*प्रेस विज्ञप्ति**वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह के निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने किया शोक संवेदना व्यक्त**उनके पत्रकारिता में गहराई सच्चाई और संवेदनशीलता का अद्वितीय समन्वय था: सुरेश चंद्र अग्रवाल*झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार, निर्भीक कलमकार और लोकप्रिय दैनिक आजाद सिपाही के संपादक हरिनारायण सिंह के आकस्मिक निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उनके निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, महामंत्री विनोद कुमार जैन एवं संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हरिनारायण सिंह न केवल एक पत्रकार थे, बल्कि झारखंड आंदोलन के सशक्त स्वर भी थे। उन्होंने अपनी निर्भीक एवं सटीक लेखनी के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाया। वे समाचारों को केवल प्रस्तुत नहीं करते थे, बल्कि उनके माध्यम से जनमानस को जागरूक करते थे। उनके लेखों ने कई बार नीतियों को दिशा देने का कार्य किया है। उनके पत्रकारिता में गहराई, सच्चाई और संवेदनशीलता का अद्वितीय समन्वय था। उन्होंने अनेक वर्षों तक पत्रकारिता के उच्च मानकों को कायम रखा और नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है, बल्कि झारखंड के सामाजिक और बौद्धिक जगत के लिए भी एक गहरा आघात है। उन्होंने जिन विषयों को अपनी कलम से उठाया, वे आज भी प्रासंगिक हैं।शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में- वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, पवन पोद्दार, राजेंद्र केडिया, सुमेर सेठी, मनोज कुमार चौधरी, कौशल राजगढ़िया, अनिल कुमार अग्रवाल, प्रमोद सारस्वत, सुरेश सोंथालिया, सुभाष पटवारी, सज्जन पाड़िया,निर्मल बुधिया, कमलेश संचेती आदि शामिल हैं। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची से प्रकाशित आजाद सिपाही के प्रधान संपादक हरिनारायण सिंह हम लोगों के बीच नहीं रहे। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और सैमफोर्ड अस्पताल में भर्ती थे। रविवार दोपहर 12 बजे के करीब उनका निधन हो गया। उनके निधन की सूचना जंगल में आग की तरह फैली। जिसने भी इसे सुना, देखा या पढ़ा, भौंचक रह गया। चाहे वह पत्रकार हो, नेता हो या फिर व्यवसायी या फिर अधिकारी-कर्मचारी से लेकर आम लोग, हर कोई अपने इस प्रिय शख्सियत के निधन से व्यथित हो गया। हरि जी अपने पीछे दो बेटे राकेश और राहुल, पत्नी समेत अन्य भरापूरा परविार छोड़ कर गये हैं।बीते साल अक्टूबर में हरि जी को कैंसर होने की सूचना मिली थी। उन्हें फोर्थ स्टेज का लंग्स कैंसर था। इसके बाद दिल्ली के मेदांता अस्पताल में इलाज हुआ। वह कुछ दिन पहले दिल्ली से रांची लौटे थे। पिछले सप्ताह अचानक तबियत खराब होने के बाद रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। लगभग एक बजे हरि जी के पार्थिव शरीर को अस्पताल से कोकर स्थित उनके घर लाया गया। यहां मंत्री, सांसद, विधायक, अधिकारी, पत्रकार समेत भारी संख्या मे आम लोग पहुंचे। उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शाम करीब चार बजे पार्थिव शरीर को प्रेस क्लब ले जाया गया, यहां पत्रकारों के साथ-साथ अन्य गणमान्य लोग पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शाम पांच बजे हरमू स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हरिजी के बड़े पुत्र राकेश सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। मुक्ति धाम में भारी संख्या में लोग जुटे थे और अपने चेहते हरि भाई, हरिजी, हरि सर यानी हरिनारायण सिंह को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।हरि जी के घर, प्रेस क्लब और मुक्तिधाम में श्रद्धांजलि देने वालों में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विधायक सरयू राय, विधायक अनूप सिंह, सांसद महुआ मांजी, सांसद प्रदीप वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व विधायक बंधु तिर्की, पूर्व विधायक समरी लाल, पूर्व उप महापौर संजय विजयवर्गीय, झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, अजय नाथ सहदेव, अजय राय, आलोक दुबे, चुन्नू मिश्र, प्रणव कुमार बब्बू, मौलेश सिंह, अजय सिंह, अंजनी पाण्डेय, मुनचुन राय, लाल किशोरनाथ शाहदेव, शमशेर अलम, रमेश पुष्कर, संतोष रजक, पुष्कर महतो, जेलेंद्र महतो, उपेंद्र रजक, कमलेश राम, कुमार राजा, ललित ओझा, नौशाद अलम समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ताओं के अलावा भारी संख्या में मीडिया जगत के लोग और अन्य लोग जुटे।
भजन- कीर्तन में भक्तगण खूब झूमे टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग में श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम में ट्रस्ट ने 221वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया तथा 101 किलो दूध का केसरिया खीर का महाप्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। अन्नपूर्णा महाप्रसाद का विधिवत भोग दोपहर 12:30 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडे ने लगायी। तत्पश्चात मंदिर परिसर में उपस्थित दो हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। आज के महाप्रसाद में केसरिया खीर, आलू चिप्स का पैकेट का वितरण किया गया। तत्पश्चात 2 घंटे तक भजन- कीर्तन कार्यक्रम में ट्रस्ट के भजन गायकों ने कृष्ण दरबार में मनमोहक भजनों से भक्तों को अमृत गंगा का रसपान कराते हुए खूब झुमाया। श्री राधा कृष्ण के जयकारा एवं भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया तथा भक्तगण भक्ति रस में डूब गये। तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती की गयी। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि संस्था द्वारा श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर मे आज अन्नपूर्णा महाप्रसाद एवं भजन संध्या में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का भीड़ लगी रही। भगवान श्री राधा कृष्ण मंदिर मे 5 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मौके पर डुंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, सज्जन पाडिया, संजय सर्राफ, निर्मल बुधिया, सुरेश चौधरी, कमलेश संचेती, किशन अग्रवाल, पदम चंद जैन, महेश अग्रवाल, अरुण बाजोरिया, शिवभगवान अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, नंद किशोर चौधरी, विशाल जालान, मधु जाजोदिया, पवन पोद्दार, नवल टिबड़ेवाल, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। फेडरेशन आफ झारखंड चैंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के नव पदस्थापित श्रमायुक्त राजीव रंजन विक्रम से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें पदभार ग्रहण करने पर व्यापार जगत की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मौके पर विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं और सुझावों पर विस्तृत चर्चा हुई। नये श्रम कानूनों को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने के चैंबर के आग्रह पर श्रमायुक्त ने शीघ्र ही कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया। उक्त जानकारी चैंबर महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने दी। प्रतिनिधिमंडल में श्रम एवं ईएसआईसी उप-समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत और संतोष अग्रवाल शामिल थे। उक्त जानकारी महासचिव आदित्य मल्होत्रा और प्रवक्ता सुनिल सरावगी ने दी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद् के द्वारा सिद्धि विनायक बैंक्विट हॉल रांची रोड में विहिप का तीन दिवसीय कार्यसमिति बैठक का समापन हुआ। इस बैठक में विहिप के झारखंड प्रांत के सभी जिलों के विहिप, बजरंग दल, मातृ शक्ति, दुर्गा वाहिनी तथा सभी आयाम के प्रांत, जिला के कार्यकर्ता की बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में विहिप के केंद्रीय मंत्री सह केंद्रीय संपर्क प्रमुख अंबरीष सिंह ने सभी कार्यकर्त्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद् की स्थापना जिस प्रकल्पना के साथ हुई थी। उसपर हम कहां खड़े हैं उसकी चिंतन करने का समय है इसकी परिकल्पना की दृष्टि को समझना है। विश्व के अनेक देश में अनेकों आक्रमण हुए जिसमें भारत भी है परंतु बहुत सारे देश मानचित्र दिखते तो हैं परंतु वहां की सभ्यता पूर्ण रूप से समाप्त हो गयी है। परंतु भारत का और हिंदू का संस्कार, संस्कृति, चार धाम यात्रा आज भी है। हमारे पूर्वजों ने जीवन मूल्य की लड़ाई लड़ी कुछ लोग जागरण कर रहे थे कुछ लोग लड़ाई लड़ रहे थे। हमारे संस्कार मंदिर के कारण गौ, गंगा, अर्चक, परिवार व्यवस्था के कारण हमारी पहचान बची रही। उन्होंने कहां की लड़ाई पहले भी होती थी परंतु हिंदू हिंदू थे उनकी पद्धति एक थी। विश्व हिंदू परिषद् की स्थापना हिन्दू हिन्दू के रुप में रहे इसके लिए हुई। हमारी गलती के कारण विहिप की स्थापना हिंदू समाज की अजेय शक्ति खड़ी करने के लिए हुई है। उन्होंने कहा कि अगर हिंदू सशक्त होगा तो पूरे विश्व का कल्याण होगा जीवन मूल्यों की प्राण प्रतिष्ठा होगी इसका उदाहरण कोरोना कल में पूरे विश्व ने देखा। परिषद स्थापना के 2 वर्ष बाद हिंदू सम्मेलन हुआ जिसमें एक मंच पर सभी संत आये। हिन्द्व: सोदरा: सर्वे का मंत्र इस बैठक से निकाल कर आया। जन्म के आधार पर भेद भाव नहीं हो ऐसी समाज की स्थापना करना हमारा मुख्य कार्य हैं। संपूर्ण विश्व में देखा महाकुंभ में 68 करोड़ हिंदू एकत्र हुए जिसमें कोई जाति नहीं थी, कोई राज्य नहीं था इन सबसे ऊपर उठकर सिर्फ हिंदू थे। बैठक में प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने अध्यक्षीय संबोधन किया। प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने मंच संचालन तथा नवीन दायित्वों की घोषणा की। बैठक का समापन संगठन की पद्धति के अनुसार पूर्णता मंत्र के साथ संपन्न हुआ। बैठक में केन्द्रीय मंत्री सह केन्द्रीय विशेष संपर्क प्रमुख अंबरीष, प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत सहमंत्री राम नरेश सिंह, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत संयोजक बजरंग दल रंगनाथ महतो, प्रांत मातृ शक्ति प्रमुख दीपा रानी कुंज, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख अरविंद सिंह, प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख कृष्ण कुमार झा, प्रांत सेवा प्रमुख अजय अग्रवाल, प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन, प्रांत धर्माचार्य प्रमुख जुगल किशोर, प्रांत धर्म प्रसार संजय चौरसिया, प्रांत बाल संस्कार प्रमुख शशि शर्मा, प्रांत सहसंयोजक बजरंग दल जनार्दन पांडेय, प्रांत सेवा सहप्रमुख मनोज चंद्रवंशी, प्रांत सेवा सहप्रमुख विनय गुप्ता, प्रांत दुर्गा वाहिनी सहप्रमुख कीर्ति गौरव, प्रांत सत्संग प्रमुख रंजन कुमार सिन्हा, देवेंद्र गुप्ता, धर्म प्रसार सहप्रमुख सचिदानंद, बजरंग दल महाविद्यालय सह प्रमुख प्रमुख अमर प्रसाद, रामगढ़ जिला मंत्री छोटू गुप्ता, भगीरथ पोद्दार दानिश पटेल, अनामिका श्रीवास्तव एवं अन्य प्रांत, जिला एवं प्रखंड के दायित्ववान पदाधिकारी, कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद् के प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन (9334433338) ने दी।
एक- एक पेड़ लगाना, एक-एक जीवन बचाने के बराबर : सज्जन पाड़िया टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुंदाग रांची स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन के अंतर्गत मंदिर परिसर में आम, अमरूद रंग-बिरंगे करोटन, मोर पंख के पौधे सहित 25 से भी अधिक फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल पर्यावरण को संरक्षित करना था, बल्कि समाज में वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। वृक्ष लगाने से जहां पर्यावरण शुद्ध होता है, वहीं आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु और हरित वातावरण की सौगात मिलती है। इस अवसर पर सम्मेलन के जिलाध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने कहा कि प्रकृति हमें बिना कुछ मांगे बहुत कुछ देती है, अब समय आ गया है कि हम भी प्रकृति के लिए कुछ करें। एक-एक पेड़ लगाना, दरअसल एक-एक जीवन बचाने के बराबर है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाएं और उसका पालन-पोषण करें।कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला महामंत्री निर्मल बुधिया ने कहा कि यह पहल केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि मारवाड़ी सम्मेलन आने वाले समय में विभिन्न स्थानों पर लगातार ऐसे वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। इस पहल को जनआंदोलन का रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ ने कहा की रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन की यह पहल न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि समाज के अन्य संगठनों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। यदि हर संस्था और नागरिक इसी भावना से आगे आए,तो झारखंड का हर शहर हरियाली से आच्छादित होकर एक आदर्श नगरी बन सकेगा। इस अवसर पर-रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के कोषाध्यक्ष कमलेश संचेती, पर्यावरण संयोजक किशन अग्रवाल, श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, पदम् चंद्र जैन, महेश अग्रवाल, अरुण बाजोरिया,मधु जाजोदिया विशाल जालान, पवन पोद्दार, गोमती देवी, प्रभा देवी सहित कई सदस्य उपस्थित थे। उक्त जानकारी संजय सर्राफ ने दी।
पासवा के आह्वान पर पासवा के सोशल मीडिया को-आॅर्डिनेटर विशाल कुमार सिंह के नेतृत्व में रांची विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण—वनस्पति विभाग में आम का पौधा रोपित टीम एबीएन, रांची। हरियाली दिवस पर पासवा के आह्वान पर रांची विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सोशल मीडिया कोआॅर्डिनेटर विशाल कुमार सिंह ने किया, जिसमें विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों ने मिलकर आम का पौधा रोपित किया। पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस पहल में विभागीय शिक्षकों—डॉ. लाडली रानी (सहायक प्राध्यापक एवं बायोटेक्नोलॉजी समन्वयक), डॉ. स्निग्धा कुमारी, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. श्वेता नाग, डॉ. अनिता सिन्हा, डॉ. रूपा वर्मा और डॉ. एस.के. झा—की गरिमामयी उपस्थिति रही। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सुश्री फलक फातिमा ने अपने संदेश में कहा, इस प्रकार की पहल समाज को नई दिशा देती है। पर्यावरणीय चेतना युवाओं में पैदा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम का समन्वयन कर रहे विशाल कुमार सिंह ने कहा, पासवा का लक्ष्य है राज्यभर में 50 लाख पौधे लगाना। इस दिशा में यह आयोजन एक सार्थक और प्रेरणादायक शुरूआत है। डॉ. अनिता सिन्हा ने कहा, हमारा विभाग सदैव ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित करता है जो छात्रों में पर्यावरण के प्रति सजगता और जिम्मेदारी को बढ़ाएं। शोधार्थी सृष्टि मुंडा ने कहा, यह केवल पौधा लगाने की क्रिया नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। पर्यावरण के साथ जुड़ने का यह अनुभव बहुत प्रेरणादायक रहा। शिल्पी कच्छप ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, ऐसे आयोजनों से हमें प्रकृति के प्रति अपनी भूमिका समझने और निभाने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर सरस्वती केरकेट्टा और नेहा कुमारी ने भी वृक्षारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के अंत में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में भी इस तरह के वृक्षारोपण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि विश्वविद्यालय परिसर को अधिक हरित और स्वस्थ बनाया जा सके।
सुबह बाथरूम में फिसल कर गिरे, दिल्ली रेफरटीम एबीएन, रांची। शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन बाथरूम में फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा– हमारे साथी झारखंड के शिक्षा मंत्री श्री रामदास सोरेन जी की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। बाथरूम में गिरने के कारण ब्रेन में गंभीर चोट और ब्लड क्लॉट हुआ है। उन्हें शीघ्र ही एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। मैं लगातार संपर्क में हूं और उनकी स्थिति की निगरानी कर रहा हूं।रामदास सोरेन के सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें पहले जमशेदपुर के टाटा मोटर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
टीम एबीएन, रांची। हटिया धुर्वा डैम का फाटक खोल दिया गया है, जिसे देखने लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बताते चलें कि हटिया डैम लबालब भर जाने के बाद ऐसा फैसला लिया गया है। दवाब कम करने के लिए पानी खोलना जरूरी हो गया था। रांची और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से स्वर्णरेखा नदी पर बना हटिया डैम लबालब भर गया है। डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। डैम में पानी कम करने के अब तक के प्रयास विफल होने की वजह से अब भी हटिया डैम पर खतरा बरकरार है। रांची के हटिया डैम की क्षमता 38 फीट की है और यह लबालब भरा हुआ है। अब अगर रांची और आसपास के इलाके में भारी बारिश हुई तो डैम के तट पर पानी का दवाब और बढ़ेगा।2023 में भी डैम का जलस्तर बढ़ने पर गेट खोलने का प्रयास किया गया था। उस समय भी गेट नहीं खुल सका था। तब किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था से उस समय डैम के जलस्तर को कम किया गया था और गेट के रख-रखाव पर उस समय से अब तक 98 लाख रुपये खर्च किये गए हैं।इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद जब इस वर्ष गेट खोलने की कोशिश की गई तो गेट ही नहीं खुला और कपलिंग टूट गया। भाजपा अब इसे गेट मेंटेनेंस का घोटाला बताकर सरकार पर निशाना साध रही है।
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