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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री बोले- अगले 1-2 दिन में पीक पर रहेगा कोरोना
Published / 2022-01-11 08:11:08
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री बोले- अगले 1-2 दिन में पीक पर रहेगा कोरोना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के हालात बिगड़ते हुए नज़र आ रहे हैं इसे देखते हुए केजरीवाल सरकार ने कई सख्त कदम उठाए है। बता दें कि आज से दिल्ली में निजी दफ्तर पूरी तरह से बंद रहेंगे और कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इसके साथ ही रेस्टोरेंट और बार आदि भी बंद रहेंगे, हालांकि होम डिलीवरी सेवा चालू रहेगी। वहीं इन सब के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने जानकारी दी है कि सोमवार को 19,000 से अधिक नए कोरोना मामले दर्ज किए गए, जो रविवार की तुलना में थोड़ा कम है। इसी के साथ स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पीक पहले ही आ चुकी है, या एक या दो दिन में आ जाएगी। यह (पीक) इस सप्ताह जरूर आ जाएगी। उसके बाद मामलों में कमी देखने को मिलनी चाहिए। लेकिन यह संभव है कि हम एक और कर्फ्यू लागू कर सकते हैं, बस लोगों को यह याद दिलाने के लिए कि वे अपने सुरक्षा में कोई कमी ना करें। सत्येंद्र जैन ने बताया कि लगभग 20,000 दैनिक मामलों दर्ज होने के बावजूद, अस्पताल में केवल 2,000 लोग ही भर्ती हैं, जबकि कोविड-19 रोगियों के लिए 12,000 बेड खाली हैं। आखिरी लहर में, जब शहर में एक दिन में 20,000 मामले दर्ज हो रहे थे, कम से कम 12,000-13,000 मरीज अस्पताल में भर्ती थे। साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने की संख्या अब छह गुना कम है।

दिल्ली में आफत का कोरोना : नई गाइडलाइन के तहत सभी निजी दफ्तर, रेस्टोरेंट-बार बंद
Published / 2022-01-11 08:06:41
दिल्ली में आफत का कोरोना : नई गाइडलाइन के तहत सभी निजी दफ्तर, रेस्टोरेंट-बार बंद

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली में कोरोना का कहर लगातार जारी है जिसके चलते डीडीएमए ने राजधानी में कुछ और पाबंदियां लगाई हैं। इसके तहत आज से दिल्ली में निजी दफ्तर पूरी तरह से बंद रहेंगे और कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इसके साथ ही रेस्टोरेंट और बार आदि भी बंद रहेंगे, हालांकि होम डिलीवरी सेवा चालू रहेगी। डीडीएमए की नई गाइडलाइन : दिल्ली विकास प्राधिकरण ने नया आदेश जारी करते हुए बताया है कि दिल्ली के वो सभी निजी दफ्तर जो गैर-जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं वह पूरी तरह से बंद रहेंगे। वहां का काम वर्क फ्रॉम होम के नियम के तहत होगा। जो दफ्तर जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं सिर्फ वही खुले रहेंगे।सभी रेस्टोरेंट और बार भी आज से बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि यहां आकर बैठकर खाना नहीं खाया जा सकेगा। हालांकि रेस्टोरेंट को यह इजाजत रहेगी कि वह होम डिलीवरी और टेक अवे की सेवाएं उपलब्ध कराते रहें। अगर कोई शख्स नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो वह आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के सेक्शन 51-60 और आईपीसी की धारा 188 का दोषी होगा और इन्हीं धाराओं के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

सुर साम्राज्ञी भारत रत्न लता मंगेशकर भी कोरोना संक्रमित, आईसीयू में भर्ती
Published / 2022-01-11 07:34:07
सुर साम्राज्ञी भारत रत्न लता मंगेशकर भी कोरोना संक्रमित, आईसीयू में भर्ती

एबीएन डेस्क। पार्श्व गायिका लता मंगेशकर कोरोना संक्रमित हो गई हैं। लता को ब्रिच कैंडी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उनकी भतीजी रचना ने यह जानकारी दी है। रचना ने बताया कि लता मंगेशकर में कोरोना संक्रमण के हल्के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि वह ठीक हैं। उम्र को देखते हुए एहतियाती कारणों से लता को आईसीयू में रखा गया है। उन्होंने कहा, कृपया हमारी निजता का सम्मान करें और दीदी की अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना करें। बता दें कि सुर साम्राज्ञी भारत रत्न लता मंगेशकर 92 वर्ष की हैं। उनको 2001 में भारत रत्न से विभूषित किया गया था। उन्हें भारत का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान से कला के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए दिया गया था।

खत्म होगा कोरोना: फाइजर का दावा, मार्च तक तैयार हो जाएगा ओमिक्रॉन वैरिएंट का टीका
Published / 2022-01-11 06:01:27
खत्म होगा कोरोना: फाइजर का दावा, मार्च तक तैयार हो जाएगा ओमिक्रॉन वैरिएंट का टीका

एबीएन डेस्क। कोरोना के नए वैरिएंट ने जहां एक तरफ दुनिया को चिंता में डाल दिया है, तो दूसरी तरफ थोड़ी राहत वाली खबर भी सामने आई है। कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी फाइजर का दावा है कि मार्च तक वह ओमिक्रॉन वैरिएंट से निपटने के लिए टीका तैयार कर लेगी। फार्मा कंपनी फाइजर के सीईओ अलबर्ट बौर्ला ने बताया कि कंपनी पहले से ही कोविड-19 वैक्सीन का निर्माण कर रही है, लेकिन अब ओमिक्रॉन के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में कंपनी नए वैरिएंट के लिए भी वैक्सीन तैयार कर रही है। उम्मीद है कि मार्च तक इसके लिए टीका उपलब्ध होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस बात का पता नहीं है कि वैक्सीन की जरूरत होगी भी या नहीं। डबल डोज और बूस्टर के बेहतर परिणाम : दवा निर्माता कंपनी के सीईओ बौर्ला ने कहा कि मौजूदा समय में लोगों को वैक्सीन की दो खुराक के अलावा एक बूस्टर डोज भी दिया जा रहा है। इसके बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। यह नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ भी सुरक्षा प्रदान कर रहा है। हालांकि, ओमिक्रॉन पर केंद्रित टीका संक्रमण पर सीधे असर करेगा और नए स्ट्रेन के खिलाफ और बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा। वायरस से आगे निकलने की कोशिश : दवा निर्माता मॉर्डेना के सीईओ स्टीफन ने बताया कि हमें कोरोना वायरस से आगे निकलने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कंपनी एक बूस्टर डोज तैयार कर रही है, जो 2022 के अंत तक तैयार हो जाएगा। यह ओमिक्रॉन के साथ कोरोना के आने वाले सभी वैरिएंट के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करेगा।

आफत के बीच राहत! धीमी पड़ रही कोरोना की रफ्तार, 10 दिन में दिखेगा कंट्रोल
Published / 2022-01-11 03:39:46
आफत के बीच राहत! धीमी पड़ रही कोरोना की रफ्तार, 10 दिन में दिखेगा कंट्रोल

एबीएन डेस्क। देश में कोरोना की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। पिछले चार दिनों से नए संक्रमण की वृद्धि दर में गिरावट का रुझान है। रविवार और सोमवार को यह 12.5 फीसदी पर स्थिर रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरे देशों के अनुभवों के आधार पर यह संभावना है कि आने वाले दिनों में धीरे-धीरे आंकड़ों में स्थिरता आएगी, लेकिन नए मामलों की संख्या बढ़ेगी। आठ से दस दिनों के बाद नए संक्रमणों में वास्तविक कमी का रुझान नजर आ सकता है। देश में 28 दिसंबर को कोरोना के दैनिक संक्रमण न्यूनतम स्तर पर थे और उस दिन 6358 नए मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन, 29 को यह बढ़कर 9195 हुए और इसमें 45 फीसदी की वृद्धि हुई। 30 को नए संक्रमण 13154 दर्ज किए गए, जो 29 दिसंबर की तुलना में 43 फीसदी बढ़े। 31 दिसंबर को 28, 1 जनवरी को 36, 2 जनवरी को 21, 3 जनवरी को 22.5, 4 जनवरी को 10, 5 जनवरी को 55 तथा छह जनवरी को रिकॉर्ड 56.5 फीसदी दैनिक संक्रमण बढ़ा। तब नए संक्रमण 58097 से बढ़कर 90928 हो गए थे। यह तीसरी लहर में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 7 जनवरी को नए संक्रमण में 29 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, क्योंकि संक्रमण 90928 से बढ़कर 117100 हो गए। 8 जनवरी को यह 141986 हो गए और वृद्धि 21 फीसदी की रही। जबकि 9 जनवरी को नए संक्रमण 159632 तथा 10 जनवरी को 179723 रहे। दोनों दिन वृद्धि दर 12.5 फीसदी के करीब रही।

उत्तर प्रदेश : दोबारा सरकार बनाकर इतिहास रचेंगे योगी !
Published / 2022-01-10 17:50:29
उत्तर प्रदेश : दोबारा सरकार बनाकर इतिहास रचेंगे योगी !

एबीएन एडिटोरियल डेस्क (संजय सक्सेना)। यूपी में क्या किसी एक पार्टी की दो बार सरकार नहीं बनने के इतिहास को ठेंगा दिखाते हुए एक बार फिर योगी मुख्यमंत्री बनेंगे या अखिलेश यादव की पांच वर्ष के बाद सत्ता से वापसी होगी। बसपा सुप्रीमो मायावती या फिर कांग्रेस की महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा उनसे (योगी से) सत्ता छीनने में कामयाब रहेंगे? तमाम सर्वेक्षणों पर नजर दौड़ाई जाए तो कयास यही लगाए जा रहे हैं कि यूपी में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। समाजवादी पार्टी भाजपा को टक्कर तो दे रही है, लेकिन सत्ता में आने में कामयाब होती नहीं दिख रही है। तमाम सर्वेक्षणों का निचोड़ निकाला जाए तो इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में 403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में बीजेपी 230 से 249 सीटें जीत सकती है। वहीं, समाजवादी पार्टी 137 से 144 सीटों पर कब्जा कर सकती है। बीएसपी और कांग्रेस के प्रदर्शन में इस बार भी सुधार होता नहीं दिख रहा है। सर्वे के नतीजे कहते हैं कि मायावती की पार्टी जहां 9-14 सीटों पर सिमट सकती है तो कांग्रेस को महज 4-6 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की जा रही है। यह जरूर है कि पूरे प्रदेश में एक की बयार नहीं बह रही है, कहीं बीजेपी अच्छी स्थिति में नजर आ रही है तो कहीं समाजवादी पार्टी भारी पड़ रही है। तमाम चुनाव सर्वे के अनुसार उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 38.6 फीसदी वोट मिल सकते हैं तो समाजवादी पार्टी 34.4 फीसदी वोट पाती दिख रही है। बसपा को 14.1 फीसदी तो कांग्रेस को 6.1 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। वहीं अन्य के खाते में 6.8 फीसदी वोट जा सकते हैं। ऐसा लग रहा है कि ज्यों-ज्यों चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है त्यों-त्यों भाजपा के प्रति वोटरों की नाराजगी कम होती जा रही है। इसकी एक वजह यह भी है कि योगी सरकार ने पिछले एक-डेढ़ वर्ष में जनता के लिए सरकारी खजाना पूरी तरह से खोल दिया है। वोटर नहीं चाहते हैं कि किसी और को वोट देकर वह इस खजाने का रूख किसी और तरफ मोड़ दें। खैर, पूरे प्रदेश के चुनाव की स्थितियों का अलग-अलग आकलन किया जाए तो सबसे दिलचस्प स्थिति पश्चिम यूपी की है। यहां समाजवादी पार्टी को फायदा है लेकिन बीजेपी भी ज्यादा पीछे नहीं नजर आ रही है। मतलब किसान आंदोलन और किसानों की नाराजगी के चलते बीजेपी को जितना नुकसान सोचा जा रहा था, उसे उतना नुकसान नहीं हो रहा है। सर्वे के मुताबिक, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 2017 के चुनाव के मुकाबले समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। लेकिन बीजेपी अब भी यहां सबसे अधिक सीटें जीतती दिख रही है। पश्चिमी यूपी की 97 सीटों में बीजेपी 57-60 जीत सकती है तो समाजवादी पार्टी 35-30 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। बसपा को यहां 0-1 और कांग्रेस को 1-2 सीटें मिलने की संभावना है। पश्चिम यूपी को लेकर सर्वे के नतीजे इसलिए भी दिलचस्प हैं, क्योंकि यूपी के इसी हिस्से में किसान आंदोलन का सबसे अधिक असर था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कृषि कानूनों की वापसी के बाद किसानों की नाराजगी पूरी तरह खत्म हो गई है। बुंदेलखंड में भी बीजेपी की स्थिति बेहतर नजर आ रही है। सर्वे के अनुसार बुंदेलखंड की करीब 18 सीटों में बीजेपी को 14-15 तो समाजवादी पार्टी को 3-5 सीटें मिलने का अनुमान है। बसपा को यहां पर एक सीट मिल सकती है तो कांग्रेस का यहां खाता खुलता नहीं दिख रहा है। इसी तरह से रुहेलखंड में बीजेपी 30-36 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है तो समाजवादी पार्टी के खाते में 17-18 सीटें जा सकती हैं। बीएसपी को 1-2 तो कांग्रेस को 1 सीट मिल सकती है। अवध क्षेत्र में बीजेपी 57-65 सीटें जीत सकती है तो समाजवादी पार्टी यहां 31-33 सीटों पर कब्जा कर सकती है। सर्वे के मुताबिक, बीएसपी को 3 सीटें मिल सकती है तो कांग्रेस 2-3 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। यहां 1 सीट अन्य के खाते में भी जा सकती है। मध्य यूपी की बात करें तो यहां की 35 सीटों में से बीजेपी को 17-21 सीटें, तो समाजवादी पार्टी को 12-13 सीटें मिल सकती है। बीएसपी एवं कांग्रेस और अन्य के खाते में 0-1 सीटें रह सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद पूर्वांचल से भी समाजवादी पार्टी को काफी उम्मीदे हैं। यहां कुल 102 विधानसभा सीटें हैं। पूर्वांचल की वाराणसी सीट से ही प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा चुनाव जीत कर जाते हैं। गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ है। यहां मोदी की प्रतिष्ठा सबसे अधिक दांव पर लगी है। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि बीजेपी यहां 49-58 सीटें जीत सकती है तो समाजवादी पार्टी भी यहां 39 से 45 सीटें जीतती दिख रही है। बीएसपी को यहां 5-6 सीटें मिल सकती हैं तो कांग्रेस का यहां भी खाता खुलता नहीं दिख रहा है। यूपी चुनाव में आप (आम आदमी पार्टी) और ओवैसी की पार्टी वोट कटवा ही नजर आ रही हैं। यह दोनों दल किसको कितना नुकसान पहुंचाएंगे इसका पता नतीजे आने के बाद चलेगा। इसी प्रकार से भीम आर्मी बसपा के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। बात आम आदमी पार्टी की कि जाए तो उसके पास कोई ऐसा चेहरा ही नहीं है जिसे वह यूपी में सीएम के रूप में आगे कर सके। कहने को संजय सिंह की यूपी की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन उनकी स्वयं की ही छवि विवादों से घिरी है, इसके चलते आप को वह कोई खास फायदा नहीं पहुंचा पा रहे हैं। फिर भी फ्री की राजनीति करने में माहिर अरविंद केजरीवाल ने वोटरों को कई तरह के लालच जरूर दे रखे हैं।

राज्यों को केंद्र का निर्देश : बढ़ सकता है अस्पतालों पर दबाव
Published / 2022-01-10 12:53:31
राज्यों को केंद्र का निर्देश : बढ़ सकता है अस्पतालों पर दबाव

एबीएन डेस्क। देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह से नजर बनाए हुए है। सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सचिव राजेश भूषण ने इस संबंध में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि कोरोना के आ रहे मामलों में पांच से 10 प्रतिशत सक्रिय मामलों को अब तक अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है। साथ ही स्वास्थ्य सचिव ने चेताया कि कोरोना के मामले जिस प्रकार से लगातार बढ़ रहे हैं और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता तेजी से बदल सकती है। मंत्रालय ने कहा कि इस निगरानी के आधार पर स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकता और उनकी उपलब्धता की दैनिक आधार पर समीक्षा की जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में देखभाल की जरूरत वाले सक्रिय मामलों का प्रतिशत 20-23 प्रतिशत के बीच था। मंत्रालय ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना के मामलों में वृद्धि ओमिक्रोन वैरिएंट के साथ-साथ डेल्टा के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। इस संबंध में राज्यों और केंद्र शासितप्रदेशों को कोविड प्रबंधन व मानव संसाधन को लेकर विशेष रूप से स्वास्थ्य कर्मियों को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। भूषण ने कहा कि कोरोना के मौजूदा उछाल में पांच से 10 प्रतिशत सक्रिय मामलों में अब तक अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है। यह स्थिति तेजी से और बढ़ रही है। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता भी तेजी से बदल सकती है। बता दें कि देशभर में कोरोना के मामले रिकार्ड स्तर पर दर्ज किए जा रहे हैं। बीते 24 घंटों के अंदर देश में कोरोना के 1 लाख 79 हजार 723 (1,79,723) नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 46,569 मरीज कोरोना से रिकवर भी हुए हैं। कोरोना के चलते पिछले 24 घंटों के अंदर 146 लोगों की मौत हुई है।

श्रम मंत्रालय ने जारी किए दूसरी तिमाही के रोजगार आंकड़े, दो लाख लोगों को नौकरियां मिलीं
Published / 2022-01-10 10:23:34
श्रम मंत्रालय ने जारी किए दूसरी तिमाही के रोजगार आंकड़े, दो लाख लोगों को नौकरियां मिलीं

एबीएन डेस्क। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2021 के दौरान दो लाख लोगों को नौकरियां मिली हैं। केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने अपने तिमाही सर्वे की रिपोर्ट में यह दावा किया है। श्रम मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी तिमाही रोजगार सर्वेक्षण के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2021 तिमाही में नौ चुनिंदा क्षेत्रों द्वारा उत्पन्न कुल रोजगार 3.10 करोड़ था, जो अप्रैल-जून की तिमाही की तुलना में दो लाख ज्यादा है। केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल-जून तिमाही में नौ चुनिंदा सेक्टरों में कुल रोजगार की संख्या 3.08 करोड़ थी। यह जुलाई से सितंबर की तिमाही में दो लाख बढ़कर 3.10 करोड़ हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बढ़ोतरी साबित करती है कि अप्रैल 2021 में दूसरी कोरोना लहर के दौरान लगाई गई पाबंदियां हटाए जाने के बाद आर्थिक गतिविधियों में सुधार आया है। ये नौ क्षेत्र हैं-मैन्यूफेक्चरिंग, निर्माण, व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रेस्टॉरेंट, आईटी-बीपीओ और वित्तीय सेवाएं। इनमें गैर कृषि क्षेत्र से जुड़े अधिकांश संस्थान शामिल हैं। यह इस श्रृंखला की दूसरी रिपोर्ट है। पहली रिपोर्ट अप्रैल-जून 2021 तिमाही के लिए थी। इसमें 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान शामिल हैं। रिपोर्ट जारी करते हुए केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि इन अध्ययनों से सरकार को मदद मिलेगी। यादव ने उम्मीद जताई कि भारत कोरोना की तीसरी लहर से भी जल्द उबर जाएगा।

तमिलनाडु : लॉकडाउन से पहले एक दिन में बिकी 210 करोड़ की शराब
Published / 2022-01-10 08:34:20
तमिलनाडु : लॉकडाउन से पहले एक दिन में बिकी 210 करोड़ की शराब

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना का कहर एक बार फिर से देश में जारी हैं। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना के नए मामलों की संख्या एक लाख के पार पहुंच रही हैं। जिसे देखते हुए की राज्य सरकारें अलर्ट मोड पर है। सबसे ज्यादा बिगड़े हालात राजधानी दिल्ली और महाराष्ट्र के हैं। इस बीच जहां दिल्ली सरकार ने वीकेंड लाॅकडाउन लगा दिया है वहीं अब इसी कड़ी में तमिलनाडु सरकार ने भी पिछले सप्ताह कुछ नई पाबंदियों का ऐलान किया। इनमें नाईट कर्फ्यू और रविवार को लॉकडाउन शामिल है। इस फैसले का ऐलान होने के बाद यहां को लोगों में कोरोना को लेकर नहीं ब्लकि शराब को लेकर ज्यादा टेंशन है। दरअसल, शनिवार को लोगों ने शराब खरीदने का रिकॉर्ड बना दिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के लोगों ने अकेले शनिवार को 210 करोड़ रुपए की शराब की खरीदारी कर डाली। बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण पिछले सप्ताह गुरुवार को पाबंदियों का ऐलान किया था। राज्य सरकार ने रात के 10 बजे से सुबह के 5 बजे तक नाईट कर्फ्यू लगाया है. इसके अलावा हर रविवार को कंप्लीट लॉकडाउन का भी ऐलान किया गया है। इतना ही नहीं राज्य में 9वीं तक के स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं। राज्य में शराब की बिक्री करने वाले सरकारी विभाग तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन के अनुसार, रविवार के लॉकडाउन से ऐन पहले शनिवार को करीब 210 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री हुई। रविवार को दुकानें बंद रहने के चलते इस बार लोगों ने शनिवार को ही स्टॉक जमा कर लिया।

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