Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन

देश

View All
दिल्ली : अब बंद हो जायेंगे शराब के निजी ठेके, खुलेंगी 300 सरकारी दुकानें
Published / 2022-08-31 08:38:57
दिल्ली : अब बंद हो जायेंगे शराब के निजी ठेके, खुलेंगी 300 सरकारी दुकानें

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी में शराब की निजी दुकानों की जगह अब दिल्ली सरकार के 300 से अधिक विक्रय केंद्र लेंगे। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि आबकारी नीति 2021-22 की जगह अब पुरानी व्यवस्था बहाल हो रही है और यह बदलाव बृहस्पतिवार से प्रभाव में आयेगा। दिल्ली में करीब 250 निजी शराब विक्रेताओं के ठेके अभी संचालित हो रहे हैं जिन्हें अब वापस ली जा चुकी आबकारी नीति 2021-22 के तहत लाइसेंस दिए गए थे। आबकारी अधिकारियों ने कहा कि अधिक ठेकों के खुलने से सितंबर के पहले हफ्ते से शराब की आपूर्ति में सुधार आयेगा। दिल्ली के एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने कहा, अभी करीब 250 निजी ठेके हैं जिनका स्थान 300 से अधिक सरकारी विक्रय केंद्र लेंगे। आने वाले दिनों में ठेकों की संख्या बढ़ेगी क्योंकि दिल्ली सरकार की 500 ऐसी दुकान खोलने की योजना है। आबकारी विभाग का एक मोबाइल ऐप भी सितंबर से शुरू हो जायेगा जिसमें उपभोक्ताओं को उनके आसपास ठेकों की जगह और उनके खुलने एवं बंद होने के समय की जानकारी दी जायेगी।

कांग्रेस को झटके पर झटका... गुलाम नबी आजाद के समर्थन में 64 नेताओं ने दिया इस्तीफा
Published / 2022-08-30 18:54:31
कांग्रेस को झटके पर झटका... गुलाम नबी आजाद के समर्थन में 64 नेताओं ने दिया इस्तीफा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस से अपना दशकों पुराना रिश्ता खत्म कर दिया है। अपने पत्र में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। गुलाम नबी अब खुद की पार्टी तैयार करने वाला हैं। ऐसे में जिस दिन उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ा तो उनके साथ जम्मू-कश्मीर के कई पूर्व विधायक और मंत्रियों ने भी पार्टी को झटका देते हुए अपना इस्तीफा दे दिया। वहीं अब गुलाम नबी आजाद के पार्टी के जाने के बाद जम्मू कश्मीर में कांग्रेस पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। गुलाम नबी आजाद के समर्थन में पूर्व डिप्टी सीएम तारा चंद सहित जम्मू-कश्मीर के 64 कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में पूर्व उप मुख्यमंत्री तारा चंद, पूर्व मंत्री माजिद वानी, घारू चौधरी, मनोहर लाल शर्मा, पूर्व विधायक बलवान सिंह, जम्मू कश्मीर कांग्रेस के सचिव नरिंदर शर्मा और महासचिव गौरव मगोत्रा का नाम शामिल हैं। कांग्रेस आलाकमान की कार्यशैली से लंबे वक्त से खफा चल रहे गुलाम नबी आजाद ने आखिरकार पिछले हफ्ते पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया था। आजाद कांग्रेस के नाराज नेताओं के जी-23 गुट के हिस्सा थे। जो पार्टी के अंदर लगातार कई बदलाव की मांग करते आ रहे थे। वहीं गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफा देने के बाद ऐलान किया कि वह जम्मू कश्मीर में नई पार्टी का गठन करेंगे और विधानसभा चुनाव में लड़ेंगे। साथ ही कहा था कि वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे।

18-56 साल के लोगों में बस 12% लोगों ने ही लिया है बूस्टर डोज
Published / 2022-08-30 18:35:19
18-56 साल के लोगों में बस 12% लोगों ने ही लिया है बूस्टर डोज

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में 18-56 साल के उम्र वर्ग के 77 करोड़ पात्र लोगों में से अबतक करीब 12 फीसद ने कोविड-19 टीके की एहतियाती खुराक ली है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इनके अलावा 60 साल या उससे अधिक उम्र के 16.80 करोड़ लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं अग्रिम मोर्चा कर्मियों में 35 फीसद को एहतियाती खुराक दी गयी है। 18-59 वर्ष आयु वर्ग में 8 प्रतिशत का टीकाकरण आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अबतक 15.66 करोड़ एहतियाती खुराक दी गयी है, जिनमें से 10.39 करोड़ खुराक कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव शुरू किये जाने के बाद 15 जुलाई से अबतक दी गयी है। उनके मुताबिक 14 जुलाई तक 18-59 साल उम्रवर्ग के 64,89,99,721 पात्र लोगों में से आठ फीसद को एहतियाती खुराक दी गयी थी। उनके अनुसार 15 जुलाई को शुरू हुए अभियान के तहत राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने 9,28,598 विशेष टीकाकरण शिविर लगाये। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर 4,259, बस स्टेशनों पर 9,183, हवाई अड्डों पर 370, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 1,16,675, धार्मिक स्थलों के मार्ग में 3,522 तथा अन्य स्थानों पर 7,94,589 शिविर लगाये गये। उनका कहना है कि 15 जुलाई से कोविशील्ड की 10,16,78,376, कोवैक्सीन की 1,68,14,771 तथा कोर्बेवैक्स की 85,03,008 खुराक दी गयी। 92 फीसद पूर्ण टीककरण हो चुका : सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त एहतियाती खुराक लगाने के लिए 15 जुलाई को 75 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू किया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार देश की वयस्क जनसंख्या में 98 फीसद को कोविड-19 की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है जबकि 92 फीसद पूर्ण टीककरण हो चुका है।

पार्टी से इस्तीफे के बाद खुले आजाद- कांग्रेस का गर्त में जाना तय...
Published / 2022-08-29 16:30:20
पार्टी से इस्तीफे के बाद खुले आजाद- कांग्रेस का गर्त में जाना तय...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के पूर्व नेता पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद पिछले शुक्रवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। सोमवार को उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर बात करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को जमकर लताड़ा। अपने इस्तीफे पर बात करते हुए उन्होंने कहा, उन्होंने खुद से पार्टी नहीं छोड़ा है, घरवाले (कांग्रेस) ने उन्हें मजबूर किया था। उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके चापलूसों ने प्रधानमंत्री मोदी की कांग्रेस मुक्त भारत का सपना पूरा करने में भरपूर सहयोग किया है। एक समय की देश की सबसे पार्टी आज अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा क्या हो गया कि अब कांग्रेस अस्तित्वविहीन हो गई है? उन्होंने आगे राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरे लोकसभा में मोदी जी से गले मिले और अब उसे स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कांग्रेस की बर्बादी का ठीकरा राहुल गांधी पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के चपलूसों की उन्न्नति दिन प्रतिदिन हो रही है और कांग्रेस के अनुभवी नेताओं को दरकिनार किया जाता रहा। ऐसे में पार्टी का गर्त में जाना तो तय है। आजाद ने बताया कि 2001 गुजरात दंगा के समय गुजरात के तत्कालीन सीएम, वर्तमान पीएम मोदी का फोन आया था। उन्होंने फोन पर ट्रेन में हुए अमानवीय घटना के बारे में बताया था, किसी का पैर और हाथ नहीं मिल रहे थे। इस घटना पर हम फुट कर रोये थे। और अब जब हम दुबारा मिले थे तो गुजरात की घटना को याद करके रोये थे। पर मेरी मानवीयता उन्हें (कांग्रेस) को पसंद नहीं आई। उन्होंने मुझे और कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता को दरकिनार करने में लग गये।

पाकिस्तान में बाढ़ से तबाही पर पीएम मोदी ने जताया दुख
Published / 2022-08-29 16:21:25
पाकिस्तान में बाढ़ से तबाही पर पीएम मोदी ने जताया दुख

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वह पाकिस्तान में बाढ़ से हुई तबाही को देखकर दुखी हैं। उन्होंने पड़ोसी देश में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद जताई। पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या सोमवार को 1,100 के करीब पहुंच गई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने संकट से निपटने के लिए सहायता की अपील की है। बाढ़ से देश की लगभग 3 करोड़ 30 लाख आबादी विस्थापित हुई है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, पाकिस्तान में बाढ़ से हुई तबाही को देखकर दुख हुआ। हम पीड़ितों, घायलों और इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सभी लोगों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं और जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद करते हैं। पाकिस्तान में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मुख्य संगठन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सोमवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार बाढ़ के चलते कम से कम 1,061 लोगों की मौत हुई है और 1,575 लोग घायल हुए हैं। वहीं आर्थिक संकट से जूझ रही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सरकार की अपील के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता पहुंचने लगी है। बाढ़ की विभीषिका का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि 3।3 करोड़ लोगों को यानी देश की कुल आबादी के करीब सातवें हिस्सा को विस्थापित होना पड़ा है।

लद्दाख सीमा पर बाज नहीं आ रही चीनी सेना, एलएसी पर भारतीय चरवाहों को रोका
Published / 2022-08-29 16:20:54
लद्दाख सीमा पर बाज नहीं आ रही चीनी सेना, एलएसी पर भारतीय चरवाहों को रोका

एबीएन सेंट्रल डेस्क। लद्दाख में भारत और चीन के बीच विवाद जारी है। अब एलएसी के पास देमचोक में चीनी सैनिकों के भारतीय चरवाहों को रोकने का मामला सामने आया है। ये मामला 21 अगस्त का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना देमचोक के पास मौजूद चरागाह की है। इसके बाद भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच 26 अगस्त को इस मामले को लेकर बैठक भी हुई थी। दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई बैठक में ही मामले को सुलझा लिया गया है। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में विवाद की शुरूआत अप्रैल-मई 2020 में हुई थी। इसके बाद गलवान में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन को भी इस झड़प में भारी नुकसान पहुंचा था। हालांकि, काफी दिन बाद चीन ने चार सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की है। इस हिंसक झड़प के बाद से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर दोनों देशों ने जवानों की तैनाती में इजाफा किया। दोनों ओर से करीब 50-50 हजार सैनिक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा भारी संख्या में हथियारों की भी तैनाती की गई। हालांकि, कई दौर की बातचीत के बाद पिछले साल दोनों देशों ने पैंगोंग और गोगरा से अपनी सेनाओं को वापस ले लिया था। अप्रैल 2020 के बाद पूर्वी लद्दाख में कई स्थानों पर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बिना उकसावे के चीन की कार्रवाइयों की वजह से भारत के साथ उसके संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर हैं। ग्राउंड फोर्स के बीच कई समझौतों और मौजूदा व्यवस्था के बावजूद, 15 कोर कमांडर स्तर की वार्ता और राजनयिक व राजनीतिक स्तर पर बातचीत के बाद भी, न तो इस तरह की घुसपैठ को टाला जा सका और न ही उन्हें पूरी तरह से सुलझाया जा सका। भारत ने एलएसी के साथ-साथ अंदरूनी इलाकों में चीनी कार्रवाईयों का प्रभावी ढंग से जवाब दिया है। नतीजतन, दोनों पक्षों से इन इलाकों में 50,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है। इस तनातनी के कारण, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात हमारे रक्षा बलों के भरण-पोषण पर अत्यधिक खर्च होता है। तुलनात्मक रूप से चीन भी अपनी आवश्यकताओं के लिए बड़ा खर्च कर रहा है।

2025 तक दिल्ली में चलनेवाली करीब 80% बसें होंगी इलेक्ट्रिक
Published / 2022-08-29 15:05:40
2025 तक दिल्ली में चलनेवाली करीब 80% बसें होंगी इलेक्ट्रिक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली सरकार ई-बसें खरीदने पर जोर दे रही है। दिल्ली सरकार के बस बेड़े में ई-बसों की हिस्सेदारी 2025 तक बढ़कर 80 फीसदी तक हो सकती है। अभी यह हिस्सेदारी महज 3.4 फीसदी है। सरकार ने ई-वाहन नीति के तहत 2024 तक दिल्ली में कुल वाहनों में ई-वाहनों की हिस्सेदारी 25 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है। दो साल पहले यह नीति लागू होने के बाद खरीदी गई बसों में 24 फीसदी ई-बसें खरीदी गई। सरकार ने बुधवार को दिल्ली की सड़कों पर 97 ई-बसों को उतारा। इन बसों के साथ दिल्ली में कुल ई-बसों की संख्या बढकर 250 हो गई है। इस समय दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में करीब 7,373 बसें हैं। सरकार का लक्ष्य 2025 बसों की संख्या बढाकर 10 हजार से अधिक करने का है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज 97 लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें और दिल्ली की सड़कों पर उतर रही हैं। इन्हें मिलाकर अब दिल्ली की सड़कों पर करीब 250 बसें चलेंगी। अगले माह 50 और बसें आएंगी। इसके साथ ही 1,500 और इलेक्ट्रिक बसों का आॅर्डर दिया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि नवंबर 2023 के अंत तक दिल्ली में कुल 1,800 इलेक्ट्रिक बसें हो जाएंगी। उसके बाद दिल्ली देश में ऐसा शहर हो जाएगा, जहां सबसे अधिक ई-बसें होंगी। इन 1,800 बसों के अलावा सरकार 6,380 ई-बसें और खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने कहा दिल्ली में वर्ष 2025 के अंत तक कुल बसों की संख्या 10,380 हो जाएंगी, जिसमें से 8,180 बसें इलेक्ट्रिक होंगी। इस तरह 2025 के अंत तक करीब 80 फीसदी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। आज दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर को मिलाकर 7,373 बसें चल रही हैं। अभी तक के दिल्ली के इतिहास में परिवहन विभाग के बेड़े में यह सबसे ज्यादा बसें हैं। दिल्ली के 55 बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। अभी तक 3 बस डिपो पर चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं। अगले साल तक 17 बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन लगा दिए जाएंगे और 2023 के अंत तक सभी 55 बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन लग जाएंगे। 2025 तक दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों के लिए 18 हजार चार्जिंग प्वाइंट बन कर तैयार हो जायेंगे।

दीदी की दादागिरी : दम है तो मुझे गिरफ्तार कर दिखाये भाजपा...
Published / 2022-08-29 13:25:49
दीदी की दादागिरी : दम है तो मुझे गिरफ्तार कर दिखाये भाजपा...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि केन्द्रीय एजेंसियों तथा भारतीय जनता पार्टी के अवैध धन का इस्तेमाल उन निर्वाचित राज्य सरकारों को गिराने में किया जा रहा है, जो भाजपा विरोधी दल द्वारा चलाई जा रही हैं। बनर्जी ने अगले लोक सभा चुनाव में भाजपा को मात देने का संकल्प लिया। उन्होंने अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उनके (ममता) अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हकीम और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि अगर भाजपा से हो पाए तो मुझे गिरफ्तार करें। उन्होंने कहा कि मीडिया पर भरोसा मत करो, वे हमारे नेताओं के पीछे हैं। मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि मुझे गिरफ्तार करें। मैं जेल से लड़ूंगी और जीतूंगी। आप मुझे वश में नहीं कर सकते। अगर मैं सत्ता में नहीं होती और कुर्सी पर नहीं होती तो मैं महिलाओं से उनकी जुबान काटने के लिए कहती। बनर्जी ने कहा, भाजपा सब को चोर बता रही है। वे इस प्रकार से अभियान चला रहे हैं जैसे तृणमूल में हम सब चोर हैं और केवल भाजपा तथा उसके नेता ही पाक साफ हैं। अगर मैं राजनीति में नहीं होती तो मैं उनकी जबानें खींच लेती। हाल में केंद्रीय एजेंसियों ने हकीम को तलब किया था। इस पर हकीम की गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए बनर्जी ने कहा, अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है, तो वह एक फर्जी मामला होगा केवल उन्हें परेशान करने के लिए। बनर्जी ने कहा, वे तृणमूल नेताओं के पास धन होने की बात कर रहे हैं। भाजपा को महाराष्ट्र की तर्ज पर निर्वाचित सरकारों को गिराने के लिए हजारों करोड़ रुपये कहां से मिल रहे हैं। भाजपा को 2024 के लोक सभा चुनाव में हराना होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के बाद बोलीं मायावती- समाज-देश का नाम रौशन करें, यही कामना
Published / 2022-08-29 10:40:26
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के बाद बोलीं मायावती- समाज-देश का नाम रौशन करें, यही कामना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान मायावती ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनने पर उनसे मिलकर उन्हें औपचारिक तौर पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मायावती ने राष्ट्रपति से मुलाकात की तस्वीर ट्वीटर पर साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति महोदया से उनकी मुलाकात काफी अच्छी रही। मायावती ने कहा कि उनकी यही कामना है कि वो समाज और देश का नाम रोशन करें। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा, माननीया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में आज काफी अच्छी मुलाकात हुई। अनुसूचित जनजाति (एसटी) समाज से ताल्लुक रखने वाली देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनने पर उनसे मिलकर उन्हें औपचारिक तौर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। वे समाज व देश का नाम रौशन करें, यही कामना। मायावती ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, वैसे तो बीएसपी व अन्य पार्टियों ने भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उन्हें अपना समर्थन दिया और वे भारी मतों से विजयी हुई, किन्तु अगर थोड़ा और सही व सार्थक प्रयास किया गया होता तो वे सर्वसम्मति से यह चुनाव जीत कर एक और नया इतिहास ज़रूर बनातीं। देश को उनसे बहुत सारी आशाएं। बसपा ने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था और उनके पक्ष में मतदान किया था। बसपा ने कहा था कि उनका ये फैसला स्वतंत्र रूप से लिया गया है। ये न सत्तापक्ष के समर्थन में है न विपक्ष के खिलाफ। इसके बाद बसपा ने उपराष्ट्रपति चुनाव में भी विपक्ष के खिलाफ वोट दिया था।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.