एबीएन डेस्क। राजमहल रेलवे स्टेशन पर बैक करने के दौरान शुक्रवार को बोल्डर लदी मालगाड़ी बेपटरी हो गई। गनीमत रही कि लोहे के ब्रेकर के चलते बड़ा हादसा टल गया। इधर अनुमंडल प्रशासन ने रेलवे को अविलंब रैक लोड कर जगह को खाली कराने का निर्देश दिया है। बता दें कि रेलवे द्वारा स्वीकृति के बाद लगभग 59 वैगन बोल्डर राजमहल से बांग्लादेश के दर्शना भेजा जा रहा था। इसके चलते बांग्लादेश के दर्शना भेजने के लिए गुरुवार को यहां एक रैक में बोल्डर लोड किया गया था। शुक्रवार को ट्रैक बदलने के लिए मालगाड़ी को बैक किया जा रहा था। इसी क्रम में सबसे पीछे का वैगन पटरी समाप्त होने के स्थान पर लगाए गए लोहे के ब्रेकर से टकरा कर बेपटरी हो गया। गनीमत रही कि चालक ने ब्रेक लगाकर गाड़ी को तुरंत रोक लिया। इधर, घटना की सूचना मिलने पर एसडीओ रोशन कुमार साह और एसडीपीओ अरविद कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अविलंब मेला क्षेत्र से सभी अवरोधकों को हटाने का निर्देश दिया। आसपास के लोगों ने बताया गया कि यदि ब्रेकर नहीं रहता तो निश्चय ही मालगाड़ी का पिछला हिस्सा मात्र आठ-दस फीट दूर स्थित मुख्य मार्ग एनएच 80 की ओर बनी चाहरदीवारी को तोड़ देता। इससे मार्ग में आवागमन कर रहे राहगीर या वाहन उसके चपेट में आ सकते थे। इधर, राजकीय माघी पूर्णिमा मेला के नजदीक होने और श्रद्धालुओं के भारी भीड़ के आगमन को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन द्वारा अविलंब रैक लोड कर जगह को खाली कराने का निर्देश रेल प्रबंधन एवं स्टोन वेंडर को दिया है। स्टेशन अधीक्षक उत्तम कुमार ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को दे दी गई है। बेपटरी हुई मालगाड़ी को पुन: पटरी पर ला दिया गया है तथा 24 घंटे में सभी स्टोन को वैगन में लोड कर डिस्पैच कर दिया जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर में आतंकी वारदतें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के निशात पार्क में आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला किया। इस हमले 4 जवानों के घायल होने की खबर हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच खबर मिली है कि इस कायराना हरकत में जम्मू कश्मीर पुलिस के एसपीओ शहीद हो गए हैं। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की तलाश में पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है और उनके खिलाफ तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि, निशात पार्क के पास आतंकवादियों ने नाका पार्टी पर ग्रेनेड फेंका। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी को जवाबी कार्रवाई करते समय अपनी जान गंवानी पड़ी है। हमले में सेना के 4 जवान घायल हैं। घायलों में 1 सीमा सुरक्षाबल के जवान और 3 पुलिसकर्मी हैं। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2021 के बाद से बांदीपोरा शहर में पुलिस पर ऐसा यह दूसरा हमला है। गत 10 दिसंबर को बांदीपोरा के गुलशन चौक पर एक आतंकवादी हमले में सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल मोहम्मद सुल्तान और कांस्टेबल फैयाज अहमद शहीद हो गए थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय सेना को साइबर क्षेत्र के खतरों का इल्म है और उसने इन खतरों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं में सुधार के वास्ते कई कदम उठाए हैं। जनरल नरवणे ने ऑनलाइन कार्यक्रम में हैकेथॉन के विजेताओं को सम्मानित करते हुए यह बात कही। सेना ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग में दक्षता और विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के लिए महू में "मिलेट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग" (एमसीटीई) में अपने तरह का पहला हैकेथॉन आयोजित किया गया था। "सैन्य रणक्षेत्रम" नामक इस कार्यक्रम को एक अक्टूबर से 31 दिसंबर के बीच आयोजित किया गया, जिसमें 15,000 लोगों ने हिस्सा लिया। सेना ने एक बयान में कहा कि सेना प्रमुख ने कहा, देश के समक्ष आज जो अहम चुनौतियां हैं उनमें से एक है साइबर खतरा और इस बात को ध्यान में रखते हुए सेना इन खतरों के प्रति सजग है और उसने इनसे निपटने के लिए अपनी क्षमताओं में सुधार के वास्ते कई कदम उठाए हैं।
एबीएन डेस्क। कोरोना संक्रमण को लेकर अब राष्ट्रीय स्तर पर एक मिलीजुली तस्वीर देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय स्तर पर जहां एक ओर कोरोना के नए मामलों में गिरावट आ रही है, वहीं देश के 141 जिलों में कोरोना संक्रमण की दर 10 फीसदी से अधिक है। इतना ही नहीं 39 जिलों में हर दिन संक्रमण बढ़ रहा है। केरल समेत कई जैसे राज्यों के हालात चिंताजनक हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को बताया कि 141 जिलों में कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक दर्ज की गई है। वहीं 160 जिलों में संक्रमण अभी भी पांच से 10 फीसदी के बीच है। केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में अभी भी सक्रिय मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मिजोरम, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के हालात भी चिंताजनक हैं। उन्होंने बताया कि देश में 96 फीसदी वयस्क आबादी को पहली खुराक दी गई है। इनमें से 78 फीसदी आबादी को टीके की दोनों खुराक दी जा चुकी है। इसके अलावा 15 से 18 वर्ष के 69 फीसदी किशोरों को पहली और 14 फीसदी को दोनों खुराक दी जा चुकी है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने एहतियाती खुराक को लेकर लोगों से अपील की है कि जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है और जिन्हें पहले से कोई न कोई बीमारी है उन्हें एहतियाती खुराक के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि संक्रमण का जोखिम इस वर्ग के लिए अभी भी बना हुआ है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए गुरुवार शाम को मतदान संपन्न हो गया। पहले चरण में 73 महिलाओं सहित 623 उम्मीदवारों के भाग्य पर मुहर लग गई। 11 जिलों के 58 विधानसभा क्षेत्रों के कुल 2.27 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पहले चरण का मतदान प्रतिशत चौंकाने वाला रहा है। शामली जिले में सबसे ज्यादा 66 फीसदी मतदान हुआ है, इस जिले में कैराना सीट आती है जहां से सपा प्रमुख अखिलेश यादव उम्मीदवार हैं वहीं, तो गाजियाबाद में सबसे कम 52 फीसदी से थोड़ा ज्यादा वोटिंग हुई। उत्तर प्रदेश की 58 विधानसभा सीटों के लिए 623 उम्मीदवारों का भाग्य मतदान पेटी में कैद हो गया। चुनाव आयोग (ईसी) के अधिकारियों के अनुसार, मतदान का समय शाम 6 बजे तक था, लेकिन पहले से ही कतार में लगे मतदाताओं को समापन समय के बाद मतदान करने की अनुमति दी गई थी। पहले चरण में शाम 6 बजे तक 60.31 फीसदी मतदान हुआ। जिसमें शामली जिला सबसे अव्वल रहा। जबकि गाजियाबाद में सबसे कम वोटिंग रिकॉर्ड हुई।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना वायरस की वजह से देश में मृत पैदा हुए शिशुओं की संख्या तीन गुना तक बढ़ी है। वहीं इस महामारी ने अस्थानिक गर्भावस्था जैसे चिकित्सीय जोखिम को भी बढ़ाया है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन का सुरक्षा कवच देने में अधिकांश राज्यों का सुस्त रवैया देखने को मिला है। आंकड़े बता रहे हैं कि गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण में मध्य प्रदेश सबसे आगे है। अब तक यहां 89.22 फीसदी महिलाओं को वैक्सीन की दोनों खुराक देकर टीकाकरण पूरा भी कर लिया गया है, लेकिन दूसरी और उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य इसमें सबसे पीछे हैं। उत्तर प्रदेश में 33.65 तो बिहार में 42 76.56 फीसदी टीकाकरण पूरा हुआ। फीसदी गर्भवती महिलाओं का टोकाकरण पूरा हो पाया है। देश में अब तक 28,22459 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हुआ है। इन तीन राज्यों में सबसे अधिक टीकाकरण : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को रिपोर्ट बताती है कि मध्य प्रदेश में कुल पंजीकृत 3,61,613 गर्भवती महिलाओं में से 3,22,640 का टीकाकरण पूरा हुआ है। इसी तरह तमिलनाडु में 2,45,827 में से 1,65,331, ओडिशा की 1,95,310 में से 1,27,001 महिलाओं को टीके लगाए गए हैं। हिमाचल में 71.12% और जम्मू-कश्मीर में 76.56% टीकाकरण हुआ है। राजस्थान में 55.21% और हरियाणा में 55.45% महिलाओं को सुरक्षा कवच मिला है।
एबीएन हेल्थ डेस्क। कोरोना महामारी के विरुद्ध संघर्ष में देश में एक करोड़ किशोरों को कोविड के दोनों टीके दिये जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को यहां एक ट्वीट में बताया कि 15 से 18 वर्ष की आयु की आबादी का कोविड टीकाकरण पूरा हो गया है। उन्होेंने कहा, एक करोड़ से अधिक 15-18 आयुवर्ग के बच्चों को लगी कोविड वैक्सीन की दोनों डोज। देश में किशोरों का कोविड टीकाकरण तीन जनवरी 2022 से शुरू किया गया था। इस वर्ग को कोवैक्सिन का कोविड टीका दिया जा रहा है। देश में किशोर आबादी लगभग साढ़े सात करोड़ है जिसमें से पांच करोड़ से अधिक किशोरों को कोविड टीके पहली खुराक दी जा चुकी है। देश भर में 170.87 करोड़ कोरोना टीके लगे : देश भर में पिछले 24 घंटे में 53 लाख से अधिक कोविड टीके लगाये गये हैं। इसके साथ ही कुल टीकाकरण 170.87 करोड़ से अधिक हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को यहां बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में 53 लाख 61 हजार 99 कोविड टीके लगाये गये हैं। इसके साथ ही आज सुबह सात बजे तक 170 करोड़ 87 लाख छह हजार 705 कोविड टीके दिये जा चुके हैं। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कोविड संक्रमण के 71,365 नये मरीज सामने आये हैं। इनके साथ ही देश में कोरोना रोगियों की संख्या आठ लाख 92 हजार 828 हो गयी है। यह संक्रमित मामलों का 2.11 प्रतिशत है। दैनिक संक्रमण दर 7.57 प्रतिशत हो गयी है।मंत्रालय ने बताया कि इसी अवधि में एक लाख 72 हजार 211 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। अभी तक कुल चार करोड़ 10 लाख 12 हजार 869 लोग कोविड से उबर चुके हैं। स्वस्थ होने की दर 96.70 प्रतिशत है। देश में पिछले 24 घंटे में 15 लाख 71 हजार 726 कोविड परीक्षण किए गये हैं। इसके साथ ही कुल परीक्षणों की संख्या बढ़कर 74 करोड़ 46 लाख 84 हजार 750 हो गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने सर्च अभियान चला। दरअसल, मंगलवार रात लगभग 12:50 बजे पंजग्रेन में बीएसएफ जवानों ने पाकिस्तान के ओर से ड्रोन के आने की आवाज सुनी। इसके बाद जवानों ने ड्रोन पर फायरिंग की। इस दौरान ड्रोन वहां पर पीले रंग के दो पैकेट गिरा गया। बीएसएफ जवानों ने ग्राम घग्गर और सिंघोक में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अब तक संदिग्ध मादक पदार्थ के साथ पीले रंग के दो पैकेट मिले हैं। यह जानकारी बीएसएफ ने दी है। तीन फरवरी को बीएसएफ ने मार गिराया था घुसपैठिया : इससे पहले तीन फरवरी को पंजाब के तरनतारन में पाकिस्तानी नागरिक ने घुसपैठ की कोशिश की थी। वह सीमा सुरक्षा बल के जवानों की चेतावनी पर भी नहीं रुका। इसके बाद जवानों ने भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे घुसपैठिये को गोली से ढेर कर दिया था। पाक घुसपैठिया बीएसएफ की बीओपी (चौकी) करनैल सिंह वाला के नजदीक खालड़ा से सरहद पार कर भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर रहा था। मृतक के पास से पाकिस्तानी मुद्रा भी बरामद हुई थी। पाकिस्तानी तस्कर ड्रोन व अन्य माध्यमों से हेरोइन व असलहे की खेप भारतीय तस्करों तक पहुंचाते हैं। कुछ दिनों पहले गुरदासपुर से सटी भारत-पाकिस्तान सरहद से भारी मात्रा में हेरोइन व असलहा की खेप बीएसएफ ने पकड़ी थी। इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में पाक से हेरोइन और असलहा पंजाब पहुंचाया जा रहा है। पाक तस्कर ड्रोन के जरिये भी असलहा पहुंचा रहे हैं। 28 जनवरी को फिरोजपुर के हुसैनीवाला बार्डर से सटे गांव भाने वाला और हजारा सिंह वाला में पाक ड्रोन दिखे थे और बीएसएफ ने उन पर फायरिंग भी की थी। ऐसी वारदातों को देख सरहद पर बीएसएफ की पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।
टीम एबीएन, धनबाद। मालगाड़ी में लोड कोयले में आग लगने से भीषण हादसा होते होते बचा है। मालगाड़ी के 6 वैगन में लोड कोयले में आग लगने से ये हादसा हुआ है। गार्ड की तत्परता की वजह से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। पारसनाथ स्टेशन पर मालगाड़ी की वैगन को खड़ी कर रेलकर्मी आवश्यक कार्रवाई में जुट गए हैं।
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