टीम एबीएन, गुमला। विकास भारती बिशुनपुर के कार्यकर्ताओं ने बनारी के पांच पांडव में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति पर नेताजी के 125वीं जयंती के अवसर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम में विकास भारती के संयुक्त सचिव महेंद्र भगत ने बताया कि आज देश नेताजी की जयंती को पूरा देश पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है। नेताजी का आदर्श एवं बलिदान हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा। श्री महेंद्र भगत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को एवं उनका स्वर्गवास 18 अगस्त 1945 को हो गई जो कि अभी तक स्पष्ट नहीं है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वितीय विश्व युद्ध में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में जापान के सहयोग से आजाद हिंद फौज की स्थापना की एवं उस समय उन्होंने जनता से अपील की कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, इसका बहुत बड़ा असर पड़ा जिसका अपार जनसमर्थन मिला। जापान में आज भी 18 अगस्त को पूरे देश में शहीद दिवस के नाम पर मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान ने नेताजी को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम में विनोद कुमार चौरसिया नीरज कुमार के साथ-साथ जतरा टाना भगत विद्या मंदिर एवं कोलेश्वर नाथ विद्या मंदिर बनारी के शिक्षकों ने भाग लियाl
टीम एबीएन, गुमला। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती पराक्रम दिवस के रूप में परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में जिला प्रशासन गुमला द्वारा पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद ने संयुक्त रूप से मंच पर अधिष्ठापित नेताजी के आदमकद कटआउट पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर शत-शत नमन किया। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को स्मरण करते हुए कहा कि देश को आजादी दिलाने में नेताजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजाद कराने के लिए उन्होंने अपना जीवन तक न्यौछावर कर दिया। अतः हमें नेताजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि सुभाष चंद्र बोस का प्रमुख नारा "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा" आज भी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। वर्तमान समय में युवाओं को नेताजी के आदर्श पर चलकर देश की सेवा में निस्वार्थ रूप से योगदान देने की जरूरत है। सुभाष चंद्र बोस एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनके द्वारा देश की आजादी के लिए किए गए बलिदान को देश कभी भी भुला नहीं पाएगा। आज हमें उस ही बलिदान को स्मरण करते हुए उनके जज्बे, त्याग और समर्पण से सीखने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गुमला जिले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा की स्थापना के विषय में कहा कि जिला प्रशासन के द्वारा जिले में प्रमुख स्थल को चिन्हित कर नेताजी की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अमूल्य योगदान रहा। हमें उनके इस योगदान को स्मरण करने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश के युवाओं को नेताजी के जीवन से न केवल साहस बल्कि बुद्धि की भी प्रेरण लेनी चाहिए, ताकि राष्ट्र के निर्माण में महनत, साहस और बुद्धि का प्रयोग करते हुए आधुनिक भारत के निर्माण की जो कल्पना नेताजी ने की थी, उस कल्पना की ओर आगे बढ़ सकें। आज राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में सम्मिलित होने के लिए हमें उनके मुख्य आदर्श राष्ट्रवाद को अपनाने का संकल्प लेना होगा। इससे पूर्व स्वागत भाषण करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेंद्र पाण्डेय ने नेताजी के असाधारण देशप्रेम, अदम्य साहस और आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। इसके पश्चात् प्रशासनिक पदाधिकारियों ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदमकद कटआउट पर पुष्प अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती समारोह के अवसर पर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, नजारत उप समाहर्त्ता सिद्धार्थ शंकर चौधरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेंद्र पाण्डेय, एडीपीओ पीयुष कुमार, एसएमपीओ रेचल जोजोवार सहित अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में मंच का सफल संचालन सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य स्वपन कुमार राय ने किया।
टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय का 35वां दीक्षांत समारोह 4 फरवरी को रांची के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित होगा। दीक्षांत समारोह में शामिल होनेवाले 80 गोल्ड मेडलिस्ट की सूची रांची विश्वविद्यालय ने शनिवार को जारी कर दी है। इसमें विश्वविद्यालय की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विश्वविद्यालय की लड़कियां लड़कों से अधिक गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहीं। अलग-अलग श्रेणी के 80 गोल्ड मेडल में से 49 पर लड़कियों ने कब्जा जमाया है। रांची विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट की इस सूची में सभी विभागों के टॉपर शामिल हैं, जिन्हें राज्यपाल रमेश बैस प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित करेंगे। इससे पहले दीक्षांत समारोह रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में आयोजित होता आया है पर कोविड-19 के कारण दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम इस वर्ष आर्यभट्ट सभागार में कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जाएगा। गौरतलब है कि दीक्षांत मंडप में दीक्षांत समारोह के दौरान खुला जगह होने के कारण काफी भीड़ इकट्ठा हो जाती थी। लेकिन कोरोना महामारी के मद्देनजर विश्वविद्यालय को प्रोटोकॉल का भी ध्यान रखना है और इसी कड़ी में गोल्ड मेडलिस्ट को ही सिर्फ राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाना है। 35वें दीक्षांत समारोह में 49 बेटियों ने गोल्ड मेडल मिलेगा, जबकि दीक्षांत समारोह में 80 गोल्ड मेडल कुल दिए जाने हैं। वहीं गोस्सनर कॉलेज के पीजी डिपार्टमेंट के एंथ्रोपोलॉजी विभाग में मोनिका बैग, रांची यूनिवर्सिटी के बांग्ला डिपार्टमेंट में अनीता पॉल, इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में दिशा, इंग्लिश डिपार्टमेंट में इशिका सिंह, भूगोल डिपार्टमेंट में श्रेया कुमारी, हिंदी डिपार्टमेंट में आलोक कुमार, जैन कॉलेज धुर्वा के हिस्ट्री डिपार्टमेंट मंं बेबी कुमारी, होम साइंस में अर्पिता नीतू बारा, पोलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट में लक्ष्मी गोप, साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में तृषा शर्मा, संस्कृत डिपार्टमेंट में बिंदेश्वर कुमार, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में अजय कुकरेती, रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में तरुण कुमार महतो, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में अपूर्वा कुमार पाठक, एमबीबीएस में भव्य गिरी को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जायेगा। इसके अलावा कई अन्य विद्यार्थियों को सम्मानित किया जायेगा, जिसकी सूची संबंधित विभाग से विद्यार्थी प्राप्त कर सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में हुए सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया है। एक हादसा नगड़ी थाना क्षेत्र में हुआ, जहां दो सगे भाइयों की मौत हो गई। वहीं दूसरा हादसा रांची-टाटा हाइवे पर बुंडू के तैमारा घाटी में हुआ, जिसमें 1 शख्स की मौत हो गई। बता दें कि रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र में एनएच 23 पर पतराचौली स्कूल गेट के पास दो बाइक के बीच भीषण टक्कर हो गई, जिसमें दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई चोली गांव के रहने वाले थे। उनका नाम अमीन तिग्गा और अजीत तिग्गा था। दोनों बाइक से रोड क्रॉस कर रहे थे। उसी वक्त रांची की तरफ से तेज गति से आ रही बाइक ने इन्हें टक्कर मार दी। हादस में एक भाई की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। जबकि दूसरे की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हो गई। हादसे में एक शख्स घायल है, जिसका इलाज रिम्स में चल रहा है। पुलिस दोनों बाइक को जब्त कर थाना ले आई है। वहीं दूसरी घटना दशम फॉल थाना क्षेत्र में घटी। जहां रांची-टाटा हाइवे पर तैमारा घाटी में अज्ञात वाहन की चपेट में आकर बाइक सवार शख्स की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक बलराम नायक दशम फॉल थाना क्षेत्र के ही नवाडीह गांव का निवासी था। पेशे से वह राजमिस्त्री का काम करता था। घटना के समय वह अपनी बाइक पर तैमारा से अपने घर नवाडीह लौट रहा था। दशम फॉल पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा है।
टीम एबीएन, कोडरमा। प्रतिबंधित संगठन माओवादी की ओर से बुलाए गए पांच दिवसीय प्रतिरोधक सप्ताह 21 से 26 जनवरी तथा 27 जनवरी को झारखंड और बिहार में बंद बुलाया है। जानकारी के अनुसार माओवादी के पोलित व्यूरो सदस्य प्रशंत बोस और सेंट्र्रल कमेटी सदस्य शिला मरांडी की रिहाई को लेकर प्रतिरोध स्पताह मानाया जा रहा है। इसको लेकर धनबाद रेल मंडल में अलर्ट जारी किया गया है। कोडरमा आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी जवाहर लाल ने बताया कि बंदी को देखते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है। जीआरपी, आरपीएफ और लोकल पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्ष 2022-23 के लिए एक फरवरी को संसद में आम बजट पेश करेंगी। इस बजट में रेलवे बजट भी शामिल होगा, जिसमें रेलवे की परियोजनाओं और रेलवे यात्री सुविधाओं को लेकर भी वित्त मंत्री बजट प्रस्ताव रखेंगी। मंडलों में विभाजित झारखंड का दक्षिण पूर्व रेलवे को आनेवाले बजट से कई उम्मीदें टिकी हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति ने रांची रेलमंडल से जुड़ी ऐसी कई मांगें रखी है, जिसकी मांग रेलवे बोर्ड-रेल मंत्रालय से यात्री संघ, पीएसी कमेटी और सांसद लगातार करते रहे हैं। लोहरदगा-टोरी लाइन से ज्यादा उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस लाइन का व्यावसायिक गतिविधियों वाली लाइन के रूप में तब्दील होने की संभावना है। इस लाइन के निर्माण में रेलवे प्रशासन ने करीब साढ़े सात सौ करोड़ रुपये खर्च किए हैं। चैंबर से जुड़ी रेलवे सलाहकार समिति के अरुण जोशी के मुताबिक इस लाइन से रांची से सूरत-अहमदाबाद, रांची से जयपुर, रांची-लखनऊ, रांची-एलटीटी व इसी रूट से रांची-वाराणसी जनशताब्दी ट्रेन चलाने की मांग की गई है। रांची-गढ़वा के लिए मेमू ट्रेन चलाने, रांची-लोहरदगा लाइन को गुमला रेललाइन से जोड़ने की भी बात कही गई है। रांची-गुवाहाटी गरीब रथ चलाने, रांची-टोरी का विस्तार बालूमाथ तक करने, मुरी से चांडिल तक डबल लाइन करने, हटिया यार्ड में लोड कम हो। इसके लिए लोहरदगा में वॉशिंग पीट बनाने की भी बात कही गई है। साथ ही शनिवार को झारखंड स्वर्णजयंती का परिचालन नहीं होता है, इसका हजारीबाग की जनता को लाभ मिले। इसलिए इस ट्रेन को इस दिन बड़काकाना-कोडरमा लाइन से चलाने का प्रस्ताव रेलवे को भेजा गया है।
टीम एबीएन, गिरिडीह। भाकपा माओवादी नेता प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सली संगठन 21 जनवरी से प्रतिरोध दिवस मना रहा है। इसको लेकर संगठन संपत्तियों को नुकसान पहुंचाकर लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश कर रहा है। प्रतिरोध दिवस के दूसरे दिन शनिवार रात नक्सलियों ने बराकर नदी पर बने पुल के एक हिस्से को विस्फोट कर उड़ाया दिया। बताया जाता है कि शनिवार रात लगभग ढाई बजे नक्सलियों का दस्ता मुफस्सिल थाना इलाके के बरागढहा गांव स्थित बराकर नदी पर पहुंचा और यहां बने पुल पर ब्लास्ट किया। इस वारदात में पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना की जानकारी के बाद रविवार की सुबह पुलिस की टीम गांव की तरफ रवाना हुई है। इससे एक दिन पहले दो मोबाइल टॉवर उड़ा दिया था।
टीम एबीएन, रांची। वर्तमान जेएमएम-कांग्रेस सरकार ने राज्य में नियुक्तियों से संबंधित पूर्व में जारी किए गए विज्ञापन जिनके संबंध में चयन की प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई थी, को रद्द कर दिया है। नई नियमावली इत्यादि बनाकर नए सिरे से नियुक्तियां करने के लिए विज्ञापन जारी कर दिए हैं। नए विज्ञापन जारी करने के क्रम में उम्र सीमा से संबंधित कट ऑफ डेट को भी बदल दिया गया है। इसके कारण लाखों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित हो रहे हैं। हमारी सरकार के कार्यकाल में यह मानते हुए कि राज्य के गठन के बाद कई वर्षों तक विभिन्न पदों पर नियुक्तियां नहीं की जा सकी थी, अधिक से अधिक युवाओं अभ्यर्थियों को परीक्षाओं में शामिल करने के उद्देश्य से 2010 अथवा 2016 को कट ऑफ डेट निर्धारित किया गया था। उसी कट ऑफ डेट के आधार पर 2019 तक विज्ञापन निकाले गए, जिसमें अभ्यार्थीगण शामिल भी हुए और कई मामलों में सफल भी हुए। परंतु अब राज्य सरकार ने कट ऑफ डेट को बदलकर 2021 कर दिया है, जिससे भारी संख्या में अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर हो गये हैं। झामुमो कांग्रेस की सरकार ने राज्य के नौजवानों से नौकरियां देने का वादा किया था। अब नौकरियां देना तो दूर उनको चयन की प्रक्रिया से भी बाहर कर देना का काम किया है, ताकि अपने मन मुताबिक और फायदे के लिए नियुक्तियां की जा सके। यह आम धारणा जनता में बनी हुई है कि राज्य का पूरा तंत्र भ्रष्टाचार, लेनदेन और मनचाही नियुक्तियों बेचने का कार्य कर रहा है। स्थानीय नीति में हमारी सरकार ने स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का कार्य किया था। उसे भी रद्द कर दिया गया है। इससे संबंधित अनेकों मामले न्यायालय में भी चल रहे हैं। राज्य सरकार के सभी विज्ञापनों में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सारी नियुक्तियां रमेश हांसदा के मामले में होने वाले निर्णय पर से प्रभावित होंगी। जाहिर है कि रमेश हांसदी के मामले में माननीय न्यायालय ने यह टिप्पणी भी की है कि राज्य के द्वारा बनाई गई नियमावली असंवैधानिक है। ऐसे में नियुक्तियों का विज्ञापन जारी कर और नियुक्तियों के लिए प्रक्रियाओं को आरंभ कर राज्य सरकार झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और उनकी आंखों में धूल झोंकने का कार्य कर रही है। माननीय न्यायालय द्वारा यदि नियमावली रद्द हो जाएगी तो सारी नियुक्ति प्रक्रिया स्वतः ही निरस्त हो जाएगी। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार की मंशा ही यही है कि नियुक्तियों के मामले को उलझा कर, लटका कर, भटका कर रखा जाए। युवा धोखे में रहे और झामुमो-कांग्रेस सरकार अपना लूटतंत्र चला कर अपना घर भरती रहे। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यदि भाजपा की सरकार राज्य में आएगी तो सभी अभ्यर्थियों को, जो समय से परीक्षा नहीं होने के कारण वंचित रहे हैं, उनको उम्र सीमा का लाभ देते हुए उनको चयन प्रक्रिया में जरूर मौका दिया जाएगा। बताते चलें कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास कल 23 जनवरी रविवार को रांची प्रेसक्लब में अपराह्न 12.30 बजे प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे।
टीम एबीएन, धनबाद। झारखंड में धनबाद जिला मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर बरवा अड्डा थाना क्षेत्र में जीटी रोड पर गुरुवार को सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि हजारीबाग जिले के नगमा के रहने वाले 50 वर्षीय गिरधारी महतो कार से धनबाद आ रहे थे। बरवाअड्डा जोड़ा पीपल के समीप जीटी रोड पर कार का टायर फट गया। कार की गति काफी तेज होने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गया। हादसे में गिरधारी महतो और चालक महेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना बरवाअड्डा थाना की पुलिस को दी। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया है। इस सिलसिले में एक प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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