार्यो में प्रगति लाने के लिए प्रत्येक सप्ताह बैठक कर प्रगति में नीचले पायदान पर खड़े प्रखंडों, पंचायतों की समीक्षा करने, लक्ष्य के विरूद्ध कार्य में प्रगति लाने एवं अगली माह की बैठक में आने के पूर्व स्थिति में सुधार का निर्देश दिया। उपायुक्त ने विभिन्न आवास योजनाओं के लंबित कार्यो को शत प्रतिशत पूर्ण कराने का निर्देश दिया। वहीं मनरेगा के कार्यो में प्रगति का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम आने वाला है। ऐसे में मनरेगा के कार्यो को पूर्ण कराना आवश्यक है। उपायुक्त ने जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ असीम कुमार को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने जनता को योजनाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु हर कदम उठाये जाने का निर्देश दिया। समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को टीएचआर नियमित रूप से देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों का चेहरा प्रमाणीकरण करायें, लेकिन विभागीय आदेश के बिना बच्चों का टीएचआर नहीं रोकें। वहीं निर्माण कार्य पूर्ण हुए आंगनबाड़ी केंद्र भवन को एक सप्ताह में हस्तगत कराने तथा निर्माणाधीन भवन का निर्माण कार्य में तेजी लाकर शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिये। उपायुक्त ने लखपति दीदी योजना के अंतर्गत जेएसएलपीएस से जुड़ी सखी मंडल की दीदियों को व्यवसाय से जोड़ने के कार्यों को गति लाने तथा एफपीओ का गठन कर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने एवं उनकी आजीविका में सुधार लाने सहित अन्य निर्देश दिये। खाद्य आपूर्ति विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने योग्य कार्डधारियों को मिलने वाले राशन समय से वितरण करने का निर्देश दिया। आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि विभाग के निर्देश के आलोक में जून, जुलाई एवं अगस्त माह का राशन लाभुकों को जन वितरण प्रणाली के दुकानदार के माध्यम से वितरण किया जा रहा है। झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं से संबंधित कार्यो की प्रगति के दौरान उपायुक्त ने इससे संबंधित योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार से आमलोग लाभान्वित होंगे। कल्याण विभाग की योजना प्री एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना, छात्रावासों का जीर्णोद्धार से संबंधित स्वीकृत योजना, आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास जीणोद्धार, वनाधिकार पट्टा दिए जाने से संबंधित समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा गर्मी के मद्देनजर जिले में चापाकल एवं जलमीनार की मरम्मति कार्य की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने मरम्मति हेतु प्राप्त शिकायतों के अनुरूप चापाकल एवं जलमीनार को दुरूस्त करते हुए पेयजल सुविधा बेहतर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए। वहीं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के निर्माण कार्य में प्रगति लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों का केसीसी के लिए किसानों से प्राप्त आवेदन एवं सभी प्रखंडों के संबंधित बैंकों को अग्रसारित आवेदनों की समीक्षा करते हुए किसानों को केसीसी का लाभ देने का निर्देश दिया। वहीं विभन्न प्रकार के खाद की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान पाया कि आवश्यकता के अनुरूप जिले में खाद की उपलब्धता है। वहीं समेकित बिरसा ग्राम-सह-कृषक पाठशाला, झारखंड कृषि ऋण माफी योजना, सोलर कोल्ड रूम के निर्माण आदि की समीक्षा की। उपायुक्त ने बिरसा हरित ग्राम योजना, बिरसा सिंचाई कूप संवर्द्धन योजना, वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए इसके क्रियान्वयन में गति लाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के विभिन्न योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की। बैठक में नगर आयुक्त जावेद हुसैन, उप विकास आयुक्त शब्बीर अहमद, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार सहित जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
आरटीआई एक्टिविस्ट दीपेश निराला देंगे आरटीआई एक्ट और रूल की जानकारी पूर्व सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी होंगे मुख्य अतिथि टीम एबीएन, रांची। रांची प्रेस क्लब में दीपेश निराला की अध्यक्षता में 15 जून 2025 को होने वाले आरटीआई वर्कशॉप की तैयारी हेतु एक बैठक आयोजित हुआ, जिसमें बताया गया कि उक्त आरटीआई वर्कशॉप में 15 जिलों से प्रतिभागी सम्मिलित हो रहे हैं। उक्त आरटीआई वर्कशॉप में सभी उपस्थित प्रतिभागी को एक ट्रेनिंग मटेरियल किट भी दिया जाएगा। आज की बैठक में आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गयी। बैठक में दीपेश निराला, संयोजक विनोद जैन बेगवानी, संयोजिका रेणुका तिवारी, सहसंयोजक हरीश नागपाल, राजकुमार, स्वरूप कुमार सेठी, सम्मिलित हुए।
बिरसा मुंडा पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कर राज्यपाल से स्थानीय नीति प्रारूप सौंपा देवेन्द्र नाथ महतो। आज जिस धरती आबा बिरसा मुंडा का माल्यार्पण किया जा रहा है इन्हीं के जन्मदिन के अवसर पर 15 नवंबर 2000 ई0 को अबुआ दिशुम अबुआ राज स्थापित करने के उद्देश्य से अलग झारखंड राज्य गठन हुआ लेकिन गठन हुए 25 वर्ष बीतने के बावजूद उनका सपना अधूरा है : देवेन्द्र नाथ महतो। राज्यपाल संज्ञान में लेते हुए बताया कि 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति विधेयक 2022 को राष्ट्रपति भवन भेज दिया गया है। टीम एबीएन, रांची। धरती आबा बिरसा मुंडा की 125 वीं पुण्यतिथि पर समाधि स्थल कोकर रांची में माल्यार्पण करते हुए जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो समेत नौ सदस्य प्रतिनिधिमंडल झारखंड राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर झारखंडी जनभावना के अनुरूप स्थानीय नीति और नियोजन नीति का प्रारूप सौंपा। मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्य तिथि पर याद करते हुए कहा कि आज जिस धरती आबा बिरसा मुंडा का माल्यार्पण किया जा रहा है। यही बिरसा मुंडा के जन्मदिन तिथि पर 15 नवंबर 2000 को अबुआ दिशुम अबुआ राज स्थापित करने के उद्देश्य से अलग झारखंड राज्य का गठन हुआ लेकिन गठन हुए 25 वर्ष बीतने के बावजूद उनका सपना अधूरा है। आज के दिन उनको माला चढ़ाने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसके सपना को साकार करना है। राज्यपाल संतोष गंगवार को स्थानीय नीति प्रारूप के माध्यम से ध्यान आकृष्ट कराया गया कि 25 साल के झारखंड का सबसे ज्वलंत विषय स्थानीयता नीति और नियोजन नीति है, लंबे समय तक आंदोलन के परिणामस्वरूप झारखंड अलग राज्य का गठन धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर 15 नवंबर 2000 अबुआ दिसुम अबुआ राज का सपना को साकार करने के उद्देश्य से हुआ। 25 वर्ष बीतने के बावजूद झारखंड का सबसे ज्वलंत विषय स्थानीयता नीति नियोजन नीति तय नहीं हो पाया यही वजह है कि झारखंडियों के पहचान, अस्मिता और अधिकार पर सीधे बुरा असर पड़ रहा है। 25 साल के दौरान में झारखंड में राजनीति करने वाले सभी राजनीतिक दलों को सत्ता चलाने का अवसर मिला, राज्य में पांच बार विधान सभा चुनाव हुए 14 मुख्यमंत्री बने, 12 राज्यपाल बने फिर झारखंड नीति अपंगता का शिकार हुआ। यही वजह है कि झारखंड के सवा तीन करोड़ जनता लोकतंत्र के मूल सिद्धांत पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। राज्यपाल ने बताया कि स्थानीयता विधेयक को 25 साल से सिर्फ लटकाया, भटकाया, अटकाया जा रहा है, राज्यपाल सर्वप्रथम बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व वाली सरकार 8 अगस्त 2002 ई को जिला के अंतिम लैंड सर्वे रिपोर्ट को आधार मानते हुए स्थानीय नीति तय किया था जिसे एक याचिका पर माननीय हाइकोर्ट ने 27 नवंबर 2002 को सरकार के निरस्त कर दिया था। लेकिन तत्कालीन सरकार द्वारा उक्त निर्णय के विरुद्ध आगे कानूनी लड़ाई नहीं लड़ी गई जिसके दुष्परिणाम से महत्वपूर्ण विषय स्थानीयता विधेयक ठंडे बस्ते में चला गया। वर्ष 2010 में अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली सरकार स्थानीयता तय करने हेतु एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनायी गयी थी, जिसका मुख्य संयोजक तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो तथा तत्कालीन उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं मंत्री बैद्यनाथ राम को सदस्य बनाया गया था। परन्तु इस उपसमिति ने कोई निर्णय नहीं लिया। फिर वर्ष 2013 ई में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पुन: स्थानीयता नीति मामले पर एक नई मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई जिसका संयोजक तत्कालीन मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह तथा मंत्री सुरेश पासवान, विधायक बंधु तिर्की, विद्युत वरण महतो, लेबिन हेंब्रम और सरफराज अहमद को सदस्य बनाया गया था इस उपसमिति ने भी कोई रिपोर्ट अनुशंसा नहीं की। वर्ष 2016 ई में रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार ने 1985 कट आफ वर्ष मानते हुए स्थानीय नीति तय किया जो झारखंडी जनभावना के बिल्कुल विपरीत था। फिर 2019 ई में हेमंत सोरेन की नई सरकार बनी तो 11 नवम्बर 2022 को विधान सभा से 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति पारित किया जिसे तत्कालीन राज्यपाल जनरल अटॉर्नी के संदेश के साथ विधान सभा को वापस भेज दिया तभी फिर से श्री हेमंत सोरेन जी के उसी विधेयक को पुन: 20 दिसंबर 2023 को पारित करके विधायी कार्रवाई के नाम से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। यही वजह है कि झारखंडियों की पहचान, अधिकार और अस्मिता खतरा मंडरा रहा है। मौके पर राज्यपाल से मांग की गयी कि झारखंड की सवा तीन करोड़ आबादी के जनभावना का आदर करते हुए जटिल समस्या का समाधान करने पर पहल करते हुए - बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 की उपधारा - 85 में प्रदत शक्ति के अनुसार श्रम एवं नियोजन विभाग के गजट 3 मार्च 1982 पत्र संख्या 5014/81- 806 को बिहार के जगह झारखंड एवं पटना के जगह रांची संशोधन के साथ अंगीकृत करते हुए झारखंडियों का पहचान परिभाषित किया जाय। साथ ही डॉ रामदयाल मुंडा की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के नौ जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा को अनिवार्य रूप से पालन करते हुए स्थानीय निति को आधार मानते हुए नियोजन नीति लागू किया जाय। मौके पर महामहिम राज्यपाल जी को स्थानीय नीति नियोजन प्रारूप के साथ साथ 1स्थानीय नीति और नियोजन नीति प्रारूप का छायाप्रति। श्रम नियोजन विभाग बिहार सरकार का गजट संख्या 5014/81-806 पत्र दिनांक 3 मार्च 1982 का छायाप्रति। बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 अधिनियम की छायाप्रति भी संलग्न किया गया राज्यपाल मामला को गंभीरता से लेते हुए कहा कि झारखंडियों के जनभावन का आदर होना चाहिए विधान सभा से पारित 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति विधेयक - 2022 को राष्ट्रपति भवन भेज दिया गया है। देवेन्द्र नाथ महतो के साथ नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में अमित मंडल, संजय महतो, योगेश भारती, प्रेम नायक, रणधीर यादव, सिकंदर आलम, मनीष, रविन्द्र कुमार राज्यपाल से मुलाकात की। खतियान आधारित स्थानीय नीति और नियोजन नीति लागू करने की मांग को लेकर दुमका से रांची तक पदयात्र कर 5 जून 2025 को राजभवन के समक्ष एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया था इससे पूर्व कई बार झारखंड बंदी किया जा चुका है। विधायक सांसद से लिखित समर्थन प्राप्त अभियान में 72 विधायक और 13 संसद लिखित समर्थन भी दे चुका है।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 09.06.2025 को सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने हेतु चार दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रांची जिला अंतर्गत सभी प्रखंड से चार-चार मेडिकल आफिसर के साथ 10 स्वास्थ्य कर्मी ने प्रतिभागी के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय नारकोटीक कंट्रोल ब्यूरो से प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर प्रवीण सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, रांची एवं सुशांत कुमार, जिला कंसलटेंट टोबैको कंट्रोल सेल, रांची एवं नीरज कौशिक समन्वयक रांची कैंसर केयर फाउंडेशन ने यह प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन को खत्म करना है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह ने कहा कि मादक पदार्थ एवं ड्रग्स हमारे तंत्रिका तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और इसका हमारे स्वास्थ्य पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। आज स्कूल कॉलेज में युवाओं को उनके सहपाठी सहकर्मियों के द्वारा ड्रग्स लेने के लिए उकसाया जाता है। कुछ लोग अवसाद चिंता और अत्यधिक तनाव के कारण इसका सेवन शुरू कर देते हैं वहीं कई लोग पढ़ाई नौकरियां व्यापार में दबाव के कारण बहुत ही कम उम्र में नशीली दवाई एवं ड्रग्स का सेवन शुरू कर देते हैं। इनका सेवन करने से हमारे शरीर पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही कई तरह के स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न होती है। शरीर में संक्रमण, वजन में कमी, हृदय विकार, लिवर संबंधी समस्या फेफड़े कैंसर इत्यादि रोगों का एक मुख्य कारण ड्रग्स एवं नशीली पदार्थ का सेवन करना है। कई ड्रग्स खासकर कोकेन इत्यादि दिल के दौर और स्ट्रोक सहित कई गंभीर हृदय संबंधी समस्या पैदा कर सकते हैं। शराब पीने और ड्रग लेने से लीवर सिरोसिस और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती है एवं यकृत और गुर्दे भी खराब हो सकते हैं। कई बार इसके सेवन लगातार सेवन से लोगों की असमय मृत्यु भी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर घर में पारिवारिक कलह, अलगाव घरेलू हिंसा, तलाक तथा रोजगार हानि, प्रतिष्ठा की हानि इत्यादि भी होती है। लोगों को वित्तीय संकट भी झेलना पड़ता है। हमें इसके सेवन को पूर्णता त्यागना चाहिए। यदि किसी को नशा या ड्रग्स अथवा नशीले पदार्थ की लत है तो धीरे-धीरे करके इसे छोड़ना चाहिए। इसके लिए हमें ऐसे दोस्तों के साथ रहना चाहिए जो नशे का सेवन नहीं करता हो। व्यायाम, संगीत सुनने, खेलकूद जैसे अपनी पसंदीदा गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखना चाहिए। अपने जीवन शैली में बदलाव करके हम नशे से दूर रह सकते हैं। सुशांत कुमार ने बताया कि आज सबसे ज्यादा युवा वर्ग नशीले पदार्थ जैसे ड्रग्स, ककेन और तंबाकू इत्यादि का सेवन करते हैं। लंबे समय तक नशीली दवाओं का सेवन करने से गंभीर अवसाद चिंता और अन्य मनोदशा संबंधी विकार हो सकता है। इसके ज्यादा सेवन से लोगों में बेचैनी है लगती है और साथ में भूख की कमी भी हो जाती है नशीली दावों के लगातार प्रयोग से लोगों की समझ और ज्ञान प्रभावित हो जाती है।साथ ही उनका मेमोरी पावर भी काम हो जाता है और निर्णय लेने और सीखने की क्षमता भी खराब हो जाती है। युवा वर्ग को नशे की चपेट से बचने के लिए उनके माता-पिता को उनके साथ समय बिताना चाहिए और उनकी देखभाल करनी चाहिए साथ ही बच्चों की गतिविधि और उनके दोस्तों में रुचि दिखानी चाहिए ताकि वह हर चीज उनके साथ शेयर कर सके।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्र सेविका समिति, झारखंड प्रांत द्वारा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में आयोजित 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन समारोह आज संध्या 4:30 बजे उत्साह एवं गरिमा के वातावरण में संपन्न हुआ। इस शिविर में झारखंड के 20 जिलों से पधारीं 225 सेविका बहनों ने भाग लिया।शिविर का उद्देश्य युवतियों में अनुशासन, शारीरिक सुदृढ़ता, राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास करना था। प्रतिदिन सेविकाओं ने योग, व्यायाम, बौद्धिक चर्चा, गीत, सेवा कार्य आदि में भाग लिया। इस आवासीय शिविर में सेविकाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक पक्षों का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।इस प्रशिक्षण वर्ग में लगभग 14 शिक्षिकाएं एवं प्रांत स्तर की 10 अधिकारीगण निरंतर उपस्थित रहीं। शिविर को अखिल भारतीय स्तर की वरिष्ठ कार्यकर्ताओं सुनीता हल्देकर जी, चित्रा ताई जोशी जी एवं नीता बा जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। क्षेत्र संपर्क प्रमुख माननीय पदमा देवी जी का निरंतर सान्निध्य सेविकाओं को प्राप्त हुआ।समापन समारोह की मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका माननीय चित्रा ताई जोशी जी ने कहा, भारत माता हमारी प्राणशक्ति हैं। हमारी भौतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति वह स्वयं करती हैं। हमें अपने जीवन का प्रत्येक क्षण और प्रत्येक कर्म भारत माता के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए।उन्होंने आगे महारानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर उन्हें याद कर उन्होंने कहा की अहिल्याबाई भारतीय इतिहास की वह पुण्यश्लोक रानी थीं जिन्होंने सेवा, धर्मनिष्ठा और न्यायप्रिय शासन का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने देश के कई पवित्र तीर्थों काशी विश्वनाथ, प्रयागराज, रामेश्वरम, सोमनाथ और मथुरा का जीर्णोद्धार कर राष्ट्र की सांस्कृतिक आत्मा को पुनर्जीवित किया। उन्होंने नारी सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का जो मार्ग प्रशस्त किया, वह आज की पीढ़ी के लिए भी अत्यंत प्रेरणास्पद है।इसी कड़ी में महारानी दुर्गावती के बलिदान को भी रूप से स्मरण किया करते हुए चित्रा ताई ने कहा, रानी दुर्गावती ने विदेशी आक्रांताओं से वीरता से संघर्ष करते हुए मातृभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जीवन स्त्री शक्ति के साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का अमर प्रतीक है। हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के पथ पर अग्रसर होना चाहिए।समारोह की मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्रीमती निर्मल कौर जी ने सेविकाओं के अनुशासन, ऊर्जस्विता और सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा, ऐसे शिविर राष्ट्र को कर्तव्यनिष्ठ, चरित्रवान और राष्ट्रभक्त नागरिक प्रदान करते हैं। शिविर में देशभक्ति, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता, स्वदेशी उत्पादों का उपयोग और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श एवं अभ्यास हुआ। मुख्य शिक्षिका का दायित्व मनु श्री ने निभाया।6 जून को नगर में आयोजित पथ संचलन में सेविकाओं ने पूर्ण गणवेश में नगर भ्रमण के लिए शोभायात्रा के रूप में निकाली गई , जिसे जनसामान्य ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यह संचलन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर दुर्गा मंदिर, बस स्टैंड होते हुए पुनः परिसर में समापन तक भव्यता के साथ संपन्न हुआ।आज के समापन समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से 2000 से अधिक लोग उपस्थित थे, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, महिला संगठनों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।राष्ट्र सेविका समिति की उषा सिंह (प्रांत संचालिका), शारदा गुप्ता (प्रांत कार्यवाहिका), डॉ त्रिपुला दास (प्रांत सह कार्यवाहिका), निर्मला सिंह (प्रांत संपर्क प्रमुख), पूनम सिंह, डॉ. जिज्ञासा ओझा, शालिनी सचदेव, रीता सिंह, सुमन सिन्हा, ग़निता झा, कुसुमलता सिंह, जय श्री कुजूर, सुधा प्रजापति, अपर्णा सिंह की उपस्थिति रही। पूरे वर्ग में वर्गाधिकारी के रूप में जामवंती मिश्रा (प्रान्त बौद्धिक प्रमुख) उपस्थित रहीं।इस वर्ग की सर्व व्यवस्था प्रमुख मृदुल चौरसिया,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय ग्राम विकास आयाम के सदस्य सिद्धनाथ सिंह, प्रांत संघचालक सच्चिदानंद अग्रवाल एवं सह प्रांत संघचालक अशोक श्रीवास्तव, प्रांत के सामाजिक सद्भाव के संयोजक विजय घोष, सेवा भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष गुरुशरण, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के मंत्री अखिलेश मिश्र, बीजेपी के गणेश मिश्र, आशा लकड़ा, आरती कुजूर, सत्यनारायण कंठ, स्निग्ध, सुनील, रांची विभाग कार्यवाह, अचल जी, भारतीय मजदूर संघ, इत्यादि बड़ी संख्या में महिलायें भी शामिल हुई।
14 जून 2025 को प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजन का निर्णय टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा सिल्ली विधान सभा जमीनी स्तरीय संगठन मजबूती कार्य तेजी पर है, उसी क्रम में आज दिनांक 8 जून 2025 को जेएलकेएम राहे प्रखंड स्तरीय बुद्धिजीवी मंच का बैठक हाई स्कूल सेवानिवृत शिक्षक ठाकुर दास महतो के अध्यक्षता में आॅर्किड इंटरनेशनल स्कूल सुभाष चौक राहे में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन झारखंड आंदोलनकारी अमजद अली ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो शामिल हुए। मौके पर विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत नौ पंचायत के सेवानिवृत और सेवारत कर्मी, झारखंड आंदोलनकारी शामिल हुए। संगठन मजबूती और कार्य तेजी पर विचार विमर्श किया गया। मौके पर मुख्य अतिथि रूप में शामिल केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड गठन हुए 25 साल बीत चुका लेकिन झारखंड में स्थानीय नीति, नियोजन नीति लागू नहीं हो पाया, झारखंड नीति अपंगता के शिकार हैं। मौके पर राहे बुद्धिजीवी मोर्चा प्रभारी बिनोद महतो, राहे प्रखण्ड उप प्रमुख उमेश महतो, सुभाष मुंडा, जयराम पातर मुंडा नागेश्वर महतो, गदाधर महतो, रंजीत महतो, इत्यादि ने कार्यक्रम का संबोधन करते हुए खछङट संगठन जमीनी स्तरीय मजबूती और कार्य प्रगति पर विचार रखते हुए अंचल कार्यालय, प्रखंड कार्यालय और थाना में हो रही भ्रष्टाचार और राज्यस्तरीय नीति कानून पर विचार रखें। साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राहे प्रखण्ड क्षेत्र में अध्ययनरत मीट्रिक और इंटर परीक्षापरिणाम में टॉप 5 आने वाले सभी छात्रों के प्रोत्साहन हेतु प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विनोद, गोदाधर, उपप्रमुख उमेश, अनंत, सनातन, प्रकाश, गणेश के अलावा सड़कों लोग का अहम योगदान रहा।
टीम एबीएन, रांची। संगठनात्मक चुनाव के क्रम में रांची जिला राजद अध्यक्ष के चुनाव में राजद के पुराने समर्पित वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र महतो को पुन: निर्विरोध जिला अध्यक्ष निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त हुआ। प्रात: 9 बजे से चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत रांची जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजू साह ने की, जो 3 बजे तक चला। 3 बजे चुनावी प्रक्रिया के तहत रांची जिला अध्यक्ष की घोषणा मंजू साह ने किया। मौके पर राजद के वरिष्ठ नेता मदन यादव, मनोज पाण्डेय, शौकत अंसारी, भास्कर वर्मा, सुरेंद्र प्रसाद, आबिद भाई, प्रणव कुमार, सुनील ठाकुर, सलील अंसारी, डी एन ठाकुर, संतोष साहू, कमलेश यादव सहित प्रदेश के सम्मानित वरिष्ठ नेता, जिला के पदाधिकारी, प्रखंड अध्यक्ष, प्रखंड पदाधिकारी समेत काफी संख्या में दल के के नेता और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकार को लगाया जा रहा चूना एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर जांच की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि कतरास अंचल वार्ड सं0 1 से 5 तक कई स्थानों पर चल रहे नली निर्माण में भारी घोटाला उजागर हो रहा है। ठेकेदार घटिया सामग्री का उपयोग कर रहा है और सरकार को चूना लगाया जा रहा है। जिसमें कतरास क्षेत्र के जेई की भी लापरवाही से ठेकेदार घोटाला कर रहे हैं। क्षेत्र के जेई नजरअंदाज कर रहे हैं जिससे सरकार को भारी चूना लगाया जा रहा है इसलिए ऐसे ठेकेदार का अविलंब लाइसेंस रद किया जाये।
झारखंड में मानसून को लेकर आइएमडी की आयी बड़ी अपडेट एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के जून के मध्य में पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि 10 जून के बाद मानसून की प्रगति में तेजी आने की संभावना है। इस साल मानसून ने तय समय से एक सप्ताह पहले 24 मई को केरल में दस्तक दी। आम तौर पर, दक्षिण-पश्चिमी मानसून एक जून तक केरल में दस्तक देता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंच जाता है। झारखंड में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 10 जून है। हालांकि, मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 2010 से झारखंड में मानसून का आगमन 12 जून से 25 जून के बीच हो रहा है। अभी 12 जून से पहले मानसून के पहुंचने की संभावना नहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, झारखंड में 12 जून से पहले मानसून के पहुंचने की संभावना नहीं है। अगर स्थिति अनुकूल रही तो जून के मध्य तक इसके पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि झारखंड में फिलहाल पश्चिमी हवा चल रही है। आनंद ने कहा, जब तक यह पूर्वी हवा में नहीं बदल जाती और नमी लेकर नहीं आती, तब तक राज्य में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। राज्य में 10 जून के बाद पूर्वी हवा चलने की संभावना है जो मानसून की प्रगति में मदद कर सकता है। मई के आखिरी सप्ताह में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक तंत्र बांग्लादेश के रास्ते देश के पूर्वोत्तर भागों की ओर बढ़ गया। आनंद ने कहा, अगर यह इस क्षेत्र की ओर बढ़ जाता तो मानसून झारखंड में पहले आ सकता था। बीते वर्ष राज्य में एक जून से 30 सितंबर तक 1011.6 मिलीमीटर बारिश हुई आईएमडी के अनुसार, एक जून से सात जून तक झारखंड में बारिश सामान्य रही है। इस अवधि के दौरान राज्य में 19.4 मिलीमीटर सामान्य बारिश के मुकाबले 19.2 मिलीमीटर बारिश हुई। आईएमडी द्वारा आधिकारिक तौर पर एक जून से 30 सितंबर तक की बारिश को मानसून की बारिश माना जाता है। आनंद ने कहा कि राज्य में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण किसानों के लिए धान की पौध तैयार करने के लिए स्थिति अनुकूल है। झारखंड में पिछले मानसून में सामान्य बारिश हुई थी। पिछले साल एक जून से 30 सितंबर तक राज्य में 1011.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। झारखंड सरकार ने 2023 में 17 जिलों के 158 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया था, जबकि 2022 में मानसून के पहले दो महीनों जून और जुलाई में कम बारिश के कारण राज्य के 260 प्रखंडों में से 226 को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था।
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