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जेसीआई रांची ने की पहाड़ी बाबा की पूजा-अर्चना व श्रृंगार, बांटे प्रसाद
Published / 2025-07-28 18:21:19
जेसीआई रांची ने की पहाड़ी बाबा की पूजा-अर्चना व श्रृंगार, बांटे प्रसाद

टीम एबीएन, रांची। सावन के तीसरे सोमवार के पहले पहाड़ी मंदिर में जेसीआई रांची के सदस्यों के द्वारा भोले बाबा के भक्तों के लिए बुंदिया के प्रसाद का वितरण किया गया। रविवार को पहाड़ी बाबा का शृंगार, पूजा-अर्चना व आरती की गई। इस कार्यक्रम का शकुशल संचालन जेसी हेमंत माहेश्वरी, कुनाल बोरा व मोहित लखोटिया ने किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रतीक जैन, सचिव सन्नी केडिया, सिद्धार्थ जयसवाल, मोहित वर्मा, रॉबिन गुप्ता, सौरभ साबू, सौरव जालान, मयंक अग्रवाल, प्राची अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, शोभीत अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, गौरव माहेश्वरी व अन्य सदस्य उपस्थित थे।

श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर मे पांच दिवसीय श्री कृष्ण बीतक कथा की शुरुआत
Published / 2025-07-27 21:05:12
श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर मे पांच दिवसीय श्री कृष्ण बीतक कथा की शुरुआत

विदुषी साध्वी मीना महाराज एवं पूर्णा महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का किया भावपूर्ण वर्णनएबीएन सोशल डेस्क। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में परमहंस डा० संत शिरोमणि सदानंद जी महाराज के सानिध्य में श्री राधा कृष्ण मंदिर पुंदाग रांची के प्रांगण में पांच दिवसीय संगीतमय श्री कृष्ण बीतक कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर वृंदावन से पधारी सुप्रसिद्ध कथा वाचिका विदुषी साध्वी मीना महाराज एवं विदुषी पूर्णा महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग को विस्तारपूर्वक एवं अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। कथा की शुरुआत मंगलाचरण और श्री गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात संगीतमय शैली में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा प्रारंभ हुई। साध्वी मीना महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की पृष्ठभूमि, कंस के अत्याचार, वासुदेव और देवकी की पीड़ा, तथा जेल में श्रीकृष्ण के अवतरण की दिव्य कथा का सजीव चित्रण किया। उनके साथ साध्वी पूर्णा महाराज ने गायन और प्रसंगों की संगीतमय प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।साध्वीजी ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म केवल देवकी और वासुदेव के लिए नहीं, अपितु संपूर्ण मानवता के कल्याण हेतु हुआ था। जब-जब अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब-तब प्रभु किसी रूप में अवतरित होकर संसार को दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर नई चेतना के जागरण का प्रतीक है। कथा के दौरान जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, पूरे मंदिर परिसर में उल्लास और आनंद की लहर दौड़ गई। झांकी के रूप में बालकृष्ण के जन्म का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें घंटियां, शंखनाद और नंद के घर आनंद भयो जैसे भजनों की गूंज से वातावरण गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया। कथा स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति यह दर्शा रही थी कि समाज में आज भी आध्यात्मिक चेतना जाग्रत है। आयोजन के पहले दिन ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, और कथा श्रवण के दौरान पूरा परिसर श्रीकृष्णमय हो गया।ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए बैठने, जलपान, प्रसाद वितरण एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई थी। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि यह कथा प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से बजे से शाम 5 बजे तक बजे तक आयोजित की जा रही है। जिसमें श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का संगीतमय वर्णन किया जाएगा। कथा का यह आयोजन केवल भक्ति नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, करूणा और धर्म की स्थापना का संदेश भी दे रहा है। मौके पर विजय कुमार अग्रवाल, डूंगरमल अग्रवाल, निर्मल जालान, राजेंद्र अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, संजय सर्राफ, विशाल जालान, मधु जाजोदिया, विष्णु सोनी, सुरेश अग्रवाल, नवल टिबडेवाल, सुरेश चौधरी, नंदकिशोर चौधरी, पवन पोद्दार, पुजारी अरविंद पांडे, विद्या देवी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, शोभा जालान, सुमन चौधरी, अमिता जालान, ललिता पोद्दार, रेखा पोद्दार, शारदा पोद्दार, उर्मिला पाड़िया, आशा मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित है। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

रांची : पुराना विधानसभा सभागार में हिंदी साहित्य की गोष्ठी
Published / 2025-07-27 21:01:07
रांची : पुराना विधानसभा सभागार में हिंदी साहित्य की गोष्ठी

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 27 जुलाई 2025 को रांची स्थित पुराना विधानसभा सभागार में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा और अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती, झारखंड इकाई के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन समाज विषयक एक एक दिवसीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी साहित्य, भारतीय संस्कृति और शिक्षा से जुड़े अनेक विद्वानों, साहित्यकारों, शोधार्थियों और प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।उद्घाटन सत्र में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र गौरव का आह्वानइस अवसर पर झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह ने मोबाइल के जरिए सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी भारतीय संस्कृति और ऋषियों की ज्ञान परंपरा पर गर्व होना चाहिए। जब तक हम अपनी परंपराओं और मूल्यों को आत्मसात नहीं करेंगे, तब तक भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करना कठिन होगा।उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती द्वारा वैश्विक स्तर पर हिंदी व संस्कृति संवर्धन के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में सांस्कृतिक चेतना विकसित होती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रांची विधायक पूर्व मंत्री सी.पी. सिंह, ने अपने वक्तव्य में कहा, हमारी संस्कृति और परंपरा केवल गौरवशाली अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि एक जीवंत धरोहर है, जो हमारे जीवन को दिशा देती है। आज जब दुनिया में सांस्कृतिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है, ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम अपनी अगली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। हिंदी साहित्य भारती और केंद्रीय हिंदी संस्थान का यह प्रयास अनुकरणीय है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भारतीय दर्शन, इतिहास और भाषा को आत्मसात करें और जीवन के हर क्षेत्र में भारतीयता को गौरव के साथ स्थापित करें।अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री,श्री रविन्द्र शुक्ल ने अपने अध्यक्षीय  भाषण में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमारे ऋषियों की वाणी और वैदिक संस्कृति की वह मूलभूत अवधारणा है, जो संपूर्ण विश्व को दिशा दे सकती है। हमें इसे आधुनिक संदर्भों में पुनर्परिभाषित कर समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाना होगा।गौसेवा आयोग, झारखंड के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने संगोष्ठी की उपादेयता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना का यह एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने इसे विचारों का उत्सव बताया। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रंजन कुमार दास (भुवनेश्वर) ने कहा, भारतीयता एक जीवनशैली है, जो आज के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक हो गई है। शिक्षा, संस्कृति और भाषा के समन्वय से ही समाज को दिशा दी जा सकती है।हिंदी साहित्य भारती के केंद्रीय महामंत्री रामनिवास शुक्ल ने कहा कि जीवन मूल्यों और  सांस्कृतिक चेतना को संगठित रु से प्रस्तुत करे। झारखंड इकाई की सराहना करते हुए कहा कि, समय की मांग है कि हम अपने साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों को संगठित रूप से प्रस्तुत करें। यह आयोजन उस दिशा में एक प्रभावी कदम है।द्वितीय सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध पत्रिका सोच-विचार के संपादक डॉ. नरेंद्र मिश्र (वाराणसी) ने संगोष्ठी की सफलता की प्रशंसा करते हुए संयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि झारखंड इकाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि सुदूर राज्यों में भी गंभीर साहित्यिक और वैचारिक संवाद संभव है। इस पूरे आयोजन के संयोजक और संचालनकर्ता रहे बहुचर्चित युवा सामाजिक कार्यकर्ता और साहित्य प्रेमी अजय  राय, जिन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य, पृष्ठभूमि और प्रयोजन को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, आज का यह संगोष्ठी भारतीय संस्कृति और झारखंड की स्थानीय परंपराओं के समन्वय का सशक्त माध्यम है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सज्जन, जो कि एक शिक्षाविद, विचारक और साहित्यकार हैं, ने स्वागत संबोधन में कहा कि झारखंड की यह धरती भगवान बिरसा मुंडा की धरती है, जिन्होंने संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए अपने प्राण अर्पण किए। हमें भी आज उसी भावना से अपनी वैदिक परंपरा और ज्ञान को पुनः स्थापित करने का संकल्प लेना चाहिए। संगोष्ठी में झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित 35 शोध पत्रों की प्रस्तुति दी। यह सत्र अत्यंत समृद्ध और ज्ञानवर्धक रहा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस संगोष्ठी में कई अन्य विद्वानों और वरिष्ठजनों ने भी अपनी बात रखी, जिनमें प्रमुख रूप से  हिमांशु शुक्ल, पूर्व संपादक, दैनिक जागरण (वाराणसी) डॉ. सुनीता मंडल, प्रभारी मंत्री, हिंदी साहित्य भारती झारखंड डॉ. सुनीता कुमारी, उपाध्यक्ष, हिंदी विभाग, रांची विश्वविद्यालय ब्रजेंद्र नाथ मिश्र, प्रदेश मीडिया प्रभारी, हिंदी साहित्य भारती आदि। इस आयोजन में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए लगभग 150 प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। जिनमें रांची हिंदी साहित्य भारती के प्रांतीय महामंत्री राकेश कुमार, रांची जिला अध्यक्ष बलराम पाठक, उपाध्यक्ष संजय सर्राफ, महामंत्री सुकुमार झा, कुमार मनीष अरविंद,उपाध्यक्ष डॉ. संगीता नाथ, सिंहभूम जिला अध्यक्ष डॉ. आशा गुप्ता, श्रीमती रेणु बाला मिश्रा, अरुणा झा, डॉ. स्नेह लता, अनुज कुमार पाठक, रामप्रवेश पंडित, संजीव दत्ता, दीपेश निराला, नरेश बंका, अभय कुमार, विनोद जैन बगवानी, मुकेश साहू अनिकेत कुमार सिंह अभय कुमार पांडे, धनंजय पाठक, स्नेह प्रभा पांडेय, रेणुबाला मिश्रा,पूजा रत्नाकर,मंजु शरण मंजुल, संजीव कुमार, त्रिपुरेश्वर नाथ मिश्र, निशिथ सिन्हा, ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र,संजय सिंह चंदन, रिंकू दुबे  वैश्नवी, डॉ. रामप्रवेश पंडित,श्री विश्वजीत विश्वकिरण, श्रीमती जया, मनीष मिश्र नंदन, मुकेश यादव, दीपेश यादव प्रवीण कुजूर आनंद प्रमाणिक रमेश साहू सहित सैकड़ो ने भाग लिया। समापन और राष्ट्रगान अंत में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सज्जन ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शोधार्थियों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन किया। सभा का समापन राष्ट्रगान के साथ अत्यंत गरिमामय ढंग से किया गया। उक्त जानकारी हिंदी साहित्य भारती संगोष्ठी के संयोजक अजय कुमार राय ने दी।

श्री राधा- कृष्ण मंदिर में 2 हजार श्रद्धालुओं के बीच अन्नपूर्णा महाप्रसाद का वितरण
Published / 2025-07-27 20:53:17
श्री राधा- कृष्ण मंदिर में 2 हजार श्रद्धालुओं के बीच अन्नपूर्णा महाप्रसाद का वितरण

*प्रेस विज्ञप्ति*                                                                                      *श्री राधा- कृष्ण मंदिर में 2 हजार श्रद्धालुओं के बीच अन्नपूर्णा महाप्रसाद का हुआ वितरण**भजन- कीर्तन में भक्तगण खूब झूमे*श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग मे श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम में 220 वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद  का आयोजन किया गया। आज का महाप्रसाद लोहरदगा निवासी धर्मेंद्र प्रसाद एवं उनके परिवार के सौजन्य से 101 किलो दूध का केसरिया खीर का महाप्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। अन्नपूर्णा महाप्रसाद का विधिवत भोग दोपहर 12:30 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडे द्वारा लगाई गई, तत्पश्चात मंदिर परिसर में उपस्थित दो हज़ार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। आज के महाप्रसाद में केसरिया खीर, आलू चिप्स का पैकेट का वितरण किया गया। तत्पश्चात 2 घंटे तक भजन- कीर्तन कार्यक्रम में ट्रस्ट के भजन गायकों ने कृष्ण दरबार में मनमोहक भजनों से भक्तों को  अमृत गंगा का रसपान कराते हुए  खूब झुमाया। तथा श्री राधा कृष्ण के जयकारा एवं भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया तथा भक्तगण भक्ति रस में डूब गए। तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती की गई‌। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि संस्था द्वारा श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर मे आज अन्नपूर्णा महाप्रसाद एवं भजन संध्या में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का भीड़ लगा रहा। तथा भगवान श्री राधा कृष्ण मंदिर मे 7 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस अवसर पर-डुंगरमल अग्रवाल,निर्मल जालान, विजय कुमार अग्रवाल,सज्जन पाडिया,राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल,शिवभगवान अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ,नन्द किशोर चौधरी,संजय सर्राफ, विशाल जालान,बिष्णु सोनी, मधु जाजोदिया, पवन पोद्दार,नवल टिबडेवाल, चन्द्रदीप साहु, हरीश कुमार, धीरज गुप्ता,परमेश्वर साहु,बसंत वर्मा, महेश वर्मा, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी। 

कांके डैम बचाओ समिति ने किया धरना-प्रदर्शन
Published / 2025-07-27 20:49:45
कांके डैम बचाओ समिति ने किया धरना-प्रदर्शन

टीम एबीएन, रांची। काँके डैम पार्क बचाओ समिति के के सदस्यों के द्वारा आज दिनाँक 27 जुलाई 2025 को वार्ड पार्षद नकुल तिर्की और दुर्गा पूजा समिति छठ पूजा समिति सरना पूजा समिति और काँके रोड बाजार समिति सामाजिक एवमं धार्मिक कार्यकर्ता के द्वारा काँके डैम पार्क के मुख्य गेट के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया।इस धरना का उद्देश्य था काँके डैम स्थित बच्चों के पार्क छठ घाट सरना स्थल जाने के रास्ते प्रभातफेरी में प्रातः काल टहलने वाले लोगों को प्रातः अंदर आने जाने पूरे क्षेत्र के सुव्यवस्थित पार्क को पूरी तरह से तोड़ फोड़ करते हुए उससे अस्थायी रूप से बंद करने के खिलाफ किया गया था।इस प्रदर्शन में बोलते हुए समिति के अध्यक्ष श्री नकुल तिर्की जी ने कहा की क्षेत्र की जनता और आस पास के सामाजिक और धार्मिक समिति के लोगो के द्वारा बहुत दिनों से आवाज बुलंद की जा रही हैं कि काँके डैम के आसपास कुछ बड़े निर्माण कार्य चल रहा है और उसमें पर्यावरण संरक्षण के नियमो का दुरुपयोग करते हुए पेड़ पौधों को काटा जा रहा है।छठ घाट को पूरी तरह तोड़ा जा रहा है भविष्य में किसी भी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान पर पाबंदी लगाने का भय होने के कारण हम काँके रोड के निवासियों ने यह निर्णय किया की हम अपने इस धरोहर को बर्बाद होने से बचाने के लिए संगठित होकर आंदोलन करना होगा इसी निमित यह धरना प्रदर्शन किया जा रहा है भविष्य में आंदोलन को गति देने की आवश्यकता है।छठ पूजा समिति के बलराम प्रसाद और राजेश राम ने इस प्रदर्शन में शामिल होकर इस तरह के किसी भी निर्माण कार्य को नहीं करने देने के लिए अपनी बात रखी। सरना समिति मिसिर गोंदा के जगरनाथ उरांव और मंगा उरांव ने जल जंगल और जमीन के साथ विकास के नाम पर यह निर्माण कार्य रोकने के लिए सरकार से निवेदन किया।उन्होंने कहा कि यह निर्माण से हमारे धार्मिक अनुष्ठान में बाधा उत्पन्न होने की खतरा है इससे अविलंब रोका जाना चाहिए। दुर्गा पूजा समिति के राजेश रजक विष्वनाथ सरकार राजू रजक ने इस तरह के किसी भी निर्माण का अंतिम चरण तक आंदोलन करने की बात की। सामाजिक कार्यकर्ता अमृतेश पाठक ने अपने संबोधन में काँके रोड के निवासियों को इस जन विरोधी कार्यो के लिए सजग रहने के जन आंदोलन करने पर बल दिया। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश सिंह जग्गू ने मुख्यमंत्री सहित विभाग के उच्च स्तरीय बातचीत के लिए सहयोग करने की बात कही।मोर्निंइग वाकर संघ के रमेश सिंह ने प्रातः काल टहलने वाले बुजुर्गों के लिए अविलंब पाथवे का निर्माण करने की बात करते हुए जनता को इस जन विरोधी कार्य को न होने देने के लिए अपनी संघ के साथ होने की बात की।आज के इस धरना प्रदर्शन में बाज़ार समिति के प्रकाश नायक , रंजीत जायसवाल, अजय राम , गणेश तिवारी विनय कुमार, संजीव कुमार, सुनील सिन्हा सहित कुंदन कुमार, रामलगन राम करन नायक सहित सेकड़ो की संख्या में आसपास के निवासियों ने भाग लिया और भविष्य में बड़े आंदोलन के लिए समिति के माध्यम से आंदोलन में शामिल होने की बात की। संचालन करते हुए सरना समाज के उर्जावान कार्यकर्ता प्रदीप लकड़ा ने सरकार और उच्च अधिकारियों को जनता की बिंदुबार मांगों को बताया और और बड़ी आंदोलन पर बल दिया।

फार्मेसी काउंसिल में अनियमितता और व्याप्त भ्रष्टाचार को देवेंद्र नाथ महतो ने राज्यपाल तक पहुंचाया
Published / 2025-07-27 20:37:08
फार्मेसी काउंसिल में अनियमितता और व्याप्त भ्रष्टाचार को देवेंद्र नाथ महतो ने राज्यपाल तक पहुंचाया

लुट मचाने के लिए अलग झारखंड राज्य का गठन नहीं हुआ है भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं करेंगे : देवेन्द्र नाथ महतोटीम एबीएन, रांची। झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में भारी अनियमितता व भ्रष्टाचार से व्याप्त संचालित का मामला तुल पकड़ते जा रहा है, मामला आज राजभवन तक पहुंचा। जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो  राज्यपाल संतोष गंगवार जी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल में अनियमितता और भ्रष्टाचार से व्याप्त संचालित हो रही है इसका उजागर एवं समुचित कार्रवाई हेतु हमारे संगठन द्वारा 19 जुलाई 2025 को झारखंड सरकार स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए विस्तृत जानकारी साझा किया गया है।  23 जुलाई 2025 को पूर्व विभागीय व प्रशासनिक सूचनार्थ के तहत झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल के समक्ष धरना प्रदर्शन हुए। इसके अलावा हमारे संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष व डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने मुख्यमंत्री को सीधा पत्राचार करते हुए बजट सत्र के शुन्य काल दौरान चलती सदन में उक्त मामला को संज्ञान में लाया।लेकिन अब तक सुधार व समाधान हेतु कोई विभागीय ठोस कार्रवाई नहीं किया गया है। इसलिए राज्यपाल से मुलाकात  निम्न मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। जो प्रमुख निम्न हैं -वर्तमान गैरसरकारी औपबंधिक निबंधक सह सचिव (प्रशांत कुमार पांडे) का कार्यकाल 13 अप्रैल 2025 को समाप्त होने के बाद भी पद पर आसीन होकर कई भ्रष्टाचार लिप्त व अनियमितता पूर्ण क्रियाशीलता जारी रखें हैं। अतः इनकी संपूर्ण कार्यकाल के सर्विस रिकॉर्ड का जांच हेतु SIT कमेटी गठित किया जाए। (चूंकि इनके कार्यकाल में 500 से ज्यादा फार्मासिस्ट का निबंधन कराया गया है, प्रशांत कुमार पांडे जी बिहार एवं झारखंड दो राज्य के फार्मासिस्ट काउंसिल से निबंधित है। जो की फार्मेसी एक्ट 1948 के धार 32 (2) तथा 42 का उल्लंघन है।)काउंसिल में मनोनीत अध्यक्ष,सचिव व अन्य सदस्यों का चयन सरकारी पद पर आसीन मूल झारखंडी फार्मासिस्ट को ही मनोनीत किया जाए। ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके। ( चूंकि गैर सरकारी एवं गैर फार्मासिस्ट विमलेश दुबे और गैर सरकारी धर्मेंद्र सिंह सहित पांच सदस्यों को मनोनीत करने का प्रक्रियाधीन हैं जो सभी गैर सरकारी हैं )काउंसिल के पूर्व निर्वाचित सदस्यों की निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराया जाए। (चूंकि निर्वाचन प्रक्रिया में फर्जी तरीके से पत्राचार करने का  आरोप है।)आगामी काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों की निर्वाचन प्रक्रिया किसी स्वतंत्र आयोग द्वारा प्रत्यक्ष व पारदर्शी तरीके से किया जाए।हमारे राज्य के कई फार्मेसी महाविद्यालय PCI द्वारा मानक मापदंडों के अनुपालन नहीं होने के बाद भी लगातार काउंसिल के संरक्षण में गलत तरीके से संचालित हो रही है। इसकी जांच किया जाए।निर्वाचित सदस्य धर्मेंद्र सिंह फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया नई दिल्ली के कार्यकारिणी समिति के सदस्य भी हैं। जो फर्जी तरीके से कॉलेजों को मान्यता प्रदत करने के मामले पर सीबीआई द्वारा दर्ज FIR में आरोपित होने का सूचना है। जांच करते हुए सदस्यता रद्द किया जाए। जिसका प्रतिलिपि  डॉ० इरफान अंसारी मंत्री स्वास्थ्य विभाग झारखंड सरकार।मुख्य सचिव झारखंड सरकार, अपर मुख्य सचिव स्वा० चि० शि० एवं प० कल्याण विभाग, झारखंड सरकार। अध्यक्ष, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली। महानिदेशक,एंटी करप्शन ब्यूरो रांची झारखंड। सचिव, सेंट्रल विजलेंस कमिश्नर, नई दिल्ली को दिया गया।राज्यपाल मामला को गंभीरता से लेते हुए उचित कारवाई करने का आश्वासन दिया। राज्यपाल से मुलाकाती में छ सदस्य प्रतिनिधिमंडल देवेन्द्र नाथ महतो, रविन्द्र नाथ महतो, लक्की रामू राज,  गुलाम सरवर, विनय कुमार, आशीष चौधरी, पंकज कुमार उपस्थित थे।

धनबाद में कोयले का काला कारोबार जारी
Published / 2025-07-27 20:23:15
धनबाद में कोयले का काला कारोबार जारी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। बाघमारा क्षेत्र अंतर्गत केसरगढ़ा में चल धसने से हुई मजदूरों की मौत को लेकर जांच के नाम पर किया जा रहा सिर्फ खानापूर्ति, कोयला माफिया चुनचुन के संरक्षण में चल रहा है कोयला का अवैध खनन।अखिर ये चुनचुन कोयला माफिया है कौन जिस पर  अभी तक ना ही कोई कार्रवाई हुई ना ही एफआईआर दर्ज, अखिर इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी जाँच के नाम पर खानापूर्ति किया जा रहा है फिर ठंडा बस्तर में डाल दिया जाएगा। उन्होंने अपने स्तर से कार्रवाई कर गरीबों को इंसाफ दिलाने का कृपा करेंगे जिसको लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर किया जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

नाग पंचमी 29 जुलाई को
Published / 2025-07-27 09:01:34
नाग पंचमी 29 जुलाई को

यह पर्व प्रकृति, जीव- जंतुओं पर्यावरणीय संतुलन और सांस्कृतिक सद्भाव का देती है संदेश : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट व विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाया जाने वाला पवित्र पर्व नाग पंचमी इसवर्ष 29 जुलाई दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। नाग पंचमी की पूजा की पौराणिक जड़ महाभारत से जुड़ी है।राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद उनके पुत्र जनमेजय ने सर्प-यज्ञ आरंभ किया था, जिससे समस्त नाग जाति अग्नि में जलने लगी। तब ऋषि आस्तिक ने यज्ञ रोक दिया और इसी पंचमी तिथि को नाग जाति की रक्षा की गयी। तब से यह दिन सर्पों की पूजा के रूप में मनाया जाता है। इसके अतिरिक्त, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कालिया नाग को पराजित करने की कथा भी जुड़ी हुई है, जो पवित्र ऊर्जा एवं अहंकार विनाश का प्रतीक है।नाग देवता को हिंदू धर्म में पशु नहीं, कभी-कभी दिव्य शक्तियों के रूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि उनकी पूजा से कालसर्प दोष, पितृ दोष, सर्प काटने का भय, तथा अन्य ग्रह दोषों का निवारण संभव है। साथ ही नागों को वर्षा, उर्वरता और प्राकृतिक संतुलन से जोड़ा जाता है, इसलिए उनकी पूजा से धन-धान्य, स्वास्थ्य और परिवारिक शांति की कामना की जाती है। इस पर्व की एक गहरी सामाजिक शिक्षा भी है, प्रकृति के साथ सह अस्तित्व। संसाधन सतत रहने के लिए खेतों की खुदाई न करने की परंपरा, सांपों को नुकसान न पहुँचाने का संदेश और ग्रामीण जीवन में जीव-जन्तु के प्रति संवेदनशीलता का सम्मान इस पर्व के मूल में है। नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके व्रत का संकल्प लें। घर की दीवारों पर हल्दी‑कुमकुम से नाग चित्र बनाएं या मिट्टी, धातु व चित्ररूप नाग प्रतिमा स्थापित करें। नाग देवता की पूजा दूध, अक्षत, दूर्वा, पुष्प, घी‑दीप, चंदन से पूजा करें। विशेष रूप से शेष, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक, अनन्त, पद्म, शंखपाल, कालिया, अन्य अष्टानागों की पूजा की जाती है।ओम नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी किया जाता है।सेवई, दूध‑चावल  का प्रसाद अर्पित करें और व्रत के बाद कथा श्रवण करें। व्रती संधिकाल पर फलाहार या पारण कर सकते हैं। इस दिन घर‑के खेतों में खुदाई, तेज़ वस्तुओं का प्रयोग या जानवरों को नुकसान पहुँचाना वर्जित माना जाता है, बिहार, उत्तर प्रदेश घर-आँगन में नाग चित्र और मिट्टी के सांप, ग्रामीण क्षेत्रों में साँप मेला आयोजित होता है।समस्तीपुर बिहार में जीवंत सांप साथ लेकर जुलूस निकाला जाता है, जिसे सांस्कृतिक श्रद्धा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।महाराष्ट्र, कर्नाटक मे महिलाएं नाग कुएँ पर दूध चढ़ाती हैं, नाग मंदिरों में दीप जलाती हैं। शिव योग और सिद्ध योग के शुभ संयोग बनते हैं।दक्षिण भारत में नाग कलों और पथरी वाले नागाश्रय पर पूजा‑अभिषेक संपन्न होता है, साथ ही अन्नदान व फूसाई जाती है। नाग पंचमी सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह प्रकृति, जीव‑जंतुओं, पर्यावरणीय संतुलन और सांस्कृतिक सद्भाव का संदेश देती है। इस पर्व पर श्रद्धा, अनुशासन और नैतिकता का सम्मिलन देखने को मिलता है। 29 जुलाई को सुबह के शुभ मुहूर्त में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करके हम न केवल नाग देवताओं के आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, बल्कि न्याय, सहिष्णुता और सांस्कृतिक विविधता के मूल्यों को भी संजोते हैं।

गुमला : पुलिस नक्सली मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर
Published / 2025-07-26 21:16:28
गुमला : पुलिस नक्सली मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर

झारखंड: गुमला में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़, जेएमपी कमांडर समेत 3 नक्सली ढेर; एके-47 सहित भारी मात्रा में हथियार जब्त एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। झारखंड के गुमला जिले में सुरक्षा बलों की प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन्म मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के नक्सलियों साथ मुठभेड़ हो गयी। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने जेजेएमपी के सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा समेत तीन उग्रवादियों को मार गिराया है। नक्सलमुक्त और उग्रवादमुक्त झारखंड बनाने की दिशा में प्रदेश की पुलिस लगातार काम कर रही है। लगातार झारखंड के विभिन्न उग्रवाद और नक्सलवाद से ग्रसित क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।इसी क्रम में आज झारखंड के गुमला जिले के अंतर्गत घाघरा थाना क्षेत्र के लावा दाग जंगल में सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों की प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन्म मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के नक्सलियों साथ मुठभेड़ हो गई। सुरक्षा बलों की टीम को देख जेजेएमपी के नक्सलियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ में जेजेएमपी के कुख्यात सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा समेत तीन नकस्ली ढेर हो गए हैं। इसके साथ ही मारे गए नक्सलियों के पास से सुरक्षा बलों की टीम ने एक ऐके-47 , दो इंसास राइफलों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में गोलियां सहित अन्य सामग्री बरामद की है। दरअसल, गुमला जिले के एसपी हरीश बिन जमा को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि जेजेएमपी का सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा अपने संगठन के दस्ते के साथ गुमला जिले के घाघरा क्षेत्र के जंगलों में घूम रहा है। इसी सूचना के बाद जिले की घाघरा, बिशनपुर और गुमला थाना पुलिस के साथ-साथ झारखंड जगुआर के जवानों के द्वारा संयुक्त आॅपरेशन चलाया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों की घाघरा थाना क्षेत्र के लावा दाग जंगल में जेजेएमपी के नक्सलियों साथ भीषण मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों की टीम ने जेजेएमपी के सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया। बता दें कि गुमला जिले की इस मुठभेड़ से महज 10 दिन पहले 16 जुलाई को झारखंड के बोकारो के गोमिया के जागेश्वर विहार थाना अंतर्गत बिरहोरडेरा के जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 5 लाख के इनामी कुख्यात नक्सली कुंवर मांझी समेत दो नक्सली ढेर हुए थे। इस मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ कोबरा 209 बटालियन के जवान परनेश्वर कोच शहीद हो गए थे।

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