एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित 226 नये मामले आये हैं, जबकि इससे ठीक होने वालों की संख्या 179 है। इस दौरान कोरोना से किसी की भी मौत नहीं हुई है।केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को इस बाबत आंकड़ा जारी करते हुए बताया कि देश में कोरोना वायरस के कुल एक्टिव मामले 3,653 हैं। इसके साथ देश में अबतक 4,41,44,029 लोग कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, देश में पिछले 24 घंटे में 1,87,983 नमूनों की जांच की गयी। अबतक कुल 91.07 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है। देश का मौजूदा रिकवरी रेट 98.8 है और दैनिक संक्रमण की दर 0.12 प्रतिशत है। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना वैक्सीन की 91,732 खुराक दी गयी है। इसके साथ देश में अबतक कुल 220.10 करोड़ वैक्सीन दी जा चुकी है।
वरिष्ठ कांग्रेसी सह मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ का दावा एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भारत जोड़ो यात्रा को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह (राहुल) वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष का चेहरा ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री पद का चेहरा भी होंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सत्ता की नहीं, बल्कि जनता की राजनीति करते हैं, ऐसे नेता को देश के लोग खुद-ब-खुद सिंहासन पर बैठा देते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष का चेहरा हो सकते हैं, तो कमलनाथ ने कहा, जहां तक 2024 के चुनाव का सवाल है, तो राहुल गांधी जी विपक्ष का चेहरा ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री का चेहरा भी होंगे। उनके मुताबिक, दुनिया के इतिहास में 3500 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा किसी व्यक्ति ने नहीं की है। भारत देश के लिए इतनी शहादत किसी परिवार ने नहीं दी है, जितनी गांधी परिवार ने दी है।कमलनाथ ने कहा, राहुल गांधी सत्ता की राजनीति नहीं करते हैं। वह जनता की राजनीति करते हैं और जो जनता की राजनीति करता है, जनता उसे खुद-ब-खुद सिंहासन पर बैठा देती है। हाल के दिनों में यह पहली बार है, जब कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता ने यह कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद का चेहरा होंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष 76 वर्षीय कमलनाथ ने कहा कि जब भारत जोड़ो यात्रा तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक जैसे दक्षिण भारत के राज्यों से गुजर रही थी, तो भाजपा ने दुष्प्रचार किया कि महाराष्ट्र में यात्रा विफल हो जायेगी। जब महाराष्ट्र में यात्रा को और ज्यादा समर्थन मिला, तो कहा कि हिंदी पट्टी में दक्षिण भारत जैसा समर्थन नहीं मिल पायेगा, लेकिन मध्य प्रदेश पहुंचकर यात्रा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये। उन्होंने यह भी कहा कि अब तो सबने राजस्थान और उसके बाद दिल्ली में भी देख लिया है कि राहुल गांधी जी की यात्रा किस कदर लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस के कार्यकर्ता ही शामिल नहीं हुए, बल्कि आम जनता और खासकर नौजवानों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत जोड़ो यात्रा कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत को तोड़ने वाली शक्तियों को पराजित करना और नफरत को समाप्त करना है। जहां तक चुनाव का सवाल है, तो मध्य प्रदेश में प्रचंड बहुमत से कांग्रेस की सरकार बननी तय है। भारत जोड़ो यात्रा के बाद कार्यकर्ता दोगुने उत्साह से कार्य कर रहे हैं।
यात्रियों के लिए अद्भुत होगा अनुभवएबीएन सेंट्रल डेस्क। ईस्ट वेस्ट मेट्रो कोरिडोर के तहत 120 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिम बंगाल में हुगली नदी में पानी के भीतर बन रही भारत की पहली सुरंग यात्रियों के लिए एक अद्भुत अनुभव होगी क्योंकि ट्रेनें इस सुरंग की 520 मीटर लंबी दूरी को 45 सेकंड में पार कर लेंगी। यूरोस्टार के लंदन-पेरिस कोरिडोर का यह भारतीय संस्करण यह सुरंग नदी की तलहटी से 13 मीटर और जमीन से 33 मीटर नीचे है। 520 मीटर लंबी यह सुरंग कोलकाता के ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का हिस्सा है जो आईटी केंद्र सॉल्ट लेक सेक्टर पांच से नदी के पार पश्चिम में पूर्वी हावड़ा मैदान को जोड़ती है। सुरंग का निर्माण पूरा हो गया है और एस्प्लेनेड तथा सियालदह के बीच 2.5 किलोमीटर के हिस्से के पूरा होने के बाद दिसंबर 2023 में इस कॉरिडोर के चालू होने की संभावना है।कोलकाता मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक (सिविल) शैलेश कुमार ने कहा कि पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर के लिए सुरंग आवश्यक और यह महत्वपूर्ण थी। आवासीय क्षेत्रों और अन्य तकनीकी मुद्दों के कारण नदी से मार्ग निकालना ही एकमात्र संभव तरीका था।
उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 3609एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में शुक्रवार को कोरोना के 243 नए मामले आयेे हैं। देश में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4.46 करोड़ हो गयी है। इसके साथ ही उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,609 हो गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में संक्रमितों की कुल संख्या 4,46,78,158 हो गयी है। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत हुई है। इस तरह देश में अब तक कोरोना से 5,30,699 लोगों की मौत हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पीएम मोदी की मां हीराबेन का निधन शुक्रवार तड़के अहमदाबाद के अस्पताल में हो गया। हीराबेन की उम्र 100 साल थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबा पंचतत्व में विलीन हो गईं। पीएम मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर उन्हें मुखाग्नि दी।
प्रधानमंत्री अहमदाबाद पहुंचे, शोक संवेदनाओं का तांताएबीएन सेंट्रल डेस्क। पीएम मोदी की मां हीराबेन का निधन शुक्रवार तड़के अहमदाबाद के अस्पताल में हो गया। हीराबेन की उम्र 100 साल थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीएम मोदी अहमदाबाद पहुंचेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद पहुंच गए हैं। पुष्कर सिंह धामी ने शोक जतायाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी के निधन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया।मायावती ने दुख जतायाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी के निधन पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दुख जताया।गृह मंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त कियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी के निधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया।योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त कियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया।बताते चलें कि पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वह 100 वर्ष की थीं। मां के निधन पर पीएम ने भावुक ट्वीट किया। उन्होंने मां के निधन को शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम बताया।पीएम ने ट्वीट में लिखा कि शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम... मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।देश में शोक की लहरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन के निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई लोगों ने हीराबा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन, जापान और अमेरिका समेत कई देशों में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। इसमें चीन की स्थिति काफी गंभीर है। भारत की SARS-CoV-2 वायरस की जांच में सामने आया कि चीन समेत कई देशों में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट बीएफ-7 जिम्मेदार है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने भी अब तक इस वेरिएंट के चार मामले दर्ज किये हैं। इसमें तीन गुजरात और एक ओडिशा से हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा कि उपलब्ध टीकों के प्रभाव का आकलन करने के लिए नमूनों का अध्ययन किया जा रहा है। एक सूत्र ने कहा कि वैज्ञानिक इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि क्या वर्तमान में उपलब्ध टीके संक्रमण या नये उप-वैरिएंट के कारण होने वाली गंभीर बीमारी को रोकने में प्रभावी हैं। सूत्रों ने कहा कि गुजरात से तीन मामले सामने आये हैं और ओडिशा से ऐसे एक मामले की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि चारों मरीजों में हल्के लक्षण थे।जुलाई में आया था पहला केसपहला मामला जुलाई में रिपोर्ट किया गया था, जहां अहमदाबाद में एक 60 वर्षीय व्यक्ति को कोविड के लिए पॉजिटिव पाया गया था और उसके नमूने में सब-वैरिएंट बीएफ.7 दिखाया गया था। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें खांसी और हल्का बुखार था। अहमदाबाद में दूसरा मामला सोला इलाके के 57 वर्षीय व्यक्ति का था।हल्के बुखार के साथ सूखी खांसीअहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) के अधिकारियों ने कहा कि ठीक होने के बाद यह शख्स फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में है। उन्होंने कहा कि मामले में करीबी संपर्कों ने कोई लक्षण विकसित नहीं किया है। उस व्यक्ति को हल्के बुखार के साथ सूखी खांसी भी थी। वडोदरा में, अमेरिका से शहर आयी 61 वर्षीय महिला के नमूने से सब-वैरिएंट पाया गया। वह 11 सितंबर को शहर आई थी और 18 सितंबर को उसका टेस्ट पॉजिटिव आया था। चूंकि उसमें कोविड से जुड़े लक्षण दिखे थे, इसलिए उसे टेस्ट कराने की सलाह दी गयी थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोहरे की वजह से उत्तर भारत में चलने वाली कई ट्रेनें 3 महीने के लिए रद्द हैं। बड़ी संख्या में ट्रेनें कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जो ट्रेनें चल रही हैं उनमें कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को सफर में काफी समस्याएं हो रही हैं। ऐसे में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के यात्रियों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर आई है, जिससे हजारों यात्रियों का सफर न सिर्फ आरामदायक और सुविधाजनक बनेगा बल्कि वे आसानी से अपने गंतव्य पर भी पहुंच पायेंगे। जी हां, भारतीय रेल के पूर्व मध्य रेलवे जोन ने पटना और पुरी के बीच चलाई जा रही स्पेशल ट्रेन की सेवाओं में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यात्रा में बिहार और ओडिशा सहित कुल 4 राज्यों को कवर करती है ये ट्रेनपूर्व मध्य रेलवे ने पटना और पुरी के बीच चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेन को लेकर कुछ जरूरी डीटेल्स शेयर की हैं। बताते चलें कि इस ट्रेन से सिर्फ बिहार और ओडिशा के यात्रियों को ही नहीं बल्कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को भी सुविधाएं मिलेंगी। दरअसल, पटना और पुरी के बीच चलने वाली ये स्पेशल ट्रेन बिहार और ओडिशा के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल के भी कई प्रमुख जगहों को कवर करते हुए अपनी यात्रा पूरी करती है।पटना से पुरी तक चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या- 03230, पटना-पुरी स्पेशल ट्रेन 5 जनवरी, 2023 से लेकर 23 फरवरी, 2023 तक प्रत्येक गुरुवार को पटना से सुबह 08.45 बजे प्रस्थान करेगी और शुक्रवार को तड़के 02.55 बजे पुरी पहुंचेगी। इसी तरह, पुरी से पटना तक चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या- 03229, पुरी-पटना स्पेशल ट्रेन 6 जनवरी से लेकर 24 फरवरी तक प्रत्येक शुक्रवार को पुरी से दोपहर 14.55 बजे प्रस्थान करेगी और शनिवार को सुबह 09.35 बजे पटना पहुंचेगी।किन रेलवे स्टेशनों पर रुकती है पटना-पुरी स्पेशल ट्रेनबताते चलें कि पुरी और पटना के बीच चलाई जाने वाली ये स्पेशल ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान खुर्दा रोड जंक्शन, भुवनेश्वर, कटक जंक्शन, जाजपुर केओन्झर रोड, भद्रक, बालासोर, हिजली, मेदिनीपुर, बांकुरा जंक्शन, आद्रा जंक्शन, आसनसोल जंक्शन, चित्तरंजन, मधुपुर जंक्शन, जसीडीह जंक्शन, झाझा, किउल जंक्शन, मोकामा, बाढ़ और बख्तियारपुर रेलवे स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी।
कोरोना के खतरे के बीच देश के लिए अगले 40 दिन अहम, जनवरी में तेजी से बढ़ सकते हैं केस एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत समेत दुनिया पर मंडरा रहे कोरोना के खतरे के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि भारत में कोविड-19 के मामले जनवरी में तेजी से बढ़ सकते हैं। ऐसे में अगले 40 दिन भारत के लिए महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने महामारी के फैलने की पिछली रफ्तार के हवाले यह जानकारी दी है। पहले भी ऐसा ही हुआ स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो पहले भी यह पाया गया था कि पूर्वी एशिया के कोरोना की चपेट में आने के 30-35 दिन बाद भारत में महामारी की एक नई लहर आई थी। यह एक प्रवृत्ति रही है। हालांकि, यह भी कहा गया कि संक्रमण की गंभीरता कम है। अगर कोरोना की लहर आती भी है, तो इससे होने वाली मौतें और संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने की दर बहुत कम रहेगी। चीन समेत कई देशों में हालात खराब चीन और दक्षिण कोरिया सहित कुछ देशों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी करने को कहा गया है। बीएफ.7 से मामलों में हालिया वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोरोना के मामलों में तेजी की स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बैठकें भी की हैं। कोरोना के ओमिक्रॉन के उपस्वरूप बीएफ.7 से मामलों में हालिया वृद्धि हुई है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बीएफ.7 के फैलने की दर बहुत अधिक है और एक संक्रमित व्यक्ति 16 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
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