दवाब कम करने के लिए पानी खोलना जरूरीटीम एबीएन, रांची। रांची और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से स्वर्णरेखा नदी पर बना हटिया डैम लबालब भर गया है। डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। डैम में पानी कम करने के अब तक के प्रयास विफल होने की वजह से अब भी हटिया डैम पर खतरा बरकरार है।रांची के हटिया डैम की क्षमता 38 फीट की है और यह लबालब भरा हुआ है. अब अगर रांची और आसपास के इलाके में भारी बारिश हुई तो डैम के तट पर पानी का दवाब और बढ़ेगा। 2023 में भी डैम का जलस्तर बढ़ने पर गेट खोलने का प्रयास किया गया था। उस समय भी गेट नहीं खुल सका था। तब किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था से उस समय डैम के जलस्तर को कम किया गया था और गेट के रख-रखाव पर उस समय से अब तक 98 लाख रुपये खर्च किये गए हैं। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद जब इस वर्ष गेट खोलने की कोशिश की गई तो गेट ही नहीं खुला और कपलिंग टूट गया। भाजपा अब इसे गेट मेंटेनेंस का घोटाला बताकर सरकार पर निशाना साध रही है।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत खराब! CM हेमंत फिर दिल्ली रवानाटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की हालत ठीक नहीं बताई जा रही है। इसके चलते सीएम हेमंत दिल्ली रवाना हुए।बता दें कि आज से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 7 अगस्त तक चलेगा। आज विधानसभा के मॉनसून सत्र में भाग लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना हो गए। मुख्यमंत्री 30 जुलाई को ही दिल्ली से रांची आए थे। वह पिता की देखभाल के लिए 24 जून से लगातार दिल्ली में है।गौरतलब है कि बीते दिनों शिबू सोरेन को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली ले जाया गया था। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह कुछ दिन तक वेंटिलेटर पर भी रहे। 81 वर्षीय शिबू सोरेन लंबे समय से किडनी, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। वे एक साल से डायलिसिस पर हैं और पहले भी उनकी बायपास सर्जरी हो चुकी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार से प्रधान मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि बाघमारा क्षेत्र अंतर्गत बीसीसीएल ब्लॉक 2 के परियोजना के जमुनिया शिव मंदिर के समीप केसरगढ़ सी पैच में चाल धसने की घटने के कुछ दिन बीत जाने के बाद भी दबे मजदूरों की लाश अभी तक नहीं निकल पाया न ही तो चाल में दबे गरीब मजदूरों के आश्रितों को उचित मुआवजा भी नहीं दिया गया। आखिर इन कोयला माफियाओं को किनका बड़ा संरक्षण प्राप्त था कि हरेक जांच को लीपा पोती करने में सफल रहे जैसा कि एक ही बड़ा कोयला माफिया का नाम सामने आ रहा था उसका नाम चुनचुन गुप्ता था पर अभी तक इस बड़े कोयला माफिया पर न तो कोई एफआईआर हुआ न ही कोई कार्यवाई किया गया। इससे साफ प्रतीत होता है कि इस कोयला माफिया को बड़े आदमी का संरक्षण है तभी तो इस कोयला माफिया पर कोई कार्यवाई नहीं किया गया, इससे कोयला माफियाओं का मनोबल बढ़ते जा रहे है ओर क्षेत्र में खुलेआम बढ़ते जा रहा है कोयला का अवैध कारोबार कोयला माफियाओं को किसी का भय नहीं है। तभी तो इतना बड़ा दुर्घटना घटने के बाद भी कोई कार्यवाई नहीं हुआ जिससे कोयला माफियाओं का दिन पर दिन मनोबल बढ़ते जा रहा है इसलिए आप से अनुरोध है कि आप अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का कृपा करेंगे तक भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।
टीम एबीएन, रांची। पुराना विधानसभा सभागार में अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती झारखंड एवं केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राज्यस्तरीय एकदिवसीय संगोष्ठी कार्यक्रम मे अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री श्री रवींद्र शुक्ल ने रांची हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह सामाजिक कार्यकर्ता संजय सर्राफ को अंग वस्त्र शाॅल ओढ़ाकर एवं पौधा, काव्य पुस्तक देकर सम्मानित किया एवं बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी। संजय सर्राफ ने विगत 19 वर्षों से रांची के विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में विभिन्न पदों में रहकर कई उल्लेखनीय जनसेवा एवं सामाजिक कार्य करते हुए झारखंड में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कई सामाजिक संस्थाओं में मीडिया के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य किये हैं।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि झारखंड के पूर्व मंत्री सह रांची विधायक सीपी सिंह, गौ सेवा आयोग झारखंड के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, हिंदी साहित्य भारती के केंद्रीय महामंत्री रामनिवास शुक्ल, झारखंड प्रांतीय अध्यक्ष डॉ० अरुण सज्जन, महामंत्री राकेश कुमार, कार्यक्रम संयोजक अजय राय, रांची जिलाध्यक्ष बलराम पाठक, केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के क्षेत्रीय निदेशक डॉ रंजन कुमार दास, वाराणसी से हिमांशु शुक्ल एवं डॉ नरेंद्र मिश्र सहित हिंदी साहित्य भारतीय संस्कृति और शिक्षा से जुड़े अनेक विद्वानों, साहित्यकारो, शोधार्थियों तथा झारखंड से 150 से भी अधिक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
एस. आर. डीएवी.पब्लिक स्कूल पुंदाग में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।इस अवसर पर शार्प साइट आई हॉस्पिटल के सुप्रसिद्ध डॉ. अफ़रोज़ आलम ने अपने सहयोगियों आशीष प्रकाश तथा भीमसेन थापा के साथ मिलकर विद्यार्थियों के आंखों की जांच करके उपयोगी सलाह दी। साथ ही ओरो डेंटल क्लिनिक के दंत चिकित्सक डॉ. आशुतोष सिन्हा ने भी अपने सहयोगी कृष्ण जी के साथ कक्षा तृतीय से कक्षा द्वादश तक के विद्यार्थियों के दांतों की जांच करके उपयोगी सलाह दी। शार्प साइट हॉस्पिटल तथा आरो डेंटल क्लिनिक की ओर से न केवल स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी ली गई ,बल्कि विद्यार्थियों के लिए हेल्थ कार्ड बनाने के प्रति प्रतिबद्धता भी दिखाई गई। विद्यालय के प्राचार्य डॉ तापस घोष ने विद्यालय प्रांगण में उपस्थित चिकित्सकों एवं उनकी संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सकों को धरती पर भगवान का दर्जा दिया जाता है, क्योंकि वे मरीजों को नया जीवन देते हैं।आजकल छोटे - छोटे विद्यार्थी भी आँख और दांत की समस्या से जूझ रहे हैं।सही समय पर सही इलाज होने से वे खतरनाक बीमारियों से बच सकते हैं।प्राचार्य ने सभी चिकित्सकों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए भविष्य में भी उनसे सहयोग की अपेक्षा जताई।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। देवघर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर झारखंड सरकार की ओर से ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रपति को झारखंड की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भगैया सिल्क से निर्मित एक विशेष शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस स्वागत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस क्षण को और भी गरिमामय बना दिया। राष्ट्रपति का देवभूमि देवघर आगमन समूचे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपस्थिति ने राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता, जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और विशेषकर आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत को सम्मानित किया है।
*गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम में हुआ श्रद्धा और संस्कार से भरा आयोजन**गोस्वामी तुलसीदास न केवल एक कवि थे बल्कि वह युगद्रष्टा संत थे जिन्होंने राम कथा को घर-घर तक पहुंचाया: ललित पोद्दार*रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम के सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम,(सत्य-प्रेम सभागार)पुंदाग में गोस्वामी तुलसीदास जयंती बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और विचारशील वातावरण में मनाई गई। यह आयोजन पीड़ित मानव सेवा के इस पावन तीर्थ स्थल पर संत कवि तुलसीदास की दिव्य स्मृति को समर्पित था, जहाँ आध्यात्मिकता और सामाजिक सेवा का अद्भुत समागम देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर कई गण्यमान्य लोग एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन, उनकी लेखनी तथा उनके द्वारा रचित रामचरितमानस की दिव्यता पर गहन विचार प्रकट किए।झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार ने कहा कि "गोस्वामी तुलसीदास न केवल एक कवि थे, बल्कि वह युगद्रष्टा संत थे जिन्होंने रामकथा को घर-घर तक पहुँचाया। उनकी वाणी में वेदों की गूढ़ता और लोक जीवन की सरलता का अनूठा संगम है।" उन्होंने बताया कि तुलसीदास ने अपने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना करते हुए भी समाज को धर्म, नैतिकता और सेवा का मार्ग दिखाया।महामंत्री विनोद कुमार जैन ने तुलसीदास के भक्ति मार्ग को आज के युग में भी अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि "रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। तुलसीदास जी ने भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाकर समाज को सत्य, प्रेम और कर्तव्य की दिशा दी।"श्री माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष किशन साबू ने कहा कि गोस्वामी जी हिंदी साहित्य के महान कवि और संत थे जिनकी काव्य रचनाएं विशेष रूप से भगवान राम के प्रति उनकी गहरी भक्ति को दर्शाता है उनके प्रमुख ग्रंथों में रामचरितमानस, हनुमान चालीसा, दोहावली और कवितावली शामिल है।तुलसीदास की रचनाएं आत्मा को शुद्ध करती हैं और मन को प्रभु के चरणों की ओर आकर्षित करती हैं।श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति के अध्यक्ष मुकेश काबरा ने कहा कि यह दिन हमें उनके दिखाएं मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है आज जब समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी के विचार उनकी भक्ति और साहित्य की प्रकाश स्तंभ की भांति मार्गदर्शन करता है तथा रामचरितमानस की चौपाइयां में आज भी भारतीय संस्कृति की आत्मा बसती है।कार्यक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष- डूंगरमल अग्रवाल, अग्रवाल सभा के सह मंत्री निर्मल बुधिया, वासुदेव भाला, नरेंद्र लखोटिया, मनोज कुमार चौधरी, सज्जन पाड़िया, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास का जीवन काव्य और भक्ति अनंत काल तक मानवता को राह दिखाते रहेंगे। ट्रस्ट एवं अपना घर आश्रम के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि यह आयोजन तुलसीदास जी के जीवन से प्रेरणा लेकर सेवा, भक्ति और सामाजिक चेतना के पथ पर चलने का संदेश देता रहा। उन्होंने कहा कि अभी अपना घर आश्रम में 37 दिव्यांग निराश्रितों की समुचित सेवा किया जा रहा है। आज इस अवसर पर समाजसेवी पंकज पोद्दार के सौजन्य से आश्रम में रह रहे दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी के लिए पूरे दिन का भोजन विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ व्यवस्था किया गया है। इस अवसर पर-शिव भगवान अग्रवाल,अभय कुमार, मधु जाजोदिया, विष्णु सोनी, पवन पोद्दार, मनीष सोनी, मनीष जालान आदि उपस्थित थे। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के
*प्रेस विज्ञप्ति**श्री राधा कृष्ण मंदिर पुंदाग में पांच दिवसीय श्री कृष्ण बीतक कथा का हुआ भव्य समापन**विदुषी साध्वी मीणा महाराज द्वारा स्वामी महामती प्राणनाथ और राजा छत्रसाल के मिलन का हृदयस्पर्शी चित्रण*रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमय पांच दिवसीय श्री कृष्ण बीतक कथा का समापन अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्ति रस में सराबोर वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न कराया गया, कथा के पांचवें एवं अंतिम दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचिका विदुषी साध्वी मीणा महाराज ने अपने दिव्य वाणी से स्वामी महामती प्राणनाथ जी और राजा छत्रसाल जी के ऐतिहासिक व आध्यात्मिक मिलन का हृदयस्पर्शी वर्णन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह मिलन केवल दो महान आत्माओं का नहीं, बल्कि धर्म और कर्म, भक्ति और शक्ति के संगम का प्रतीक है। साध्वी जी ने बताया कि कैसे स्वामी जी ने राजा छत्रसाल को आत्मज्ञान की ओर अग्रसर किया और उन्हें धर्म युद्ध के लिए प्रेरित किया। यह प्रसंग न केवल ऐतिहासिक था, बल्कि वर्तमान समय में भी आत्म जागरण का संदेश देता है। तन मन धन अर्पण कियो, सब तुम पे ब्रजराज। मन भावे सोई करो हाथ तुम्हारे लाज। छत्रसाल जी कहते हैं हे प्राणनाथ जी आपको चरणों में मेरा तन मन धन सब कुछ अर्पण है। इसके साथ ही साध्वी मीणा महाराज ने श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं से लेकर महाभारत के युद्ध भूमि में दिए गए गीता उपदेशों तक के प्रसंगों को अत्यंत मार्मिकता से प्रस्तुत किया। उनके शब्दों में श्रीकृष्ण की दिव्यता, करुणा और उनके जीवन का दर्शन झलकता रहा। भक्तगण उनकी वाणी से जैसे श्रीकृष्ण के साक्षात दर्शन कर रहे हों, ऐसा प्रतीत हुआ।कथा के दौरान विदुषी साध्वी पूर्णा महाराज ने अपने सुमधुर और भक्तिरस से ओतप्रोत भजनों से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, प्रेम रंग में रंग दे साँवरिया जैसे भजनों पर श्रोता झूम उठे। साध्वी जी की मधुर गायन शैली ने कथा को और भी जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के समय पूरा मंदिर परिसर दीपों की रोशनी और श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन से गुंजायमान हो उठा। सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हो गए।यह आयोजन न केवल धार्मिक आयोजन था, बल्कि आत्मज्ञान, सेवा और प्रेम का संदेश देने वाला एक सांस्कृतिक महोत्सव भी था। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट ने पूरे कार्यक्रम को अनुशासन और दिव्यता के साथ संचालित किया, जिससे यह आयोजन शहरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बन गया। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि झारखंड के सबसे बड़े श्री राधा कृष्ण मंदिर पुंदाग में हुए इस आयोजन ने यह सिद्ध किया कि जब भक्ति, ज्ञान और सेवा का संगम होता है, तब वहां केवल धर्म नहीं, बल्कि दिव्यता स्वयं अवतरित होती है।इस अवसर पर-ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, सचिव मनोज चौधरी, सज्जन पाड़िया, शिव भगवान अग्रवाल, संजय सर्राफ, मधु जाजोदिया, पूरणमल सर्राफ, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, महामंत्री विनोद कुमार जैन, श्री माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष किशन साबू, सचिव नरेंद्र लखोटिया, अग्रवाल सभा के सह मंत्री निर्मल बुधिया, श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति के अध्यक्ष मुकेश काबरा, वासुदेव भाला,मनीष सोनी, मनीष जालान, अभय कुमार, विष्णु सोनी, नंदकिशोर चौधरी, सुरेश अग्रवाल, पवन पोद्दार, विद्या देवी अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, कविता चौधरी, अमिता जालान, शोभा जालान, उर्मिला पाड़िया, विमला जालान, शीला मुरारका, ललिता पोद्दार, रेखा पोद्दार, सरिता अग्रवाल, प्रमिला पुरोहित, सुधीर सुल्तानिया सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट क
सीएम हेमंत सोरेन से विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात, कई विषयों पर हुई गहन चर्चा टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से सोमवार को नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन में विश्व बैंक के भारत प्रमुख आगस्टे तानो कौमे ने मुलाकात की। उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। मुलाकात के दौरान आगस्टे तानो कौमे ने झारखंड में चल रही आर्थिक विकास योजनाओं और खासकर मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य में ग्रामीण विकास, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन, उत्पादन, कृषि, शिक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में चल रहे कार्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। विश्व बैंक की टीम ने भारत में चल रही उनकी परियोजनाओं के अनुभव साझा किए और झारखंड सरकार को विकास योजनाओं की डिजाइन, क्रियान्वयन और निगरानी में सहयोग देने की इच्छा जतायी, ताकि राज्य के लोगों को इसका लाभ मिल सके। दोनों पक्षों ने बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई और तय हुआ कि रांची में एक संयुक्त कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिससे भविष्य में बेहतर सहयोग हो सके।
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