एबीएन सेंट्रल डेस्क। छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक मनोज सिंह मंडावी का दिल का दौरा पड़ने के कारण रविवार को निधन हो गया। पार्टी के नेताओं ने यह जानकारी दी। कांग्रेस की संचार इकाई के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि मंडावी (58) को दिल का दौरा पड़ने के बाद पड़ोसी धमतरी शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुबह उनका निधन हो गया। कांकेर जिले में भानुप्रतापपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मंडावी शनिवार रात को जिले के चरामा इलाके में अपने पैतृक गांव नथिया नवागांव में थे। शुक्ला ने बताया कि उन्होंने बेचैनी होने की शिकायत की थी जिसके बाद उन्हें चरामा में एक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की। उन्होंने बताया कि इसके बाद मंडावी को धमतरी शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका निधन हो गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,401 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,46,28,828 पर पहुंच गई जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 26,625 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में संक्रमण से 21 और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,28,895 पर पहुंच गई है। इन 21 मामलों में वे 16 लोग भी शामिल हैं जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 26,625 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.06 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में सात मामलों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.76 प्रतिशत हो गई है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार दैनिक संक्रमण दर 1.04 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.05 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,40,73,308 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वहीं राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.32 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गए थे। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के पांच मामले सामने आए, जिनमें से छत्तीसगढ़ के दो और झारखंड, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के एक-एक मरीज थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कानून मंत्रियों और कानून सचिवों के अखिल भारतीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी सुबह करीब साढ़े 10 बजे कानून मंत्रियों और कानून सचिवों के इस अखिल भारतीय सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करेंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन गुजरात के एकता नगर में कानून और न्याय मंत्रालय की मेजबानी में किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य नीति निर्माताओं को भारतीय कानूनी और न्यायिक प्रणाली से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साझा मंच मुहैया करना है। इस सम्मेलन के माध्यम से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी सर्वोत्तम कार्य परंपराओं को साझा करने, नए विचारों का आदान-प्रदान करने और अपने आपसी सहयोग में सुधार करने में सक्षम होंगे। इस कार्यक्रम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कानून मंत्री और सचिव शामिल होंगे। इस सम्मेलन में तत्काल और किफायती न्याय के लिए विवादों के वैकल्पिक समाधान के तंत्र जैसे मध्यस्थता और पंचाट फैसले, समग्र कानूनी बुनियादी ढांचे का उन्नयन, अप्रचलित कानूनों को हटाना, न्याय तक पहुंच में सुधार, लंबित मामलों को कम करना और तेजी से मुकदमों का निपटान सुनिश्चित करना, बेहतर केंद्र-राज्य समन्वय के लिए राज्य के विधेयकों से संबंधित प्रस्तावों में एकरूपता लाना और अन्य विषयों के साथ-साथ राज्य कानूनी प्रणाली को मजबूत करना जैसे विषयों पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि देश में करीब 5 करोड़ मुकदमे पेंडिंग पड़े हुए हैं। इन मुकदमों को निपटाने के लिए न्यायपालिका में जरूरी जजों और कर्मचारियों की कमी है। एक आंकड़े के मुताबिक देश में 10 लाख की आबादी पर जजों की संख्या केवल 20 है, जो कि इतनी बड़ी संख्या में लंबित मामलों को निपटाने के लिए काफी नहीं है। भारत में निचली अदालतों में जजों और कर्मचारियों की सही समय पर भर्ती नहीं होने से हजारों पद खाली पड़े हैं, जिससे न्याय प्रणाली पर बोझ बढ़ा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी आतंकी साजिश नाकम हुई। सुरक्षा बलों ने बांदीपोरा रोड के पास अहस्टिंगो इलाके में एक आईईडी बरामद किया। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आतंकियों ने आईईडी को पुल के नीचे प्लांट किया था। फिलहाल, आईईडी को डिफ्यूज करने और नष्ट करने के लिए बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच चुका है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इन दिनों नशे के काले कारोबार में लगातार महिलाओं की भी एंट्री देखने को मिल रही है। नशे के सौदागर महिलाओं को अपना सॉफ्ट टारगेट बना रहे हैं और फिर उन्हीं की मदद से ड्रग्स का धंधा कर रहे हैं। दरअसल, रांची में इन दिनों ड्रग्स सप्लायर कुछ ज्यादा ही एक्टिव हैं। नशे के इन सौदागरों द्वारा महिलाओं का इस्तेमाल करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। हाल के दिनों में रांची में नशे के कारोबार में महिलाओं की सांठगांठ देखने को मिली है। इस मामलों में कुछ महिलाओं की गिरफ्तारी भी हुई है। इन महिलाओं में ज्योति भारद्वाज उर्फ ज्योति शर्मा भी शामिल है। वह सुखदेव नगर इलाके की रहनेवाली है, पेश से पहले वह मॉडल रही है। ज्योति दिल्ली में रहकर मॉडलिंग किया करती थी। इस दौरान उसकी जान-पहचान कई लोगों से हुई। वहीं उसका क्लब और डिस्को भी जाना होता था। हालांकि कोरोना काल के दौरान वह रांची पहुंची और लॉकडाउन के दरम्यान उसने नशे की दुनिया में कदम रखा। वह कुछ लड़कों के साथ मिलकर ब्राउन शुगर का धंधा करने लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन, जेल से निकलने के बाद ज्योति फिर से इस धंधे में लिप्त हो गई और अपनी मां मोनी देवी को भी इस अवैध कारोबार में शामिल कर लिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज एक वेबसाइट की शुरुआत करेंगे जिसके माध्यम से लोग सशस्त्र बल संघर्ष हताहत कल्याण कोष में दान दे सकेंगे। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि पोर्टल मां भारती के सपूत की शुरुआत दिल्ली के राष्ट्रीय समर स्मारक परिसर में आयोजित एक समारोह में की जायेगी। यह कोष तीनों सेनाओं का एक कोष है, जिसका इस्तेमाल संघर्ष के दौरान हताहत सैन्य कर्मियों के परिजनों और आश्रितों को अनुग्रह राशि के रूप में तत्काल आर्थिक सहायता देने के लिए किया जाता है। सरकार शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए अनेक योजना चल रही है, लेकिन देशभक्त नागरिकों और विभिन्न संगठन तथा संस्थाओं की ओर से कल्याण कोष में योगदान देने की इच्छा वयक्त किये जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। समारोह में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष, तीनों सेनाओं के प्रमुख, परम वीर चक्र विजेता और अन्य विशिष्ट व्यक्ति मौजूद रहेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 2,678 नये मामले सामने आने से देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,46,23,997 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 26,583 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार सुबह आठ बजे साझा किये गये आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 से 10 और लोगों के दम तोड़ने से मृतक संख्या बढ़कर 5,28,857 हो गई है। इन 10 मामलों में वे तीन लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन: मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं। मंत्रालय ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या कुल मामलों का 0.06 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से ठीक होने वालों की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.76 प्रतिशत हो गई है। मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 74 मामलों का इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में दैनिक संक्रमण दर 1.13 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 1.07 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 से उबरने वालों की संख्या बढ़कर 4,40,68,557 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से देशभर में कोविडरोधी टीके की अब तक 219.21 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के मामले चार करोड़ के पार हो गये थे। बीते 24 घंटों में संक्रमण से जिन सात लोगों की मौत हुई है, उनमें कर्नाटक के तीन और गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल के एक-एक मरीज शामिल हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केरल में मानव बलि देने के आरोप में गिरफ्तार भगावल सिंह के फेसबुक पोस्ट से खुलासा हुआ है कि उसका झुकाव छोटी कविताओं की तरफ था, जो जापानी कविताओं से मेल खाती हैं। इस जापानी कविता में कुल मिलाकर 17 अक्षर होते हैं और ये तीन लाइन में लिखी जाती हैं। पहली लाइन में पांच अक्षर, दूसरी लाइन में सात अक्षर और तीसरी लाइन में पांच अक्षर लिखे जाते हैं। अपनी पत्नी लैला और इस घटना के मास्टरमाइंड शफी के साथ गिरफ्तार होने से कुछ दिनों पहले 6 अक्टूबर को भगावल सिंह ने एक जापानी कविता फेसबुक पर पोस्ट की थी। भगावल ने इससे पहले भी कई ऐसी कविताएं पोस्ट की थीं। सिंह फेसबुक पर काफी एक्टिव रहता था। फेसबुक के जरिए वो शफी उर्फ रशीद के संपर्क में आया था। अपनी प्रोफाइल बायो में भागवल ने बताया है कि वह कोझनचेरी का रहने वाला है। एलंथूर के एक सरकारी स्कूल से उसने स्कूलिंग की और सेंट थॉमस कॉलेज में पढ़ाई की। उसकी फेसबुक प्रोफाइल में परिवार के दो सदस्यों की बेटे के रूप में पहचान की गई है। उसने अपने फेसबुक बायो में लिखा वैकल्पिक दवाओं और मर्म चिकित्सा के क्षेत्र में सेल्फ-एम्प्लॉयड हूं। हम दुर्घटना से पैदा होने वाली परेशानियों, अलग-अलग तरह की गठिया, पैरालैक्टिक, बोन सेटिंग का इलाज करते हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि भगवल सिंह सीपीएम का एक स्थानीय कार्यकर्ता था। हालांकि पार्टी ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि भगवल सिंह और उसकी पत्नी का सीपीएम से कोई जुड़ाव नहीं था, ना ही उनका पार्टी या उससे जुड़े संगठनों में कोई पद था। दरअसल, केरल के पथनमथिट्टा जिले में कथित तौर पर मानव बलि देने के इरादे से दो महिलाओं की हत्या कर दी गयी। महिलाओं की हत्या का आरोप भगावल सिंह, उसकी पत्नी लैला और मोहम्मद शफी पर लगा है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अपनी आर्थिक तंगी दूर करने और समृद्धि हासिल करने के लिए महिलाओं की बलि दी थी। इस मामले का मास्टरमाइंड शफी एक हिस्ट्री शीटर है। भगावल और उसकी पत्नी लैला को पैसों से जुड़ी परेशानियों का डर था। शफी ने दंपति के इसी डर का फायदा उठाया। शफी ने दंपति को समझाया कि मानव बलि देने से उनकी पैसों की समस्या दूर हो जायेगी। दंपति ने उसकी बातों में आकर ठीक वैसा ही किया और उत्पीड़न के बाद दोनों महिलाओं की बलि दे दी। पुलिस ने बताया कि शफी के खिलाफ चोरी, बलात्कार समेत कई अपराधों के मामले दर्ज हैं। उसने 75 साल की एक महिला के साथ बलात्कार किया था और उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चाकू से हमला किया था। पुलिस ने बताया कि मानव बलि के मामले में भी पीड़िताओं के गुप्तांगों पर जख्म दिये गये। केरल पुलिस की रिमांड रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पीड़िताओं का उत्पीड़न किया गया और उनमें से एक के स्तनों को काटकर अलग कर दिया गया। आरोपियों ने दूसरी पीड़िता के शव के 56 टुकड़े कर दिये। पीड़िताओं की हत्या करने से पहले आरोपियों ने उन्हें खाट से बांध दिया और उनके गुप्तांगों पर चाकू से वार कर कई गहरे जख्म दिये। बताया जा रहा है कि मास्टरमाइंड मोहम्मद शफी ने श्रीदेवी नाम की महिला बनकर फेसबुक पर भगावल से दोस्ती की। हालांकि बाद में उसने अकाउंट्स में कुछ बदलाव किए और खुद को एक पूजा और अनुष्ठान करने वाला दिखाया और दावा किया कि वो शादीशुदा जोड़ों की परेशानियां कम करता है और उन्हें समृद्धि की ओर ले जाता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में 5जी टेक्नोलॉजी पूरी तरह से स्वदेशी है। इसे हमें कहीं और आयात नहीं किया है। ये पूरा का पूरा भारत का प्रोडक्ट है। वाशिंगटन में जॉन्स हॉपकिन्स स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज में छात्रों को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, अभी तक पूरी कहानी जनता तक नहीं पहुंची है। हमने अपने देश में जो 5जी लॉन्च किया है, वह पूरी तरह से स्वदेशी है और स्टैंडअलोन है। इसके कुछ महत्वपूर्ण हिस्से कोरिया जैसे देशों से आ सकते हैं लेकिन इसके अलावा निश्चित रूप से किसी और कुछ भी नहीं लिया जायेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत अन्य देशों के साथ भी 5जी तकनीक साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जो भी देश 5जी टेक्नोलॉजी चाहता है, हम उसके साथ इसे शेयर करते के लिए पूरा तरह से तैयार हैं। ये हमारी खुद की पूरी स्वदेशी तकनीक है। फिलहाल सिर्फ सीमित शहरों में 5जी लॉन्च करने वाली प्राइवेट कंपनियों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश के अधिकांश लोग 2024 तक 5जी टेक्नोलॉजी का लाभ मिलने लगेगा। 5जी पर हमें भारत की उपलब्धि पर बेहद गर्व है और आगे होने वाला भी है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.