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श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति, रांची 16 और 17 को मनायेगी श्री कृष्ण जन्माष्टमी
Published / 2025-07-13 18:28:31
श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति, रांची 16 और 17 को मनायेगी श्री कृष्ण जन्माष्टमी

*प्रेस प्रकाशनार्थ*              13/7/2025 दो दिवसीय महोत्सव 16 व 17अगस्त 2025 को15 वर्षो से  राजधानी के मुख्यमार्ग पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव का हो रहा उत्सवश्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव व दही हांडी प्रतियोगिताटीम एबीएन, रांची। पूर्वी क्षेत्र का सबसे बड़ा जन्माष्टमी पर्व है जो काफी वर्षों से समिति के सानिध्य में मनाया रहा है। यह महोत्सव दो दिवसीय मनाया जाएगा। इस अवसर पर दही हांडी प्रतियोगिता का भी आयोजन रखा गया है। दही हांडी प्रतियोगिता उत्सव के साथ भजन संध्या सहित देश भक्ति के गीतों का भी कार्यक्रम रखा गया है। श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति, रांची के सानिध्य में अलबर्ट एक्का चौक, मेन रोड पर 16 व 17 अगस्त 2025 को दो दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा।वर्तमान में श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति  ,रांची के संरक्षक रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ,  संरक्षक सी पी सिंह, संरक्षक अजय मारू एवम समिति के अध्यक्ष मुकेश काबरा है।आज समिति की बैठक में संरक्षक, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ,अजय मारू व अध्यक्ष मुकेश काबरा सहित समिति के सदस्यों की उपस्थिति में श्री  कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन दो दिवसीय 16 एवं 17 अगस्त 2025 को मनाने का निर्णय लिया गया। आयोजन समिति के संरक्षक व  रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ व मुकेश काबरा ने बताया कि 16 व 17 अगस्त को श्री कृष्ण जन्मोत्सव  समिति ,रांची की ओर से अलबर्ट एक्का चौक ,मेन रोड मै श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। श्री सेठ ने बताया कि समिति के सानिध्य में 15 वर्षो  से श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हम मनाते आ रहे हैं। 16 अगस्त को झांकी प्रतियोगिता के साथ महोत्सव का उद्घाटन किया जाएगा। दही हांडी प्रतियोगिता में पुरुष गोविंदा टीम व महिला गोविंदा टीम भाग ले सकेंगे। जिसका रजिस्ट्रेशन समिति में  गोबिंदाओ की टीम को करवाना अनिवार्य होगा। मुकेश काबरा ने बताया कि 100 से भी ज्यादा सदस्यों को समिति में रखा जाएगा। साथ ही जल्द उनके बीच ब्यवस्था निमित कार्यों का  वितरण कर कार्यक्रम को सफल बनाया जाएगा। आयोजन की सफलता के लिए इस बार  पूरी रांची को श्री कृष्ण भक्तिमय बनाया जाएगा। संरक्षक, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, अध्यक्ष मुंकेश काबरा ने  कहा कि अगली बैठक में समिति के पदों व कार्यो के लिए सदस्यो के नाम के साथ समिति का बृहत् विस्तार किया जायेगा।मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत ने बताया कि आज की बैठक में मुख्य रूप से आयोजन समिति के संरक्षक सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, संरक्षक अजय मारू,अध्यक्ष मुकेश काबरा , कुणाल आजमानी,रविन्द्र मोदी, रमेन्द्र कुमार , जवाहर तनेजा, ऐश्वर्या सेठ, प्रमोद सारस्वत, कमलजीत सिंह शंटी ,सतीश सिन्हा,नीरज चौधरी,राज वर्मा, सत्येन्द्र सिंह गुड्डू, संजय पोद्दार,पवन बजाज,भीष्म सिंह,मनोज कुमार, राजीव सहाय,नीतू सिंह, राजू रजक, संजीव साहू, भीष्म सिंह, प्रेमचंद श्रीवास्तव,प्रकाश धेलिया, मनोज साहू, मनोज महतो,रामलगन राम सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।

रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने संजय सर्राफ को किया सम्मानित
Published / 2025-07-13 16:05:32
रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने संजय सर्राफ को किया सम्मानित

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के जिलाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार की अध्यक्षता मे महाराजा अग्रसेन भवन के सभागार में आयोजित कार्य समिति की एक अहम बैठक मे झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की प्रांतीय कार्यकारिणी समिति मे जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता संजय सर्राफ को झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय संयुक्त महामंत्री एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी बनाये जाने पर बधाई दी।मौके पर जिला मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं समाजसेवी विश्वनाथ नारसरिया ने संजय सर्राफ को अंग वस्त्र ओढ़ाकर एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित करते हुए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी। संजय सर्राफ ने विगत 18 वर्षों से रांची के विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में विभिन्न पदों में रहकर कई उल्लेखनीय जनसेवा एवं सामाजिक कार्य करते हुए झारखंड में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कई सामाजिक संस्थाओं में मीडिया के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य किये है। कार्यक्रम में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित थे। संजय सर्राफ ने प्रांतीय अध्यक्ष सहित रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के सभी पदाधिकारीयों एवं सदस्यों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद किया। मौके पर महामंत्री विनोद कुमार जैन, कमल कुमार केडिया, किशन साबू, नरेंद्र गंगवाल, पवन पोद्दार,पवन शर्मा,मनोज चौधरी अनिल कुमार अग्रवाल,कौशल राजगढ़िया, प्रमोद सारस्वत, नंदकिशोर पाटोदिया, नरेश बंका, निर्मल बुधिया, राजेंद्र केडिया, आनंद जालान, मनोज रूईया, प्रमोद बगड़िया, दीपेश निराला, नरेंद्र लखोटिया, पुरुषोत्तम विजयवर्गीय, सौरभ बजाज, रोहित पोद्दार, शैलेश अग्रवाल, अजय खेतान,अजय डीडवानिया रौनक झुनझुनवाला,अमित बजाज,अमित चौधरी, सुमित महलका, आशीष डालमिया, मनीष लोधा,प्रकाश चंद्र नाहटा, जितेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन का चुनाव 27 जुलाई को
Published / 2025-07-13 16:03:25
रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन का चुनाव 27 जुलाई को

मुख्य चुनाव अधिकारी ने निर्वाचन हेतु कार्यक्रमों की घोषणा कीटीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के सत्र 2025- 27 के लिए अध्यक्ष पद का चुनाव जिला मारवाड़ी सम्मेलन के निर्णयानुसार 27 जुलाई, दिन रविवार को महाराजा अग्रसेन भवन में होगा। मुख्य चुनाव पदाधिकारी अशोक कुमार नारसरिया ने निर्वाचन हेतु  कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 15 जुलाई से मारवाड़ी भवन में नामांकन पत्र उपलब्ध रहेगा, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई को अपराह्न 4 बजे तक रहेगा। नामांकन पत्र जांच एवं वैध उम्मीदवारों की सूची 18 जुलाई को ही संध्या 5  बजे प्रकाशित कर दिया जाएगा। नामांकन पत्र वापसी की तिथि 20 जुलाई शाम 4 बजे तक है। तथा उम्मीदवारों की अंतिम सूची 20 जुलाई को ही शाम 5 बजे प्रकाशित कर दिया जाएगा। मतदान (आवश्यक होने पर) 27 जुलाई को अपराह्न 1 बजे से संध्या 4 बजे तक महाराजा अग्रसेन भवन में होगा। निर्वाचन हेतु संपूर्ण कार्य 15 जुलाई से 20 जुलाई तक प्रतिदिन अपराह्न- 3 बजे से संध्या 4 बजे तक मारवाड़ी भवन में होगा। मतदान हेतु सभी सदस्यों को भारत सरकार द्वारा निर्गत अपना सरकारी पहचान पत्र लाना अनिवार्य है, उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दो सौ रुपया शुल्क देकर स्वयं लेना होगा। उक्त जानकारी रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।

देवघर श्रावणी मेला : दूसरे दिन ही काँवरियों की लाइन पहुंची बीएड कॉलेज
Published / 2025-07-12 23:18:53
देवघर श्रावणी मेला : दूसरे दिन ही काँवरियों की लाइन पहुंची बीएड कॉलेज

एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। राजकीय श्रावणी मेला, 2025 के दूसरे दिन आज श्रद्धालुओं की कतार बीएड कॉलेज तक पहुँची, जिसके पश्चात अहले सुबह 04:14 बजे से जलार्पण शुरू हुआ।इसके अलावा जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1,13,402 है। साथ ही बाह्य अर्घा के माध्यम से 29,962, आंतरिक अर्घा से 80,532 एवं शीघ्र दर्शनम के माध्यम 2908 से श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया।

रिम्स-2 : आदिवासियों की जमीन बचाने उतरा जनजाति आयोग
Published / 2025-07-12 23:15:45
रिम्स-2 : आदिवासियों की जमीन बचाने उतरा जनजाति आयोग

रिम्स-2 निर्माण को लेकर विवाद गहराया, आदिवासी रैयतों के समर्थन में उतरा जनजाति आयोगटीम एबीएन, रांची। कांके प्रखंड के नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 के निर्माण को लेकर प्रदेश में सियासी संग्राम तेज हो गया है। एक ओर जहां स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी इस परियोजना को लेकर अडिग हैं, वहीं उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की इसके विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। नगड़ी के ग्रामीण रैयतों ने भी प्रस्तावित जमीन को देने से साफ इनकार कर दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं का कहना है कि जिस भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण की योजना है, वह कृषि योग्य है और वहां पर सैकड़ों वर्षों से आदिवासी समुदाय खेती कर रहा है। ग्रामीणों ने इसे अपनी आजीविका का मुख्य स्रोत बताया है। भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को लिखित शिकायत भी की थी। इसी के आलोक में शनिवार को आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा नगड़ी गांव पहुंचीं और ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद किया।आयोग की सदस्य डॉ. लकड़ा ने बताया कि रैयतों ने उन्हें बताया कि वे पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और जिस जमीन पर रिम्स-2 का निर्माण प्रस्तावित है, वह उनकी जीवनरेखा है। ग्रामीणों के अनुसार, कांके से नगड़ी की ओर पूर्वी क्षेत्र में 202 एकड़ और पश्चिमी क्षेत्र में 25 एकड़ भूमि है, जिस पर लगभग 250 परिवार निर्भर हैं। यदि यह जमीन अधिग्रहित हो जाती है, तो उनके पास न तो अंतिम संस्कार के लिए जगह बचेगी, न ही धान संग्रहण और खेती के लिए कोई भूमि।डॉ. लकड़ा ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समाज का जीवन जल, जंगल और जमीन से जुड़ा होता है। यदि जमीन ही छिन जाएगी, तो वे पूरी तरह उजड़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक दबाव के कारण ग्रामीणों को खेती करने से भी रोका जा रहा है, जिसके चलते वे सड़क पर बिचड़ा तैयार करने को मजबूर हैं। वहीं कई ग्रामीणों पर केस दर्ज कर जेल भेजा गया, हालांकि अब वे जेल से रिहा हो चुके हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।डॉ. लकड़ा ने यह भी जानकारी दी कि 2011 तक गांव वालों ने जमीन का रसीद कटवाया था, लेकिन 2012 के बाद से रसीद नहीं कटी है। ग्रामीणों ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं, लेकिन विभाग के पास अधिग्रहण से संबंधित कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अधिग्रहण हुआ भी हो, तो कानून के अनुसार यदि पांच वर्षों तक निर्माण कार्य नहीं होता है, तो जमीन स्वतः रैयतों को वापस मिल जाती है।राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में ले चुका है। आयोग इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार, राष्ट्रपति और गृह मंत्रालय को भेजेगा। इसी क्रम में डॉ. आशा लकड़ा ने शनिवार को अपनी पांच सदस्यीय टीम के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने पेसा कानून, नगड़ी में कृषि योग्य भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण तथा आदिवासी समाज से जुड़े मामलों पर चर्चा की। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और जल्द ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया जायेगा।

के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक
Published / 2025-07-12 23:11:42
के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 12 जुलाई को रांची जी पीओ में के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की बैठक सम्पन्न हुई। सरकार के द्वारा 25 मार्च को वित्तीय विधेयक के साथ सी सी एस पेंशन रूल 2021 में वेलिडेशन संशोधन कर 60 लाख केंद्रीय पेंशनर्स को वर्तमान और भविष्य के पेंशनर्स में विभाजित कर उन्हें 8वें वेतन आयोग के संभावित लाभों से वंचित किया जा रहा है, जिसके कारण केंद्रीय पेंशनर्स में जबरदस्त आक्रोश और गुस्सा है।इसको लेकर 35 सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने NCCPA के बैनर तले सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है और इसके अलावा सांगठनिक स्तर पर भी संघर्ष किया जायेगा। इस कड़ी में 25 जुलाई  को देश भर में मानव श्रृंखला बनायी जायेगी तथा अपने अपने क्षेत्र के सांसद को ज्ञापन सौंपा जायेगा। इसके लिए संसद मार्च भी किया जायेगा। सरकार पर दबाव बना कर इस कर्मचारी विरोधी कानून निरस्त कराने का प्रयास किया जायेगा।बैठक को एम जेड खान सहित रंग नाथ पाण्डेय, रमेश सिंह, त्रिवेणी ठाकुर, के डी राय व्यथित, रामचंद्र प्रसाद, बलदेव साहू, राम नरेश पांडेय आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि हम इस काले कानून की वापसी तक संघर्ष करेंगे। बैठक में सीजी एच एस की कार्यप्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की गयी तथा पोस्टमैन के बकाया भुगतान को लेकर भी लोग आक्रोशित थे तथा डाक प्रशासन की निष्क्रियता और संवेदनहीनता को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।बैठक में मुख्य रूप से त्रिलोकी नाथ साहू, हसीना तिग्गा, बी बारा, अमिता कुजूर, सुखदेव राम, मो रफी, आर बी बैठा, अमर नाथ मिश्रा, आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, रांची के झारखंड राज्य सचिव एम जेड खान ने दी।

माही से मिले मंत्री सुदिव्य सोनू
Published / 2025-07-12 21:06:58
माही से मिले मंत्री सुदिव्य सोनू

मंत्री सुदिव्य सोनू ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा टीम एबीएन, रांची। झारखंड के खेल एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने आज जेएससीए में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मुलाकात की। दोनों के बीच इस दौरान राज्य में पर्यटन एवं खेल गतिविधियों के विकास को लेकर बेहद सकारात्मक बात हुई। सोनू ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, खेल और पर्यटन को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में धोनी का सहयोग राज्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव निश्चित रूप से इन क्षेत्रों में विकास को गति प्रदान करेंगे।

देवेंद्रनाथ महतो ने अतिक्रमणमुक्त करायी 281 एकड़ जमीन
Published / 2025-07-12 21:06:25
देवेंद्रनाथ महतो ने अतिक्रमणमुक्त करायी 281 एकड़ जमीन

देवेंद्रनाथ महतो ने हल चलाकर बीआइटी संस्थान द्वारा अवैध रूप से 281 एकड़ कब्जा जमीन को मुक्त कराया अवैध कब्जा जमीन को मुक्त कराने हेतु जमीन बचाओ राज्यव्यापी आंदोलन किया जायेगा : देवेंद्र नाथ महतो टीम एबीएन, रांची। इन दिनों राज्य में अवैध जमीन कब्जा का विवाद मामला सबसे ज्यादा लंबित चल रहा है। बीआईटी बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा में अवैध जमीन कब्जा मुक्त कराने हेतु आज हेलीपेड मैदान मेसरा आंदोलन हुआ। यह आंदोलन रैयत विस्थापित संघ के बैनर तले हुआ। आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठन के अगुवा पहुंचे। संबोधन में  झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने संबोधन में कहा कि आज हमलोग अवैध कब्जा जमीन को मुक्त कराने के उद्देश्य एकजुट हुए हैं। जमीन को बीआईटी के अवैध कब्जा से मुक्त कराना है तो आज अभी तत्काल हल चलाना होगा खेती कार्य प्रारंभ करना होगा। उपस्थित सभी नेता और जनता ताली गड़ गड़गड़ाहट से हामी भरी, तत्काल पांच ट्रैक्टर मंगाया गया। देवेन्द्र नाथ महतो खुद ट्रैक्टर का हल चलाकर जमीन जोता गया। जिसका  उद्घाटन कांके विधायक सुरेश बैठा हरी झंडी दिखाकर किया। विधिवत सांस्कृतिक गीत संगीत के साथ धान और मड़ुवा अनाज का बुवाई कर जमीन बचाओ का मुहीम चलाया गया। आज के आंदोलन में पूर्वी मेसरा, पश्चिमी मेसरा, कैदल, नेवरी और चुटु पंचायत के हजारों लोग जुटे। स्थिति नियंत्रण पर स्थानीय थाना प्रभारी संजीव कुमार पहुंचे। बताते चलें कि मेसरा, रुदिया, होंबई, पंचोली और नया टोली मौजा के मुल रैयतों के कुल 281 एकड़ के जमीन घेराबंदी का प्रशासनिक नोटिस जारी किया गया था। जिसका आज पुरजोर तरीके से विरोध किया गया। आज के आंदोलन में पूर्व रांची लोकसभा सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव, कांके विधायक सुरेश बेठा, जीतू चरण राम, कमलैश राम, कुशल मुंडा, करमु मुंडा, विजय केसरी, नागेंद्र महतो, बाबूलाल महतो, फुलेश्वर बेठा आदि विस्थापित संघ के लोग रहे। बताते चलें कि कल शुक्रवार को इस जमीन विवाद समाधान को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारी के मौजूदगी में संस्थान प्रबंधन और रैयतों का वार्ता असफल रहा। देवेंद्र नाथ महतो ने मीडिया वार्ता में कहा कि इतिहास में पहली बार जमीन विवाद आंदोलन से अवैध कब्जा जमीन को हल चलाकर खेती कार्य कर मुक्त कराया गया। जमीन लुट को हमारा पूर्वज कभी स्वीकार नहीं किया है, जमीन बचाने का संघर्ष का इतिहास पुराना है, जमीन बचाने को लेकर हमारे पूर्वज ढाल विद्रोह, चुआड़ विद्रोह, घोटवाल विद्रोह, भोक्ता विद्रोह, मुंडा विद्रोह, संथाल विद्रोह  ऐसे अनेक विद्रोह का इतिहास रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम शिक्षा का समर्थन करते हैं लेकिन संस्थान द्वारा जबरन अवैध रूप से रैयतों और फॉरेस्ट जमीन अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जायेगा।

मांगें पूरी होने पर ही खत्म होगा एचईसी सप्लाई कर्मियों का आंदोलन
Published / 2025-07-12 13:54:05
मांगें पूरी होने पर ही खत्म होगा एचईसी सप्लाई कर्मियों का आंदोलन

HEC सप्लाई कर्मियों का आंदोलन 11वें दिन भी रहा जारी टीम एबीएन, रांची। HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) में कार्यरत सप्लाई कर्मियों का आंदोलन शुक्रवार को 11वें दिन भी पूरे जोर-शोर से जारी रहा। आंदोलनकारी सप्लाईकर्मी नेहरू पार्क से जुलूस की शक्ल में निकले और HEC मुख्यालय पहुंचकर वहां जबरदस्त प्रदर्शन और सभा की। कर्मचारियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि मुख्यालय के सामने सड़क पर जाम जैसे हालात बन गये। नारों, पोस्टरों और लाल झंडों के बीच मजदूरों का गुस्सा साफ नजर आया।सभा को संबोधित करते हुए कई वक्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर अभी भी कर्मचारी एकजुट नहीं हुए तो आने वाले दिनों में उनका भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो सकता है। वक्ताओं ने मेकॉन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां आउटसोर्सिंग एजेंसियों ने सप्लाई कर्मियों को अचानक काम पर आने से रोक दिया, वही स्थिति जल्द एचईसी में भी हो सकती है।कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन उनके साथ लगातार धोखा कर रहा है। पांच महीने तक ईएसआई की राशि जमा नहीं की गयी और जब सवाल किया गया तो कहा गया कि काम ही नहीं हुआ। ऐसे प्रबंधन पर कैसे विश्वास किया जाए?वक्ताओं ने कहा कि सप्लाई कर्मियों को मिलने वाली रविवार की छुट्टी, अर्जित अवकाश (AL), आकस्मिक अवकाश (EL), महंगाई भत्ता और क्वार्टर की सुविधा पहले से हुए समझौतों के तहत दी जाती है। अगर प्रबंधन इन्हें छीनने की कोशिश करेगा तो मजदूर कानूनी लड़ाई में उतरेंगे।सभा में यह भी कहा गया कि यह आंदोलन केवल वेतन या सुविधा का नहीं, सम्मान और अधिकार का आंदोलन है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जो भी अधिकार कर्मचारियों को मिले हैं, वे संघर्ष और लामबंदी से ही मिले हैं, न कि किसी दया से।वक्ताओं ने झारखंड सरकार के श्रम मंत्री का भी हवाला दिया, जिन्होंने हाल ही में स्पष्ट कहा था कि एचईसी के ठेका मजदूरों की सुविधाएं छीनी नहीं जाएंगी। मंत्री के बयान के बावजूद प्रबंधन के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो रही है।

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