एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार 10 लाख कर्मियों के लिए भर्ती अभियान-रोजगार मेला का शुभारंभ करेंगे। समारोह के दौरान 75,000 नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। देश भर से चयनित नये कर्मियों को 38 मंत्रालयों और विभागों में नियुक्त किया जा रहा है। ये राजपत्रित और गैर राजपत्रित समूहों के अलावा केंद्रीय सशस्त्र बलों में उप-निरीक्षक, कांस्टेबल, एलडीसी, स्टेनो, पीए, आयकर निरीक्षक, एमटीएस तथा अन्य पदों के लिए चयनित किये गये हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के मुताबिक इस उपलक्ष्य में 22 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में श्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित भी करेंगे। बयान के अनुसार प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार, सभी मंत्रालय और विभाग मिशन मोड में स्वीकृत पदों की मौजूदा रिक्तियों को भरने की दिशा में काम कर रहे हैं। ये भर्तियां, मंत्रालयों और विभागों द्वारा मिशन मोड में या तो स्वयं या संघ लोक सोवा आयोग, कर्मचारी भर्ती आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड जैसी भर्ती एजेंसियों के माध्यम से की जा रही हैं। शीघ्र भर्ती के लिए, चयन प्रक्रियाओं को सरल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में पेट्रोल-डीजल-सीएनजी और इलेक्ट्रिक कारों के अलावा अब केंद्रीय सरकार फ्लेक्स-फ्यूल पर ज्यादा ध्यान दे रही है। बीते दिनों की केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार को भारत में पेश किया था। वहीं हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स यानी एसआईएएम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में फ्लेक्स फ्यूल को लेकर अपना बयान दिया है।फ्लेक्सी फ्यूल ई10 में पेट्रोल के साथ 10 प्रतिशत इथेनॉल और ई20 में पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा- मुझे लगता है कि हमें जल्द से जल्द अलग-अलग कीमतों में फ्लेक्सी ईंधन से चलने वाले व्हीकल को लाना चाहिए जिसमें टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर आदि शामिल हो। सरकार ई20 ईंधन के सप्लाई साइड से तैयार है और मुझे भरोसा है कि 1000 करोड़ लीटर फ्यूल का उत्पादन का लक्ष्य हम पांच साल पहले ही पूरा कर लेंगे। अप्रैल 2023 तक चुनिंदा पंप पर ई20 फ्यूल उपलब्ध कराने के पायलट प्रोजेक्ट के लिए हम तैयार हैं। 2025 तक इथेनॉल फ्यूल की डिमांड 10.16 अरब लीटर तक पहुंचने की उम्मीद है।
एबीएन सेंटल डेस्क। मुरैना में पटाखों के गोदाम में भयानक विस्फोट हो गया। तेज धमाके से पूरा मकान धमाके से ध्वस्त हो गया जिससे आधा दर्जन से अधिक बच्चे, महिला, पुरूष मलवे में दब गये। अभी 5 से 6 की मौत होने की संभावना जताई जा रही है। घटना मुरैना के बानमोर नगर के जैतपुर रोड की है। जहां पटाखा गोदाम में ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट से मकान ढह गया और उसमें कई लोग दब गए। गोदाम के मालिक बानमौर निवासी व्यवसायी निर्मल जैन भी उसी मकान में किरायेदार पर रह रहे थे। पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा है। सभी जन को मलवे से निकालने का प्रयास जारी है। अब तक 7 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें 9 साल की एक बच्ची भी है। कई लोग अभी भी दबे हुए हैं, जिन्हें बचाने की कोशिशें जारी हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसाबले ने जनसंख्या असंतुलन और धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान दिया है। दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि धार्मिक रूपांतरण और बांग्लादेश से पलायन जनसंख्या असंतुलन का कारण बन रहा है। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानूनों को सख्ती से लागू करने का भी आह्वान किया है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आरएसएस की चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के समापन पर मीडिया से बात करते हुए दत्तात्रेय होसाबले ने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में धर्म परिवर्तन की साजिश चल रही है। ये साजिश धीरे-धीरे एक संगठन बनाने की कोशिश में है। संघ का काम इसके खिलाफ लोगों में जागरूकता लाना है। दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि संघ घर वापसी जैसे शब्दों का इस्तेमाल इसलिए करता है ताकि हिंदू धर्म को मानने वाले लोग, जिन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म जैसे धर्मों को अपना लिया है, वो जागरूक हों और फिर से वापसी करें। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए मौजूदा कानूनों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। दत्तात्रेय होसाबले ने कहा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा शासित उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों ने ऐसे कानून लाये हैं जो बल या प्रलोभन या फिर विवाह के माध्यम से धर्मांतरण पर रोक लगाते हैं। दत्तात्रेय होसाबले ने घुसपैठ को जनसंख्या असंतुलन का दूसरा सबसे बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा, बांग्लादेश से घुसपैठ के कारण जनसंख्या असंतुलन पूर्णिया और कटिहार सहित उत्तरी बिहार के जिलों और अन्य राज्यों में देखा गया है। इसलिए, हमने संकल्प लिया है कि इस विषय पर समग्र रूप से और एकता में विचार करने की आवश्यकता है ताकि एक समान राष्ट्रीय जनसंख्या नीति तैयार की जा सके और सभी पर लागू की जा सके। बता दें कि हाल ही के कुछ दिनों में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने कई बयानों में धर्मांतरण के कारण हिंदुओं की आबादी घटने की बात कही है। यूपी के गौहानिया में वात्सल्य संस्थान परिसर में आयोजित चार दिवसीय वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोहन भागवत ने कहा था, धर्मांतरण के कारण हिंदुओं की आबादी घट रही है। नागपुर में विजयादशमी के अवसर पर अपने भाषण में, मोहन भागवत ने जनसंख्या असंतुलन, सामाजिक सद्भाव और मातृभाषा में होने वाली शिक्षा के बारे में भी बात की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने भी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न हिस्सा माना है। रूसी सरकार द्वारा जारी किये गये एससीओ सदस्य देशों के नक्शे ने यह साबित कर दिखाया है। रूसी समचारा एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक, जारी किए गए नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और अक्साई चिन के साथ-साथ पूरे अरुणाचल प्रदेश को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। पाकिस्तान और चीन के एससीओ के सदस्य देश होने के बावजूद मॉस्को ने यह कदम उठाया है। इस मानचित्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और एससीओ के भीतर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत पक्ष को और मजबूत किया है। आपको बता दें कि हाल ही में अमेरिकी राजदूत ने हाल ही में पीओके की यात्रा की थी। उन्होंने इस इलाके को आजाद कश्मीर कहा था। जर्मन विदेश मंत्री ने भी हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद को सुलझाने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका का सुझाव दिया था। चीन ने हाल ही में एससीओ के लिए जारी किये गये मैप में भारत के कुछ इलाकों को अपने इलाके के हिस्से के तौर पर दिखाकर अपनी विस्तारवाद की नीति को परिभाषित किया था। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि एससीओ के संस्थापक सदस्यों में से एक रूस द्वारा भारत के नक्शे के सही चित्रण ने सीधे रिकॉर्ड स्थापित किया है। सोवियत संघ और रूस ने 1947 से कश्मीर पर भारत का समर्थन किया है और भारत विरोधी प्रस्तावों को अवरुद्ध करने के लिए यूएनएससी में वीटो का इस्तेमाल किया है। मॉस्को ने बार-बार कहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा है, जिससे विवाद के किसी भी अंतर्राष्ट्रीयकरण को रोका जा सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केदारनाथ और बदरीनाथ धाम का दौरा तय हो गया है। पीएम शुक्रवार 21 अक्तूबर को उत्तराखंड आयेंगे, इसी दिन वो केदारनाथ रोपवे, हेमकुंड रोपवे के साथ ही माणा तक डबल लेन सड़क का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वो 22 अक्तूबर को वापस लौट जायेंगे। मोदी 21 अक्तूबर को सुबह सात बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे, यहां से वो केदारनाथ धाम के लिए उड़ान भरेंगे। धाम में सबसे पहले वो मंदिर में दर्शन पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद उन्हें केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास करना है। मोदी यहां केदारनाथ पुनर्निमाण में लगे श्रमिकों से भी बात करेंगे। केदारनाथ में तीन घंटे बिताने के बाद पीएम बदरीनाथ रवाना होंगे। यहां भी पहले दर्शन और पूजा का कार्यक्रम है। फिर उन्हे माणा गांव में प्रस्तावित समारोह में भाग लेना है। पीएम माणा में ही हेमकुंड साहिब रोपवे और माणा तक डबल लेन सड़क का शिलान्यास करेंगे। इसी दिन दोपहर उनका सैनिकों के साथ भी दिवाली मनाने का कार्यक्रम है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। त्योहारों के मौसम आते ही कोरोना वायरस ने एक बार फिर से देश की चिंता बढ़ा दी है। दिवाली और छठ से पहले कोरोना वायरस नये तेवर के साथ पांव पसारने लगा है। कोरोना वायरस के मामलों में न केवल इजाफा हो रहा है, बल्कि उसका नया वैरिएंट भी अब भारत में दस्तक दे चुका है। सबसे खतरनाक माने जाने वाले ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीक्यू.1 का एक मामला पुणे में मिला है, जिसे भारत का पहला केस बताया जा रहा है। वहीं, देश में ओमिक्रॉन के अन्य सब-वैरिएंट एक्सबीबी के भी मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोविड एक्सपर्स्ट की मानें तो लोगों को त्योहारों के दौरान और भी अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। एक्सपर्ट ने बताया है कि त्योहारों के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगह से खुद को बचाकर रखना चाहिए। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य डॉ पुनित ने दिवाली के मौके पर खास तौर पर कोरोना वायरस से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना के केस बढ़ गये हैं और ये कोविड के नए वेरिएंट हैं। उन्होंने अपील की कि जिन-जिन लोगों का तीसरा प्रीकॉशन डोज छूटा हुआ है, वो जल्द लगवा लें। डॉ पुनित ने कहा कि नया वेरियेंट आ गया है और यह कितना खतरनाक है, अभी कहा नहीं जा सकता, लेकिन मास्क पहन कर रहें। अपनी दिवाली खराब न करें और सावधानी बरतें। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है। दिल्ली में बुधवार को कोविड-19 के 107 नये मामले दर्ज किये गये और संक्रमण दर 1.64 प्रतिशत दर्ज की गई। दिल्ली में नए मामलों के साथ दिल्ली में कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या 20,05,211 हो गई है जबकि मृतकों की संख्या 26,506 है। मंगलवार को दिल्ली में 141 नये मामले सामने आये थे। महाराष्ट्र में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। राज्य में बुधवार को बीते 24 घंटों के दौरान कोविड-19 संक्रमण के 418 नये मामले सामने आये। वहीं इस वायरस से तीन लोगों की मौत हो गयी। हालांकि, इन आंकड़ों में चिंतित करने वाली बात ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट को लेकर है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को बताया कि यहां अक्टूबर महीने के पहले 15 दिनों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट एक्सबीबी के कम से कम 18 मामले सामने आये हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विदेशी निवेश के मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर है। अगले पांच वर्षों में भारत 475 अरब डॉलर का विदेशी निवेश प्राप्त कर सकता है। विजन विकसित भारत - एमएनसी के लिए अवसर तथा अपेक्षाएं नाम की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सुधारों और आर्थिक वृद्धि पर ध्यान देकर 475 अरब डॉलर का विदेशी निवेश हासिल कर सकता है। आपको बता दें कि इवाईई और सीआईआई ने मिलकर इस रिपोर्ट को तैयार किया है। 71 प्रतिशत एमएनसी ने भारत को एक आकर्षक निवेश गंतव्य माना : इस रिपोर्ट के अनुसार 71 फीसदी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) ने वर्ल्ड में अपने विस्तार के लिए भारत को निवेश का एक आकर्षक गंतव्य माना है। जबकि 96 फीसदी ने कहा कि वे काफी लंबे समय के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में सकारात्मक हैं। जीएसटी में सुधार, डिजिटलीकरण को बढ़ावा, टैक्स में पारदर्शिता और अन्य सुधारों की एमएनसी सराहना करती है। भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन करेगी : भारत में पिछले दशक में एफडीआई में लगातार इजाफा देखने को मिला है। इस सर्वेक्षण में शामिल अधिकतर एमएनसी को लगता है कि अगले 3-5 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन करेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सुधार और आर्थिक वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर अगले पांच वर्षों में 475 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई हासिल कर सकता है। आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2021-22 में 84.8 अरब डॉलर की रिकॉर्ड एफडीआई भारत आई थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूएन महासचिव ने अपने दो दिवसीय भारत दौरे के दौरान कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना भारत की जिम्मेदारी है। गुटरेश की यात्रा की शुरुआत मुंबई से हुई। उन्होंने मुंबई के होटल ताज पैलेस में 26/11 के आतंकी हमले के मृतकों को श्रद्धांजलि दी। मुंबई हमले में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों घायल हुए थे। इस साल जनवरी में दूसरी बार कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। इससे पहले उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान अक्टूबर 2018 में भारत का दौरा किया था। आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा, मैं पीड़ितों को श्रद्धांजलि देता हूं, मैं उनके परिवारों, दोस्तों, भारतवासियों और दुनिया के अन्य हिस्सों के उन सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने मुंबई हमले में अपनी जान गंवायी। उन्होंने आगे कहा, कोई भी कारण आतंकवाद को सही नहीं ठहरा सकता। आज की दुनिया में इसका कोई स्थान नहीं है। यहां इतिहास की सबसे बर्बरता वाली आतंकवादी घटनाओं में से एक घटी जिसमें 166 लोगों ने अपनी जान गंवायी। साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ना हर देश के लिए वैश्विक प्राथमिकता होनी चाहिए और आतंकवाद से लड़ना संयुक्त राष्ट्र के लिए एक केंद्रीय प्राथमिकता है। इसके बाद उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के छात्रों को संबोधित करते हुए भारत को अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की सीख दी। उन्होंने छात्रों से बात करते हए कहा, मानवाधिकार परिषद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में भारत पर वैश्विक मानवाधिकारों को आकार देने और अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों समेत सभी व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा और उसे बढ़ावा देने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, मानवाधिकारों के सम्मान के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखाकर ही विश्व में भारत की बात को स्वीकार्यता और विश्वसनीयता हासिल हो सकती है। 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही आलोचकों का कहना है कि देश के अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न और अभद्र भाषा में तेजी आई है। यही नहीं, सरकार के आलोचकों और पत्रकारों खास तौर पर महिला पत्रकारों के प्रति भी नफरत बढ़ी है। हाल के सालों में कई महिला पत्रकारों को बलात्कार की धमकी समेत आॅनलाइन हेट के मामलों का सामना करना पड़ा है। गुटेरेश ने ब्रिटेन से आजादी के 75 साल बाद भारत की उपलब्धियों की प्रशंसा भी की। गुटेरेश ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा, बहुलता का भारतीय मॉडल एक सरल लेकिन गहरी समझ पर आधारित है। विविधता एक ऐसी खूबी है जो आपके देश को मजबूत बनाती है। यह समझ रखना हर भारतीय का जन्मसिद्ध अधिकार है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसे हर दिन बेहतर और मजबूत बनाना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, छात्रों और शिक्षाविदों के अधिकारों और उनकी आजादी की रक्षा करने और भारत की न्यायपालिका की निरंतर स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। भारत यात्रा के दौरान गुटेरेश की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी होगी। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर गुटेरेश के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे।
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