टीम एबीएन, टंडवा (चतरा)। कोरोना की लपेटे में मां की मौत से दिव्यांग परिवार पर पहाड़ टूटने जैसा संकट छा गया। यह घटना टंडवा प्रखंड अंतर्गत ग्राम सिसई निवासी नेत्रहीन दिव्यांग सोमेश कुमार और दोनों हाथ से दिव्यांग सुदर्शन कुमार के यहां की है। घर की एक मात्र सहारा देने वाली मां के चल बसने से ये दोनों दिव्यांग बेसहारा हो गए। टंडवा प्रखंड में मानवता की मिशाल के पर्याय बने सांसद प्रतिनिधि ईश्वर दयाल पांडेय के द्वारा पहल करते हुए इन दिव्यांग परिवार के मदद के लिए चतरा सांसद डॉ सुनील कुमार सिंह और स्थानीय विधायक किशुन कुमार दास के संज्ञान में देते हुए एनटीपीसी के जी जीएम से आग्रह किया गया। श्री पांडेय के द्वारा अवगत कराया गया कि गांव में पानी पीने की व्यवस्था कुआं से होता है जहां संकट यह है कि नेत्रहीन कुआं पर जा नहीं सकता और उसका भाई दोनों हाथ से दिव्यांग है जो पानी कुआं से भर नहीं सकता। इस बात के प्रति संवेदनशील होते हुए एनटीपीसी (नॉर्थ कर्णपुरा सुपर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट टंडवा) के समूह महाप्रबंधक तजेंद्र गुप्ता के निर्देश पर दिव्यांग के घर में बोरिंग कराया गया और पेयजल व्यवस्था बनाए जाने का कार्य किया जा रहा है। दिव्यांग नेत्रहीन सोमेश और सुदर्शन के साथ साथ गांव के ग्रामीणों ने इस नेक कार्य के लिए सांसद, विधायक, एनटीपीसी के अधिकारी और पहल करने वाले सांसद प्रतिनिधि ईश्वर दयाल पांडेय के प्रति आभार प्रकट किया। ज्ञात हो कि एनटीपीसी के द्वारा नेत्रहीन सोमेश को उच्च शिक्षा पढ़ाई के लिए एक नया बड़ा डिवाइस भी सहयोग किया जा चुका है।
कोडरमा। सर्व ब्राह्मण गुमो के तत्वावधान में वनभोज सह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कमेटी का गठन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नंद किशोर पांडेय ने की। कमेटी में सीताराम पांडेय को अध्यक्ष, धीरज पांडेय, सत्यदेव राय को उपाध्यक्ष, शशिकांत पांडेय बरवाडीह को सचिव, सुरेश तिवारी को सह सचिव, मुरली मनोहर पांडेय को कोषाध्यक्ष, विक्की तिवारी को सह कोषाध्यक्ष और भरत लाल पांडेय को प्रवक्ता के रूप में चुना गया। इसके अलावा सौरव कुमार पांडेय, चंकी पांडेय, विक्की पांडेय, सोनू राय, रामफल तिवारी, सूरज पांडेय, नितेश गौतम पांडेय, विजय तिवारी, आलोक कुमार पांडेय, अमित कुमार पांडेय, प्रमोद तिवारी, देवराज पांडेय, पवन पांडेय और रतन लाल पांडेय को कार्यकारिणी समिति में रखा गया है। जबकि संरक्षक के रूप में त्रिवेणी पांडेय, अनंत पांडेय, कामेश्वर पांडेय, उपेंद्र तिवारी, शशिकांत पांडेय, संजय पांडेय, मनोज पांडेय, अशोक राय, आशीष पांडेय और अशोक पांडेय को रखा गया है। इसके बाद लोगों ने सामूहिक भोजन का आनंद लिया। मौके पर कार्यकारिणी समिति की बैठक शीघ्र कराने का निर्णय लिया गया। कार्यकारिणी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं समाज का बाइलॉज तैयार करने समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। मौके पर अर्जुन पांडेय, अभिमन्यु पांडेय, नंदलाल तिवारी, प्रदीप पांडेय, सुरेंद्र पांडेय, प्रवीश पांडेय, नवलकिशोर पांडेय, मनीष पांडेय, मदन पांडेय, विवेक पांडेय, शशि भूषण पांडेय, अभय पांडेय, अमित कुमार पांडेय समेत अन्य लोग मौजूद थे। सभी कार्यक्रम कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुसार हुए।
टीम एबीएन, धनबाद। धनबाद में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। आए दिन यहां बमबाजी, फायरिंग, लूट और छिनतई की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। रात के अंधेरे से दिन के उजाले तक अपराधी बेखौफ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला बाघमारा पुलिस अनुमंडल के मधुबन थाना क्षेत्र का है। गुरुवार देर शाम खरखरी निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी और सिंह मेंशन समर्थक टिंकू मिश्रा के आवास पर बाइक से आए दो अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दिया। बाइक सवार अपराधियों ने पहले टिंकू मिश्रा के घर के बाहर लोगों से पूछताछ की फिर गोलीबारी शुरू कर दी। फायरिंग की आवाज को सुन कर लोगों की भीड़ जुटी तो अपराधी बाइक छोड़ भाग निकले। बाइक सवार अपराधियों की फायरिंग की वारदात ट्रांसपोर्ट व्यवसायी के आवास में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। घटना की जानकारी मिलने पर मधुबन थाने की पुलिस और एसडीपीओ निशा मुर्मू घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल की जांच की। इसके बाद स्थानीय लोगों तथा ट्रांसपोर्ट व्यवसायी के परिजनों से मामले की जानकारी ली। बाद में बाघमारा डीएसपी और आसपास की पुलिस भी पहुंची। सभी ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की। पुलिस ने अपराधियों की बाइक जब्त कर ली है। साथ ही मौके से एक खोखा और 2 गोली भी जब्त की है। इधर, घटना की खबर पाकर झरिया की भाजपा नेत्री रागिनी सिंह, बाघमारा के कोल व्यवसायी कन्हाई चौहान सहित कई लोग टिंकू मिश्रा के घर पहुंचे और लोगों को भरोसा दिलाया। घटना के बाद से घर के सदस्य भयभीत हैं। घटना स्थल की जांच करने पहुंचीं एसडीपीओ बाघमारा ने कहा कि बाइक सवार अपराधियों ने ट्रांसपोर्ट व्यवसायी के घर फायरिंग की है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी के घर फायरिंग क्यों की गई, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। व्यवसायी ने किसी से भी दुश्मनी या पहले से कोई धमकी नहीं मिलने की बात कही है।
टीम एबीएन, रांची। केंद्र से दिए जाने वाले कर हस्तांतरण व सहायता राशि पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार को देश की सबसे निकृष्ट सरकार बताया है। साथ हा कहा कि हेमंत सरकार ने जनता को झूठ बोलकर सत्ता में आई और आज भी जनता को गुमराह कर रही है। दीपक प्रकाश ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हेमन्त सरकार बार बार केंद्र पर झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रही है। यह सरकार केंद्र पर कर हस्तांतरण व सहायता अनुदान के झूठे आरोप लगाते रही है। जबकि सच यह है कि 2009 से 2014 के बीच यूपीए सरकार ने झारखंड को 35,998 करोड़ कर हस्तांतरण किया जबकि 21,069 करोड़ सहायता अनुदान दिया। दीपक प्रकाश ने कहा कि इसके इतर 2014 से 2019 के बीच एनडीए की सरकार ने झारखंड को 89,648 करोड़ कर हस्तांतरण किया जबकि 44,641 करोड़ सहायता अनुदान दिया। कुल मिलाकर देखें तो 2009 से 14 और 2014 से 19 के बीच 149.04त्न कर हस्तांतरण में बढ़ोतरी हुई, जबकि 111.88त्न सहायता अनुदान में वृद्धि हुई।जबकि 2019 से 2022 के बीच केंद्र सरकार ने झारखंड को 62,315 करोड़ कर हस्तांतरण किया और 45,362 करोड़ सहायता अनुदान दिया।
टीम एबीएन, रांची। रांची नगर निगम के लिए काम कर रही कंपनी सीडीसी कंपनी के सभी कर्मचारियों (आउटसोर्सिंग कर्मचारी) ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार से काम बंद कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से निगम में बतौर सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कंपनी के तरफ से न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही अन्य सुविधाएं मिल रहीं हैं। इसको लेकर उन्होंने काम बंद कर दिया है। इधर, शुक्रवार सुबह हरमू डंपिंग यार्ड में सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आए तो नगर निगम के पर्मानेंट कर्मचारियों को साफ सफाई के काम में लगाकर काम सुचारू कराया गया। बता दें कि नगर निगम में करीब ढाई हजार से 3000 प्राइवेट सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं, जबकि पर्मानेंट सफाई कर्मचारियों की संख्या मात्र 400 से 500 है। शुक्रवार को प्राइवेट कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। इधर, निगम के लिए काम कर रही कंपनी के अधिकारियों ने कहा है कि सफाई कर्मचारियों से बात की जा रही है, उनकी जो भी परेशानी है। उसपर चर्चा की जाएगी और जल्द से जल्द सभी सफाई कर्मचारियों को काम पर वापस लाया जाएगा। इधर प्राइवेट सफाईकर्मियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने का खतरा पैदा हो गया है।
टीम एबीएन, पाकुड़। जिले में दो बच्चों की निर्मम हत्या कर दी गई है।नघटना जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के अंबाडीहा के मांझी टोला की है। दोनों बच्चों की अपराधियों ने एक-एक आंख निकाल ली है। घटनास्थल पुलिस पहुंच चुकी है। घटना की पुष्टि अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार ने की है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार अब धीमी हो चली है, तो बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित ठीक हो रहे हैं। इस वजह से एक्टिव केस की संख्या राज्य में घटी है। 27 जनवरी को भी राज्य में कोरोना से 05 लोगों की मौत हुई है। राज्य में 27 जनवरी को 51016 सैंपल की जांच में 892 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, तो 2719 कोरोना संक्रमित ठीक भी हुए हैं। इस बीच कोरोना से राज्य में 05 लोगों की मौत हुई है। राज्य में अब तक कोरोना से 5291 लोगों की जान गई है। गुरुवार को 2719 संक्रमित के कोरोना मुक्त होने के बावजूद राज्य में एक्टिव केस की संख्या 12076 है। राज्य के 22 जिलों में मिले नए संक्रमित : राज्य में गुरुवार 27 जनवरी को जामताड़ा और खूंटी जिले को छोड़ अन्य सभी 22 जिलों में कोरोना के नए केस मिले हैं। 27 जनवरी 2022 को जहां- जहां नए केस मिले हैं, उसमें सबसे ज्यादा जमशेदपुर में 248 नए केस मिले हैं। रांची में 108, सिमडेगा 127 और दुमका में 105 नए कोरोना संक्रमित की पहचान हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को बोकारो में 17, चतरा 08, देवघर में 51, धनबाद में 12, दुमका में 105, जमशेदपुर में 248, गढ़वा में 08, गिरिडीह में 02, गोड्डा में 32, गुमला में 18, हजारीबाग में 07, जामताड़ा में 00, खूंटी में 00, कोडरमा में 34, लातेहार में 04, लोहरदगा में 03, पाकुड़ में 04, पलामू में 08, रामगढ़ में 04, रांची 108, साहिबगंज 24, सरायकेला खरसावां 04, सिमडेगा 127 और पश्चिमी सिंहभूम 64 नए केस कोरोना के मिले हैं।
टीम एबीएन, रांची। वित्त विभाग करीब एक माह से बजट 2022-23 को लेकर बेहतर प्रयास किया है। बजट बनाना मुश्किल होता है। झारखण्ड के लिए यह चुनौती है। प्राकृतिक संसाधन में राज्य अव्वल है, लेकिन आर्थिक संसाधनों में कमजोर है। विपरीत परिस्थितियों में संभ्रांत राज्य को प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन जो कमजोर हैं। वे इससे अछूते नहीं रह पाते। इस महामारी में गरीब ही प्रभावित हुआ है। संक्रमण काल से झारखण्ड को भी गुजरना पड़ा। यही वजह है कि वर्तमान परिस्थिति में लोगों के नजरिए और विचारों को जानने का प्रयास किया गया। ताकि राज्य को बेहतर दिशा दिया जा सके। ये बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वित्त विभाग द्वारा हमर अपन बजट के सन्दर्भ में आयोजित बजट गोष्ठी 2022-23 में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड अलग तरह का राज्य है। यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है। हर क्षेत्र की मुश्किलों से राज्य को बाहर निकालने की आवश्यकता है। 40% अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों को यहां के बैंक सहयोग नहीं करता है। यह चुनौतीपूर्ण है झारखण्ड के लिए। सरकार इसपर चिंतन मंथन कर रही है। क्योंकि यह समय ऑनलाइन और कैश लेश का है। ऐसे में राज्य के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों का क्या होगा। ऐसे में विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अन्य से सभी के कल्याण हेतु योजना बनाने के लिए सुझावों को जानने का प्रयास किया है। ये सभी सुझाव सरकार के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इन सुझावों को लागू करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की और बेहतरी के लिए सुझाव आये हैं। उसपर सरकार गंभीरता से कार्य करेगी। पहली बार झारखण्ड के आदिवासी बच्चों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए पहले ही वर्ष में सात बच्चों को विदेश भेजने में कामयाब रहे। उन्हें शत प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है। मॉडल स्कूल का निर्माण हो रहा है। राज्य में ट्राइबल यूनिवर्सिटी प्रारंभ करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे बच्चे अपनी भाषा और संस्कृति के साथ आगे बढ़ सकें। पर्यटन को लेकर कई सुझाव आये हैं। पर्यटन के क्षेत्र में यहां बड़ी संभावनाएं हैं। यहां अनछुए जगह है। सरकार ने खनिज संपदा से हटकर कार्य करना शुरू किया है। यहां कई व्यवस्थाएं ऐसी है जो केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से होता है। इसमें कई रुकावटें आती हैं। लेकिन बजट के लिए मिले सलाह को सरकार मार्गदर्शक के रूप में देख रही है। वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि पहले टुकड़े-टुकड़े में सलाह लिए जाते थे। लेकिन बजट 2022-23 के लिए विशेषज्ञों से लेकर आम लोगों से सुझाव लिया गया है। बजट किसी सरकार की संस्था वार्षिक लेखा जोखा रखती है। इसमें सरकार के विचार संहित होते हैं। वर्तमान सरकार गरीबों और गांव की है। यहां कई लोगों के शॉर्ट और लांग टर्म के सुझाव हमारे समक्ष हैं। उन सभी को समाहित करने का प्रयास किया जाएगा। यह सामान्य समय नहीं हैं। संक्रमण के अनुरूप ही बजट तैयार किया जा रहा है। सरकार ने संक्रमण काल में जीवन और जीविका के लिए कार्य किये हैं। बजट में राजस्व और खर्च को लेकर प्राथमिकता तय होती है। झारखण्ड को प्राप्त होने वाले राजस्व को लेकर भारत सरकार जिम्मेदार है। यह खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है। आंकड़ों पर गौर करें तो 53 हजार एकड़ भूमि कोल मंत्रालय को दिया गया, जबकि इसकी क्षति पूर्ति नहीं मिली। 65 हजार करोड़ से अधिक की राशि भारत सरकार के पास बकाया है। अब खर्च की बात करें तो कृषि के क्षेत्र में हमें अधिक खर्च करना चाहिए। यह जीवन और जीविका के लिए जरूरी है। इस क्षेत्र में ध्यान देने की आवश्यकता है। बजट में सरकार गांव और शहर की जरूरतों को देखते हुए बजट का निर्माण करेगी। बजट को लेकर आये सुझाव सरकार की उम्मीदों के अनुरूप हैं। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र के लिए प्रदान रांची के प्रेम शंकर, सीजेएम नाबार्ड जीके नायर, आईआईपीए के पूर्व चेयरमैन प्रो अशोक विशनदास, स्वास्थ और शिक्षा के क्षेत्र में रानी चिल्ड्रेन अस्पताल के डॉ राजेश कुमार, एक्सआईएसएस रांची के डॉ अनंत, सीनियर कंसलटेंट, वर्ल्ड बैंक प्रो रतन चांद, एनआईईपीए डॉ मनीषा प्रियम, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आधारभूत संरचना एवं पावर के क्षेत्र में आईआईएम रांची के प्रो अंजुम आनंद, जे-पाल साउथ एशिया अपर्णा कृष्णा, सीयूजे रांची के प्रो संजय समदर्शी समेत अन्य विशेषज्ञों ने बजट गोष्ठी 2022-23 के लिए अपने सुझावों को रखा। मौके पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, वित्त सचिव अजय कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के सचिव एवं अन्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, लोहरदगा। जिला में फिर एक बार सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को तीन दरिंदों ने अंजाम दिया है। पीड़िता ने इस घटना को लेकर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता के बयान पर महिला थाना में कांड संख्या 3/22 दर्ज किया गया है। इसको लेकर पुलिस हरकत में आ चुकी है। इस मामले में पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना सदर थाना क्षेत्र की है। लोहरदगा में लड़की से गैंगरेप को लेकर बताया जा रहा है कि सदर थाना क्षेत्र में युवती विवाह समारोह में गयी हुई थी। जहां पर तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना 24 जनवरी 2022 की रात की है। इस घटना के बाद पीड़िता ने घर लौट कर परिजनों को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने पीड़िता के साथ 26 जनवरी की रात महिला थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस हरकत में आ गयी है। इस घटना को लेकर महिला थाना की पुलिस ने मामले में आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पीड़िता से भी पूरे घटना को लेकर जानकारी ली जा रही है। साथ ही पुलिस हर एक बिंदु पर जांच पड़ताल और आगे की कार्रवाई में भी जुट गई है। इस घटना से पीड़िता दहशत में है। लोहरदगा में सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर पुलिस छानबीन कर रही है। उनका कहना है कि जल्द ही आरोपियों के गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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