गीता पाठ व मधुर भजनों में खूब झूमे भक्तगणकर्म करो और प्रभु का कर लो ध्यान यह है गीता का ज्ञान..एबीएन सोशल डेस्क। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग रांची में गीता जयंती का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया।प्रातःकाल भगवान श्री राधा- कृष्ण की मनमोहक मंगल आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चारण एवं संपूर्ण विधि-विधान से विशेष पूजा- अनुष्ठान संपन्न कराया।इस अवसर पर ठाकुरजी का भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।स्वर्ण-रजत आभूषणों, सुंदर पुष्प-मालाओं तथा विविध प्रकार के पारंपरिक परिधानों सेअलंकृत श्री राधा-कृष्ण को देख भक्त मंत्रमुग्ध हो उठे। पंडित अरविंद पांडे ने मेवा, फल, मिष्ठान्न एवं विविध प्रकार के व्यंजनों से ठाकुरजी को भोग अर्पित किया तथा गीता पाठ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संपूर्ण अध्यायों का श्रद्धापूर्वक पाठ किया। गीता जयंती के पावन अवसर पर भक्तों में विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्तिभाव देखने को मिला। भजन जागरण कार्यक्रम में भजन गायक मनीष सोनी एवं उनकी टीम ने श्रीकृष्ण-भक्ति से ओत-प्रोत कई मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी, जिनमें कर्म करो और प्रभु का कर लो ध्यान यह है गीता का ज्ञान..., श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम मीरा का भी श्याम राधा का भी श्याम..., व्रज में नंद की वंशी बाजे..., मोरे मन में बसो राधा-कृष्ण... जैसे भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। भजन गायिका पूजा शर्मा एवं निधि शर्मा ने भी अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धालु भजनों की स्वर-लहरियों में डूबकर लगातार ताल–धुन में झूमते रहे।भजन-कीर्तन के पश्चात उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। ताजे फल, मेवे, स्वादिष्ट मिष्ठान्न एवं प्रसाद का सभी ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल तथा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने गीता जयंती का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि गीता केवल एक धर्मग्रंथ ही नहीं, बल्कि जीवन का व्यवहारिक मार्गदर्शन और मानवता का संदेश देती है। उन्होंने भक्तों से आग्रह किया कि गीता के उपदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर समाज एवं राष्ट्रहित में योगदान दें। इस अवसर पर-डूंगरमल अग्रवाल, निर्मल जालान, राजेंद्र अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, पूरणमल सर्राफ, संजय सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, विशाल जालान, सुरेश भगत, मनीष जालान, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज वृन्दावन से पधारे भागवत किंकर श्री अनुराग कृष्ण शास्त्री (श्री कन्हैया) को मारवाड़ी ब्राह्मण सभा की ओर से सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर हमें उनके द्वारा बताए गए सनातनी वचनों का श्रवण करने तथा उनके द्वारा संचालित गुरुकुल के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।कार्यक्रम को सफल बनाने में मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के पूर्व अध्यक्ष श्री रवि शर्मा, मंत्री श्री किशन लाल शर्मा, महेंद्र शर्मा, नथमल शर्मा, भोपाली शर्मा,चेतन शर्मा , विनय (जुगु) जोशी, कमल शर्मा सहित सभी सम्मानित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।साथ ही, श्री श्याम बाल मंडल की ओर से भी श्री अनुराग कृष्ण शास्त्री का हार्दिक स्वागत किया गया, जिसमें मुख्य रूप से दिनेश शर्मा, रजनीकांत शर्मा, अंकिता अग्रवाल, अंकित माटोलिया, सूरज सोनी का विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा।
विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसंबर कोयदि सुविधाएं सुगम हो और वातावरण अनुकूल, तो कोई भी व्यक्ति दिव्यांग नहीं, बल्कि दिव्य बन सकता है : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। इंडिया पैरालंपिक कमिटी ऑफ झारखंड के पूर्व मीडिया को- ऑर्डिनेटर सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व दिव्यांग विकलांगता दिवस हर वर्ष 3 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य समाज में विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों, उनके लिए अवसरों और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है। इस दिवस की शुरूआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदलना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना है, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ जीवन जी सकें। विकलांगता सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और संवेदनात्मक भी हो सकती है। विकलांगता का सामना करने वाले लोग किसी भी उम्र के हो सकते हैं और उनकी चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं। यह दिन इस बात को रेखांकित करता है कि विकलांगता के बावजूद एक व्यक्ति समाज में समान रूप से कार्य कर सकता है यदि उसे सही समर्थन और अवसर मिलें। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों को जागरूक करना है कि वे किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना किए बिना समाज में पूरी तरह से भागीदार बन सकते हैं। इसके तहत कई प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जैसे कि कार्यक्रम, संगोष्ठियाँ, कार्यशालाएँ और विभिन्न अभियानों का आयोजन किया जाता है, जिससे समाज में विकलांगता के प्रति जागरूकता बढ़ सके। इस दिन का महत्व इस बात में है कि यह पूरी दुनिया को याद दिलाता है कि यदि सुविधाएं सुगम हो और वातावरण अनुकूल, तो कोई भी व्यक्ति दिव्यांग नहीं बल्कि दिव्य बन सकता है। भारत में दिव्यांग शब्द का उपयोग सम्मान पूर्वक किया जाता है जो उनकी विशेष क्षमताओं का प्रतीक है सरकार द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 सुगम्य भारत अभियान विशेष शिक्षा योजनाएं, रोजगार प्रोत्साहन और कौशल विकास कार्यक्रम जैसे अनेक कदम समाज को अधिक समावेशी दिशा में ले जा रहे हैं। दिव्यंगता के बावजूद इन व्यक्तियों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपार सफलता प्राप्त की है। चाहे वह खेल, कला, विज्ञान या अन्य कोई क्षेत्र हो, इन व्यक्तियों ने अपनी मेहनत, साहस और आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी पहचान बनाई है। खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति विकलांगता के बावजूद युवाओं के प्रेरणा का स्रोत बने हैं। समाज में विकलांगता के प्रति बदलाव लाने के लिए कई सरकारें और गैर-सरकारी संगठन काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक और भावनात्मक समर्थन भी प्रदान करना है। इसके अलावा सरकारी योजनाएं जैसे कि समावेशी शिक्षा, पैरा-स्पोर्ट्स और उद्यमिता के अवसर दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम हैं। समाज में समावेशिता को दिशा में कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों का सम्मान करना और उन्हें समान अवसर देना है ताकि वे जीवन के सभी पहलुओं में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। विकलांगता का सामना करने वाले लोग हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। हमें उनकी कड़ी मेहनत, साहस और संघर्ष का सम्मान करना चाहिए और समाज में उनके लिए अवसरों को सुलभ बनाना चाहिए। 3 दिसंबर को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय विकलांगता दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम दिव्यांगजन व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और उन्हें समान अधिकार और सम्मान प्रदान करें।
टीम एबीएन, रांची। सनातन एकता मंच केंद्रीय कमेटी का बैठक आज दुर्गा स्थल नामकुम हाईटेंशन ग्राउंड मे हुआ। बैठक की अध्यक्षता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष रोहित सनातनी ने किया।मंच संचालन केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष समीर सिंह जी ने किया उन्होंने जानकारी दी कि बैठक मे 6 दिसंबर शौर्य दिवस के शुभ-अवसर पे भव्य महाआरती का आयोजन संगठन के द्वारा किया जाऐगा। इस बैठक मे मुख्य रूप से धर्मेंद्र कुमार,विकाश कुमार सिन्हा,रंजीत कुमार, प्रदीप राणा,अनुराग कुमार,राज कुमार,संजय कुमार सिन्हा,राजेश कुमार,अभय सिंह,राजू सिंह उपस्थित हुए।
टीम एबीएन, रांची। आज परम पुज्य आचार्य भगवन १००८ श्री रामलाल जी महाराज सा की आज्ञानुवर्ती शासन दीपिका समिया श्री जी महाराज सा आदि ठाना 4 का आज रांची से विहार हुआ।साध्वी जी आज हरमू से पद विहार करके पून्दाग पहुंचे, वहाँ से कल विहार करके नगड़ी होते हुए, गुमला जसपुर होते हुए कोरबा छत्तीसगढ़ कि ओर प्रस्थान करेंगे!शासन दीपिका समिया श्री जी ने सभी श्रावकों को क्रोध, मान माया से स्वयं को बचकर रहने, साथ ही संयम से जीवन व्यतीत करने के बारे में बताया! आज के विहार में अध्यक्ष अशोक सुराणा के अलावा काफी संख्या में श्रावक और श्राविकाएं उपस्थित थे!
मनमोहक भजनों में भक्तगण खूब झूमेटीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग मे श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में 240 वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया। आज का श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा ट्रस्ट के सदस्यों के सौजन्य से आयोजित किया गया।श्री राधा कृष्ण जी का दिव्य अलौकिक श्रृंगार किया गया। तत्पश्चात मेवायुक्त केसरिया खीर महाप्रसाद का विधिवत भोग दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडे द्वारा लगाई गई, तथा मंदिर परिसर में उपस्थित 2 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। तत्पश्चात भजन- संध्या के कार्यक्रम में ट्रस्ट के भजन गायकों ने मनमोहक सुमधुर भजनों श्रोताओं को खूब झुमाया। तथा श्री राधा कृष्ण के जयकारा से पूरा वातावरण कृष्णमय एवं भक्तिमय बन गया। तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती की गई। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि आज श्री राधा कृष्ण मंदिर में 4 हजार से अधिक श्रद्धालुओं में दर्शन किये। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर सोमवार को गीता जयंती के अवसर पर श्री राधा कृष्ण मंदिर में विशेष पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। जिसमें अलौकिक श्रृंगार, गीता पाठ, भजन- कीर्तन एवं प्रसाद भोग होगा। इस अवसर पर-अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, शिव भगवान अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, विशाल जालान, सुरेश भगत, मनीष सोनी, मनीष जालान, संजय सर्राफ, धीरज गुप्ता, ज्ञान प्रकाश गुप्ता, महेश वर्मा, परमेश्वर साहू, हरीश कुमार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे।
झारखंड के सरकारी स्कूलों का बुरा हाल! अभी तक नहीं दिया बच्चों को स्वेटर, ठंड से ठिठुरते हुए जा रहे स्कूल टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। आलम ये है कि बोकारो के स्कूली बच्चों को भीषण ठंड में बिना स्वेटर के स्कूल जाना पड़ रहा है क्योंकि यहां अभी तक छात्र-छात्राओं को स्वेटर नहीं मिला है।बिना स्वेटर के ही बच्चे स्कूल जाने को मजबूरबताया जा रहा है कि जिले के 9 प्रखंड में स्थित 1553 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के लगभग 1 लाख 42 हजार छात्र-छात्राओं को अभी तक स्वेटर नहीं मिला है जबकि नवंबर महीना बीतने को है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में जिले का तापमान 10 डिग्री तक लुढ़कने की संभावना है। इस बढ़ती ठंड में जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को स्वेटर नहीं मिला है जिससे बिना स्वेटर के ही बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं।राज्य सरकार से ही राशि का आवंटन प्राप्त नहीं हुआमामले में विभाग का कहना है कि राज्य सरकार से ही राशि का आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके कारण राशि का वितरण नहीं किया गया है, लेकिन विभाग से राशि का आवंटन नहीं होने और बच्चों को देरी से राशि मिलने से ठंड में बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बता दें कि ठंड के मौसम में हर साल जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोशाक के साथ स्वेटर खरीदने के लिए राशि दी जाती है। इसमें स्वेटर के लिए कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को 600 रुपए और कक्षा 6 से 12वीं तक के बच्चों को 860 रुपए दिए जाते हैं। इसमें कक्षा 1 से 2 के बच्चों को एसएमसी के खाता में और कक्षा-3 से 12वीं तक के बच्चों के बैंक खाता में राशि भेजी जाती है।
टीम एबीएन, चाईबासा/ रांची। झारखंड के उग्रवाद प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में नक्सली गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नक्सलियों द्वारा जमीन के अंदर लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से आम लोग लगातार नुकसान उठा रहे हैं। शुक्रवार को जराईकेला थाना क्षेत्र के कोलभोंगा जंगल में आईईडी विस्फोट में एक महिला की मौत हो गयी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना की पुष्टि पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने की है। चाईबासा एसपी अमित रेनी ने बताया कि इस क्षेत्र में लंबे समय से नक्सलियों की गतिविधियां सक्रिय रही हैं। सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाकर इलाके में नक्सल प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची व पूरे जंगल क्षेत्र में सर्च आपरेशन शुरू किया गया, ताकि अन्य किसी भी संभावित विस्फोटक को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके। एसपी ने कहा कि आईईडी नक्सलियों की सामान्य रणनीति का हिस्सा होता है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाना होता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु, गड्ढे या तार जैसी चीज दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण किसी कार्य से जंगल की ओर जा रहे थे। रास्ते में छिपाये गये आईईडी पर पैर पड़ते ही धमाका हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि एक महिला की मौके पर ही मौत हो गयी और दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
मां व प्रेमी को आपत्तिजनक अवस्था में देख खौला बेटे का खून, हत्या कर शव लेकर पहुंचा थाने एबीएन सेंट्रल डेस्क। सिरसा में वीरवार रात दोहरी हत्याकांड का मामला सामने आया। बेटे ने मां व उसके कथित प्रेमी को आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया, जिससे गुस्से से उसका खून खौल गया। युवक ने अपनी मां और उसके कथित प्रेमी की गला घोंटकर हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह युवक दोनों के शव को पिकअप गाड़ी में डालकर सदर थाने पहुंचा और घटना को अंजाम देने की बात कबूल की। सदर थाना पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के सामान्य अस्पताल में पहुंचा दिया है। सिरसा के सदर थाना क्षेत्र के गांव थेहड़ सिकंदरपुर में वीरवार देर रात करीब दो बजे राजकुमार नमक युवक ने अपनी मां अंगूरी देवी (42) तथा उसके प्रेमी लेखराज (45) की चुन्नी से गला दबाकर हत्या कर दी। युवक ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था इसके बाद उसने दोहरे हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया। शुक्रवार सुबह करीब 9 आरोपी युवक राजकुमार अपनी मां व उसके प्रेमी के शवों को पिकअप गाड़ी में डालकर सिरसा के सदर थाना में पहुंचा और पुलिस को सारी वारदात के बारे में जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी युवक ने बताया कि उसने अपनी मां को पहले भी कई बार समझाया था, लेकिन वह नहीं मानी। वही गांव थेहड सिकंदरपुर में हुए इस दोहरे हत्याकांड के बाद सनसनी मची हुई है और लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
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