पहले वर्षों तक भाजपा विधायक सीपी सिंह ने नहीं बनने दिया रातू रोड फ्लाइओवर और अब भाजपा इसके उद्घाटन में देरी कर जनता को कर रही परेशान टीम एबीएन, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य डॉ तनुज ने रांची के बहुप्रतीक्षित रातू रोड फ्लाइओवर के उद्घाटन में हो रही देरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इसे जनता के साथ सीधा धोखा और मजाक करार देते हुए कहा कि जब भाजपा की सरकार राज्य और केंद्र दोनों जगह थी, तब भी रांची में एक भी फ्लाइओवर जनता को समर्पित नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि रांचीवासियों ने वर्षों तक रातू रोड फ्लाइओवर की मांग की, लेकिन भाजपा के स्थानीय विधायक सीपी सिंह ने इसे बार-बार रोकने, डराने और टालने का प्रयास किया। कभी दुकानदारों को धमकाया गया कि फ्लाइओवर बनने से दुकानें बंद हो जायेंगी। कभी बहाने बनाकर प्रोजेक्ट को फाइलों में दबा दिया गया। यह सब कुछ भाजपा की वोटबैंक राजनीति का हिस्सा था। जब राज्य में हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व में सरकार बनी, तभी जाकर इस परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिली और कार्य जमीन पर शुरू हुआ। भले ही निर्माण एनएचएआई के जरिए हुआ हो, पर राज्य सरकार की भूमिका हर स्तर पर निर्णायक रही, जैसे: भूमि अधिग्रहण : जरूरी जमीन राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने उपलब्ध करायी। यूटिलिटी शिफ्टिंग : बिजली, पानी, सीवरेज जैसी सेवाओं को हटाने का दायित्व राज्य की एजेंसियों ने निभाया। स्थानीय अनुमति और पर्यावरणीय क्लीयरेंस : नगर निगम और विभागीय मंजूरी दिलवाना राज्य सरकार ने सुनिश्चित किया। जन संवाद और समाधान : स्थानीय विरोध या अड़चनें दूर करने के लिए संवाद स्थापित किया गया। प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग और समर्थन : जिला प्रशासन ने समय-समय पर समीक्षा कर सहयोग सुनिश्चित किया। डॉ तनुज ने भाजपा पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा: बिना ढोल-नगाड़े, बिना पीआइ कैमरों की चमक-धमक के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची को एक नहीं, दो-दो फ्लाइओवर रिकॉर्ड समय में जनता को समर्पित कर दिये जनता की जरूरत के लिए, न कि दिखावे के लिए। लेकिन भाजपा की आदत रही है हर चीज का श्रेय लेने की बेचैनी। चाहे ट्रेन हो, सड़क हो या शौचालय — उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री को बुलाना इनकी जरूरत बन चुकी है। ऐसे में यह मानना मुश्किल नहीं कि बिना किसी केंद्रीय मंत्री की औपचारिक उपस्थिति, रातू रोड फ्लाइओवर जैसे महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट को चालू करने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहे हैं। डॉ तनुज ने कहा कि झारखंड सरकार ने जमीन दी, विभागीय मंजूरियां दीं, तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग भी दिया पर अब केवल इसलिए जनता को इंतजार करवाया जा रहा है क्योंकि भाजपा को दिल्ली से हुक्म चाहिए। यह तो वही पुरानी भाजपा की शैली है आत्मनिर्भरता की बात करने वाले लोग असल में राजनीतिक फैसलों तक के लिए दिल्ली की तरफ देखते हैं। दुर्भाग्य यह है कि जब तक कोई मंत्री आकर फीता नहीं काटेंगे, तब तक रांची की जनता ट्रैफिक और तकलीफ में फंसी रहेगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा की मांग की है कि जनता की जरूरतों को राजनीतिक तमाशा बनाना बंद करें और बिना देरी के रातू रोड फ्लाइओवर आम जनता के लिए चालू करें।
सिल्ली आईटीआई कॉलेज निर्माण विलंब मामला को देवेन्द्र ने उपायुक्त रांची तक पहुंचाया सिल्ली आईटीआई कॉलेज भवन 12 वर्ष से पूर्ण नहीं होना दुर्भाग्य की बात : देवेन्द्र नाथ महतो टीम एबीएन, सिल्ली/ रांची। जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो सिल्ली विधान सभा क्षेत्र के हर समस्या का समाधान को लेकर निरंतर सक्रिय हैं। पिछले 12 वर्षों से सिल्ली आईटीआई कॉलेज निर्माण पूर्ण नहीं होने का मामला को रांची उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री तक पहुंचाया। जल्द अधूरे भवन निर्माण कार्य को पूर्ण कर अगले एक दो वर्षों सत्र में पढ़ाई प्रारंभ करने का मांग किया। मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग झारखंड सरकार के राज्य योजना औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं एवं अलाइडर भवन निर्माण अंतर्गत वृत्तीय वर्ष 2024 - 25 में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सिल्ली रांची के भवन निर्माण से संबंधित अतिरिक्त कार्य हेतु प्रदत प्राक्कलन कुल राशि 89,48,500/- नवासी लाख अड़तालिस हजार पांच सौ रुपए मात्र की प्रशासनिक एवं तकनीक स्वीकृति लगभग एक वर्ष पूर्व सितंबर 2024 में ही हो चुकी है।लेकिन अभी तक पुन: निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुई है जिसके वजह से पढ़ाई भी शुरू नहीं हो पा रही है। इस योजना का कार्यान्वयन जिला अभियंता, रांची के द्वारा किया जा रहा है। ये दुर्भाग्य है कि एक आईटीआई कॉलेज भवन का निर्माण 12 वर्षों में पूर्ण नहीं हो पाया है। मौके देवेन्द्र नाथ महतो ने उपायुक्त से मांग की है कि आईटीआई कॉलेज भवन निर्माण कार्य पुन: प्रारंभ करते हुए अगले एक दो साल बाद सत्र में पढ़ाई प्रारंभ हो और आस पास क्षेत्र के छात्रों को लाभ मिल सके। मौके पर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री रांची जिला अभियंता को अतिशीघ्र कार्य प्रारंभ करते हुए पूर्ण करने का निर्देश दिया। मौके पर देवेंद्र नाथ महतो के साथ महावीर साहू, रविन्द्र, लालमोहन, रंजित भी उपस्थित थे।
भाजपा के झूठे आरोपों की राजनीति से जनता गुमराह नहीं होगी : विनोद कुमार पांडेयटीम एबीएन, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडे ने भाजपा के हालिया आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष निराधार और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित झूठे आरोप लगाकर राज्य की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा जब सत्ता में थी, तब घोटालों की श्रृंखला खुद उनके शासन में रही चाहे वह कोयला घोटाला हो या पीडीएस अनियमितताएं।श्री पांडेय ने भाजपा के हाईकोर्ट सुरक्षा उपकरणों को लेकर लगाए गए आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भ्रामक और तथ्यविहीन बयान है। किसी भी स्तर पर न्यायपालिका की सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रश्न ही नहीं उठता।बाबूलाल उचित प्लेटफॉर्म पर सुबूत पेश करेंखेल विभाग में स्पोर्ट्स किट खरीद को लेकर भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर पांडेय ने कहा कि बाबूलाल जी को तथ्यों की पूरी जानकारी नहीं है। टेंडर प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है और किसी भी कंपनी को नियमों का उल्लंघन कर अनुचित लाभ नहीं पहुंचाया गया है। झामुमो की तरफ से बार - बार कहा जा रहा है कि भाजपा आरोप लगाने की बजाय उचित प्लेटफॉर्म पर सुबूत पेश करे। अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही भाजपा को झूठे आरोपों की राजनीत से परहेज करना चाहिए।उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा के पास न तो कोई जनहित का एजेंडा है और न ही जनता से कोई सरोकार। सिर्फ आरोपों की राजनीति से वह झारखंड की तरक्की को रोकना चाहती है, लेकिन राज्य की जनता अब भाजपा की साजिशों को अच्छी तरह समझ चुकी है और हर मोर्चे पर उसका जवाब दे रही है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंगलवार को कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में झारखंड जगुआर (एसटीएफ) के शहीद आरक्षी सुनील धान के परिजनों ने मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिजनों को कुल 2 करोड़ 66 लाख 26 हजार 972 रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इसमें स्टेट बैंक आफ इंडिया के पुलिस सैलरी पैकेज के तहत 1.20 करोड़ का चेक सौंपा गया, जबकि गृह विभाग द्वारा 1.46 करोड़ रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में क्रेडिट की गयी है। मुख्यमंत्री ने शहीद की मां मती फगनी उराइन, पत्नी मती गंदरी धान और बच्चों से सहानुभूतिपूर्वक बातचीत की और उनके पारिवारिक हालात की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा किआरक्षी सुनील धान ने राज्य के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। राज्य सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है। उनकी शहादत को झारखंड कभी नहीं भूलेगा।
ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जारी किये हेल्पलाइन नंबर; जरूरत पड़ने पर तुरंत करें फोन टीम एबीएन, रांची। रांची में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। रांची पुलिस ने एक हेल्पलाइन नंबर 8987790601 जारी किया है। इस नंबर पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से ट्रैफिक संबंधी कोई भी समस्या की जानकारी दे सकते है। जानें किन समस्याओं को लेकर कर सकते हेल्पलाइन नंबर का प्रयोग हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से पुलिस को ट्रैफिक जाम की सूचना दी जा सकती है। इसके अलावा अगर कोई पुलिस कर्मी/ पदाधिकारी आम जनता के साथ अभद्र व्यवहार करता है, उसकी जानकारी भी दे सकते हैं। रोड इंजीनियरिंग यानी स्पीड ब्रेकर, अनावश्यक कट और सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने की शिकायत की जा सकती है। साथ ही अगर कोई व्यक्ति ट्रैफिक वॉलेंटियर बनना चाहता है तो वह हेल्पलाइन नंबर पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से अपना व्यक्तिगत विवरण जैसे कि नाम, पता, फोटो, आधार नंबर उपलब्ध करा सकते हैं।
यूनेस्को की को-चेयर पर्सन डॉ सोनाझारिया मिंज ने की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से मुलाकात टीम एबीएन, रांची। यूनेस्को की को-चेयर पर्सन डॉ सोनाझारिया मिंज ने राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से उनके आवास पर मुलाकात की। सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका की पूर्व कुलपति रहीं डॉ सोनाझारिया मिंज और मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के बीच इस दौरान आदिवासी मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। मंत्री श्रीमती तिर्की ने आज कहा है कि डॉ सोनाझारिया मिंज को यूनेस्को का को-चेयर पर्सन नियुक्त करना झारखंड वासियों के साथ- साथ आदिवासी समाज के लिए गौरव की बात है। डॉ सोनाझारिया मिंज की व्यवहार कुशलता और सामाजिक ज्ञान ने काफी प्रभावित किया। डॉ सोनाझारिया मिंज की इस नयी भूमिका से आदिवासी भाषा, संस्कृति, विरासत को मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की आदिवासी विरासत के साथ वर्तमान चुनौतियों को रखने में अब मदद मिलेगी। यूनेस्को का उद्देश्य शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार के माध्यम से अंतररष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देना है। नि:संदेह डॉ सोनाझारिया मिंज इस भूमिका को निभाने में शत-प्रतिशत सफल होंगी।
महुदा क्षेत्र में अवैध कारोबार थामने का नाम नहीं ले रहा है, बालू खनन कर कई इलाकों में किया जा रहा सप्लाई एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास/ धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने मुख्यमंत्री झारखंड पुलिस ओर धनबाद एसएसपी को ट्विट कर अवैध बालू खनन पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने लिखा कि नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल एनटीजी के सख्त आदेशों के बाद भी महुदा क्षेत्र ने अवैध बालू खनन धड़ल्ले से जारी है। डोगा घाट और तेलमचों घाट सहित अन्य कई घाटों से रात के अंधेरे में खुलेआम अवैध खनन कर कई इलाकों में किया जा रहा बालू की सप्लाई अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का कृपा करेंगे ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड शराब घोटाले में एक और बड़ी गिरफ्तारी की खबर सामने आयी है। पूर्व आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश को एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है। सदर अस्पताल में मेडिकल जांच करा लिया गया है। जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। अमित प्रकाश, उत्पाद आयुक्त के साथ-साथ एमडी जेएसबीसीएल के पद पर कार्यरत थे। दिसंबर 2024 में उनकी सेवानिवृति हुई थी। झारखंड प्रशासनिक सेवा से प्रोन्नत होकर आईएएस अधिकारी बने थे।
रांची में जबरन जमीन कब्जा मामला को लेकर देवेन्द्र नाथ महतो ने राज्यपाल से की मुलाकातटीम एबीएन, रांची। राजधानी में जबरन जमीन कब्जा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रांची में तेजी से हो रहे अवैध जबरन जमीन कब्जा का मामला को जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो समेत नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार तक पहुंचाया।मौके पर देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार जी को ध्यान आकृष्ट कराया गया कि रांची में पूंजीपति वर्ग द्वारा लगातार जबरन सीएनटी एक्ट जमीन, गैर मजरूआ आम खास, कृषि भूमि, वन भूमि, पहनाई, कायमी, सिकमि, बकास्त, जिरात, बकाश्त भूइहरी, हिंद केसरी, इत्यादि प्रकार के जमीन को सीएनटी एक्ट, भूमि अधिग्रहण अधिनियम का उलंघन करते हुए अवैध रूप से जबरन कब्जा किया जा रहा है।बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा द्वारा मेसरा, रुदिया, हुंबई, मौजा का 281 एकड़ जमीन बिना अधिग्रहण दस्तावेज के जबरन कब्जा किया जा रहा है, मेसरा के अनुसार 1964-65 में भूमि अधिग्रहण किया जा चुका है लेकिन उक्त जमीन का बीआईटी मेसरा और भू-अर्जन विभाग, जिला भू-अभिलेखागार के पास जमीन अधिग्रहीत का कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है जबकि उक्त जमीन का रैयत वर्तमान समय 2024-25 में जमीन का लगान भर रहे हैं। कांके नगड़ी मौजा में रिम्स टू के नाम से 277 एकड़ खतियानी, कटवार, पहनाई, कायमी इत्यादि प्रकार का जमीन को बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा 1956-57 में अधिग्रहीत का नाम से जबरन कब्जा किया जा रहा है, जबकि 1956-57 से लेकर 2012 तक स्थानीय रैयत द्वारा जमीन का लगान भी भरा जा चुका। इसी जगह पर स्थानीय रैयत द्वारा जब 2012 ई में आईआईएम/ ट्रिपल आईटी कॉलेज निर्माण का विरोध किया गया तब से कांके नगड़ी मौजा के समस्त जमीन का लगान वसूली कार्य बंद कर दिया गया था। उक्त जमीन का रैयत द्वारा 2012 तक नियमित रूप से लगान भरा है जबकि बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी और जिला भू-अर्जन कार्यालय, जिला भू-अभिलेखागार कार्यालय कहीं भी जमीन अधिग्रहीत का कोई भी प्रमाण दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।टाटीसिल्वे हरातु मौजा में डीआरएम दक्षिण पूर्वी मंडल रेल द्वारा अवैध रूप 78.39 एकड़ जमीन जबरन कब्जा किया जा रहा है, आरटीआई के जवाब में रेलवे के पास जमीन अधिग्रहीत का कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है भू-अर्जन कार्यालय में संपर्क करने का लिखित जवाब दिया था, भू-अर्जन विभाग के अनुसार लगभग 7 एकड़ जमीन अधिग्रहण करने करने का दस्तावेज है लेकिन रेलवे इंजिनियरिंग नक्शा के अनुसार 1957-58 में 38.74 एकड़ जमीन अधिग्रहण का दावा ठोकती है लेकिन ग्रामीणों का शिकायत है कि वर्तमान में जमीन का मापी करने से 77 एकड़ जमीन पर अवैध जबरन कब्जा करने का शिकायत है।साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कांके चामा, बुकरु, नगड़ी मौजा में 500 एकड़ से ज्यादा बखास्त, मुंडा, भुईहरि, पहनाई, डाली कतारी जमीन का नेचर को बदल कर बड़े बड़े भू माफिया जमीन को जबरन अवैध रूप से बेचा जा रहा है।मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि पूंजीपति वर्ग, भू - माफिया और सरकारी अधिकारीयों के मिलीभगत द्वारा साजिश के तहत राजधानी रांची आसपास के किसानों को भूमिहीन बनाने का षडयंत्र रचा जा रहा है। सीएनटी एक्ट की धारा 49 और भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 101 के अनुसार अगर सरकार द्वारा जमीन किसी जमीन को अधिग्रहीत करने के पांच साल तक उक्त जमीन पर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है तो वह जमीन रैयत को वापस करने का प्रावधान है फिर भी रैयत का जमीन को जबरन कब्जा किया जा रहा है।नियम के अनुसार जमीन का समस्या का समाधान किया जाय अन्यथा राजधानी रांची चारों तरफ से जमीन बचाओ यात्रा आंदोलन किया जायेगा। राज्यपाल से मुलाकाती में देवेन्द्र नाथ महतो समेत नौ प्रतिनिधिमंडल में करमु मुंडा, नागेंद्र महतो, बाबूलाल महतो, जयंती देवी, संजय महतो, मालती देवी, चंदन महतो, धनेश्वर महतो, रजनीश कुमार महतो, शांति देवी शामिल थे।
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