एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले में बृहस्पतिवार को पुरानी रंजिश के चलते दो लोगों को कथित तौर पर गोली मार दी गयी। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना नगर थाना क्षेत्र के कांडू मोहल्ला में हुई। घायलों की पहचान अजीत कुमार गुप्ता (52) और नवीन प्रसाद (45) के रूप में हुई है।नगर थाना प्रभारी ज्योति लाल राजवार ने बताया, दोनों को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुप्ता की हालत खतरे से बाहर है, जबकि प्रसाद की हालत गंभीर बनी हुई है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रिम्स-रांची रेफर किया जा रहा है। पुलिस उपाधीक्षक राजीव रंजन ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, प्रथम दृष्टया यह मामला आपसी दुश्मनी का प्रतीत होता है।
पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने बाबा दुखन शाह के मजार पर चादरपोसी कर जिला के उन्नति और अमन चैन की कामना की सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक है उर्स का पवित्र त्यौहार : बलराम साहू एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता की महान विरासत को सजीव रूप प्रदान करते हुए पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने हजरत बाबा दुखन शाह (रह.) की पवित्र मजार पर आयोजित 101वें उर्स-ए-मुबारक के अवसर पर पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ अपने निवास स्थान से सैकड़ों समर्थकों के साथ चलकर बाबा दुखन शाह के मजार में चादरपोसी अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने जिले की उन्नति, सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे तथा अमन-चैन के लिए विशेष दुआ मांगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द का सशक्त संदेश भी देता नजर आया। उर्स के मौके पर मजार परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण की अद्भुत झलक देखने को मिली। दूर-दराज से आए अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर मत्था टेककर अपनी मन्नतें मांगीं और दुआओं में शामिल हुए। पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने इस अवसर पर कहा कि हजरत बाबा दुखन शाह (रह.) की शिक्षाएं मानवता, प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश देती हैं। उनकी दरगाह सदैव सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए आस्था का केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि सूफी संतों की परंपरा हमें नफरत छोड़कर मोहब्बत अपनाने, भेदभाव मिटाकर एकता की राह पर चलने की प्रेरणा देती है। आज के समय में बाबा साहब की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं, जब समाज को आपसी सौहार्द और शांति की सर्वाधिक आवश्यकता है। बलराम साहू ने जिले के विकास को लेकर भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने दुआ मांगी कि लोहरदगा जिला शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करे तथा यहां का हर नागरिक सुख, शांति और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करे। उन्होंने कहा कि सामाजिक विकास तभी संभव है जब समाज में आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारा बना रहे। उर्स के अवसर पर मजार परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। कुरआनखानी, फातिहाखानी और विशेष दुआओं के साथ-साथ लंगर का भी आयोजन हुआ, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने समान रूप से भाग लिया। यह दृश्य सामाजिक समानता और मानवीय मूल्यों की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत करता नजर आया। आयोजन स्थल पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उर्स का यह आयोजन एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि लोहरदगा की धरती धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक एकता की सशक्त पहचान रखती है। हजरत बाबा दुखन शाह (रह.) की मजार न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता, प्रेम और मानवता का जीवंत प्रतीक भी है। 101वें उर्स के इस पावन अवसर पर उठी दुआएं निश्चित ही जिले में शांति, सद्भाव और समृद्धि का संदेश लेकर आएंगी।मौके पर लोहरदगा थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर, रुद्र कुमार, शंभू साहू, चंदन साहू, संजय प्रसाद, निश्चय वर्मा, रितेश कुमार, अमित वर्मा,जितेंद्र महतो, अवधेश पाठक, रोबिल कुमार, रवि वर्मा, असगर अंसारी, इमरोज अंसारी, अतुल कुमार गणपत, रामजतन साहू, शुभम कुमार, नीतेश वर्मा, अनुराग वर्मा, सतीश उरांव, टिंकू कुमार, कुंदन कुमार, सत्यप्रकाश साहू,दीपक अग्रवाल, सचिन कुमार, जावेद अंसारी, वासी अहमद, कलीम खलीफा, हसरत अंसारी, जमील खलीफा एवं सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले के नगजुआ निवासी आजसू पार्टी के नेता अवध साहू के पूज्य बड़े भाई तुलसी साहू (वर्तमान पता बेड़ो रांची) का निधन हो गया है। वे सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने वाले व्यक्ति थे। पर्यावरण से उन्हें काफी लगाव था हाल ही के दिनों में पीपल बर आवंला आदि के सैकड़ों औषधि पेड़ों को लगाकर उनकी सेवा कर रहे थे। उनके आकस्मिक निधन पर आजसू पार्टी शोक संवेदना प्रकट करते हुए भगवान से उनकी आत्मा की शांति की कामना करती है एवं श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उक्त जानकारी सूरज अग्रवाल केंद्रीय सचिव आजसू पार्टी ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची के पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित झारखंड के सबसे बड़े श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में मकर संक्रांति का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर हो उठा और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पर्व की गरिमा को और भी बढ़ा दिया।मकर संक्रांति के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्री राधा रानी जी का अलौकिक एवं मनोहारी श्रृंगार जड़ित आभूषणों से किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। रंग-बिरंगे पुष्पों, आकर्षक वस्त्रों एवं आभूषणों से सुसज्जित श्री राधा रानी जी की छवि अद्भुत आध्यात्मिक आभा बिखेर रही थी। मौके पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसे मंदिर के पुजारी अरविंद पांडे द्वारा विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूजा के दौरान मकर संक्रांति की परंपरा के अनुरूप खिचड़ी, तिल से बनी विभिन्न सामग्रियां, मेवा एवं मौसमी फलों का भोग अर्पित किया गया। पूजा उपरांत मंदिर परिसर में उपस्थित सैकड़ो श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप वेजिटेबल खिचड़ी, तिलकुट एवं गुड़-चूड़ा का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और संतोष की झलक साफ दिखाई दे रही थी। इस पावन अवसर पर मंदिर में भजन-कीर्तन का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कार्यक्रम के अंत में भव्य महा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्री राधा कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने मकर संक्रांति के धार्मिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जो जीवन में सकारात्मकता, ऊर्जा और नई शुरूआत का संदेश देता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि मकर संक्रांति का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का भी संदेश दे गया। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स में दो दिवसीय नशा मुक्ति चित्रकला शिविर संपन्नडॉन-2025 योजना के तहत युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेशएबीएन सेंट्रल डेस्क। नालसा (NALSA) द्वारा संचालित डॉन-2025 (DAWN-2025) योजना के तहत युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने और विधिक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स में दो दिवसीय चित्रकला शिविर एवं प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) और कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।डालसा सचिव ने किया उद्घाटनकार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि डालसा सचिव राकेश रोशन द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, डॉन-2025 योजना का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें इस सामाजिक बुराई से बचाना है। कला एक सशक्त माध्यम है जिससे हम समाज में बदलाव ला सकते हैं।कैनवास पर उकेरे गए नशे के दुष्प्रभाव इस कार्यशाला में कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के 20 प्रतिभाशाली छात्रों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से कैनवास पर नशे की भयावहता और इसके कारण बर्बाद होते परिवारों की व्यथा को जीवंत किया।संस्कार और अनुशासन पर जोरकलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के निदेशक एवं प्रख्यात चित्रकार श्री धनंजय कुमार ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने जोर दिया कि कला के माध्यम से बच्चे अनुशासन, चरित्र निर्माण और सेवा के मूल्यों को आत्मसात कर सकते हैं।इनकी रही गरिमामयी उपस्थितिइस अवसर पर लाइफ सेवर्स एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों में शिखा, मनस्वी, अर्चना, अमीषा, अनिया, राज, तुषार, पीहू, भूमिका, भूमि, विवान, आर्यन, इन्शु, हिती, ज्ञान, रिद्धि, पूर्वा, आकृति, श्रेया एवं सक्षम शामिल थे।
अंश-अंशिका की बरामदगी पर सियासतबजरंग दल ने ढूंढे बच्चे, पुलिस केवल श्रेय ले रही है, बोले बाबूलाल मरांडीटीम एबीएन, रांची। रांची में लापता अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी को लेकर सियासत शुरू हो गई है। इसे लेकर भाजपा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पुलिस की भूमिका को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने बच्चों की बरामदगी को राहतपूर्ण बताते हुए इस पूरे मामले में श्रेय को लेकर सवाल खड़े किए हैं।बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले 12 दिनों से पुलिस ने लगातार मेहनत की और दिन-रात किए गए प्रयासों से यह मामला गांव-गांव तक पहुंचा। आम लोग भी बच्चों की तलाश में जुटे, लेकिन सच्चाई यह है कि अंततः बच्चों को सकुशल ढूंढने का कार्य बजरंग दल के युवाओं ने किया।उन्होंने कहा कि रामगढ़ के चितरपुर निवासी बजरंग दल कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, डब्लू साहु, सन्नी और उनके साथियों ने साहस और तत्परता के साथ बच्चों को बरामद किया। मरांडी के अनुसार उपलब्ध तस्वीरें स्वयं इस बात की गवाही देती हैं कि वास्तविक भूमिका किसकी रही।प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उठाये सवालनेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी पीठ थपथपा ली, लेकिन जिन युवाओं ने बच्चों को ढूंढ निकाला, उनके योगदान का उल्लेख तक नहीं किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि अब श्रेय लेने की होड़ मच सकती है और असली नायक उपेक्षित रह जाएंगे।मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए मरांडी ने कहा कि प्रशासन की प्रशंसा में की गई बातें सही जानकारी के अभाव में प्रतीत होती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया पोस्ट में संशोधन कर असली नायकों को सम्मान देने की मांग की, अन्यथा व्यवस्था को संवेदनहीन माना जाएगा।
ऑनलाइन गेमिंग से बाहर निकल भौतिक खेल की ओर युवा बढ़े : देवेंद्र नाथ महतोभेड़ियागाढ़ा में एक दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट आज संपन्नएबीएन न्यूज नेटवर्क, राहे। खेल-खिलाड़ी के दुनिया में झारखंड का विशेष स्थान रहा है।आज भेड़ियागाढ़ा (होटलों) में वार्षिक एक दिवासिक क्रिकेट टूर्नामेंट खेल संपन्न हुआ। यह खेल युवा संघ भेड़ियागाडा द्वारा किया गया। इस टूर्नामेंट मैच में राहे, डोकाद, जिनतु एवं होटलों आदि आसपास पंचायतों के लोग देखने को पहुंचे। कुल 17 टीमों ने भाग लेकर अपना प्रदर्शन दिखाया। खेल में फाइनल मुकाबला होटलों एवं हितजारा टीम का काफी रोमांचक माहौल रहा। जिसमें खेल समिति द्वारा हितजारा टीम विजेता घोषित हुई।कार्यक्रम में पहुंचे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने विजेता टीम हितजारा को 7500 रुपए की नगद राशि व ट्रॉफी एवं उपविजेता होटलों टीम को 5500 रुपए की नगद राशि व ट्रॉफी के साथ सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को संबोधन करते हुए श्री महतो ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन टीम भावना एवं स्वास्थ्य प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न करती है। इस प्रकार के आयोजन से समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज की युवा पीढ़ी को ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया से बाहर निकल कर भौतिक खेल की ओर आगे बढ़ना चाहिए। खेल समिति के अध्यक्ष देवचरण भोक्ता ने खिलाड़ियों, सहयोगियों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। एवं भविष्य में इस प्रकार खेल आयोजन जारी रखने की बात कही। खेल समिति में मनोज महतो, महेंद्र महतो, गनेश भोक्ता, फुलेंद्र महतो, जगन्नाथ मुंडा, विनाधर महतो, रविन्द्र महतो आदि लोग सक्रिय रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत कैरो में चाय चौपाल पर कांग्रेसियों से रूबरू हुए। मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पानी, सड़क, नगजुआ स्टेशन में रांची सासाराम ट्रेन का ठहराव, मेमो ट्रेन में बोगी बढ़ाने, रेलवे की जमीन में आकाशी नरौली गेड वन पथ का कालीकरण करने जैसी अनेक समस्याओं से अवगत कराते हुए उसके निदान की मांग की। सांसद ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी रीड़ होती है। पार्टी कार्यकर्ताओं की बतायी समस्याओं का निदान करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। 20 जनवरी को दक्षिण पूर्व रेलवे जोन की बैठक है, जिसमें कार्यकर्ताओं की समस्याओं को रखेंगे। सांसद ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा कानून को समाप्त कर मजदूरों के रोजगार छीना है। साथ ही महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का षड्यंत्र रचा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में 5 जनवरी से मनरेगा बचाव संगम कार्यक्रम का आयोजन किया है जिसमें कार्यकर्ताओं को पूरी तन्मयता के साथ भागीदारी निभाना है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी काफी बढ़ गयी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर जनता की समस्याओं का निदान करने का पहल करें। मौके पर इंटक अध्यक्ष आलोक कुमार साहू, सांसद प्रतिनिधि समीद अंसारी, महताब आलम, शरद कुमार विद्यार्थी, जोरावर खान, मुस्लिम अंसारी, लक्षू उरांव, नारायण उरांव, जियाउल अंसारी, जुबेर अंसारी, प्रकाश उरांव, भोला उरांव, सुनील उरांव सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
धुर्वा से लापता अंश, अंशिका मामला: डीजीपी तदाशा मिश्रा ने की रांची पुलिस की सराहना, बड़े गिरोह की जांच जारी टीम एबीएन, रांची। रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत मौसीबाड़ी खटाल से दो जनवरी को लापता हुए दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका को पुलिस ने 13 दिन बाद रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चों की सुरक्षित वापसी से न केवल परिजनों ने राहत की सांस ली है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली की भी व्यापक सराहना हो रही है। बच्चों के माता-पिता ने भी जताया रांची पुलिस का आभार झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने आज इस सफलता की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला केवल अपहरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार एक बड़े और संगठित गिरोह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल कई जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं, क्योंकि पुलिस का लक्ष्य पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। वहीं, सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक ने बताया कि बच्चों की सकुशल बरामदगी के बाद अब पुलिस की टीमें गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी हुई हैं। बच्चों को किस तरह ले जाया गया, किन-किन स्थानों पर उन्हें रखा गया और इस पूरे घटनाक्रम में किन लोगों की भूमिका रही, इसकी विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद साझा की जायेगी। बच्चों की सुरक्षित वापसी पर डीजीपी ने रांची पुलिस की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में काम कर रही पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि त्वरित कार्रवाई, लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता के कारण ही यह अभियान सफल हो सका। डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ मामले को हैंडल किया और मासूम बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बच्चों के माता-पिता ने भी रांची पुलिस का आभार व्यक्त किया। अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा डीजीपी ने कहा कि हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है। पुलिस ने दिन-रात मेहनत कर हमारे बच्चों को सुरक्षित वापस लाया। इसके लिए हम पूरी रांची पुलिस के आभारी हैं। परिजनों ने बताया कि 2 जनवरी को बच्चों के लापता होने के बाद उन्होंने तुरंत धुर्वा थाना में शिकायत दर्ज करायी थी, जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से आरोपियों को ट्रेस किया। विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बच्चों को चितरपुर ले गये थे। फिलहाल, पूरे मामले की गहन जांच जारी है। डीजीपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। बरामदगी के बाद दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.