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आज 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
Published / 2022-10-18 09:58:58
आज 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करेंगे पीएम मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के प्रगति मैदान में 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करेंगे। बैठक में इंटरपोल के 195 सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे जिनमें मंत्री, हर देशों के पुलिस प्रमुख, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। इंटरपोल की 90वीं महासभा की बैठक 18 से 21 अक्टूबर तक होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 21 अक्टूबर को इंटरपोल की बैठक में आखिरी दिन शामिल होंगे। इस अवसर पर इंटरपोल के अध्यक्ष अहमद नासेर अल-रैसी, महासचिव, जर्गेन स्टॉक और केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक भी मौजूद रहेंगे। महासभा, इंटरपोल का सर्वोच्च शासी निकाय है और साल में इसकी एक बार बैठक होती है। इसके कामकाज से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए हर साल अलग-अलग देशों में इसकी बैठक की जाती है। इस बैठक में इंटरपोल के कामकाज की समीक्षा भी की जाती है। इंरपोल की प्रमुख भूमिका दुनिया भर की पुलिस एजेंसियों को एक सुरक्षित जगह बनाने के लिए मिलकर काम करने में मदद करना है। ऐसा करने के लिए, संगठन एजेंसियों को अपराधों और अपराधियों पर डेटा साझा करने और एक्सेस करने में सक्षम बनाता है। इंटरपोल कई तकनीकी और ऑपरेशनल भारत में लगभग 25 सालों के बाद इंटरपोल महासभा की बैठक हो रही है। भारत में आखिरी बार 1997 में इंटरपोल महासभा की बैठक आयोजित की गई थी। भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के खास मौके पर इस बार महासभा का आयोजन का मौका दिया गया है। 2022 में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के खास अवसर पर इंटरपोल महासभा की मेजबानी करने के भारत के प्रस्ताव को महासभा ने भारी बहुमत से स्वीकार कर लिया था। यह आयोजन पूरी दुनिया को भारत की कानून और व्यवस्था प्रणाली को दिखाने का मौका देती है।

दिसम्बर-जनवरी से मिलने लगेगा 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल
Published / 2022-10-18 08:42:09
दिसम्बर-जनवरी से मिलने लगेगा 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि देश में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल इस साल दिसंबर या जनवरी में उपलब्ध हो सकता है। हालांकि इसके लिए लक्ष्य 2023 का रखा गया था। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, हम एथनॉल उत्पादन की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और मेरा मानना है कि 20 प्रतिशत मिश्रण वाला ईंधन अप्रैल, 2023 (के लक्ष्य) से पहले दिसंबर या जनवरी में बाजार में आ जायेगा। ब्राजील जहां फ्लेक्स ईंधन वाले वाहन उपलब्ध हैं और उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार एथनॉल या पेट्रोल ले सकते हैं, का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यही सरकार का अंतिम लक्ष्य होगा। हालांकि उस स्तर तक पहुंचने के लिए कुछ तकनीकी पहलू हैं और काम चल रहा है। उन्होंने कहा, हम एथनॉल मिश्रण को लेकर वाहन विनिर्माता कंपनियों के साथ एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि पेट्रोल में एथनॉल-मिश्रण प्रतिशत 2013 में 0.67 प्रतिशत से बढ़कर मई, 2022 में 10 प्रतिशत हो गया है यानी निर्धारित समय से पांच महीने पहले। यह 27 लाख टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन को कम कर रहा है जो पर्यावरण के लिए अच्छा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमानों के अनुसार भारत आने वाले दो दशकों में वैश्विक ऊर्जा खपत में वृद्धि का एक-चौथाई (25%) योगदान देगा। बीपी का अनुमान है कि भारत की ऊर्जा मांग दोगुनी हो जायेगी, जबकि प्राकृतिक गैस की मांग 2050 तक पांच गुना बढ़ने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में पाइपलाइन का कार्य तेज गति से हो रहा है। 2014 तक गैस पाइपलाइन 14,000 किलोमीटर तक थी, जो आज 22,000 किलोमीटर से अधिक तक पहुंची है। इसे 35,500 किलोमीटर तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने विकासशील अर्थव्यवस्था को कच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतों से बचाते हुए वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों का अच्छी तरह से सामना किया है। भारतीय पेट्रोलियम उद्योग अवसर के शिखर पर है और 2030 तक अपनी कच्चे तेल की मांग का 25 प्रतिशत उत्पादन करने में सक्षम होगा। वर्तमान में हमारे देश में हर दिन 50 लाख बैरल पेट्रोलियम की खपत हो रही है और इसमें भी तीन प्रतिशत की वृद्धि हो रही है, जबकि वैश्विक औसत लगभग एक प्रतिशत से अधिक है। पुरी ने यहां तीन दिन की पांचवी साउथ एशियन जियोसाइंस कॉन्फ्रेंस जियो इंडिया 2022 का उद्घाटन किया।

अनूसूचित जाति के हितों पर डाका बर्दास्त नहीं, जनजागरण से खोलेंगे पोल : विहिप
Published / 2022-10-17 23:13:24
अनूसूचित जाति के हितों पर डाका बर्दास्त नहीं, जनजागरण से खोलेंगे पोल : विहिप

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मतांतरित अनुसूचित समाज को आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग न केवल संविधान विरोधी और राष्ट्र विरोधी है अपितु अनुसूचित जाति के अधिकारों पर खुला डाका है। विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मिशनरी व मौलवी बार-बार यही दोहराते हैं कि उनके मजहब में जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है और उनका मजहब स्वीकार करने के बाद कोई पिछड़ा नहीं रह जाता है। इसके बावजूद जब वे मतांतरितों के लिए बार-बार आरक्षण की मांग करते हैं तो न केवल उनका समानता का दावा खोखला सिद्ध होता है अपितु, उनके गलत इरादों का भी पदार्फाश होता है। उनका उद्देश्य न्याय दिलाना नहीं अपितु मतांतरण की प्रक्रिया को तेज करना है। यह अनुचित मांग न केवल सामाजिक न्याय अपितु संविधान की मूल भावना के विपरीत किया गया एक षड्यंत्र है। डॉ जैन ने कहा 1932 में पूना पैक्ट करते समय डॉक्टर भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण पर सहमति व्यक्त की थी। दुर्भाग्य से 1936 से ही मिशनरी और मौलवी मतांतरित अनुसूचित समाज के लिए आरक्षण की मांग सड़क से लेकर संसद तक निरंतर उठाते रहे हैं। 1936 में महात्मा गांधी और डॉक्टर अंबेडकर ने इस मांग को अनुचित ठहराया था। संविधान सभा में भी जब इस मांग को पुन: उठाया गया तो संविधान निमार्ता डॉक्टर अंबेडकर ने इसे देश विरोधी सिद्ध करते हुए ठुकरा दिया था। स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू और स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने भी इस मांग को अनुचित करार दिया था। इसी मांग को लेकर 1995 में दिल्ली में एक 10 दिवसीय धरने का आयोजन मिशनरियों के द्वारा किया गया था जिसमें सामाजिक समानता और सेवा की ध्वज वाहक माने जाने वाली स्वर्गीय मदर टेरेसा ने भाग लिया था। विहिप नेता ने आरोप लगाया कि बार-बार ठुकराने की बावजूद उनकी निरंतरता यह सिद्ध करती है कि उनके पीछे धर्मांतरण करने वाली अंतर्राष्ट्रीय शक्तियां काम कर रही हैं। डॉ सुरेंद्र जैन ने बताया कि संविधान सभा व संसद द्वारा बार बार ठुकराने पर वे न्यायपालिका में भी जाते रहे हैं और न्यायपालिका भी इनकी अनुचित मांग को ठुकराते रही है। 1985 में सुसाइ व अन्य विरुद्ध भारत सरकार मामले में तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि मतांतरित अनुसूचित जाति को आरक्षण की मांग संविधान की मूल भावना के विपरीत है। इसके बावजूद 2004 में एक बार फिर से न्यायपालिका में गए जो मामला अभी तक लंबित है। डॉक्टर जैन ने चेतावनी दी कि अगर इस नाजायज मांग को स्वीकार कर लिया जाता है तो इससे अवैध धर्मांतरण की गतिविधियां तीव्र हो जायेंगी, खुलकर सामने आयेंगे। जनसंख्या असंतुलन के खतरे बढ़ जाएंगे और जिस अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है वे इससे वंचित हो जायेंगे। विहिप इस राष्ट्र विरोधी मांग के विरोध में एक राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चलायेगा। वाल्मीकि महा सभा के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश पवन कुमार ने ईसाई मिशनरियों और मौलवियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के अधिकारों पर डाका डालने का उनका प्रयास सफल नहीं हो पाएगा अनुसूचित समाज किसी भी स्थिति में उनके षडयंत्रों को सफल नहीं होने देगा। मिशनरियों और मौलवियों का यह षड्यंत्र राष्ट्र विरोधी और संविधान विरोधी है। हर स्तर पर उनके इस षड्यंत्र का मुकाबला अवश्य किया जायेगा। उक्त जानकारी विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : सोनिया-प्रियंका ने डाला वोट
Published / 2022-10-17 11:32:28
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : सोनिया-प्रियंका ने डाला वोट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस पार्टी के नये अध्यक्ष के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। अध्यक्ष पद के लिए शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच कड़ा मुकाबला है। पार्टी के नए अध्यक्ष को चुनने के लिए देशभर के 9,000 से ज्यादा प्रतिनिधि आज वोट डाल रहे हैं। मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चलेगा। पार्टी ने वोटिंग के लिए देश भर में 40 केंद्रों पर 68 बूथ बनाये हैं। जिसके नतीजे दिल्ली स्थिति पार्टी मुख्यालय में 19 अक्टूबर को घोषित होंगे।

देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 2,060 नये संक्रमित, 10 की मौत
Published / 2022-10-17 11:25:40
देश में कोरोना : 24 घंटे में मिले 2,060 नये संक्रमित, 10 की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,060 नये मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 4,46,30,888, हो गई, जबकि संक्रमण से 10 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या 5,28,905 हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार को सुबह आठ बजे अद्यतन आंकड़े के अनुसार, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 26,834 हो गई है जो कुल मामलों का 0.06 प्रतिशत है। मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.75 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 209 मामलों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। संक्रमण से 10 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 5,28,905 हो गई है। संक्रमण से जिन 10 लोगों की मृत्यु हुई है उनमें वे चार मरीज भी शामिल हैं जिनका नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल द्वारा वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में जोड़े गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 1.86 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 1.02 प्रतिशत है। देश में अब तक कुल 4,40,75,149 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। वहीं राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक कोविड-19 रोधी टीकों की 219.33 करोड़ खुराक दी जा चुकी है। गौरतलब है कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी।

कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव :  आज 10 बजे से 68 बूथों पर होगा मतदान
Published / 2022-10-17 09:47:05
कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव : आज 10 बजे से 68 बूथों पर होगा मतदान

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए आज मतदान होना है। वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर इस चुनावी मुकाबले में आमने-सामने होंगे। सुबह 10 बजे से मतदान शुरू होगा। 22 साल बाद हो रहे चुनाव के नतीजे 19 अक्तूबर को आयेंगे। 9,000 से अधिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रतिनिधि गुप्त मतदान में पार्टी प्रमुख को चुनने के लिए मतदान करेंगे। पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार चुनावी मुकाबले में एआईसीसी मुख्यालय और देश भर के 68 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए दिल्ली में स्थित कांग्रेस हेडक्वार्टर के अलावा देशभर में भी पोलिंग बूथ बनाये गये हैं। बताया गया है कि भारत में कुल 68 जगहों पर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग की जायेगी। सभी प्रतिनिधि अपने राज्यों से अध्यक्ष पद के लिए वोट करेंगे। उनके लिए सुबह 10 से लेकर शाम 4 बजे तक वोटिंग का समय तय किया गया है।

कोरोना टीकाकरण बजट के 4237 करोड़ रुपये सरेंडर
Published / 2022-10-16 22:13:40
कोरोना टीकाकरण बजट के 4237 करोड़ रुपये सरेंडर

एबीएन सेंटल डेस्क। देश में कोरोना महामारी फिलहाल काबू में है, ऐसे में सरकार का कोविड टीकाकरण कार्यक्रम भी अपने अंतिम चरण में है। इस बीच, केंद्र सरकार ने भी कोरोना टीकों की और खरीद को लेकर बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंत्रालय ने 2022-23 के बजट में टीकाकरण के लिए आवंटित बजट में से 4,237 करोड़ रुपये वित्त मंत्रालय को वापस कर दिया है। जानकारी के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के पास कोरोना वैक्सीन की 1.8 करोड़ से ज्यादा खुराक अभी भी उपलब्ध हैं। सूत्रों ने कहा कि चूंकि कोविड के मामलों में लगातार गिरावट हो रही है ऐसे में टीकों की खपत भी कम हो चुकी है। ऐसे में मौजूदा स्टॉक लगभग छह महीने तक टीकाकरण अभियान को जारी रखने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा सरकार का स्टॉक खत्म होने पर भी बाजार में कोविड के टीके उपलब्ध रहेंगे। सरकारी माध्यम से कोविड के टीके की खुराक खरीदने के लिए छह महीने के बाद (ताजा) बजट आवंटन प्राप्त करने का कोई भी निर्णय उस समय देश में व्याप्त कोरोनोवायरस स्थिति पर निर्भर करेगा। पिछले साल 16 जनवरी को शुरू हुए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में, भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में कोरोना टीके उपलब्ध करा रही है। आज आए आंकड़ों के मुताबिक, अब तक देश में कोविड वैक्सीन की खुराक 219.32 करोड़ को पार कर गई है। देश की 98 प्रतिशत वयस्क आबादी ने कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लगवा ली है, जबकि 92 प्रतिशत आबादी ने दोनों डोज लगवा ली हैं। गौरतलब है कि देश में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था। इसके तहत पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। इसके बाद, कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण पिछले साल 1 मार्च को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए शुरू किया गया था। वहीं, 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण पिछले साल 1 अप्रैल से शुरू हुआ था। इसके अगले चरण (जो कि 1 मई से शुरू हुआ था) में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को कोविड के खिलाफ टीका लगाने की अनुमति दी गई थी। वहीं, 15-18 वर्ष की आयु के किशोरों का टीकाकरण 3 जनवरी को शुरू हुआ था।

मोतियाबिंद का ऑपरेशन के बाद बेड रेस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
Published / 2022-10-16 16:58:52
मोतियाबिंद का ऑपरेशन के बाद बेड रेस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन रविवार को यहां सेना के रिसर्च एवं रेफरल अस्पताल में हुआ। राष्ट्रपति भवन के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ऑपरेशन सफल रहा और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। चौसठ वर्षीय मुर्मू ने 25 जुलाई, 2022 को भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। बयान में कहा गया है, मुर्मू का आज मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन सफल रहा और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी ब्रिगेडियर एसके मिश्रा व उनकी टीम ने की। सेना अस्पताल ने बताया कि राष्ट्रपति को आराम करने की सलाह दी गई है।

अमेरिका में ईडी को लेकर पूछे गये सवाल पर क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, यहां जानें...
Published / 2022-10-16 16:19:46
अमेरिका में ईडी को लेकर पूछे गये सवाल पर क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, यहां जानें...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विपक्ष के कई नेताओं पर जांच एजेंसी ईडी की कार्रवाई के बाद सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगे और कहा गया कि सरकार ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का इस्तेमाल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कर रही है। हालांकि केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार पर लगे इस आरोप को नकार दिया और कहा कि ईडी अपना काम करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है और वो किसी के कंट्रोल में रहकर कार्य नहीं करती। सीतारमण ने जांच एजेंसी का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किये जाने की बात से भी साफ इनकार किया। अमेरिका में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा, ईडी अपने कार्य करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है। यह एक ऐसी एजेंसी है, जो विधेय अपराधों का पालन करती है। वित्त मंत्री ने कहा, कोई मामला पहले से ही किसी अन्य एजेंसी द्वारा उठाया गया होता है, फिर चाहे वह सीबीआई हो या कोई और एजेंसी हो। ईडी पहली बार में सामने नहीं आती। ईडी अगर कहीं जांच के लिए जाती है, तो उसके पास पहले से सबूत होते हैं और इसी के मुताबिक एजेंसी को अपना काम करना होता है। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट को लेकर उन्होंने कहा कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण मूल्यांकन में बदलाव का आना है। सीतारमण ने अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक वित्त समिति (आईएमएफसी) को शुक्रवार को संबोधित करते हुए कहा, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 23 सितंबर 2022 तक 537.5 अरब डॉलर था जो बाकी समकक्ष अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से मूल्यांकन में आये ए बदलाव ने इस भंडार में आई गिरावट में दो-तिहाई योगदान दिया है.’ भारत की अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘विश्व स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था वृद्धि के पथ पर बढ़ती रहेगी और इसके सात फीसदी की दर से वृद्धि करने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने आईएमएफसी के सदस्यों से कहा कि भारत सरकार ने मुद्रास्फीति प्रबंधन को जारी रखते हुए वृद्धि की रक्षा करने के लिए कदम उठाए हैं। सरकार ने बीते 25 महीनों से 80 करोड़ से अधिक संवदेनशील परिवारों के लिए नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्धता सुनिश्चित की है। वहीं, विश्व बैंक विकास समिति की बैठक में शुक्रवार को सीतारमण ने भारत सरकार की तरफ से दी जाने वाली सब्सिडी को एकआयामी दृष्टिकोण से नहीं देखने का विश्व बैंक से अनुरोध करते हुए कहा कि नुकसानदायक सब्सिडी और संवदेनशील परिवारों को दिए जाने वाले समर्थन में अंतर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के कई अहम मानकों पर भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सब्सिडी का बड़ा योगदान रहा है। मंत्री ने कहा, हमारी विश्व बैंक से अपील है कि सब्सिडी को एकआयामी नजरिये से देखना बंद किया जाये। नुकसानदायक सब्सिडी और संवेदनशील परिवारों को टारगेट करके दिए जाने वाले समर्थन के बीच अंतर करना जरूरी है।

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