एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना की रफ्तार दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में भारत में कोविड-19 के 2,64,202 नए मामले आए। वहीं, कोरोना के रोजाना मामलों में हो रही बढ़ोतरी के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने उम्मीद जताई है कि राजधानी में आज 25,000 से कम कोरोना केस आ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अस्पतालों के करीब 88% बेड खाली पड़े हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना से मरने वाले करीब 75 फीसदी मरीजों को वैक्सीन नहीं लगी हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को कोविड के 28,867 मामले दर्ज किए गए थे। जब से महामारी शुरू हुई है तब से यह राज्य में एक दिन में सामने आने वाले सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही गुरुवार को राज्य में कोविड से 31 लोगों की मौत भी हुई, जबकि सकारात्मकता दर 29.21 प्रतिशत है।
एबीएन डेस्क। दक्षिणी चीन सागर में अपनी दादागिरी दिखा रहे चीन को बड़ा झटका लगा है। चीन के आक्रामक रवैये को झेल रहे फिलीपींस ने भारत के साथ दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक एंटी शिप क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की खरीद को मंजूरी दे दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा विभाग द्वारा ब्रह्मोस के अधिकारियों को इसकी सूचना भेज दी गई है। ब्रह्मोस मिसाइल के लिए यह पहला विदेशी ऑर्डर है। यह सौदा 374.9 मिलियन अमरीकी डॉलर का है। चीन के खिलाफ भारत पर भरोसा : इस सौदे में सबसे अहम बात यह है कि अमेरिकी सहयोगी देश फिलीपींस ने चीन के खिलाफ अपनी सैन्य तैयारी के लिए भारत-रूस द्वारा मिलकर बनाई गई ब्रह्मोस मिसाइल पर भरोसा जताया है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की रफ्तार से तीन गुना तेज गति यानी 4321 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से मार करने में सक्षम है। चीन के खिलाफ तटीय इलाकों को सुरक्षित करेगा फिलीपींस : फिलीपींस को आंखे दिखा रहे चीन को इस सौदे से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ फिलीपींस का अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे में ब्रह्मोस मिसाइल को फिलीपींस अपने तटीय इलाकों में तैनात कर सकता है। और देशों से भी जल्द मिल सकते हैं खरीद के ऑर्डर : सूत्रों का कहना है कि डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) और ब्रह्मोस एयरोस्पेस इस मिसाइल का मित्र देशों को निर्यात करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। डीआरडीओ ने हाल ही में अमेरिका के साथ मेड इन इंडिया रडार का सौदा भी किया था। भारत को अन्य मित्र देशों से भी मिसाइल प्रणाली के ऑर्डर जल्द मिलने की उम्मीद है क्योंकि कुछ और देशों के साथ भी इसे लेकर सौदेबादी अपने अंतिम दौर में है। इस मिसाइल की क्षमताओं में वृद्धि हुई है और कई आधुनिक विशेषताओं से लैस किया गया है। चीन का एक और पड़ोसी देश वियतनाम भी भारत से यह मिसाइल सिस्टम खरीद सकता है।
एबीएन डेस्क। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अप्रैल और जून 2021 के बीच covid-19 के डेल्टा वैरिएंट की घातक लहर में 2,40,000 लोगों की मौत हो गई थी तथा आर्थिक सुधार बाधित हुआ था और निकट समय में भी इसी तरह के हालात उत्पन्न हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं 2022 रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि covid-19 के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन स्वरूप के संक्रमण की नई लहरों के कारण मृतकों की संख्या और आर्थिक नुकसान में फिर से वृद्धि होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में, डेल्टा स्वरूप के संक्रमण की एक घातक लहर ने अप्रैल और जून के बीच 2,40,000 लोगों की जान ले ली थी और आर्थिक सुधार बाधित हुआ था, निकट समय में इसी तरह के हालात पैदा हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग के अवर महासचिव लियु जेनमिन ने कहा कि covid-19 को नियंत्रित करने के लिए एक समन्वित और निरंतर वैश्विक दृष्टिकोण के बिना यह महामारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के समावेशी और स्थायी उभार के लिये सबसे बड़ी जोखिम बनी रहेगी।
एबीएन डेस्क। पूरे उत्तर भारत में जहां ठंड का प्रकोप जारी है वहीं भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में ठंड के बढ़ने और बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आज बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में 14 और 15 जनवरी को बारिश होने भी संभावना है। असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, करईकल, केरल और माहे में आने वाले दिनों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में शीतलहर जारी रहेगा और इससे इन इलाकों में ठंड भी बहुत पडे़गी। वहीं आने वाले दो दिनों में गुजरात, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर राजस्थान में सर्दी के बढ़ने के भी आसार हैं। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम हिमालयी क्षेत्र, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बेहद घने कोहरे के छाए जाने की आशंका जताई है। वहीं आज जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली में बीते चार दिनों में कोरोना संक्रमण के कारण 97 लोगों की मौत हुई है। इनमें 70 ऐसे थे जिन्होंने कोविड टीके की एक भी डोज नहीं ली थी। जिन 27 लोगों ने कोविड का टीका लगवाया था, उनमें 19 ऐसे थे जिन्होंने सिर्फ एक डोज ही ली थी। राजधानी में बीते कुछ दिनों से संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार को दिल्ली में 40 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नौ से 12 जनवरी के बीच मरने वाले लोगों को लेकर एक अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि मरने वालों में से 50 फीसदी लोग ऐसे थे जो किसी न किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित थे। उसमें 70 लोग ऐसे थे जिन्होंने कोविड टीके की एक भी डोज नहीं लगवाई थी। पांच दिनों में सात ऐसे लोगों की मौत भी दर्ज की गई है जिनकी उम्र 18 साल से कम थी। स्वास्थ्य विभाग ने पाया कि लोग अस्पताल पहुंचने में देरी कर रहे हैं। कुल मौतों में करीब 40 फीसदी लोगों की अस्पताल पहुंचने के अगले 48 घंटे के भीतर मौत हो गई। दीपचंद बंधू अस्पताल में एक महिला की मौत के अगले दिन कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी तरह डीडीयू अस्पताल में एक 13 वर्ष के बच्चे की मौत 24 घंटे के अंदर हो गई।
एबीएन डेस्क। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में बीकानेर-गुवाहाटी ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। शुक्रवार को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने इसकी जानकारी दी है। इस रेल हादसे में 31 लोगों के घायल होने की सूचना है। आपको बता दें कि गुरुवार को शआम करीब पांच बजे बीकानेर से गुवाहाटी जा रही इस एक्सप्रेस ट्रेन के करीब 12 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इससे पहले उत्तर बंगाल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) डीपी सिंह ने कहा था कि कुछ यात्री देर रात तक बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस के दो डिब्बों के अंदर फंसे हुए थे। हालांकि, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। प्रधानमंत्री ने इससे पहले स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दुर्घटना में मारे गए लोगों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाने की भी घोषणा की। रेल मंत्री अश्विणी वैष्ण आज घटनास्थल पर जाएंगे। इसकी जानकारी उन्होंने कल खुद दी थी। भारतीय रेलवे ने डोमोहानी के पास हुई इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के सदस्यों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। वहीं गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपए और जिन्हें कम चोटें आई हैं, उन्हें 25 हजार रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी।आपको बता दें घायलों को जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल और न्यू मोइनागुडी जिला अस्पताल ले जाया गया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजधानी दिल्ली में गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 28,867 नए मामले सामने आए जो महामारी की शुरुआत के बाद एक दिन में सामने आए सर्वाधिक मामले हैं। वहीं, इस दौरान 31 मरीजों की मौत हुई है। पिछले चार दिनों में सात बच्चों की भी कोविड के कारण मौत हो गई, जिनमें से तीन बच्चे एक साल से भी कम आयु के थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में गरुवार को कोविड-19 के 31 मरीजों की मौत दर्ज की गई और इस अवधि में संक्रमण दर बढ़कर 29.21 प्रतिशत हो गई। दिल्ली में पिछले साल 20 अप्रैल को संक्रमण के 28,395 मामले दर्ज किए गए थे। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार की संक्रमण दर तीन मई के बाद से सर्वाधिक रही, जोकि तब 29.6 प्रतिशत रही थी। इसके मुताबिक, जनवरी के महीने में अब तक 164 मरीजों की इस घातक वायरस के कारण मौत हो चुकी है। इस बीच, पिछले चार दिनों में सात बच्चों की भी कोविड के कारण मौत हो गई, जिनमें से तीन बच्चे एक साल से भी कम आयु के थे। कोविड के कारण अपनी नौ महीने की बेटी को खोने वाले कुमार (बदला हुआ नाम) ने बताया कि हमें नहीं पता कि कैसे हमारी छोटी सी बच्ची संक्रमण की चपेट में आ गई। ना ही मैं और ना ही मेरी पत्नी संक्रमित हैं। वजीराबाद निवासी कुमार अपनी बेटी का चेकअप कराने संत परमानंद अस्पताल गए थे, जहां परीक्षण में सात जनवरी को बच्ची संक्रमित पाई गई। उसे अगले दिन लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां नौ जनवरी को उसकी मौत हो गई।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूरे देश के साथ साथ संगम शहर प्रयागराज में भी कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बीते 24 घंटे में प्रयागराज में 379 संक्रमित मिले हैं। सक्रिय केसों की संख्या में भी बड़ा इजाफा देखने को मिला रहा है और जिले में 1546 सक्रिय संक्रमित केसेस की संख्या हो गई है ।14 जनवरी 2022 से माघ मेले की शुरुआत हो रही है ऐसे में माघ मेला क्षेत्र से एक ही दिन में 38 संक्रमित मरीज सामने आए हैं। लगातार मेला क्षेत्र से संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। इसमें 24 पीएसी के जवान ,14 पुलिस के जवान शामिल है। आपको बता दें 14 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान पर्व है और इसी स्नान पर्व के साथ माघ मेले की शुरूआत हो रही है। माघ मेला 14 जनवरी से 1 मार्च तक संगम की रेती पर करीब 47 दिनों तक चलेगा और पूरे माघ मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। प्रयागराज में दूसरी लहर के दौरान 300 से अधिक मरीज अप्रैल के महीने में मिले थे जिसके बाद कल यह आंकड़ा 379 तक पहुंच गया। इसमें हाईकोर्ट के एक जज, रेलवे हॉस्पिटल के निदेशक, डफरिन के डॉक्टर, हाईकोर्ट के असिस्टेंट रजिस्ट्रार, रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, ईसीसी और सीएमपी के असिस्टेंट प्रोफेसर, निजी स्कूल के शिक्षक व मेडिकल कॉलेज का छात्र संक्रमित हुआ है। आपको बता दे प्रयागराज में बीते चौबीस घंटों में स्वास्थ विभाग ने 9460 लोगों की जांच कराई थी। प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में 13 मरीज इलाजरत है जबकि तेज बहादुर सप्रू अस्पताल में 12 पीएसी के जवानों को भर्ती कराया गया है जबकि दो युवक पहले से ही भर्ती हैं। स्वास्थ विभाग का मानना है कि ऐसे संक्रमण बढ़ना बेहद खतरनाक है। देश दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले की शुरूआत से पहले ही जिस तरीके से कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला देखा जा रह मेला है उससे तो यही लग रहा है कि आने वाले दिनों में मेला क्षेत्र से कई और संक्रमित मरीज जरूर मिलेंगे। हालांकि मेला क्षेत्र में कोरोना गाइडलाइन का पालन का निर्देश अधिकारियों ने पहले से ही दे दिया है लेकिन अभी भी लोग लापरवाह बने हुए हैं ।प्रयागराज के मेला क्षेत्र में करीब 5000 जवान दूसरे जिले से आए हुए हैं जिनकी ड्यूटी माघ मेले में लगाई गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक अहम बैठक की। पीएम मोदी के साथ मीटिंग में केंद्रीय गृहमत्री अमित शाह और लगभग सभी राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। इस दौरान राज्यों में बढ़ते कोरोना के मामलों, टीकाकरण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा कोरोना की बढ़ती रफ्तार पर काबू पाने के लिए पाबंदियों को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सौ साल की सबसे बड़ी महामारी से भारत की लड़ाई अब तीसरे साल में प्रवेश कर चुकी है। मेहनत हमारा एकमात्र पथ है और विजय एकमात्र विकल्प है। हम 130 करोड़ भारतीय अपने प्रयासों से कोरोना से जीतकर जरुर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन को लेकर पहले जो संशय की स्थिति थी, वो अब धीरे-धीरे साफ हो रही है। पहले जो वैरिएंट थे, उनकी अपेक्षा में कई गुना अधिक तेजी से ओमिक्रॉन वैरिएंट सामान्य जन को संक्रमित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रोन तेजी से फैल रहा है,ये अधिक ट्रांसमिसिबल है। हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ स्थिति का आकलन कर रहे हैं। स्पष्ट है कि हमें सतर्क रहना है। उन्होंने टीकाकरण का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत लगभग 92 फीसदी वयस्क जनसंख्या को कोविड वैक्सीन की पहली डोज दे चुका है। देश दूसरी डोज की कवरेज में भी 70 फीसदी के आसपास पहुंच चुका है। 10 दिन के अंदर ही भारत ने लगभग 3 करोड़ किशोरों का भी टीकाकरण कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज राज्यों के पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन है। फ्रंटलाइन वर्कर्स और वरिष्ठ नागरिकों को प्रीकॉशन डोज जितनी जल्द लगेगी उतना ही हमारे हेल्थ केयर सिस्टम का सामर्थ्य बढ़ेगा। शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए हर घर दस्तक अभियान को हमें और तेज करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा राज्यों को आवंटित 23,000 करोड़ रुपये के पैकेज का अच्छी तरह से उपयोग किया गया है। कई राज्यों ने अपने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया है। केंद्र और राज्यों को इस बार भी इस पूर्व-खाली, सामूहिक और सक्रिय दृष्टिकोण का पालन करने की आवश्यकता है।
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