एबीएन डेस्क। देश में बढ़ते कोरोना के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को कुल सक्रिय केस एक लाख को पार कर गया। ऐसे में खतरे को टालने के लिए सरकार की तरफ से तीन जनवरी से 15-18 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत करना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बीच बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए शनिवार से कोविन पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने तीन जनवरी यानि सोमवार से बच्चों के लिए वैक्सीन की डोज लगाने के लिए दिशानिर्देश भी जारी कर दी है। कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुरू : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर बताया है कि बच्चे सुरक्षित हैं, देश का भविष्य सुरक्षित है! नए साल के अवसर पर, 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के टीकाकरण के लिए COWIN पोर्टल पर पंजीकरण शुरू किया जा रहा है। अब तक 3.15 लाख बच्चे हुए पंजीकृत : कोविन डाटा के अनुसार शनिवार रात 11.30 बजे तक 15-18 साल के 3,15,416 बच्चों ने पंजीकरण करा लिए हैं जिन्हें कल यानी सोमवार से टीका लगना शुरू हो जाएगा। बच्चों को लगेगी सिर्फ कोवाक्सिन की डोज : केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जानकारी दी है कि 15-18 आयु वर्ग के बच्चों को वर्तमान में केवल भारत बायोटेक कंपनी द्वारा तैयार की गई कोवाक्सिन की खुराक दी जाएगी। 10 करोड़ बच्चे टीकाकरण के योग्य : केंद्र सरकार के आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, 15-18 आयु वर्ग के अनुमानित 10 करोड़ बच्चे टीकाकरण के योग्य हैं। सीधे वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर भी करा सकते हैं पंजीकरण : सभी टीकाकरण योग्य बच्चों को 1 जनवरी, 2022 से Co-WIN पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा। इसके अलावा 3 जनवरी 2022 से सीधे वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर भी पंजीकरण करा सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोविड-19 मामलों के बढ़ने की आशंका के बीच केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन मामलों से निपटने के वास्ते अस्थायी अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू करने और घरों में पृथक-वास (होम आइसोलेशन) में मरीजों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन करने की सलाह दी। सभी मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में समय पर और तेजी से सुधार के महत्व पर फिर से जोर देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब मामलों में अचानक वृद्धि हो रही है। तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए मामलों में संभावित वृद्धि से निपटने के लिए, केंद्र ने राज्यों से स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की उपलब्धता बढ़ाने के वास्ते अस्थायी अस्पतालों का निर्माण शुरू करने को कहा है। भूषण ने कहा, यह डीआरडीओ और सीएसआईआर के साथ-साथ निजी क्षेत्र, निगमों, गैर सरकारी संगठनों आदि के समन्वय के साथ किया जा सकता है। इससे अस्थायी अस्पतालों के तेजी से निर्माण की प्रक्रिया में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, बड़ी संख्या में सकारात्मक मामलों में मरीजों को घरों पर पृथक-वास में रखने की स्थिति वाले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि सभी राज्य अपने गृह पृथकवास प्रोटोकॉल और जमीनी स्तर पर इसके वास्तविक कार्यान्वयन की निगरानी करें। उन्होंने कहा, सभी होम आइसोलेशन मामलों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाना चाहिए, कॉल सेंटर / नियंत्रण कक्ष को ऐसे रोगियों की निगरानी के वास्ते सहायता करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे सभी मामलों को समर्पित एम्बुलेंस के माध्यम से एक उपयुक्त स्वास्थ्य केन्द्र में स्थानांतरित किया जा सके। भूषण ने कहा कि राज्यों से यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि मौजूदा कोविड समर्पित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर दोबारा गौर किया जाए और इसकी परिचालन क्षमता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों और बाल चिकित्सा मामलों पर भी स्पष्ट ध्यान दिया जाना चाहिए। राज्यों को राज्य में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में आवश्यक रसद, ऑक्सीजन की उपलब्धता और दवाओं के भंडार की नियमित रूप से समीक्षा करने की आवश्यकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली सरकार ने शनिवार को 10 साल पुराने एक लाख से अधिक डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया, जिससे उनके मालिकों के पास या तो उसमें इलेक्ट्रिक किट फिट कराने या अन्य राज्यों में बेचने का विकल्प है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। दिल्ली परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों का भी पंजीकरण रद्द किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे पुराने पेट्रोल वाहनों की संख्या 43 लाख से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें 32 लाख दोपहिया और 11 लाख कारें शामिल हैं। परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर 10 साल पुराना डीजल वाहन या 15 साल से पुराना पेट्रोल वाहन अगर सड़कों पर दौड़ता हुआ पाया जाता है तो उसे जब्त कर स्क्रैपिंग के लिए भेज दिया जायेगा। अधिकारी ने बताया कि दस साल पुराने एक लाख से अधिक डीजल वाहनों का दिल्ली सरकार ने पंजीकरण रद्द कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब उनके पास दो विकल्प है कि वह अपने वाहनों में इलेक्ट्रिक किट फिट करायें अथवा एनओसी लेने के बाद उसे दूसरे राज्यों में बेच दें। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 साल से अधिक पुराने वाहनों का पंजीकरण आने वाले दिनों में रद्द किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे पुराने पेट्रोल वाहनों की संख्या 43 लाख से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें 32 लाख दोपहिया और 11 लाख कारें शामिल हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत 12,580 गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) का पंजीकरण शनिवार को समाप्त हो गया है। ग्रह मंत्रालय की वेबसाइट पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, अपने विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए आवेदन करने में विफल रहने के बाद 5,933 एनजीओ का लाइसेंस खत्म हुआ है। विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के लिए पंजीकृत (लाइसेंस होना चाहिए) रहना चाहिए। वेबसाइट पर शनिवार को अपलोड किए गए आंकड़ों के मुताबिक, एफसीआरए के तहत पंजीकृत कुल एनजीओ जो आज 1 जनवरी, 2022 तक सक्रिय या जीवित हैं, एक दिन पहले 22,762 से घटकर 16,829 हो गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनजीओ ने अपना एफसीआरए पंजीकरण खो दिया, क्योंकि वे रिन्यूअल के लिए आवेदन करने में विफल रहे। जिन एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस समाप्त हो गया है, उनमें ऑक्सफैम इंडिया ट्रस्ट, इंडियन यूथ सेंटर्स ट्रस्ट, जामिया मिलिया इस्लामिया, ट्यूबरकुलोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, अन्य शामिल हैं। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में, इन एनजीओ के एफसीआरए पंजीकरण की वैधता जो 29 सितंबर, 2020 और 30 सितंबर, 2021 के बीच समाप्त हो रही थी, जिसे 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दिया गया था। सरकार ने तब सक्रिय रहने के लिए अपने एफसीआरए लाइसेंस के लिए समाप्त होने वाले संगठनों को नवीनीकरण के लिए आवेदन करने के लिए कहा था। लेकिन समय सीमा में बढ़ोतरी के बाद भी 22,762 में से करीब 6,000 संगठन अपने एफसीआरए लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने में विफल रहे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोविड-19 से लड़ाई का यह तीसरा साल है और पूरी दुनिया इस महामारी को हराने के लिए जूझ रही है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि इस वैश्विक महामारी को हराने के लिए जरूरी है कि हम असमानता को हरा दें। अगर ऐसा कर सके तो इस वैश्विक महामारी को हराया जा सकता है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा है कि अगर हम असमानता को हरा दें तब यह महामारी भी हार जाएगी। घेबरेयेसस ने कहा कि कोई भी देश इस महामारी से अछूता नहीं है। हमारे पास कई ऐसे हथियार हैं जिससे हम इससे बचाव और इसका सामना कर सकते हैं। अगर हम असामनता को हरा दें तो मुझे विश्वास है कि हम इस बीमारी को हरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम कोविड-19 महामारी के तीसरे साल में प्रवेश कर चुके हैं। मुझे विश्वास है कि अगर हम एक साथ रहें तो यह इस महामारी का अंतिम साल होगा। टेड्रोस ने कहा कि कोविड-19 ने ना सिर्फ लोगों के स्वास्थ्य की चिंता बढ़ाई है बल्कि कई लोगों का रूटीन टीकाकरण, परिवार की योजनाएं भी इससे प्रभावित हुई हैं। इससे हर तरह के रोगों का इलाज भी प्रभावित हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया की पहली मलेरिया वैक्सीन लॉन्च की है। अगर इस वैक्सीन को पूरे विश्व में इस्तेमाल किया गया, तो इससे हर साल हजारों जिंदगियां बच जाएंगी। ट्रेडोस ने बताया कि भविष्य में इस तरह के संक्रमण और महामारी को रोकने के लिए हमने डब्ल्यूएचओ बायोहब सिस्टम शुरू किया है। एपिडेमिक और पैनडेमिक इंटेलिजेंस का हब बर्लिन में खोला गया है। उन्होंने कहा कि हमें एक साथ मिलकर कोविड-19 से लड़ना होगा। 70 फीसदी वैश्विक वैक्सीनेशन इस दिशा में अहम कदम होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नए साल पर माता वैष्णो देवी मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे की खबर पूरी तरह सामने भी नहीं आई थी कि तमिलनाडु में एक और हादसे की खबर है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में स्थिति एक पटाखा फैक्ट्री में बड़ी आग लग गई है। इस हादसे में अभी तक तीन लोगों की मौत की खबर है, वहीं पांच अन्य घायल भी हुए हैं। सुबह-सुबह हुए इस हादसे के बाद अभी तक पुलिस व अग्निशमन विभाग का राहत कार्य घटनास्थल पर चल रहा है। जिला कलेक्टर मेघनाथ रेड्डी ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे में तीन की मौत हो गई तो वहीं पांच लोग घायल हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। पटाखा फैक्ट्री में लगी आग में पांच लोग घायल हुए हैं। इसमें एक व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया है। जानकारी के मुताबिक, व्यक्ति 20 प्रतिशत झुलस गया है, जिसके बाद उसे दूसरे अस्पताल रिफर किया गया है। वहीं अन्य को मामूली चोट आई है। बताया जा रहा है कि यह हादसा सुबह साढ़े आठ बजे के करीब हुआ, लेकिन पुलिस और अग्निशमन विभाग को नौ बजे सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग ने बताया कि इस भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई है और 13 लोग घायल हुए हैं। बचाव कार्य जारी है। वैष्णो देवी यात्रा दोबारा शुरू हुई जिसमें हजारों लोग दोबारा देखे जा सकते हैं। केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने बताया कि वह कटड़ा के लिए रवाना हो चुके हैं। प्रधानमंत्री लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों को सभी संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दे दिए हैं। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। 13 घायलों को नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। वैष्णो देवी में हुए हादसे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, वैष्णो देवी भवन में हुई भगदड़ में लोगों की जान जाने की खबर से बेहद आहत हूं। मैं दिल से मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्रता से ठीक होने की कामना करता हूं।
एबीएन डेस्क। नए साल पर किशोरों को कहर ढा रहे कोरोना का सुरक्षा कवच मिलेगा। साल के पहले दिन से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। 15-18 साल के बच्चे कोविन वेबसाइट पर अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। तीन जनवरी से बच्चों को वैक्सीन की खुराक मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर, पहले से बीमार चल रहे 60 से ऊपर की उम्र के बुजुर्ग को एहतियात खुराक भी मिलने लगेगी। द्वारका में नवनिर्मित इंदिरा गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहली तारीख से शुरू हो रहा है। राजधानी में करीब 10.80 लाख बच्चों को वैक्सीन मिलने वाली है। इस आयु के बच्चों को कोवाक्सिन उपलब्ध होगी जिसकी दो खुराक 28 दिन के अंतराल में लेनी हैं। विभाग ने एक रिपोर्ट भी तैयार की है कि 31 जनवरी तक दिल्ली में प्रत्येक बच्चे को पहली खुराक मिलने और 28 फरवरी तक बच्चों का टीकाकरण पूरा हो सकता है। साथ ही यह भी बताया है कि दिल्ली के पास इस समय तीन लाख से भी अधिक वैक्सीन भंडारण में मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल बच्चों के टीकाकरण में किया जाएगा। बच्चों का टीकाकरण शुरू होने के एक सप्ताह बाद 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मचारी, फ्रंटलाइन वर्कर और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को भी एहतियात खुराक मिलना शुरू हो जाएगी।
एबीएन डेस्क। जम्मू के कटरा में मौजूद माता वैष्णो देवी भवन में देर रात भगदड़ मचने से 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। वहीं कई घायल बताए जा रहे हैं, जिनका नारायणा अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया है। साथ ही सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दो लाख का मुआवजा देने का एलान किया है। वहीं, घायलों के इलाज के लिए 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। पीएम मोदी ने लिया स्थिति का जायजा : पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा, माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ में लोगों की मौत से अत्यंत दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा,केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय जी से बात की और स्थिति का जायज़ा लिया।
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