एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले एक दिन में कोरोना के 71,365 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,24,10,976 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 8,92,828 रह गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह 8 बजे जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में covid-19 से 1217 और लोगों की मौत के बाद, संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 5,05,279 हो गई। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 8,92,828 रह गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 2.11 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में covid-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,02,063 की कमी दर्ज की गयी। देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 96.70 प्रतिशत है।
टीम एबीएन, रांची। करमाटांड़ थाना क्षेत्र के अमराटांड़ गांव में सोमवार की रात साढ़े नौ बजे चार्ज के दौरान जोरदार आवाज के साथ इलेक्ट्रिक स्कूटी ब्लास्ट कर गई। इसके बाद स्कूटी से आग की लपटें और धुआं निकलने लगा। देखते-ही-देखते आग की लपटों ने खपरैल घर और घर के सामान को अपनी चपेट में ले लिया। इस संबंध में अमराटांड़ निवासी सफाउल मियां ने बताया कि स्कूटी ब्लास्ट होने के बाद आग लगने से करीब डेढ़ लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने बताया कि स्कूटी चार्ज में लगी थी। उसी समय अचानक जोरदार आवाज हुई। कहा कि शॉर्ट सर्किट या फिर किसी तकनीकी कारणों से आग लगी है। कहा कि छह माह पूर्व ही इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। घर के जेट पंप की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन अगलगी से डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अहमदाबाद में 2008 के सिलसिलेवार हुए बम धमाकों के मामले में मंगलवार को गुजरात की अदालत ने इस मामले में 49 आरोपियों को दोषी ठहराया और 28 को बरी कर दिया। यह मामला 26 जुलाई 2008 का है, जब अहमदाबाद नगर पालिका क्षेत्र में एक घंटे के भीतर 21 सीरियल ब्लास्ट हुए थे। इस धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस विस्फोट में 56 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। देश में इतने कम समय में इतने धमाके पहले कभी नहीं हुए थे। एक घंटे के अंदर अहमदाबाद में 21 धमाके हुए थे। पुलिस ने अहमदाबाद में 20 प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि सूरत में 15 अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जहां विभिन्न स्थानों से बम बरामद किए गए थे। अदालत द्वारा सभी 35 प्राथमिकी को मर्ज करने के बाद मुकदमा चलाया गया, क्योंकि पुलिस जांच में दावा किया गया था कि वे एक ही साजिश का हिस्सा थे। इस हमले के बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी आतंकियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। गुजरात के मौजूदा डीजीपी आशीष भाटिया के नेतृत्व में बेहतरीन अफसरों की टीम बनाई गई। विस्फोट के बाद तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह 27 तारीख को अहमदाबाद के दौरे पर आए थे। 19 दिन में पकड़े गए 30 आतंकी : मनमोहन सिंह के आने के बाद 28 जुलाई को गुजरात पुलिस की एक टीम बनाई गई और महज 19 दिनों में 30 आतंकियों को पकड़कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद बाकी आतंकी समय-समय पर पकड़े जाते रहे हैं। अहमदाबाद में हुए धमाकों से पहले इंडियन मुजाहिदीन की इसी टीम ने जयपुर और वाराणसी में धमाकों को अंजाम दिया था। देश के कई राज्यों की पुलिस इन्हें पकड़ने में लगी हुई थी, लेकिन ये एक के बाद एक ब्लास्ट करते चले गए। अहमदाबाद धमाकों के दूसरे दिन यानि 27 जुलाई को सूरत में सीरियल ब्लास्ट हुए, लेकिन टाइमर में गड़बड़ी की वजह से ये धमाके नहीं हो पाए। 78 आरोपितों का आरोप पत्र तैयार : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ माड्यूल के सबसे खूंखार अबू बशर को उप्र से गुजरात लाने के लिए गुजरात सरकार को स्पेशल एयरक्राफ्ट भेजना पड़ा। अहमदाबाद बम धमाकों और सूरत में विस्फोट की साजिश के मामले में अदालत आज फैसला सुनाएगी। इस पूरे मामले में अब तक 78 आरोपितों पर आरोप पत्र तैयार किया जा चुका है, जबकि 06 आरोपितों पर आरोप पत्र अभी तैयार होना बाकी है, जिसमें 02 आरोपियों की मौत हो चुकी है। 82 आतंकवादी सलाखों के पीछे हैं। 96 आतंकियों की पहचान की गई है। इनमें से 3 पाकिस्तान और 1 सीरिया भागने में सफल रहा था। कुल 51 लाख पेज की चार्जशीट है। 1163 गवाहों की गवाही को वैध रखा गया है। इसकी सुनवाई 2009 से रोजाना हो रही थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूपी विधानसभा के पहले चरण के चुनाव से पहले मंगलवार को भाजपा ने अपना घोषणा पत्र यानी जन कल्याण संकल्प पत्र जारी किया। भाजपा ने यूपी में सत्ता में आने पर किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और कॉलेज जाने वाली मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का वादा किया है। लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 में भाजपा ने प्रदेश के हर जिले में आधुनिक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं से युक्त मेडिकल कॉलेज स्थापित किये जाने का वादा किया। प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी सेवाएं एक निश्चित समय में प्राप्त हों, इसकी गारंटी देने वाला कानून लाया जाएगा। भाजपा ने लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022 में वादा किया गया है कि अयोध्या में श्रीराम से संबंधित संस्कृति, शास्त्रों एवं धार्मिक तथ्यों पर शोध के लिए रामायण विश्वविद्यालय को स्थापित किया जाएगा। जन कल्याण संकल्प पत्र की मुख्य बातें : -प्रदेश में 10 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य -उज्ज्वला योजना के तहत होली दिवाली पर दो एलपीजी सिलेंडर मुफ्त -60 साल से ऊपर की महिलाओं को फ्री बस यात्रा -प्रदेश के सभी नागरिकों को निश्चित अवधि में मिलेगी 339 सरकारी सुविधाएं -मेरठ, रामपुर, आजमगढ़, कानपुर, बहराइच में बनेंगे एंटी टेररिस्ट कमांडो सेंटर -अगले 5 सालों तक सभी किसानों को सिंचाई पर मुफ्त बिजली -गन्ना किसानों को 14 दिन के भीतर भुगतान -कन्या सुमंगला राशि बढ़ाकर 15000 से 25000 रुपये -सीमांत और छोटे किसानों के लिए दुगनी किसान सम्मान निधि -मेधावी छात्राओं को मिलेगी स्कूटी -मेधावी छात्रों को लैपटॉप -यूपीएससी समेत सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या होगी दोगुनी -लता मंगेशकर की स्मृति में बनेगी परफॉर्मिंग आर्ट्स एकेडमी -काशी, मेरठ, गोरखपुर, बरेली, झांसी, प्रयागराज में मेट्रो -वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाकर 1500 -प्राथमिक स्कूलों में टेबल बेंच की व्यवस्था -हर मण्डल में कम से कम एक विश्वविद्यालय -हर परिवार को कम से कम एक रोजगार -बहराइच में महाराजा सुहेलदेव की स्मृति में भव्य स्मारक -एम्बुलेंस और एमबीबीएस की सीटों को दोगुना करेंगे -लव जिहाद रोकने के लिए दस साल की सजा और एक लाख का जुर्माने का प्रावधान -मां अन्नपूर्णा कैंटीन बनाकर गरीबों को सस्ता खाना देंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जेल में बंद माफिया डॉन बृजेश सिंह स्थानीय निकायों के माध्यम से चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के रूप में फिर से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट और चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा कि बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण कुमार (निर्दलीय), अन्नपूर्णा सिंह उर्फ पूनम सिंह (निर्दलीय) और लोक दल के जयराम पांडे के नाम पर फॉर्म खरीदे गए है। बृजेश ने 2016 में यह चुनाव जीता था। उनसे पहले उनकी पत्नी अन्नपूर्णा इसी सीट पर एमएलसी थीं। बृजेश सिंह को जनवरी 2008 में ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में है। गाजीपुर जिले के एक अन्य माफिया और निर्दलीय विधायक मुख्तार अंसारी के गिरोह के सदस्यों के साथ मुठभेड़ में घायल होने के बाद से बृजेश 2001 से फरार था। बृजेश को भारतीय जनता पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं के करीबी कहा जाता है और ठाकुरों की राजनीति में उनका काफी दबदबा है। उनके भाई चुलबुल सिंह राज्य विधानमंडल के उच्च सदन में भाजपा एमएलसी थे और उनके भतीजे सुशील सिंह भाजपा विधायक हैं। एमएलसी चुनाव तीन मार्च को होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सपा सांसद आजम खान को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री आजम खान की चुनाव प्रचार में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत देने की गुहार वाली याचिका खारिज कर दी। श्री खान ने अपनी याचिका में राज्य की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया था कि वह उनसे संबंधित अदालती मामलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में जानबूझकर देरी कर रही है। इसी वजह से उन्हे अंतरिम जमानत के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। श्री खान ने आरोप लगाया कि राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार का मुकदमों की कानूनी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाने के पीछे का मकसद उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों में भाग लेने से रोकना है। खान ने जनवरी में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उन पर राज्य में कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं तथा वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए मंगलवार को कहा कि विपक्षी पार्टी एक तरह से शहरी नक्सलियों के नियंत्रण में आ गयी है तथा लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा परिवारवादी पार्टियों से है। उन्होंने विपक्षी पार्टी को सुझाव दिया कि वह अपना नाम इंडियन नेशनल कांग्रेस से बदलकर फेडरेशन आॅफ कांग्रेस कर ले। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिये बिना उनके इस बात पर प्रहार करते हुए कही कि भारत राष्ट्र नहीं है और यह राज्यों का संघ है। राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने लोकतंत्र पर खतरे की बात कही लेकिन वह यह भूल गए कि यह लोकतंत्र उनकी मेहरबानी से नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरह से शहरी (अर्बन) नक्सलियों के कब्जे में है और वे उसके विचारों एवं विचारधारा को नियंत्रित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की बातों का कांग्रेस ने कड़ा प्रतिकार किया और फिर सदन से बहिर्गमन किया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि देश में आपातकाल थोंपने वालों को और लोकतंत्र का गला घोटने वाले को लोकतंत्र पर उपदेश देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और दुनिया में इसकी चर्चा होती है लेकिन कांग्रेस की कठिनाई है कि परिवारवाद के आगे उन्होंने कुछ सोचा ही नहीं...भारत के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा परिवारवादी पार्टियों से है, यह मानना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी पार्टी में कोई एक परिवार सर्वोपरि हो जाता है तो इसका सबसे पहला नुकसान प्रतिभा का होती है। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपने-अपने राजनीतिक दलों में लोकतांत्रिक आदर्शों व मूल्यों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की सबसे पुरानी पार्टी के रूप में कांग्रेस को तो इसकी जिम्मेवारी जरूर उठानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस को विलुप्त करने की बात कही थी और ऐसा हो गया होता तो दशकों तक देश को विभिन्न समस्याओं से दो-चार ना होना पड़ता। उन्होंने कहा कि अगर महात्मा गांधी की इच्छा के अनुसार कांग्रेस ना होती तो लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता है और भारत विदेशी के बजाए स्वदेशी संकल्पों के रास्ते पर चलता। आपालकाल को लेकर किया तंज : उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ना होती तो आपातकाल का कलंक ना होता...अगर कांग्रेस ना होती तो दशकों तक भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाकर नहीं रखा जाता... अगर कांग्रेस ना होती तो जातिवाद और क्षेत्रवाद की खाई इतनी गहरी ना होती... अगर कांग्रेस ना होती तो सिखों का नरसंहार ना होता... सालों साल पंजाब आतंकवाद की आग में जलता...कश्मीर के पंडितों को कश्मीर छोड़ने की नौबत ना आती है... अगर कांग्रेस ना होती तो बेटियों को तंदूर में जलाने की घटनाएं ना होती... अगर कांग्रेस ना होती देश के सामान्य जन को सड़क, बिजली, पानी और शौचालय की मूलभूत सुविधाओं के लिए इतने सालों तक इंतजार करना पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस जब तक सत्ता में रही तो उसने देश का विकास नहीं होने दिया और आज जब विपक्ष में है तो वह देश के विकास में बाधा डाल रही है।
टीम एबीएन, रांची। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सोमवार को कहा है कि लोगों को वित्तीय सेवाओं तक अधिक और आसान पहुंच मिलने से भारत में डिजिटलीकरण बढ़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के वित्तीय व्यवहार में बदलाव आया और वे नकद की जगह ई-वॉलेट तथा यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुमार ने "नीति आयोग के फिनटेक मुक्त शिखर सम्मेलन" को संबोधित करते हुए कहा कि फिनटेक के उदय ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि अधिक न्यायसंगत, समृद्ध और वित्तीय रूप से समावेशी भारत बनाने के लिए डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। कुमार ने कहा, भारत में डिजिटलीकरण बढ़ रहा है और लोगों की वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच हो रही है। इससे उपभोक्ताओं के वित्तीय व्यवहार में बदलाव आया है। अब वे नकद की जगह ई-वॉलेट और यूपीआई को अपना रहे हैं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक और अन्य क्षेत्रों के लिए कोविन और यूपीआई जैसे खुले मंच बनाने में भरोसा करती हैं। वैष्णव ने कहा कि सार्वजनिक निवेश के जरिये एक खुला मंच बनाया गया है, जिससे कई निजी उद्यमी, स्टार्टअप और डेवलपर्स नए समाधान बनाने के लिए जुड़ सकते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन पर उनकी छोटी बहन आशा भोंसले बेहद भावुक है। लता मंगेशकर के निधन के बाद लोग उनकी पुरानी यादों को ताजा कर रहे हैं।लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोसले उनको यादकर भावुक हो गई हैं। आशा भोसले ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर शेयर की है। आशा भोसले ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक थ्रोबैक फोटो शेयर किया है। इस ब्लैक एंड वाइट फोटो में आशा भोसले और लता मंगेशकर कैमरे के सामने देख रहे हैं। जहां आशा भोसले बैठी हैं तो लता मंगेशकर खड़ी हुई नजर आ रही हैं। दोनों बहनों के चेहरे पर मासूमियत झलक दिख रही है। आशा भोसले ने कैप्शन में लिखा है, बचपन के दिन भी क्या दिन थे। दीदी और मैं। इसके साथ उन्होंने हार्ट इमोजी भी बनाया है।
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